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‘मैं उनके लिए सिर्फ एक यौन वस्तु हूं’: कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने बीजेपी नेता की अपमानजनक टिप्पणी पर पलटवार किया | राजनीति समाचार

'मैं उनके लिए सिर्फ एक यौन वस्तु हूं': कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने बीजेपी नेता की अपमानजनक टिप्पणी पर पलटवार किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 फरवरी, 2026, 13:50 IST पुलिस ने 10 फरवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर की गई टिप्पणी के लिए तमिलनाडु की करूर इकाई के भाजपा अध्यक्ष नाथन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जोथिमनी ने एक्स पर नाथन का एक कथित वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उसने कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की थी। (फोटोः एएनआई) कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने मंगलवार को भाजपा नेता वीवी सेंथिल नाथन की अपमानजनक टिप्पणी पर उन पर पलटवार किया और कहा कि वह उनके लिए सिर्फ एक “यौन वस्तु” हैं। पुलिस ने 10 फरवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर की गई टिप्पणी के लिए तमिलनाडु की करूर इकाई के भाजपा अध्यक्ष नाथन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। करूर से लोकसभा सांसद जोथिमनी ने कहा कि नाथन के बयान उनकी पार्टी की “विचारधाराओं और विचार प्रक्रियाओं” को दर्शाते हैं। उन्होंने एएनआई को बताया, “ये मेरे खिलाफ बहुत घृणित और अश्लील टिप्पणियां हैं। यह दुर्व्यवहार का सबसे खराब रूप है। किसी भी महिला को इस तरह से नहीं गुजरना चाहिए। मैं हैरान थी… इस व्यक्ति के विश्वदृष्टिकोण के अनुसार, मेरा ज्ञान, योग्यता, कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और विचारधारा कुछ भी नहीं है। मैं सिर्फ एक महिला, एक शरीर, एक यौन वस्तु हूं। आरएसएस और बीजेपी ने उन्हें यही सिखाया है। उनके बयान उनकी पार्टी की विचारधारा और विचार प्रक्रियाओं को दर्शाते हैं।” उन्होंने कहा, “यह उन सभी महिलाओं के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है जो निडर होकर अपनी बात कहती हैं, जो सत्ता के सामने सच बोलती हैं और चुप रहने से इनकार करती हैं।” जोथिमनी ने एक्स पर नाथन का एक कथित वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उसने कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की थी। मैं यह अश्लील और अत्यंत घृणित वीडियो जारी कर रहा हूं, जिसमें भाजपा के करूर जिला अध्यक्ष श्री सेंथिल नाथन पूरी जागरूकता और दृढ़ संकल्प के साथ मेरे बारे में बात करते हैं। मैं इसे सार्वजनिक कर रहा हूं क्योंकि तभी समाज उस गुस्से और निंदा के साथ जवाब दे सकता है जो पुरुष… pic.twitter.com/ybAUXQvn4b– जोथिमनी (@jothims) 16 फ़रवरी 2026 कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने नाथन की टिप्पणी की निंदा की और कहा कि एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि को गाली देना पूरे भारत में लोकतंत्र और महिलाओं की गरिमा पर हमला है। उन्होंने भाजपा से बिना शर्त माफी मांगने और अपनी पार्टी से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 फरवरी, 2026, 13:49 IST समाचार राजनीति ‘मैं उनके लिए सिर्फ एक यौन वस्तु हूं’: कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने बीजेपी नेता की अपमानजनक टिप्पणी पर पलटवार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)जोथिमनी अपमानजनक टिप्पणी(टी)बीजेपी नेता वीवी सेंथिल नाथन(टी)यौन वस्तु टिप्पणी(टी)करूर सांसद दुर्व्यवहार(टी)कांग्रेस बीजेपी विवाद(टी)राजनीति में महिलाएं भारत(टी)पुलिस मामला बीजेपी नेता(टी)राजनीतिक दुर्व्यवहार भारत

द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर हुआ रिलीज:तीन राज्यों की तीन कहानियां और प्यार के नाम पर धर्मांतरण; 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म

