रायसेन कलेक्टर का औचक निरीक्षण, गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं पर सख्ती:किसानों से लिया फीडबैक; लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए

रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार को सांची विकासखंड के बरखेड़ी सलामतपुर स्थित शाहीन वेयरहाउस गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी और संबंधित अधिकारियों से खरीदी की प्रगति, बारदाना, तौल व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और सुचारु उपार्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। किसानों से फीडबैक लिया निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने उपज बेचने आए किसानों से भी सीधे बातचीत की। उन्होंने किसानों से केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, तौल प्रक्रिया और भुगतान को लेकर फीडबैक लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने और खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले में 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की गई है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सरकारी उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है और प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट पर ₹38 करोड़ का 29.37 किलो सोना जब्त:24 केन्याई महिलाएं गिरफ्तार, कपड़ों-बैग में छिपाकर ला रही थीं

मुंबई एयरपोर्ट पर बुधवार को 29.37 किलो सोने के साथ 24 केन्याई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने इन महिलाओं से ₹37.74 करोड़ का सोना जब्त किया है। ये महिलाएं सोना कपड़ों और बैग में छिपाकर ला रही थीं। दरअसल, DRI को इनपुट मिला था कि केन्या के नैरोबी से आने वाली कुछ महिला यात्री सोना लेकर मुंबई पहुंचेंगी। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ऑपरेशन ‘धहाबू ब्लिट्ज’ चलाया गया संदिग्ध यात्रियों को रोका गया। जांच में महिलाओं के पास से कुल 29.37 किलो सोना बरामद हुआ। इसमें 25.10 किलो सोने की सिल्लियां और 4.27 किलो सोने के जेवर शामिल हैं। ट्रेनिंग देकर तस्करी कराई जा रही थी एजेंसी के मुताबिक, महिलाओं को सोना छिपाने और एयरपोर्ट जांच से बचने के तरीके पहले से सिखाए गए थे। इससे साफ है कि पूरा काम एक संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था, जो कैरियर्स के माध्यम से सोना भारत भेज रहा था। गिरोह खुद सोना नहीं लाता था, बल्कि पैसों के लालच में लोगों को कैरियर बनाकर उनके जरिए तस्करी कराता था। यह इस साल मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े गए सबसे बड़े मामलों में से एक है। सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि एजेंसी अब इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस ऑपरेशन का नाम ‘धहाबू ब्लिट्ज’ रखा गया है। ‘धहाबू’ स्वाहिली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ सोना होता है। पिछले साल कन्नड़ एक्ट्रेस सोना तस्करी में पकड़ी गई थीं DRI ने पिछले साल 3 मार्च को कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14.2 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया था। रान्या इसे अपने बेल्ट में छिपाकर ला रही थी। उन पर गोल्ड स्मगलिंग का केस दर्ज किया गया है। DRI अधिकारियों के मुताबिक, रान्या राव दुबई से एमिरेट्स फ्लाइट के जरिए भारत लौटी थीं। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उनकी एक्टिविटी पर नजर रख रही थीं, क्योंकि वे पिछले 15 दिनों में 4 बार दुबई जा चुकी थीं। पुलिस ने रान्या के लावेल रोड स्थित अपार्टमेंट की तलाशी ली। यहां से 2.1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए। एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सोना तस्करी की पिछली घटनाएं… 10 फरवरी: अंडरवियर में छिपाकर दुबई से 45 लाख का सोना ला रहा था 10 फरवरी 2026 को कस्टम विभाग ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दुबई के एक शख्स को 96 लाख रुपए के सोने के साथ पकड़ा था। इसने अपने अंडरवियर में 45 लाख का सोना छिपा रखा था। जांच के दौरान व्यक्ति के पास से 24 कैरेट शुद्धता की दो पूरी सोने की छड़ें और एक कटी हुई छड़ भी मिली। ये छड़े उनकी अपनी जेब में रखे पर्स में छिपा रखी थीं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का गोल्ड मिला, सऊदी अरब से 3 पैकेट में छुपाकर लाया था लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का सोना पकड़ा गया। जेद्दा से आई सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से 1.267 ग्राम सोना लावारिस हालत में मिला है। रविवार को एयर इंडिया की सुरक्षा टीम की ओर से सौंपे गए इस सोने को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत जब्त कर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… तस्करी करने 135 ग्राम सोना निगल रखा था:अबू धाबी से अहमदाबाद आए पैसेंजर को एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ा अहमदाबाद कस्टम्स विभाग ने अबू धाबी से आए एक पैसेंजर को पकड़ा। इसने 24 कैरेट का 135 ग्राम से अधिक सोना निगल रखा था। अस्पताल में मलत्याग के जरिए गोल्ड निकलवाया गया। जब्त किए गए सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 21.89 