‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:21 फरवरी, 2026, 15:55 IST युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा किया, जिसकी भाजपा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख, मायावती सहित अन्य लोगों ने निंदा की। बाएं: बसपा प्रमुख मायावती, मध्य: विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दाएं: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा करने के बाद कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना हुई। दृश्यों में प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हाथों में शर्ट लेकर भारत मंडपम के अंदर जाते हुए और कार्यक्रम स्थल पर मार्च करते हुए नारे लगाते हुए दिखाया गया है। इस कृत्य की न केवल केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों ने भी निंदा की, जिनमें से कई ने वैश्विक मंचों पर “राजनीति से ऊपर उठने” की आवश्यकता पर बल दिया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी एक्स को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दुनिया के सामने एकजुट मोर्चा पेश करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लिखा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में, युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मिंदा कर दिया। हमारी राजनीति कहां जा रही है! किसी को भी हमारे देश को अपमानित नहीं करना चाहिए। हमारे राजनीतिक मतभेद जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।” कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मसार कर दिया। हमारी राजनीति किस ओर जा रही है! किसी को भी हमारे देश का अपमान नहीं करना चाहिए।’ हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।- वाईएस जगन मोहन रेड्डी (@ysjagan) 21 फ़रवरी 2026 ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: राजनीतिक दलों ने एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर कांग्रेस की आलोचना की उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, ”नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश दोनों से काफी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया था और जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा था, जिस तरह से कुछ व्यक्तियों-जिनकी पहचान युवा कांग्रेस सदस्यों के रूप में की गई-ने इस कार्यक्रम के दौरान अर्ध-नग्न होकर अपना गुस्सा व्यक्त किया, वह पूरी तरह से अपमानजनक और निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता, तो यह बिल्कुल अलग बात होती; हालांकि, शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसा आचरण चिंता का कारण है, यानी यह सुनिश्चित करना उचित होगा कि हमारे देश की गरिमा और छवि खराब न हो।” तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव लोकेश नारा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि “इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशे में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” उन्होंने कहा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के कारण हुए व्यवधान से मैं स्तब्ध और निराश हूं। यह वैश्विक मंच एक उभरती एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करने के लिए था। इस तरह के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशा में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” मैं कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस द्वारा किए गए व्यवधान से स्तब्ध और निराश हूं। इस वैश्विक मंच का उद्देश्य एक उभरती हुई एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करना था। इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन को केवल राजनीतिक तमाशा बना देना… pic.twitter.com/5338c5NtPV– लोकेश नारा (@naralokesh) 21 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “भारत बेहतर का हकदार है। आइए हम क्षुद्र राजनीति से ऊपर उठें और नवाचार और उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि विरोध “बड़ी साजिश का एक हिस्सा है जिसने नेपाल में जेन जेड विरोध प्रदर्शन से प्रेरणा ली है।” पुलिस ने अदालत को बताया, “आरोपियों का एक-दूसरे के साथ-साथ डिजिटल सबूतों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 फरवरी, 2026, 15:42 IST समाचार राजनीति ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)युवा कांग्रेस ने एआई शिखर सम्मेलन का विरोध किया(टी)कांग्रेस पार्टी की आलोचना(टी)एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में व्यवधान(टी)भारत मंडपम विरोध(टी)राजनीतिक निंदा भारत(टी)वैश्विक मंच राजनीति(टी)वाईएस जगन मोहन रेड्डी प्रतिक्रिया(टी)लोकेश नारा बयान
