Sunday, 04 Oct 2026 | 04:26 PM

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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत अपने लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल करके झूठा ड्रामा रचने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि शवों को कहीं रखकर आतंकवाद का आरोप पाकिस्तान पर लगाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने इस दावे के लिए कोई सबूत नहीं दिया। ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भारत को और ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। भारतीय रक्षा मंत्री बोले थे- पाकिस्तान ने गंदा खेल खेला तो जवाब देंगे ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केरलम में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान फिर कोई गलत कदम उठाएगा तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान ने दोबारा गंदा खेल खेला तो भारतीय सैनिक ऐसा जवाब देंगे जो वे कभी नहीं भूलेंगे। भारत पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगा चुके ख्वाजा आसिफ ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है। आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है। पूर्व पाक उच्चायुक्त मुंबई और दिल्ली पर हमले की बात कह चुके इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला कर दे, तो पाकिस्तान को बिना एक पल सोचे मुंबई और नई दिल्ली पर हमला कर देना चाहिए। बासित ने कहा, “अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हम अमेरिका तक नहीं पहुंच सकते क्योंकि वह हमारे न्यूक्लियर रेंज में नहीं है। ऐसे में हमारा क्या विकल्प होगा? भारत। बाद में जो होगा देख लेंगे।” उन्होंने यह भी कहाकि यह सबसे खराब स्थिति है, जो संभव नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान पर कोई खतरा मंडराए तो भारत पर हमला करना पाकिस्तान के पास विकल्प होगा। पहलगाम हमले से बढ़ा तनाव 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में आर्टिलरी, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनाव रहा, जिसके बाद 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में अटैक किया था। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत अपने लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल करके झूठा ड्रामा रचने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि शवों को कहीं रखकर आतंकवाद का आरोप पाकिस्तान पर लगाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने इस दावे के लिए कोई सबूत नहीं दिया। ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भारत को और ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। भारतीय रक्षा मंत्री बोले थे- पाकिस्तान ने गंदा खेल खेला तो जवाब देंगे ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केरलम में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान फिर कोई गलत कदम उठाएगा तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान ने दोबारा गंदा खेल खेला तो भारतीय सैनिक ऐसा जवाब देंगे जो वे कभी नहीं भूलेंगे। भारत पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगा चुके ख्वाजा आसिफ ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है। आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है। पूर्व पाक उच्चायुक्त मुंबई और दिल्ली पर हमले की बात कह चुके इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला कर दे, तो पाकिस्तान को बिना एक पल सोचे मुंबई और नई दिल्ली पर हमला कर देना चाहिए। बासित ने कहा, “अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हम अमेरिका तक नहीं पहुंच सकते क्योंकि वह हमारे न्यूक्लियर रेंज में नहीं है। ऐसे में हमारा क्या विकल्प होगा? भारत। बाद में जो होगा देख लेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि यह सबसे खराब स्थिति है, जो संभव नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान पर कोई खतरा मंडराए तो भारत पर हमला करना पाकिस्तान के पास विकल्प होगा। पहलगाम हमले से बढ़ा तनाव 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में आर्टिलरी, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनाव रहा, जिसके बाद 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में अटैक किया था। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें…

10 दिन में तीन बार ऑपरेशन, महिला की मौत:छतरपुर के अस्पताल में महिलाओं का हंगामा; अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

10 दिन में तीन बार ऑपरेशन, महिला की मौत:छतरपुर के अस्पताल में महिलाओं का हंगामा; अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

