शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में जनगणना कार्य के दौरान एक पटवारी के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना मोहन बड़ोदिया के थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल ने बताया कि ग्राम लडावद निवासी 31 वर्षीय प्रकाशचंद सिकरवार, जो तहसील मोहन बड़ोदिया के हल्का क्रमांक 143 ग्राम पचावता में पटवारी हैं, ने इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। उन्हें जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल के निर्देशानुसार 27 फरवरी 2026 से अपने हल्का क्षेत्र के गांवों में मकान और भवनों की गणना व नंबरिंग का कार्य सौंपा गया था। इसी क्रम में 9 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे पटवारी प्रकाशचंद सिकरवार गणना दल के सदस्य पंचायत सचिव जफर बेग और ग्राम जामन के कोटवार मांगीलाल मालवीय के साथ ग्राम जामन में मकानों की गणना और नंबरिंग कर रहे थे। दोपहर करीब 12:40 बजे जब वे नारायण मालवीय के मकान पर नंबरिंग कर रहे थे, तभी गांव का दिलीप पिता राधेश्याम गुर्जर वहां पहुंचा। आरोप है कि दिलीप गुर्जर ने पटवारी से पहचान के कागजात मांगते हुए विवाद शुरू कर दिया और सरकारी काम करने से मना करने लगा। समझाने के बावजूद वह नहीं माना और गाली-गलौज करते हुए पटवारी के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसने थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की और लकड़ी से हमला कर पटवारी को घायल कर दिया। जान से मारने की दी धमकी इसके बाद आरोपी ने दोबारा गांव में आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पटवारी अपने साथियों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी दिलीप गुर्जर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 121(1), 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। मोहन बड़ोदिया पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना का नक्शा बनाया है। यह घटना सोमवार को हुई थी, परंतु मामला मंगलवार को सामने आया।












































