एयर इंडिया एक्सप्रेस के MD आलोक सिंह ने इस्तीफा दिया:5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ; उनके नेतृत्व में एयरएशिया इंडिया का मर्जर हुआ था

टाटा ग्रुप की किफायती एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस (AIX) में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। एयरलाइन के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) आलोक सिंह 19 मार्च को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे। उन्होंने सोमवार को स्टाफ को भेजे एक संदेश में अपने इस्तीफे की घोषणा की। आलोक सिंह के नेतृत्व में ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एयरएशिया इंडिया (अब AIX कनेक्ट) के खुद में मर्जर की प्रोसेस को पूरा किया था। उनके जाने के साथ ही टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन में टॉप लेवल पर लीडरशिप चेंज भी देखने को मिलेगा। आलोक सिंह ने कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में सूफी कवि रूमी की पंक्तियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘आप समुद्र में एक बूंद नहीं हैं, आप एक बूंद में पूरा समुद्र हैं।’ उन्होंने अपने 5 साल के सफर को असाधारण बताते हुए कहा कि हमने जो कुछ भी बनाया और उसे बनाने के दौरान हम जो बने, उस पर मुझे गर्व है। यह एक ऐसा सफर रहा जिसकी कोई तुलना नहीं है, मैं इसका एक भी चैप्टर बदलना नहीं चाहूंगा। आलोक सिंह 19 मार्च 2023 को MD बने थे आलोक सिंह 9 नवंबर 2020 को तत्कालीन सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के CEO बने थे। जब जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया, तब भी सिंह को कमान सौंपे रखी गई। इसके बाद 19 मार्च 2023 को उन्हें तीन साल के लिए MD नियुक्त किया गया था। अब 19 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आलोक सिंह के कार्यकाल में उपलब्धियां सिंह के कार्यकाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस एक छोटी एयरलाइन से निकलकर भारत की तीसरी सबसे बड़ी नैरो-बॉडी ऑपरेटर बन गई। उनके कार्यकालकी उपलब्धियां… कैप्टन हैमिश मैक्सवेल होंगे नए एकाउंटेबल मैनेजर आलोक सिंह फिलहाल MD के साथ-साथ ‘एकाउंटेबल मैनेजर’ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनके जाने के बाद एयरलाइन के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर (COO) कैप्टन हैमिश मैक्सवेल नए एकाउंटेबल मैनेजर होंगे। एकाउंटेबल मैनेजर वह व्यक्ति होता है, जिसके पास एयरलाइन के ऑपरेशंस और सुरक्षा मानकों के लिए रेगुलेटरी अथॉरिटी (DGCA) के प्रति अंतिम जवाबदेही होती है। ये खबर भी पढ़ें… होली पर 3 मार्च को शेयर बाजार बंद रहेगा: NSE-BSE में ट्रेडिंग नहीं होगी, MCX शाम के सेशन में ओपन होगा; 4 मार्च को मार्केट खुलेगा देशभर में होली की तारीख को लेकर जारी कन्फ्यूजन के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने अपनी छुट्टियों का कैलेंडर साफ कर दिया है। शेयर बाजार मंगलवार (3 मार्च 2026) को होली के अवसर पर बंद रहेंगे। इस दौरान इक्विटी, डेरिवेटिव और SLB सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। हालांकि, कमोडिटी मार्केट (MCX) के समय में थोड़ा बदलाव किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
खरगोन मंडी में डॉलर चना के दाम पर हंगामा:कम भाव से नाराज किसानों का चक्काजाम, एसडीएम की समझाइश पर खुला रास्ता

खरगोन मंडी में डॉलर चना के कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार दोपहर प्रदर्शन किया। नीलामी में डॉलर चना की अधिकतम बोली 7,000 रुपए प्रति क्विंटल लगने पर किसान भड़क गए। उन्होंने इसे कम बताते हुए कारण पूछा, जिस पर व्यापारियों ने ईरान-इजरायल युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। किसानों ने इस जवाब से असंतोष जताते हुए मंडी में खरीदी रोक दी। लगभग 150 से अधिक किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड पहुंचकर सड़क पर ट्रैक्टर अड़ा दिए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जामनिया के किसान देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें 6-7 हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि उन्हें 10 से 12 हजार रुपए का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी युद्ध को कम भाव का कारण बता रहे हैं, लेकिन युद्ध तो कल से शुरू हुआ है, जबकि व्यापारी पिछले पांच दिनों से कम भाव दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की सुनवाई न होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। लगभग 45 मिनट तक चले इस हंगामे के कारण इंदौर रोड पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। यातायात पुलिस ने व्यवस्था बहाल की। सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद मंडी में 650 से अधिक वाहनों में डॉलर चना पहुंचा था, जो इस सीजन की सबसे अधिक आवक रही। खरगोन मंडी में डॉलर चने की खरीदी 20 फरवरी से चल रही है। धामनोद और सनावद मंडियों में भी भाव को लेकर किसान संघ असंतोष जता चुके हैं। मंडी प्रशासन ने होली के मद्देनजर 3 और 4 मार्च की छुट्टी घोषित की है। व्यापारियों ने भी होली पर्व के कारण 7 मार्च तक नीलामी में भाग न ले पाने का आवेदन दिया है। इस प्रकार, अब मंडी 9 मार्च को खुलेगी।
होली से रिश्तों को करें रिचार्ज:होली पर करें ये 4 काम, खुशी के साथ रिश्तों के रंग निखरेंगे; शोध बताते हैं- सकारात्मक यादें मस्तिष्क को सक्रिय रखती हैं

होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है। यह रिश्तों को रिचार्ज करने, दिमाग को सक्रिय रखने और मन को हल्का करने का अवसर है। मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस के शोध बताते हैं कि जब हम परिवार और दोस्तों के साथ मिलते हैं, हंसते हैं और सकारात्मक अनुभव साझा करते हैं, तो मस्तिष्क में डोपामाइन, सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन सक्रिय होते हैं। नियमित सामाजिक जुड़ाव व मानसिक सक्रियता बुजुर्गों में सोचने, याद रखने व तर्क करने की क्षमता में मदद कर सकती है। यानी होली जैसे त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे होते हैं। इस होली पर जानिए कौन-से 4 काम करें, जिससे खुशियां बढ़ें और सेहत सुरक्षित रहे। 1- अनुभव बांटें: पोता-पोतियों को बताएं तब कैसे बनते थे रंग पोते-पोतियों को बताएं कि आपके समय में टेसू या पलाश के फूलों से रंग कैसे बनते थे। घर की पारंपरिक ठंडाई या पकवान की विधि साझा करें और पुरानी यादें सुनाएं। फायदा: मनोविज्ञान कहता है- नई पीढ़ी के साथ अनुभव साझा करने से मानसिक संतोष बढ़ता है। बुजुर्गों को अपनी भूमिका सार्थक महसूस होती है। अकेलेपन में कमी आती है। 2- सूखी होली खेलें: गुलाल से तिलक लगाएं, भीड़भाड़ से बचें केमिकल वाले रंग व पानी से बचें। सूखा, हर्बल गुलाल ही लगाएं और गले मिलें। भीड़भाड़ से बचें। बीपी, हार्ट डिसीज की समस्या है तो लंबे समय तक खड़े नहीं रहें। फायदा: सामाजिक स्पर्श- गले मिलने, हाथ थामने से ऑक्सीटोसिन रिलीज होता व तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) कम होता है। इससे मन शांत रहता है और रिश्तों में निखार आता है। 3- खाने में संतुलन रखें: मीठा सीमित, घर की बनी ठंडाई पिएं गुजिया और मिठाई का स्वाद लें, लेकिन मात्रा नियंत्रित रखें। दिनभर मीठा और तला हुआ खाने से बचें। सादा पानी, नारियल पानी या कम-चीनी वाली घर की ठंडाई लें। फायदा: संतुलित खान-पान उत्सव का आनंद देता है। इससे आपका बीपी और शुगर कंट्रोल में रहेगा। वहीं पर्याप्त पानी, घर की बनी ठंडाई शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाएगी। 4- पुरानी तस्वीरें देखें, परिवार के साथ यादों को दोहराएं होली खेलने के दौरान अपनी नई तस्वीरें खिंचवाएं। साथ ही अपने पुराने एलबम को निकालकर परिवार के साथ में बैठें और उन तस्वीरों से जुड़े किस्से उन्हें सुनाएं। फायदा: सकारात्मक यादों को दोहराने से मस्तिष्क के वे हिस्से सक्रिय होते हैं जो स्मृति और भावनात्मक संतुलन से जुड़े हैं। इससे मूड बेहतर व मानसिक सक्रियता बनी रहती है। अब वे जरूरी बातें, जो होली खेलने के दौरान आपकी सुरक्षा करेंगी कान बचाएं: हल्के रुई के फाहे लगाएं, ताकि रंग कान के पर्दे तक न पहुंचें। हियरिंग एड लगाते हैं तो उसे निकालकर रख दें। नमी और बारीक कण उसे खराब कर सकते हैं। तेल लगाएं: रंग खेलने से 15 मिनट पहले बॉडी पर सरसों या नारियल का तेल लगा लें। यह त्वचा पर एक सुरक्षा परत बना देता है। चश्मा लगाएं: धूप का चश्मा पहनें। यह न केवल यूवी किरणों से बचाता है, बल्कि सूखा गुलाल सीधे आंखों में जाने से भी रोकता है, जिससे आपकी आंखें सुरक्षित रहेंगी।
‘मंजुम्मेल बॉयज’ के डायरेक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस:चिदंबरम एस पोडुवाल पर कोच्चि में महिला की शिकायत के बाद मामला दर्ज

