कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत, मिलर का 106 मीटर लंबा सिक्स; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। डेविड मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पढ़िए GT Vs DC मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात की रन के हिसाब सबसे छोटी जीत गुजरात टाइटंस ने रन के हिसाब से सबसे छोटी जीत हासिल की। टीम की जीत एक रन की रही। टीम ने 2024 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 6 रन, 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 7 रन, 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 8 रन और उसी साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 14 रन से जीत दर्ज की थी। 2. बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे हुए। इस मैच में उन्होंने 5 सिक्स लगाए। सबसे ज्यादा सिक्स के मामले में क्रिस गेल (1056), कीरोन पोलार्ड (982), आंद्रे रसेल (784), निकोलस पूरन (712) उनसे आगे हैं। इसके अलावा बटलर ने एक ही पारी में 14वीं बार 5 या उससे ज्यादा सिक्स भी लगाए। यहां से टॉप-9 मोमेंट्स… 1. सुदर्शन-गिल ने चौके से अपना खाता खोला साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही बॉल पर सुदर्शन ने पैड्स पर आई गेंद को मिडविकेट के पार खेलकर बाउंड्री हासिल की। इसके बाद सिंगल लेकर उन्होंने गिल को स्ट्राइक दी। गिल ने ओवर की तीसरी बॉल पर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाते हुए चौका जड़ दिया। 2. बटलर का 96 मीटर लंबा सिक्स जोस बटलर ने मुकेश कुमार के ओवर में 3 सिक्स लगाए। 5वें ओवर की पहली दो बॉल पर बटलर ने दो सिक्स लगा दिए। उन्होंने पहली गेंद पर स्कूप शॉट खेला, इसके बाद दूसरी गेंद पर सामने की दिशा में सिक्स लगा दिया। यह सिक्स 96 मीटर लंबा रहा। इसके बाद बटलर ने ओवर की पांचवीं गेंद पर भी सिक्स लगाया। बाद में बटलर 52 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। 3. कैच छूटने के बाद गिल ने चौके से फिफ्टी पूरी की 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर शुभमन गिल को जीवनदान मिला। अक्षर पटेल की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर डेविड मिलर से उनका कैच छूट गया। गिल ने आगे बढ़कर शॉट खेला, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद हवा में चली गई। मिलर ने दौड़कर कैच पकड़ने की कोशिश की। लेकिन गेंद सिर्फ उंगलियां में ही लग सकी। इसके बाद गिल ने 14.5 ओवर में लुंगी एनगिडी की गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और 70 रन बनाकर आउट हुए। 4. वाशिंगटन की सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी वॉशिंगटन सुंदर ने सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी पूरी की। 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर टी नटराजन ने फुल टॉस डाली। सुंदर ने झुककर शॉट खेला और गेंद को डीप स्क्वायर लेग के पार सिक्स के लिए भेज दिया। 5. दिल्ली ने पहले ओवर में 3 चौके लगाए पहले ओवर में दिल्ली ने 3 चौके लगाए। पाथुम निसांका ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ ओवर की दूसरी, तीसरी और आखिरी गेंद पर शानदार चौके जड़े। उन्होंने कवर और सीधा शॉट खेलकर गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाया। 6. राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर फिफ्टी पूरी की राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर अपनी 41वीं IPL फिफ्टी पूरी की। 9वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ केएल राहुल ने पहले चौका जड़ा, फिर बैक-टू-बैक दो सिक्स लगाए और आखिर में एक और चौका लगाकर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इस ओवर से कुल 21 रन आए। 7. डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए और बाद में बल्लेबाजी के लिए लौटे। 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मिलर कलाई में चोट लगने के कारण रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए, उनकी जगह अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद 17वें ओवर की चौथी गेंद पर ट्रिस्टन स्टब्स 7 रन बनाकर साई सुदर्शन के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हो गए। स्टब्स के आउट होने के बाद मिलर फिर से क्रीज पर बैटिंग के लिए लौटे। 8. मिलर ने 106 मीटर का सिक्स लगाया मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगा दिया। 