द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर हुआ रिलीज:तीन राज्यों की तीन कहानियां और प्यार के नाम पर धर्मांतरण; 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। 3 मिनट 27 सेकेंड का यह ट्रेलर पहले पार्ट से ज्यादा गंभीर और इंटेंस नजर आता है। इसमें तीन अलग-अलग राज्यों में धर्मांतरण से जुड़ी कहानियों को दिखाया गया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म तीन हिंदू लड़कियों उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा की झकझोर देने वाली कहानी को सामने लाती है। उनकी जिंदगी तब खौफनाक मोड़ लेती है, जब वे तीन मुस्लिम लड़कों के प्यार में पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे उन रिश्तों के पीछे कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का एक सोचा-समझा एजेंडा सामने आता है। जानिए कैसा है ट्रेलर ट्रेलर की शुरुआत एक रोंगटे खड़े कर देने वाली चेतावनी से होती है, जिसमें कहा जाता है कि अगले 25 सालों में भारत एक इस्लामिक स्टेट में बदल सकता है। इसके बाद कहानी राजस्थान की ओर बढ़ती है, जहां एक हिंदू परिवार पुलिस स्टेशन में पॉक्सो के तहत शिकायत दर्ज कराने पहुंचता है। परिवार का आरोप है कि उनकी 16 साल की बेटी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। माता-पिता का दर्द और बेबसी कहानी की गंभीरता को दर्शाते हैं। इसके बाद कहानी मध्य प्रदेश पहुंचती है, जहां कथित तौर पर एक हिंदू युवती को प्रेम और शादी के नाम पर धोखे से फंसाया जाता है और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। उसकी खामोश पीड़ा, अकेलापन और टूटा हुआ भरोसा ट्रेलर में एक भावनात्मक और डरावना माहौल तैयार करता है। फिर कहानी केरल में जाती है, जहां एक युवक अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड से साथ रहने की बात करता है। लेकिन जब लड़की साफ कह देती है कि वह अपना धर्म नहीं बदलेगी। आगे ट्रेलर में दिखाया गया है कि लड़की पर धर्म बदलने का दबाव डाला जाता है। 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म इस फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण ने किया है। विपुल अमृतलाल शाह इसके प्रोड्यूसर हैं, जबकि आशिन ए. शाह को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा:पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा:पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। यह बयान ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत से पहले आया है। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आज (17 फरवरी 2026) जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हो रही है। इससे पहले ओमान में 6 फरवरी को पहली बैठक हुई थी। ट्रम्प ने कहा, ‘मैं उन बातचीत पर नजर रहूंगा।’ उन्होंने संकेत दिया कि ईरान इस बार समझौते को लेकर गंभीर है। डील की संभावना पर ट्रम्प ने कहा कि ईरान इसे लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है, लेकिन पिछले साल अमेरिका की ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी से उसे अक्ल आई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के परिणाम भुगतना चाहेंगे।’ ईरान-अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर बातचीत होगी ईरान ने ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच के लिए नौसैनिक अभ्यास शुरू किया एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, ईरान ने सोमवार को कुछ ही हफ्तों में दूसरी बार नौसैनिक अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज, पर्शियन गल्फ और गल्फ ऑफ ओमान में हो रहा है। इसका मकसद खुफिया और ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच करना है। समुद्री सुरक्षा कंपनी ईओएस रिस्क ग्रुप ने कहा कि इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को रेडियो पर चेतावनी दी गई कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के उत्तरी मार्ग में मंगलवार को लाइव-फायर ड्रिल हो सकती है। हालांकि ईरानी सरकारी टीवी ने लाइव-फायर अभ्यास का जिक्र नहीं किया। जनवरी के अंत में हुए इसी तरह के अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कड़ा बयान जारी किया था। उसने कहा था कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय हवाई और समुद्री क्षेत्र में पेशेवर तरीके से काम करने का अधिकार है, लेकिन वह अमेरिकी वॉरशिप या ट्रेड जहाजों को परेशान न करें। ईरान के उप विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प प्रतिबंध हटाएं तो डील संभव व्हाइट हाउस का कहना है कि वह ऐसा समझौता चाहता है, जिससे ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। वहीं, रविवार को ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत करने की इच्छा जताई है। उन्होंने BBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर बात करने को तैयार है, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार है। वहीं अमेरिकी अधिकारी बार-बार कहते रहे हैं कि परमाणु वार्ता में प्रगति रुकने की वजह ईरान है, न कि अमेरिका। रवांची बोले- हमने 60% इंरिच्ड यूरेनियम घटाने का प्रस्ताव दिया ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौता एक लंबे समय से चल रही विवादास्पद बातचीत है, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। जिससे वह परमाणु हथियार न बना सके। मजीद तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान ने 60% तक इंरिच्ड यूरेनियम को कम करने का प्रस्ताव दिया है। ईरान के पास 400 किलो से ज्यादा उच्च स्तर पर इंरिच्ड यूरेनियम का भंडार है। 2015 के परमाणु समझौते के तहत उसने अपना यूरेनियम रूस भेजा था। इस बार क्या वह ऐसा करेगा, इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। रूस ने दोबारा यह सामग्री स्वीकार करने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान अस्थायी रूप से यूरेनियम इंरिचमेंट रोकने का प्रस्ताव भी दे चुका है। बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद अटका ईरान की एक बड़ी शर्त रही है कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे पर हो। तख्त-रवांची ने कहा कि उनकी समझ है कि अगर समझौता करना है तो फोकस परमाणु मुद्दे पर ही रहेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। जब जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि ईरान हिजबुल्लाह, हूती जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन देना बंद करे। अमेरिका इस मुद्दे को भी शामिल करना चाहता है, लेकिन ईरान मुख्य रूप से सिर्फ परमाणु मुद्दे पर फोकस रखना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। रवांची बोले- हमारे अस्तित्व पर खतरा हुआ तो जवाब देंगे ईरान के उप विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयानों पर चिंता जताई। सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर अमेरिका बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन ट्रम्प ने हाल में सत्ता परिवर्तन की बात की। तख्त-रवांची ने कहा कि निजी संदेशों में ऐसा नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी पर चिंता जताई और कहा कि दूसरा युद्ध सबके लिए बुरा होगा। अगर ईरान को अस्तित्व का खतरा लगा, तो ईरान जवाब देगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से बात की है और सब युद्ध के खिलाफ हैं। ईरान को लगता है कि इजराइल इस वार्ता को तोड़ना चाहता है। समझौते को लेकर तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान जेनेवा में उम्मीद के साथ जाएगा और दोनों पक्षों को ईमानदारी दिखानी होगी। क्षेत्र में तैनात किए जा रहे 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर, तख्त-रावंची ने जवाब दिया, ‘ऐसी स्थिति में खेल अलग होगा।’ ईरान से तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड

दिल्ली पुलिस पर कोर्ट की सख्ती; NRI की शिकायत पर की गई कार्रवाई पर स्टेटस रिपोर्ट तलब

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Last Updated:February 17, 2026, 01:14 IST कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. (फाइल फोटो) दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तुगलक रोड पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को 37 साल की एक NRI महिला की शिकायत पर डिटेल्ड एक्शन रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया है. महिला ने आरोप लगाया है कि पूर्व बीजेपी एमएलए विजय जॉली के बेटे पर मारपीट, यौन शोषण और क्रिमिनल धमकी के गंभीर आरोप लगाने के बाद भी पुलिस ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की. ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) अरिदमन सिंह चीमा ने 9 फरवरी को शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद कि SHO और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) से संपर्क करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, SHO को यह साफ करने का निर्देश दिया कि क्या महिला से कोई शिकायत मिली थी और अगर मिली थी, तो क्या कदम उठाए गए. कोर्ट ने खास तौर पर यह जानकारी मांगी है कि क्या पूछताछ या जांच के दौरान कोई कॉग्निजेबल ऑफेंस बना था, क्या कोई FIR दर्ज की गई थी और मामले की अभी क्या स्थिति है. अगर कोई कॉग्निजेबल ऑफेंस नहीं पाया गया, तो SHO से यह बताने के लिए कहा गया है कि क्या शिकायत करने वाले को इसकी सही जानकारी दी गई थी. मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल, 2026 को होगी. विजय जॉली ने बेटे पर लगे आरोपों को किया खारिजइस बीच, दिल्ली से बीजेपी के पूर्व विधायक विजय जॉली ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया कि शिकायत करने वाली महिला और उनके बेटे के बीच रिश्ता आपसी सहमति से था. उन्होंने कहा, “दोनों बालिग हैं. मेरे बेटे को बहलाया गया था. जब शादी का प्रपोज़ल नहीं बना, तो वह गुस्सा हो गई और झूठे आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी.” जॉली ने आगे कहा कि वे केस लड़ेंगे और कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा होने के बाद मानहानि का केस करने पर विचार करेंगे. कोर्ट की निगरानी में जांच की मांगमहिला ने मजिस्ट्रेट से FIR दर्ज करने और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है. महिला का कहना है कि कथित अपराधों की रिपोर्ट दर्ज किए एक महीने से ज़्यादा हो गया है, लेकिन कोई फॉर्मल केस दर्ज नहीं किया गया है. शिकायत के मुताबिक, लंदन की रहने वाली एक महिला ने 8 जनवरी को शाम करीब 4.20 बजे तुगलक रोड पुलिस स्टेशन जाकर कथित तौर पर मारपीट, यौन शोषण और धमकियों की बार-बार होने वाली घटनाओं की रिपोर्ट की. आरोप है कि आधी रात के बाद तक पुलिस स्टेशन में रहने और डिजिटल सबूत जमा करने के बावजूद, कोई FIR दर्ज नहीं की गई. पीड़िता का पुलिस पर आरोपमहिला ने दावा किया कि उसे न तो डायरी नंबर दिया गया और न ही उसकी शिकायत की कोई फॉर्मल रसीद दी गई, सिवाय एक स्टाम्प लगी रसीद के. इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर बिना कोई फॉर्मल प्रोसेस पूरा किए पुलिस स्टेशन से चले गए. अगले दिन FIR दर्ज करने का ज़ुबानी भरोसा देने के बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं हुई. शिकायत करने वाली और उसके वकील ने बाद में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 13, 2026, 16:42 IST

