इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।
पटवारी बोले- हर परिवार भाजपा सरकार की नीतियों का शिकार:हरदा में कहा- पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैल गया; 9 अप्रैल को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी शनिवार देर शाम हरदा पहुंचे। उन्होंने यहां किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश पटेल गोयल की नर्मदा परिक्रमा के बाद आयोजित भंडारे में हिस्सा लिया। इस दौरान पटवारी ने पत्रकारों से बात करते हुए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने दावा किया कि पूरे मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार फैल गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई परिवार नहीं बचा, जो भाजपा सरकार की नीतियों का शिकार न हुआ हो। ‘किसानों के साथ ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप’ उन्होंने गेहूं खरीदी में देरी को लेकर सरकार पर किसानों के साथ ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया। पटवारी के अनुसार, सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी देर से शुरू कर रही है, ताकि जरूरतमंद किसान अपना गेहूं खुले बाजार में कम दामों पर बेचने को मजबूर हों। पटवारी ने बारदाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 10 करोड़ बारदानों की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने केवल ढाई करोड़ बारदानों की व्यवस्था की। उन्होंने इसे एक ‘अपराध’ बताया। 9 अप्रैल को प्रदेश भर में कलेक्ट्रेट घेरेंगे कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 अप्रैल को पूरे प्रदेश में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस सरकार का ‘असली चेहरा’ आम किसान परिवारों के सामने लाएगी। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का दायित्व है कि वह भाजपा को सरकार से मुक्ति दिलाए, तभी इस समस्या से निजात मिल पाएगी।
इंदौर के बंगाली चौराहे पर लगा भारी जाम:20-25 मिनट तक थमी रही रफ्तार; लंबी कतारों में फंसे रहे वाहन

इंदौर शहर में आए दिन जाम की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। शनिवार रात इंदौर के बंगाली चौराहे पर भी भारी जाम लग गया, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। धीरे-धीरे गाड़ियां आगे बढ़ती रहीं, लेकिन लोगों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में जाम खुलने पर स्थिति सामान्य हो सकी। ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद चौराहे पर चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घर लौटने की जल्दी में लोग जाम में फंस गए, जिससे उनकी दिक्कतें और बढ़ गईं। बंगाली चौराहे पर काफी देर तक लगा रहा जाम मिली जानकारी के मुताबिक, बंगाली चौराहे पर देर शाम अचानक जाम लग गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग हॉर्न बजाते हुए जाम से निकलने की कोशिश करते रहे। दोपहिया वाहनों की तुलना में चारपहिया चालकों को ज्यादा समय तक फंसे रहना पड़ा। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि करीब 20-25 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही, जो बाद में सामान्य हो गई। उल्लेखनीय है कि शहर में शाम के समय कई स्थानों पर अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है।
भोपाल का न्यू मार्केट होगा आइडियल बिजनेस जोन:विधायक ने व्यापारियों के साथ बैठक की; पार्किंग, अतिक्रमण-सौंदर्यीकरण पर चर्चा

भोपाल का न्यू मार्केट आइडियल बिजनेस जोन बनेगा। शनिवार को दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी की मौजूदगी में हुई बैठक में पार्किंग, पिंक पार्किंग, अतिक्रमण, सौंदर्यीकरण समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति (रजि) के पदाधिकारियों और व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सबनानी से मुलाकात की। उन्होंने न्यू मार्केट आइडियल बिजनेस जोन के लिए विभिन्न विषयों पर बैठक कर सकारात्मक चर्चा की। समिति अध्यक्ष सतीश गंगराड़े, सचिव पवन वरदानी, उपाध्यक्ष अजय देवनानी, प्रदीप गुप्ता सहित मार्केट के वरिष्ठ एवं युवा व्यापारी मौजूद थे। इन विषयों पर चर्चा की बैठक में विधायक सबनानी ने तत्काल जिला प्रशासन एवं निगम को न्यू मार्केट के सरोउंडिंग टू व्हीलर पार्किंग(रंगमहल से डॉ.