सुपरहिट मलयालम फिल्म ‘मंजुम्मेल बॉयज’ के डायरेक्टर चिदंबरम एस पोडुवाल के खिलाफ केरल में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कोच्चि की एर्नाकुलम साउथ पुलिस ने रविवार को एक महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। शिकायत 2022 में हुई एक कथित घटना से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि उन्होंने एलामकुलम स्थित महिला के अपार्टमेंट में जबरन प्रवेश किया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, केस दर्ज करने से पहले शिकायतकर्ता का बयान लिया गया। उन्होंने कहा कि फिल्म डायरेक्टर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि, चिदंबरम ने अब तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कौन हैं चिदंबरम एस पोडुवाल? चिदंबरम एस पोडुवाल मलयालम फिल्म निर्देशक और लेखक हैं। उन्होंने ‘जन.ई.मैन’ (2021) और ‘मंजुम्मेल बॉयज’ (2024) फिल्मों का निर्देशन किया है। चिदंबरम को मंजुम्मेल बॉयज से खास पहचान मिली। बता दें कि मंजुम्मेल बॉयज 200 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली मलयालम फिल्म बनी थी। इसने 2018 (2023) को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म का रिकॉर्ड बनाया। बाद में L2: एम्पुरान (2025) ने इसे पीछे छोड़ दिया। फिलहाल यह भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म है। फिल्म ने 55वें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में 10 पुरस्कार जीते। इनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले शामिल हैं। यह केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में किसी एक फिल्म को मिले सबसे अधिक पुरस्कार हैं। इसके अलावा मंजुम्मेल बॉयज ने 70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (2026) में सर्वश्रेष्ठ फिल्म (मलयालम) का पुरस्कार भी जीता।
इजराइली राजदूत बोले- मोदी को पता नहीं था हमला होगा:PM का इजराइल दौरा खत्म होने के बाद ईरान पर अटैक को मंजूरी दी

PM मोदी इजराइल दौरे पर 25 और 26 फरवरी को थे, इसके ठीक बाद 28 फरवरी को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर स्ट्राइक्स कर दीं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इजराइल दौर पर होते हुए पीएम मोदी को इसकी जानकारी दी गई थी? क्या हमले के बाद इजराइल ने भारत के विदेश मंत्रालय से इसके बारे में बात की है? कहीं पीएम मोदी के दौरे को इजराइल ने कवर की तरह तो इस्तेमाल नहीं किया? इजराइल ने सबसे पहले ईरान पर प्रिएंपटिव स्ट्राइक का नाम देकर हमले किए। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन हमलों में अमेरिकी भागेदारी की जानकारी की पुष्टि की। लेकिन एक साल में दूसरी बार इजराइल ने क्यों ईरान पर हमला किया? और इजराइल में इस युद्ध को लेकर क्या माहौल है? हमने ये सवाल भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार से पूछे। सवाल: इजराइल ने साल में दूसरी बार प्रिएंपटिव स्ट्राइक की हैं, ईरान पर हमले का अंतिम लक्ष्य क्या है? जवाब: सबसे पहले हम सामने दिख रहे खतरे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना चाहते हैं। ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा बैलेस्टिक मिसाइल की ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, ताकि इजराइल को खत्म कर सके। ईरान पूरे रीजन में अपने प्रॉक्सी ग्रुप को फंड, हथियार और टेक्नोलॉजी दे रहा है। ईरान 2027 तक इजराइल को खत्म करना की बात करता था। जून में हमने उस पर हमले किए थे। ईरान ने अब सहयोग करने से इनकार किया, तो हमने फिर से ऑपरेशन शुरू किया है। सवाल: अगर आप अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेते हैं और रिजीम चेंज होता है तो भविष्य में ईरान में किस तरह की सत्ता होगी? जवाब: हमें नहीं पता कि ईरान में सत्ता बदलेगी या नहीं, लेकिन हम चाहते हैं कि ये जरूर हो। कुछ हफ्ते पहले ही मौजूदा सरकार ने अपने हजारों नागरिकों को मार दिया था। सवाल: ईरान पर हमले PM मोदी के इजराइल दौरे के ठीक बाद हुए हैं, क्या पीएम मोदी को इन हमलों की जानकारी दी गई थी? जवाब: भारत हमारी स्थिति अच्छी तरह जानता है। PM मोदी इजराइल में थे, तब हमें नहीं पता था कि ऑपरेशन होने वाला है। इसकी मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई। तब तक PM मोदी दौरा पूरा करके लौट चुके थे। इजराइल के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को फोन करके बात की थी। सवाल: विदेश मंत्री जयशंकर का इस मामले पर क्या कहना था, अगर आप बता सकें? जवाब: भारत ने अपनी स्थिति पर खुलकर बात की। भारत बातचीत और स्थिरता चाहता है। हमने कई साल ईरान से डिप्लोमेसी के तहत बातचीत की कोशिश की है। अमेरिका ने महसूस किया कि ईरान डिप्लोमेसी के जरिए वक्त बिता रहा