Saturday, 03 Oct 2026 | 07:28 PM

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भोपाल में मेट्रो काम के चलते बदला ट्रैफिक प्लान:जवाहर चौक–डिपो मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू; पुलिस बोली- परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें

भोपाल में मेट्रो काम के चलते बदला ट्रैफिक प्लान:जवाहर चौक–डिपो मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू; पुलिस बोली- परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें

भोपाल में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल जवाहर चौक से भारत माता चौराहा (डिपो) के बीच यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। यातायात पुलिस ने इस हिस्से में एक तरफ का मार्ग (वन-वे) परिवर्तित करते हुए वाहनों के लिए डायवर्सन प्लान लागू किया है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक सुचारू रखा जा सके। हनुमान मंदिर से जवाहर चौक तक वन-वे बदला यातायात पुलिस के अनुसार, डिपो चौराहा से जवाहर चौक के बीच स्थित हनुमान मंदिर से जवाहर चौक की ओर जाने वाला एक तरफ का मार्ग अब परिवर्तित रहेगा। वहीं, जवाहर चौक से डिपो चौराहा की ओर आने वाला मार्ग पहले की तरह चालू रहेगा, जिससे इस दिशा में यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। डायवर्सन से गुजरेंगे वाहन डिपो चौराहा से हनुमान मंदिर होते हुए जवाहर चौक जाने वाले वाहनों को अब हनुमान मंदिर से बाएं मुड़कर पानी की टंकी, नागेश्वर धाम मंदिर और अटल पथ स्मार्ट रोड होते हुए जवाहर चौक पहुंचना होगा। जबकि जवाहर चौक से डिपो चौराहा जाने वाले वाहनों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। यातायात पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें। अनावश्यक रूप से इस मार्ग पर आवागमन से बचें, क्योंकि डायवर्सन वाले रास्तों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है।

‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

'बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार', अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक ने कश्मीर, दिल्ली में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी पार्टियों में राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। शाह के आरोप-प्रस्ताव पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले में शाह की रिहाई पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बंधक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अभिषेक अंबानी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए हमले में गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी रोक नहीं लगाने का सवाल उठाया। शेख़ ख़ुशना को लेकर क्या बोले अभियोग…? न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शेख हसीना को क्या कहा जाए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें दूर-दराज़ के निवासियों से खोजा गया है, जो कि फ्लॉवर के शाह के संकल्प का ज़िक्र करते हुए अभियोग ने केंद्रीय गृह मंत्री पर बार-बार आरोप लगाया है- एक ही बात दोहराई जा रही है और इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम घुसपैठियों की बात करें तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले साल से भारत में रह रही हैं? क्या हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए?’ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से अमित शाह असफलः अभिवचन अभिषेक ने कहा, ‘अमित शाह पहले गाम में हुए आतंकवादी हमलों में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? दिल्ली में हमलावरों ने कैसे घुसे और 10 लोगों को मार डाला? ‘शाह इन लोगों की सुरक्षा क्यों विफल हो रही है?’ यह भी पढ़ें: ओडिशा के गंजाम में ‘दंड नाच’ के दौरान दो संप्रदायों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल के विश्रामगंज रेंज में एक बाघ ने महुआ बीनकर लौट रही महिला पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के साहस से महिला की जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना विश्रामगंज रेंज के टगरा बीट के कक्ष क्रमांक 299 (महुआ टोला) में हुई। शाम करीब 6:00 बजे, हीरापुर टपरियन निवासी 35 वर्षीय रामकली कोंदर पति किशन कोंदर अपने साथियों के साथ घर लौट रही थीं। तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ ने महिला की टांग पकड़ ली और उसे घसीटकर घने जंगल की ओर ले जाने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद 6-7 ग्रामीणों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शोर मचाते हुए लकड़ियों से बाघ पर हमला किया। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास से बाघ महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया। प्रत्यक्षदर्शी नंद लाल ने बताया कि इस दुर्गम जंगली इलाके में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था, जिससे तत्काल मदद नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने महिला के पैर में कपड़ा बांधकर खून रोका। इसके बाद, ग्रामीणों ने घायल महिला को कंधे पर लादकर लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचाया। वहां से उसे जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया। विश्रामगंज रेंजर अजय बाजपेई ने बताया कि महिला को तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है और उसे आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है। उन्होंने ग्रामीणों को महुआ के सीजन में अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। घायल महिला का उपचार जिला चिकित्सालय पन्ना में जारी है। उसके पैर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं।

