Sunday, 04 Oct 2026 | 02:49 AM

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ईरान से 7 साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत:चीन जा रहा था, बीच रास्ते से लौटा; इसी हफ्ते पूर्वी तट पर पहुंचेगा

ईरान से 7 साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत:चीन जा रहा था, बीच रास्ते से लौटा; इसी हफ्ते पूर्वी तट पर पहुंचेगा

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत ने 7 साल बाद ईरान से तेल खरीदना फिर शुरू किया है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, ‘जया’ नाम का टैंकर ईरानी क्रूड लेकर भारत के पूर्वी तट की ओर आ रहा है। यह टैंकर पहले गुजरात के वाडिनार पोर्ट की ओर आ रहा था। इसमें करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। लेकिन फिर यह चीन की तरफ मुड़ गया। तब बताया गया था कि पेमेंट दिक्कत की वजह से यह भारत न आकर चीन जा रहा है। तेल मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया था। हालांकि अब यह फिर भारत की तरफ मुड़ गया है। फिलहाल इसकी लोकेशन मलेशिया के नजदीक है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के आखिर में यह भारत के पूर्वी तट पर पहुंच जाएगा। अमेरिका ने भारत को 30 दिन की छूट दी है 2018 तक भारत ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था। उस समय भारत रोजाना करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल आयात करता था, जो कुल आयात का लगभग 11.5% था। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया और अन्य देशों से सप्लाई बढ़ा दी। हाल ही में अमेरिका ने 30 दिन की सीमित छूट दी है, जिसके तहत समुद्र में ईरानी तेल खरीदने की अनुमति है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू है। मंत्रालय के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में सप्लाई बाधित होने के बीच भारतीय रिफाइनरों ने 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदा है और पेमेंट की कोई दिक्कत नहीं है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। इससे कई देशों पर असर पड़ा। साथ ही भारतीय तेल कंपनियों को भी नुकसान हुआ था। लेकिन अब ईरान से सस्ता तेल मिलने से भारतीय ऑयल कंपनियों को राहत मिल सकती है। अमेरिका की छूट क्या है और कैसे काम करती है? अमेरिका की ओर से दी गई 30 दिन की छूट पूरी तरह प्रतिबंध हटाने जैसी नहीं है। यह सीमित और कंट्रोल्ड व्यवस्था है। अमेरिका ने 2018 से ईरान के तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनके तहत कोई भी देश सीधे ईरान से तेल खरीदता है तो उस पर सेकेंडरी सैंक्शन लग सकते हैं। यानी उस देश की कंपनियों पर भी अमेरिकी कार्रवाई हो सकती है। इसी बीच जब वैश्विक हालात बिगड़ते हैं जैसे अभी मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण सप्लाई पर दबाव बढ़ा तो अमेरिका कुछ समय के लिए राहत देता है। इसका मकसद यह होता है कि तेल बाजार पूरी तरह असंतुलित न हो और कीमतें बेकाबू न बढ़ें। यह छूट पूरी तरह खुली नहीं है। इसमें नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट की इजाजत नहीं होती। बल्कि पहले से समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदने की अनुमति मिलती है। इसका मतलब है कि देश सीधे ईरान के साथ नया दीर्घकालिक सौदा नहीं कर सकते। वे केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध तेल ही खरीद सकते हैं। पेमेंट सिस्टम इस छूट में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर डॉलर ट्रांजैक्शन या अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम से दूरी रखी जाती है, ताकि प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो। पहले भारत ने रुपया-रियाल जैसे वैकल्पिक सिस्टम का इस्तेमाल किया था, जिससे भुगतान बिना अमेरिकी दखल के हो सके। ऐसी छूट पहले भी दी गई थी। 2018 में प्रतिबंधों के बाद भारत को कुछ समय के लिए राहत मिली थी, लेकिन बाद में अमेरिका ने इसे खत्म कर दिया, जिसके बाद भारत को ईरान से तेल आयात पूरी तरह रोकना पड़ा। अभी दी गई छूट 19 अप्रैल तक सीमित है, यानी यह साफ संकेत है कि अमेरिका फिलहाल केवल अस्थायी राहत देना चाहता है, स्थायी नीति बदलाव नहीं कर रहा। भारत के लिए इसका मतलब यह है कि वह कुछ समय के लिए सस्ता ईरानी तेल खरीदकर लागत घटा सकता है, लेकिन लंबे समय की सप्लाई रणनीति अभी भी अनिश्चित बनी रहेगी।