है और शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं है। सवाल: इजराइल में लोग ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर जश्न मना रहे हैं, आप बताइए कि इस वक्त इजराइल में कैसा माहौल है? जवाब: इजराइल खुद को सुरक्षित रखना चाहता है। इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले हो रहे हैं। कई लोग खामेनेई की मौत पर खुशी मना रहे हैं, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर इजराइल पर हमले के ऑर्डर देता था, इजराइल के लोगों को मारता था, अब वो नहीं है। हमने ईरान में भी जश्न की फोटो देखी हैं। मुझे लगता है कि ईरान के लोग इस मौके के जरिए सत्ता बदलेंगे।
नारियल रसोई स्क्रबर: आप नारियल के छिलके क्या देते हैं? इससे पहले बाजार मूल्य निर्धारण के आधार पर; जानिए बनाने का तरीका

नारियल रसोई स्क्रबर: क्या आप भी नारियल का पानी पीते हैं या पूजा के बाद नारियल के चिप्स को कूड़े में फेंक देते हैं? तो आप जांच में एक बहुत ही काम की चीज़ को बर्बाद कर रहे हैं। जिस नारियल के किचन को आप सस्ते में समझकर फेंक देते हैं, वह वास्तव में आपके लिए सबसे बेहतरीन, टिकाऊ और प्राकृतिक रचना बन सकता है। इन बाज़ारों में मिलने वाले प्लास्टिक के प्लास्टिक वॉश वाले केवल महँगे ही होते हैं, बल्कि वे पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचाते हैं। साथ ही, उनमें से सभी का खतरा भी रहता है। ऐसे में, नारियल का छिलका एक अच्छा पद है। यह सख्त होता है, पॉश्चर को अच्छी तरह से साफ किया जाता है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल होता है। kahaniwalshivani ने अपने सांख्यिकी वीडियो में नारियल के रेशों से बेहतरीन और आसान किचन मशीन बनाने का तरीका बताया है। आइए जानते हैं। नारियल के केक से जड़ी बूटी कैसे तैयार करें? इस परामर्श के फायदे क्या हैं? (टैग्सटूट्रांसलेट)बचे हुए नारियल की भूसी का उपयोग(टी)प्राकृतिक रसोई उपकरण(टी)घर पर पर्यावरण के अनुकूल नारियल स्क्रबर कैसे बनाएं(टी)DIY नारियल स्क्रबर(टी)पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली(टी)नारियल की भूसी का उपयोग(टी)घर पर स्क्रबर कैसे बनाएं(टी)रसोई हैक हिंदी(टी)शून्य अपशिष्ट भारत(टी)हस्तनिर्मित स्क्रबर
विभाजन की पृष्ठभूमि पर है फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’:प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की जताई इच्छा

सैमीज एंटरटेनमेंट की नई बॉलीवुड फिल्म जय हिंद जय सिंध – ए लव स्टोरी भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल कहानी है। फिल्म का निर्देशन इंद्रजीत लंकेश ने किया है और इसके प्रोड्यूसर सैमी ननवानी हैं। फिल्म को लेकर प्रोड्यूसर सैमी ननवानी और एक्टर विक्रम कोचर ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की इच्छा जाहिर की। बातचीत में प्रोड्यूसर सैमी ननवानी से पूछा गया कि क्या फिल्म में सिंध से आए लोगों के पलायन और उनके योगदान को भी दिखाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि सिंध इस फिल्म का एक हिस्सा है, लेकिन पूरी कहानी उससे कहीं बड़ी है। उनके मुताबिक फिल्म भारत की विविधता और एकता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग तरह का खाना खाते हैं और अलग दिखते हैं, फिर भी दिल से एक हैं और साथ रहते हैं। फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी: सैमी सैमी ने कहा कि जैसे हॉलीवुड फिल्मों ने अमेरिका को दुनिया में पहचान दिलाई, वैसे ही यह फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज दुनिया में भारत की पहचान पहले से ज्यादा मजबूत हुई है और इसमें प्रधानमंत्री की बड़ी भूमिका है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे यह फिल्म प्रधानमंत्री मोदी को दिखाना चाहेंगे, तो सैमी ने कहा कि यह उनका पहला कदम होगा। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी गर्व की भावना जरूर व्यक्त करना चाहेंगे। विक्रम का इमोशनल किरदार फिल्म में अपने किरदार को लेकर विक्रम कोचर ने कहा कि उनका रोल अलग तरह का है। वह गोवा में बसे पंजाबी शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जो एक विदेशी महिला से शादी करता है। उनका किरदार इमोशनल है और प्यार की भाषा समझता है। फिल्म भी प्यार का संदेश देती है। फिल्म में महेश मांजरेकर, जया प्रदा, जरीना वहाब, विक्रम कोचर, राहुल देव, छाया कदम, उपासना सिंह, अमित बहल, अजीत शिधाये, राजवीर सिंह, अकैशा वात्स और एहसान खान नजर आएंगे। साथ ही गौरव डिंगरा और झानवी इस फिल्म से बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं। फिल्म इस समय पोस्ट-प्रोडक्शन में है और इसे 2026 के मध्य में देशभर में रिलीज किया जाएगा।
