सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय बाजार:गिफ्टी निफ्टी में 150 अंकों की कमजोरी; 8% टूटा दक्षिण कोरिया का कोस्पी

मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज 26 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। लेकिन वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण सोमवार को ये गिरावट के साथ खुल सकता है। आज दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 8% नीचे हैं और गिफ्ट निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। इससे पहले, गुरुवार को भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच मामूली बढ़त रही थी। सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक (0.14%) बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स अपने डे हाई से 703 अंक टूट गया था। विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में ₹2 हजार करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे 25 जून को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय बाजारों से ₹384 करोड़ की नेट खरीदारी की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी ₹5,748 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इस साल के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो FIIs अब तक लगभग ₹3.46 लाख करोड़ के नेट सेलर्स रहे हैं, जबकि DIIs ने ₹4.57 लाख करोड़ की खरीदारी की है। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। एशियाई बाजारों में कोस्पी 8% टूटा, निक्केई में भी 5% की गिरावट AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण ग्लोबल मार्केट्स में टेक शेयरों में बिकवाली आई है। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी 8% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3% गिरा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी नीचे हैं। अमेरिकी बाजारों में मिला जुला कारोबार, एपल का शेयर 6% टूटा डाउ जोंस में भले ही 0.14% की बढ़त रही, लेकिन टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट 0.46% गिरकर बंद हुआ। टेक कंपनी एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे आ गए। सबसे ज्यादा नुकसान एपल को हुआ, जिसके शेयर 6% टूट गए। कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, ताकि मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके। इस गिरावट से एपल की मार्केट वैल्यू करीब 250 बिलियन डॉलर घट गई। अब इसका मार्केट कैप 4.04 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। हालांकि, सेमीकंडक्टर सेक्टर से कुछ अच्छे संकेत भी मिले। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के तिमाही नतीजे अनुमान से बेहतर रहने के बाद उसका शेयर 16% चढ़ गया। इसके साथ ही सैनडिस्क में 22% की तेजी आई। क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियां भी बढ़त रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई घटेगी सप्लाई से जुड़ी चिंताएं दूर होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से टैंकरों की आवाजाही फिर से सामान्य होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। ब्रेंट क्रूड 2% गिरकर लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद आई मामूली तेजी के बावजूद कच्चे तेल के दामों में गिरावट रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस कमी से भारत जैसे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देश को महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। नॉलेज पार्ट :
शाहरुख खान के बॉलीवुड में 34 साल पूरे:मैंग्लोर इवेंट में बचपन की तस्वीर लेकर पहुंचे, कहा- भले ही ये अटपटी है, लेकिन इकलौती तस्वीर है, कन्नड़ बोली