प्रसाद तक) प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों पिंक पार्किंग को जल्द शुरू करने को कहा। समिति सदस्यों ने विधायक से स्थल निरीक्षण कर फोर व्हीलर पिंक पार्किंग के साथ ही मार्केट में अन्य स्थानों पर भी पार्किंग के लिए स्थल का निरीक्षण करने का आग्रह किया। तय चर्चा में समिति न्यू मार्केट के व्यापारी एवं रहवासियों से आग्रह कर उनके वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में ही रियायती पास बनकर पार्क हो, ऐसा अभियान प्रारंभ कर मार्केट की पार्किंग को जिला प्रशासन के साथ मिलकर सुव्यवस्थित करेगी। अतिक्रमण हटाया जाएगा न्यू मार्केट को पूर्णतः नो हॉकर्स जोन बनाया जाएगा। इसलिए यहां स्थायी अतिक्रमण विरोधी टीम तैनात होगी। प्रशासन द्वारा रेखांकित पीली लाइन के अंदर स्थायी व्यापारी का सामान रहेगा। हॉकर्स को स्मार्ट सिटी हाट बाजार के पास शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, रविवार से तीन दिन तक अनाउंसमेंट होगा। इसके बाद के बाद प्रारंभ होगी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सौंदर्यीकरण को लेकर काम होंगे। न्यू मार्केट पिंक पार्किंग स्क्वायर(गणेश चौक) एसबी आई चौराहे तक के इलाके को सुंदर बनाएंगे। यहां पर आवागमन के लिए रास्ता खोलकर स्मार्ट बुलेवर्ड गेट का निर्माण होगा। सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ पिक एंड ड्राप पॉइंट का भी निर्माण होगा। मार्केट स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के नवनिर्माण के साथ सुव्यवस्थित होगा। श्री हनुमान मंदिर से क्वालिटी जाने वाली सड़कों पर डेमेज टाइल्स की जगह नई टाइल्स लगेगी एवं क्वालिटी के पीछे रहवासी क्षेत्र में सड़क का निर्माण होगा। 30 साल की किराएदारी बाबत अनुबंध बैठक में समिति ने विधायक को न्यू मार्केट के किराएदारी अनुबंध की विसंगतियों के बारे में अवगत कराया। इस पर विधायक ने आश्वस्त किया कि न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति की मांग अनुरूप शीघ्र किराएदारी अनुबंध पहले की भांति 30 वर्ष करने के लिए हर स्तर पर चर्चा की जा रही है। बैठक में पार्षद आरती अनेजा,जोनल अधिकारी मोहन जाट,अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया, डीएसपी ट्रैफिक अजय वाजपेयी समेत न्यू मार्केट के व्यापारी प्रकाश राठौर,चंदीराम तख्तानी,राजकुमार जैन,रजत साहू,अंकुर बजाज,अंशुल अग्रवाल,भरत चौरसिया, राम आडवाणी भी मौजूद थे।
रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: भारतीय मिठाइयों में रबड़ी ने अपनी खास जगह हासिल की है। दूध से इसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पकाकर बनाया जाता है, यह पारंपरिक मिठाई अपनी मलाईदार ताकत और लच्छेदार स्वाद के लिए जानी जाती है। रॉयल स्लाइस, जलेबी, आइसक्रीम या फिर अकेले भी रबड़ी खाई जाती है। ये हर मशीन पर फिट बैठती है। उत्तर भारत के प्रकाशन और त्योहारों में रम्मी खूब देखने को मिलती है। बनारस की डायरी से लेकर दिल्ली के फ्लैट तक इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। लेकिन आज कल बाजार की रबड़ी में अक्सर उत्पाद देखने को मिल रही है। ऐसे में आपकी सेहत के लिए अच्छा यही है कि आप इसे घर पर ही बना लें। घर पर बनी रबरी न सिर्फ शुद्ध होगी, बल्कि इसका स्वाद भी कहीं ज्यादा बेहतर होगा। रबड़ी बनाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? सबसे पहले एक भारी-भरकम मजबूत वाली स्ट्राबेरी में 1.5 लीटर दूध डाला गया और कीमत लें पर तेज दाम दिया गया। वॉल्यूम आने के बाद नामांकित कर दें। जब दूध के ऊपर मलाई की परत बन जाए, तो लकड़ी की कढ़ी या मसाले से उसे केकड़े पर चिपकाते रहें। समुद्रतट-समुद्र तट पर दूध को हिलाते रहें ताकि जले नहीं, बल्कि ऊपर की ओर मलाई को ज्यादा डिस्टर्ब भी ना करें, उसे किनारे में चिपकाते रहें। दूध को तब तक क्षमता जब तक वह अपनी मूल मात्रा का लगभग एक घटक (लगभग 500 मिली) रह जाये। अब इसमें चीनी, केसर वाला दूध और इलायची पाउडर शामिल है। चीनी बढ़िया से बढ़िया। अब स्टैण्डर्ड पर चिपकने वाली सारी मलाई को खरचकर गाधे दूध में डाल दीजिए। यही स्टेप रबरी को असली लच्छेदार मजबूत बनाता है। आखिरी बार नॉटआउट केट मेवे स्टोइक दो मिनट और अंतिम। गैस बंद कर दें। फ्लाइट तो आप इसमें गुलाब जल भी डाल सकते हैं। रबरी को गर्म-गर्म घरों में या फ़र्ज़ी में ठंडा करके देखें। यह रॉयल स्लाइस और जलेबी के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन बनता है। हमेशा फुल क्रीम दूध ही इस्तेमाल करें, इससे रबड़ी ज्यादा मलाईदार रहेगी। पूरी तरह से प्रक्रियागत दाखिले पर ही करें, स्पंज से स्वीकृत। मलाई को बार-बार साथी पर चिपकाते रहना रबड़ी का सबसे बड़ा राज है। यह पारंपरिक विधि हलवाई स्टाइल्स रबरी बनाने में मदद करती है। घरेलू रेसिपी में आसानी से तैयार होने वाली यह रेसिपी त्योहारों और परेशानियों के लिए प्रभावित करती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी रेसिपी(टी)घर की बनी मिठाई(टी)भारतीय मिठाई(टी)गाढ़ी रबड़ी(टी)लछेदार रबड़ी(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई(टी)दूध मिठाई(टी)रबडी रेसिपी(टी)उत्सव मिठाई(टी)स्वस्थ मिठाई
गर्मियों में हर दिन खरबूजा खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानकर होंगे हैरान