20वें ओवर की चौथी गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने फुल लेंथ गेंद डाली, जिस पर डेविड मिलर ने लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से स्टेडियम के बाहर 106 मीटर दूर भेज दिया। 9. कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट हुए मैच के आखिरी ओवर में दिल्ली को 13 रनों की जरूरत थी। विपराज निगम ने प्रसिद्ध कृष्णा की पहली बॉल पर चौका लगा दिया था। फिर वे दूसरी बॉल पर गिल को कैच थमा बैठे। ओवर की चौथी बॉल पर मिलर ने सिक्स लगाया। लेकिन, 5वीं बॉल पर सिंगल लेने से मना कर दिया और मैच टाई कराने का मौका गंवाया। आखिरी बॉल पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। ———————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज KKR vs LSG:नाइट राइडर्स को सीजन में पहली जीत तलाश, कोलकाता में बारिश के 90% चांस IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। पूरी खबर
ग्वालियर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले पांच गिरफ्तार:गांव में बदमाश पकड़ने गई पुलिस पर चलाई थीं गोलियां, बंदूक व कार बरामद

शराब दुकान के मैनेजर पर ढाई घंटे में दो बार हमला करने और उसके रिश्तेदार को गोली मारने वाले बदमाशों को पकड़ने पहुंची पुलिस की पनिहार के मिर्चा गांव में आरोपियों से आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। बदमाशों ने खेतों में पुलिस को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पांच आरोपी फरार हो गए थे। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झांसी रोड के शीतला माता मंदिर रोड से फरार पांचों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले के सभी सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं। टीआई शक्ति सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी शीतला माता मंदिर रोड पर दो कारों में देखे गए हैं और जिले से भागने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही एसआई आकाश वर्मा, एसआई राजवीर सिंह यादव, आरक्षक श्याम, रामवीर और अंगद को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस टीम ने शीतला माता मंदिर रोड पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो और क्रेटा कार आती दिखाई दी। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने वाहन की गति बढ़ाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर दोनों कारों को रोक लिया गया। ये आरोपी पकड़े गए पुलिस ने घेराबंदी कर अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र सिंह गुर्जर, बंटी गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर और गजेंद्र सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया। इनके दो साथी शैलेन्द्र गुर्जर और गिर्राज गुर्जर को एक दिन पहले ही पकड़ा जा चुका था। आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और स्कॉर्पियो कार के अलावा अधिया, .315 बोर की राइफल और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह है मामला पनिहार थाना क्षेत्र के नयागांव में शराब दुकान के मैनेजर कुलदीप गुर्जर के साथ अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर, गजेंद्र और बंटी गुर्जर ने मारपीट की थी। कुलदीप किसी तरह बचकर निकले और मामला दर्ज कराया। इससे नाराज आरोपियों ने झांसी रोड इलाके के शीतला माता मंदिर रोड स्थित याराना ढाबे पर पीड़ित पक्ष को घेरकर फायरिंग कर दी, जिसमें कुलदीप के मामा मोहर सिंह को गोली लग गई थी। पुलिस का कहना एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि मारपीट, हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग के मामले में फरार पांच बदमाशों को झांसी रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से एक अधिया और राइफल बरामद हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
वेदविद्या प्रतिष्ठान के सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट का नोटिस:छड़ी से छात्र को पीटने के बाद फिर सुर्खियों में प्रतिष्ठान, जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय

महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान में छड़ी से छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रतिष्ठान के सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने अहम आदेश जारी करते हुए महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल सहित अन्य के खिलाफ नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने वेद शिक्षक स्वप्निल पाठक द्वारा दायर रिट याचिका में सचिव जड्डीपाल की नियुक्ति को अवैध बताया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है। एडवोकेट गार्गी पाठक ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। उनके अनुसार वर्ष 2017 में जड्डीपाल की नियुक्ति उज्जैन के सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में सचिव पद पर हुई थी। हमने आरटीआई के माध्यम से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान से नियम और आरआर की प्रतियां मांगीं, लेकिन दोनों जगह से कॉपी नहीं मिली। इसके बाद किए गए शोध में पता चला कि सचिव पद पर जड्डीपाल की नियुक्ति पूरी तरह अवैध है और उन्हें नियम विरुद्ध पद पर रखा गया है। गार्गी पाठक ने बताया कि सचिव पद की नियुक्ति के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर होना जरूरी है, जबकि उनकी नियुक्ति उस समय हुई जब वे 2017 में तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठम नामक डीम्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उनका डेप्युटेशन पीरियड 2022 में समाप्त हो गया था, इसके बाद भी मंत्रालय से डेप्युटेशन एक्सटेंशन नहीं हुआ, फिर भी वे 2026 तक सचिव पद पर बने हुए हैं। यह सेक्रेटरी पोस्ट ए ग्रेड की पब्लिक ऑफिसर की पोस्ट है, जिस पर नॉन पब्लिक ऑफिसर को बैठा दिया गया है। बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर जमे रहे याचिकाकर्ता स्वप्निल पाठक ने बताया कि वर्ष 2022 में प्रारंभिक प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी डॉ. जड्डीपाल को उनके मूल संगठन वापस नहीं भेजा गया और वे बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर अवैध रूप से बने रहे। बाद में 15 जून 2023 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 के शब्दों में कथित हेरफेर कर 10 जुलाई 2024 को उनकी प्रतिनियुक्ति को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया। भारत सरकार के नियमों में प्रतिनियुक्ति को 7 वर्ष से अधिक बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे यह विस्तार अवैध हो जाता है। प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 में 10 वर्षों की प्रतिनियुक्ति का कोई उल्लेख नहीं है। भर्ती और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि डॉ. जड्डीपाल प्रतिष्ठान के सचिव के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और संस्थान के उद्देश्यों के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में भारी भर्ती अनियमितताएं, प्रशासनिक धोखाधड़ी और वैदिक विद्वानों तथा वेद पाठशालाओं का उत्पीड़न हुआ है, जो जन नीति के विरुद्ध बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पूर्णतः अपात्र होने के कारण वे इस पद पर बने रहने के अयोग्य हैं और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इसी को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। ये खबर भी पढ़ें.. गुरुकुल में छात्र को डंडे से पीटा…दर्द से चीखता रहा,VIDEO उज्जैन में महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या संस्थान (गुरुकुल) में एक टीचर ने छात्र को डंडे से बेरहमी से पीटा। इस दौरान छात्र दर्द से चीखता रहा, लेकिन टीचर लगातार उसे मारता रहा। घटना का वीडियो शनिवार को सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह छात्र को दूसरे के बिस्तर पर सोने की बात पर पीट रहा था।पूरी खबर पढ़ें
लिंगभेद के आरोप पर मेल नर्सिंग छात्रों की याचिका:100% महिला आरक्षण को चुनौती, 800 पदों पर हो रही है मेडिकल कालेज में नर्स भर्ती

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर होने वाली 800 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के जस्टिस विशाल घगट की एकलपीठ ने सरकार एवं ईएसबी से पूछा है कि नर्सिंग ऑफिसर के पदों में महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण किस आधार पर दिया जा रहा है। मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। संतोष कुमार लोधी एवं अन्य पुरुष अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हाल ही में जारी नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 2 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन (नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026) में नर्सिंग ऑफिसर के पदों को 100% केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थी आवेदन करने से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद के लिए कोई लिंग-आधारित प्रतिबंध नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन में किया गया यह प्रावधान वैधानिक नियमों के विपरीत है याचिका में तर्क दिया गया है कि पुरुष और महिला दोनों एक ही पाठ्यक्रम (B.Sc. नर्सिंग/ GNM) पढ़ते हैं और उनके पास समान योग्यता व पंजीकरण होता है। याचिकाकर्ता की और से बताया गया कि केवल लिंग के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से पूर्णतः बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है। याचिका में मांग की गई है कि विज्ञापन के उस हिस्से को निरस्त किया जाए जो 100% पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित करता है। ये खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने विधायक संजय पाठक को किया तलब भाजपा विधायक संजय पाठक के अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट जस्टिस को फोन लगाने के आपराधिक अवमानना मामले में चीफ जस्टिस की कोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई और अदालत ने संजय पाठक को तलब किया है।पूरी खबर पढ़ें
मटका दाल रेसिपी: वीकेंड पर कुछ अलग, मटके में बनी ये दाल पूरा परिवार का पुल बांध देगा; जानें खास रेसिपी

8 अप्रैल 2026 को 23:32 IST पर अद्यतन किया गया इस बार सप्ताहांत पर आप मिट्टी के मटके में स्वादिष्ट दाल बना सकते हैं। पढ़ें आसान रेसिपी। ये प्राचीन परंपरा और अनोखा स्मोकी फ्लेवर आपके पूरे परिवार को काफी पसंद आएगा। इन खाने में स्वाद तो है कि साथ ही मटके में दाल बनाने से पोषण भी जरूरी रहता है। घर पर टिकट बनवायें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मिट्टी के बर्तन में दाल बनाने की विधि(टी)मिट्टी के बर्तन में दाल कैसे बनाएं(टी)मिट्टी के बर्तन में तड़का दाल(टी)वीकेंड दाल पकाने की विधि(टी)पारंपरिक भारतीय मिट्टी के बर्तन में पकाने की विधि(टी)मटका में दाल कैसे बनाएं
असम विधानसभा चुनाव 2026: विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर; मतदान प्रमाण पत्र की वोटिंग

पूरे असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की पूरी तैयारी है. जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक जरूरतमंदों के लिए स्वतंत्र, सिविल और प्लास्टिक वोटिंग प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। अंतिम चरण के इंटरकॉलेज के तहत, मतदान और प्रेसीडिंग अधिकारियों ने ज़ोरहाट नेशनल बॉयज़ स्कूल से अपने निर्धारित मतदान नामांकन के लिए प्रस्थान किया। इस अधिकारी को विभिन्न मतदान सामग्री के साथ मतदान प्रक्रिया की निगरानी और सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जोर हाट जिले में कुल 886 मतदान केंद्र हैं, जो जोर हाट, टिटाबोर, मरियानी और तेओक क्षेत्र में शामिल हैं। जिले में कुल 7,11,747 पात्र अपने फ्रैंचाइज़ का प्रयोग करेंगे। जिला आयुक्त ने क्या दी जानकारी? जिला आयुक्त जय शिवानी ने बताया कि मतदान के लिए सभी यूनिटें पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे मॉक पोल शुरू होगा और सुबह 7:00 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा पिछले कुछ वर्षों से मतदाताओं और बुजुर्गों के लिए घर से मतदान की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। जोरहाट में लगभग 400 गरीब पहले ही इस सुविधा के तहत अपना वोट डाल चुके हैं। प्रमुख राजनीतिक नामांकन में पवित्र मार्गरीटा और गौरव गोगोई जोर हाट में मतदान करेंगे। इसके अलावा लगभग 15 से 20 पूर्व अल्पसंख्यक, विधायक और अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी यहां अपने फ्रैंचाइज़ का प्रयोग करेंगे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) पर सभी मतदान गश्ती दल के तहत सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत की गई है। जिले के 22 मतदान आयोग को ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गया है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी ‘असुरक्षित’ मतदान केंद्र नहीं है। मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाया मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के स्वीप (सिस्टे वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन) सेल ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है। इसमें मैस्कॉट लॉन्च किया गया, बैचलर में जागरूकता कार्यक्रम, सिनेमा हॉल में विशेष जनसंपर्क का प्रसारण, रेडियो पर प्रचार, कलाकार प्रतियोगिताएं और जिले में रैलियां शामिल हैं। साथ ही, विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर, स्थान और डुप्लिकेट झील के नाम की सूची जारी की गई है, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच, चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारी भी उत्साहित हैं. प्रियंक बोरा ने कहा, “यह मेरा पहला चुनाव कर्तव्य है। मुझे उम्मीद है कि सब कुछ अच्छा होगा और मैं अपनी जिम्मेदारियां पूरी करके निभाऊंगा।” संपूर्ण असम में 126 क्षेत्रफल में कुल 2,49,58,139 कलाकार अपने फ्रैंचाइज़ का अर्थ रखेंगे। प्रशासन ने राज्यभर में प्लास्टिक और रेज़ॉलूशन चुनाव की अपनी पहुंच दोगुनी कर दी है। सभी छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर 9 अप्रैल को होने वाले लोकतांत्रिक महापर्व की पूरी तरह से तैयारी है। यह भी पढ़ें: चुनाव 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव, यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट
धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर कार्रवाई:भड़काऊ पोस्ट के आरोप पर केस दर्ज, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

धार में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में कांग्रेसी नेता गोपाल पाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बुधवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तहसीलदार के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया गया। हालांकि, जेल भेजे जाने से पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली पुलिस ने गोपाल पाल के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में की गई। जानकारी के अनुसार, गोपाल पाल लगातार सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज, देवी-देवताओं और आरएसएस के संबंध में आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे। इन पोस्ट्स के कारण समाज में आक्रोश और तनाव की स्थिति बन रही थी। इस मामले में ब्राह्मण समाज के चेतन शर्मा और दिनेश सोनवानिया ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। ब्लड प्रेशर बढ़ा डॉक्टरों के मुताबिक, गोपाल पाल का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ है। उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखकर उपचार दिया जा रहा है। गोपाल पाल को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का करीबी बताया जाता है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पेट्रोल भरवाकर निकले ग्रामीण की बाइक में लगी आग:कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक, अचानक बंद हुई दोबारा चालू करने पर निकला धुआं

राजगढ़ जिले के जीरापुर में पेट्रोल पंप से लौट रहे एक ग्रामीण की बाइक में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। जानकारी के अनुसार, तमौलिया गांव निवासी तरवर सिंह सोधिया बुधवार शाम करीब 5 बजे पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाकर निकले थे। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक अचानक बंद हो गई। जब उन्होंने दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास किया, तो बाइक से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। आग बुझाने की कोशिश नाकाम रही आग बढ़ती देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना एक छात्रावास के नजदीक हुई, जिससे वहां मौजूद लोग भी मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बाइक मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही।
गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती 4 मई को होगी असम, केरल और पुडुचेरी में 61 मिलियन से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं। प्रतीकात्मक छवि गुरुवार को, 61 मिलियन से अधिक मतदाता मतदान करेंगे क्योंकि असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। यह चुनावी अभ्यास कुल 296 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करता है, जो राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल और क्षेत्रीय दिग्गजों के लचीलेपन के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यावधि बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है। भारत के चुनाव आयोग ने रैलियों की बयानबाजी से मतपेटी की वास्तविकता तक सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय तैनात किए हैं। असम विधानसभा चुनाव में क्या दांव पर है? असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने अभियान को सीमा सुरक्षा और “घुसपैठियों” पर सख्त रुख के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और समान नागरिक संहिता के विवादास्पद कार्यान्वयन के मुद्दों पर केंद्रित किया है। उनका विरोध असम सोनमिलिटो मोर्चा कर रहा है, जो कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई के नेतृत्व वाला एक पुनर्गठित विपक्षी मोर्चा है। विपक्ष ने अपनी रणनीति को आर्थिक शिकायतों की ओर मोड़ दिया है, विशेष रूप से प्रशासनिक कदाचार और बढ़ती जीवनयापन लागत के आरोपों पर राज्य सरकार को निशाना बनाया है। मैदान में 789 उम्मीदवारों के साथ, राजनीतिक परिणाम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या भाजपा की “असमिया पहचान” की कहानी प्रमुख ग्रामीण और चाय-बागान क्षेत्रों में विपक्ष के संयुक्त मोर्चे का सामना कर सकती है। क्या केरल अपनी ऐतिहासिक प्रवृत्ति तोड़ेगा या सत्ता बरकरार रखेगा? केरल में 140 सीटों के लिए राजनीतिक लड़ाई एक परिष्कृत तीन-तरफ़ा संघर्ष बनी हुई है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगातार दूसरे ऐतिहासिक चुनाव को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है, जो राज्य के बदलते राजनीतिक इतिहास में पारंपरिक रूप से दुर्लभ उपलब्धि है। अभियान में एलडीएफ ने अपने सामाजिक कल्याण रिकॉर्ड को उजागर किया है, जबकि वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सत्ता विरोधी भावनाओं और शासन घोटालों पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही, एनडीए ने राज्य में अपनी पहुंच तेज कर दी है, राजीव चंद्रशेखर जैसे हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार बढ़ते वोट शेयर को ठोस सीट लाभ में बदलना चाहते हैं। केरल में रिकॉर्ड 985 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, और चुनाव आयोग ने पेरियार टाइगर रिजर्व जैसे दूरदराज के इलाकों में विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक नागरिक अपने वोट के अधिकार का प्रयोग कर सके। पुडुचेरी में राजनीतिक परिदृश्य कैसे बदल रहा है? पुडुचेरी अपनी 30 निर्वाचित सीटों के लिए एक अद्वितीय गतिशीलता प्रस्तुत करता है, जहां एआईएनआरसी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व वाले मौजूदा एनडीए को एक खंडित लेकिन दृढ़ विपक्ष का सामना करना पड़ता है। धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए), जिसमें कांग्रेस और द्रमुक शामिल हैं, केंद्र शासित प्रदेश को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं, हालांकि वीसीके जैसे गठबंधन सहयोगियों के देर से बाहर निकलने से उनके प्रयास जटिल हो गए थे। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) की एंट्री ने अंकगणित को और अधिक जटिल बना दिया है, जिसने सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस नए परिवर्तन ने अप्रत्याशितता का एक तत्व पेश किया है, जो संभावित रूप से दोनों प्रमुख गठबंधनों के पारंपरिक वोट बैंकों को विभाजित कर रहा है। अंतिम परिणाम कब घोषित किये जायेंगे? हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी चरणों के समापन के साथ 4 मई को की जाएगी। तब तक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) कड़ी सुरक्षा में रहेंगी, जिससे लगभग 300 विधायकों का राजनीतिक भविष्य तय होगा। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST समाचार चुनाव गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान। (छवि: न्यूज18) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर जोरदार हमला बोला, जब चुनाव आयोग ने उपचुनाव अवधि के दौरान राज्य की प्रमुख गारंटी योजनाओं के तहत धन जारी करने पर विवरण मांगा था। कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी, इसे “गरीबों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के खिलाफ साजिश” बताया। ‘योजनाओं को बंद करने की साजिश रच रही बीजेपी’ दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से कल्याण कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा, “भाजपा ने गारंटी योजनाओं के लिए धन जारी करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। यह आयोग के माध्यम से इन कार्यक्रमों को रोकने का एक स्पष्ट प्रयास है। यह गरीबों और बेरोजगार युवाओं पर हमला है और मतदाता उन्हें उचित जवाब देंगे।