छतरपुर शहर के सागर रोड स्थित हॉस्पिटल में एक महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। मृतका की पहचान सिया (40) पत्नी मुन्ना लाल अहिरवार, निवासी गौतम नगर सोरा रोड थाना कोतवाली के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सिया को बच्चेदानी (यूट्रस) में गांठ की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 दिन में तीन बार ऑपरेशन, हालत बिगड़ती गई परिजनों का आरोप है कि 25 मार्च को सिया का पहला ऑपरेशन दूरबीन (लेप्रोस्कोपी) से किया गया था। इसके बाद उसी दौरान दूसरा ऑपरेशन हाथ से किया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, बल्कि वह लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि पहले ऑपरेशन के दौरान आंत फंस गई है, जिसके चलते दोबारा सर्जरी करनी पड़ेगी। इसके बाद शनिवार को तीसरा ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार सिया खुद चलकर ऑपरेशन थिएटर तक गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग मृतका के परिजनों ने डॉ. शोभित अहिरवार और अन्य डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार ऑपरेशन करने के कारण ही सिया की जान गई है। उनका कहना है कि सही इलाज नहीं मिलने से यह घटना हुई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अस्पताल में हंगामा, स्टाफ मौके से गायब महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया। परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे। पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पूरे मामले में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

विदिशा में आज 3 घंटे बिजली कटौती:मुखर्जीनगर फीडर पर मेंटेनेंस से; विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी सहित कई इलाके प्रभावित होंगे

विदिशा में आज 3 घंटे बिजली कटौती:मुखर्जीनगर फीडर पर मेंटेनेंस से; विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी सहित कई इलाके प्रभावित होंगे

विदिशा में आज रविवार को बिजली उपभोक्ताओं को तीन घंटे की विद्युत कटौती का सामना करना पड़ेगा। 11 केवी मुखर्जीनगर फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी, जिससे शहर के कई इलाके प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के जोन-1 के अधिकारियों ने बताया कि यह कटौती निर्धारित समय पर की जाएगी। मेंटेनेंस कार्य के दौरान विद्युत सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी ताकि सुरक्षा और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस विद्युत कटौती से विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी, अनुपम मेगा सिटी, शास्त्री नगर, सांची रोड, नाना का बाग और भगत सिंह कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अनुसार, यह कार्य लाइन की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है और बताया है कि आवश्यकतानुसार समय में परिवर्तन भी किया जा सकता है।

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

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एमपी में विधायकों को सजा के 5 चर्चित मामले:सिर्फ एक महिला विधायक की सदस्यता हुई थी समाप्त, दतिया MLA का केस भी कोर्ट पर निर्भर

एमपी में विधायकों को सजा के 5 चर्चित मामले:सिर्फ एक महिला विधायक की सदस्यता हुई थी समाप्त, दतिया MLA का केस भी कोर्ट पर निर्भर

दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को फर्जीवाडे़ के मामले में दिल्ली की राउज अवेन्यू कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने दतिया सीट रिक्त घोषित करने की सूचना चुनाव आयोग को भेजते हुए गजट नोटिफिकेशन भी कर दिया। अब राजेन्द्र भारती इस सजा और सदस्यता खत्म करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की तैयारी में हैं। सोमवार को उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो सकती है। मध्य प्रदेश में विधायकों को आपराधिक मामलों में सजा के ऐसे पांच प्रमुख मामले हैं जिनमें न्यायालय से विधायकों को सजा हुई, विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित की लेकिन, उच्च अदालतों से कुछ विधायकों को राहत मिल गई तो उनकी विधायकी बच गई। लेकिन, एक विधायक की सदस्यता चली गई थी। 1. आशा रानी सिंह (विधायक,बिजावर) छतरपुर जिले के बिजावर सीट से भाजपा विधायक आशा रानी सिंह को 2011 में एक नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी। उनके पति पर नौकरानी उनकी सजा के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त की और सीट रिक्त घोषित की थी। भाजपा की पूर्व विधायक आशारानी सिंह को उनकी घरेलू सहायिका (तिजिया बाई) को प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था। 10 साल की सजा के बाद गई थी विधायकी 31 जनवरी 2011 को छतरपुर की एक अदालत ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के तुरंत बाद उनकी सदस्यता खतरे में आ गई थी, लेकिन उस समय ‘लिली थॉमस’ फैसला लागू नहीं था। हालांकि, जेल जाने के कारण और सजा की अवधि लंबी होने के कारण 31 अक्टूबर 2013 को उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया था। आशारानी सिंह ने हाई कोर्ट में अपील की थी, लेकिन उन्हें सजा पर स्टे नहीं मिला, जिसके कारण उनकी सदस्यता नहीं बच सकी और 31 अक्टूबर 2013 को उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया था। 2. प्रहलाद लोधी (विधायक, पवई) भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी का मामला मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय और न्यायपालिका के बीच खींचतान का एक बड़ा उदाहरण बना। 31 अक्टूबर 2019 को भोपाल की विशेष अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने लोधी को साल 2014 के एक मामले में 2 साल की जेल और सजा सुनाई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई करने गए पवई के तत्कालीन तहसीलदार के साथ मारपीट की थी। कोर्ट से मिला स्टे तो बच गई सदस्यता विधानसभा सचिवालय ने इस सजा के आधार पर 2 नवंबर 2019 को उनकी सदस्यता रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद प्रहलाद लोधी हाई कोर्ट पहुंचे और 7 नवंबर 2019 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर स्टे दे दिया। इस स्टे के आधार पर काफी कानूनी विवाद हुआ, लेकिन अंततः सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनकी सदस्यता बहाल हुई और वे विधायक बने रहे। कोर्ट से राहत मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन स्पीकर के फैसले पर सवाल उठाए थे सत्यमेव जयते! साथी विधायक प्रहलाद लोधी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिली है। स्पीकर ने विधायक को असंवैधानिक तरीके से अयोग्य घोषित किया था। प्रदेश सरकार ने घटिया हरकत की और एक महीने तक क्षेत्र की जनता को अपने जनप्रतिनिधि से वंचित रखने का महापाप किया। #MP_मांगे_जवाब— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 6, 2019 3. खरगापुर विधायक का निर्वाचन हो गया था शून्य टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक राहुल सिंह लोधी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। उनके खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी चंदा सिंह गौर ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में दो मुख्य आरोप लगाए गए थे। जिनमें, राहुल सिंह लोधी ने अपने नामांकन पत्र (एफिडेविट) में यह जानकारी छिपाई थी कि उनकी फर्म ‘आरआर कंस्ट्रक्शन’ का सरकार के साथ अनुबंध था, जो कि लाभ के पद के अंतर्गत आता है। उन्होनें चुनाव प्रचार के दौरान निर्धारित सीमाओं और नियमों का उल्लंघन किया गया था। हाई कोर्ट का फैसला और तारीख मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच के जस्टिस नमिन्द्रा सिंह ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राहुल सिंह लोधी के 2018 के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया। कोर्ट ने माना कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना ‘जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951’ की धारा 100 के तहत चुनाव रद्द करने का ठोस आधार है। विधानसभा सचिवालय की कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद, नवंबर 2022 में मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की। इसके तहत राहुल सिंह लोधी की सदस्यता समाप्त कर दी गई और खरगापुर विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना तत्काल चुनाव आयोग को भेजी गई थी। सुप्रीम कोर्ट से ‘स्टे’ और सदस्यता की बहाली विधानसभा से सदस्यता रद्द होने के तुरंत बाद राहुल सिंह लोधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद उनकी सदस्यता बहाल तो हो गई, लेकिन कोर्ट ने उन पर कुछ शर्तें लगाई थीं। वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते थे, लेकिन अंतिम फैसला आने तक उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं था और वे विधायक के रूप में मिलने वाले कुछ भत्तों के लिए भी पात्र नहीं थे। 4. मुकेश मल्होत्रा (विधायक, विजयपुर) विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा को मार्च 2026 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक मामले में दोषी मानते हुए चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। कोर्ट ने माना कि मतदाता को उम्मीदवार के आपराधिक इतिहास को जानने का अधिकार है और इसे छिपाना ‘भ्रष्ट आचरण’ की श्रेणी में आता है। राज्यसभा चुनाव में नहीं दे पाएंगे वोट, विधायकी बची रहेगी मुकेश मल्होत्रा ने एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए उन्हें विधायक

मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर वेब शो ‘मां का सम’ रिलीज हो चुका है। यह कहानी मां‑बेटे के रिश्ते को एक नए और मॉडर्न नजरिए से पेश करती है। इस शो में इमोशन, ह्यूमर और आज की जनरेशन की सोच का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है, जहां एक बेटा अपनी सिंगल मदर के लिए सही लाइफ पार्टनर ढूंढने की कोशिश करता है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में शो की स्टारकास्ट मोना सिंह और मिहिर आहूजा ने अपने किरदारों, शूटिंग के अनुभव, फिल्मी सफर और इस कहानी के जरिए समाज को दिए जा रहे महत्वपूर्ण संदेश पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान मोना सिंह ने फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया, जिसमें उन्होंने सेट पर ही एक्टर गौरव गेरा को स्पॉइलर देने से रोक दिया था। ‘मां का सम ’ की स्क्रिप्ट में ऐसा क्या खास था कि आपने तुरंत हां कह दी? मोना सिंह- मुझे इस शो की सबसे खास बात इसकी सोच लगी। आमतौर पर हम मां के किरदार को एक तय ढांचे में देखते हैं जहां वह सिर्फ अपने बच्चों के लिए जीती है। लेकिन इस कहानी में मां को एक इंसान की तरह दिखाया गया है, जिसकी अपनी इच्छाएं हैं, अपने सपने हैं और जो अपनी जिंदगी में दूसरा मौका डिजर्व करती है। यह बहुत रिफ्रेशिंग और प्रोग्रेसिव अप्रोच है। खासतौर पर सिंगल मदर्स के लिए यह बहुत जरूरी है कि उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक मिले। मुझे लगा कि यह शो लोगों की सोच बदल सकता है और इसी वजह से मैंने इसे तुरंत हां कह दी। शो में अपने किरदार ‘अगस्त्य’ के बारे में विस्तार से बताइए? मिहिर आहूजा- अगस्त्य एक बहुत ही होशियार और सेंसिटिव लड़का है, जो अपनी मां से बहुत प्यार करता है। वह चाहता है कि उसकी मां की जिंदगी में कोई कमी न रहे, खासकर उनकी पर्सनल लाइफ में। वह एक मैथ्स जीनियस है और हर चीज को लॉजिक और एल्गोरिदम के जरिए समझने की कोशिश करता है। इसी सोच के साथ वह अपनी मां के लिए डेट्स अरेंज करता है, ताकि वह एक परफेक्ट पार्टनर चुन सके। यह किरदार बहुत इंटरेस्टिंग है क्योंकि इसमें इमोशन और लॉजिक का अनोखा मेल देखने को मिलता है। शो में आपका किरदार डेटिंग ऐप के जरिए डेट्स पर जाता है। इस कॉन्सेप्ट को आप कैसे देखती हैं? मोना सिंह- शो में जो डेट्स दिखाई गई हैं, वे दरअसल उसके बेटे द्वारा अरेंज की गई हैं। उसका बेटा यह समझना चाहता है कि कौन सा इंसान उसकी मां के लिए सही रहेगा। यह पूरी प्रक्रिया बहुत दिलचस्प है क्योंकि इसमें एक तरह का एक्सपेरिमेंट भी है जैसे हम जिंदगी में अलग-अलग चीजें ट्राय करके सही विकल्प चुनते हैं। यहां भी वही हो रहा है, बस फर्क इतना है कि यह एक मां की लव लाइफ को लेकर है, जो हमारे समाज में अभी भी थोड़ा टैबू माना जाता है। मुझे लगता है कि यह पहल बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे लोग समझेंगे कि मां भी अपनी खुशी के बारे में सोच सकती है। शूटिंग के दौरान कोई ऐसा मजेदार किस्सा जो आपको आज भी याद हो? मोना सिंह- दिल्ली में शूट किया गया एक डेट सीन मेरे लिए बेहद यादगार और मजेदार रहा। उस सीन में लगातार फोन कॉल्स आ रहे थे कभी मेरी मां का, तो कभी सामने वाले लड़के की मां का।