Last Updated:April 04, 2026, 19:27 IST Summer superfruit muskmelon benefits: खरबूजा गर्मियों का फल है, जो पानी से भरपूर होता है. काफी लोग इसे इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि इसकी स्मेल थोड़ी अजीब सी होती है. लेकिन, आपको ये फल काटकर खाना पसंद नहीं है तो आप इसका जूस भी बनाकर पी सकते हैं. यह गर्मियों में शरीर को कई लाभ पहुंचाता है. डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए आप पानी तो पीते हैं, लेकिन पानी से भरपूर इस फल का भी सेवन रेगुलर करें और पाएं इसके ये ढेरों फायदे. खरबूजा गर्मियों का सुपरफ्रूट है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पानी होने के कारण शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. आयुर्वेद में इसे गर्मियों के लिए वरदान बताया गया है, क्योंकि ये फल प्यास तो बुझाता ही है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से भी बचाए रखता है. खरबूजे में कौन से पोषक तत्व होते हैं- तरबूज की ही तरह, खरबूजे में भी पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है. इस फल में 90-95 प्रतिशत तक पानी होता है. इसके साथ ही, ये फल फाइबर, विटामिन ए, सी, फाइबर, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. ये लो कैलोरी और लो फैट वाला फल है. खरबूजे में लगभग 90-95 फीसदी पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है. अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. पेट साफ होता है. कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट साफ रहता है तो संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजे एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है. यदि आपको डायबिटीज है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें. इसमें विटामिन ए होने के कारण आंखों को भी हेल्दी रखता है. विटामिन सी होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है, जिससे आप इंफेक्शन, छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है. पेट को ठंडक पहुंचाता है. इस फल में बीटा-कैरोटीन, कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर को गंभीर रोगों से बचाए रखते हैं. खरबूजा में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ ही वजन भी कंट्रोल करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फाइबर युक्त चीजों को खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है. आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन को कम करना आसान हो जाता है. खरबूजा में विटामिन ए और सी पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं. गर्मी में धूप और पसीने से त्वचा काफी प्रभावित होती है. स्किन टैन हो जाता है. खरबूजा इन परेशानियों को दूर करने में काफी हद तक कारगर साबित हो सकता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST
विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा के पीतल मिल चौराहे पर पिछले तीन वर्षों से संचालित हो रही शराब दुकान को इस बार नए ठेके के साथ मुख्य मार्ग से हटाकर गली के अंदर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों ने राहत महसूस की है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और इस बदलाव के लिए आभार व्यक्त किया। रहवासियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर शराब दुकान होने से अक्सर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बनती थी। इस मार्ग से बच्चों और महिलाओं का लगातार आवागमन रहता है, और पास में एक मंदिर भी है, जिससे धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में दुकान के कारण कई बार असहज माहौल बन जाता था। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह दांगी ने बताया कि मुख्य मार्ग पर दुकान होने से सामाजिक और यातायात संबंधी समस्याएं बढ़ रही थीं। अब दुकान को गली में शिफ्ट किए जाने से इन समस्याओं में काफी कमी आई है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि शराब ठेकेदार दुकान को फिर से पुराने स्थान पर शुरू कराने का प्रयास कर सकता है। इस पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान को दोबारा मुख्य मार्ग पर खोला गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए और उसे पुराने स्थान पर दोबारा संचालित करने की अनुमति न दी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।
जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल जज के खिलाफ घटना के सात महीने बाद 21 मार्च को FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल जज द्वारा लगाई गई बेल भी कोर्ट ने रद्द कर दी। एडिशनल सेशन जज हरिंदर सिद्धू ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सिविल जज की बेल को रिजेक्ट कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक मृतक सहकर्मी के आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में भारी मात्रा में सोना और अभूषण निकालना गंभीर आरोप है। पटियाला के एडिशनल सेशन जज कंवलजीत सिंह की एक अगस्त 2025 को अस्पताल में मौत हो गई थी। सिविल जज विक्रमदीप और अन्य लोगों पर आरोप है कि उसी दिन रात को उन्होंने एडिशनल सेशन जज के घर से सोना व आभूषण चोरी किए। सीसीटीवी फुटेज और वाट्सएप चैट के टाइम में अंतर सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विक्रमदीप और मृतक के बेटे अंगदपाल सिंह के बीच वाट्सऐप चैट और कॉल रात 10:15 बजे के बाद की है, जबकि CCTV फुटेज रात 9:50 बजे तक के हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि सामान मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही हटा लिया गया था। एडिशनल सेशन जज के दोस्त की शिकायत पर हुई FIR सिविल जज व उसके सहयोगियों के खिलाफ मृतक एडिशनल सेशन जज के दोस्त व पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भूपिंदर सिंह विर्क की शिकायत पर 21 मार्च को FIR दर्ज हुई। उनके बेटे ने इस केस को प्रोसीड करने के लिए डॉ भूपिंदर सिंह विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। शिकायत में लगाए गए ये आरोप FIR के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जब कंवलजीत सिंह का अमर अस्पताल पटियाला में निधन हो गया, उसी रात लगभग 8:46 बजे बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर नंबर 74C, विकास कॉलोनी, पटियाला में साजिश रचकर घुसपैठ की। उनके साथ घरेलू नौकरानी अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, गौरव गोयल (पूर्व सहयोगी) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। CCTV फुटेज में तीनों को घर में घुसते, सामान की तलाशी लेते और बॉक्स-बैग में पैतृक सोना, आभूषण तथा नकदी लेकर निकलते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने आरोप लगाया कि यह चोरी बिना किसी कानूनी अधिकार के और बेईमानी के इरादे से की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत दर्ज है। आरोपों पर आरोपी के वकीलों ने दे यह सफाई बिक्रमदीप सिंह की ओर से वकीलों अनीश जैन और अमित जैन ने अदालत में कहा FIR पूरी तरह झूठी और बदनाम करने के मकसद से 7 महीने बाद दर्ज कराई गई। मृतक कंवलजीत सिंह से पारिवारिक संबंध थे। लुधियाना में एक साथ पोस्टिंग के दौरान मृतक उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे। उनकेनिधन की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक के पुत्र अंगदपाल सिंह ने फोन पर अनुरोध किया कि घर जाकर कीमती सामान सुरक्षित रख लें। भरोसेमंद नौकरानी पिंकी भी मदद करेगी। घर पहुंचकर अंगदपाल सिंह को वीडियो कॉल की और पूरे समय संपर्क में रहे। बाद में सामान अंगदपाल सिंह को सौंप दिया। अदालत को बताया कि अगर बेईमानी का इरादा होता तो खुद न जाते, गनमैन के साथ न जाते, कॉल पर न रहते और CCTV DVR भी ले जाते। वे न्यायिक अधिकारी हैं, पिता-दादा भी जज रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन केस) का हवाला देते हुए विशेष संरक्षण की मांग की। जांच में शामिल होने को तैयार हैं। कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत, जानिए… अदालत ने जांच रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, व्हाट्सएप चैट और दोनों पुत्रों के बयान देखने के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। एक न्यायिक अधिकारी पर सहकर्मी जज के घर से चोरी का आरोप है, जो न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। CCTV फुटेज में याचिकाकर्ता की उपस्थिति और सामान निकालने का तरीका प्रथम दृष्टया गुप्त और संदिग्ध दिखता है। मृतक के बेटे से व्हाट्सएप चैट और कॉल का समय रात 10:15 बजे के बाद का है, जबकि CCTV फुटेज में सामान 9:50 बजे तक निकाल लिया गया था यानी संपर्क बाद में हुआ। सिविल जज की तरफ से पेश की गई चैट में किसी भी प्रकार की अनुमति या सौंपने का जिक्र नहीं है। पुत्रों के बयान भी याचिकाकर्ता के दावे का खंडन करते हैं। चोरी गई संपत्ति की रिकवरी अभी बाकी है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो। न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तारी से पूर्ण छूट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होगी।अदालत ने साफ कहा कि यह फैसला केवल जमानत याचिका पर है और मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं। बिक्रमदीप सिंह अब नियमित जमानत या अन्य राहत के लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं।
यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।








