Tuesday, 22 Sep 2026 | 12:42 AM

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रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा

रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा

रोहतक की दादा लख्मी चंद यूनिवर्सिटी सुपवा में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई बॉलीवुड हस्तियों ने हिस्सा लिया और कुछ अभिनेताओं ने अपनी वीडियो भेजकर संदेश दिया। गांव जसिया के रहने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो में रोहतक वासियों के लिए संदेश भेजा। रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो की शुरूआत में सभी को देसी अंदाज में राम राम कहा। रणदीप ने कहा कि मेरा तो कलेजा पाटैन नै हो रहा है कि रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हो रहा है। सारे ज्यूरी आले, इन कलाकारा पर थोड़ा रहम करियो और स्टूडेंट्स कुछ सीख भी लियो। जिस बीज का मैं पौधा, उसने राम-राम कर दियो रणदीप हुड्डा ने अपने मजाकिया अंदाज में युवाओं से कहा कि लागे रहो, किमै न किमै जरूर होवेगा। जिस पौधे का मैं बीज हूं मेरी मां, वहां जरूर आ रही है। उसने राम-राम जरूर करियो। लागे रहो, खैंचे रहो मीटर। मेहनत कभी बेकार नहीं होती, सफलता जरूर मिलती है। हरियाणवी सिनेमा को छूना हुआ मुश्किल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा उद्योग जिस तरफ जा रहा है, उसे छूना मुश्किल हो गया है। मासूम शर्मा मेरा स्टूडेंट भी रहा है और लाइसेंस के रूप में एक अच्छी फिल्म बनाई है। युवा पीढ़ी में बहुत ऊर्जा है, लेकिन उसे सही दिशा देने की जरूरत है। हरियाणा के युवा कमाल कर रहे है। चंद्र शेखर आजाद का किया रोल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि केवल डरावने रोल नहीं किए, बल्कि अच्छे रोल भी किए है। लेकिन लोग डरते हैं तो मैं क्या करू। शहीद भगत सिंह मूवी में चंद्र शेखर आजाद का रोल किया, उससे बड़ा कौन सा रोल हो सकता है। नई पीढ़ी को बताना कि इस प्रकार का सिनेमा बन रहा है। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने कहा कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रहती थी और पढ़ाई भी रोहतक से ही की है। एमडीयू से एमए किया है, पहले इसका नाम कुछ और था। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत की थी। आशा हुड्‌डा ने कहा कि वही गुण बेटे रणदीप में भी आए और डॉक्टर बनने की बजाय एक्टिंग में कैरियर बनाया और आज एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर काफी खुश है। 22 साल पहले रोहतक को छोड़ा था, लेकिन आज भी आकर वही अहसास जिंदा हो जाता है।