दिल्ली: बुद्ध विहार में साली पर हमला, आरोपी जय प्रकाश यादव गिरफ्तार | delhi police arrested coaching teacher for attacked sister in law from rohini budh vihar west mega mall

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होमताजा खबरDelhi दिल्ली के रोहिणी में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने सगी साली का रेत दिया गला Last Updated:February 16, 2026, 19:05 IST Delhi Crime News: दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में एक सिरफिरे जीजा ने अपनी साली पर जानलेवा हमला कर दिया. वेस्ट मेगा मॉल के पास आरोपी ने कटर से महिला का गला रेत दिया. दिल्ली पुलिस ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी टीचर को बगल की इमारत की छत से दबोच लिया. पारिवारिक विवाद के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया. दिल्ली में जीजा ने साली का गला रेता नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बुद्ध विहार इलाके में आज दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने अपनी ही साली का गला कटर से रेत दिया. यह घटना वेस्ट मेगा मॉल के पास पॉकेट-17 में हुई. घायल महिला को खून से लथपथ हालत में तुरंत बाबा साहेब अंबेडकर (BSA) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. दिल्ली पुलिस ने आरोपी जीजा को गिरफ्तार कर लिया है, जो वारदात के बाद पास की ही एक बिल्डिंग की छत पर छिपा हुआ था. दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 12:21 बजे बुद्ध विहार थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि एक महिला का गला काट दिया गया है और वह गंभीर रूप से घायल है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. जांच में पता चला कि घायल महिला एक थेरेपी सेंटर में काम करती है और वह अपनी ड्यूटी पर थी जब उस पर यह जानलेवा हमला हुआ. छत से दबोचा गया आरोपी टीचर वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपी को पकड़ने के लिए बुद्ध विहार थाने के एसआई साहिल, हेड कॉन्स्टेबल विकास सांगवान, कुलदीप, गणेश, मनदीप और कॉन्स्टेबल अजय व परमिंदर की टीम ने मोर्चा संभाला. पुलिस टीम ने आसपास की इमारतों की सघन तलाशी ली और बहादुरी का परिचय देते हुए आरोपी जय प्रकाश यादव को पास की एक इमारत की छत से धर दबोचा. आरोपी जय प्रकाश यादव नजफगढ़ के जनता विहार का रहने वाला है और वह एक कोचिंग सेंटर में शिक्षक है. पारिवारिक कलह दिल्ली पुलिस के पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी जय प्रकाश का अपनी पत्नी जो खुद भी एक टीचर है और उसके परिवार के साथ अप्रैल 2025 से विवाद चल रहा था. इसी रंजिश के चलते उसने अपनी साली को निशाना बनाया. हमले के लिए उसने कटर ब्लेड का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है. दिल्ली पुलिस घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं. घायल महिला फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी जय प्रकाश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले में कोई और भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही इस साजिश को अंजाम दिया. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें First Published : February 16, 2026, 19:05 IST

महाराष्ट्र ने अजित पवार के निधन पर जताया शोक, 3 दिन में 75 संस्थानों को दिया गया अल्पसंख्यक दर्जा | राजनीति समाचार

महाराष्ट्र ने अजित पवार के निधन पर जताया शोक, 3 दिन में 75 संस्थानों को दिया गया अल्पसंख्यक दर्जा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 18:53 IST जबकि राज्य में शोक मनाया जा रहा था और सरकारी कार्यालय आधिकारिक तौर पर बंद थे, विभाग की ऑनलाइन प्रणाली से पता चला कि स्वीकृतियाँ दी जानी जारी रहीं यवतमाल में सेवादास महाराज टीचर्स एसोसिएशन को भी 28 जनवरी को एक प्रमाण पत्र जारी किया गया था, उसी दिन अजीत पवार की मृत्यु हो गई थी। महाराष्ट्र में राज्य प्रशासन के भीतर एक विवादास्पद प्रकरण सामने आया है, जिसने आधिकारिक शोक की अवधि के दौरान अधिकारियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मृत्यु के बाद सरकार द्वारा छुट्टी और 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा के बावजूद, मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर अल्पसंख्यक विभाग से जुड़ी लंबे समय से लंबित फाइलों को संसाधित किया और मंजूरी दी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस दौरान राज्य भर के करीब 75 शिक्षण संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया. कथित तौर पर इन मंजूरियों से जुड़ी फाइलें अगस्त से लंबित थीं, लेकिन 28 जनवरी से 2 फरवरी के बीच इन्हें तेजी से मंजूरी दे दी गई। रिकॉर्ड बताते हैं कि पहला प्रमाणपत्र 28 जनवरी को दोपहर 3:09 बजे जारी किया गया था, जो कि पवार की मृत्यु की खबर के कुछ ही घंटों बाद था। जबकि राज्य में शोक मनाया जा रहा था और सरकारी कार्यालय आधिकारिक तौर पर बंद थे, विभाग की ऑनलाइन प्रणाली से पता चला कि अगले दिनों में भी मंजूरी दी जाती रही। कुल मिलाकर सात संस्थानों को घटना के दिन ही प्रमाणपत्र मिल गये. मंजूरी के समय पर सवाल खड़े हो गए हैं, प्रविष्टियों से पता चलता है कि कुछ फाइलों को नियमित कार्यालय समय के बाद भी मंजूरी दे दी गई थी, जिसमें शाम 6:30 और 7 बजे भी शामिल थे। अकेले 29 जनवरी को पोद्दार समूह से जुड़े 25 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया। स्वामी शांति प्रकाश और देव प्रकाश से जुड़े चार स्कूलों को भी इस दौरान मंजूरी मिली। इसके अतिरिक्त, यवतमाल में सेवादास महाराज शिक्षक संघ को 28 जनवरी को एक प्रमाण पत्र जारी किया गया था, उसी दिन पवार की मृत्यु हो गई थी। महीनों से अनिर्णीत पड़ी फाइलों की अचानक मंजूरी, खासकर ऐसे समय में जब प्रशासन को आधिकारिक शोक मनाने की उम्मीद थी, ने प्रक्रियात्मक अखंडता और उन परिस्थितियों पर चिंता पैदा कर दी है जिनके तहत इन मंजूरी में तेजी लाई गई थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 18:53 IST समाचार राजनीति महाराष्ट्र में अजित पवार के निधन पर शोक, 3 दिन में 75 संस्थानों को दिया गया अल्पसंख्यक दर्जा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र राज्य प्रशासन विवाद(टी)महाराष्ट्र आधिकारिक शोक(टी)अजित पवार विमान दुर्घटना(टी)अल्पसंख्यक स्थिति अनुमोदन(टी)महाराष्ट्र अल्पसंख्यक विभाग(टी)बारामती घटना(टी)शैक्षणिक संस्थान अल्पसंख्यक स्थिति(टी)प्रक्रियात्मक अखंडता महाराष्ट्र

हिमाचल के राज्यपाल ने 16वें वित्त आयोग पर टिप्पणी पर जताई आपत्ति, 2 मिनट में बजट सत्र भाषण समाप्त | राजनीति समाचार

