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किसान महाचौपाल के लिए आज भोपाल पहुंचेंगे राहुल गांधी:जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से कार्यक्रम, कई मार्गों पर डायवर्जन

किसान महाचौपाल के लिए आज भोपाल पहुंचेंगे राहुल गांधी:जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से कार्यक्रम, कई मार्गों पर डायवर्जन

शहर में मंगलवार, 24 फरवरी को “बेहतर ट्रैफिक, बेहतर भोपाल” अभियान के बीच कांग्रेस कमेटी द्वारा जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से किसान महाचौपाल का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक पार्किंग व डायवर्जन प्लान जारी किया है। मंच पर बैठने वाले करीब 200 विशिष्ट अतिथियों के वाहन रंगमहल चौराहा से यादव मेडिकल तिराहा, काटजू तिराहा और राजस्थान स्वीट्स तिराहा होते हुए मॉडल स्कूल के पास ड्रॉप किए जाएंगे। इसके बाद वाहन निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। रूट प्लान ये रहेंगे प्रमुख डायवर्जन यात्रियों से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों से विशेष रूप से अपील की है कि वे परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

जबलपुर में नेशनल हाईवे ओवरब्रिज धंसने का मामला:ठेकेदार पहले से ब्लैकलिस्ट, कंस्ट्रक्शन कंपनी व जिम्मेदारों पर हुई एफआईआर

जबलपुर में नेशनल हाईवे ओवरब्रिज धंसने का मामला:ठेकेदार पहले से ब्लैकलिस्ट, कंस्ट्रक्शन कंपनी व जिम्मेदारों पर हुई एफआईआर

जबलपुर में नेशनल हाईवे के जबलपुर–हिरन नदी मार्गखंड के 28 किमी पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की रिटेनिंग वॉल 22 फरवरी 2026 की शाम क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद एहतियातन प्रभावित हिस्से पर यातायात रोक दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) का अमला मौके पर पहुंचा। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक की शिकायत पर 23 फरवरी 2026 को शाहपुरा थाने में FIR दर्ज की गई। मामला धारा 285, 290, 324(5), 125 एवं 3(5) के तहत पंजीबद्ध है। जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार धुर्वे को सौंपी गई है। 2017 में अनुबंध, 2022 में निर्माण पूरा; लागत 400 करोड़ जबलपुर–हिरन नदी मार्ग के पैकेज-1 अंतर्गत 4-लेन उन्नयन कार्य का अनुबंध 19 दिसंबर 2017 को हुआ था। परियोजना का निर्माण 7 फरवरी 2022 को पूरा किया गया, जिसे लगभग 4 वर्ष 2 माह में पूर्ण किया गया। इस परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निर्माण कार्य ईपीसी मोड पर मैसर्स आरएसआरआईपीएल‑मेर्सी जॉइंट वेंचर द्वारा किया गया था। 50 वर्ष की आयु, 4 साल में दूसरी बार क्षति विभागीय जानकारी के अनुसार आरओबी की अनुमानित आयु 50 वर्ष बताई गई थी। इससे पहले 9 सितंबर 2025 को भी इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। अब दोबारा रिटेनिंग वॉल धंसने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत में मानकों के पालन में कमी का उल्लेख किया गया है। कंपनी पहले ही ब्लैकलिस्ट, मार्ग डीएलपी में एमपीआरडीसी के अनुसार गुणवत्ता से जुड़े कारणों के चलते संबंधित कंपनी को 2 जनवरी 2026 को डिबार (ब्लैकलिस्ट) किया जा चुका है। मार्ग वर्तमान में Defect Liability Period (DLP) में है, इसलिए मरम्मत कार्य और उससे जुड़ा पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा ही वहन किया जाएगा। मंत्री बोले- एक माह में सुरक्षित यातायात का लक्ष्य लोकनिर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि आरओबी की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि सड़क विकास निगम ने युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और एक माह के भीतर सुधार कर सुरक्षित यातायात बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, FIR दर्ज कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा के लिहाज से डायवर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और संकेतक लगाए गए हैं। साथ ही रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर पूर्व की लेवल क्रॉसिंग को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

X गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!   आजकल हेल्थ और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कब्ज, एसिडिटी, पेट में जलन और मानसिक बेचैनी जैसी परेशानियां आम हो चुकी हैं. ऐसे समय में एक पुराना भारतीय उपाय फिर से चर्चा में है – गुनगुने पानी के साथ घी का सेवन. इस विषय पर एक प्रभावशाली वक्तव्य में सद्गुरु बताते हैं कि सही तरीके से घी का उपयोग हमारे पाचन तंत्र, खासकर कोलन की सफाई और आंतों की सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है. भारतीय भोजन संस्कृति में हजारों वर्षों से घी को विशेष स्थान दिया गया है. परंपरा के अनुसार भोजन की पहली ग्रास में घी लेना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी माना गया. सद्गुरु समझाते हैं कि घी आहार नली को चिकनाई देता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और आंतों में कुछ भी चिपकता नहीं. खासकर मसालेदार भोजन करने वाले क्षेत्रों में घी को पाचन सुरक्षा कवच की तरह देखा जाता रहा है.

आजमगढ़ में आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा, 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सक के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा

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Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा मिलेगी. अब सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज भी उपलब्ध होगा. पहले चरण में 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीज आयुर्वेदिक दवाइयों जैसे काढ़ा, तेल और जड़ी बूटियों से इलाज करवा सकेंगे. ख़बरें फटाफट आजमगढ़. जिले में अब मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, मंडलीय अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर भी अब एलोपैथ दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. मरीज को आयुर्वेदिक उपचार के लिए शहर मुख्यालय की भाग दौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें अब अंग्रेजी दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध होगा और साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण में 25 अस्पतालों पर शुरू होगी यह व्यवस्थाग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सस्ता सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में जिले 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था होगी, जिसमें अस्पताल में आने वाले मरीजों को एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प भी उपलब्ध होगा. समस्याओं को बताते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करते हुए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे. जड़ी बूटियां से संभव होगा इलाजइसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले चरण में चयनित सीएचसी और पीएचसी में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां पर आयुर्वेदिक दवाइयां काढ़ा,तेल और आवश्यक जड़ी बूटियां भी उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियां एवं त्वचा से संबंधित तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब प्राकृतिक तरीके से उपचार मिल सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा प्रथम चरण में उपलब्ध होगी उनमें मार्टिनगंज ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर ब्लॉक के अंबारी पीएससी, बिलरियागंज ब्लॉक के परशुरामपुर, बनकट और जमीन फरेंदा पीएचसी, अजमतगढ़ ब्लॉक के अवुमारी नारायणपुर, बिलरियागंज, तरवां, महानगर ब्लॉक के खरिहानी पीएससी आदि पर आयुष डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 22:30 IST

स्क्रीन टाइम का खतरा: मोबाइल की लता से आंखों को लेकर दिमाग तक पर बुरा असर, होती है ये बीमारी, जानें पाने के तरीके

स्क्रीन टाइम का खतरा: मोबाइल की लता से आंखों को लेकर दिमाग तक पर बुरा असर, होती है ये बीमारी, जानें पाने के तरीके

23 फरवरी 2026 को 22:20 IST पर अद्यतन किया गया स्क्रीन टाइम डेंजर: मोबाइल फोन की लता बड़ी बीमारी को कॉलवा है। इस आदत से नजर से लेकर दिमाग तक का बुरा असर। इससे जुड़ने के कुछ तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी मदद कर सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)मोबाइल एडिक्शन(टी)स्क्रीन टाइम साइड इफेक्ट्स(टी)स्मार्टफोन स्वास्थ्य जोखिम(टी)नीली रोशनी प्रभाव(टी)नींद विकार(टी)आंखों में तनाव(टी)सरवाइकल दर्द(टी)डिजिटल डिटॉक्स टिप्स(टी)मोबाइल के अत्यधिक उपयोग की समस्याएं(टी)स्मार्टफोन की लत का इलाज

बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और भूरे बालों का घर पर मौजूद है सस्ता इलाज, दही से बनाएं मजबूत और चमकदार बाल

बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और भूरे बालों का घर पर मौजूद है सस्ता इलाज, दही से बनाएं मजबूत और चमकदार बाल