दीपिका चिखलिया ने रामायण फिल्म पर कसा तंज:कहा- रामायण ऐसी बनाओ कि 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाए

दीपिका चिखलिया ने रामायण फिल्म पर कसा तंज:कहा- रामायण ऐसी बनाओ कि 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाए

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ पर रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने तंज कसा है। दीपिका चिखलिया ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा, “रामायण ऐसी बनाओ कि लोग 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाएं।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर निशाना नहीं साधा, लेकिन उनके इस पोस्ट को फिल्म के भारी-भरकम बजट और पुराने शो की सादगी से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि रामायण की आत्मा उसकी भावनाओं में होती है, न कि सिर्फ पैसे खर्च करने में। टीजर की तारीफ भी कर चुकी हैं एक्ट्रेस दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दीपिका ने ‘रामायण ‘ के टीजर की काफी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, मैंने टीजर देखा और यह बहुत भव्य है। यह वाकई बहुत ही शानदार लग रहा है। मेकर्स ने इसे बहुत अच्छे से बनाया है। मैं खुद इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। दो हिस्सों में आएगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ एक बड़े स्तर पर बनाई जा रही फ्रैंचाइजी होगी। इसे दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला हिस्सा दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं, कहानी का दूसरा और अंतिम भाग अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

हज यात्रियों की परेशानी पर भोपाल में प्रदर्शन:चूड़ियां लेकर औकाफ-ए-शाही पहुंचीं महिलाएं; रुबात बंद होने पर हाजियों का विरोध

हज यात्रियों की परेशानी पर भोपाल में प्रदर्शन:चूड़ियां लेकर औकाफ-ए-शाही पहुंचीं महिलाएं; रुबात बंद होने पर हाजियों का विरोध

भोपाल में हज यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग औकाफ-ए-शाही कार्यालय पहुंचे, जहां महिलाओं ने चूड़ियां लेकर विरोध जताया। आरोप है कि मक्का-मदीना की रुबात (धर्मशाला) बंद होने से हाजियों पर लाखों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बता दें कि हज यात्रा के लिए इस साल करीब 8 हजार लोग मध्य प्रदेश से जा रहे हैं। 18 अप्रैल को भारत से पहली फ्लाइट सऊदी अरब जाएगी। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी की। पोस्टर्स पर लिखा था “शाही औकाफ होश में आओ, लापरवाही नहीं चलेगी, जवाब दो”, “सोते हुए शहर को जगाने आए हैं, बंद रुबातों को खुलवाने आए हैं”, “रुबातें हमारा हक है, बहाल करो”। महिलाओं ने चूड़ियां देकर जताया विरोध प्रदर्शन में शामिल सरवर जहां ने कहा कि पिछले कई वर्षों से भोपाल के हाजी रुबात सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा, “यह हमारी बेगमात की धरोहर है। अगर जिम्मेदार लोग काम नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें चूड़ियां पहनकर घर बैठ जाना चाहिए। आज एक महिला बैठी है, कल सैकड़ों महिलाएं भी आ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज की महिलाएं धूप में बैठकर विरोध कर रही हैं, जबकि अधिकारी मिलने तक नहीं आए। 6 साल से मदीना की रुबात बंद, इस साल मक्का भी प्रभावित जिम्मेदार गायब, जवाब देने को कोई तैयार नहीं प्रदर्शन में शामिल आबिद मोहम्मद खान ने आरोप लगाया कि एक हफ्ते पहले लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, “कार्यालय में कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं है, मोबाइल बंद हैं। जब हमारी खुद की रुबातें मौजूद हैं, तो हमें किराए पर क्यों रुकना पड़ रहा है?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समन्वय की कमी और आंतरिक विवादों के कारण रुबात व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन बोला- उच्च स्तर पर चल रहे प्रयास औकाफ-ए-शाही के प्रशासनिक प्रबंधक फारूक किबरिया ने कहा कि मामले में उच्च स्तर पर प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि सऊदी सरकार की प्रक्रियाओं में देरी के कारण इजाजतनामा मिलने में समय लगा है, जिससे भवन लेने में दिक्कत आई। उन्होंने कहा कि बोर्ड, चेयरमैन और सरकार के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द समाधान की उम्मीद है। कमेटी की मांगें रुबात क्या है रुबात दरअसल मक्का और मदीना में बनी ऐसी धर्मशालाएं या सराय होती हैं, जिन्हें पुराने समय में रियासतों और नवाबी दौर में हज यात्रियों की सुविधा के लिए बनवाया गया था। इनका मकसद यह था कि संबंधित रियासतों जैसे भोपाल के हाजी वहां मुफ्त या बेहद कम खर्च में ठहर सकें। भोपाल की बेगमों ने भी अपने दौर में हाजियों के लिए मक्का-मदीना में रुबात बनवाई थीं, ताकि शहर के लोग हज के दौरान आर्थिक बोझ से बच सकें और अपनी “रियासती धरोहर” का लाभ ले सकें। रुबात सिर्फ ठहरने की जगह नहीं, बल्कि नवाबी दौर की एक ऐतिहासिक विरासत मानी जाती है। शहर की बेगमों द्वारा मक्का और मदीना में बनवाई गई इन रुबातों का उद्देश्य भोपाल, सीहोर और रायसेन के हाजियों को हज के दौरान मुफ्त या रियायती ठहरने की सुविधा देना था। यही वजह है कि आज जब ये रुबातें बंद हैं या हाजियों को उपलब्ध नहीं हो पा रहीं, तो इसे सिर्फ सुविधा का नहीं बल्कि “हक और विरासत” का मुद्दा मानकर विरोध हो रहा है।