हिमाचल के राज्यपाल ने 16वें वित्त आयोग पर टिप्पणी पर जताई आपत्ति, 2 मिनट में बजट सत्र भाषण समाप्त | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 17:48 IST हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पूरा पारंपरिक संबोधन छोड़ दिया क्योंकि भाषण के पाठ में “संवैधानिक संस्थाओं पर अनुचित टिप्पणियाँ” थीं। एक ऐसे कदम में, जिससे सदन स्तब्ध रह गया, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 16 फरवरी, 2026 को विधानसभा के बजट सत्र के उद्घाटन दिवस पर बोलते हुए विशेष रूप से अपने तैयार भाषण के कम से कम 14 पैराग्राफ हटा दिए। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने सोमवार को राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के साथ एक ताजा गतिरोध पैदा कर दिया जब उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र के शुरुआती दिन अपने पारंपरिक भाषण के “महत्वपूर्ण” हिस्सों को पढ़ने से इनकार कर दिया और दो मिनट के भीतर अपना संबोधन समाप्त कर दिया। सदन को स्तब्ध कर देने वाले एक कदम में, शिव प्रताप शुक्ला ने बोलते समय विशेष रूप से तैयार पाठ के कम से कम 14 पैराग्राफ छोड़ दिए। शुक्ला ने यह कहकर अपने फैसले का बचाव किया कि दस्तावेज़ में “संवैधानिक संस्थानों पर टिप्पणियाँ” अनुचित थीं, जो 16वें वित्त आयोग पर टिप्पणियों पर उनकी आपत्ति का संकेत है। शुक्ला ने सदन को बताया, “मुझे नहीं लगता कि मुझे इसे पढ़ना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने पाठ की सावधानीपूर्वक समीक्षा की है, लेकिन विधानसभा को इसके बजाय सरकारी उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप पर अपने विचार-विमर्श पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सदस्यों को बधाई के साथ अपना संक्षिप्त भाषण समाप्त करने से पहले कहा, “बाकी संबोधन में सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की उपलब्धियां शामिल हैं, मुझे यकीन है कि सदन इस पर विचार-विमर्श करेगा।” काटे गए हिस्सों में क्या था? छोड़े गए खंड, जो अब हिमाचल प्रदेश में शुक्ला और कांग्रेस सरकार के बीच गतिरोध का केंद्र हैं, में कथित तौर पर 16वें वित्त आयोग की तीखी आलोचना शामिल थी। सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को खत्म करने के आयोग के फैसले के खिलाफ एक औपचारिक विरोध का मसौदा तैयार किया था, जो पहाड़ी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय जीवन रेखा है। तैयार पाठ के अनुसार, राज्य सरकार का तर्क है कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें “संविधान के अनुच्छेद 275 (1) की भावना के खिलाफ हैं”। इसमें दावा किया गया है कि आयोग व्यक्तिगत मूल्यांकन के बजाय विभिन्न राज्यों के लिए संयुक्त राजस्व और व्यय अनुमान पेश करके हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट वित्तीय जरूरतों को प्रतिबिंबित करने में विफल रहा। आरडीजी मुद्दा क्या है? राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करना हिमाचल प्रदेश के लिए एक वित्तीय संकट का प्रतिनिधित्व करता है। पहले, यह राज्य के कुल बजट का लगभग 12.7 प्रतिशत था – नागालैंड के बाद भारत में दूसरी सबसे बड़ी निर्भरता। 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल को छह वर्षों में लगभग 48,630 करोड़ रुपये मिले। नई सिफारिशों द्वारा इसे “पूरी तरह से समाप्त” कर दिया गया है, जिससे राज्य के वित्त में एक आश्चर्यजनक असमानता को उजागर करते हुए 10,000 करोड़ रुपये का अनुमानित वार्षिक नुकसान हुआ है। यहां वह सब कुछ है जो आपको जानना आवश्यक है: राज्य के अपने संसाधन: 18,000 करोड़ रुपये प्रतिबद्ध व्यय (वेतन, पेंशन, ऋण): 48,000 करोड़ रुपये कुल अनुमानित संसाधन (कर और उधार सहित): 42,000 करोड़ रुपये हिमाचल सरकार क्या कहती है? राज्य सरकार ने कहा है कि इस अंतर को पाटने के लिए आरडीजी के बिना, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आपदा प्रबंधन प्रयासों को बनाए रखने में “गंभीर बाधाएँ” होंगी। इसका तर्क, जिसे शुक्ला ने मानने से इनकार कर दिया, वह यह है कि यह नीति परिवर्तन छोटे पहाड़ी राज्यों को “दंडित” करता है। तैयार पते में कहा गया है कि राज्य के कठिन इलाके और उच्च प्रशासनिक लागत के कारण केवल आंतरिक राजस्व के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को बनाए रखना असंभव है। सरकार ने आरोप लगाया कि इन तबादलों को हटाने से “संघवाद की भावना कमजोर होती है” और राजकोषीय स्वायत्तता कमजोर होती है, जिससे छोटे राज्य केंद्र पर “वित्तीय संकट और अत्यधिक निर्भरता” की स्थिति में आ जाते हैं। सत्र के केवल पहले दिन के साथ, आरडीजी के आने वाले दिनों में विवाद का केंद्रीय बिंदु बने रहने की उम्मीद है, राज्य सरकार ने इसे बंद करने पर चर्चा के लिए नियम 102 के तहत पहले ही एक प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : शिमला, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 17:48 IST समाचार राजनीति हिमाचल के राज्यपाल ने 16वें वित्त आयोग पर टिप्पणी पर आपत्ति जताई, बजट सत्र भाषण 2 मिनट में समाप्त किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमाचल प्रदेश राजस्व घाटा अनुदान(टी)हिमाचल प्रदेश बजट सत्र(टी)16वां वित्त आयोग हिमाचल प्रदेश(टी)शिव प्रताप शुक्ला विधानसभा भाषण(टी)हिमाचल प्रदेश वित्तीय संकट(टी)राजस्व घाटा अनुदान मुद्दा(टी)हिमाचल प्रदेश सरकार वित्त(टी)भारत में संघवाद

