अचानक मुंह में मक्खी या मच्छर चले जाने पर घबराएं नहीं, जानिये एक्सपर्ट की सलाह

अक्सर टहलते समय, बात करते हुए या गाड़ी चलाते हुए अचानक मच्छर या मक्खी मुंह में चली जाती है. यह स्थिति डराने वाली हो सकती है, लेकिन अधिकतर मामलों में घबराने की जरूरत नहीं होती. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छोटे कीड़े गलती से निगल लेना आमतौर पर नुकसानदेह नहीं होता, क्योंकि हमारा पाचन तंत्र उन्हें संभाल सकता है. 1) तुरंत क्या करें शांत रहें: घबराने से खांसी या उल्टी जैसा रिफ्लेक्स बढ़ सकता है.मुंह खोलकर थूक दें: अगर कीड़ा अभी मुंह में है तो तुरंत बाहर थूकें.पानी से कुल्ला करें: सादा पानी या हल्का नमक‑पानी गले की जलन कम करता है.धीरे‑धीरे पानी पिएं: इससे गले में अटकन का एहसास कम होता है. 2) क्या यह खतरनाक हो सकता है? सामान्य मक्खी/मच्छर: अधिकतर मामलों में सुरक्षित. पेट का एसिड कीड़ों को नष्ट कर देता है.बीमारी का खतरा: मच्छर‑जनित बीमारियां काटने से फैलती हैं, निगलने से नहीं.अपवाद: अगर मधुमक्खी/ततैया जैसे डंक मारने वाले कीड़े अंदर चले जाएं, तो गले में सूजन हो सकती है, यह स्थिति गंभीर हो सकती है. 3) किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं सांस लेने में दिक्कतहोंठ, जीभ या गले में तेज सूजनलगातार उल्टी, चक्कर या बेहोशीत्वचा पर पित्ती/एलर्जी के लक्षणये संकेत एलर्जिक रिएक्शन (एनाफिलैक्सिस) के हो सकते हैं और तुरंत इलाज ज़रूरी है. 4) एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं उल्टी कराने की कोशिश न करें, इससे जलन बढ़ सकती है.अगर खांसी से बाहर न आए और सांस में रुकावट लगे, तो इमरजेंसी मदद लें.अस्थमा या एलर्जी वाले लोग विशेष सावधानी रखें. 5) भविष्य में कैसे बचें बाहर खाते‑पीते समय गिलास ढकेंसाइक्लिंग/जॉगिंग के दौरान मुंह बंद रखेंमच्छर‑रोधी उपाय अपनाएं अचानक मच्छर या मक्खी मुंह में चले जाना एक आम घटना है और ज़्यादातर मामलों में हानिरहित ही है. सही कदम उठाएं, लक्षणों पर नज़र रखें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सक की सहायता लें.
लेटेंट विवाद पर समय रैना के बड़े खुलासे:कहा- कपिल शर्मा मेरे अगले एपिसोड में आने वाले थे; सुनील पाल, मुकेश खन्ना पर कसा तंज

स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना ने अपने नए यूट्यूब स्पेशल ‘समय रैना- स्टिल अलाइव’ के साथ वापसी की है। पिछले साल ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो को लेकर हुए भारी विवाद के बाद यह उनका पहला बड़ा वीडियो है। मंगलवार को रिलीज हुए इस 1 घंटे 21 मिनट के स्पेशल में समय ने उन सभी सेलेब्स को जवाब दिया है जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनकी आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने अपने फैंस को बताया कि वे जल्द ही ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन 2 लेकर आ रहे हैं। समय ने लेटेंट विवाद को ‘क्रॉस फायर’ बताया है, जिसमें एक कश्मीरी होने के नाते वे बीच में फंस गए। मुकेश खन्ना और बी प्राक पर साधा निशाना विवाद के दौरान मुकेश खन्ना (शक्तिमान) और सिंगर बी प्राक ने समय की काफी आलोचना की थी। इस पर पलटवार करते हुए समय ने कहा, “शक्तिमान कह रहे थे कि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर क्या असर पड़ेगा। भाई, जब शक्तिमान आता था, तब हर दूसरे महीने खबर आती थी कि किसी बच्चे ने शक्तिमान समझकर छत से छलांग लगा दी। आपने तो बच्चे मारे हैं, आप क्या बोल रहे हो?” वहीं बी प्राक के लिए उन्होंने कहा कि उन्हें किसी ने पॉडकास्ट पर बुलाया भी नहीं था, फिर भी वे बीच में कूद पड़े। सुनील पाल और कपिल शर्मा का जिक्र समय ने कॉमेडियन सुनील पाल पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि सुनील पाल उन्हें टीवी पर कपिल शर्मा से सीखने की सलाह दे रहे थे, जबकि असलियत में कपिल समय के अगले एपिसोड में आने वाले थे। समय ने दावा किया कि कपिल उन्हें मैसेज करके शो की तारीफ करते थे और खुद को उनका बड़ा फैन बताते थे। समय ने कहा कि एक ‘साफ-सुथरा’ किरदार निभाना उनके लिए बनावटी है और वे अपनी डार्क कॉमेडी के अंदाज को नहीं छोड़ेंगे। रणवीर अल्लाहबादिया पर किया खुलासा समय रैना ने अपने स्पेशल में उस FIR पर खुलकर बात की जो यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के एक कमेंट के कारण हुई थी। समय ने बताया कि उस विवादित एपिसोड में रणवीर ने एक कंटेस्टेंट के माता-पिता को लेकर अभद्र सवाल एक बार नहीं, बल्कि 8 बार पूछा था। समय ने मजाक में कहा, “मैंने एडिट के दौरान उन 8 में से 7 सवाल हटा दिए थे। मैंने तो अपनी तरफ से 99% कीटाणु मार दिए थे, पर एक परसेंट रह गए और विवाद हो गया।” उन्होंने रणवीर की ‘क्लीन इमेज’ पर तंज कसते हुए उन्हें ‘द मंक हू सोल्ड माई फेरारी’ कहा। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन 2 आएगा वीडियो के आखिरी हिस्से में समय ने अपने फ्यूचर प्रोजेक्ट का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ खत्म हो गया है? समय ने कहा, “सीजन 1 इससे बेहतर हाई पॉइंट पर खत्म नहीं हो सकता था। लेकिन मैं सीजन 2 जरूर लाऊंगा क्योंकि मुझे वह काम करने में मजा आता है। अब मैं दुनिया में जब तक हूं, बस मजे करना चाहता हूं।” उन्होंने वादा किया कि अगला सीजन और भी ‘वाइल्ड’ होगा। क्या था 2025 का विवाद? साल 2025 में समय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ अपनी डार्क कॉमेडी और अश्लील चुटकुलों के कारण विवादों में घिर गया था। शो में गेस्ट बनकर आए रणवीर अल्लाहबादिया ने एक कंटेस्टेंट के परिवार पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद पुलिस में FIR दर्ज हुई। भारी दबाव और कानूनी कार्रवाई के चलते समय को वह एपिसोड डिलीट करना पड़ा था और माफी भी मांगनी पड़ी थी।
निवाड़ी में नशे में टंकी पर चढ़ा लड़का:बोला- दादाजी 15 लाख की जमीन 5 लाख में बचे रहे, मैं जान देने यहां आया

निवाड़ी जिले के सिमराखास गांव में बुधवार को एक लड़का जमीन के विवाद को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। शराब के नशे में धुत महेंद्र कुशवाहा गले में फंदा डालकर जान देने की जिद कर रहा था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित नीचे उतारा। महेंद्र अचानक गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया और रस्सी का फंदा गले में डालकर कूदने की धमकी देने लगा। गांव के लोगों ने उसे नीचे आने के लिए बहुत मनाया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। करीब एक घंटे तक वह ऊपर ही चढ़ा रहा और नीचे लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस ने ऊपर चढ़कर बचाया जब लगा कि लड़का गिर सकता है, तो थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह राजपूत खुद अपनी टीम के साथ टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने महेंद्र को पकड़ा और फंदे से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस उसे सही-सलामत नीचे लेकर आई। 15 लाख की जमीन 5 लाख में बिक रही थी महेंद्र ने बताया कि उसके दादाजी के पास सवा एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत 15 लाख रुपए है। गांव के ही कुछ लोग उस जमीन को डरा-धमकाकर सिर्फ 5 लाख रुपए में खरीदना चाहते थे। महेंद्र ने अपने दादाजी को बहुत समझाया कि वे घाटे में जमीन न बेचें, लेकिन जब दादाजी नहीं माने तो उसने गुस्से में शराब पी और मरने के लिए टंकी पर चढ़ गया। पुलिस की फुर्ती की वजह से लड़के की जान बच गई और उसे उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
क्या चॉकलेट खाने से बढ़िया हो जाता है मूड? ब्रेन पर किस तरह होता है असर, जानिए 5 रोचक तथ्य

Last Updated:April 08, 2026, 15:39 IST Chocolate and Mood: चॉकलेट खाने से मूड बेहतर हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद तत्व सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे फील-गुड हार्मोन को बढ़ाते हैं. खासकर डार्क चॉकलेट तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करती है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसके फायदे ज्यादा मिलें और नुकसान न हो. कई रिसर्च में पता चला है कि डार्क चॉकलेट स्ट्रेस कम करती है और मूड बेहतर बनाती है. Chocolate Reduce Stress: जब हमारा मूड खराब होता है, तब ऐसी चीजें खाना का मन करता है, जिससे मूड बेहतर हो जाए. कई लोग इसके लिए चॉकलेट खाना पसंद करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डार्क चॉकलेट खाना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले कुछ तत्व मूड को बेहतर करते हैं और आपका तनाव कम कर सकते हैं. कई लोग इसे कम्फर्ट फूड मानते हैं, क्योंकि इसे खाने के बाद तुरंत अच्छा महसूस होता है. यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं. चॉकलेट