सीधी बाईपास पर बोलेरो की टक्कर से दो युवक घायल:ड्राइवर फरार, वाहन के खिलाफ मामला दर्ज; जिला अस्पताल में एडमिट

सीधी बाईपास पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे की बताई जा रही है। टक्कर के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायल युवकों की पहचान नेबूहा निवासी आशीष रावत और अजीत रावत के रूप में हुई है। वे मोटरसाइकिल से सीधी की ओर आ रहे थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक घर के किराने का सामान लेने के लिए सीधी आए थे और वापस लौटते समय बाईपास पर दुर्घटना का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो वाहन अत्यधिक गति में था। घायल अजीत रावत ने बताया कि बोलेरो ने अचानक कट मारा, जिससे उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क की पटरी के नीचे उतर गई। हादसे में अजीत के सिर में चोट आई है, जबकि उनके साथी आशीष रावत को पैर और हाथ में गंभीर चोटें लगी हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। अस्पताल चौकी प्रभारी देवराज सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बोलेरो चालक के फरार होने के कारण अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
जैकी श्रॉफ ने नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि:एक्टर ने दिवंगत एक्ट्रेस की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कर उन्हें किया याद

बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने दिवंगत एक्ट्रेस नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्टर ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें नूतन की कई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें तस्वीरें शामिल थीं। वीडियो पर लिखा था, “नूतन जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए।” बता दें कि नूतन का जन्म 1936 में हुआ था और 21 फरवरी 1991 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया था। वह 54 साल की थीं। वर्ष 1990 में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था, जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। हालांकि, 1991 में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई थी। नूतन का फिल्म करियर नूतन हिंदी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेसेस में थीं। उन्होंने 1945 में अपने पिता की फिल्म नल दमयंती में बाल कलाकार के रूप में कैमरे के सामने पहली बार काम किया। 1950 में मां के निर्देशन में बनी हमारी बेटी से उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस करियर शुरू किया। इसके बाद 1951 में नगीना और हम लोग जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई। 1955 में फिल्म सीमा उनकी पहली बड़ी सफलता साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1959 में अनाड़ी और सुजाता से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। 1963 में बिमल रॉय की बंदिनी में उनकी एक्टिंग को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जाता है। 1960 और 70 के दशक में छलिया, सरस्वतीचंद्र, मिलन और मैं तुलसी तेरे आंगन की जैसी फिल्मों से उन्होंने स्टारडम कायम रखा। 1980 के दशक में उन्होंने मेरी जंग, नाम और कर्मा में भी काम किया।
यूपी का एपस्टीन! पत्नी लाती थी बच्चे, JE पति करता कुकर्म, फिर डार्क वेब पर बिकती थीं चीखें, अब सजा ए मौत

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के सूखे, शांत और आधे-अधूरे सपनों से भरे बुंदेलखंड में बसे शहर बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर ने बहुत कुछ देखा है. गरीबी, पलायन, सूखा और संघर्ष… लेकिन जो सच साल 2020 के बाद धीरे-धीरे सामने आया, उसने इन शहरों की आत्मा तक को झकझोर दिया. यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि उस अंधेरे की है, जो इंसान के भीतर पलता है और मौका मिलते ही राक्षस बनकर बाहर आ जाता है. यह कहानी है सिंचाई विभाग के एक निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की, एक ऐसा दंपती जिसने भरोसे को हथियार बनाया, मासूमियत को जाल में फंसाया और इंसानियत को शर्मसार कर दिया. यह है मामला हम बात कर रहे हैं चित्रकूट में सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (जेई) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की. इस दंपति ने सबसे भयानक मिसाल पेश की है. 