आपके चेहरे पर भी लालपन? गोरेपन की चाह में खराब हो रही किडनी, कानपुर में ये कैसी आफत

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कानपुर. खूबसूरत और गोरा दिखने की चाहत में महिलाएं तरह-तरह की क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यही क्रीम धीरे-धीरे उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में रोजाना 10 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी त्वचा खराब होने के पीछे स्टेरॉयड और हेवी मेटल वाली क्रीम का इस्तेमाल सामने आ रहा है. त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शिवहरे के मुताबिक, शुरुआत में ये क्रीम चेहरे को साफ और चमकदार जरूर बना देती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इसके गंभीर साइड इफेक्ट सामने आते हैं. अंदर से नुकसान डॉक्टरों के अनुसार, बाजार में मिलने वाली कई फेयरनेस क्रीम में स्टेरॉयड, पारा (Mercury), सीसा (Lead) जैसे हेवी मेटल्स मिले होते हैं. ये तत्व त्वचा की ऊपरी परत को पतला कर देते हैं. इससे शुरुआत में चेहरा गोरा और चमकदार दिखता है, लेकिन धीरे-धीरे त्वचा कमजोर हो जाती है. मरीजों में लालपन, जलन, मुंहासे, दाग-धब्बे और चेहरे पर छोटे-छोटे बाल उगने जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. कई मामलों में त्वचा इतनी संवेदनशील हो जाती है कि हल्की धूप में भी जलन होने लगती है. कैसे खराब होगी किडनी डॉ. शिवहरे कहते हैं कि इन क्रीम का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इनमें मौजूद केमिकल शरीर के अंदर जाकर किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ऐसे केस भी सामने आए हैं, जहां मरीजों को किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियों की शिकायत हुईं. खासकर पारा (Mercury) जैसे तत्व शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे बचे कैसे  डॉ. डीपी शिवहरे कहते हैं कि किसी भी क्रीम को बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर क्रीम लगाने के बाद त्वचा में जलन, लालपन या खुजली हो, तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें. बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएं जा सकते हैं. बहुत ज्यादा “इंस्टेंट फेयरनेस” का दावा करने वाली क्रीम से बचें. प्राकृतिक उपाय जैसे एलोवेरा, हल्दी और संतुलित आहार अपनाए. धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. खूब पानी पिएं और हेल्दी लाइफस्टाइल रखें. ये चाहत गलत नहीं लेकिन… डॉ. शिवहरे का कहना है कि सुंदर दिखने की चाहत गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए गलत और खतरनाक उत्पादों का इस्तेमाल करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. अपनी त्वचा के साथ प्रयोग करने से बचें और किसी भी समस्या में विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती छीन सकती है, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

बंगाली एक्टर की मौत पर सौरव गांगुली का बयान:बोले- वे पानी में गए ही क्यों; एक्ट्रेस बोलीं- आप AC में रहते हो, मजबूरी नहीं समझोगे

बंगाली एक्टर की मौत पर सौरव गांगुली का बयान:बोले- वे पानी में गए ही क्यों; एक्ट्रेस बोलीं- आप AC में रहते हो, मजबूरी नहीं समझोगे