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में गारंटी योजनाओं पर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और जोर दिया कि सभी भुगतान कानूनी सीमा के भीतर किए जाएं। उन्होंने कहा, “हमारी योजनाएं चुनाव के समय की घोषणाएं नहीं हैं। हम कानून के दायरे में रहकर धन का वितरण कर रहे हैं। भाजपा का पत्र बढ़ती कीमतों से पीड़ित गरीबों की रक्षा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को रोकने की उनकी साजिश का सबूत है।” शिवकुमार ने लाभार्थियों को यह भी आश्वासन दिया कि भुगतान जारी रहने के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछले महीने तक पैसा जारी कर दिया गया है और इस महीने की किस्त चुनाव के बाद जारी की जाएगी। गारंटी योजनाएं बंद नहीं होंगी- हम अपनी बात पर कायम हैं।” ‘चुनाव आयोग का दृष्टिकोण संदेहपूर्ण’ इस बीच, सिद्धारमैया ने कड़े शब्दों में एक बयान में, गारंटी योजना भुगतान के बारे में विवरण मांगने के चुनाव आयोग के कदम पर सवाल उठाया और उसके दृष्टिकोण को “संदिग्ध और भेदभावपूर्ण” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गारंटी योजनाएं उपचुनाव अवधि के दौरान शुरू नहीं की गईं, बल्कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा थीं। सिद्धारमैया ने कहा, “हमारी गारंटी योजनाएं चुनावों के दौरान पेश नहीं की गई हैं। वे 2023 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादों के हिस्से के रूप में लागू किए गए कार्यक्रम हैं और लाभार्थियों को नियमित और पारदर्शी तरीके से धन हस्तांतरित किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों में इसी तरह की योजनाओं पर सवाल नहीं उठाकर दोहरा मापदंड दिखाया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में, नकद हस्तांतरण योजनाओं की घोषणा और कार्यान्वयन चुनाव से पहले किया गया था, फिर भी चुनाव आयोग चुप रहा। यह निष्पक्ष आचरण नहीं है – यह पूर्वाग्रह को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कर्नाटक की योजनाओं की जांच को कमजोर समूहों पर अप्रत्यक्ष हमला बताया। सिद्धारमैया ने कहा, “कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना केवल राजनीतिक नहीं है – यह गरीबों, महिलाओं और कर्नाटक के लोगों पर अप्रत्यक्ष हमला है।” पंक्ति क्या है? विवाद तब पैदा हुआ जब चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर दावणगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों के दौरान विभिन्न गारंटी योजनाओं के तहत जारी किए गए धन का विवरण मांगा। कथित तौर पर यह कदम भाजपा नेताओं की उस शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने चुनाव अवधि के दौरान किश्तें जारी करने पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि इस तरह के भुगतान मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालाँकि, कांग्रेस सरकार का कहना है कि योजनाएँ चल रहे शासन का हिस्सा हैं, न कि चुनाव-समय के प्रोत्साहन का, यह तर्क देते हुए कि भुगतान रोकने से लाखों लाभार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा दावणगेरे और बागलकोट में उपचुनाव प्रचार तेज होने के साथ, गारंटी योजनाओं का मुद्दा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख राजनीतिक टकराव के रूप में उभरा है। कांग्रेस नेताओं ने योजनाओं को एक प्रमुख कल्याणकारी मॉडल के रूप में पेश किया है, जबकि भाजपा ने उनके समय और वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठाया है। जैसे-जैसे राजनीतिक लड़ाई बढ़ती जा रही है, राज्य सरकार के स्पष्टीकरण पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया विवाद के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST समाचार राजनीति ‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक गारंटी योजनाएं(टी)सिद्धारमैया ईसी पत्र(टी)डीके शिवकुमार बीजेपी साजिश(टी)चुनाव आयोग कर्नाटक(टी)कल्याण योजना फंड(टी)उपचुनाव दावणगेरे बागलकोट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी कर्नाटक(टी)गरीबों और महिलाओं पर हमला