50 से ज्यादा मासूम बच्चों का यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स पर बेचने वाले इस दरिंदे दंपती को आखिरकार अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है. सीबीआई की जांच में सामने आया यह मामला सिर्फ बाल यौन शोषण का नहीं था, बल्कि मासूमों की आड़ में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम का भी पर्दाफाश था. आइए जानते हैं सबकुछ. एक दम शांत दिखने वाला खूंखार शख्स रामभवन बाहर से बिल्कुल साधारण आदमी लगता था. सरकारी नौकरी, पढ़ा-लिखा चेहरा, कम बोलने वाला स्वभाव. उसने कभी विभागीय आवास की मांग नहीं की. हमेशा किराए के मकान में रहा. मोहल्ले वाले कहते थे- अलग-थलग रहता है, ज्यादा मेलजोल नहीं. वहीं, उसकी पत्नी दुर्गावती भी चुपचाप रहने वाली महिला के रूप में जानी जाती थी. शादी को कई साल बीत चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी. बाहर से देखने पर वे एक सामान्य, निःसंतान दंपती लगते थे, जो अपनी दुनिया में सिमटा हुआ था. मगर, इस चुप्पी के पीछे एक खौफनाक योजना धीरे-धीरे आकार ले रही थी. बच्चों के सामने बिछाया लालसा का जालदुर्गावती ने अपने आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया. 5 से 16 साल उम्र के बच्चों को महंगा मोबाइल, घड़ी या चॉकलेट का लालच देती. बेचारे बच्चे समझते कितनी अच्छी आंटी हैं. उनके लिए ये सामान किसी खजाने से कम नहीं था. वह बच्चों से अपनापन जताती. कभी मिठाई देती, कभी पेन, कभी कपड़े. धीरे-धीरे बच्चे उसके घर आने लगे. पड़ोसियों को यह सब कुछ सामान्य लगता था. मगर, हर बार जब घर का दरवाजा बंद होता, तो एक बच्चे की मासूमियत छीन ली जाती थी. हवस से बड़ा था लालचरामभवन का मकसद केवल हवस को मिटाना नहीं था. बल्कि वह पैसे का भूखा था. उसने अपराध को कारोबार बना दिया था. घर के अंदर बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाए जाते. फिर वे फाइलें इंटरनेट के उस अंधेरे हिस्से में पहुंचाई जातीं, जहां पहचान छुपाकर गुनाह खरीदे-बेचे जाते हैं. वह डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स के जरिए इन वीडियो को बेचता था. ईमेल की जांच की गई तो सामने आया कि वह देश-विदेश के कई गिरोहों के संपर्क में था. यह कोई अकेला अपराध नहीं था- यह एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़ा संगठित अपराध था. अगर कोई बच्चा किसी तरह का विरोध करता तो उसे उन्हीं तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया जाता. साथ ही परिवारों को भी धमकी दी जाती. इस पर गरीब परिवार, जिनके पास इज्जत ही सबसे बड़ी पूंजी थी, खामोश हो जाते और इसी खामोशी में कई साल बीत गए. इंटरपोल से आया पहला संकेत 17 अक्टूबर 2020 को भारत की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक चौंकाने वाली सूचना मिली. यह सूचना अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल से आई थी. एक पेन ड्राइव में 34 बच्चों से जुड़े वीडियो और 679 तस्वीरें थीं. डिजिटल ट्रैकिंग से पता चला कि इनका स्रोत बुंदेलखंड का एक सरकारी इंजीनियर है. 31 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में केस दर्ज हुआ. जांच की कमान डीएसपी अमित कुमार को सौंपी गई. अब तक जो अंधेरा घर की चारदीवारी में छुपा था, वह जांच की रोशनी में आने लगा. इस दिन हुआ था गिरफ्तार16 नवंबर 2020 को इस पूरे मामले से परदा हट गया. चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी को सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने चुपचाप घेर लिया. दरवाजा खुला तो अंदर जो मिला, उसने जांच अधिकारियों तक को हिला दिया. 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सेक्स टॉयज, 8 लाख रुपये नकद और डिजिटल फोल्डरों में छुपी 66 वीडियो और 600 से ज्यादा तस्वीरें. कुछ ही दिनों बाद दुर्गावती भी गिरफ्तार कर ली गई. गवाही ऐसी कि कांप गई रूहअब यह मामला केवल स्थानीय पुलिस का नहीं रहा था. यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध का केस बन चुका था. जांच के दौरान कई बच्चों को मेडिकल जांच के लिए एम्स दिल्ली भेजा गया. डॉक्टरों की टीम ने जो देखा, उसने उन्हें अंदर तक हिला दिया. कोर्ट में जब उन्होंने गवाही दी, तो शब्द कांप रहे थे. कुछ बच्चों की आंखों में स्थायी डर था. कुछ शारीरिक रूप से गंभीर रूप से आहत थे. मगर, सबसे गहरा घाव उनके मन पर था. कई बच्चे अब भी अंधेरे कमरे से डरते थे. किसी अजनबी की मुस्कान उन्हें सिहरन दे जाती थी. कोर्ट में पेश हुए 25 पीड़ित बच्चों ने जब बयान दिए, तो पूरा माहौल भारी हो गया. यह केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं थी, यह मासूमियत की चीख थी. 