नौकरी के नाम पर 7 साल तक दरिंदगी, दुर्ग में 7 गिरफ्तार, फॉरेंसिक जांच तेज

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Last Updated:February 16, 2026, 17:01 IST छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात साल तक शोषण के आरोप हैं. जांच में सरकारी गाड़ियों और रेस्ट हाउस के इस्तेमाल की बात सामने आई है. पुलिस ने दो वाहन और मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. दुर्ग में हैवानियत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. दुर्ग. जिले में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और लंबे समय तक शोषण का मामला छत्तीसगढ़ में चर्चा में है. पीड़िता की शिकायत के बाद दर्ज एफआईआर और अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे जाल में फंसाया गया और सात साल तक डर, दबाव और ब्लैकमेल के जरिए उसका शोषण किया गया. इस दौरान कथित तौर पर सरकारी कार्य में लगी गाड़ियों और रेस्ट हाउस का उपयोग भी किया गया. पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों में विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे और संजय पंडित शामिल हैं. आरोपों के मुताबिक, PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए ने शोषण किया. मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वाहन लॉगबुक और रेस्ट हाउस रजिस्टर की पड़ताल कर रही हैं. बीएन पांडे और संजय पंडित ने कोर्ट में सरेंडर किया था. दो दिन की पुलिस रिमांड के बाद दो मुख्य आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. जब्त किए गए वाहनों और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. 2018 से दुर्ग में हो रहा था शोषण महिला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता वर्ष 2018 में अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी. मां को घरेलू काम दिलाया गया और रहने के लिए क्वार्टर उपलब्ध कराया गया. आरोप है कि इसी दौरान विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने उसे धमकाकर दुष्कर्म किया. बाद में नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग अलग स्थानों, खासकर रेस्ट हाउस में बुलाया जाता रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म हुआ और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी गई. दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर हुआ अपराध, डिजिटल साक्ष्यों की जांचएफआईआर के अनुसार 2018 से 2025 के बीच दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर अपराध होने के आरोप हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने प्रभाव और पद का डर दिखाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया. व्हाट्सऐप पर फोटो और वीडियो की मांग कर वायरल करने की धमकी दी गई. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और कॉल डिटेल विश्लेषण कराया जा रहा है. 2 मोबाइल बरामद, फॉरेंसिक जांच से होगा बड़ा खुलासा 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर के बाद दो आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया. पूछताछ में उनकी निशानदेही पर कार CG 07 AU 352 और इंडिगो CG 07 AT 7047 जब्त की गई. दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. 15 फरवरी को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा. अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस के अनुसार अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कथित तौर पर सरकारी परिसंपत्तियों का दुरुपयोग कैसे हुआ. About the Author Sumit verma सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें Location : Durg,Durg,Chhattisgarh First Published : February 16, 2026, 17:01 IST

‘गलती’: टीएन बीजेपी प्रमुख नागेंद्रन ने त्रिशा को विजय से जोड़ने वाली टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया | राजनीति समाचार

'गलती': टीएन बीजेपी प्रमुख नागेंद्रन ने त्रिशा को विजय से जोड़ने वाली टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 16:09 IST यह टिप्पणी विजय के इस दावे का जवाब देते हुए की गई थी कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में एक प्रमुख चुनौती बनकर उभरेगी। तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन और अभिनेता तृषा कृष्णन। (एक्स/पीटीआई) तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने सोमवार को अभिनेता को घसीटने वाली अपनी विवादास्पद टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया तृषा कृष्णन अभिनेता से नेता बने विजय पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि यह बयान “गलती से” दिया गया था और इसका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, “यह गलती से दिया गया बयान था। हमारी अखिल भारतीय महिला विंग की प्रमुख वनथी श्रीनिवासन और अन्नामलाई ने मुझसे इस मामले पर बात की है। अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं हार्दिक खेद व्यक्त करता हूं।” ऐसा तब हुआ जब नागेंद्रन ने सुझाव दिया कि विजय को अनुभव हासिल करने और राजनीति में सफल होने के लिए “तृषा के घर से बाहर आना चाहिए”। यह टिप्पणी विजय के इस दावे का जवाब देते हुए की गई थी कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में एक प्रमुख चुनौती बनकर उभरेगी। यह भी पढ़ें ‘कोई विचारधारा वाली पार्टी नहीं’: तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष किया कार्यक्रम में नागेंद्रन ने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि अभिनेता ऐसा व्यक्ति है जो “जो छत पर भी नहीं चढ़ सकता, वह स्वर्ग पर चढ़ने का सपना देख रहा है”। “बेचारा, वह पूरी तरह से अनुभवहीन है। सबसे पहले, उसे अपने घर से बाहर आने की जरूरत है। पहले त्रिशा के घर से बाहर आओ, फिर कुछ हो सकता है,” उसने हंसते हुए कहा था। इस टिप्पणी पर सभी दलों के राजनीतिक नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने इसे अनुचित बताया और भाजपा पर व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ द्रमुक के नेताओं ने कहा कि यह टिप्पणी महिलाओं के प्रति सम्मान की कमी दर्शाती है, जबकि कांग्रेस ने एक अभिनेता का नाम राजनीतिक बहस में घसीटने की जरूरत पर सवाल उठाया। तृषा ने अपने कानूनी सलाहकार के माध्यम से टिप्पणी की निंदा की थी और अपनी तटस्थता पर जोर दिया था। बयान में कहा गया है, ”मेरे मुवक्किल ने कभी उम्मीद नहीं की थी कि राज्य के राजनीतिक क्षेत्र में उच्च कद रखने वाले व्यक्ति द्वारा ऐसी अरुचिकर और अनुचित टिप्पणी की जाएगी।” बयान में कहा गया है कि वह केवल अपने काम से परिभाषित होना चाहती हैं और उनका नाम उनसे असंबंधित मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 16:06 IST समाचार राजनीति ‘गलती’: टीएन बीजेपी प्रमुख नागेंद्रन ने त्रिशा को विजय से जोड़ने वाली टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नैनार नागेंद्रन माफी(टी)तमिलनाडु बीजेपी(टी)त्रिशा कृष्णन विवाद(टी)विजय राजनीतिक हमला(टी)बीजेपी बयान(टी)वनथी श्रीनिवासन(टी)अन्नामलाई(टी)विधानसभा चुनाव