में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे भावनाओं को प्रभावित करते हैं. साइंस डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चॉकलेट खाने से हमारे दिमाग में सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर सक्रिय हो जाते हैं. ये सभी फील-गुड केमिकल्स माने जाते हैं, जो खुशी, संतोष और रिलैक्सेशन का एहसास दिलाते हैं. सेरोटोनिन मूड को स्थिर करता है, डोपामाइन हमें खुशी और इनाम जैसा एहसास देता है, जबकि एंडॉर्फिन दर्द और तनाव को कम करते हैं. यही वजह है कि चॉकलेट खाने के बाद मन हल्का और खुश महसूस करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चॉकलेट में एक खास यौगिक पाया जाता है, जिसे फेनाइलएथाइलामाइन कहा जाता है. यह वही रसायन है, जो हमारे दिमाग में तब बनता है, जब हम प्यार में होते हैं या बहुत खुश होते हैं. यह दिमाग में एनर्जी और उत्साह का एहसास पैदा करता है. हालांकि इसकी मात्रा कम होती है, फिर भी यह मूड को थोड़ा बेहतर करने में भूमिका निभा सकता है. डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में तनाव को कम करने और दिमाग के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट का सेवन कोर्टिसोल हार्मोन को कम कर सकता है. इससे चिंता और तनाव कम होता है. चॉकलेट का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनोवैज्ञानिक रूप से भी हमें खुशी देता है. इसका स्वाद, खुशबू और बचपन की यादें भी हमारे दिमाग को सकारात्मक संकेत देती हैं. जब हम चॉकलेट खाते हैं, तो हमें एक रिवॉर्ड जैसा एहसास होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है. चॉकलेट मूड अच्छा करने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए सही नहीं है. इसमें शुगर और कैलोरी अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है, दांतों की समस्या हो सकती है और ब्लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चॉकलेट सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 15:39 IST
गर्मियों में ठंडक चाहिए? यह खास सौंफ वाली ठंडाई कर देगी कमाल, जानिए घर पर बनाने की आसान रेसिपी

Last Updated:April 08, 2026, 15:15 IST गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना जरूरी होता है. भरतपुर के गांवों में सौंफ से बनी देसी ठंडाई पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि ऊर्जा और पाचन में भी मदद करती है, और पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. भरतपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दिनों में एक पारंपरिक पेय लोगों की पहली पसंद बन जाता है. यह पेय है सौंफ से तैयार की जाने वाली देसी ठंडाई, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करती है. गांवों में लोग इसे पीकर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं और गर्मी के असर से बचने के लिए इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना चुके हैं. ग्रामीण लोगों के अनुसार सौंफ की तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में सौंफ वाली ठंडाई का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह पेय पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों पर काम करने वाले लोग इसे खास तौर पर पसंद करते हैं. क्योंकि यह उन्हें लंबे समय तक ऊर्जा देता है. इस देसी ठंडाई को बनाना भी बेहद आसान है और इसके लिए किसी महंगे सामान की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले ठंडा पानी लिया जाता है, फिर सौंफ को अच्छी तरह साफ करके बारीक पीस लिया जाता है. इसके बाद पिसी हुई सौंफ को पानी में डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चीनी डाली जाती है, जिससे इसका स्वाद मीठा और लाजवाब हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद इसमें थोड़ी सी काली मिर्च मिलाई जाती है, जो इसे हल्का तीखापन और अलग स्वाद देती है. कुछ लोग इसमें बर्फ भी डालते हैं, जिससे यह और ज्यादा ठंडी और ताजगी भरी बन जाती है. ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यह ठंडाई पूरी तरह प्राकृतिक होती है और इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं होता, इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पदार्थों के मुकाबले यह सस्ती और ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है. सौंफ वाली यह देसी ठंडाई न केवल गर्मी से राहत देती है, बल्कि परंपरा और स्वाद का भी बेहतरीन उदाहरण है. यही कारण है कि भरतपुर के गांवों में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे खूब पसंद करते हैं. First Published : April 08, 2026, 15:15 IST
कच्चा तेल 15% सस्ता होकर 94.27 डॉलर पर आया:वजह- अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर; पेट्रोल-डीजल सस्ते होने की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल 15% सस्ता हो गया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम आज (8 अप्रैल) करीब 15% यानी 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 6 साल में तेल की कीमतों में यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल पर थी। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था। फिर जंग के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए थे। क्रूड ऑयल में तेजी की वजह सीजफायर सीजफायर से ग्लोबल मार्केट उछले, डॉलर गिरा युद्ध थमने की खबरों से ग्लोबल शेयर बाजारों में तेजी आई है। अमेरिका का SP 500 फ्यूचर्स 2% और यूरोपीय बाजार 5% तक चढ़ गए। भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में भी करीब 4% की तेजी देखने को मिल रही है। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से डॉलर की वैल्यू में गिरावट आई है, क्योंकि अब सुरक्षित निवेश के तौर पर लोग डॉलर के बजाय शेयरों की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि, सोने की कीमतों में सीजफायर की उम्मीद से हल्की बढ़त देखी गई है। क्या कच्चे तेल की कीमतें और गिरेंगी? एनालिस्ट्स का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। आईजी के एनालिस्ट टोनी सिकामोर के मुताबिक, यह एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन अभी कई अगर-मगर बाकी हैं। एक्सपर्ट्स को डर है कि अगर दो हफ्ते बाद स्थायी समझौता नहीं हुआ, तो तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार जा सकती हैं। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या-क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए सबसे जरूरी है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का करीब 85% तेल दूसरे देशों से खरीदते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें गिरती हैं, तो भारतीय अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। 1. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी: कच्चा तेल सस्ता होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (जैसे IOC, BPCL, HPCL) पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर सकती हैं। इससे ट्रांसपोर्टेशन लागत घटती है, जिसका सीधा असर आपके महीने के बजट पर पड़ता है। 2. महंगाई दर पर लगाम: भारत में महंगाई का सीधा कनेक्शन डीजल की कीमतों से है। जब डीजल सस्ता होता है, तो ट्रकों का भाड़ा कम हो जाता है। इससे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य रोजमर्रा के सामानों की ढुलाई सस्ती पड़ती है।इससे बाजार में खाने-पीने की चीजों के दाम कम होने लगते हैं। 3. करंट अकाउंट डेफिसिट में सुधार: भारत तेल खरीदने के लिए भारी मात्रा में डॉलर का भुगतान करता है। अगर तेल सस्ता होता है, तो भारत का इंपोर्ट बिल कम हो जाता है। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होती है और करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) कम होता है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है। 4. भारतीय रुपये को मजबूती: जब तेल का बिल कम होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग कम हो जाती है। इससे डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है। मजबूत रुपया आयात की जाने वाली अन्य चीजों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी) को भी सस्ता बनाने में मदद करता है। 5. सरकारी सब्सिडी का बोझ कम होना: सरकार एलपीजी (LPG) और केरोसिन जैसी चीजों पर सब्सिडी देती है। कच्चा तेल सस्ता होने से सरकार पर सब्सिडी का वित्तीय बोझ कम हो जाता है। इस बचे हुए पैसे को सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में निवेश कर सकती है। 