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को आज फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल हो चुके हैं। उनकी पहली फिल्म दीवाना 34 साल पहले आज के ही दिन 26 जून को रिलीज हुई थी। इस खास मौके पर शाहरुख खान मैंगलोर के एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां आइकॉनिक पोज, हिट गानों में डांस करते हुए एक्टर ने मैंगलोर की बचपन की याद पर भी बात की है। इस दौरान एक्टर ने कन्नड़ में फैंस से बात कर हर किसी का ध्यान खींच लिया। शाहरुख खान इस इवेंट में बचपन की एक तस्वीर लेकर पहुंचे थे। इवेंट के बीच उन्होंने जेब में रखी वो तस्वीर निकालकर ऑडियंस को दिखाई, जो उनके अनुसार, उनके बचपन की इकलौती तस्वीर है। शाहरुख ने तस्वीर दिखाते हुए कहा, ‘भले ही इस समय यह तस्वीर थोड़ी अटपटी लगे, क्योंकि मैं इसमें बिना कपड़ों के हूं। ये मेरे पास मेरे बचपन की इकलौती तस्वीर है, जो मैंगलोर में ली गई थी। मैं बिना कपड़ों के बाल्टी में हूं।’ बता दें कि शाहरुख खान का जन्म नई दिल्ली में हुआ था, हालांकि उन्होंने बचपन के शुरुआती 5 साल अपने दादा जी इफ्तिखार अहमद के साथ मैंगलोर में ही बिताए हैं। इवेंट में शाहरुख खान ने फैंस को कन्नड़ में ग्रीट किया है, जिसके बाद उन्होंने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के गानों, झूमें जो पठान और छम्मक छल्लो जैसे गानों पर परफॉर्मेंस दी है। देखिए इवेंट से शाहरुख खान की तस्वीरें- फिल्म दीवाना में बने विलेन, संयोग से मिली थी ये फिल्म फिल्मों से पहले शाहरुख खान ने कई टीवी शोज में काम किया था, जिसके बाद उन्हें फिल्म दीवाना एक संयोग से मिली। इस फिल्म में राजा सहाय के रोल के लिए पहले अरमान कोहली को फाइनल किया गया था, लेकिन किसी वजह से एक्टर ने यह फिल्म करने से मना कर दिया था। इसी समय शेखर कपूर ने प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ को शाहरुख से मिलने के लिए दिल्ली भेजा। वो कनोट प्लेस में मिले। गुड्डू धनोआ ने एक इंटरव्यू में बताया था, “तब तक, अभिनेता की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। फिर भी उन्होंने मुझसे कहा, ‘मैं आपकी फिल्म नहीं कर सकता। मैं पहले से ही 5 फिल्में कर रहा हूं।’ ये सुनते ही मुझे झटका लगा। पूछने पर अभिनेता ने बताया कि वो हेमा मालिनी की ‘दिल आशना है’ (1992), ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ (1992), ‘चमत्कार’ (1992), ‘किंग अंकल’ (1993) और ‘कभी हां कभी ना’ (1994) में काम कर रहे हैं। मैंने फिर भी रिक्वेस्ट किया, कि उन्हें एक बार स्टोरी जरुर सुननी चाहिए। शाहरुख ने फिर मुझे अगले दिन दोपहर 12 बजे अपने घर आने के लिए कहा था।” गुड्डू धनोआ ने बताया, “अगले दिन मिलने पर शाहरुख को स्टोरी का सेकेंड हाफ इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा, ‘गुड्डू, मैं आपकी फिल्म कर रहा हूं।’ पर तभी जब मेरी बाकी फिल्मों की डेट्स आगे बढ़ जाए या फिर कैंसिल हो जाएं। किस्मत देखिए जिस फिल्म के लिए डेट्स नहीं थी, वो फिल्म सबसे पहले रिलीज हो गई और सुपरहिट भी साबित हुई।” पहली फिल्म में इतनी थी शाहरुख की फीस एक ऐसी फिल्म, जिसमें एक्ट्रेस की एंट्री सेकेंड हाफ में हुई थी। फिर भी लोगों को शाहरुख की एक्टिंग खूब पसंद आई। गुड्डू धनोआ ने बताया कि किंग खान को इस फिल्म के लिए 11 हजार साइनिंग अमाउंट और 1.50 लाख रुपए एक्टिंग फीस दी गई थी। ऋषि कपूर को फिल्म का गाना ‘ऐसी दीवानगी’ इतना पसंद आया था कि वो खुद इस गाने को करना चाहते थे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। गाना शाहरुख पर फिल्माया गया था। इस फिल्म से शाहरुख खान ने इडंस्ट्री में खास पहचान बना ली और आगे हिट देते हुए टॉप एक्टर्स में शामिल हुए। आज शाहरुख बॉलीवुड के सबसे कामयाब एक्टर हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे रईस एक्टर्स में भी होती है।