वह पूरा सिचुएशन इतना रियल और फनी बन गया था कि हम शूट करते-करते हंस पड़ते थे। सामने वाले एक्टर ने भी बहुत शानदार परफॉर्म किया, जिससे सीन और भी मजेदार हो गया। उस दौरान मुझे लगा कि असल जिंदगी में भी शायद लोगों के साथ ऐसी अजीब और मजेदार डेट्स होती होंगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म को आप अपने करियर के लिए कितना अहम मानती हैं? मोना सिंह- ओटीटी मेरे लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर रहा है। मुझे ऐसा लगता है कि मुझे मेरी दूसरी पारी यहीं से मिली है। यहां कहानियां ज्यादा रियल और लेयर्ड होती हैं, खासकर महिला किरदारों के लिए। पहले जहां किरदारों को सिर्फ पॉजिटिव या नेगेटिव के दायरे में दिखाया जाता था, वहीं ओटीटी पर उन्हें पूरी गहराई और विस्तार के साथ पेश किया जाता है। अगर ओटीटी नहीं होता, तो शायद मुझे ऐसे रोल्स निभाने का मौका नहीं मिलता। ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक स्पॉइलर वाला किस्सा भी चर्चा में रहा। उस बारे में बताइए? मोना सिंह- हम अमृतसर में शूट कर रहे थे, तभी गौरव गेरा मुझे धुरंधर फिल्म से जुड़ी तस्वीरें और कहानी बताने लगे। मैंने तुरंत उन्हें रोक दिया और कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। एक कहानी और किरदार को बनाने में बहुत मेहनत लगती है और हर कलाकार एक NDA से बंधा होता है। मैंने उन्हें समझाया कि रिलीज से पहले इस तरह की जानकारी साझा करना गलत है। यह प्रोफेशनल एथिक्स का भी हिस्सा है कि हम उस भरोसे को बनाए रखें। शूटिंग के दौरान सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? मिहिर आहूजा- सबसे बड़ा चैलेंज मैथ्स से जुड़े सीन थे। मुझे उन्हें इस तरह से करना था कि दर्शकों को लगे कि मैं सच में एक मैथ्स एक्सपर्ट हूं। इसके लिए मुझे कई फॉर्मूलाज और एल्गोरिदम समझने पड़े और उनकी प्रैक्टिस करनी पड़ी। सेट पर हमें बाकायदा गाइड किया जाता था, ताकि हम अपने किरदार के साथ न्याय कर सकें। यह थोड़ा मुश्किल जरूर था, लेकिन सीखने का अच्छा अनुभव भी रहा। सेट पर जेन-जी रिलेशनशिप टर्म्स को लेकर कोई मजेदार अनुभव रहा? मोना सिंह- हां, यह काफी मजेदार था क्योंकि हम दोनों ही इन टर्म्स से ज्यादा वाकिफ नहीं थे। ‘सिचुएशनशिप’, ‘घोस्टिंग’, ‘ब्रेडक्रंबिंग’ जैसे शब्द हमारे लिए नए थे। सेट पर हमें इनके मतलब समझाए गए, जैसे किसी क्लास में पढ़ाया जाता है। यह अनुभव काफी दिलचस्प था और इससे यह भी समझ आया कि आज की जनरेशन किस तरह रिलेशनशिप को देखती है। एक आउटसाइडर होने के नाते बॉलीवुड में आपकी जर्नी कैसी रही? मिहिर आहूजा- शुरुआत में मेरे लिए सब कुछ नया था क्योंकि इंडस्ट्री में मेरा कोई बैकग्राउंड नहीं था। मुझे नहीं पता था कि ऑडिशन कहां होते हैं या किससे संपर्क करना चाहिए। मैंने खुद ही रास्ते ढूंढे, गूगल की मदद ली और