6. कॉर्पोरेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी: पेंट, टायर, लुब्रिकेंट, फर्टिलाइजर और लॉजिस्टिक सेक्टर की कंपनियों के लिए कच्चा तेल एक मुख्य कच्चा माल है। तेल सस्ता होने से इन कंपनियों की लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है, जिससे शेयर बाजार में भी पॉजिटिव असर देखने को मिलता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर प्रति बैरल की कमी आती है, तो भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट यानी चालू खाता घाटे (CAD) में करीब 9-10 बिलियन डॉलर की कमी आ सकती है और महंगाई दर में भी लगभग 0.5% तक की राहत मिल सकती है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल की कीमतें बढ़ी थीं जंग शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज रूट को लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से न केवल तेल, बल्कि एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी भारी तेजी आने लगी थी। ब्रिटेन और यूरोप में भी दवाओं और जरूरी चीजों की कमी होने का खतरा बढ़ गया था, क्योंकि शिपिंग का खर्च कई गुना बढ़ गया है। मार्च में 60% महंगा हुआ था क्रूड ऑयल मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 60% का उछाल आया था, जो 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी के आखिरी में ब्रेंट क्रूड 72.48 डॉलर पर था, जो मार्च में 120 डॉलर के पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल की जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में भारत के कुल कच्चे तेल और पेट्रोलियम आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कच्चे तेल का भाव बढ़ने से भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। तेल की कीमतें 10 डॉलर बढ़ने से 0.60% बढ़ेगी महंगाई इससे पहले रेटिंग एजेंसी केयरएज ग्लोबल ने कहा था कि कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ोतरी से भारत में रिटेल महंगाई 60 बेसिस पॉइंट्स (0.60%) तक बढ़ सकती है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है, ऐसे में वहां के हालात बिगड़ने से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट, GDP ग्रोथ और रुपए की वैल्यू पर भी दबाव बढ़ेगा। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 3000 अंक चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा:
आलू मंचूरियन रेसिपी: घर पर बनाना है कुछ खास? मसाला करें चटपटा आलू मंचूरियन, शाम की भूख के लिए है परफेक्ट रेसिपी

8 अप्रैल 2026 को 14:39 IST पर अद्यतन किया गया इंस्टेंट मंचूरियन रेसिपी: यह सबसे आसान और स्वादिष्ट आलू मंचूरियन रेसिपी, आपके शाम के मसाले को बनाएं देवी और भी खायें। खासकर बच्चों को इस तरह की चीजें काफी आनंददायक होती हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)चटपटा आलू मंचूरियन रेसिपी(टी)आलू मंचूरियन रेसिपी(टी)चटपटा आलू मंचूरियन(टी)मंचूरियन बॉल्स कैसे बनाएं(टी)चाइनीज रेसिपी(टी)शाम का नाश्ता(टी)आलू मंचूरियन रेसिपी(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी
सलमान खान का सपोर्ट मिलने से खुश हैं राजपाल यादव:कहा- भाईजान का आशीर्वाद साथ है; अवॉर्ड शो में मजाक बनाने पर एक्टर ने दी थी प्रतिक्रिया

अवॉर्ड शो में मजाक उड़ाए जाने के मामले में सलमान खान का सपोर्ट मिलने से राजपाल यादव बेहद खुश हैं। दरअसल, हाल ही में स्क्रीन अवॉर्ड में होस्ट जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस और उधार पर तंज कसते हुए एक कमेंट किया था, जिसके बाद कई फैंस ने इसे एक्टर का अपमान माना। वीडियो वायरल होने के बाद सलमान खान ने राजपाल के सपोर्ट में पोस्ट की थी। राजपाल यादव मंगलवार रात फिल्ममेकर रामगोपाल वर्मा के बर्थडे में शामिल हुए थे। इस दौरान पैपराजी से बात करते हुए उन्होंने सलमान खान का सपोर्ट मिलने पर खुशी जताते हुए कहा, आज खुश भी बहुत हूं, क्योंकि आज आशीर्वाद साथ में है। आगे राम गोपाल वर्मा का भी आभार व्यक्त करते हुए राजपाल यादव ने कहा, ‘आज यहां राम गोपाल वर्मा सर के बर्थडे में आने का सौभाग्य मिला है। ये हमारी जिंदगी के ऐसे डेयरिंग डायरेक्टर रहे हैं, जिन्होंने मुझे कॉमेडियन बनाया, जिन्होंने मुझे विलेन बनाया, जिन्होंने मुझे मैन लीड बनाया। एक नहीं 17-17 फिल्में आपके डायरेक्शन में करने का मौका मिला।’ सलमान खान ने मजाक बनाए जाने पर किया था सपोर्ट 5 अप्रैल को मुंबई में स्क्रीन अवॉर्ड आयोजित किया गया था।जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी और कॉमेडियन जाकिर खान ने अवॉर्ड का एक हिस्सा होस्ट किया। इस दौरान राजपाल यादव से बात करते हुए सौरभ द्विवेदी ने उनके चेक बाउंस केस का मजाक उड़ाया। राजपाल यादव माइक पर डॉलर के रेट बढ़ने-घटने और यूथ पर एक बयान दे रहे थे। तभी सौरभ द्विवेदी ने तंज कंसने के अंदाज में कहा, ‘डॉलर का रेट चाहे बढ़े या घटे, आपको उतने ही पैसे लौटाने हैं जितने आपने उधार लिए थे।’ जल्द ही ये वीडियो वायरल हो गया और फैंस राजपाल यादव का मजाक बनाए जाने से नाराज हो गए। इसी बीच सलमान खान ने राजपाल यादव के इस वीडियो पर रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” आगे सलमान ने लिखा “ये याद रखना कि कभी-कभी फ्लो में कुछ बातें निकल आती हैं। अगर कुछ देना ही है तो दिमाग में रखो और दिल से काम करो। डॉलर ऊपर हो या नीचे, क्या फर्क पड़ता है, पैसा तो इंडिया में ही देना है।” राजपाल यादव ने सलमान की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए लिखा “सलमान भाई मेरे तीस साल के सफर को सराहने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। आप हमेशा बड़े भाई की तरह रास्ता दिखाते आए हैं, लव यू भाई।” इसके अलावा राजपाल यादव ने एक वीडियो जारी कर फैंस से अपील की कि उनका मजाक उड़ाने वाले सौरभ द्विवेदी की निंदा न की जाए, क्योंकि वो उनके लिए छोटे भाई की तरह हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अवॉर्ड शो में सौरभ ने उनके लिए खड़े होकर तालियां बजवाई थीं।
केन-बेतवा परियोजना का काम दूसरे दिन भी ठप:छतरपुर में आदिवासी-किसानों ने बांध स्थल पर किया प्रदर्शन

सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए शुरू की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना अब बड़े जनविरोध का केंद्र बन गई है। अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे आदिवासी, किसानों और ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। इसके चलते 44 हजार करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा। बिजावर अनुविभाग में चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए हजारों की संख्या में आदिवासी किसान, महिलाएं और ग्रामीण ढोढन बांध स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने काम कर रही मशीनों के सामने खड़े होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जो हाथों में तख्तियां लेकर “जल, जंगल, जमीन” की लड़ाई का ऐलान कर रही हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने बताया कि 5 अप्रैल से ही आदिवासी महिलाएं बांध स्थल पर डटी हुई हैं और तभी से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्ते में प्रताड़ित किया गया और उनके द्वारा इकट्ठा किया गया राशन भी छीन लिया गया। भटनागर के अनुसार, “यह अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।” उन्होंने प्रशासन पर झूठे आश्वासन देने और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। यह विरोध केन नदी पर प्रस्तावित 77 मीटर ऊंचे और 213 किलोमीटर लंबे ढोढन बांध के निर्माण को लेकर हो रहा है। परियोजना के तहत केन और बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 221 किलोमीटर लंबी नहर और 2 किलोमीटर की टनल भी बनाई जानी है। पन्ना नेशनल पार्क के कोर क्षेत्र के पास चल रहे इस निर्माण को लेकर पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे भी उठ रहे हैं। प्रशासन की समझाइश नाकाम, पुलिस बल तैनात.. स्थिति को संभालने के लिए सटई तहसील के तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। गौतम ने कहा कि प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल बांध स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। देखें मौके की तस्वीरें
मैं प्राकृतिक रूप से कोरियाई होंठ कैसे प्राप्त कर सकता हूं: अंधेरे होंठों से मिनटों में बाहर, घर पर अपनाएं ये आसान कोरियाई होंठ देखभाल रूटीन

8 अप्रैल 2026 को 13:46 IST पर अद्यतन किया गया मैं प्राकृतिक रूप से कोरियाई होंठ कैसे पा सकता हूं: काले और काले होंठ से गायब हैं, तो घर पर ही आसान कोरियाई होंठ देखभाल अपना सकते हैं। आइए जानें इस समस्या से मिनटों में कैसे निपटें। (टैग्सटूट्रांसलेट) कोरियाई गुलाबी होंठ स्वाभाविक रूप से (टी) गुलाबी होंठ कैसे पाएं (टी) प्राकृतिक होंठ देखभाल दिनचर्या (टी) घर का बना लिप स्क्रब (टी) चुकंदर लिप टिंट DIY (टी) मुलायम गुलाबी होंठ युक्तियाँ (टी) कोरियाई सौंदर्य होंठ देखभाल (टी) काले होंठ उपचार घरेलू उपाय






