Sunday, 26 Jul 2026 | 01:12 AM

Trending :

EXCLUSIVE

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अशोक मित्तल ईडी का छापा: 'चुनाव से पहले मोदी का तोता...' आप के सांसद अशोक मित्तल ईडी के रेड पर संजय सिंह का तीखा हमला

April 15, 2026/
12:45 pm

ईडी ने बुधवार (15 अप्रैल 2026) को आम आदमी पार्टी के समाजवादी पार्टी के उपनेता अशोक कुमार मिशेल से जुड़े...

authorimg

March 26, 2026/
7:11 pm

Moringa in Periods: आमतौर पर महिलाओं और लड़कियों को पीरियड्स मुसीबत जैसे महसूस होते हैं. इसकी एक वजह सिर्फ खून...

Mumbai Indians currently lie on ninth in the points table (Picture credit: AP)

May 4, 2026/
7:03 pm

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 19:03 IST चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 35 वर्षीय ने 7,317 वोट हासिल कर निर्दलीय...

देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी घटी:6 साल में सबसे कम हुई, 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

July 19, 2026/
10:05 am

देश के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में एक खास ट्रेंड देखा गया। चाइनीज ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर छह...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.