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों से जुड़ी कई चीजें तेजी से बढ़ रही हैं। बालों का झड़ना, रूखापन, दोमुंहे बाल और डैंड्रफ अब आम समस्या बन गई है। लोग स्वतंत्र रूप से प्राप्त करने के लिए सरकारी शैम्पू और डिटर्जेंट का उपयोग करते हैं, लेकिन कई बार इसके बावजूद गेमप्ले का परिणाम नहीं मिलता है। प्रदूषण, तनाव, ग़लत क्वालिटी और केमिकल से बने उत्पाद बालों को अंदर से ख़राब बना देते हैं। ऐसे में लोग अब मशीन और घरेलू उपाय अपनाते हैं, तो सेफ के साथ ही काफी प्रभावशाली भी हो जाते हैं। दही में मौजूद पोषक तत्त्व बाल और स्कैल्प दोनों के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन और लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो बाल को पोषण देने के साथ-साथ स्कैल्प को भी बनाए रखने में मदद करता है। दही बालों की सेहत के लिए एक आसान और शैक्षणिक संस्थान माना जाता है। दही में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो स्कैल्प पर सागर गंदगी, पेय पदार्थ और एक्स्ट्रा ऑयल को साफ करने में मदद करता है। इससे रोमछिद्र खुलते हैं और बालों की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। साफ स्कैल्प होने से बालों की जड़ें भी मजबूत बनती हैं। दही में पाए जाने वाले प्रोटीन और विटामिन बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। इससे बालों का टूटना कम हो सकता है और धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बाल मजबूत और घने नजारे आते हैं। परफेक्ट और बेजान बालों के लिए यह एक शॉपिंग टॉनिक की तरह काम करता है। अगर आप लंबे समय से डैंड्रफ और स्कैल्प में खुजली की समस्या से परेशान हैं, तो आपके लिए दही कमाल साबित हो सकता है। यह एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण स्कैल्प की जलन को शांत करने में मदद करता है और रूसी की समस्या को कम कर सकता है। अज्ञात की तरह काम करता है दही को बालों में लगाने से बालों में इक्सकींट बनी रहती है। इनमें बाल, चमकदार और कम उलझने वाले शामिल हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले बालों के टेक्सचर बेहतर हो सकते हैं और बालों के मुख्य मानक निर्धारित होते हैं। बालों में दही बनाने का सही तरीका (टैग्सटूट्रांसलेट)बालों के लिए दही(टी)दही हेयर मास्क(टी)बालों पर दही लगाने के फायदे(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल के टिप्स(टी)डैंड्रफ का घरेलू इलाज(टी)बालों के झड़ने को नियंत्रित करने का उपाय(टी)डायरी हेयर मास्क(टी)प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बाल

इंस्टाग्राम पर स्टंटबाजी का वीडियो देखकर पुलिस ने लिया उठा, दिल्ली में रील्स बनाने वाले अब हो जाएं सावधान | delhi police action after dwarka scorpion accident sahil death new usmanpur instagram complaint reckless 3 bikers arrested

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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले रील्स बनाने के चक्कर में एक भयानक हादसा हुआ था, जिसमें एक मां ने अपने इकलौते बेटे साहिल को खो दिया था. इस घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है. देश की राजधानी में रील बनाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. राजधानी में रील बनाने के चक्कर में हो रही मौतों के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट के न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर मिली एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है. आजकल के युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए सड़कों पर स्टंटबाजी करते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. न्यू उस्मानपुर पुलिस को इंस्टाग्राम के माध्यम से एक वीडियो और शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कुछ युवक सार्वजनिक सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. इंस्टाग्राम से मिला सुराग और एक्शन डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला आशीष मिश्रा के निर्देश और एसएचओ राजेंदर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर नंबर 111/26 दर्ज की. आरोपियों की प्रोफाइल पुलिस ने इस मामले में खजूरी खास इलाके के रहने वाले तीन युवकों को दबोचा है. 22 साल के तुषार पुनिया, 20 साल का तनिष्क मावी और 20 साल पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों युवक खजूरी खास के रहने वाले हैं और अक्सर न्यू उस्मानपुर और आसपास के इलाकों में स्टंटबाजी करते देखे जाते थे. हथियार बनी सोशल मीडिया, जब्त हुई बाइकें जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले ही एक अन्य मामले (FIR No. 101/26) में जब्त की जा चुकी थीं, जिनका संबंध इसी तरह की लापरवाही भरी ड्राइविंग से था. ताजा मामले में पुष्पेंद्र की एक और मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं (194D, 38, 192) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है. अगर कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या स्टंटबाजी कर दूसरों की जान खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को देखते ही पुलिस को सोशल मीडिया या हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें.

