Saturday, 10 Oct 2026 | 10:43 AM

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19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation

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गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया. गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया. सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी. गुरुग्राम में हॉरर की वो रात 16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो. एक फोन कॉल पर एक्शन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की. बंग्ला ने बचा ली जान मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.

भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

भिंड के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध डेयरी में मिलावटी मावा बनाने का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि दूध से क्रीम निकालकर उसमें रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ड्रायड ग्लूकोज पाउडर मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में मावा, दूध और मिलावटी सामग्री जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए। ग्राम तारौली में की गई छापामार कार्रवाई जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और रीना बंसल ने मौ स्थित ग्राम तारौली निवासी लल्लू सिंह परिहार की डेयरी पर छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान डेयरी में तीन टीन रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 किलोग्राम ड्रायड ग्लूकोज पाउडर, तीन टीन घी, लगभग 50 किलोग्राम मावा और करीब एक क्विंटल दूध संग्रहित पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि डेयरी पर दूध से क्रीम अलग कर शेष दूध में रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर मिलाकर कृत्रिम रूप से मावा तैयार किया जा रहा था। मौके पर डेयरी संचालक के पास खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं मिला। नमूने जांच के लिए भेजे, डेयरी बंद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध, मावा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल एवं ग्लूकोज पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। संबंधित सामग्री को जब्त कर डेयरी संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। इसी क्रम में मौ स्थित रघुराज डेयरी, ग्राम खेरियाचांद से मावा तथा सावित्री डेयरी से भी मावा के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर घमासान:कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को बताया मानसिक रूप से दुर्बल, बीफ सीन पर छिड़ी नई बहस

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर घमासान:कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को बताया मानसिक रूप से दुर्बल, बीफ सीन पर छिड़ी नई बहस

रिलीज से पहले ही विवादों में घिर चुकी ‘द केरल स्टोरी 2’ के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को अपने तीखे बयान के जवाब में गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद खास तौर पर फिल्म के एक सीन को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक मुस्लिम परिवार एक्ट्रेस को जबरदस्ती गोमांस खिला रहा है। कुछ दिनों पहले अनुराग कश्यप ने इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कोई किसी को इस तरह गोमांस नहीं खिलाता, तो क्या खिचड़ी तक कोई जबरदस्ती नहीं खिला सकता। उन्होंने फिल्म को पूरी तरह बकवास और प्रोपगैंडा करार दिया था तथा फिल्म के उद्देश्यों पर भी सवाल उठाए थे। अब इसी टिप्पणी के जवाब में निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने अनुराग कश्यप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अनुराग मानसिक रूप से दुर्बल” हो गए हैं और उन्हें हर चीज से शिकायत रहती है। चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री हो, ब्राह्मण समुदाय हो या नेटफ्लिक्स। कामाख्या ने कहा, “अनुराग कश्यप जी अब मानसिक रूप से दुर्बल हो गए हैं। इनको हर चीज से दिक्कत है।” कामाख्या ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि समाज में कुछ निर्दोष लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने के लिए गोमांस खिलाया जाता है, और यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ द गर्ल इन येलो बूट्स’ का भी जिक्र किया और उस पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अनुराग ने उस फिल्म में एक पिता-बेटी के रिश्ते को अवैध तरीके से दर्शाया था, जो सभ्य समाज में सोचना भी मुश्किल है। सिंह ने कहा कि अनुराग की फिल्में पिछले कुछ समय से फ्लॉप चल रही हैं और वह चाहते हैं कि उन्हें अक्ल आए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ तथ्यों पर आधारित है और ट्रेलर को दर्शकों द्वारा अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। दूसरी तरफ, अनुराग कश्यप ने मीडिया से बातचीत में फिल्म को बकवास बताते हुए कहा था कि इससे विभाजन और सौहार्द को नुकसान पहुँच सकता है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कई फिल्म हस्तियों और राजनीतिक हस्तियों ने भी फिल्म पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इस विवाद ने पहले से ही इसके आसपास बहस का एक बड़ा विषय तैयार कर दिया है।

इंदौर एयरपोर्ट पर लगेज के लिए परेशान नहीं होंगे यात्री:अब यात्रियों को कन्वेयर बेल्ट पर ही मिलेगी ट्रॉली, ये सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला हवाईअड्‌डा