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की मानें तो देशभर में 14 साल से कम उम्र वाले सिर्फ 45 हजार 296 बच्चे ही ऐसे हैं, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए। उसमें भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 10 हजार बच्चे भीख मांगते पाए गए, जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां इन बच्चों की संख्या सात हजार से अधिक है। यह जानकारी 2011 की जनगणना के आधार पर दी गई है। राज्य सभा में एक अतारांकित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई है। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि आंकड़े भारत के महारजिस्ट्रार की वेबसाइट की सूचना पर आधारित है। ऐसे बच्चों के पुनर्वास की योजना 23 अक्टूबर, 2023 में शुरू की गई थी और तब से अब तक 2653 बच्चों का पुनर्वास किया गया है। इनमें 1507 बच्चों को उनके माता-पिता अथवा परिवारों से मिलवाया गया। वहीं, 305 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया। 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंपा गया है। साथ ही 625 बच्चों को स्कूलों में नामांकन की सुविधा प्रदान की गई है। सरकार ने कहा कि विभाग पहले से ही भिक्षावृत्ति के कार्य में लिप्त व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए योजना चला रहा है। जिसमें बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में इस समय नए कानून अथवा योजना चलाने की आवश्यकता नहीं है। दो केंद्रशासित प्रदेशों में एक भी भिखारी नहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नगर हवेली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक भी बच्चा भिक्षावृत्ति में लिप्त नहीं पाया गया। वहीं, लक्ष्यद्वीप और सिक्किम में एक-एक, मिजोरम में छह, दमन और दीव में आठ और पुदुचेरी में नौ बच्चे ऐसे कार्यों में लिप्त पाए गए।

