Sunday, 04 Oct 2026 | 01:02 PM

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जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।

सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक नीचे, 22600 पर आया; ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली

सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक नीचे, 22600 पर आया; ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार 6 अप्रैल को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंकों की गिरावट है, ये 22600 के स्तर पर आ गया है। आज ऑयल एंड गैस और फार्मा शेयरों में बिकवाली है। एशियाई बाजार में तेजी अमेरिकी बाजार में 2 अप्रैल को मिला-जुला कारोबार क्रूड 0.48% बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल पर आया आज कच्चा तेल करीब आधा फीसदी ऊपर है। ये 109 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को ईरान जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थे। आज से RBI की मीटिंग: ब्याज दर में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग आज से शुरू हो गई है। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,637 | 22,556 | 22,504 | 22,408 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,320 | 23,814 | 23,875 | 24,142 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता में निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को जगह देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद था। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में यह 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही।

चमकती त्वचा के लिए गोल्ड फेशियल: पॉलिश नहीं, अब घर पर मिनटों में करें गोल्ड फेशियल; बिना खर्च किये सोने सा चमकेगा चेहरा

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घर पर फेशियल कैसे करें: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, चमकीला और चमकता हुआ दिखे। इसके लिए लोग रिटेल रिटेल मैक्सिल गोल्ड फेशियल करवाते हैं। लेकिन अब आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर आसानी से गोल्ड फेशियल कर सकते हैं और वो भी कुछ ही मिनट में। गोल्ड फेशियल क्या होता है? गोल्ड फ़ेशियल एक ऐसा स्कार्फ प्रोजेक्ट है जो त्वचा को गहराई से साफ़ करता है, डेड फ़ेशियल हटाता है और चेहरे पर ग्लो पेश करता है। यह त्वचा को प्लांट और फ्रेशनर की दुकान में मदद करता है। घर पर गोल्ड फेशियल कैसे करें? सफाई सबसे पहले अपने चेहरे को साफ करें। इसके लिए कच्चा दूध लेन और कॉटन डब्बेकर फेस पर तैयार किया जाता है। अब 2-3 मिनिट में हाथ से मसाज करें। यह आपके चेहरे की गंदगी और तेल निकालने में मदद करेगा। स्क्रब अब डेड स्किन रिमूवल के लिए आवेदन करें। इसके लिए 1 चीनी चीनी और 1 मिशिगन पूरे चेहरे पर छोटे हाथ से राँचे और फिर धो लें। मसाज (मालिश) ग्लोम के साथ काम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए एलोवेरा जेल या क्रीम लें और 5-10 मिनट तक चेहरे पर सर्कूल मोशन में मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा चमकदार दिखती है। फेस पैक (फेस पैक) अब फेस पैक रूम। फेस पैक बनाने के लिए 1 मिंट बेसन, 1 हल्दी और थोड़ा दूध या गुलाब जल एक कटोरी में लें। इसे पूरे प्लांट पर फर्नीचर और फैक्ट्री के बाद धो लें। टोनिंग और टिनटिंग आख़िर में गुलाब जल से टोनिंग करें। फिर से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यूनिट। गोल्ड फेसियल के फायदे क्या हैं? चेहरे पर तुरंत चमक आती है। त्वचा की प्रदर्शनी और साफ-सुथरी कलाकृतियाँ। डेड स्किन हटती है। जुर्रियाँ कम होती हैं। कंकाल और ताज़े दिखते हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? आस्था हमेशा के लिए हाथ से बनाएं। अगर आपका स्किन सेन्स प्रतिबंधित है तो पहले पैच टेस्ट करा लें। ज्यादा से ज्यादा बार फेशियल न करें। महीने में 1-2 बार काफी है। अब चमकदार त्वचा पाने के लिए आपको फ्लोर की जरूरत नहीं है। घर पर आसानी से बेचा गया गोल्ड फेशियल भी आकर्षक ही होता है। अगर आप इसे सही तरीके से चलाएंगे, तो आपका चेहरा भी सोने जैसा चमकने लगेगा। यह अवश्य पढ़ें: चेहरे के बाल हटाना: चेहरे से अनचाहे बाल हटाने के लिए काम आएगा ये 3 देसी नुस्खा, 10 मिनट में चेहरे से बाल हटाएं अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

