टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में अर्शदीप पर जुर्माना:न्यूजीलैंड के मिचेल की ओर गेंद फेंकी; मैच फीस का 15% कटा, डिमेरिट पॉइंट भी मिला

टी-20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर आचार संहिता के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगाया गया है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर गेंद फेंकने की घटना के बाद ICC ने उन पर कार्रवाई की। मंगलवार को जारी बयान में अर्शदीप की मैच फीस का 15% काटने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया। 8 फरवरी को फाइनल में अर्शदीप ने गुस्से में आकर मिचेल की तरफ गेंद फेंकी थी। जो उनके पैड्स पर लगी थी। लेवल-1 के तहत जुर्माना यह कार्रवाई ICC की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के मामले में की गई। फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। इसमें भारत ने 96 रन से कीवी टीम को हराकर लगातार दूसरी और ओवरऑल तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी थी। मिचेल की कोहनी पर बॉल लगी न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने अपने फॉलो थ्रू में गेंद फील्ड की और वापस फेंकी, जो बल्लेबाज डेरिल मिचेल को लग गई। इसे ICC आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन माना गया। इस नियम में मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या अन्य उपकरण फेंकने को गलत माना जाता है। एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला जुर्माने के साथ अर्शदीप के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला मामला है। मैदान पर मौजूद अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ, थर्ड अंपायर अलाउद्दीन पलेकर और फोर्थ अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने यह आरोप लगाया था। मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने जो सजा प्रस्तावित की, उसे अर्शदीप ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पूरी खबर
ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है। ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच चीन तेल और गैस के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति पर निर्भर हो गया। जब पिछले साल अमेरिका से चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा, जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी अधिक स्पष्ट हो गया था। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया। सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब ये खतरे में है। मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है। चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से 2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89 बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है। विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा। 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू नेयूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं। इजराइल और यूएई में पोर्टसंचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफापोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंगदी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं और उनके द्वारा संचालित हैं। क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में चीन सबसे बड़ा निवेशक ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं। चीन क्षेत्र में डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।
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मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है। ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच चीन तेल और गैस के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति पर निर्भर हो गया। जब पिछले साल अमेरिका से चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा, जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी अधिक स्पष्ट हो गया था। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया। सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब ये खतरे में है। मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है। चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से 2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89 बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है। विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा। 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू नेयूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं। इजराइल और यूएई में पोर्टसंचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफापोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंगदी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं और उनके द्वारा संचालित हैं। क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में चीन सबसे बड़ा निवेशक ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं। चीन क्षेत्र में डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।