'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसके पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, पिछले सोमवार यानी 13 सितंबर को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज की। इस मामले में भास्कर रिपोर्टर ने सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह और चाचा मनमोहन सिंह से बातचीत की। पन्ना सिंह, सुपौल जिले के छातापुर से भाजपा विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू के छोटे भाई हैं। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या-क्या कहा? दिशा की हत्या मामले को कैसे सुशांत की मौत से जुड़ा बताया? आदित्य ठाकरे को लेकर दोनों ने क्या दावे किए? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सबसे पहले देखिए, पूर्णिया आने के दौरान सुशांत की तस्वीरें अब पढ़िए सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या कहा… पूर्णिया के मलडीहा के रहने वाले पन्ना सिंह ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद हम लोगों को उम्मीद है कि जल्द सुशांत को भी जस्टिस मिलेगा, क्योंकि दिशा का मामला मेरे भाई से जुड़ा है। सुशांत सिंह राजपूत साल 2019 में पूर्णिया आया था। उस दौरान सुशांत ने मुझे कुछ बताना चाहता था। लेकिन, समय कम होने की वजह से वह बात नहीं कर सका। बस इतना ही बताया था कि भइया जल्द ही आपसे इस बारे में बात करूंगा। पन्ना सिंह ने कहा कि सुशांत बहुत ज्यादा मैच्योर नहीं था। इसी का फायदा उसके दुश्मनों ने उठा लिया। दिशा मामले की सीबीआई जांच चल रही है। बस हम लोग यही चाहते हैं कि कोई निर्दोष इस केस में न फंसे, लेकिन जो दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पन्ना ने कहा कि हम लोग शुरू से ये कहते आए हैं कि इस केस में आदित्य ठाकरे की भूमिका है। चूंकि जिस वक्त की घटना है, आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। आदित्य एकलौता बेटा था, इसलिए जो उसके मन में आता था, करता था। पन्ना का दावा- आदित्य ठाकरे की दिशा, सुशांत केस में डायरेक्ट इन्वॉलमेंट पन्ना सिंह ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे में सीबीआई बिना किसी दबाव के अपने स्तर से जांच करे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सुशांत ने चांद पर जमीन खरीदी थी, ऐसा कैसे और क्यों होगा कि वो आत्महत्या करेगा। जब कोई डिप्रेशन में होता है, तब सुसाइड करता है या अपने लाइफ में किसी तरह की विफलता को फेस कर रहा हो तो ऐसे कदम उठाता है, लेकिन मेरे भाई के साथ ऐसा कुछ नहीं था। सुशांत पर परिवार या फिर पैसे की कोई लाइबिलिटी भी नहीं थी। पैसे या फिर गाड़ियों की उसके पास कोई कमी नहीं थी। चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुशांत के शरीर और गले पर मौजूद निशान आत्महत्या के नहीं, बल्कि शारीरिक हिंसा के संकेत दे रहे थे। यहां तक कि शुरुआती रिपोर्ट देखने वाले डॉक्टरों के बयानों से भी यह स्पष्ट होता था कि मामला संदिग्ध था। विधायक नीरज सिंह बबलू ने केस दबाने का आरोप लगाया था 6 दिन पहले बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने सहरसा के नया बाजार स्थित अपने घर पर दावा किया था कि दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सुशांत की हत्या हुई थी, तब हम लोग मुंबई गए थे। हमें उसी वक्त पता चल गया था कि सुशांत और दिशा सालियान की हत्या के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर उसी समय दिशा सालियान मामले का खुलासा हो जाता, तो सुशांत के हत्यारों का भी पता चल जाता। उद्धव सरकार पर मामले को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे। लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज की है।

मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग

मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग

साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। कटरीना कैफ के हालिया मामले ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया। कटरीना कैफ और विक्की कौशल की पहली संतान यानी बेटे विहान का जन्म 7 नवंबर 2025 को हुआ था। कटरीना अब 40 की उम्र पार कर चुकी हैं और लंबे समय से अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। डाइट और फिटनेस को लेकर उनकी सतर्कता की वजह से उनकी एक खास फिटनेस इमेज बनी हुई है। हालांकि, मां बनने के बाद उनके शरीर में आए बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। पहले बच्चे के जन्म के बाद कटरीना काफी समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं। इस साल अगस्त के आखिर में वह पहली बार पति विक्की कौशल के साथ फिल्ममेकर कुकू कोहली के अंतिम संस्कार में नजर आईं। 26 अगस्त 2026 को सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर कटरीना के पोस्टपार्टम लुक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। कुछ यूजर्स ने उनके बढ़े हुए वजन और चेहरे पर आए बदलावों को लेकर कमेंट्स किए। इसके बाद गणेश चतुर्थी के मौके पर जब कटरीना मुंबई में नजर आईं, तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर ट्रोलिंग और बढ़ गई। उनकी पुरानी तस्वीरों के साथ नई तस्वीरों की तुलना की गई। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कुछ लोग कटरीना के वजन और लुक पर टिप्पणी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फैंस, महिलाएं, क्रिएटर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने ऐसी बॉडी शेमिंग का विरोध किया। इस चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि मां बनने के बाद किसी महिला से कितने कम समय में पहले जैसी बॉडी में लौटने की उम्मीद की जानी चाहिए। प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और हर महिला के लिए रिकवरी का समय अलग हो सकता है। एक्ट्रेसेस के लिए ‘बाउंस बैक’ का दबाव एक्ट्रेसेस के लिए यह प्रेशर नया नहीं है। कई एक्ट्रेसेस मां बनने के बाद अपने वजन, शरीर और लुक को लेकर सार्वजनिक आलोचना झेल चुकी हैं। कटरीना के मामले ने एक बार फिर ऐश्वर्या राय, करीना कपूर खान और बिपाशा बसु जैसी अभिनेत्रियों के अनुभवों की याद दिलाई। इन सभी को मां बनने के बाद अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। एक्ट्रेसेस से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे प्रेग्नेंसी के बाद बहुत कम समय में अपने पुराने फिगर में लौट आएं। ऐश्वर्या राय: बेटी के जन्म के बाद वजन को लेकर हुई थीं ट्रोल ऐश्वर्या राय बच्चन को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता रहा है। पूर्व मिस वर्ल्ड होने की वजह से उनकी खूबसूरती को लेकर हमेशा काफी चर्चा रही है, लेकिन मां बनने के बाद यही पब्लिक इमेज उनके लिए आलोचना की वजह भी बनी। ऐश्वर्या ने नवंबर 2011 में बेटी आराध्या को जन्म दिया था। बेटी के जन्म के करीब सात महीने बाद ऐश्वर्या राय बच्चन की एक तस्वीर सामने आई थी। तस्वीर में उनका वजन बढ़ा हुआ नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2012 में उनकी वापसी की खबरों के बीच उनके लुक को लेकर चर्चा और बढ़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि एक एक्ट्रेस होने के नाते उन्हें फिट दिखना चाहिए। दिसंबर 2012 में ऐश्वर्या ने मशहूर ब्रिटिश पत्रकार सर डेविड फ्रॉस्ट के शो में कहा था कि वह अपने शरीर को लेकर सहज थीं। ऐश्वर्या ने यह भी कहा था कि उन्होंने कभी डाइटिंग नहीं की। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें लगता कि उनका वजन कोई बड़ी समस्या है, तो वह छिप जातीं या कुछ करतीं। उन्होंने इस दौरान अपनी बेटी के साथ जिंदगी को एंजॉय करने को प्रायोरिटी दी। बिपाशा बसु ने भी झेली बॉडी शेमिंग 2000 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल बिपाशा बसु भी मां बनने के बाद बॉडी शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने नवंबर 2022 में बेटी देवी को जन्म दिया था। हाल ही में बिपाशा ने बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” करीना ने वजन घटाने के दबाव पर बात की थी करीना कपूर खान भी लंबे समय से अपनी फिटनेस और ग्लैमरस इमेज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने दिसंबर 2016 में अपने पहले बेटे तैमूर को जन्म दिया था। प्रेग्नेंसी के दौरान करीना का करीब 18 किलोग्राम यानी लगभग 40 पाउंड वजन बढ़ा था। बच्चे के जन्म के बाद उनके पैरों, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। करीना ने 2021 में अपने दूसरे

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। बता दें कि सलमान की टिप्पणी हाल ही कटरीना कैफ की हुई ट्रोलिंग के बाद आई। दरअसल, सलमान ने शनिवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी और जैकेट उतार दी। महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय नहीं देना चाहते। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद है कि वह किसी राजनीतिक मुद्दे पर बात करना चाहता है या नहीं। सलमान ने पत्रकारिता को लेकर कहा कि पत्रकारों का काम किसी मुद्दे की सच्चाई पता लगाना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को उनसे सिर्फ इसलिए प्रतिक्रिया लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि उनकी टिप्पणी को चलाकर टीआरपी हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जाकर सच्चाई पता करनी चाहिए और लोगों को जानकारी देनी चाहिए। ‘अगर मैं अपने फैन क्लब को बोल दूं तो?’ सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने कहा कि किसी के वजन बढ़ने या घटने को लेकर चिंता जताना अलग बात है, लेकिन किसी का मजाक उड़ाना या उसके लुक्स को लेकर लगातार टिप्पणी करना ठीक नहीं है। सलमान ने कहा कि सोहेल खान, वरुण धवन और इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को लेकर भी ट्रोलिंग की जाती है और कई बार ट्रोलर्स को किसी की ड्रेस, लुक या निजी जिंदगी में कमी निकालने का मौका मिल जाता है। सलमान ने