उड़ते पंजाब की दर्दनाक तस्वीर: 4 जवान बेटों को खोया, अब 5वें को ब‍िस्‍तर पर खत्‍म होता देख रहे मां-बाप

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Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को कंधा देने के बाद जोगिंदर पाल और मंजीत कौर की आंखों के आंसू सूखे भी नहीं हैं कि उनका पांचवा बेटा भी बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. ड्रग्स और नशे की लत से बबार्द हो चुके इस परिवार के बुजुर्ग दंपत्ति की आंखों में अब सिर्फ डर, बेबसी और लाचारी बची है, जो हंसते-खेलते पंजाब की आज की असली हकीकत बयां कर रही है. पांच-पांच तंदुरुस्त जवान बेटों के मां-बाप ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उड़ता पंजाब उनके बेटों को इस हालत में पहुंचा देगा. ड्रग्स की लत से बर्बाद हुए इस परिवार के प्रति अब सिर्फ लोगों की संवेदना बची है. पंडोरी मोहल्ले में अपने घर पर बिस्तर पर पड़े 32 साल के बेटे को देखकर मां-बाप अब सिर्फ रोते हैं क्योंकि उसका शरीर सिर्फ हड्डियों का ढांचा बनकर रह गया है और उसकी सांसें भी धीरे-धीरे थम रही हैं. रुला देगी इस पर‍िवार की कहानी  कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी स्थित पंडोरी मोहल्ले के जोग‍िंंदर पाल और मंजीत कौर के घर की कहानी इतनी दर्दनाक है कि जो भी सुन रहा है वह इन दंपत्ति पर तरस खा रहा है. लंबे समय से पड़ोसी बारी-बारी से इस बुजुर्ग जोड़े की मदद करने के लिए सामने आ रहे हैं अपने बेटे की मौत का इंतजार करते हुए, बेबसी से उस जवान लड़के को धीरे-धीरे खत्म होते देख रहे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए मोहल्ले के लोगों ने आखिरकार सरकार ने गुहार लगाई है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक रविवार को इस दुखी जोड़े और मोहल्ले के अन्य निवासियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से सोनू को बचाने और इलाके को नशों से मुक्त कराने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान मंजीत और इलाके की अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंजाब के हर इलाके में और खासतौर पर उनके शहर में हर गली-नुक्कड़ पर नशा खुलेआम उपलब्ध है. यहां तक कि बच्चे-बच्चे जानते हैं कि ड्रग्स कहां मिल ही है. पिछले कुछ सालों में यहां कम से कम 20 युवा नशेड़ियों की मौत हो चुकी है. मंजीत ने कहा, ‘इनमें से तीन मौतें तो सिर्फ हमारे मोहल्ले में ही हुई हैं, और वह भी सिर्फ चार-पांच महीनों के अंदर.’ चार बेटों में दो थे शादीशुदा, बिलख रहे बच्चे उन्होंने बताया, ‘मेरे जिन दो बेटों की मौत हुई, वे शादीशुदा थे और दो कुंवारे थे. अब हमें डर है कि हमारे पांचवें बेटे का भी वही हश्र होगा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने हमसे उसे घर ले जाने के लिए कह दिया, क्योंकि उन्हें उसकी नसें नहीं मिल पा रही थीं और वे उसे सिर्फ मुंह से खाने वाली दवाएं ही दे सकते थे. सरकार को हमारे बेटे को बचाने में हमारी मदद करनी चाहिए.’ उनका सबसे छोटा बेटा करीब दो साल पहले मर गया था. उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार सोनू के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र ढाई साल और छह महीने है. कई परिवार हो गए बर्बाद कुछ अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी दुखभरी कहानियां सुनाईं. एक महिला ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे को छोड़कर चली गई, क्योंकि वह नशा छोड़ना नहीं चाहता था खासकर तब, जब नशा इतनी आसानी से उपलब्ध हो. मंजीत ने कहा कि नशों पर काबू पाने के बारे में राज्य सरकार जो दावे करती है, और जमीनी हकीकत जो है इन दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर है.