15 मिनट में पैरों की थकान, दर्द और सूजन से राहत, घर पर अपनाएं ये आसान उपाय, एकदम मिलेगी राहत

Last Updated:March 10, 2026, 17:17 IST लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या मेहनत के बाद पैरों में थकान और दर्द होना आम है. नमक या एप्सम साल्ट वाले गुनगुने पानी में पैरों को डुबोना एक आसान और प्राकृतिक घरेलू उपाय है, जो पैरों की मांसपेशियों को आराम देता है, सूजन कम करता है और पैरों की सेहत बेहतर बनाए रखता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने से पैरों में थकान और दर्द होना आम बात है. ऐसे में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर उसमें 10 से 15 मिनट तक पैर डुबोकर रखना एक बेहद आसान और कारगर घरेलू उपाय माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार यह तरीका पैरों की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. नमक वाला पानी पैरों की नसों को शांत करता है, जिससे थकान धीरे-धीरे कम होने लगती है. खासकर दिनभर काम करने के बाद यदि यह उपाय किया जाए तो पैरों को तुरंत राहत मिलती है. यही कारण है कि कई लोग इसे नियमित रूप से अपनाते हैं और पैरों को स्वस्थ बनाए रखते हैं. कई लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या शरीर में पानी की कमी के कारण पैरों में सूजन की समस्या हो जाती है. ऐसी स्थिति में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पैर डुबोना काफी फायदेमंद माना जाता है. एप्सम साल्ट में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो सूजन को कम करने में मदद करता है. जब पैर नमक वाले गुनगुने पानी में रहते हैं, तो मांसपेशियों को आराम मिलता है और सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है. यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिनभर मेहनत वाला काम करते हैं. यदि सप्ताह में दो से तीन बार यह उपाय किया जाए, तो पैरों की सूजन और भारीपन से राहत मिल सकती है. कई लोगों को पैरों में ऐंठन या एड़ियों में दर्द की समस्या रहती है. खासकर ज्यादा चलने या गलत तरीके से खड़े रहने से यह परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में गुनगुने नमक वाले पानी में पैर डुबोकर रखना काफी मददगार साबित हो सकता है. नमक में मौजूद खनिज तत्व मांसपेशियों को आराम देने का काम करते हैं. इससे पैरों में जकड़न कम होती है और दर्द में भी राहत मिलती है. नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से एड़ियों की थकान कम होती है और चलने-फिरने में आसानी महसूस होती है. यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और घर पर आसानी से किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखने से सिर्फ पैरों को ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को आराम मिलता है. इससे नसों को शांति मिलती है और शरीर का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. जब पैरों की नसों को आराम मिलता है तो शरीर में रक्त संचार भी बेहतर होता है. यही कारण है कि कई लोग दिनभर की थकान के बाद यह तरीका अपनाते हैं. इससे मानसिक तनाव भी कम होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. खासतौर पर ऑफिस या मेहनत वाले काम करने वाले लोगों के लिए यह घरेलू उपाय काफी लाभदायक माना जाता है. अगर किसी को रात में नींद नहीं आती या शरीर में बेचैनी रहती है, तो नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक अच्छा उपाय हो सकता है. इससे शरीर को आराम मिलता है और दिमाग भी शांत होता है. जब शरीर का तनाव कम होता है तो नींद भी अच्छी आने लगती है. कई लोग सोने से पहले 10 से 15 मिनट तक यह उपाय अपनाते हैं. इससे शरीर रिलैक्स हो जाता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है. प्राकृतिक तरीके से नींद सुधारने के लिए यह तरीका काफी आसान और सुरक्षित माना जाता है. नमक वाला गुनगुना पानी पैरों की त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पैर डुबोने से त्वचा की मृत कोशिकाएं धीरे-धीरे हटने लगती हैं, जिससे पैर साफ और मुलायम बनते हैं. खासकर जिन लोगों की एड़ियां फटती हैं या पैरों की त्वचा रूखी रहती है, उनके लिए यह उपाय उपयोगी साबित हो सकता है. इसके बाद हल्के ब्रश या तौलिये से पैरों को साफ करने से त्वचा और भी बेहतर हो जाती है. नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से पैरों की देखभाल आसानी से घर पर ही की जा सकती है और पैरों की सुंदरता भी बनी रहती है. पैरों में पसीना आने या लंबे समय तक जूते पहनने से कई बार बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में नमक वाला गुनगुना पानी काफी मददगार हो सकता है. नमक में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करते हैं. अगर किसी को पैरों में खुजली, बदबू या हल्का संक्रमण महसूस हो तो यह उपाय राहत दे सकता है. हालांकि ज्यादा गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. लेकिन सामान्य स्थिति में यह घरेलू तरीका पैरों को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है. नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय है, जिसे हर कोई घर पर कर सकता है. इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें एक से दो चम्मच नमक या एप्सम साल्ट मिलाएं. फिर 10 से 15 मिनट तक पैरों को उसमें डुबोकर रखें. इसके बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. अगर यह उपाय सप्ताह में दो से तीन बार किया जाए तो पैरों की थकान, दर्द और सूजन से काफी राहत मिल सकती है और पैरों की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. First Published : March 10, 2026, 17:17 IST