24 फरवरी 2021 को बांदा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई. 2023 में आरोप तय हुए. रामभवन और दुर्गावती ने खुद को निर्दोष बताया. 5 जून 2023 से विशेष पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. 74 गवाह पेश हुए. बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक, डिजिटल विशेषज्ञ सब शामिल थे. हर गवाही के साथ अपराध का एक नया पहलू सामने आता. हर डिजिटल सबूत अदालत के सामने एक और दरवाजा खोलता, जिसके पीछे घिनौनी सच्चाई छुपी थी. अब मिला न्याय20 फरवरी 2026 का सबसे ज्यादा दिन अहम था. इसी दिन इन मासूमों को न्याय मिला. बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत में 163 पन्नों का फैसला पढ़ा गया. जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अपराध विरल से विरलतम की श्रेणी में आता है. कोर्ट ने दोनों दोषियों को मौत
उमरिया में मौसम बदला, फसलों पर संकट:चना, सरसों और आम की बौर प्रभावित, किसानों की चिंता बढ़ी

उमरिया जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है। लगातार बादल छाए रहने से रबी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शनिवार सुबह से आसमान बादलों से ढका रहा और सुबह 9 बजे तक धूप नहीं निकली। इससे दिन के तापमान में वृद्धि और रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 15 फरवरी से मौसम का मिजाज बदला है। 15 फरवरी को अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम 11.4°C था। इसके बाद 16 फरवरी को अधिकतम तापमान बढ़कर 30.01°C हो गया। 17 फरवरी को 29.02°C, 18 फरवरी को 29.5°C, 19 फरवरी को 29.5°C और 20 फरवरी को 30°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। 21 फरवरी को न्यूनतम तापमान 17.5°C रिकॉर्ड हुआ। लगातार बादल छाए रहने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि ऐसे मौसम में चना और सरसों की फसल में कीट-रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, आम की बौर भी प्रभावित होती है और काली पड़ने लगती है। उन्होंने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने और आवश्यक दवाइयों का छिड़काव करने की सलाह दी है। किसान रामभजन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बादल छाने से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने स्वीकार किया कि मौसम पर किसी का नियंत्रण नहीं है, इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय है। मौसम विभाग के अधिकारी रजनीश यादव के अनुसार, जिले में अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।
पीएम मोदी से आज मिलेंगे ब्राजीलियन प्रेसिडेंट डी सिल्वा:भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर मुहर संभव, लूला बोले थे- हमारी एयरोस्पेस कंपनी यहां प्लांट खोलेगी

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग सकती है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस है। इसमें ट्रेड डील समेत कई समझौतों को फाइनल करने की संभावना जताई जा रही है। लूला प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर भारत आए हैं। वे 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। लूला अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। मोदी से मुलाकात के बाद 22 फरवरी को वे सियोल (दक्षिण कोरिया) रवाना होंगे। भारत-ब्राजील संबंधों पर लुला ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार सिर्फ 15 अरब डॉलर है, जिसे 30-40 अरब तक बढ़ाना चाहिए। वे 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों के साथ आए हैं ताकि अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी हो। एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में प्लांट खोलेगी। दोनों देश ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उदाहरण पेश कर सकते हैं। लुला ने यह बात शुक्रवार को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कही। सिल्वा ने इंडिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की। यह इंटरव्यू भारत में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ, जहां लुला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मित्रता की सराहना की और कहा कि दोनों देश मिलकर भारत और ब्राजील के इतिहास