IPL में आज बेंगलुरु और दिल्ली की भिड़ंत:RCB की नजर घर में लगातार चौथी जीत पर; खराब फॉर्म से जूझ रही है कैपिटल्स

IPL 2026 में शनिवार को अपने घरेलू मैदान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। RCB की कोशिश होगी कि वह अपने घरेलू मैदान पर लगातार चौथी जीत दर्ज करे। RCB के पास जोश हेजलवुड की अगुआई में एक सक्षम गेंदबाजी यूनिट है। टीम के उप-कप्तान जितेश शर्मा ने कहा कि टीम चिन्नास्वामी की पिच के हिसाब से रणनीतिक रूप से काम कर रही है। यही कारण है कि वे इस सीजन अपने घर में अजेय रहे हैं। अगर दिल्ली के बल्लेबाज अपनी तकनीक में सुधार नहीं करते हैं, तो यह मुकाबला भी एकतरफा हो सकता है। वहीं, दोनों टीमों के बीच अब तक 33 मैच खेले गए हैं, जिनमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 19 मुकाबले जीते हैं। जबकि दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 12 मैचों में जीत मिली है। इसके अलावा एक मैच टाई रहा है और एक मुकाबले का कोई परिणाम नहीं निकल सका। पिछले साल दोनों के बीच खेले गए दो मुकाबले में से दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता है। RCB ने अरुण जेटली स्टेडियम में और DC ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मैच अपने-अपने नाम किया है। कोहली के पास ऑरेंज कैप, लेकिन अब पूरी टीम फॉर्म में इस सीजन में भी सभी की नजरें विराट कोहली पर टिकी हैं और उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया है। कोहली फिलहाल ‘ऑरेंज कैप’ होल्डर हैं। हालांकि, इस बार खास बात यह है कि RCB की बल्लेबाजी सिर्फ कोहली पर निर्भर नहीं है। कप्तान रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल, फिल सॉल्ट और टिम डेविड ने शानदार पारियां खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। कोहली अब ज्यादा खुलकर खेल पा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि मिडिल ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। छक्के लगाने में रजत पाटीदार सबसे आगे RCB के कप्तान रजत पाटीदार इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर हैं। पाटीदार ने 5 मैचों में 21 छक्के जड़े हैं। वे राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी से तीन छक्के आगे हैं। पाटीदार की पावर हिटिंग दिल्ली के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। दिल्ली के अनुभवी खिलाड़ी फेल, समीर रिजवी अकेले लड़ रहे दिल्ली कैपिटल्स की टीम अब तक अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन तलाशने में जुटी है। टीम में केएल राहुल, डेविड मिलर और पथुम निसांका जैसे अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद निरंतरता की कमी साफ दिख रही है। दिल्ली फिलहाल टेबल में 5वें नंबर पर है, लेकिन पिछले दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने जरूर दो हाफ सेंचुरी लगाकर संघर्ष दिखाया है, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिल रहा। कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल और स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की फॉर्म है। अक्षर ने 4 मैचों में केवल 3 विकेट लिए हैं और बल्ले से भी वे फ्लॉप रहे हैं। वहीं, कुलदीप यादव काफी महंगे साबित हो रहे हैं और 10 की इकोनॉमी से रन लुटा रहे हैं। तेज गेंदबाजी में मुकेश कुमार और टी. नटराजन भी टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं। पिच रिपोर्ट बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां पर गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है। स्टेडियम छोटा होने की वजह से चौके-छक्के भी यहां खूब लगते हैं। गेंदबाजों को यहां ज्यादा मदद नहीं मिलती है। तेज गेंदबाजों को शुरू में थोड़ी मदद मिलती है। स्पिन गेंदबाजों को बीच के ओवर में थोड़ा फायदा मिलता है, लेकिन ज्यादा नहीं। टॉस जीतना जरूरी होता है। यहां टीमें अक्सर पहले गेंदबाजी करती हैं, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान होता है। अब तक IPL में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कुल 103 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 44 तो दूसरी बैटिंग करने वाली टीम ने 55 मुकाबले जीते हैं। चार मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं इस सीजन यहां पर 3 मैच खेले गए हैं। दो मैचों में स्कोर 200 प्लस बने हैं। जबकि एक मैच में लखनऊ 146 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी। मौसम बेंगलुरु में शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को मौसम थोड़ा धूप वाला रहेगा। तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस रहेगा, इसलिए दोपहर में गर्मी ज्यादा होगी। नमी करीब 28 प्रतिशत रहेगी, जिससे मौसम थोड़ा ठीक महसूस होगा। धूप तेज रहेगी। हवा हल्की चलेगी और बारिश की संभावना लगभग 10 प्रतिशत है, यानी बारिश की उम्मीद बहुत कम है। इसलिए पूरा मैच बिना रुकावट के होने की संभावना है। संभावित प्लेइंग 11 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, अभिनंदन सिंह। इम्पैक्ट प्लेयर: वेंकटेश अय्यर। DC: दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन। इम्पैक्ट प्लेयर: समीर रिजवी।