ईरान जंग- 9 एशियाई देशों में तेल संकट:बांग्लादेश में यूनिवर्सिटीज बंद, थाइलैंड में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक; पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी-विदेश यात्रा रोकी

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों से जारी जंग का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत 9 एशियाई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए आपात कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान ने दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने का फैसला किया है और दफ्तरों में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। बांग्लादेश ने सभी यूनिवर्सिटी बंद करने का आदेश दिया है और ईद की छुट्टियां पहले कर दी हैं। दक्षिण कोरिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देश भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सब्सिडी देने जैसे कदम उठा रहे हैं। चीन ने भी ईंधन के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है। जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद है, इसके चलते तेल की सप्लाई ठप्प हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। थाईलैंड- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल का आदेश थाईलैंड में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने और दफ्तरों में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक जिन अधिकारियों को सीधे जनता की सेवा देनी होती है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने सरकारी कर्मचारियों को ऊर्जा बचाने के लिए जरूरी कदम लागू करने को कहा है। सरकार ने विदेश यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। ऊर्जा बचत के लिए एयर कंडीशनर का तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़ों की जगह शॉर्ट स्लीव शर्ट पहनने की सलाह दी गई है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार देश के पास फिलहाल करीब 95 दिन का ऊर्जा भंडार बचा है। सरकार अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से अतिरिक्त LNG खरीदने की कोशिश कर रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर संकट और गहरा हुआ तो दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के विज्ञापन बोर्ड की रोशनी कम करने और पेट्रोल पंपों को रात 10 बजे तक बंद करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। चीन- कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई, फ्यूल एक्सपोर्ट रोका चीन ने संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर अपने रणनीतिक भंडार मजबूत करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने साल के शुरुआती महीनों में अतिरिक्त कच्चा तेल खरीदा है और इसे रणनीतिक तथा वाणिज्यिक भंडार में रखा जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने रिफाइनरियों को नए फ्यूल एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन न करने और कुछ तय शिपमेंट को रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला और वैश्विक सप्लाई और प्रभावित हुई, तो चीन अपने रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग कर सकता है। पाकिस्तान- मंत्रियों की सैलरी और विदेश दौरों पर रोक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल कीमतों को देखते हुए खर्चों में कटौती योजना का ऐलान किया है। इसके तहत सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस हफ्ते के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे रोक दिए गए हैं। मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में 25% की कटौती होगी। वहीं, पाकिस्तान में अब दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50% कम ईंधन मिलेगा। 60% सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20% कटौती करेंगे। शरीफ ने कहा कि अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है। इस वजह से यह निर्णय लिए गए हैं। बांग्लादेश- सभी यूनिवर्सिटीज को बंद किया बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए सोमवार से सभी यूनिवर्सिटीज बंद करने का आदेश दिया है और ईद-उल-फितर की छुट्टियां पहले घोषित कर दी हैं। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक हाल के दिनों में ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोगों में घबराहट बढ़ी और कई जगहों पर जमाखोरी शुरू हो गई थी। इसके बाद सरकार ने दैनिक फ्यूल बिक्री पर सीमा लगा दी। गैस की कमी का असर उद्योगों पर भी पड़ा है। देश की कई उर्वरक फैक्ट्रियों में गैस सप्लाई कम होने के कारण उत्पादन रोकना पड़ा है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर ऊर्जा बचत के लिए और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। वियतनाम- कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह वियतनाम में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्रालय के मुताबिक इससे दफ्तर आने-जाने में होने वाली ईंधन खपत कम होगी और ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कुछ फ्यूल आयात पर लगाए गए टैरिफ भी हटा दिए हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच ईंधन की सप्लाई बनाए रखना और खपत कम करना दोनों जरूरी हैं। इसी वजह से वियतनाम ऊर्जा बचत और ईंधन उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक साथ कई कदम उठा रहा है। साउथ कोरिया- फ्यूल कीमतों पर कैप लगाने की तैयारी वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बाद साउथ कोरिया ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लगभग तीन दशक बाद पहली बार प्राइस कैप लगाने की तैयारी कर रही है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि यह कदम तेल कीमतों में तेजी को रोकने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि वह ऐसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत तलाश रही
अनूपपुर में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:एसपी से की शिकायत, पीड़ित बोला- आपके सिपाही आरोपी को बचा रहे

अनूपपुर के ताराडांड निवासी चैतू सिंह ने पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पुलिस पर सरकारी पद के दुरुपयोग और अपराध छिपाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी भी तय करने की गुहार लगाई है। चैतू सिंह, जो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और अपनी भूमि पर खेती करते हैं, 26 दिसंबर 2025 को दोपहर 3-4 बजे के बीच वे अपने खेत के पास बिजली के खंभे पर सुधार कार्य कर रहे थे। उसी दौरान मंजू गौतम ने उन्हें जातिसूचक व अपमानजनक गालियां दीं। इसके बाद लल्लू गौतम और उनके पुत्र प्रशांत गौतम भी वहां आए और तीनों ने मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के कारण चैतू सिंह बेहोश हो गए। पुलिस ने नहीं की मदद पीड़ित के अनुसार, लल्लू गौतम ने 112 पर कॉल किया। मौके पर पहुंचे 112 वाहन में प्रदीप गौतम (चालक) और एक अन्य आरक्षक मौजूद थे। चैतू सिंह ने आरोप लगाया कि इन पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें उपचार दिलाने के बजाय मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी ज़ेहर सिंह ने पूरी घटना देखी और बाद में चैतू सिंह को होश में लाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पसली टूटी जिला अस्पताल अनूपपुर में कराई गई जांच में चैतू सिंह की पसली टूटने और गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गईं। पीड़ित ने बताया कि वे भय, पीड़ा और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में आरोपियों के खिलाफ अजाक थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं। अप्रिय घटना की दी चेतावनी चैतू सिंह ने अपनी शिकायत में दर्ज कराया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय या जानलेवा घटना घटित होती है, तो उसके लिए लल्लू गौतम, प्रशांत गौतम, मंजू गौतम, प्रदीप गौतम (112 वाहन चालक) और 112 वाहन में उपस्थित अज्ञात आरक्षक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, गवाह ज़ेहर सिंह को प्रकरण में दर्ज करने तथा उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
नर्मदापुरम में दिन का पारा 38 डिग्री के करीब:अचानक तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका; दोपहर में सड़कें सूनी

नर्मदापुरम जिले में 4 मार्च के बाद से गर्मी का असर तेज हो गया है। दिन का तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अचानक बढ़ रही इस गर्मी से गेहूं की फसल के 10 से 12 दिन पहले पकने और किसानों को नुकसान होने की आशंका है। मंगलवार को नर्मदापुरम में तेज धूप खिली रही। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को रात का न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी में दोपहर का तापमान 31 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अगले 4 दिन में 2 से 3 डिग्री और बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिले के मौसम में अगले चार दिनों तक कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में मार्च के पहले पखवाड़े में ही पारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। गेहूं की फसल को नुकसान का अंदेशा मार्च महीने में अचानक बढ़ रहे तापमान का सीधा असर कृषि पर पड़ने की आशंका है। कृषि उपसंचालक डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की बालियों में दाना भर चुका है और यह इसके पोषित होने का समय है। यदि गर्मी इसी तरह अधिक रही, तो पौधे की नमी खत्म हो जाएगी और वह सूखने लगेगा। इससे दाना पर्याप्त मात्रा में पोषित नहीं हो पाएगा। जिले में आमतौर पर मार्च के अंत तक गेहूं की कटाई शुरू होती है, लेकिन तापमान ऐसा ही बना रहा तो फसल के 10-12 दिन पहले ही पकने की संभावना है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पिछले 5 दिनों का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) तारीख नर्मदापुरम पचमढ़ी 5 मार्च 39.4 29.8 6 मार्च 38.1 30.2 7 मार्च 37.6 31.8 8 मार्च 38.1 31.4 9 मार्च 37.9 31.2