को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ब्रिक्स (BRICS) पर बात करते हुए लुला ने इसे पिछले तीन दशकों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ब्रिक्स ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें भारत और चीन अकेले दुनिया की आधी आबादी रखते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से नई व्यापार नीति, सांस्कृतिक संबंध और राज्य स्तर के रिश्ते विकसित हो सकते हैं। लुला ने बहुपक्षवाद की वकालत की और कहा कि ब्राजील किसी नए शीत युद्ध नहीं चाहता, न अमेरिका-चीन के बीच। ब्राजील सभी देशों के साथ व्यापार करना चाहता है। उन्होंने ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक की तारीफ की, जो आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक से अलग तरीके से काम करता है। लुला ने ब्रिक्स के जरिए संयुक्त बयान जारी करने के उदाहरण दिए, जैसे ट्रंप के टैरिफ पर और गाजा, यूक्रेन जैसे मुद्दों पर। डॉलर से मुक्ति पर लुला ने कहा कि ब्रिक्स में कोई नई साझा मुद्रा बनाने का प्रस्ताव नहीं है। बल्कि वे अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार की संभावना तलाश रहे हैं, जैसे ब्राजील और भारत डॉलर के बजाय अपनी मुद्राओं का इस्तेमाल करें। यह रातोंरात नहीं हो सकता, लेकिन इसे आजमाना चाहिए ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो। क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर डील संभव आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है। यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है। ब्राजील के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेयर अर्थ रिजर्व ब्राजील दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रेयर अर्थ रिजर्व वाला देश है। जिसके पास लगभग 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है। इसके अलावा लिथियम, निकल, नियोबियम, ग्रेफाइट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स प्रचुर मात्रा में हैं। ब्राजील का लक्ष्य सिर्फ रॉ मटेरियल एक्सपोर्टर न रहकर वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (प्रोसेस्ड मिनरल्स) बनाना। भारत का लक्ष्य EV, बैटरी, सोलर और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए डाइवर्सिफाइड सप्लाई चेन बनाना। भारत पहले से ही KABIL के जरिए अर्जेंटीना, चिली आदि में सक्रिय है, और अब ब्राजील को प्राथमिकता दे रहा है। यह समझौता BRICS और ग्लोबल साउथ की रणनीति का हिस्सा है, जहां दोनों देश अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के बीच मिडिल पावर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। लूला ने एक इंटरव्यू में कहा “ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स की बहुतायत है, लेकिन हम इसे सिर्फ रॉ मटेरियल सैंक्चुअरी नहीं बनाना चाहते।” वे भारत के साथ प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर जोर दे रहे हैं। दोनों देश AI में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं, जहां क्रिटिकल मिनरल्स AI हार्डवेयर (चिप्स, सर्वर्स) के लिए जरूरी हैं। द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसमें 25% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। भारत का निर्यात 8.35 अरब डॉलर और ब्राजील से आयात 6.85 अरब डॉलर रहा। ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से ज्यादा रहा। ब्राजील का बिजनेस डेलीगेशन ऊर्जा, कृषि, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है। उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान कई निवेश प्रस्तावों और साझेदारी समझौतों पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा यह राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा है। वे पहली बार 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। आखिरी बार वे सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2025 में ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया के राजकीय दौरे पर गए थे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा थी। नवंबर 2025 में दोनों नेता जोहान्सबर्ग में जी20 बैठक के दौरान भी मिले थे। मोदी को 2025 में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया था। भारत-ब्राजील UN और BRICS जैसे मंचों पर मिलकर काम करते हैं भारत और ब्राजील के रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं। साल 2006 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक
सतना जिला अस्पताल का अंतिम मूल्यांकन:टीम ने बिस्तरों पर साफ चादरें पाईं, अतिक्रमण पर जताई नाराजगी

सतना में कायाकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय जिला चिकित्सालय का अंतिम मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त नजर आईं।मूल्यांकन टीम में एनएचएम भोपाल के क्वॉलिटी एनालिस्ट डॉ. पंकज बुधौलिया, शिवपुरी जिला अस्पताल के डॉ. रामकुमार चौधरी और अकीला अंसारी शामिल थे। टीम ने निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार अस्पताल के सभी विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिस्तरों पर साफ-सुथरी चादरें बिछी मिलीं। वार्डों में बेहतर साफ-सफाई दिखी और नर्सिंग ऑफिसर सहित पूरा स्टाफ प्रोटोकॉल का पालन करता पाया गया। सफाईकर्मी लगातार अपना कार्य कर रहे थे। हालांकि, टीम ने अस्पताल के मेन गेट के आसपास अतिक्रमण और गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। करीब 70 वर्ष पुराने अस्पताल भवन की दीवारों पर जमी धूल और जर्जर स्थिति को लेकर भी सुधार की आवश्यकता बताई गई। टीम के सदस्यों ने वार्डों के निरीक्षण के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी से सीधे बातचीत नहीं की, बल्कि केवल व्यवस्थाओं का अवलोकन कर मूल्यांकन किया। वार्डों में पदस्थ पैरामेडिकल स्टाफ से विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन का प्रदर्शन (डेमो) कराया गया। कुछ स्थानों पर स्टाफ अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। निरीक्षण के अंतिम चरण में 8 प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले के मूल्यांकन में चिन्हित किए गए गैप इस बार पूरे कर लिए गए थे। इस मूल्यांकन का अंतिम स्कोर लगभग 15 दिन बाद जारी किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह, डीपीएम राकेश कर्ष, आरएमओ डॉ. शरद दुबे, क्वालिटी नोडल अधिकारी डॉ. विजेता राजपूत, सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, स्टूवर्ड जीएस तिवारी, मेट्रन किरण सिंह, लक्ष्मी गुप्ता, शांति प्रजापति और विनोद दहायत मौजूद रहे।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर ट्रक में लगी आग:एक-एक कर फटे टायर, ड्राइवर ने कूद कर बचाई जान

सेमरी हरचंद में नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर अनाज मंडी के पास खड़ा एक ट्रक शुक्रवार रात करीब 9 बजे अचानक आग की चपेट में आ गया। ट्रक में सीमेंट भरी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 8 से 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। ड्राइवर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। आग बढ़ने के साथ एक-एक कर टायर फटने लगे, जिससे मौके पर दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने रोकी आवाजाही सूचना मिलते ही सेमरी हरचंद पुलिस चौकी प्रभारी आकाशदीप पचाया बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। दो जगहों से बुलाई गई दमकल आग बुझाने के लिए माखननगर और सोहागपुर से फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दमकल टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया कि 12 चक्कों वाले ट्रक की केबिन में अचानक आग लगने की सूचना मिली है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। ड्राइवर की तलाश कर पूछताछ की जाएगी। आग के चलते स्टेट हाईवे-22 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर भीड़ जमा हो गई। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया 12 चक्कों वाले ट्रक में सीमेंट भरी थी। मंडी के पास ट्रक खड़ा था। कैबिन में अचानक से आग लगने की सूचना है। आग किस वजह से लगी। इसका पता नहीं चल पाया है। ट्रक ड्राइवर की तलाश कर पूछताछ करेंगे। आग की वजह से स्टेट हाइवे 22 पर यातायात प्रभावित हुआ। स्टेट हाईवे-22 पर भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। देखें हादसे की तीन तस्वीरें
खजुराहो महोत्सव- मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग:नाराज इटालियन कपल बोला-हम डांस देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने

विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव का आगाज हो चुका है, लेकिन शुक्रवार को पहले ही दिन मंच पर ऐसी स्थिति बनी जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। यह महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक चलने वाला है और शुभारंभ समारोह में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे। निर्धारित समय शाम 6:30 बजे था, लेकिन मुख्य अतिथि और अन्य मंत्री देर से पहुंचे। कार्यक्रम देरी से शुरु होने से दर्शक में नाराजगी इस वजह से दर्शक दीर्घा में बैठे देसी और विदेशी पर्यटक लंबे समय तक इंतजार करते रहे। समारोह लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे कई लोगों का धैर्य जवाब दे गया। मंत्रालय ने बताया कि देरी मुख्य अतिथि की यात्रा और सुरक्षा इंतजाम के कारण हुई। इसके बावजूद मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर महोत्सव की भव्यता बनाए रखी। दर्शकों ने रंग-बिरंगे नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उत्सव का स्वागत उत्साहपूर्वक किया। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के बीच ‘गो बैक’ के नारे लगे इस बीच मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपना संबोधन दिया और सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी 3 मिनट तक अपनी बात रखी। लेकिन जब संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों को कला और नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनके सब्र का बांध तोड़दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ ‘गो बैक’ के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से ‘हो-हो’ का शोर सुनाई देने लगा। भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी भाषण देते रहे हैरानी की बात यह रही कि इतनी भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी अपना भाषण देते रहे। वे करीब 6 मिनट तक बोले और अंत में जब शोर और बढ़ा, तो वे चार पंक्तियां सुनाने की जिद पर अड़ गए। दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए वे मंच से नीचे नहीं उतरे। विदेशी बोले-हम नृत्य देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने इस पूरे घटनाक्रम पर वहां मौजूद विदेशी सैलानियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। इटली के फ्लोरेंस से आए एलेसांद्रो ने कहा कि “हम इटली में माहौल को महसूस करने और नृत्य देखने के आदी हैं, न कि लंबे भाषण सुनने के। हम अनुभव को जीना चाहते थे।” वहीं उनकी साथी जूलिया ने बताया कि “यह जगह और माहौल बेहद शानदार है, लेकिन मंत्री जी ने शायद कुछ ज्यादा ही बातें कर दीं। हम वास्तव में केवल नृत्य देखना चाहते थे।” खजुराहो के इस भव्य आयोजन में पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम ने व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दूर-दराज से आए पर्यटक कला देखने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे, जबकि मंच से सियासी भाषणों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा था।
धीरेंद्र शास्त्री का गांव अब प्रॉपर्टी हब:बागेश्वर धाम की आड़ में खेती की जमीन पर बना रहे कॉलोनी, भोपाल-इंदौर से ऊंचे दाम

‘हीरे जैसी रिटर्न’, ‘6 महीने में 50% मुनाफा’, ‘धाम के सबसे नजदीक प्लॉट’ जैसे दावे हर दीवार पर चिपके हैं। ये दीवारें मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बसे गढ़ा गांव की हैं। इसकी पहचान अब पूरी दुनिया में बागेश्वर धाम के नाम से है। हाल ही में यहां धीरेंद्र शास्त्री ने 305 गरीब, दलित और जरूरतमंद लड़कियों का सामूहिक विवाह कराया। दावा है कि कार्यक्रम में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे और 200 एकड़ में पांडाल सजा। इस भव्य आयोजन के बीच एक और तस्वीर उभरकर सामने आई- समूचे गांव में धार्मिक कार्यक्रम के पोस्टरों से ज्यादा कॉलोनियों, प्लॉट्स और लैंड प्रोजेक्ट्स के बैनर लगे मिले। दैनिक भास्कर की टीम ने जब इन प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत जानने के लिए गढ़ा गांव में पड़ताल की, तो सामने आया खेती की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का बड़ा नेटवर्क फल-फूल रहा है। गांव में बागेश्वर धाम के कारण जमीनों की कीमतें भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों के बराबर या उनसे भी ज्यादा हो गई है, इसी का फायदा उठाने के लिए आज गढ़ा गांव में दर्जनभर से ज्यादा कॉलोनाइजर खेतों में प्लॉट बेच रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पड़ताल में ये बातें सामने आईं – दर्जनभर कॉलोनाइजर ½-2 एकड़ में बिना प्लानिंग के कॉलोनियां काट रहे। – गांववालों से सस्ते में खरीदी खेती की जमीन को आवासीय/कमर्शियल प्लॉट्स के रूप में बेचा जा रहा (बिना लैंड यूज चेंज)। – खरीदने वालों को लालच: बागेश्वर धाम से 6 महीने में 50-60% मुनाफा। – न कोई अनुभव, न प्लानिंग; नाली, पानी, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं लगभग नदारद। – प्रशासनिक हस्तक्षेप पर धमकी: ‘हम यहां बैठे हैं, कोई दिक्कत नहीं होगी।’ जानिए भास्कर ने कैसे एक्सपोज किया ये फर्जीवाड़ा दैनिक भास्कर के रिपोर्टर कुछ कॉलोनाइजर्स के पास जमीन खरीदने के बहाने मिले और यह जानने की कोशिश की कि बागेश्वर धाम की आढ़ में कैसे लोगों को ठगने की कोशिश हो रही है… इन कॉलोनियों की गड़बड़ी समझिए… क्या हो रहा– खेती की जमीन पर बिना डायवर्जन के कॉलोनियां काट दी गई हैं। इस कॉलोनी में न तो सड़क बनी और न ही स्ट्रीट लाइट के पोल हैं, लेकिन यहां रेसिडेंशियल और कमर्शियल एक्टिविटीज चल रही है। सारा प्रोजेक्ट अवैध है। धीरेंद्र शास्त्री के बड़े पापा के बेटे की दो कॉलोनियां बागेश्वर धाम स्थित बागेश्वर बालाजी मंदिर के रास्ते पर एक बिल्डिंग पर बागेश्वर धाम प्रॉपर्टीज का पोस्टर लगा था। जिस पर राघवपुरम कॉलोनी, बागेश्वर धाम, गढ़ा लिखा हुआ था। कॉलोनी का नक्शा भी बना था। हमने इस पोस्टर पर लिखे नंबर पर कॉल कर प्रॉपर्टी देखने की बात कही। फोन अखिलेश गर्ग नाम के व्यक्ति ने उठाया था। हमें ऑफिस में बैठने को कहा गया। उन्होंने कहा कि वे एक लड़के को भेज रहे हैं जो हमें साइट पर ले आएगा। ऑफिस में अखिलेश गर्ग के बारे में पूछने पर बताया कि वे दादा गुरु हैं। दादा गुरु धीरेंद्र शास्त्री के बड़े पापा के लड़के हैं। बागेश्वर धाम और गांव गढ़ा में इनका प्रॉपर्टी का बड़ा काम है। हमने ऑफिस में बैठकर इस प्रोजेक्ट का नक्शा देखा। पता चला कि अभी दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। एक राघवपुरम और दूसरा सनातन धाम के नाम से। दोनों जगह मिलाकर करीब 100 से ज्यादा प्लॉट है। ये दोनों ही बागेश्वर धाम मंदिर से 500 मीटर और गुरुजी निवास से 300 मीटर दूर है। दोनों प्रोजेक्ट 3-4 माह पहले शुरू, धड़ल्ले से बिक रहे प्लॉट हमें साइट दिखाने आए शख्स ने ऑफिस में पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल बताई। यहां जमीन खरीदने के लिए कम से कम आपको 25 से 30 लाख रुपए प्रति हजार स्क्वायर फीट खर्च करने पड़ेंगे। इससे कम पर कोई सौदा नहीं हो पाएगा। राघवपुरम कैंपस में जमीन की कीमत 2500 से लेकर 4000 रुपए प्रति स्क्वायर फीट है। और ये कीमतें आप जो प्लॉट पसंद करेंगे उसकी लोकेशन के हिसाब से तय होगी। आगे बताया कि दोनों प्रोजेक्ट्स 3-4 महीने पहले शुरू हुए हैं। इसके अलावा पहले से भी कुछ प्रोजेक्ट हैं जिनके लगभग सभी प्लॉट बिक चुके हैं। राघवपुरम में भी ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 महीने में सारे प्लॉट बुक हो जाएंगे। यहां सबसे बड़ी बात है कि 2027 में कैंसर हॉस्पिटल बनकर तैयार हो जाएगा तब तक यहां जमीन की कीमतें हीरे से भी ज्यादा हो जाएंगी। जमीन सुरक्षा की पूरी गारंटी दे रहे भास्कर रिपोर्टर ने प्रॉपर्टी डीलर से पूछा कि मेरी जमीन क्या यहां सुरक्षित रहेगी? हमें यहां सिर्फ इन्वेस्टमेंट के हिसाब से जमीन लेनी है। डीलर ने कहा, आप अपने जमीन पर चार पिलर खड़े कर दीजिए। उसके बाद आप भूल जाइए आपकी जमीन 1 इंच भी कोई इधर से उधर नहीं कर सकता। जब हमने पूछा कि जमीनों के भाव पिछले 1 साल में कितने बढ़े हैं, तो उन्होंने बताया कि 1500 रुपए प्रति वर्ग फीट वाले प्लॉट अब 2500 रुपए प्रति वर्ग फीट के हो गए और 3000- 3500 रुपए प्रति वर्ग फीट वाले प्लॉट की कीमत आज 5000 रुपए स्क्वायर फीट हो गई है। हमारे यहां लोन का कोई सिस्टम नहीं है। वो आप अपने हिसाब से देखो। यहां से हम राघव पुरम में पहुंचे।यहां टेंट लगाकर तीन- चार लोग बैठे हुए थे। हमें यहां अखिलेश गर्ग मिले। जिन्हें यहां लोग बड़े दादा कह रहे थे। कॉलोनाइजर अखिलेश गर्ग से भास्कर रिपोर्टर की बातचीत… रिपोर्टर– इस कॉलोनी को किस ने डेवलप किया है? अखिलेश- मैं ही इस जमींन का मालिक हूं। मैंने अभी दो प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इसके अलावा सनातन धाम प्रोजेक्ट भी है। इस कॉलोनी से महाराज जी का नया आवास पास ही है। कॉलोनी में डामर रोड डलवा कर देंगे, नाली बनवा कर देंगे। (फिलहाल कच्ची सड़क है। न नाली बनी है और न ही स्ट्रीट लाइट के पोल लगे हैं।) रिपोर्टर– यहां निर्माण कब शुरू कर सकते हैं? अखिलेश– यहां आप होटल बनाएं, दुकान बनाएं या फिर घर या आश्रम बनाएं। जिस दिन रजिस्ट्री हो जाए उसी दिन से आपको जाे बनाना है, बनाइए। जब हमने उनसे पूछा कि पैसे कैसे देने हैं तो उसके लिए उन्होंने बताया की 10 दिन के अंदर पूरी राशि एकमुश्त देनी है। रिपोर्टर– किसी तरह का फ्रॉड तो नहीं होगा? अखिलेश– आप भरोसा कर के देखिए। हमने कह दिया वह