बंगाली एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के मामले में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली का एक बयान विवादों में आ गया है। दरअसल राहुल की मौत ओडिशा में शूटिंग के दौरान पानी में डूबने से हुई थी, जिस पर सौरव ने सवाल उठाया था कि वे पानी में गए ही क्यों। इस पर एक्ट्रेस स्वस्तिका मुखर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्वस्तिका ने कहा कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते सौरव गांगुली को पता होना चाहिए कि वे क्या बोल रहे हैं। सौरव गांगुली ने क्या कहा था? कुछ दिन पहले जब सौरव गांगुली से राहुल की मौत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। लेकिन उन्होंने आगे यह भी जोड़ दिया, “मुझे समझ नहीं आता कि शूटिंग के लिए भी वह पानी में क्यों गए?” सौरव के इसी ‘क्यों’ वाले सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक्ट्रेस बोलीं- आपको जमीन की हकीकत नहीं पता’ स्वस्तिका मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में सौरव को जवाब देते हुए कहा, सौरव गांगुली अपना नॉन-फिक्शन शो AC फ्लोर पर शूट करते हैं। उन्हें वो सब कुछ मिल जाता है जिसकी उन्हें जरूरत होती है क्योंकि वो सौरव गांगुली हैं। उन्हें नहीं पता कि जमीन पर असल में शूटिंग कैसे होती है। स्वस्तिका ने आगे कहा कि अगर राहुल पानी में नहीं जाते, तो मेकर्स उनकी जगह किसी और को ले आते। काम की मजबूरी और रिस्क सबको समझ नहीं आता। मजबूरी में करना पड़ता है रिस्क वाला काम स्वस्तिका ने सौरव के लहजे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आप किसी के काम पर इस तरह की टिप्पणी करते हैं, तो आप उसके काम को छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, हर कोई सौरव गांगुली नहीं होता जिसे सारी सुविधाएं मिलें। एक आम एक्टर के लिए उसका काम ही उसकी कमाई का जरिया है। अगर वह मना करेगा तो उसका करियर खत्म हो सकता है। किसी की मौत पर ऐसे सवाल उठाना संवेदनहीनता है। कैसे हुई थी राहुल बनर्जी की मौत? यह हादसा 29 मार्च को ओडिशा में हुआ था। राहुल वहां अपने बंगाली शो ‘भोलेबाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सीन के दौरान राहुल और उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा घुटने तक पानी में खड़े थे। अचानक उनका पैर फिसला और वे पास ही बने एक गहरे गड्ढे में चले गए। दोनों को तुरंत दीघा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। श्वेता की जान बच गई, लेकिन राहुल को नहीं बचाया जा सका। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में हड़ताल राहुल की मौत ने फिल्म सेट पर सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है। इसके विरोध में और बेहतर सुरक्षा नियमों की मांग को लेकर बंगाली फिल्म और टीवी इंडस्ट्री ने 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कलाकारों और टेक्नीशियंस का कहना है कि जब तक सेट पर सुरक्षा के कड़े मानकतय नहीं किए जाते, तब तक काम बंद रहेगा।

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Last Updated:April 08, 2026, 18:32 IST Sign of Fit and Healthy : अगर आप हरदम इस चिंता में रहते हैं कि आपकी सेहत सही नहीं रहती तो जरा ठहरिए. एक बार अपने शरीर पर ध्यान दीजिए. अगर आपके शरीर में ये 10 संकेत दिखते हैं तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप बिल्कुल फिट हैं. पर इसे बरकरार रखना चुनौती है. क्योंकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गतिहीन लाइफस्टाइल और प्रदूषण सबसे बड़े दुश्मन है. इसलिए आपको अपनी सेहत को सहेज कर रखना है. अगर इस परिस्थिति में भी ये 10 संकेत दिखते हैं तो वाकई आप शानदार लाइफ जी रहे हैं. आइए इस हेल्थ टेस्ट को चेक करते हैं. जब हमारी सेहत खराब होती है या शरीर के कुछ अंग ठीक से काम नहीं करते, तो कई तरह के चेतावनी संकेत दिखते हैं. सिर दर्द, वजन कम या बढ़ना, पिंपल्स, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ चीजों से हम शरीर की बीमारी का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने के भी कुछ संकेत होते हैं. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये सेहत को साबित करते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टा पोस्ट में शरीर के स्वस्थ होने के 10 अनोखे संकेत शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वो कौन से हैं. नाक बहना-कई लोग नाक बहने को परेशानी मानते हैं. लेकिन अगर ठंडे मौसम में आपकी नाक बार-बार बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. गैस रिलीज़ होना-यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ये सच है. गैस आना एक स्वस्थ पाचन तंत्र का संकेत है. जब पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं तब गैस रिलीज़ होती है. ये बहुत आम बात है. इससे पता चलता है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक से काम कर रहा है. अगर कभी झुकते वक्त या सोते वक्त अचानक गैस निकल जाए तो शर्मिंदा मत होइए. इसे समझिए कि आपकी पाचन प्रक्रिया खुश है और ये एक बड़ा संकेत है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्का पीला रंग का पेशाब-पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई बातें बताता है. अगर पेशाब हल्के पीले रंग का है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से काम कर रही है. अगर पेशाब का रंग ऑरेंज, रेड, ब्लू, ग्रीन या गहरा भूरा हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. डकार आना-खाना खाने के बाद डकार आना बिल्कुल सामान्य है. खासकर जब आप कार्बोनेटेड ड्रिंक पीते हैं तो कई लोगों को लगातार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. डकार आने से पेट में जमा गैस बाहर निकलती है और पेट की फुलावट कम होती है. नियमित शौच जाना. रोज़ाना नियमित रूप से शौच जाना अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इसका मतलब है कि आपकी पाचन प्रणाली पूरी तरह से ठीक काम कर रही है. दिन में 3 बार या हफ्ते में 3 बार शौच जाना आम बात है. ये बताता है कि आपकी डाइजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ है. पसीना आना-पसीना आना शरीर के लिए अच्छा संकेत है. खासकर जब आप एक्सरसाइज या कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और शरीर से पसीना निकलता है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. यह शरीर का नैचुरल कूलिंग सिस्टम है जो आपको गर्मी से बचाता है. पसीना शरीर का तापमान कंट्रोल करने में मदद करता है. मसूड़ों से खून न आन- मसूड़े स्वस्थ होना भी अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. खासकर, ब्रश करते समय मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है तो यह सूजन या मुंह की सफाई में कमी को दिखाता है. अंदरूनी कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो भी मसूड़ों से खून आ सकता है. रोज ब्रश करते समय एक बार अपने मसूड़ों को जरूर देखें. त्वचा की लचीलापन- कभी-कभी जब त्वचा को खरोंचते हैं तो वह फिर से अपनी जगह पर आ जाती है. यह त्वचा की लचीलापन एक अच्छा संकेत है कि आप स्वस्थ हैं. इसका मतलब है कि शरीर में पर्याप्त नमी है और स्किन की इलास्टिसिटी ठीक है. First Published : April 08, 2026, 18:32 IST