इंदौर एयरपोर्ट पर लगेज के लिए परेशान नहीं होंगे यात्री:अब यात्रियों को कन्वेयर बेल्ट पर ही मिलेगी ट्रॉली, ये सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला हवाईअड्‌डा

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल ने यात्रियों के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब बाहर से आने वाले यात्रियों को सामान के लिए ट्रॉली ढूंढने की झंझट नहीं होगी, ट्रॉली सीधे कन्वेयर बेल्ट के पास ही उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गई है। इसके तहत एयरपोर्ट प्रबंधन ने ट्रॉली मैनेजमेंट कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कन्वेयर बेल्ट के आसपास हर तरफ ट्रॉलियां रखे। अब जैसे ही कोई यात्री सामान उठाता है, स्टाफ तुरंत नई ट्रॉली लगा देता है ताकि कोई कमी न रहे। एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि यात्रियों को यह सुविधा देने वाला इंदौर देश का पहला एयरपोर्ट है। इस व्यवस्था के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि ट्रॉली अवस्थित ना हो और किसी भी यात्री को ट्राली के लिए परेशान ना होना पड़े। इसके लिए पूरे समय कंपनी का स्टाफ अराइवल हाल में तैनात किया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि यह सुविधा यात्रियों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बहुत राहत भरी है। पहले अराइवल हाल में ट्रॉली ढूंढकर उसे बेल्ट तक लाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब यात्री सीधे बेल्ट से सामान उठाकर ट्रॉली पर रखकर बाहर निकल सकते हैं। पूरी व्यवस्था में स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि ट्रॉली कभी खाली न रहे और किसी यात्री को इंतजार न करना पड़े। छोटा लेकिन बहुत उपयोगी बदलाव ट्रेवल एजेंट्स और यात्रियों ने इस पहल की खूब सराहना की है। कई यात्रियों ने इसे “छोटा लेकिन बहुत उपयोगी बदलाव” बताया, जो यात्रा को और आरामदायक बनाता है। इंदौर एयरपोर्ट लगातार यात्री सुविधाओं में सुधार कर रहा है और यह कदम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने का एक शानदार उदाहरण है।

ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम

ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम

वर्ष 2026 वैश्विक संस्कृति और पर्यटन के लिए बेहद खास होने वाला है। अमेरिका के लॉस एंजिलिस से लेकर मध्य एशिया तक दुनिया के चार सबसे प्रतीक्षित म्यूजियम खुलने जा रहे हैं। ये प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र न केवल शहरों की स्काईलाइन बदलेंगे, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इनमें हॉलीवुड निर्देशक जॉर्ज लुकास का लगभग 9 हजार करोड़ रु. का नैरेटिव आर्ट म्यूजियम और मशहूर आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया अबू धाबी का गुगेनहाइम प्रमुख है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम में भी कला केंद्र तैयार हो रहे हैं। 1- अमेरिका- यूएफओ जैसा म्यूजियम लॉस एंजिलिस (अमेरिका) के एक्स पोजिशन पार्क में बन रहा यह म्यूजियम सितंबर तक खुलेगा। 11 एकड़ में फैले परिसर की लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसका आकार उड़न तश्तरी (यूएफओ-स्पेसशिप) जैसा है। इसमें हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स’ के असली प्रॉप्स सहित 40 हजार कलाकृतियां होंगी। 2 – अबू धाबी – धातु की चादरों से बना है यह गुगेनहाइम अबू धाबी म्यूजियम यूएई के सादियात द्वीप पर बन रहा है। यहां कांच के पुलों पर गैलरियां बनाई गई हैं। इसकी लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसे आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी ने धातु की चादरों और पाल जैसा डिजाइन किया। यहां जैक्सन पोलक जैसे कलाकारों की कलाकृतियां दिखाई जाएंगी। 3 – शिकागो में ओबामा का वाइट हाउस अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट शिकागो के साउथ साइड में बन रहा है, जो जून 2026 में खुलेगा। 6350 करोड़ रु. की लागत है। इसकी बड़ी खासियत वाइट हाउस के ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का मुख्य दफ्तर) की हूबहू प्रतिकृति होगी। ये 8 मंजिला इमारत ग्रेनाइट पत्थर से बनी है। 4 – बेल्जियम – कार फैक्ट्री म्यूजियम बनी बेल्जियम के ब्रसल्स में बन रहा यह कनाल-पॉम्पिडू म्यूजियम नवंबर तक खुलेगा। इसे 40 हजार वर्ग मीटर में फैली 1930 के दशक की कार फैक्ट्री को आधुनिक रूप देकर बनाया गया है। यहां पाब्लो पिकासो और हेनरी माटिस जैसे महान चित्रकारों की 350 से ज्यादा कलाकृतियां रखी जाएंगी। यह पुराने औद्योगिक भवनों को नया रूप देगा।