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (बाएं से दाएं) कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालने के भाजपा के वादे पर निशाना साधा। कुमार ने असम के बोंगाईगांव में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “…मैंने कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है और उसे भी बाहर निकालने की जरूरत है।” यह बयान शाह की पिछली टिप्पणी के जवाब में था कि असम में घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें “एक-एक करके” निर्वासित किया जाएगा। उन्होंने 9 अप्रैल को असम में बराक घाटी के पत्थरकांडी में कहा था, “हमने घुसपैठियों की पहचान कर ली है; अब उन्हें एक-एक करके देश से बाहर भेजने का समय आ गया है।” बोंगाईगांव में कांग्रेस उम्मीदवार गिरीश बरुआ के लिए प्रचार कर रहे कन्हैया कुमार ने कहा कि असम के संसाधन राज्य के लोगों के हैं, इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बोंगाईगांव, असम: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार कहते हैं, “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जैसे गांधीजी ने अंग्रेजों से समझौता नहीं किया,… pic.twitter.com/hBAKvzEWU3– आईएएनएस (@ians_india) 10 अप्रैल 2026 “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जिस तरह गांधी ने अंग्रेजों के साथ समझौता नहीं किया, उसी तरह हम इस देश के संविधान को मिटने नहीं देंगे। हम इन चोरों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे…” उन्होंने कहा। असम में मतदान भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, असम की 126 सीटों पर गुरुवार, 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें राज्य में 85.74 प्रतिशत का प्रभावशाली मतदान दर्ज किया गया। जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहता है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन रायजोर दल और सीपीआई (एम) के साथ गठबंधन पर भरोसा करके वापसी करना चाहता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST समाचार राजनीति ‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कन्हैया कुमार असम भाषण(टी)कन्हैया कुमार अमित शाह(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम घुसपैठियों की टिप्पणी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)बोंगाईगांव चुनाव रैली(टी)असम मतदाता मतदान 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव
शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के जगतपुर तिराहा पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से दूसरी ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे आगे खड़ा ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के ही स्टार्ट होकर अनियंत्रित दौड़ पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कुमरौआ गांव निवासी किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान, खोंकर गांव निवासी उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। बताया गया है कि राजेंद्र का ट्रैक्टर गियर में खड़ा था, जिसके कारण टक्कर लगते ही वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। बिना ड्राइवर के ही ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। घटना के वक्त आसपास कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
हुमायूँ कबीर का पलटवार पर टीएमसी के दावे, एआई वीडियो को बताया; बीजेपी का भी आया रिएक्शन

पश्चिम बंगाल में डेमोक्रेट पार्टी के बीच कैथोलिक कांग्रेस ने आम जनता पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन कर लिया है। उन्होंने वायरल वीडियो को आधार बनाया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में कबीर ने कहा- दे रहे हैं कि ममता बनर्जी की सरकार को गिराने के लिए किसी भी हद तक जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके जवाब में हुमायूं ने इस वीडियो को AI जनरेटेड बताया। बीजेपी ने ये भी फर्जी वीडियो बताया. टीएमसी के वरिष्ठ नेता अरूप विश्वास, कुणाल घोष और फिरहाद हकीम ने इस मामले की जांच के लिए ईडी से पूछताछ की मांग करते हुए प्रेस विज्ञप्ति में वीडियो दिखाया। ये वीडियो 19 मिनट का है, जो पिछले साल 19 दिसंबर का बताया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर कथित तौर पर कथित तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करने की रणनीति बनाई जा रही है। बीजेपी ने क्या कहा बीजेपी के स्टेट स्पोकपर्सन डेबजीत सरकार ने अपने जवाब में कहा, “यह सारा झूठ है। एक फर्जी वीडियो है। यह नकली है या नहीं, यह हमें नहीं पता। जब तक किसी का चेहरा साफ नजर नहीं आया, तब तक हम आश्वस्त कैसे हो सकते हैं? हुमायूं ही स्टॉक है, और प्लास्टिक ही हुमायूं है। हुमायूं को मोहरा कंपनी, प्लास्टिक का यह दस्ता चल रहा है। पश्चिम बंगाल के बाहुबली लोग अब ऐसी कंपनी हैं, जो प्लास्टिक से बनी हैं। रही है; हम पिछले प्यारे से यह सब देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “अब ऐसी चीजें छोड़ें से कोई नतीजा नहीं निकलेगा। यह दावा करते हुए कहा गया है कि फिल्मों के वोट लाइट के लिए पैसे बांटे जा रहे हैं, वे तो बस मुस्लिम समुदाय का और अधिक अपमान कर रहे हैं। हुमायूं और छात्र दोनों एक ही हैं। आप लोग बाहर नहीं जा सकते। 