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर का पॉपुलर एक्शन थ्रिलर शो ’24’ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने वाला है। इस बार यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (JioHotstar) पर स्ट्रीम किया जाएगा। शो की वापसी की खबर के बीच अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म को एक अनोखी चेतावनी दी है, जिसने फैंस के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है। शो के दोनों सीजन 24 अप्रैल से स्ट्रीम किए जाएंगे। अनिल कपूर की ‘चेतावनी’ से बढ़ा सस्पेंस अनिल कपूर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने जियो हॉटस्टार को टैग करते हुए लिखा- “जियो हॉटस्टार, तुम्हारे पास 24 घंटे हैं।” इसके साथ ही कैप्शन में उन्होंने जोड़ा- “वरना मैं मामला अपने हाथ में ले लूंगा।” हालांकि अनिल ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है। इस पोस्ट के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि क्या शो का तीसरा सीजन भी आने वाला है। 24 अप्रैल से शुरू होगी स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर यह हाई-ऑक्टेन थ्रिलर सीरीज 24 अप्रैल से उपलब्ध होगी। प्लेटफॉर्म ने फैसला किया है कि दर्शकों के लिए हर शुक्रवार को शो के 8 एपिसोड ड्रॉप किए जाएंगे। इस शो को भारत में लॉन्ग-फॉर्मेट स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जाता है। एक्टर बोले- मेरे दिल के बहुत करीब है यह प्रोजेक्ट शो की वापसी पर अपनी बात रखते हुए अनिल कपूर ने कहा, मैंने सालों में कई इंटेंस और एक्शन रोल किए हैं, लेकिन ’24’ मेरे लिए कभी सिर्फ एक शो नहीं था। यह एक अलग ही एड्रेनालिन रश था। इसके रियल-टाइम फॉर्मेट ने मुझे एक एक्टर के तौर पर काफी चैलेंज किया। मैं एक्साइटेड हूं कि अब जियो हॉटस्टार के जरिए दर्शक इस रोमांच को एक बार फिर से महसूस कर पाएंगे। अमेरिकी सीरीज का ऑफिशियल रीमेक है ’24’ बता दें कि यह शो इसी नाम की मशहूर अमेरिकी सीरीज का इंडियन अडैप्टेशन है। इसमें अनिल कपूर ने एंटी-टेररिस्ट यूनिट (ATU) के एजेंट जय सिंह राठौड़ का मुख्य किरदार निभाया है। शो की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘रियल-टाइम’ फॉर्मेट है, जिसमें 24 एपिसोड के जरिए 24 घंटों की कहानी दिखाई जाती है। भारत में इसके अब तक दो सीजन आ चुके हैं।

झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ जिले के रानापुर तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम महेश मंडलोई को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद AAP जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगाड़ ने आरोप लगाया कि बुधवार को ग्राम भूतखेड़ी में अपनी निजी जमीन पर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासी परिवारों के साथ तहसीलदार ने अमर्यादित व्यवहार किया। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों को गाली दी गई और एक युवक के साथ लात मारते हुए मारपीट की गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले जाते देखा जा रहा है। तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर, तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते को खुलवाया गया, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। तहसीलदार के अनुसार, जब राजस्व टीम कोर्ट के आदेश का पालन करने पहुंची, तो प्रतिवादी पक्ष ने धारदार हथियारों के साथ टीम पर हमला करने की कोशिश की और अभद्रता की। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। सरपंच ने तहसीलदार का समर्थन किया भूतखेड़ी सरपंच मुकेश मेडा ने तहसीलदार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अधिकारी ने नियमों के तहत वर्षों पुराने बंद रास्ते को खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी है। रानापुर टीआई दिनेश रावत ने जानकारी दी कि मौके पर पुलिस और राजस्व टीम के कार्य में बाधा डालने के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच और कार्रवाई की मांग आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी भाई-बहनों के साथ अभद्रता करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। विवाद का मुख्य कारण वह आम रास्ता है, जिसे लेकर महीनों से एक परिवार और ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ था।

4 मिनट की सांस फूलने वाली मेहनत बड़े काम की:ब्रिटेन में ​96 हजार लोगों पर स्टडी में खुलासा, बस के लिए दौड़ना भी कारगर

4 मिनट की सांस फूलने वाली मेहनत बड़े काम की:ब्रिटेन में ​96 हजार लोगों पर स्टडी में खुलासा, बस के लिए दौड़ना भी कारगर

क्या आप रोजाना 5 मिनट भी कड़ी मेहनत करने का समय नहीं निकाल पाते हैं? अगर ऐसा है, तो ये आदत बदलें, क्योंकि रोजाना सिर्फ 4 मिनट की सांस फूलने वाली कठोर मेहनत आपको 8 बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। सांस फूल जाने वाली मेहनत में जिम जाना जरूरी नहीं है। इसमें बस पकड़ने के लिए दौड़ना, तेज सीढ़ियां चढ़ना या बच्चों के साथ पूरे जोश के साथ खेलना भी आपके लिए उतना ही कारगर है। चीन की सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि ऐसे छोटे लेकिन तेज व्यायाम से डिमेंशिया का खतरा 63%, टाइप-2 डायबिटीज 60% और समय से पहले मौत का जोखिम 46% तक कम हो जाता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित शोध में 96,400 ब्रिटिश वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों ने एक सप्ताह तक कलाई पर एक्सेलेरोमीटर (गति मापने वाला डिवाइस) पहना, जिससे उनके हर छोटे-बड़े हिलने-डुलने का रिकॉर्ड रखा गया। सात साल तक की फॉलो-अप में पाया गया कि जिन लोगों ने कुल शारीरिक गतिविधि का 4% भी तेज व्यायाम में लगाया, उनमें दिल के दौरे, स्ट्रोक, गठिया, लिवर-किडनी रोग और डिमेंशिया का खतरा 29-61% कम था। असरदार है ‘सांस फूलने’ वाली एक्टिविटी स्टडी के मुख्य लेखक डॉ. मिंक्सुए शेन कहते हैं, ‘तेज व्यायाम शरीर में ऐसे खास बदलाव लाता है, जो धीमी एक्टिविटी से नहीं होते। इससे दिल ज्यादा कुशलता से पंप करता है, ब्लड वेसल्स लचीले बनते हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल सीखता है।’ उनका कहना है कि तेज एक्टिविटी दिमाग में ऐसे केमिकल्स भी छोड़ती है, जो ब्रेन सेल्स को स्वस्थ रखते हैं। इसी से डिमेंशिया का खतरा घटता है। विशेषकर सूजन वाली बीमारियों (इंफ्लेमेटरी डिजीज) जैसे गठिया, सोरायसिस और हृदय रोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया। जो लोग पहले से व्यायाम नहीं करते, उन्हें ज्यादा फायदा अध्ययन में डायबिटीज और लिवर रोगों में दोनों- समय और तीव्रता, महत्वपूर्ण पाए गए। यह भी पाया गया कि जो लोग पहले से कोई व्यायाम नहीं करते, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा हुआ। यानी शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती। नई दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक सेठ कहते हैं, ‘भारत में 30% वयस्क शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं। यह स्टडी साबित करती है कि लंबी वर्कआउट का इंतजार किए बिना रोजमर्रा की छोटी-छोटी तेज एक्टिविटी से भी बड़ा स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।’ डॉक्टरों की सलाह है कि ऑफिस में लिफ्ट की जगह सीढ़ियां तेजी से चढ़ें। बस स्टॉप तक तेज चलें या शाम को 5 मिनट तेज दौड़ें। ये काफी है।’ डॉ. शेन कहते हैं, हफ्ते में सिर्फ 15-20 मिनट की ऐसी एक्टिविटी (रोज 2-3 मिनट) भी मायने रखती है।

मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर जिले के अमरपाटन में शुक्रवार को मानसी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोगों ने सतना रोड पर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। सुबह 11 बजे तक एजेंसी न खुलने पर भड़का आक्रोश मानसी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जमा थी, लेकिन सुबह 11 बजे तक काउंटर नहीं खुले। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में घंटों इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का धैर्य टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने एजेंसी संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरों के कार्ड पर गैस वितरण पर लगी रोक एसडीएम ने मौके पर कतार में लगे लोगों की रैंडम जांच की, जिसमें पाया गया कि कई लोग पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों के गैस कार्ड की फोटोकॉपी लेकर आए थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सिलेंडर केवल कार्डधारक के परिवार के सदस्य को ही दिया जाएगा। अब से वितरण के लिए पहचान पत्र और मूल गैस कार्ड लाना अनिवार्य होगा। शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने एजेंसी संचालक को फटकार लगाते हुए तत्काल वितरण शुरू करवाया। उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी पर भीड़ कम करने के लिए शनिवार से अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी शुरू की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गैस की किल्लत नहीं है और जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया है।

अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार से मिलने के लिए गुजरात के राजकोट निवासी अशोक कंजारिया ने 700 किलोमीटर पैदल यात्रा की। वह 17 फरवरी 2026 को तिरंगा लेकर बिना जूते पहने राजकोट से निकले और 18 दिन में मुंबई पहुंचे। हालांकि, मुंबई पहुंचने के बाद कई दिनों तक अक्षय से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने शहर में ही रुककर कोशिश जारी रखी। वह कई बार अक्षय कुमार के घर के बाहर पहुंचे, लेकिन उनसे मिलने में सफलता नहीं मिली। ‘देश गुजरात’ की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कंजारिया ने हार नहीं मानी और करीब एक महीने तक मुंबई में इंतजार किया। इस दौरान वह फुटपाथ और रेलवे स्टेशन पर रहे। इस दौरान उनके लगभग 14 हजार रुपये खर्च हुए। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे राजकोट में उनका इंतजार कर रहे थे। 6 मार्च को मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें पूरे एक महीने तक इंतजार करना पड़ा। आखिर में 8 अप्रैल को उनकी मुलाकात संभव हो सकी। अक्षय कुमार ने अपनी सिक्योरिटी टीम को उन्हें बुलाने के निर्देश दिए थे। अशोक ने मौका न निकल जाए, यह सोचकर सुबह 7 बजे ही जुहू पहुंच गए। फिर सुबह 8:30 बजे उनकी अक्षय कुमार से मुलाकात हुई। इस दौरान एक्टर ने उन्हें आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। मुलाकात के दौरान अक्षय ने अशोक को ‘खुश रह बेटा’ कहकर आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। अशोक ने बाद में बताया कि अक्षय सर ने मुझे कई बार ‘बेटा’ कहकर बुलाया। भगवान ने उनकी इच्छा पूरी कर दी। अशोक का कहना है कि मेरा बड़ा सपना सच हो गया, साथ ही अक्षय ने अशोक को नंगे पैर चलने से मना किया और इसे गलत बताया।