तमिलनाडु में ट्रैवलर सड़क से उतरी; 8 की मौत:केरलम के 13 पर्यटक सवार थे; हेयरपिन मोड़ पर हादसा; 5 की हालत गंभीर

तमिलनाडु के वलपरई में शुक्रवार को सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तब हुआ, जब टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर हेयरपिन मोड़ से फिसलकर खाई में गिर गया। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी केरलम के पेरिंथलमन्ना से आए 13 पर्यटकों को लेकर वलपरई से लौट रहा था। 13वें हेयरपिन मोड़ पर संतुलन बिगड़ा और वाहन फिसलकर 9वें हेयरपिन मोड़ तक गिर गया हादसे में 1 पुरुष और 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस से पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। क्या होता है हेयरपिन मोड़ जब किसी ऊंचे पहाड़ पर चढ़ना होता है, तो सीधी सड़क बनाना मुमकिन नहीं होता । इसलिए, ऊंचाई पर धीरे-धीरे चढ़ने के लिए सड़क को सांप की तरह घुमावदार बनाया जाता है। जहां सड़क एकदम से मुड़कर वापस उसी दिशा के समानांतर हो जाती है, उसे ही हेयरपिन मोड़ कहते हैं। भारत में कोल्ली हिल्स (तमिलनाडु), सिल्क रूट (सिक्किम), मनाली-लेह हाईवे (हिमाचल प्रदेश) और नैनीताल (उत्तराखंड) में में प्रमुख और चर्चित हेयरपिन मोड़ हैं। प्रधानमंत्री ने दुख जताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया जताते हुए X पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना से वे बेहद दुखी हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, केरलम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में सड़क हादसे में युवक की मौत:दो अन्य गंभीर घायल, डंफर चालक फरार बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों बायपास के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक टैंकर से टकराया:चालक केबिन में फंसा, लोहे की बॉडी काटकर निकाला गया; हाईवे पर लग गया था जाम

ग्वालियर में तेज रफ्तार से आ रहे एक टैंकर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहा ट्रक उससे टकरा गया। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन में फंस गया। घटना पुरानी छावनी के सुसैरा कोठी हाइवे पर शुक्रवार शाम की है। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और पुरानी छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक चालक केबिन में फंसा हुआ था और उसके पैर बुरी तरह कुचल गए थे। उसे बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, आंध्र प्रदेश से केला लेकर जम्मू जा रहा ट्रक (क्रमांक JK22 D-5030) सुसैरा कोठी हाईवे पर पहुंचा था। तभी आगे चल रहे टैंकर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रक पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का केबिन टैंकर में घुस गया और चालक गंभीर रूप से घायल होकर अंदर फंस गया। हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कटर मशीन की मदद से ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला। इस दौरान हाइवे पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने संभालकर यातायात बहाल कराया। डॉक्टरों के अनुसार, चालक के पैर कुचल गए हैं, कई हड्डियां टूट गई हैं और काफी खून बह गया था। समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच सकी।
महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।
Herbal Flower Tea: चमेली से गुलाब तक, गर्मियों में पिएं इन 10 फूलों की चाय, पूरे दिन बनी रहेगी ताजगी और एनर्जी