गर्भावस्था में क्या न खाएं… प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पूरी गाइड, वरना करवानी पड़ सकती है अनचाही डिलीवरी!

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Last Updated:April 08, 2026, 18:31 IST गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इस समय सही और सुरक्षित आहार लेना बहुत जरूरी है. गलत भोजन से संक्रमण, जन्मजात समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं. इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि प्रेग्नेंट महिलाएं किन चीज़ों से बचें और सुरक्षित खान-पान अपनाएं. गर्भावस्था का समय महिलाओं के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण होता है. इस दौरान मां के खान-पान का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वे क्या खाती हैं और क्या नहीं. कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो बच्चे और मां दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. कच्चा या अधपका खाना: गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मांस, अंडा और समुद्री भोजन खाने से बचना चाहिए. इनमें बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं, जो मां और बच्चे दोनों को संक्रमण दे सकते हैं. विशेष रूप से लिस्टेरिया और साल्मोनेला संक्रमण गर्भ में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं. ज्यादा कैफीन और कोला ड्रिंक्स: चाय, कॉफी और कोला जैसी कैफीन युक्त चीजें गर्भावस्था में बहुत अधिक मात्रा में नहीं लेनी चाहिए. अत्यधिक कैफीन के सेवन से गर्भ में बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है और यह समय से पहले जन्म का जोखिम भी बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अल्कोहल और धूम्रपान: गर्भावस्था में शराब और सिगरेट का सेवन पूरी तरह से मना है. शराब से भ्रूण में विकास संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे हृदय की कमजोरियों या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं. धूम्रपान से बच्चा कम वजन का हो सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है. असुरक्षित डेयरी उत्पाद: पाश्चुरीकृत न किए गए दूध, क्रीम और पनीर जैसी चीजें खाने से बचें. इनमें बैक्टीरिया होने की संभावना होती है जो गर्भावस्था में संक्रमण पैदा कर सकते हैं. हमेशा पाश्चुरीकृत और अच्छी क्वालिटी वाले डेयरी उत्पाद ही लें. अधिक तैलीय और जंक फूड: तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन गर्भावस्था में सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यह खाने से पेट की समस्याएं, एसिडिटी और मोटापे की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड शुगर: शुगर की अधिक मात्रा गर्भावस्था में डायबिटीज या बच्चे का असामान्य वजन बढ़ने का कारण बन सकती है. मिठाई और पैकेज्ड फूड सीमित मात्रा में ही खाएं. कुछ विशेष फल और जड़ी-बूटियां: कुछ जड़ी-बूटियां और खट्टे फल जैसे पपीता (कच्चा), अनार के बीज या लस्सी में अत्यधिक मसाले गर्भ में बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉक्टर की सलाह के बिना हर्बल सप्लीमेंट्स न लें. गर्भावस्था में संतुलित और पोषक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है. कच्चा खाना, अल्कोहल, जंक फूड और अत्यधिक कैफीन से बचना चाहिए. हमेशा ताजा, साफ और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें. यह ध्यान रखने से माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे और गर्भावस्था की कठिनाइयां कम होंगी. First Published : April 08, 2026, 18:31 IST