मैरिज गार्डन में लगी आग:गार्डन के गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ खाक दमकल ने पाया आग पर काबू

मैरिज गार्डन में लगी आग:गार्डन के गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ खाक दमकल ने पाया आग पर काबू

मुरैना के कैलारस कस्बे स्थित मंगल मैरिज गार्डन में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। आग गार्डन के स्टोर के दो कमरों में लगी, जिससे वहां रखा टेंट का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। आग की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अपने निजी बोर से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जा रहा है कि घटना के समय गार्डन पिछले तीन दिनों से बंद था और वहां कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा था। 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान मंगल मैरिज गार्डन के संचालक राजकुमार चौहान के अनुसार गार्डन पिछले तीन दिन से बंद था। दोपहर में स्थानीय लोगों और चौकीदार ने गोदाम हिस्से में आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग में टेंट का सामान जल गया। उन्होंने करीब 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। आग के कारणों की जांच शुरू कैलारस एसडीओपी उमेश मिश्रा ने बताया कि मंगल गार्डन में दिन के समय आग लगी है, जिसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस टीम और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।

How To Identify Emotional eating । इमोशनल ईटिंग के संकेत, बचाव और सेहत पर असर जानें

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Last Updated:February 23, 2026, 16:59 IST Signs Of Emotional Eating: टेंशन में ज्यादा खाना इमोशनल ईटिंग का संकेत हो सकता है. स्ट्रेस के दौरान कोर्टिसोल और डोपामिन जैसे हार्मोन भूख बढ़ाते हैं. यह आदत धीरे धीरे वजन और सेहत पर असर डाल सकती है. दस मिनट रुकना, हेल्दी स्नैक चुनना और स्ट्रेस मैनेज करना मददगार है. भावनाओं को समझकर और सही आदतें अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है. Signs Of Emotional Eating: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में टेंशन और स्ट्रेस जैसे शब्द आम हो चुके हैं. काम का दबाव, पढ़ाई की चिंता, रिश्तों की उलझन या पैसों की परेशानी, हर कोई किसी न किसी वजह से मानसिक दबाव में है. ऐसे में कई लोग अनजाने में एक आदत अपना लेते हैं, बार बार कुछ न कुछ खाते रहना. खासकर मीठा, चिप्स, चॉकलेट, फास्ट फूड या कोई भी ऐसा खाना जो तुरंत अच्छा महसूस कराए. उस समय लगता है कि खाने से मन हल्का हो रहा है, लेकिन कुछ देर बाद अपराधबोध भी होने लगता है. यही आदत धीरे धीरे इमोशनल ईटिंग में बदल जाती है. यानी जब भूख पेट की नहीं बल्कि मन की हो. कई लोग समझ ही नहीं पाते कि उन्हें सच में भूख लगी है या वे सिर्फ टेंशन से बचने के लिए खा रहे हैं. अगर समय रहते इस आदत को