Last Updated:April 17, 2026, 22:41 IST Herbal Flower Tea Benefits: चाय के शौकीन हैं लेकिन गर्मी में इससे गैस और एसिडिटी बनने लगती है. तो चाय पत्ती की जगह फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें. नियमित रूप से इनका सेवन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और गर्मी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं. हालांकि, अगर आपको किसी फूल से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ख़बरें फटाफट गर्मियों के मौसम में चाय पीना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. गरम चाय शरीर की गर्मी बढ़ा देती है, जिससे पसीना और थकान महसूस होती है. लेकिन अगर आप चाय के शौकीन हैं और गर्मी में भी ताजगी बनाए रखना चाहते हैं, तो फूलों से बनी हर्बल टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, फूलों में कई औषधीय गुण होते हैं. ये सिर्फ पूजा या सजावट के काम ही नहीं आते, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं. फूलों की चाय में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में सहायक होते हैं. गर्मियों में पिएं इन फूलों की चाय और जानें फायदे कमल के फूल की चाय गर्मी में बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर की गर्मी कम करती है, प्यास और जलन से राहत देती है और मन को शांत रखती है. गुड़हल (हिबिस्कस) की चाय विटामिन C से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है. गुलाब की चाय गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह मूड को बेहतर बनाती है, तनाव कम करती है और पाचन को भी सुधारती है। इसके अलावा यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद होती है. पारिजात (हरसिंगार) की चाय जोड़ों के दर्द, सूजन और बुखार में राहत देती है. बनफशा की चाय खांसी, सांस की दिक्कत और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी होती है. कृष्णकमल (पैशन फ्लावर) की चाय तनाव, चिंता और अनिद्रा को दूर करने में मदद करती है. मौलश्री की चाय बुखार, खांसी और त्वचा रोगों में लाभकारी मानी जाती है. विष्णुकांता की चाय दिमाग को शांत रखती है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है. इसके अलावा, सूरजमुखी और चमेली (जैस्मिन) की चाय भी शरीर को ठंडक देती है और तनाव कम करती है. लैवेंडर की चाय खासतौर पर रिलैक्स करने और अच्छी नींद के लिए जानी जाती है. कैसे बनाएं फूलों की चायफूलों की चाय बनाना बहुत आसान है. एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच ताजे या सूखे फूल डालें और 5–10 मिनट तक ढककर रखें. फिर इसे छान लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं. दिन में 1-2 कप पीने से शरीर ठंडा रहता है और मन शांत रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 22:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
बालाघाट में लूट-चाकूबाजी के तीन आरोपी गिरफ्तार:जन्मदिन मनाने के बाद की थी वारदात; दो आरोपियों पर पहले से सात केस

बालाघाट कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम जागपुरघाट में हुई लूट और चाकूबाजी की घटना के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रेमनगर निवासी मित बिसेन (18), अक्षय उर्फ प्रिंस वर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। गुरुवार देर शाम हुई इस वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। जन्मदिन मनाने के बाद लूट के इरादे से किया हमला पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मित बिसेन का जन्मदिन मनाने के बाद तीनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। जागपुरघाट में आरोपियों ने यूपेश लिल्हारे और पीयूष रूसे को रोककर मोबाइल और नकदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर मित ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों युवक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से पकड़ाए एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सात अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस ने रात भर तलाशी अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर तीनों को दबोच लिया। घायल पीयूष की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पहले से सात मामले दर्ज पकड़े गए आरोपियों में से मित बिसेन और अक्षय वर्मा शातिर अपराधी हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर मारपीट और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के पहले से सात मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लूट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चा-तेल 86 डॉलर पर आया:13 प्रतिशत सस्ता हुआ; अमेरिकी शेयर बाजार 2% चढ़ा, डाउ जोन्स 49,500 के पार

ईरान के होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 13% सस्ता हुआ है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को दाम करीब 13 डॉलर गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 99.39 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे। तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं भी खत्म हो गई हैं। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक चढ़ा कच्चे तेल की कीमत गिरने से ग्लोबल मार्केट में भी बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक की तेजी के साथ 49,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। SP 500 में 1.12% और नैस्डैक इंडेक्स में 1.04% की बढ़त देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज खोलने की जानकारी दी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम के मद्देनजर होर्मुज रूट को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ट्रम्प बोले- ईरान होर्मुज को कभी बंद नहीं करेगा ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा- ‘ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। अब इसका इस्तेमाल दुनिया के खिलाफ एक हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा।’ कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि हम करीब 85% तेल आयात करते हैं। तेल की कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ेंगे: कच्चा तेल सस्ता होने पर IOC, BPCL, HPCL जैसी कंपनियों के तेल की कीमत बढ़ाने की आशंका कम हो जाएगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत घटती है और आम आदमी के बजट पर असर पड़ता है। महंगाई पर असर: डीजल के रेट न बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी नहीं। इससे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य रोजमर्रा के खाने-पीने के सामानों के दाम नहीं बढ़ेंगे। CAD में सुधार: कच्चा तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है। विदेशी मुद्रा भंडार बचता है और करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD कम होता है। रुपये को मजबूती: कच्चे तेल का बिल घटने से डॉलर की मांग कम होती है। इससे रुपया मजबूत होता है और आयात सस्ता होता है। सब्सिडी बोझ कम: कच्चा तेल सस्ता होने से सरकार का सब्सिडी खर्च घटता है। बचा पैसा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में लगा सकती है। कॉर्पोरेट प्रॉफिट: तेल सस्ता होने से लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। इससे शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल 10 डॉलर सस्ता होने पर करंट अकाउंट डेफिसिट में 9-10 बिलियन डॉलर की कमी और महंगाई में करीब 0.5% राहत मिल सकती है। तेल सप्लाई में रुकावट से जूझ रही थी दुनिया आईएनजी (ING) के एनालिसिस के अनुसार, युद्ध की वजह से बाजार में रोजाना लगभग 1.3 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। हालांकि, वैकल्पिक पाइपलाइन रूटों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सप्लाई पर दबाव बना रहा। अब इस जलमार्ग के खुलने से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और एनर्जी मार्केट में स्थिरता लौटेगी। ट्रम्प के बयान से शांति की उम्मीद जगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा था कि ईरान युद्ध जल्द ही खत्म होना चाहिए। लास वेगास के एक कार्यक्रम में उन्होंने संघर्ष के सकारात्मक दिशा में बढ़ने की बात कही और कहा कि तेहरान ‘डील’ करने के लिए काफी उत्सुक है। ट्रम्प के मुताबिक, इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम शुरू हो चुका है और जल्द ही दोनों देशों के प्रमुखों को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया जा सकता है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल महंगा हुआ था जंग के बाद ईरान ने होर्मुज रूट लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल-गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से कच्चा तेल, LPG, एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक महंगे हुए थे। ब्रिटेन-यूरोप में दवाओं और जरूरी चीजों की कमी का खतरा बढ़ा, क्योंकि शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ गया था। इस सप्लाई संकट के कारण अमेरिका में गैस की कीमतें 4.15 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थीं और महंगाई दर में भी उछाल आया था। मार्च में क्रूड ऑयल 60% महंगा हुआ था मार्च में कच्चे तेल में 60% उछाल आया था। यह 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी अंत में 72.48 डॉलर से बढ़कर मार्च में 120 डॉलर पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में कुल आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कीमत बढ़ने से आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर 78,494 पर बंद: निफ्टी में भी 157 अंकों की तेजी, 24,354 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही, ये 24,354 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में FMCG,मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी रही, जबकि आईटी शेयरों में बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…
भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

धार भोजशाला से जुड़े विवाद में दायर याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आवेदक अंतर सिंह यादव, अनवर हुसैन, मजरुल्ला खान, नंदराम परमार, पुरुषोत्तम हिरवले, रामनारायण धाकड़ और रियाज मोहम्मद खान (सभी निवासी धार) की ओर से वरिष्ठ ए़डवोकेट अशोक चितले ने पक्ष रखा। एडवोकेट चितले ने कोर्ट को बताया कि भोजशाला एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका धार्मिक उपयोग हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने की स्थिति में पूर्व में कई बार तनाव, झड़प और टकराव की स्थिति बनी है। उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट से मांग की गई कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति/आयोग गठित करने और केंद्र व राज्य शासन को आवश्यक विधायी प्रावधान या नियम बनाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि विवाद की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अलग याचिका है, जिसमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा भारतीय संविधान के तहत हम सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं। साथ ही मामले में आगे की सुनवाई अगले दिन जारी रखने की बात कही। इंटरविनर पर कोर्ट की टिप्पणी सुनवाई के दौरान एक इंटरविनर द्वारा बहस की अनुमति मांगे जाने पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ऐसा मंच नहीं है जहां हर कोई अपनी मांग लेकर उपस्थित हो। यदि किसी याचिका में ठोस आधार (सब्सटेंस) नहीं होगा तो उसे नहीं सुना जाएगा। एएसआई को भी पक्ष रखने की अनुमति एएसआई के एडवोकेट सुनील जैन को कोर्ट ने पक्षकार बताते हुए अपनी रिपोर्ट या पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई लगातार जारी रखी जाएगी। अंतर सिंह एवं अन्य की ओर से ए़डवोकेट चितले अगली सुनवाई में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।
‘विश्वासघात’ बनाम ‘गेरीमैंडरिंग’: संयुक्त विपक्ष ने सरकार के महिला कोटा को हराया, लोकसभा में परिसीमन पर जोर | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 20:23 IST 131वें संशोधन के बिना, सदन का विस्तार करने और 2026 के बाद की जनगणना से महिलाओं के कोटे को अलग करने की कानूनी व्यवस्था रुकी हुई है यह हार 2029 के आम चुनावों के रोडमैप को अनिश्चितता की स्थिति में छोड़ देती है। (फ़ाइल छवि) शुक्रवार को एक नाटकीय विधायी गतिरोध में, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में गिर गया क्योंकि सरकार अनिवार्य दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रही। दिन भर की ज़ोरदार बहस के बावजूद, विधेयक – जिसमें सदन को 50 सीटों तक विस्तारित करने और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग की गई थी – के पक्ष में 27 वोट और विरोध में 211 वोट मिले। अनुच्छेद 36 के तहत, संशोधन को पारित करने के लिए कम से कम 326 वोटों (49 उपस्थित और मतदान को मानते हुए) के विशेष बहुमत की आवश्यकता थी, जिससे ट्रेजरी बेंच में काफी कमी रह गई। हार के बाद सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून विधेयक पर आगे नहीं बढ़ने का भी फैसला किया। तीनों कानूनों का उद्देश्य लोकसभा और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना था। संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक पारित होने में विफल क्यों हुआ? विधेयक की हार का प्राथमिक कारण विपक्ष का एकीकृत मोर्चा था, जिसने तर्क दिया कि यह कानून महिला सशक्तिकरण के बारे में कम और भारत के चुनावी मानचित्र के “खतरनाक” पुनर्गठन के बारे में अधिक था। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विधेयक को “घबराहट की प्रतिक्रिया” और “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” करार देते हुए इस आरोप की अगुवाई की, जो दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों को उनके सफल जनसंख्या नियंत्रण के लिए दंडित करेगा। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर महिलाओं के कोटा को नए परिसीमन अभ्यास से जोड़कर, विपक्ष ने दावा किया कि सरकार “गणितीय गड़बड़ी” का प्रयास कर रही थी। सदन का गणित सत्तारूढ़ एनडीए के लिए भी उतना ही ख़राब था। 