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले, शिक्षकों का नेतृत्व अपने परिवार के हितों के लिए वरिष्ठ पार्टियों के नेताओं और सहयोगी दलों के ऊपर विचारधारा दे रहा है। अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने अपनी बहन और वर्तमान सांसद कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया है। मुख्यमंत्री अपने पुत्र, उदयनजी स्टालिन को राजनीतिक विचारधारा के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे पार्टी में परिवार का प्रभाव मजबूत हो रहा है। अर्जुन ने कहा, “वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जैसे कि कनिमोझी और जनरल दुरईमुर्गन, उन्हें अलग कर दिया जा रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जजमेंट क्रिटिकल अब एक प्रमुख लीडरशिप के लिए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों के पद के लिए चयन प्रक्रिया की भी आलोचना की, यह दावा करते हुए कहा गया कि नामांकित मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित हैं, जो उदयनोधी स्टालिन और सबरीसन का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, इससे पार्टी में असंतोष पैदा हुआ है और सहयोगियों में सम्मान बढ़ा है। अर्जुन ने बताया कि मुख्य सहयोगी, कांग्रेस की तरह, अभी भी कई तर्कों पर आधारित निर्णय नहीं मिले हैं, जिससे इस गठबंधन में आंतरिक स्तर पर जमीनी स्तर पर सामंजस्य स्थापित हो रहा है। बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अपने सहयोगियों के साथ मिलकर समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने एमकेएम, कोके जैसे छोटे सिद्धांतों को चुनावी लड़ाई के प्रतीक के रूप में उदाहरण दिया और कहा कि ऐसे ही उनकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को कमजोर कर दिया जाता है। एलायंस गठबंधन की आलोचना करते हुए, अर्जुन ने स्कूल-संचालन के संस्थापक मशडिके की निंदा की और कहा कि यह इसके संस्थापक, विचारधारा विजयकांत की उन्नत विरासत के विपरीत है। ऐसे राजनीतिक गठबंधन पार्टी के मूल दृष्टिकोण को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन और चुनाव में छोटे सहयोगियों और नेताओं पर दबाव डाला जा रहा है। टीवीके की ओर से टीवीके की ओर से दावा करते हुए अर्जुन ने कहा कि पार्टी ने सभी 234 टेलीकॉम पोर्टफोलियो में अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दावा किया है कि एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा टीवीके की ओर चला गया है।

विदिशा में सोमवार को तीन घंटे बिजली बंद रहेगी:तिलक चौक फीडर पर मेंटेनेंस, कई इलाकों में असर; जानिए शेड्यूल…

विदिशा में सोमवार को तीन घंटे बिजली बंद रहेगी:तिलक चौक फीडर पर मेंटेनेंस, कई इलाकों में असर; जानिए शेड्यूल...

विदिशा शहर में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। कंपनी के जोन-1 के अंतर्गत तिलक चौक फीडर पर आवश्यक सुधार और रखरखाव के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय के दौरान अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। वर्तमान में भविष्य में बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह सुधार कार्य किया जा रहा है। हॉस्पिटल रोड और बड़ा बाजार समेत इन इलाकों में रहेगा असर तिलक चौक फीडर से जुड़े कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर देखने को मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से हॉस्पिटल रोड, नीमताल, कागदीपुरा, मुगलटोला, चौरसिया हॉस्पिटल क्षेत्र, तिलक चौक, मेघदूत टॉकीज के आसपास, नंदवाना, बड़ा बाजार, खाई रोड, लोहा बाजार, मीट मार्केट, बजरिया, रीठा फाटक, तोपपुरा और नदीपुरा सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुधार कार्य के दौरान 3 घंटे तक बिजली नहीं रहेगी। सुचारू आपूर्ति के लिए किया जा रहा है सुधार कार्य विद्युत कंपनी के अनुसार, यह मेंटेनेंस कार्य भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर बिजली बंद करने के समय में आंशिक परिवर्तन भी किया जा सकता है। विभाग ने इस कार्य में उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है और लोगों को असुविधा से बचने के लिए समय से पहले जरूरी काम करने की सलाह दी गई है।

नर्मदापुरम में 4.22 करोड़ की मूंग चोरी का मामला:पुलिस मंडी बोर्ड को लिखेगी पत्र; बालाजी इंडस्ट्रीज पर टैक्स चोरी का केस भी चलेगा

नर्मदापुरम में 4.22 करोड़ की मूंग चोरी का मामला:पुलिस मंडी बोर्ड को लिखेगी पत्र; बालाजी इंडस्ट्रीज पर टैक्स चोरी का केस भी चलेगा

नर्मदापुरम के ग्राम चीलाचौन स्थित एकलव्य वेयरहाउस से गायब 4.22 करोड़ रुपए की सरकारी मूंग के मामले में पुलिस अब मंडी बोर्ड को पत्र लिखेगी। पुलिस बोर्ड से जानकारी मांगेगी कि बालाजी इंडस्ट्रीज (लोहारिया रोड) ने चोरी की मूंग खरीदने पर मंडी के पोर्टल से अनुबंध पत्रक कटवाया था या नहीं। यदि अनुबंध पत्रक नहीं भरवाया गया होगा, तो बालाजी इंडस्ट्रीज पर मंडी टैक्स चोरी का मामला भी दर्ज किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर और अभय राजावत जेल में हैं, जबकि मूंग बेचने का मास्टरमाइंड अमित तोमर पिछले डेढ़ माह से फरार है। मास्टरमाइंड बताएगा कहां बेची बाकी 3000 क्विंटल मूंग एसडीओपी संजू चौहान ने दैनिक भास्कर को बताया कि पुलिस इस मामले के हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। एकलव्य वेयरहाउस से मूंग चोरी के बाद बालाजी इंडस्ट्रीज के अलावा बाकी 3000 क्विंटल मूंग कहां-कहां बेची गई, इसकी जानकारी मुख्य आरोपी अमित तोमर की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगी। आरोपी अमित तोमर वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर का भाई है और वही मूंग बेचने के पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड है। 80 लाख के नकद भुगतान की जांच, सौदागर की तलाश पुलिस बालाजी इंडस्ट्रीज के उस अधिकारी की भी सख्ती से तलाश कर रही है, जिसने आरोपियों के साथ मूंग का सौदा किया था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बालाजी इंडस्ट्रीज ने मूंग चोरी करने वालों को करीब 80 लाख रुपए की नकद राशि किस तरह अरेंज करके दी। जानकारों के मुताबिक, नियमानुसार 1 लाख 99 हजार रुपए से अधिक की राशि का नकद भुगतान नहीं किया जा सकता है। जनप्रतिनिधि का करीबी है इंडस्ट्रीज मालिक चोरी की गई मूंग को इटारसी की जिस बालाजी इंडस्ट्रीज में बेचा गया था, उसके मालिक पंकज अग्रवाल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अग्रवाल जिले के एक जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी हैं और पूर्व में उनका चुनाव मैनेजमेंट भी संभाल चुके हैं। जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले भी इस इंडस्ट्रीज की जांच हुई थी। तब एक महिला अधिकारी जांच करने पहुंची थीं, लेकिन कुछ ही दिन बाद उनका तबादला कर दिया गया था।

ईरान बोला- जंग में पाकिस्तान का कोई रोल नहीं:ट्रम्प की धमकी पर कहा- 47 साल में कुछ नहीं कर पाए, अब भी नहीं कर पाएंगे

ईरान बोला- जंग में पाकिस्तान का कोई रोल नहीं:ट्रम्प की धमकी पर कहा- 47 साल में कुछ नहीं कर पाए, अब भी नहीं कर पाएंगे

ईरान ने जंग में पाकिस्तान के किसी भी रोल से इनकार किया है। भारत में मौजूद ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के जरिए बातचीत की खबरें पूरी तरह गलत हैं और इनका कोई सच नहीं है। इलाही ने कहा कि ऐसी खबरें सिर्फ तेल की कीमतों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ किया कि इस समय कोई गंभीर बातचीत नहीं चल रही है और कुछ देश सिर्फ दिखावे के लिए बातचीत की बात कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी पर इलाही ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, अमेरिका पिछले 47 सालों में भी ईरान का कुछ नहीं कर पाया और आगे भी कुछ नहीं कर पाएगा। ट्रम्प के इस दावे पर कि अमेरिका जंग जीत चुका है, इलाही ने कहा कि इसका जवाब जंग के मैदान में दिया जाएगा। अमेरिका 3 दिन में सब खत्म करने की बात कर रहा था, लेकिन अब एक महीने से ज्यादा हो चुका है और जंग अभी भी जारी है। ट्रम्प ने ईरान को नरक जैसे हालात में पहुंचाने की धमकी दी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की बात कही। ट्रम्प ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा यानी हमला होगा। ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोले दे, नहीं तो नरक जैसे हालात में पहुंच जाएगा। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