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। बता दें कि सलमान की टिप्पणी हाल ही में कटरीना कैफ की हुई ट्रोलिंग के बाद आई। दरअसल, सलमान ने शनिवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट भी उतार दी। महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रोलर के घर तक पहुंच गए थे सलमान सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने सोहेल खान और वरुण धवन की हुई ट्रोलिंग को लेकर बात की। सलमान ने कहा कि ट्रोलर्स सिर्फ कलाकारों को ही नहीं, बल्कि एक्टर्स, इंफ्लुएंसर्स और राजनेताओं को भी निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का काम पसंद नहीं है तो सीधे कहा जा सकता है कि काम अच्छा नहीं लगा या फिल्म पसंद नहीं आई। किसी मंत्री के काम पर भी सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए गाली देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुद भी ट्रोल किया जाता है। कभी उनके बाल या लुक को लेकर कहा जाता है कि वह टकले हो गए हैं, जबकि वह किसी फिल्म के लुक का हिस्सा हो सकता है। सलमान ने कहा कि वह आलोचना को अपने फायदे में बदलने की कोशिश करते हैं। उनकी तारीफ की जाए तो वह और बेहतर करने की कोशिश करते हैं और बुराई की जाए तो खुद को गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। कई लोग लगातार झूठी और अपमानजनक टिप्पणियों से डिप्रेशन में चले जाते हैं। सलमान बोले- हम इसमें पड़ना नहीं चाहते सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है।

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है।

जूबीन गर्ग के निधन के एक साल:पत्नी गरिमा बोलीं- वो हर जगह दिखते हैं, सिंगापुर में क्या हुआ, इसका जवाब चाहिए, न्याय किसके लिए

जूबीन गर्ग के निधन के एक साल:पत्नी गरिमा बोलीं- वो हर जगह दिखते हैं, सिंगापुर में क्या हुआ, इसका जवाब चाहिए, न्याय किसके लिए

असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर उनकी पत्नी गरिमा ने न्याय की मांग की है। मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था। वह एक कॉन्सर्ट के लिए गए थे। मौत के बाद 7 लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। उनकी पहली बरसी पर कई चाहनेवाले उनके घर पहुंच रहे हैं। इस पर उनकी पत्नी ने कहा है कि परिवार और असम के लोग अब भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई। गरिमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में असल में में क्या हुआ था। मैं उन्हें हर जगह देखती हूं। जिस तरह लोग यहां आए हैं, वे किसी की जाति, धर्म या विचारधारा को नहीं देख रहे हैं। वे इंसान बनकर आए हैं।” असम सरकार ने सिंगापुर में उनकी मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। केस अदालत में आगे बढ़ रहा है। असम सरकार ने कहा है कि जांच का मकसद जुबीन की सिंगापुर में मौत से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाना है। न्याय की मांग पर गरिमा ने कहा, “हम सभी जुबीन गर्ग के लिए न्याय चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था। हम अब भी उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हमें न्याय मिलना चाहिए। अगर जुबीन के लिए न्याय नहीं है, तो फिर किसके लिए है?” फैंस ने मना रहे हैं जुबीन दिवस जुबीन गर्ग की पहली बरसी को उनके फैंस जुबीन दिवस के रूप में मना रहे हैं। 17 सितंबर से शुरू हुआ तीन दिवसीय जुबीन दिवस संगीत, प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। कामारकुची स्थित स्मारक पर प्रशंसकों की भीड़ जुटी। स्मारक को फूलों और गमोसों से सजाया गया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए इंतजाम किए गए थे। यह कार्यक्रम शनिवार को यानी आज खत्म होगा। देखिए जुबीन गर्ग दिवस की चुनिंदा तस्वीरें- पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी, सिंगापुर पुलिस बोली- मौत डूबने से हुई सिंगर जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को हुआ। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में परफॉर्म करना था। परफॉर्मेंस से जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी डूबने से उनकी मौत हो गई थी। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन गर्ग के निधन के बाद असम में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा समेत घटना के वक्त उनके साथ मौजूद सभी लोगों और इवेंट मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। शिकायत होने के बाद सिंगर की पत्नी गरिमा ने सिंगर के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से रोते हुए एक वीडियो जारी कर मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत वापस लिए जाने की अपील की है। कुछ समय बाद जुबीन की पत्नी ने हत्या का शक जताते हुए जांच की मांग की। शिकायत होने के बाद जुबीन के साथ यॉट में मौजूद दोस्तों और इवेंट ऑर्गेनाइजर की गिरफ्तारी हुई। दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को विधानसभा में कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। वे दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे। असम पुलिस के साथ-साथ सिंगापुर पुलिस ने भी मामले की जांच की। जनवरी में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। अदालत को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, जुबीन की मौत डूबने की वजह से हुई थी। उन्होंने नशे की हालत में लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। सिंगापुर पुलिस ने 35 लोगों की गवाही के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। गवाहों ने उस दिन की पल-पल की जानकारी दी और बताया कि जुबीन गर्ग ने कितनी शराब पी और नशे में डाइविंग करने पहुंचे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में अब तक 31 की मौत:100 से ज्यादा लोग घायल; विस्फोटक से भरी गाड़ी मस्जिद से टकराई थी

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में अब तक 31 की मौत:100 से ज्यादा लोग घायल; विस्फोटक से भरी गाड़ी मस्जिद से टकराई थी

खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में मस्जिद के पास पुलिस परिसर पर हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या 31 हो गई है। मृतकों में 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमला शुक्रवार दोपहर हुआ। उस समय पुलिसकर्मी और उनके परिवार के लोग मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी कार लेकर पहुंचा था और उसने कार मस्जिद की दीवार से टकराकर धमाका कर दिया। कुछ हमलावर अब भी छिपे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कुछ हमलावर अभी भी स्पेशल ब्रांच के हिस्से में छिपे हुए हैं। पुलिस और उनके बीच रात में गोलीबारी भी हुई। फिलहाल यह नहीं बताया गया कि कितने हमलावरों ने हमला किया था। शुक्रवार को 6 आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। धमाके से मस्जिद और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा तेज धमाके से मस्जिद और परिसर की दूसरी इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा। दीवारें गिर गईं और मलबा पूरे इलाके में फैल गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में ईंट-पत्थर और टूटी हुई दीवारें दिखाई दीं। पुलिस मुख्यालय में कई अहम विभागों के दफ्तर जहां हमला हुआ वह कोई सामान्य पुलिस चौकी नहीं थी। कोहाट का ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर जिला स्तर का बड़ा पुलिस मुख्यालय है। यहां आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने वाला काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD), स्पेशल ब्रांच और पुलिस की दूसरी इकाइयों के दफ्तर हैं। यही वजह है कि हमलावरों ने पुलिस परिसर को निशाना बनाया। धमाके के बाद उन्होंने परिसर के अंदर मौजूद पुलिस ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश भी की। हमले की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावा हमले के बाद इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नाम के संगठन ने इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह संगठन हाफिज गुल बहादुर से जुड़े गुट के नेतृत्व वाला बताया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में एक अन्य संगठन की ओर से भी जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। इसलिए हमले के पीछे किस गुट की भूमिका थी, इसे लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस इलाके में बढ़ रहे आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान से सक्रिय आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव भी बढ़ा है।

ट्रम्प का दावा- डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौता हुआ:अमेरिका ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा; डेनमार्क ने कहा- संप्रभुता हमारी रहेगी

ट्रम्प का दावा- डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौता हुआ:अमेरिका ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा; डेनमार्क ने कहा- संप्रभुता हमारी रहेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत ग्रीनलैंड में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ेगी। ट्रम्प के ऐलान के कुछ देर बाद डेनमार्क के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि समझौता डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता को मान्यता देता है। ग्रीनलैंड के लोगों का अपना भविष्य तय करने का अधिकार भी बरकरार रहेगा। ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है। समझौते की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। समझौते पर अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारें हस्ताक्षर करेंगी। हालांकि इसे लागू करने से पहले डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों की मंजूरी जरूरी होगी। ग्रीनलैंड में अमेरिका विरोधी देशों के सैन्य अड्डे नहीं होंगें ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत अमेरिका के विरोधी देश ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा नहीं बना सकेंगे और वहां सैनिक भी नहीं रख सकेंगे। ट्रम्प के मुताबिक, ग्रीनलैंड में संवेदनशील क्षेत्रों में कोई बड़ा निवेश भी अमेरिका की लिखित मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने भी कहा कि नाटो से बाहर के देशों को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने या सैन्य मौजूदगी रखने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने अभी यह साफ नहीं किया है। ग्रीनलैंड आजाद हुआ तो भी अमेरिकी सेना की पहुंच रहेगी अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी के मुताबिक, समझौता ग्रीनलैंड के भविष्य में स्वतंत्र देश बनने की स्थिति में भी लागू रहेगा। ग्रीनलैंड लंबे समय में आजादी की मांग कर रहा है और वहां कई लोग स्वतंत्र देश बनना चाहते हैं। अभी ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन है और उसकी रक्षा की जिम्मेदारी डेनमार्क के पास है। ट्रम्प प्रशासन की एक बड़ी चिंता यह रही है कि अगर भविष्य में ग्रीनलैंड आजाद हो जाता है, तो भी अमेरिकी सेना को वहां मौजूदा सैन्य पहुंच मिलती रहे। अमेरिका नए सैन्य ठिकाने भी बना सकता है ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में बड़ी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में कई ऐसी जगहें हैं, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी बढ़ाई जा सकती है। शीत युद्ध के दौरान अमेरिका के ग्रीनलैंड में एक दर्जन से ज्यादा सैन्य ठिकाने थे। बाद में इनमें से ज्यादातर बंद कर दिए गए। फिलहाल वहां अमेरिका का पिटुफिक स्पेस बेस मौजूद है। हाल के हफ्तों में अमेरिकी सैन्य अधिकारी ग्रीनलैंड का दौरा कर पुराने सैन्य ठिकानों को फिर से खोलने की संभावनाएं देख रहे हैं। 1951 से ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पहली बार ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बनाई थी। 1951 में अमेरिका और डेनमार्क के बीच एक रक्षा समझौता हुआ। इसके तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने चलाने और वहां अपनी सेना की गतिविधियां करने की काफी आजादी मिली। इस समझौते में नाटो देशों की सेनाओं को भी ग्रीनलैंड में पहुंच की अनुमति थी। लेकिन इसमें रूस या चीन जैसे देशों की सैन्य मौजूदगी पर साफ रोक नहीं थी। नए समझौते में गैर-नाटो देशों को सैन्य अड्डा बनाने और सेना रखने से रोकने की बात कही गई है। हालांकि, ग्रीनलैंड नाटो क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए किसी गैर-नाटो देश के वहां सैन्य अड्डा बनाने की संभावना पहले से ही काफी कम मानी जाती थी। डेनमार्क बोला- समझौता नाटो और यूरोप के लिए भी अच्छा डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि इस समझौते से आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी। उनके मुताबिक इससे नाटो और यूरोपीय देशों को भी फायदा होगा। जनवरी में अमेरिका-डेनमार्क के बीच तनाव बढ़ गया था ट्रम्प लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका के साथ जोड़ने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं। लेकिन डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने इस विचार को खारिज किया है। इस साल जनवरी में दोनों पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया था। डेनमार्क की सेना ने अमेरिकी हमले की स्थिति के लिए ग्रीनलैंड के एयरफील्ड को नष्ट करने तक की योजना बनाई थी। डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में सैनिक भी भेजे थे। हालांकि, ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। ————————