न समझा जाए तो वजन बढ़ना, थकान, सुस्ती और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं. क्या है इमोशनल ईटिंग: इमोशनल ईटिंग का मतलब है भावनाओं के कारण खाना. जब हम उदास, गुस्से में, अकेले या परेशान होते हैं तो दिमाग जल्दी राहत चाहता है. ऐसे में दिमाग मीठा या तला हुआ खाना खाने का संकेत देता है, क्योंकि इससे तुरंत खुशी का एहसास होता है. लेकिन यह खुशी थोड़े समय के लिए ही होती है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके पीछे का साइंस: जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है. साथ ही जब हम मीठा या पसंदीदा खाना खाते हैं तो डोपामिन निकलता है, जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है. इससे दिमाग को कुछ समय के लिए राहत मिलती है. लेकिन यह आदत बार बार दोहराने पर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. कैसे पहचानें कि आप इमोशनल ईटर हैं? अगर आपको बिना असली भूख लगे भी बार बार कुछ खाने का मन करता है, उदासी या गुस्से में खासकर मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होती है, खाना खाने के बाद अपराधबोध महसूस होता है, बोरियत में आप बार बार किचन की तरफ चले जाते हैं या रात में अकेले ज्यादा खा लेते हैं, तो ये इमोशनल ईटिंग के संकेत हो सकते हैं. अगर ये आदतें आपमें दिख रही हैं, तो सावधान होने और समय रहते अपनी भावनाओं को समझने की जरूरत है. 1. असली भूख और मन की भूख में फर्क समझें: खाना खाने से पहले खुद से पूछें कि क्या सच में पेट भूखा है. अगर हां तो हेल्दी खाना खाएं. अगर नहीं तो समझें कि यह सिर्फ भावना है. 2. दस मिनट का नियम अपनाएं: जब भी अचानक खाने का मन करे, दस मिनट रुकें. इस दौरान पानी पिएं या थोड़ी वॉक करें. अक्सर क्रेविंग अपने आप कम हो जाती है. 3. स्ट्रेस कम करने के दूसरे तरीके खोजेंछ संगीत सुनें, किसी दोस्त से बात करें, गहरी सांस लें या हल्की एक्सरसाइज करें. हर समस्या का हल खाना नहीं है. 4. हेल्दी स्नैक रखें: अगर आपको पता है कि शाम को ज्यादा खाने की आदत है, तो घर में फल, नट्स या दही जैसे विकल्प रखें. जंक फूड कम खरीदें. 5. नींद पूरी लें: नींद की कमी भी भूख बढ़ाती है. रोज कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें. 6. अपनी भावनाएं लिखें: जब भी ज्यादा खाने का मन करे, अपनी भावना लिखें. इससे आप समझ पाएंगे कि असली वजह क्या है. क्यों जरूरी है इस आदत को रोकना: इमोशनल ईटिंग से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता, बल्कि आत्मविश्वास भी कम होता है. बार बार अपराधबोध होने से मानसिक तनाव और बढ़ सकता है. इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है. याद रखें, खाना दुश्मन नहीं है. समस्या तब होती है जब हम भावनाओं को दबाने के लिए खाने का सहारा लेने लगते हैं. अगर आप अपनी भावनाओं को समझना शुरू कर दें, तो इस आदत को बदलना आसान हो सकता है. First Published : February 23, 2026, 16:59 IST

कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा | राजनीति समाचार

Zimbabwe vs West Indies Live Cricket Score, T20 World Cup 2026: Stay updated with ZIM vs WI Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST एक विवाद कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन से जुड़ा है, जबकि दूसरा विवाद सीएम सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा की जांच से जुड़ा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (बाएं) ने कथित तौर पर 50 मिनट की कार यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया; कोलार विधायक कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त की, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में विवाद खड़ा हो गया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) कर्नाटक और हेलीकॉप्टर: बस इतना ही। यही खबर है. लेकिन दो अलग-अलग मुद्दों को एक साथ जोड़ना बहुत आसान होगा, जिसने कांग्रेस शासित राज्य में राजनीतिक रस्साकशी का कारण बना दिया है, भले ही दोनों में कम से कम एक सामान्य कारक है – शक्तिशाली हेलिकॉप्टर। पहला, कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन पर बड़े पैमाने पर विवाद से जुड़ा है और दूसरा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा पर जांच के बारे में है। कोलार में कांग्रेस बनाम जद(एस), भाजपा कोलार से कांग्रेस विधायक, कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त करने के बाद “प्रोटोकॉल चूक” को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। हालाँकि, कोथुर मंजूनाथ एक कदम आगे बढ़े और उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा स्थानीय निवासियों को “अपर्याप्त रोजगार” दिए जाने के विरोध में हेलीकॉप्टर इकाई में बिजली कटौती का आह्वान किया। मजुनाथ ने वेमागल में पंचायत कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने हमारी जमीन ले ली है, लेकिन हमारे लोगों को नौकरी नहीं दे रहे हैं, न ही उन्हें अंदर आने दे रहे हैं। आइए देखें कि क्या वे निर्वाचित प्रतिनिधियों की ताकत को समझते हैं।” मंजूनाथ ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को वेमागल औद्योगिक क्षेत्र में हेलीकॉप्टर असेंबली इकाई के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जहां 17 फरवरी को प्रधान मंत्री मोदी ने सुविधा का उद्घाटन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों, एमएलसी और वेमागल नगर पंचायत के सदस्यों को नजरअंदाज किया गया और इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, इसे प्रोटोकॉल में एक गंभीर चूक बताया। उन्होंने क्षेत्र में जमीन पर परियोजना स्थापित होने के बावजूद स्थानीय प्रतिनिधियों को दरकिनार करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। धमकियों की तरह लगने वाली बात में, उन्होंने हेलीकॉप्टर इकाई का बिजली कनेक्शन काटने, या कारखाने के गेट के सामने खाई खोदने का आह्वान किया और कहा कि एक ट्रैक्टर को उस खंभे से टकराया जा सकता है जो सुविधा को बिजली की आपूर्ति करता है। इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि जमीन स्थानीय स्तर पर अधिग्रहित की गई थी, लेकिन निवासियों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिला और उन्हें गार्ड की नौकरियां दी जा रही थीं, जबकि “बाहरी लोगों” ने बेहतर पद छीन लिए। उन पर प्रतिक्रिया देते हुए, जद (एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी टिप्पणी उत्तेजक है और विधायकों को कर्नाटक में औद्योगिक विकास का समर्थन करने की जरूरत है। कुमारस्वामी ने कहा, “किसे आमंत्रित नहीं किया गया, किसे आमंत्रित किया गया, आदि के बारे में बात करने के बजाय कांग्रेस विधायक केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस प्रोजेक्ट का समर्थन करें तो बेहतर होगा।” कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक जन प्रतिनिधि के रूप में “धमकी” जारी करने के लिए बुलाया। विजयेंद्र ने कहा, “मुझे लगता है कि वह भूल गए हैं कि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं, इस तरह की धमकी से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। एक जन प्रतिनिधि के रूप में उन्हें अधिक जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए।” ‘सिद्धारमैया सिर्फ उड़ना चाहते हैं’ भाजपा ने सिद्धारमैया की हेलिकॉप्टर यात्रा को राजनीतिक मुद्दा बना दिया और आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है. भाजपा ने आरोप लगाया कि जहां एससी/एसटी निगम के लिए फंड में कटौती की गई है, वहीं मुख्यमंत्री की हेलीकॉप्टर यात्रा 40 किमी से 50 किमी की दूरी तक भी जारी रही है। उन्होंने कथित तौर पर ‘मनरेगा बचाओ’ कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु से चिकाबल्लापुरा तक 50 किमी की यात्रा की, जिससे 50 मिनट की यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग करने की उनकी आवश्यकता पर सवाल उठे, जबकि उनके पास पहले से ही सड़क पर “शून्य यातायात” विशेषाधिकार हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है और वह सिर्फ उड़ान भरना चाहते हैं. कथित तौर पर उन्हें विशेष उड़ानों, विमानों और हेलीकॉप्टरों के कथित अत्यधिक उपयोग के लिए जाना जाता है, उन्होंने ऐसी यात्राओं पर मई 2023 और नवंबर 2025 के बीच 47 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में सीएम ने बेंगलुरु से अपने गृहनगर मैसूरु तक उड़ान भरने के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जबकि दोनों शहर सड़क मार्ग से केवल दो घंटे की दूरी पर हैं। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा कि चिक्काबल्लापुर बेंगलुरु से केवल 48 किमी दूर है और सड़क यात्रा में एक घंटे का समय लगता है। नारायणस्वामी ने कहा, “सीएम के पास पूरी सुरक्षा है। फिर भी वह हेलिकॉप्टर का उपयोग कर रहे हैं…कर्नाटक के लोग इतनी समस्याओं से पीड़ित हैं, कुछ भी सुधार नहीं हो रहा है…पैसे नहीं हैं। यहां तक ​​कि जब वह मैसूर की यात्रा कर रहे होते हैं, जो उनका निर्वाचन क्षेत्र है, तब भी वह वहां जाने के लिए हेलिकॉप्टर या निजी उड़ान लेते हैं। वह अपनी शक्ति का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं…उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है।” सिद्धारमैया और कांग्रेस ने अभी तक आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST समाचार राजनीति कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध