कटनी में भीषण गर्मी, स्कूल का समय बदला:अब सुबह 7:30 बजे से लगेंगे स्कूील, दोपहर 12:30 पर होगी छुट्टी

कटनी में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का नया समय प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी। हालांकि, शैक्षणिक स्टाफ के लिए समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालय में निर्धारित समय तक उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इसके पीछे प्रशासनिक कार्यों और आगामी सत्र की तैयारियों को सुचारू रूप से जारी रखने का उद्देश्य है। वर्तमान में चल रही बोर्ड या स्थानीय स्तर की परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही आयोजित होंगी। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी तय समय पर जारी रहेगा। यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी स्कूल प्रबंधकों और संचालकों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं, उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा, “विद्यार्थियों का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है। बढ़ते तापमान के कारण बच्चों को लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्कूल के समय में कटौती की गई है ताकि वे दोपहर की कड़ी धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच सकें।”
डोहर समाज ने दी बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी:कुलदेवी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण का किया विरोध, कहा- श्रद्धालुओं को पूजा करने से रोका गया

सीहोर जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 14 स्थित डोहर मोहल्ले में देर रात उस समय विवाद बढ़ गया जब कुलदेवी मंदिर के रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत को लेकर डोहर समाज के लोग बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे और मंदिर में आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर कार्रवाई की मांग की। मंदिर के रास्ते पर अतिक्रमण से बढ़ा विवाद समाज के लोगों का कहना है कि मंदिर के प्रवेश द्वार के पास इतना सामान और निर्माण सामग्री डाल दी गई थी कि रास्ता लगभग बंद हो गया था। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पूजा-अर्चना में आई बाधा, श्रद्धालुओं को रोका गया डोहर समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस समय विवाह समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसमें ‘माता पूजन’ के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर जाते हैं लेकिन रास्ता बंद होने के कारण कई श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया। आरोप यह भी लगाया गया कि कुछ लोगों ने जानबूझकर रास्ता रोककर पूजा में बाधा डालने की कोशिश की। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे कोतवाली थाना मामले को लेकर समाज के लोग देर रात कोतवाली थाने पहुंचे और सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने पुलिस से मांग की कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर मंदिर का रास्ता साफ कराया जाए ताकि धार्मिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी रह सकें। समाज ने दी सख्त चेतावनी डोहर समाज के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से बड़ा निर्णय लेने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि यदि मंदिर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो पूरा समाज बौद्ध धर्म अपनाने का निर्णय ले सकता है और वहां बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पुलिस ने शुरू की जांच और समन्वय की बात कोतवाली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग के साथ मिलकर सीमांकन किया जाएगा और यह स्पष्ट किया जाएगा कि अतिक्रमण किस हद तक हुआ है। साथ ही, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत भी की जाएगी। मौके पर पहुंची पुलिस, तुरंत हटवाई गिट्टी सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि डोहर मोहल्ला गंज में ऋतिक और राकेश राठौड़ द्वारा अपने मकान के सामने निर्माण कार्य के लिए गिट्टी डलवाई गई थी, जिससे रास्ता बाधित हो गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रास्ते में पड़ी गिट्टी को हटवा दिया गया। विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया मोहल्ले के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और लिखित आवेदन दिए जाने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर कदम नहीं उठाया जाता तो मामला और ज्यादा बिगड़ सकता था। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मंदिर तक जाने वाला रास्ता साफ कर दिया गया है। पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने और क्षेत्र में शांति बनी रहे।
दतिया में महिला को 10 साल की सजा:झूठा रेप और SC/ST केस दर्ज कराने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

दतिया में झूठे रेप और एससी/एसटी एक्ट के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अति. सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने वैभवी सनोरिया को दोषी ठहराते हुए दस हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। मामला बड़ोनी थाना क्षेत्र का है। वैभवी सनोरिया ने 22 सितंबर 2021 की रात अपने पड़ोसी कालीचरण पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने दुष्कर्म एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर चालान विशेष न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान मामले ने मोड़ ले लिया। फरियादिया ने अदालत में अपने ही आरोपों से पलटते हुए बताया कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में उसने कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विशेष न्यायालय ने कालीचरण को दोषमुक्त करते हुए वैभवी के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान हुए और अंतिम बहस के बाद अदालत ने वैभवी को दोषी करार दिया। फैसले में अदालत ने टिप्पणी की कि, इस तरह के झूठे मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है और समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर नकारात्मक धारणा पैदा करती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘भाजपा के निशाने पर रहे सीआरपीएफ के जवान’, बंगाल में वोट से पहले टीएमसी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र

युवा कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शन्स मैनुअल, 2023’, साहित्य अधिनियम, 1951 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लंघन किया गया है। पत्र में लिखा है कि फेसबुक पर एक वीडियो के आधार पर यह याचिका प्रसारित की गई है। इस वीडियो में कुछ नागरिक दावे सामने आ रहे हैं कि कथित तौर पर अपराधी के संबंध में कथित तौर पर भाजपा के समर्थकों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के समर्थन में थे और जिले को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह के डायनासोर की दुकान में डार का जन्म होता है और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जाता है। सेंट्रल काउंसिल ऑफ स्टाफ अनिवार्य: टीएमसी जर्नलिस्ट ने यह भी कहा है कि सेंट्रल इलेक्शन ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिस बल के सदस्य को पद से हटा दिया जाना अनिवार्य है और इस तरह का व्यवहार चुनाव आयोग के वोटों के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता है। मुख्य अधिकारी अधिकारी से टीएमसी की मांग एसोसिएटेड बिल्डर्स को कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाएगा। उनके अभिलेखों के विरुद्ध निर्देश नीचे दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल में सभी सेनाओं के कार्यकर्ताओं और चुनाव आयोगों के सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 2344 प्रतिशत किसकी बढ़ी संपत्ति? बंगाल चुनाव के रिकॉर्ड की महिमा के आंकड़े, जानें पूर्वजों के पास कितने पैसे (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)टीएमसी ने सीआरपीएफ पर आरोप लगाया(टी)डेरेक ओ
हिमाचल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद:विप्लव बोलीं- जल्दबाजी में शिमला बैठकर फैसला, 71 प्रेसिडेंट में एक भी महिला नहीं

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, कांग्रेस ने 71 ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें में एक भी महिला को जगह नहीं मिली, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की आबादी करीब 25-27 प्रतिशत है, इस वर्ग से 17 ब्लॉक अध्यक्ष (लगभग 24%) तैनात किए गए, जबकि 5-6 प्रतिशत आबादी वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से 8 अध्यक्ष (लगभग 11%) लगाए गए। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कांग्रेस संगठन में एक भी महिला ऐसी नहीं थी, जिसे नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सके, या फिर यह सीधी अनदेखी का मामला है। विधायकों की सिफारिश पर नियुक्तियां: विप्लव ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और इनकी तैनाती से पहले संगठन को मजबूत करने के पहलुओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां विधायकों और बड़े नेताओं की सिफारिश पर की गई हैं, जिससे जमीनी स्तर का संतुलन प्रभावित हुआ है। प्रदेश प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल विप्लव ठाकुर ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभारी केवल शिमला में बैठक कर लौट जाती हैं, जबकि प्रदेश के 11 अन्य जिलों में जाकर जमीनी फीडबैक लेना चाहिए। उनका कहना है कि शिमला में केवल पहुंच वाले लोग ही अपनी बात रख पाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती। विप्लव ठाकुर की तरह अन्य महिला नेत्रियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर सवाल उठाए और कहा कि यह सूची प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की मंजूरी से जारी की गई है। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। आशा कुमारी बोलीं- महिला कांग्रेस में मिलेगा स्थान वहीं, पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि भले ही महिलाओं को ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया, लेकिन उन्हें महिला कांग्रेस कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 33% आरक्षण की चर्चा के बीच बढ़ी बहस कांग्रेस संगठन में इसे लेकर असंतोष है। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं, जब राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर चर्चा हो रही है। पंचायतों में 52 फीसदी से ज्यादा महिलाएं जीतकर आती है हिमाचल की पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। इस वजह से पंचयातों में लगभग 52 फीसदी से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आती है क्योंकि कुछ महिलाएं एससी, कुछ एसटी, कुछ ओबीसी कोटे तो कई ओपन सीट से भी चुनाव जीतकर आती है। इसी तरह, मौजूदा विधानसभा में भी कांग्रेस की दो महिला विधायक है।
मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।
मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।
कुल्लू में गाड़ी पर गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें:ड्राइवर ने भागकर बचाई जान, बारिश से लैंडस्लाइड, आज-कल 5 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के मणिकर्ण में आज सुबह लैंडस्लाइड हो गया। इसका मलबा और चट्टानें सड़क से गुजर रही गाड़ी पर गिरीं, जिससे गाड़ी चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लैंडस्लाइड की यह घटना बरशैणी घट्टीगढ़ पॉइंट की है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से पहले थोड़ा मलबा गिरा। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी से बाहर भागा। देखते ही देखते बड़ी-बड़ी चट्टानें भी गाड़ी पर गिर गईं। बता दें कि, प्रदेश में अप्रैल में सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। बीती रात में भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सलापड़ में सबसे ज्यादा 21.0 मिमी, सलूणी 18.3 मिमी, कुकुमसैरी 14.4, सांगला 7.8, कल्पा 5.2, सराहन 3.0, भरमौर 2.0, सियोबाग 1.8 और जोगेंद्रनगर में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल पांच जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य के कई भागों में शनिवार और रविवार भी बारिश जारी रहने के आसार है। IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि निचले और मध्यम क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है। भुंतर का पारा 8.2 डिग्री गिरा प्रदेश के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों में भी मौसम खराब रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू के भुंतर का अधिकतम तापमान 8.2 डिग्री गिरने के बाद 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली का पारा भी 6.4 डिग्री कम होने के बाद 18.0 डिग्री रह गया है। इसी तरह सुंदरनगर में 4.6 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 28.2 डिग्री और मंडी में 5.3 डिग्री की गिरावट के बाद 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान में गिरावट देखी गई है, जिससे ठंड का असर फिर महसूस होने लगा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस 20 अप्रैल तक रहेगा एक्टिव मौसम विभाग ने 20 अप्रैल को भी अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। हालांकि, 21 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है। वहीं, 23 अप्रैल से एक बार फिर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर:MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीजन में पहली बार टेम्पेरेचर 43.2 डिग्री पहुंचा। यह छतरपुर के खजुराहो में दर्ज किया गया। वहीं, 9 शहरों में पारा 42 डिग्री से ज्यादा रहा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने शनिवार को 16 जिलों में हीट वेव यानी, लू की चेतावनी जारी की है। भोपाल में शनिवार से ही स्कूल नए समय तक लगेंगे। मौसम विभाग ने आज जिन जिलों में लू का अलर्ट जारी किया, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। भास्कर ने दिखाई हकीकत…12 जिलों में स्कूलों का समय बदला भीषण गर्मी की वजह से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। तेज धूप के बीच वे घर लौट रहे थे। ऐसे में उनकी सेहत बिगड़ने का डर भी था। इसलिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश के हालात दिखाए। नतीजा यह रहा कि कलेक्टरों ने स्कूलों का समय बदल दिया। राजधानी भोपाल में स्कूल सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए। वहीं, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बालाघाट, मैहर, रतलाम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रायसेन, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भी नई टाइमिंग तक ही स्कूल लगेंगे। देखिए शुक्रवार की तस्वीरें… सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। गर्मी में ऐसे रखें ध्यान… फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45
कैमरन ग्रीन के छक्के पर कार से टकराई गेंद:सुंदर ने कैच, बटलर ने स्टंपिंग छोड़ी, चक्रवर्ती ने सीजन का पहला विकेट लिया; टॉप मोमेंट्स

IPL के 25वें मैच में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हरा दिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कैमरन ग्रीन के छक्के पर गेंद कार से टकरा गई। वॉशिंगटन सुंदर ने आसान कैच छोड़ा, वहीं जोस बटलर ने स्टंपिंग का मौका गंवा दिया। वरुण चक्रवर्ती ने 19वें सीजन में अपना पहला विकेट लिया। GT vs KKR टॉप मोमेंट्स… 1. DRS में बचे कैमरन ग्रीन पांचवें ओवर में कैमरन ग्रीन DRS लेने के कारण आउट होने से बच गए। ओवर की चौथी बॉल मोहम्मद सिराज ने बाउंसर फेंकी। गेंद विकेटकीपर के पास चली गई, गुजरात ने कॉट बिहाइंड की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया। ग्रीन ने रिव्यू लिया, रिप्ले में नजर आया कि गेंद बैट से नहीं लगी। ग्रीन नॉटआउट रहे और DRS बच गया। 2. ग्रीन का सिक्स कार पर लगा 13वें ओवर में कैमरन ग्रीन ने सिक्स लगाया, जिस पर गेंद स्टेडियम में खड़ी कार पर लग गई। ओवर की तीसरी गेंद अशोक शर्मा ने स्लोअर फेंकी। ग्रीन ने आगे निकलकर मिड-विकेट की ओर सिक्स लगाया। गेंद ‘टाटा सिएरा’ कार पर लगी, जिससे गाड़ी पर निशान बन गया। ‘टाटा’ IPL की टाइटल स्पॉन्सर कंपनी है। कार पर गेंद लगने के बाद कंपनी से चैरिटी के लिए 5 लाख रुपए का डोनेशन दिया जाता है। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट रखने वाले प्लेयर को फाइनल के बाद अवॉर्ड के रूप में कार भी दी जाती है। 3. सुंदर ने कैच छोड़ा 14वें ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने आसान कैच छोड़ दिया। ओवर की तीसरी बॉल राशिद खान ने गुड लेंथ पर फेंकी। कैमरन ग्रीन ने स्वीप शॉट खेला, लेकिन गेंद स्क्वेयर लेग की ओर हवा में चली गई। सुंदर दौड़ते हुए गेंद के पास पहुंचे, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। जीवनदान के वक्त ग्रीन 62 रन के स्कोर पर थे। इससे पिछली ही गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर से भी मुश्किल कैच छूट गया था। 4. बटलर ने स्टंपिंग मिस की 20वें ओवर में जोस बटलर ने स्टंपिंग का मौका भी गंवा दिया। ओवर की पांचवीं बॉल राशिद खान ने फुलर लेंथ फ्लिपर फेंकी। कैमरन ग्रीन आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन मिस कर गए। गेंद विकेटकीपर बटलर की ओर गई, लेकिन वे बॉल नहीं पकड़ पाए। गेंद बाउंड्री के पार चली गई। 3 जीवनदान के बाद ग्रीन 79 रन बनाकर आउट हुए। 5. अनुकूल रॉय के ओवर में 3 छक्के लगे गुजरात की बैटिंग में कोलकाता के अनुकूल रॉय ने पावरप्ले के एक ओवर में 20 रन खर्च कर दिए। लेफ्ट आर्म स्पिनर तीसरे ओवर में बॉलिंग करने आए। दूसरी गेंद पर शुभमन गिल ने इनसाइड आउट शॉट खेला और कवर्स की दिशा में छक्का लगा दिया। साई सुदर्शन ने फिर चौथी और छठी गेंद पर लेग साइड की दिशा में 2 और सिक्स लगा दिए। ओवर में 3 छक्कों के सहारे 20 रन बने। 6. चक्रवर्ती ने सीजन का पहला विकेट लिया 10वें ओवर में कोलकाता के वरुण चक्रवर्ती ने जोस बटलर को कैच कराया। उन्होंने ओवर की पहली गेंद फुलर लेंथ फेंकी, बटलर सिक्स लगाने गए, लेकिन लॉन्ग ऑन पर कैमरन ग्रीन के हाथों कैच हो गए। यह चक्रवर्ती का सीजन में पहला विकेट रहा। इससे पहले चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई के खिलाफ उन्हें विकेट नहीं मिला था। वे IPL के ठीक पहले टी-20 वर्ल्ड कप में टॉप विकेट टेकर रहे थे। वरुण ने गुजरात के खिलाफ IPL में पहली बार ही कोई विकेट लिया। इससे पहले 4 पारियों के 13 ओवर में 128 रन देने के बाद भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। हालांकि, वरुण ने बटलर को जरूर 7वीं बार पवेलियन भेजा।