खुरई में नरवाई जलाने पर तीन किसानों के खिलाफ FIR

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सागर/ खुरई | जिले में नरवाई जलाने के मामले में किसानों के खिलाफ पहली एफआईआर खुरई क्षेत्र से दर्ज की गई है। कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर खुरई तहसील में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीहर गांव के तीन किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक जिन किसानों पर एफआईआर हुई है, उनमें बृजेन्द्र सिंह लोधी, निहाल सिंह लोधी और दीपेश सिंह लोधी शामिल हैं।

आम की फसल पर मौसम की मार:30% घट सकती है पैदावार, सप्लाई घटने पर दाम बढ़ने की आशंका…

आम की फसल पर मौसम की मार:30% घट सकती है पैदावार, सप्लाई घटने पर दाम बढ़ने की आशंका...

मार्च-अप्रैल की बेमौसम बारिश और ओलों ने आम के बगीचों को नुकसान पहुंचाया है। ऑन इयर होने के बावजूद इस बार आम की पैदावार 30% तक घट सकती है। आम पर शोध करने वाले वैज्ञानिक डॉ. आरके जायसवाल के मुताबिक मौसम ने फलों के ‘क्रिटिकल फ्लावरिंग पीरियड’ को बिगाड़ दिया है। जायसवाल बताते हैं कि इस समय पेड़ों पर मंजरी (फूल) और शुरुआती फल बनने की प्रक्रिया चलती है, लेकिन नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव से फूल झड़ रहे हैं। फंगल संक्रमण और परागण में कमी की समस्या भी बढ़ी है। देशभर में मौसम सामान्य नहीं रहने से दक्षिण भारत से आने वाली अर्ली वैरायटी की आवक सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। सप्लाई घटने से आम के दाम 10 से 25% तक बढ़ने की आशंका है। एक्सपर्ट बोले- दक्षिण से आने वाली अर्ली वैरायटी की आवक भी होगी प्रभावित दो से तीन बार बारिश भी फ्लावरिंग के लिए नुकसानदेह… डॉ. जायसवाल के अनुसार बारिश और नमी से एन्थ्रेक्नोज और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोग बढ़ते हैं। तेज हवा से कच्चे फल गिर जाते हैं, जबकि कम धूप से शुगर फॉर्मेशन घटने से स्वाद प्रभावित होता है। परागण कम होने से फल बनने की दर भी घटती है। उन्होंने बताया कि नर्मदा वैली में हुए रिसर्च में पाया गया कि फ्लावरिंग के दौरान 2-3 बार अनियमित बारिश भी उत्पादन पर सीधा असर डालती है। इस बार बेमौसम बारिश और ओलों से कई इलाकों में फूल और कच्चे फल गिर चुके हैं। अप्रैल अंत से जुलाई तक सीजन, हर महीने बदलती किस्में: शहर में आम का सीजन अप्रैल के आखिर से जुलाई तक रहता है। शुरुआत में तोतापरी, दशहरी और राजापुरी बाजार में आते हैं। मई-जून में लंगड़ा, चौसा और केसर की आवक रहती है, जबकि जून-जुलाई में आम्रपाली, मलिका और बंगनपल्ली मिलते हैं। खराब मौसम: ईटखेड़ी के आम 10 दिन देरी से आएंगे ईटखेड़ी फल अनुसंधान केंद्र में 20-25 वैरायटी के करीब 250-300 पेड़ों पर रिसर्च हो रही है। यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली और मलिका जैसी किस्मों पर उत्पादन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया जाता है। डॉ. जायसवाल के मुताबिक यहां के आम आमतौर पर मई के आखिरी सप्ताह से बाजार में आते हैं, लेकिन इस बार मौसम खराब होने से करीब 10 दिन की देरी संभव है।