543 की प्रभावी ताकत और उपस्थित और मतदान करने वालों में से दो-तिहाई की आवश्यकता के साथ, सरकार को पर्याप्त क्रॉस-पार्टी समर्थन की आवश्यकता थी जो कभी पूरा नहीं हुआ। जबकि 27 हाँ ने साधारण बहुमत का प्रतिनिधित्व किया, वे संशोधन के लिए संवैधानिक सीमा से लगभग 50 वोट कम रह गए। अनुपस्थित रहने की कुल अनुपस्थिति – 49 सदस्यों ने व्यक्तिगत रूप से मतदान किया – 50-सीट विस्तार योजना की ध्रुवीकरण प्रकृति को रेखांकित किया। सरकार ने इस विधायी झटके पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की है? मतदान के तुरंत बाद, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला किया और उन पर भारत की महिलाओं के खिलाफ “ऐतिहासिक विश्वासघात” का आरोप लगाया। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि हालांकि विधेयक आज गिर गया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने दशकों से लंबित सुधार को रोकने के लिए परिसीमन की तकनीकीताओं के पीछे छिपकर अपने “महिला विरोधी” पूर्वाग्रह को उजागर किया है। रिजिजू ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ”विपक्ष ने आज भारत की बेटियों की आकांक्षाओं के खिलाफ मतदान किया है।” उन्होंने कसम खाई कि सरकार आरक्षण के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी संवैधानिक रास्ते तलाशेगी, यह संकेत देते हुए कि भविष्य के सत्रों में “निष्पादन की कार्यप्रणाली” पर फिर से विचार किया जा सकता है। गृह मंत्री अमित शाह, जिन्होंने पहले सदन से विधेयक को “नैतिक अनिवार्यता” के रूप में पारित करने का आग्रह किया था, ने इसी तरह कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गुट द्वारा “अदूरदर्शी” नाकेबंदी के बावजूद महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए 2029 का लक्ष्य प्राथमिकता बना हुआ है। महिला आरक्षण और परिसीमन की आगे की राह क्या है? यह हार 2029 के आम चुनावों के रोडमैप को अनिश्चितता की स्थिति में छोड़ देती है। 131वें संशोधन के बिना, सदन का विस्तार करने और 2026 के बाद की जनगणना से महिलाओं के कोटा को अलग करने की कानूनी व्यवस्था रुकी हुई है। 2023 का 106वां संशोधन – मूल महिला कोटा कानून – सिर्फ एक दिन पहले 16 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसका कार्यान्वयन तकनीकी रूप से परिसीमन अभ्यास से जुड़ा हुआ है जिसे अब पराजित विधेयक सुविधाजनक बनाने के लिए था। राजनीतिक लड़ाई के अब सार्वजनिक क्षेत्र में जाने की उम्मीद है, दोनों पक्ष “17 अप्रैल की हार” को या तो संघवाद की जीत या लैंगिक न्याय की हार के रूप में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 20:22 IST समाचार राजनीति ‘विश्वासघात’ बनाम ‘गेरीमैंडरिंग’: संयुक्त विपक्ष ने सरकार के महिला आरक्षण को हराया, लोकसभा में परिसीमन पर जोर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सीहोर में पाइपलाइन जोड़ने के दौरान पानी बर्बाद:इंदौर नाके पर नई टंकी से कनेक्शन; हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बहा

सीहोर शहर में भीषण गर्मी और जल संकट के बीच हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बह गया। यह घटना नगर के इंदौर नाका क्षेत्र में नवनिर्मित पानी की टंकी को मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान हुई। पाइपलाइन जोड़ने के कार्य के तहत मुख्य पाइपलाइन को खाली किया गया, जिससे बड़ी मात्रा में साफ पानी व्यर्थ बह गया। इस लापरवाही को देखकर स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। शहर इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। सीहोर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। नगर निगम द्वारा शहर में पेयजल की आपूर्ति दो दिन के अंतराल पर की जा रही है। पेयजल संकट लगातार गहरा रहा गिरते जलस्तर के कारण पेयजल संकट लगातार गहरा रहा है। पानी की किल्लत का फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं, जहां एक टैंकर के लिए नागरिकों को 500 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। 20 लीटर पानी की केन भी 20 रुपए में बिक रही है। नागरिकों का कहना है कि जब शहर बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है और लोग महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर हैं, ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इतनी बड़ी मात्रा में पानी बहा देना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। उनका मानना है कि पाइपलाइन जोड़ने के कार्य को इस तरह नियोजित किया जाना चाहिए था कि पानी की बर्बादी कम से कम हो।