Healthy Body Signs: शरीर में दिख रहे ये 10 संकेत, तो इसका मतलब आप पूरी तरह स्वस्थ हैं

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Last Updated:April 08, 2026, 18:07 IST Healthy Body Sign: जब हमारी सेहत बिगड़ती है या शरीर के कोई अंग ठीक से काम करना बंद कर देते हैं, तो कुछ चेतावनी के संकेत दिखाई देते हैं. ऐसे ही जब आपका शरीर ठीक तरह से काम कर रहा होता है, तो इससे संबंधित भी संकेत नजर आते हैं. यहां हम आपको ऐसे ही 10 संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताता हैं कि आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं. अगर हमारी सेहत खराब हो रही हो या शरीर के किसी अंग में कोई दिक्कत हो तो कुछ तरह के चेतावनी संकेत नजर आते हैं. सिरदर्द, वजन कम या ज्यादा होना, मुंहासे, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ लक्षणों से हम शरीर की सेहत का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन, यह जानना भी जरूरी है कि जब हम पूरी तरह स्वस्थ हैं, तब भी शरीर कुछ संकेत देता है. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये अच्छे स्वास्थ्य का संकेत होते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने बताया कि शरीर के स्वस्थ होने के 10 अजीब संकेत कौन-कौन से हैं. उन्होंने ये संकेत अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वे कौन से संकेत हैं. नाक बहना कई लोगों को परेशान करता है. लेकिन अगर ठंडे मौसम में बार-बार नाक बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी और प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. कई बार जब हम कोई काम कर रहे होते हैं, तो अचानक कान से मैल बाहर आ जाता है. यह चिपचिपा सा दिखने वाला मैल देखकर लोग असहज महसूस करते हैं. लेकिन यह एक स्वस्थ शरीर का संकेत है. यह धूल, बैक्टीरिया और अन्य कणों को रोककर कान की सुरक्षा करता है. यह गंदगी नहीं है, बल्कि कान के लिए एक सुरक्षा कवच है. कान के अंदर की गंदगी को साफ करने के लिए अलग से मेहनत करने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई राज खोलता है. अगर इसका रंग हल्का पीला है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर कर रही हैं. लेकिन अगर पेशाब का रंग नारंगी, लाल, नीला, हरा या गहरा भूरा हो जाए तो सतर्क हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. खाना खाने के बाद डकार आना एक आम बात है. खासतौर पर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने के बाद बहुत से लोगों को बार-बार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. यह याद रखना चाहिए कि यह प्रक्रिया पेट में जमा अतिरिक्त गैस को बाहर निकालकर पेट की गैस और भारीपन को कम करने में मदद करती है. पेट में गड़बड़ी होना, आंतों में मरोड़ जैसा महसूस होना थोड़ी परेशानी जरूर देता है. लेकिन यह अच्छी सेहत का संकेत भी हो सकता है. आंतें सक्रिय रूप से काम करते हुए खाना और गैस को बाहर निकालने की प्रक्रिया में यह समस्या हो सकती है. इसे लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. कभी-कभी, जब त्वचा को चुटकी से दबाया जाता है, तो वह तुरंत अपनी मूल स्थिति में लौट आती है. ‘त्वचा की लोच’ इस बात का एक अच्छा संकेत है कि आपका स्वास्थ्य अच्छा है. यह दर्शाता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी (हाइड्रेशन) मौजूद है और त्वचा की लोच स्वस्थ है. थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है. गैस पास करना एक स्वस्थ पाचन तंत्र की निशानी है. गैस तब निकलती है जब पाचन तंत्र के अंदर मौजूद बैक्टीरिया भोजन को तोड़ते हैं. यह एक बहुत ही आम बात है. इसके अलावा, यह इस बात का संकेत है कि आपका पाचन तंत्र पूरी तरह से काम कर रहा है. अगर आपसे गलती से गैस निकल जाती है—चाहे झुकते समय हो या सोते समय—तो आपको शर्मिंदा महसूस नहीं करना चाहिए. इसके बजाय, आपको इसे एक ऐसे ज़ोरदार संकेत के तौर पर देखना चाहिए जो यह बताता है कि आपका पाचन तंत्र खुश और स्वस्थ है. नियमित और लगातार मल त्याग होना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है. यह दर्शाता है कि आपका पाचन तंत्र अपनी 100% क्षमता पर काम कर रहा है. दिन में तीन बार से लेकर हफ़्ते में तीन बार तक मल त्याग होना आम बात है; यह एक स्वस्थ पाचन तंत्र की मौजूदगी को दर्शाता है. स्वस्थ मसूड़े होना अच्छी सेहत की निशानी है. खास तौर पर, दांत ब्रश करते समय आपके मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है, तो यह सूजन या मुंह की ठीक से सफाई न होने का संकेत हो सकता है. मसूड़ों से खून आना शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का लक्षण भी हो सकता है. हर दिन ब्रश करते समय, एक पल निकालकर अपने मसूड़ों को ध्यान से देखें. पसीना आना इस बात का अच्छा संकेत है कि शरीर पसीना बहा रहा है. खासकर, व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के दौरान पसीना आना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है.  पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है. First Published : April 08, 2026, 18:02 IST

केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल चुनाव: वोट से पहले 'कैश फॉर वोट' का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ससुराल पक्ष चरम पर है। कांग्रेस नेता वी.डी. शेरीशन ने एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ता वोट के बदले पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में साफा दिख रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को पैसे दिए जा रहे हैं और यह सभी पार्टी कैंडिडेट्स की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। साथ ही सतीशन ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलेक्ट्रोलाक्ट्स में महिलाओं को पास और सा ग्लास लाइट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह केरल में पहली बार और बीजेपी वोटरों को प्रभावित करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है।’ उनका कहना है, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश की गई है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता। #घड़ी | एर्नाकुलम | कल केरलम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “हमने एक वीडियो जारी किया है, दृश्यों में यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदवार की उपस्थिति में वोट के लिए एक बूढ़ी महिला को पैसे दे रहे हैं। वे ऐसा कर रहे हैं… pic.twitter.com/EEvGnG5av1 – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. श्रीशेषन ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो पार्टी कानूनी तौर पर हट जायेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अलाप्पुझा में कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी पलक्कड़ में पैसे की चमक के साथ को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया वैज्ञानिक और वीडियो में साफा संकेत शामिल हैं कि प्रतियोगी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से सक्रिय और कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि चुनाव की समितियां बनी रहें। #घड़ी | अलाप्पुझा, केरल: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है, “चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्टें हैं कि पलक्कड़ में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटे गए हैं। साथ ही, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी उम्मीदवार खुद इन सभी चीजों में शामिल हैं। वीडियो में यही बताया गया है… pic.twitter.com/FeyzaOyOGz – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 पलक्क में जीत तय, कांग्रेस-एल दोष के आरोप: बीजेपी का पलटवार एस.एस.सुरेश ने कांग्रेस और एलएलसी के समर्थकों को लेटर से खारिज करते हुए पल्कॉक में बीजेपी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘पलक्क की जनता ने तय कर दिया है कि यहां बीजेपी के नेता बने हैं, इसी डर से कांग्रेस ने बयान दे रही है.’ महिलाओं को पैसे उधार देने पर उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर आरोप नहीं हैं’ और संबंधित महिला ने खुद को स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलएफ़टी हार के डर से झूठ फैला रहे हैं। सोभा सुंदरन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता उन्हें ही अनुयायी मानती जा रही है। बीजेपी ने भरोसा जताया कि इस बार पलक्कड में जीत तय है। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | पलक्कड़ में महिला मतदाताओं को पैसे देने के कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप पर प्रदेश बीजेपी महासचिव एस सुरेश कहते हैं, ”ये गंभीर आरोप नहीं हैं. महिला ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया है. लेकिन कुछ लोग… pic.twitter.com/aJWuqCZjPt – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 लेफ्ट का भी आरोपइधर, प्लाकॉक के विधायक राहुल मैमकुथिल ने भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप अपना पैसा अलग-अलग तरह से फैला सकते हैं, लेकिन पलक्क के दम पर एक भी वोट नहीं खरीदा जा सकता।” उन्होंने कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतियोगी के सहयोगी को जनता ने पैसे बांटते हुए पकड़ा था, जो बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समर्थकों पर भी सवाल उठाए हैं. श्रीशिशन ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा न होने से अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अधिकारियों ने प्रस्ताव पेश किए, लेकिन वहां बैलेट की व्यवस्था ही नहीं की गई। #घड़ी | अदूर, केरलम: राज्य विधानसभा चुनावों पर पलक्कड़ के विधायक राहुल मामकुत्तथिल कहते हैं, “…आप अपनी विचारधारा फैला सकते हैं, लेकिन आप पैसे से पलक्कड़ में एक भी वोट नहीं खरीद सकते। हाल ही में, एक उम्मीदवार और उसके करीबी सहयोगी पर वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाया गया था। एक सहयोगी,… pic.twitter.com/ZThRY68SkY – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर लड़ रहे चुनाव, दिलचस्प है इस सीट पर चुनावी लड़ाई