2026 का चुनाव स्टूडियो के अंत का गवाह बनेगा। बीजेपी आ रही है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बन रही है।” हुमायूं कबीर ने एआई जनरेटेड वीडियो दिखाया हुमायूं कबीर ने वायरल वीडियो में कहा, “यह पूरी तरह से एआई का इस्तेमाल किया गया है। कांग्रेस राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला करने में एक जैसा है। वे मेरी राजनीतिक पार्टी से आलौकिक हैं, एजेयूपी (आम जनता पार्टी) से हैं। वे असदुद्दीन सोसा के साथ गठबंधन से बने हैं। ऐसे ही वे मेरे खिलाफ एआई से बने वीडियो जारी कर रहे हैं। अगर वे ताकत रखते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि मैंने बीजेपी के साथ गठबंधन से गठबंधन किया है। है। उन्होंने आगे कहा, “मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उन्हें सज़ा मिले। वे प्रमाण पत्र। यह प्रतीक जैन और अभिषेक ऑटोमोबाइल्स की करतूत है। देखिए वे कैसे-कैसे गेम खेल रहे हैं! देखें वे कितने सारे साज़िश रच रहे हैं!” उन्होंने कहा, ”वे कुछ भी कर लें, वे बच नहीं पाएंगे। वे एक हजार रुपये भी साबित करके दिखा सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट) हुमायूं कबीर(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)हुमायूं कबीर वायरल वीडियो डब्ल्यूबी चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी(टी)हुमायूं कबीर पार्टी का नाम(टी)हुमायूं कबीर वायरल वीडियो(टी)देबजीत सरकार(टी)हुमायूं कबीर
IPL में आज RCB-RR का मुकाबला:विराट के सामने वैभव का चलेगा बल्ला, पिछले मैच में बुमराह की पहली बॉल पर मारा छक्का

IPL में आज का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज विराट कोहली के साथ वैभव सूर्यवंशी के बल्ले का भी जादू चलेगा। दोनों टीमें अब तक एक मैच भी नहीं हारी है। खासकर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने सबको अचंभित कर दिया, जिन्होंने मुंबई के खिलाफ पिछले मैच में दुनिया के शीर्ष गेंदबाज़ों में शुमार जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था। इसके साथ ही वह IPL में 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। तीन दिग्गज गेंदबाजों के पहले बॉल पर मारा था छक्का वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए थे। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया था। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। इसके अलावा उन्होंने शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट के पहले बॉल पर भी छक्का मारा था। वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 39 रन बनाया था। वैभव की पारी में 5 छक्के और 1 चौके शामिल हैं। वैभव 19 से कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 35 सिक्स पूरे कर लिए हैं। वह 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी की पूरी उन्होंने CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था इससे पहले गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा। पहले ओवर में उन्होंने 2 चौके जड़े थे। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।
100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

दतिया में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब जानलेवा स्टंट में बदलती जा रही है। बड़ौनी नगर पंचायत क्षेत्र में युवकों द्वारा 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर रील और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पाइप के सहारे टंकी से नीचे खिसकते हुए उतर गया। यदि जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था फेल गल्ला मंडी के पास बनी यह पानी की टंकी नगर की पेयजल व्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आ रही है। टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवा सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए खतरनाक हरकतें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पंचायत को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि अब यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बड़े हादसे का बना खतरा सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर किसी की जान भी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। टंकी के आसपास सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सख्त निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब नगर पंचायत के सीएमओ से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
भाजपा आज जारी करेगी पश्चिम बंगाल चुनाव घोषणापत्र; सुरक्षा, नौकरी और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 10:19 IST भाजपा शुक्रवार को पश्चिम बंगाल चुनाव घोषणापत्र जारी करेगी। घोषणापत्र सुरक्षा, नौकरी, कल्याण और 7वें वेतन आयोग के आसपास केंद्रित होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। (फोटो: पीटीआई/फाइल) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शुक्रवार को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी करने के लिए तैयार है, जिसमें शुरुआती संकेत “भय बनाम भरोसा” (भय बनाम विश्वास) की थीम पर आधारित अभियान का सुझाव दे रहे हैं। उम्मीद है कि पार्टी सुरक्षा, स्थिरता और जनता के विश्वास पर केंद्रित एक शासन मॉडल पेश करेगी, जो खुद को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विकल्प के रूप में पेश करेगी। घोषणापत्र के संभावित मुख्य आकर्षणों में महिलाओं के लिए विस्तारित कल्याणकारी योजनाएं, बेरोजगार युवाओं को लक्षित रोजगार सृजन की पहल और सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा शामिल है। उम्मीद है कि भाजपा नए निवेश को आकर्षित करके और रुकी हुई परियोजनाओं को पुनर्जीवित करके औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की योजनाओं की रूपरेखा तैयार करेगी। लाइव अपडेट के लिए फॉलो करें इसके अलावा, पार्टी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में अवैध घुसपैठ के आसपास चिंताओं को दूर करने के लिए मजबूत सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा उपायों पर जोर दे सकती है। अमित शाह आज कोलकाता में इससे पहले आज, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह दिन में बाद में कोलकाता में पार्टी के घोषणापत्र का अनावरण करेंगे, जिसमें दावा किया जाएगा कि चुनावी राज्य अपने नेतृत्व के संदर्भ में “परिवर्तन चाहता है”। दिन के लिए अपने नियोजित कार्यक्रमों के बारे में विवरण साझा करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह डेबरा और पश्चिम मेदिनीपुर में रैलियां करेंगे और खड़गपुर में एक रोड शो करेंगे। टीएमसी से विश्वास बंगाल अब परिवर्तन चाहता है।आज कोलकाता में टीएमसी के ‘भय राज’ से बंगाल को मुक्त कराने का आधार, भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ की वापसी। इसके बाद, पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा में मंदिर और खड़गपुर में रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के गांव-भाइयों के बीच रहने के लिए उत्सुक… – अमित शाह (@AmitShah) 10 अप्रैल 2026 शाह ने ट्वीट किया, “टीएमसी से थक चुका बंगाल अब बदलाव चाहता है। आज कोलकाता में मैं बंगाल को टीएमसी के ‘आतंक शासन’ से मुक्त कराने के आधार पर भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करूंगा। इसके बाद, मैं पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा में एक सार्वजनिक बैठक और खड़गपुर में एक रोड शो के माध्यम से राज्य के भाइयों और बहनों से जुड़ने के लिए उत्सुक हूं।” बंगाल में बड़े दांव पर लगी चुनावी लड़ाई के लिए मंच तैयार आगामी चुनाव बीजेपी और टीएमसी के बीच एक अहम मुकाबला बनता जा रहा है। पिछले एक दशक में, टीएमसी ने राज्य में अपना गढ़ बनाए रखा है, लगातार विधानसभा चुनाव जीते हैं और कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय अपील के माध्यम से अपना समर्थन आधार मजबूत किया है। हालाँकि, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में लगातार अपने पदचिह्न का विस्तार किया है, हाल के चुनावों में महत्वपूर्ण लाभ हासिल करके प्रमुख चुनौती के रूप में उभरी है, खासकर 2019 के लोकसभा चुनावों और उसके बाद के राज्य चुनावों में। दोनों पार्टियों द्वारा अपने बयानों को तेज करने के साथ-टीएमसी कल्याण और क्षेत्रीय पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और भाजपा शासन, सुरक्षा और विकास पर जोर दे रही है- 2026 के विधानसभा चुनावों में एक तीव्र और बारीकी से देखी जाने वाली राजनीतिक लड़ाई देखने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 10:19 IST न्यूज़ इंडिया भाजपा आज जारी करेगी पश्चिम बंगाल चुनाव घोषणापत्र; सुरक्षा, नौकरी और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी घोषणापत्र(टी)भोय बनाम भरोसा(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)अमित शाह रैली(टी)सातवें वेतन आयोग का वादा(टी)बंगाल चुनाव 2026
गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के मालीवाड़ा गांव में हुए फायरिंग कांड की जांच में तीसरे दिन नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक आरोपी शरद पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना अब सिर्फ गोलीबारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आईडी पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। घायल महिला सविता के पति ऋषिराज पटेल ने दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष के शुभम पटेल ने आईडी से लाइव के जरिए खुद को जान का खतरा बताते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने इन वीडियो और पोस्ट्स को जांच में शामिल कर लिया है। इनमें दिख रहे लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। अस्पताल में भर्ती एक पक्ष के कुछ लोग अचानक वहां से गायब हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पहलू पर भी जांच जारी है। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गोटेगांव पुलिस ने मालीवाड़ा गांव में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि, अभी तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल से गायब हुए आरोपी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घायल दोनों पक्षों के आरोपी सविता पटेल और गिरवर पटेल को जबलपुर के एक अस्पताल किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान दोनों वहां से गायब हो गए।
₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।