PM मोदी से मिले कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी:निवेश-ट्रेड डील पर बातचीत होगी, खालिस्तानी चरमपंथियों पर लगाम लगाने पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच सोमवार सुबह हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। कुछ ही देर में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू होगी। इसमें दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने, ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने, व्यापार विस्तार और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। PM कार्नी के इस दौरे का सबसे बड़ा मकसद भारत-कनाडा के बीच 10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता है। बताया जा रहा है कि यह डील करीब 3 अरब डॉलर की हो सकती है। बीबीसी के मुताबिक अगर यह समझौता होता है, तो इसे कार्नी की बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता माना जाएगा। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। भारत और कनाडा के बीच न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट 2013 में लागू हुआ था, जिसके बाद कनाडा ने भारत को यूरेनियम सप्लाई शुरू की थी। भारत अपने तेजी से बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए और अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है। PM कार्नी के भारत दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें… भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। निज्जर की हत्या के बाद रिश्ते खराब हुए साल 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। कनाडा ने निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए गए थे। कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि भारतीय सरकार के एजेंट इस हत्या में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे कनाडा की संप्रभुता पर हमला बताया था। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया था। भारत का कहना था कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी और आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं, जो भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाते हैं और कनाडा उन पर कार्रवाई नहीं करता। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कनाडा ने भी भारत से व्यापार मिशन रद्द कर दिए, और दोनों तरफ से यात्रा सलाह जारी की गई। बातचीत लगभग बंद हो गई और CEPA जैसी महत्वपूर्ण चर्चाएं ठप पड़ गईं। जस्टिन ट्रूडो के पद से हटने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने (मार्च 2025) के बाद दोनों देशों ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की। कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहां प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है। भारतीय विदेश मंत्रायल के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 16 लाख लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं।
अमेरिका-ईरान जंग से आज सोने में ₹5,000 की तेजी:ये ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी ₹8500 बढ़कर ₹2.91 लाख पर कारोबार कर रही

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेजी है। वायदा बाजार (MCX) में सोने का दाम करीब 5 हजार रुपए चढ़कर 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी के भाव में 8,500 रुपए का इजाफा हुआ है और वह 2.91 लाख रुपए/किलो पर कारोबार कर रही है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना 1.90 लाख रुपए तक जा सकता है। चांदी 3.50 लाख तक पहुंच सकती है। इधर, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए पर पहुंच गई है। युद्ध जैसे अनिश्चित माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित मानते हैं और इसमें पैसा लगाने लगते हैं। इससे इसकी डिमांड बढ़ती है और ये महंगे होने लगते हैं। सोने-चांदी के दाम बढ़ने के 3 मुख्य कारण सोना इस साल ₹34,000 और चांदी ₹36,000 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.67 लाख रुपए पर पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 34 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 61 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