‘सूबेदार’ मेरे लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बड़ा मौका रही:गौरव कुमार बोले- अनिल कपूर सर के साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा था

‘सूबेदार’ मेरे लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बड़ा मौका रही:गौरव कुमार बोले- अनिल कपूर सर के साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा था

रायबरेली से निकलकर हिंदी और तेलुगु सिनेमा में अपनी पहचान बना रहे गौरव कुमार एक बहुमुखी अभिनेता और फिल्ममेकर हैं। हाल ही में वे अनिल कपूर की फिल्म ‘सूबेदार’ में नजर आए हैं। अपनी सफल फिल्म ‘रायबरेली’ के बाद अब वे ‘प्रधानी’, ‘लाल दाना’ और ‘सूअर’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए नई संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। उनसे खास बातचीत… ‘सूबेदार’ में काम करने का मौका कैसे मिला? कास्टिंग प्रोसेस कैसा रहा? सच कहूं तो यह एक इत्तेफाक जैसा था। ‘कास्टिंग बे’ ने लखनऊ में पांच दिन का ऑडिशन रखा था। मुझे लगा शायद यह फेक होगा, क्योंकि पांच दिन लंबा ऑडिशन? लेकिन एक दोस्त जबरदस्ती ले गया। वहां कास्टिंग डायरेक्टर्स को मेरा लुक पसंद आया, फिर दो बार और ऑडिशन हुआ। जब उन्होंने बताया कि फिल्म में अनिल कपूर जी हैं, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बचपन से उनकी ‘नायक’ जैसी फिल्में देखी हैं, हम उनके काम के कायल रहे हैं। ऑडिशन के दौरान मैंने किसी को यह नहीं बताया था कि मैं पहले भी 2-3 फिल्में कर चुका हूं। ‘रायबरेली’ नाम की फिल्म में मैंने सोलो रोल किया है। सेट पर अनिल कपूर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? आज भी वे 20-25 साल के लड़के जैसी एनर्जी रखते हैं। मेरा 15 दिन का शेड्यूल था, जिसमें उनके साथ स्क्रीन स्पेस मिला। वे अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार और गंभीर हैं। डायरेक्टर जो कहते हैं, वही करते हैं। शूट के बाद वे मस्ती-मजाक भी करते थे। उन्होंने मुझसे ‘नायक’ फिल्म के कई किस्से साझा किए, खासकर कीचड़ वाला सीन, बताते थे कि वह कितना मेहनत भरा था। फिल्म में आपके किरदार और सह-कलाकारों के बारे में बताएं? फिल्म में मुझे अच्छा-खासा स्क्रीन स्पेस मिला है। मैं फैजल मलिक (सीरीज ‘पंचायत’ फेम) के राइट हैंड के तौर पर हूं । फैजल भाई बेहद शानदार इंसान हैं। उनके साथ काम करके बहुत मजा आया। इसके अलावा परेश रावल जी के बेटे आदित्य रावल भी फिल्म में हैं, उन्होंने भी जबरदस्त काम किया है। क्या आपने सेट पर बताया कि आप खुद फिल्म बना चुके हैं? सौरभ शुक्ला और फैजल मलिक को हमने यह बात बताई, क्योंकि उनका थिएटर से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने इसकी काफी तारीफ की। जब हमने बताया कि हम भारतेंदु नाट्य अकादमी से पासआउट हैं, तो वे और भी खुश हुए। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा- ‘बहुत बढ़िया, यह तो और भी अच्छी बात है।” उनका मानना है कि जितना सीखकर और पढ़कर जाएंगे, वह अनुभव आगे जरूर काम आएगा। इंडिपेंडेंट फिल्मों और बड़े बैनर के साथ काम करने में क्या अंतर है? सबसे बड़ा अंतर प्रोफेशनलिज्म और ईमानदारी का है। बड़े स्टार्स समय से सेट पर आते हैं और काम के दौरान पूरी तरह गंभीर रहते हैं। डायरेक्टर सुरेश त्रिवेणी और अनिल कपूर जी ने मेरे काम और लुक की तारीफ की। यहां तक कि उनके बॉडीगार्ड ने आकर बताया कि सर आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे। यह मेरे लिए बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। ‘सूबेदार’ एक सस्पेंस थ्रिलर है और उम्मीद है कि इसके दूसरे पार्ट में भी मेरा किरदार नजर आए। सोशल मीडिया के दौर को एक एक्टर के तौर पर कैसे देखते हैं? सोशल मीडिया आज की जरूरत है। कास्टिंग एजेंसियां अब फॉलोअर्स भी देखती हैं, क्योंकि वे प्रमोशन में काम आते हैं। मैं भी अब अच्छे और संदेशपूर्ण कंटेंट पर काम करने जा रहा हूं। लेकिन एक बात जरूर कहूंगा,एक्टिंग और यूट्यूबिंग में फर्क है। जो लोग मुंबई आना चाहते हैं, उन्हें सीखकर आना चाहिए। पढ़ाई बहुत जरूरी है। सिर्फ किसी के कहने पर कि “तुम हीरो लगते हो” या “मुंबई जाकर ट्राई करो”, बिना सोचे-समझे कदम न उठाएं। सबसे जरूरी है खुद को समझना कि आप अभिनय कर सकते हैं या नहीं। क्या आपने किसी टैलेंट एजेंसी से जुड़ने की कोशिश की? अभी मैं किसी एजेंसी से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन इसके बारे में अच्छी जानकारी ली है। आमतौर पर एजेंसियां 2 या 5 साल का एग्रीमेंट करती हैं। उस दौरान आप जो भी काम करते हैं, वह उनकी जानकारी और अनुमति से होता है। यह सिस्टम प्रोफेशनल है। अगर आप पारदर्शिता रखते हैं और उनसे सलाह लेते हैं, तो वे आपके करियर को सपोर्ट करती हैं। इस वक्त आप किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं? मेरी एक फिल्म ‘सूअर’ OTT के लिए आने वाली है, जिसमें मेरा लुक बिल्कुल अलग होगा। इसके अलावा ‘लाल दाना’ और ‘प्रधानी’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है। ‘प्रधानी’ एक रियलिस्टिक फिल्म है, बिल्कुल ‘पंचायत’ की तरह, जिसमें गांव की राजनीति और प्रधान के कामकाज को असली अंदाज में दिखाया गया है। ‘रायबरेली 2’ का क्या अपडेट है? ‘रायबरेली’ को बहुत प्यार मिला। अब हम ‘रायबरेली 2’ की तैयारी कर रहे हैं और कोशिश है कि इसकी शूटिंग इसी साल शुरू हो। मेरा मकसद लोकल टैलेंट को मौका देना है, जो आर्थिक कारणों से मुंबई नहीं जा पाते। पॉजिटिव के साथ कुछ निगेटिव फीडबैक भी मिला, इसलिए अगली फिल्म में उन कमियों को दूर करने की कोशिश करूंगा। एक दिलचस्प बात यह रही कि मुंबई में ऑडिशन के दौरान लोग ‘रायबरेली’ को ‘बरेली’ समझ रहे थे। तभी सोचा कि अपने शहर के नाम से फिल्म बनाऊंगा, ताकि उसकी पहचान बने। ‘रायबरेली’ की फंडिंग कैसे हुई थी? फिल्म की फंडिंग हमारे मित्र विनीत यादव (इटावा/मैनपुरी) के जरिए हुई। शुरुआत में वे थोड़ा हिचकिचा रहे थे, लेकिन हमने उन्हें कन्विंस किया और लोकेशन व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी खुद ली। अब यूपी सरकार भी फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। अगर 70 प्रतिशत शूट यूपी में होता है, तो सब्सिडी मिलती है, जिससे फिल्ममेकर्स को काफी मदद मिलती है।