सलमान लाला से इंस्पायर्ड होकर आसिफ बना अपराधी:5 स्टार होटलों में रुकता, स्पोर्ट्स बाइक पर घूमा, पुलिस की मौजूदगी में पेशी की रील बनाई

सलमान लाला से इंस्पायर्ड होकर आसिफ बना अपराधी:5 स्टार होटलों में रुकता, स्पोर्ट्स बाइक पर घूमा, पुलिस की मौजूदगी में पेशी की रील बनाई

भोपाल में विजय मेवाड़ा की बेरहमी से हत्या करने वाला आसिफ उर्फ बम इंदौर के डॉन सलमान लाला से इंस्पायर्ड था। सलमान की तर्ज पर महंगी कार-बाइक पर घूमता था। 5 स्टार होटलों में ठहरता और अवैध कारोबार से लाखों रुपए बना चुका था। आसिफ सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म पर भी खासा एक्टिव रहता था। हर गतिविधि की रील बनाकर अपलोड करता था। सलमान की तरह आसिफ भी अपना एक बड़ा नेटवर्क बनाना चाहता था। यहां तक कि पुलिस की मौजूदगी में कोर्ट पेशी के दौरान कई रील बनाई और वायरल की हैं। उसके करीबियों की मानें तो नशे में आसिफ हैवान बन जाता था। साथ वालों तक को पीटता था। वह शराब पीने का बेहद शौकीन था। उसका बड़ा भाई शरीफ उर्फ बच्चा भी अपराधी है और भोपाल सेंट्रल जेल में बंद है। हत्या के बाद शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़े गए आसिफ को न्यायालय ने 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। फिलहाल आरोपी हमीदिया अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस को गुमराह कर रहा आसिफ इलाजरत आसिफ से पुलिस फिलहाल कोई खास पूछताछ नहीं कर सकी है। जैसे फरारी काटने में उसकी मदद किसने की। तीन दिनों तक आरोपी कहां रहा। समसपुरा गांव तक कैसे पहुंचा। आरोपी लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा है। उसने पुलिस को अपराध के बाद पैदल ही समसपुरा के जंगल तक पहुंचने की बात कही है। हालांकि उसकी बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। अब रातीबड़ पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जुआ-सटटा और अड़ीबाजी के धंधे से जुड़ा शरीफ और आसिफ दोनों ही भाई जुआ, सट्‌टा और अड़ीबाजी के धंधे से जुड़े हैं। आसिफ के खिलाफ एक दर्जन से अधिक अपराध शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। दोनों ही भाई शहर में अवैध कारोबार करने वालों से अड़ीबाजी कर रकम वसूलने का काम भी करते हैं। पर्शियन बिल्लियां पालने का शौकीन आसिफ बम पर्शियन कैट पालने का शौकीन है। उसके पास करीब 6 पर्शियन कैट हैं। इसी के साथ वह बकरा पालन का काम भी कर चुका है। प्रदेश सहित देश के अलग-अलग राज्यों में घूम चुका है। इसकी पुष्टि उसके इंस्टा अकाउंट से होती है। घेराबंदी देख पुलिस पर फायरिंग कर दी थी कारोबारी विजय मेवाड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुख्यात बदमाश आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने एक 1 अप्रैल को नाटकीय घेराबंदी के बाद दबोच लिया। 10 मिनट के भीतर दोनों ओर से तीन राउंड फायर किए गए। एक गोली आरोपी के दाहिने पैर के घुटने के करीब लगी। वह लड़खड़ाकर गिरा और उसे पकड़ लिया गया। 12 बजकर 15 मिनट पर पुलिस टीम आरोपी को लेकर सरकारी बोलेरो वाहन से समसपुरा गांव से हमीदिया अस्पताल के लिए रवाना हुई। फिलहाल आसिफ का इलाज जारी है। रातीबड़ थाना पुलिस ने अशोका गार्डन थाने के टीआई अनुराग लाल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का एक और मुकदमा दर्ज कर लिया है। जंगल में स्थित घटनास्थल से पुलिस ने लोडेड देसी पिस्टल सहित चले हुए कारतूस जब्त कर लिए हैं। सलमान लाला भी चला था दुर्लभ कश्यप की राह पर भले ही भोपाल का आसिफ इंदौर का बदमाश सलमान लाला से प्रेरित रहा हो, लेकिन खुद सलमान लाला उज्जैन के डॉन दुर्लभ कश्यप से प्रेरित था। दुर्लभ को सलमान अपना आइडल मानता था। दुर्लभ की तरह वह भी अपना नेटवर्क बढ़ाता था और युवा लड़कों को इस नेटवर्क से जोड़ता था। दुर्लभ कश्यप बेहद ही कम उम्र में बड़ा बदमाश बन गया था और एक दिन आपसी रंजिश के चलते गैंगवार में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर आज तक दुर्लभ कश्यप के किस्से बताए जाते रहे हैं। दुर्लभ कश्यप उज्जैन के जीवाजीगंज के अब्दालपुरा का रहने वाला था। वही भी बिल्लयां पालने का शौकीन था। बताया जाता है कि दुर्लभ से प्रेरित होकर आसिफ भी बिल्लयां पालने लगा था। 15 साल की उम्र से उसने हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालनी शुरू कर दी थीं। लोगों धमकाता था। ये खबर भी पढ़ें… पुलिस को देखते ही जंगल में भागने लगा हत्यारा भोपाल के कारोबारी विजय मेवाड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुख्यात बदमाश आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने एक नाटकीय घेराबंदी के बाद दबोच लिया। 10 मिनट के भीतर दोनों ओर से तीन राउंड फायर किए गए। एक गोली आरोपी के दाहिने पैर के घुटने के करीब लगी। वह लड़खड़ाकर गिरा और उसे पकड़ लिया गया।पूरी खबर पढ़ें

इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।