‘कोई विचारधारा वाली पार्टी नहीं’: तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष किया | राजनीति समाचार

'कोई विचारधारा वाली पार्टी नहीं': तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 08:56 IST ऐसा तब हुआ जब विजय ने शुक्रवार को बिना नाम लिए कांग्रेस से कहा कि वह समझे कि द्रमुक केवल चुनाव जीतने के लिए पार्टी का इस्तेमाल कर रही है। तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर जोर दिया (फोटो: एक्स) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बाकी हैं और राज्य भर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को, उदयनिधि स्टालिन ने परोक्ष रूप से अभिनेता-राजनेता और टीवीके प्रमुख विजय की आलोचना करते हुए कहा, “बिना विचारधारा के कई पार्टियां बनी हैं”। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य में एक समूह है जो चारों ओर घूम रहा है – वे केवल शोर मचाते हैं, उनकी कोई महत्वाकांक्षा या विचारधारा नहीं है।” “उन्हें लगता है कि राजनीति मनोरंजन है।” उन्होंने द्रमुक युवा शाखा के सदस्यों से कहा कि राजनीति प्रतिबद्धता और समर्पण के बारे में है। उन्होंने कहा कि कोई भी उस समूह के साथ कुछ भी हासिल नहीं कर सकता जिसमें कोई प्रतिबद्धता नहीं है। उन्होंने कहा कि युवा विंग पर “पुराने और नए गुलामों” को हराने की जिम्मेदारी है। विजय ने डीएमके पर निशाना साधा ऐसा तब हुआ जब विजय ने शुक्रवार को बिना नाम लिए कांग्रेस से कहा कि वह समझे कि द्रमुक केवल चुनाव जीतने के लिए पार्टी का इस्तेमाल कर रही है। सेलम में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए, विजय ने विक्रवंडी में अपने पहले राजनीतिक सम्मेलन में अपनी पूर्व घोषणा को एक “राजनीतिक बम” बताया जो तमिलनाडु में गठबंधनों में हलचल पैदा कर रहा था। वह अपने उस बयान का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि टीवीके सहयोगियों के साथ सत्ता साझा करेगी। हालाँकि, विजय ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी, उन्होंने कहा कि लोग उनके साथ हैं। ‘तृषा के घर से बाहर आओ’ तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन द्वारा विजय के बारे में निजी टिप्पणी करने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया। विजय के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि टीवीके आगामी चुनावों में द्रमुक की मुख्य चुनौती होगी, नागेंद्रन ने उन्हें अनुभवहीन बताया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति छत पर भी नहीं चढ़ सकता, वह स्वर्ग पर चढ़ने का सपना देख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभव हासिल करने के लिए विजय को “अभिनेत्री तृषा के घर से बाहर आना चाहिए”। जब बाद में सवाल किया गया, तो नागेंद्रन अपनी टिप्पणी पर कायम रहे और कहा कि उन्होंने यह केवल एक बार कहा था। इस टिप्पणी से राज्य में आक्रोश फैल गया और द्रमुक नेताओं ने भाजपा पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 08:56 IST समाचार राजनीति ‘कोई विचारधारा वाली पार्टी नहीं’: तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)उदयनिधि स्टालिन(टी)अभिनेता विजय(टी)टीवीके विजय(टी)उदयनिधि स्टालिन का विजय पर कटाक्ष(टी)विजय तृषा