सोना ₹3 हजार महंगा, ₹1.58 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹15 हजार महंगी होकर ₹2.65 लाख किलो हुई, इस साल 35 हजार बढ़ चुकी

सोना ₹3 हजार महंगा, ₹1.58 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹15 हजार महंगी होकर ₹2.65 लाख किलो हुई, इस साल 35 हजार बढ़ चुकी

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 23 फरवरी को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,362 रुपए बढ़कर 1,58,428 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,55,066 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 15,236 रुपए बढ़कर 2,65,550 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,50,314 रुपए किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में सोने-चांदी कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस साल सोना 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 23 फरवरी, 2026) 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

रायसेन जिले में सिलवानी-भोपाल मार्ग पर सोमवार सुबह ग्राम जमुनिया के पास एक सड़क हादसा हो गया। एक वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान आमापानी कॉलोनी के वार्ड 1 निवासी 20 वर्षीय जितेंद्र लोधी के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए रोहित आदिवासी को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक देर रात सिलवानी से सीहोर की ओर जा रहे थे। ग्राम जमुनिया के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जितेंद्र लोधी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

मध्य प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में 10.19% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को सौंपा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली नई दरें आम आदमी के घरेलू बजट पर असर डालेगी। अनुमान है कि इस वृद्धि से प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पर सालाना 3600 रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद उत्पादन का खर्च कम हो चुका है। इसके बाद भी कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंडे स्टोरी में पढ़िए बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने के लिए कौन से तर्क दिए हैं और आम आदमी पर किस तरह से असर पड़ेगा…। 300 रुपए महीना बढ़ सकता है बिजली का खर्च बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में लगातार बढ़ते घाटे, परिचालन लागत में वृद्धि और अन्य वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह मांग रखी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार हर महीने 400 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसका वर्तमान बिल जो लगभग 3250 रुपये आता है, वह बढ़कर 3550 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह सीधे तौर पर 300 रुपये की मासिक वृद्धि है। यानी सालाना हिसाब देखे तो 3600 रु. सालाना बिजली का खर्च बढ़ जाएगा। क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें? कंपनियों ने गिनाए ये कारण बिजली कंपनियों का तर्क है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भारी घाटे में चल रही हैं। प्रस्ताव पर उठे सवाल इस प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं, जो बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं। 4,800 करोड़ की रुकी वसूली का अनसुलझा पेंच मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। यह राशि लगभग 4,800 करोड़ रुपये है। विद्युत वितरण कंपनियों को इस राशि की भरपाई सरकार करने वाली थी, लेकिन अब तक नहीं हुई है। अब यह राशि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी या कोई और विकल्प खोजा जाएगा, इसका फैसला करने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसके अलावा, कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं से 1,373 करोड़ रुपये और कृषि उपभोक्ताओं से 2,790 करोड़ रुपये की पुरानी बकाया राशि वसूलने का भी प्रस्ताव रख रही हैं। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के हालिया दावों के ठीक विपरीत है। कुछ समय पहले ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े और बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां घाटे से उबर जाएंगी। जब उनसे बिजली सस्ती करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रदेश में 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक करोड़ तो सिर्फ 100 रुपए में बिजली वाली सब्सिडी स्कीम (अटल गृह ज्योति योजना) से जुड़े हैं। ऐसे में सस्ती बिजली कैसे देंगे?” 24 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रस्ताव पर सुनवाई राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर 24 से 26 फरवरी तक जनसुनवाई करेगा, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता संगठन, उद्योगपति और आम नागरिक अपना पक्ष रखेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा। यदि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से नई महंगी दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी।आम जनता को अब आयोग के फैसले का इंतजार है, जिस पर उनके घर का बजट टिका हुआ है।

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।