उड़द दाल वड़ी: उड़द दाल की वड़ी: घर पर तैयार करें उड़द दाल की वड़ी, साल भर नहीं होगी खराब; बनाना भी है आसान

10 मार्च 2026 को 16:04 IST पर अद्यतन किया गया घर पर कैसे बनाएं दाल वड़ी: अगर आप एक बार घर पर उड़द दाल की वड़ी बनाते हैं, तो बाजार की वड़ी की जरूरत ही नहीं है। घर की बनी वड़ी न केवल स्वाद में बेहतर होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छी होती है।
मोहन बड़ोदिया में ड्यूटी पर तैनात पटवारी की पिटाई:मकानों की नबरिंग कर रहे थे, जान से मारने की धमकी भी दी

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में जनगणना कार्य के दौरान एक पटवारी के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना मोहन बड़ोदिया के थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल ने बताया कि ग्राम लडावद निवासी 31 वर्षीय प्रकाशचंद सिकरवार, जो तहसील मोहन बड़ोदिया के हल्का क्रमांक 143 ग्राम पचावता में पटवारी हैं, ने इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। उन्हें जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल के निर्देशानुसार 27 फरवरी 2026 से अपने हल्का क्षेत्र के गांवों में मकान और भवनों की गणना व नंबरिंग का कार्य सौंपा गया था। इसी क्रम में 9 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे पटवारी प्रकाशचंद सिकरवार गणना दल के सदस्य पंचायत सचिव जफर बेग और ग्राम जामन के कोटवार मांगीलाल मालवीय के साथ ग्राम जामन में मकानों की गणना और नंबरिंग कर रहे थे। दोपहर करीब 12:40 बजे जब वे नारायण मालवीय के मकान पर नंबरिंग कर रहे थे, तभी गांव का दिलीप पिता राधेश्याम गुर्जर वहां पहुंचा। आरोप है कि दिलीप गुर्जर ने पटवारी से पहचान के कागजात मांगते हुए विवाद शुरू कर दिया और सरकारी काम करने से मना करने लगा। समझाने के बावजूद वह नहीं माना और गाली-गलौज करते हुए पटवारी के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसने थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की और लकड़ी से हमला कर पटवारी को घायल कर दिया। जान से मारने की दी धमकी इसके बाद आरोपी ने दोबारा गांव में आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पटवारी अपने साथियों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी दिलीप गुर्जर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 121(1), 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। मोहन बड़ोदिया पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना का नक्शा बनाया है। यह घटना सोमवार को हुई थी, परंतु मामला मंगलवार को सामने आया।
शादी के बाद इमोशनल हुईं रश्मिका मंदाना:सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट किया; बोलीं- ऐसा प्यार ढूंढो जो आपको आजाद कर दे

साउथ और बॉलीवुड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना एक सोशल मीडिया नोट को पढ़कर भावुक हो गईं। ये नोट रश्मिका और विजय देवरकोंडा के प्यार पर लिखा गया था। एक्ट्रेस ने X पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए बताया कि इस नोट ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने फैंस को सलाह भी दी कि जीवन में ऐसा प्यार तलाशें जो आपको बंधन में नहीं, बल्कि आजादी का अहसास कराए। यूजर ने कपल के प्यार को मिसाल बताया 9 मार्च को एक फैन ने विजय और रश्मिका की शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्हें इस ‘स्वार्थी युग’ में सच्चे प्यार की मिसाल बताया था। नोट में लिखा था कि रश्मिका जिस तरह से विजय को देखती हैं, वह प्रशंसा और प्यार का सबसे ईमानदार सबूत है। इसे पढ़कर रश्मिका खुद को रोक नहीं पाईं और माना कि लंबे समय बाद किसी बात ने उन्हें इतना इमोशनल किया है। रश्मिका बोलीं- प्यार आजाद करने वाला होना चाहिए एक्ट्रेस ने भावुक होकर लिखा, “मेरे बारे में लिखी गई किसी चीज ने मुझे लंबे समय बाद इतना प्रभावित नहीं किया। मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूं लेकिन शब्द कम पड़ रहे हैं। मैं अपनी जगह तलाश रही हूं और इस सफर के लिए आभारी हूं। प्यार के बारे में सिर्फ यही कहूंगी कि उस प्यार को ढूंढो, जो तुम्हें आजाद कर दे।” एक्ट्रेस ने उस यूजर का शुक्रिया भी अदा किया जिसने उनके और विजय के रिश्ते की गहराई को इतनी खूबसूरती से पहचाना। उदयपुर में हुई थी शाही वेडिंग रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के लग्जरी होटल आईटीसी मेमेंटोस में शादी की थी। इस इंटीमेट सेरेमनी में सिर्फ परिवार और खास दोस्त ही शामिल हुए थे। शादी में दो संस्कृतियों का संगम दिखाविजय की तेलुगू रस्में और रश्मिका की कोडावा (कूर्गी) परंपरा। इसके बाद 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन दिया गया था, जिसमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े सितारे और कर्नाटक के डिप्टी सीएम भी पहुंचे थे।