‘निगरानी राजनीति’: भाजपा ने सिद्धारमैया पर डीकेएस गुट की जासूसी करने के लिए राज्य खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 10:15 IST इसे “प्रशासन का पूर्ण राजनीतिकरण” कहते हुए, अशोक ने कहा कि राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, “आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए नहीं।” कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (छवि: न्यूज18) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर उन खबरों के सामने आने के बाद तीखी आलोचना की कि वह कथित तौर पर उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से जुड़े विधायकों पर नजर रखने के लिए राज्य खुफिया विभाग का इस्तेमाल कर रहे हैं। कर्नाटक के नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब शिवकुमार के सहयोगी विधायकों की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव जैसे मुद्दों को संबोधित करने के बजाय “विधायकों की गिनती करना और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को बचाना” है। “तो अब स्टेट इंटेलिजेंस के पास एक नया पूर्णकालिक काम है – डिप्टीसीएम @डीकेशिवकुमार के गुट की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रखना? दवा कारखाने अनियंत्रित चल रहे हैं, सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है, कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है। लेकिन इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता? विधायकों की गिनती और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की छाया, “उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। तो अब स्टेट इंटेलिजेंस के पास एक नया पूर्णकालिक काम है – डिप्टीसीएम की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रखना @डीकेशिवकुमारका गुट?दवा कारखाने अनियंत्रित चलते हैं।साम्प्रदायिक तनाव बढ़ता है।कानून-व्यवस्था कमजोर होती है। लेकिन इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता? विधायकों की गिनती और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की छाया… pic.twitter.com/9gU735wmCB – आर. अशोक (@RAshokaभाजपा) 2 मार्च 2026 इसे “प्रशासन का पूर्ण राजनीतिकरण” कहते हुए, अशोक ने कहा कि राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, “आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए नहीं।” उन्होंने संस्थानों के दुरुपयोग के दावों पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सिद्धारमैया जानते हैं, राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, न कि आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए। और @RahulGandhi अब कहां हैं? वही राहुल गांधी जो संस्थानों के “दुरुपयोग” और “हथियारीकरण” के बारे में व्याख्यान देते हैं? कर्नाटक शासन का हकदार है। निगरानी की राजनीति का नहीं। सीएम सिद्धारमैया को व्यक्तिगत राजनीतिक अस्तित्व के लिए राज्य खुफिया का दुरुपयोग करना बंद करना चाहिए।” उनकी यह टिप्पणी उस खबर के बाद आई है कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर अपने डिप्टी गुट पर नजर रखने के लिए राज्य की खुफिया मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह विवाद मगदी विधायक एचसी बालकृष्ण के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर शिवकुमार खेमे द्वारा आयोजित रात्रिभोज बैठक के बाद शुरू हुआ। जबकि डीकेएस गुट ने दावा किया कि लगभग 40 विधायकों ने सभा में भाग लिया, सूत्रों ने कहा कि 69 आमंत्रित विधायकों में से 32 उपस्थित थे, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया। यह दावा किया गया था कि शिवकुमार खेमे द्वारा पार्टी के भीतर बढ़ते समर्थन को लेकर आशंकित सिद्धारमैया ने नियमित खुफिया ब्रीफिंग से परे विधायकों की गतिविधियों पर विस्तृत अपडेट मांगा था। सूत्रों ने कहा कि शिवकुमार गुट ने बजट सत्र के बाद दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने की योजना का संकेत दिया है। कुछ तटस्थ विधायकों ने कथित तौर पर नेतृत्व परिवर्तन के लिए समर्थन व्यक्त किया, लेकिन कहा कि किसी भी निर्णय को 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की छवि की रक्षा करनी चाहिए। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 10:15 IST समाचार राजनीति ‘निगरानी राजनीति’: भाजपा ने सिद्धारमैया पर डीकेएस गुट की जासूसी करने के लिए राज्य खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक(टी)बीजेपी(टी)सिद्धारमैया(टी)डीके शिवकुमार(टी)आर अशोक