श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट:वेस्टइंडीज से जस्टिन ग्रेव्स ने 3 विकेट झटके, धनंजय डी सिल्वा का शतक

श्रीलंका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन बनाए हैं। गुरुवार को मैच के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे हैं। तीसरे सेशन में कैरेबियाई पारी का पहला ओवर समाप्त होने के बाद अंपायर्स ने बेल्स उठा लिए। ओपनर जॉन कैंपबेल 6 बॉल खेलकर नाबाद रहे। जबकि ब्रैंडन किंग ने एक भी बॉल नहीं फेस की। इससे पहले जॉयडन सेल्स ने श्रीलंकाई टीम का आखिरी विकेट झटका। उन्होंने असिथा फर्नांडो को अल्जारी जोसेफ के हाथों कैच कराया। सेल्स को श्रीलंकाई पारी में एक विकेट ही मिला। श्रीलंका की खराब शुरुआत, 50 के अंदर 3 विकेट गंवाए टॉस हारकर बैटिंग कर रही श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 50 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए थे। केमार रोच ने पहले ओवर की आखिरी बॉल पर पाथुम निसांका को 2 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा दिया। उसके बाद 10वें ओवर में अल्जारी जोसेफ ने निशान मदुष्का (23 रन) और कामिंदु मेंडिस (जीरो) को लगातार बॉल पर आउट किया। चंडीमल और डी सिल्वा ने पारी संभाली निसांका के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे दिनेश चांदीमल ने धनंजय डी सिल्वा के साथ पारी संभाली। दोनों ने 94 बॉल पर 68 रनों की साझेदारी की। वे चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्हें शमार जोसेफ ने बोल्ड कर दिया। चांदीमल 67 बॉल पर 54 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 8 चौके लगाए। डी सिल्वा का शतक, स्कोर 250 पार पहुंचाया 110 के स्कोर पर चांदीमल का विकेट गंवाने के बाद धनंजया डी सिल्वा ने श्रीलंकाई पारी को 250 पार पहुंचाया। डी सिल्वा ने 168 गेंद पर 120 रन की शतकीय पारी खेली। इस पारी में 17 चौके लगाए। उन्होंने लोअर ऑर्डर में 2 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं। इनमें सोनल दिनुषा (43 रन) के साथ 150 गेंद पर 99 रन और मिलन रथनायके के साथ 85 गेंद पर 64 रन की साझेदारी शामिल रही। ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा विकेट, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा, 3 अन्य गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए। इनमें केमार रोच, अल्जारी जोसेफ और शमार जोसेफ के नाम शामिल रहे। एक विकेट जॉयडन सेल्स को मिला। ———————————————–
श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट:वेस्टइंडीज से जस्टिन ग्रेव्स ने 3 विकेट झटके, धनंजय डी सिल्वा का शतक

श्रीलंका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन बनाए हैं। गुरुवार को मैच के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे हैं। तीसरे सेशन में कैरेबियाई पारी का पहला ओवर समाप्त होने के बाद अंपायर्स ने बेल्स उठा लिए। ओपनर जॉन कैंपबेल 6 बॉल खेलकर नाबाद रहे। जबकि ब्रैंडन किंग ने एक भी बॉल नहीं फेस की। इससे पहले जॉयडन सेल्स ने श्रीलंकाई टीम का आखिरी विकेट झटका। उन्होंने असिथा फर्नांडो को अल्जारी जोसेफ के हाथों कैच कराया। सेल्स को श्रीलंकाई पारी में एक विकेट ही मिला। श्रीलंका की खराब शुरुआत, 50 के अंदर 3 विकेट गंवाए टॉस हारकर बैटिंग कर रही श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 50 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए थे। केमार रोच ने पहले ओवर की आखिरी बॉल पर पाथुम निसांका को 2 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा दिया। उसके बाद 10वें ओवर में अल्जारी जोसेफ ने निशान मदुष्का (23 रन) और कामिंदु मेंडिस (जीरो) को लगातार बॉल पर आउट किया। चंडीमल और डी सिल्वा ने पारी संभाली निसांका के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे दिनेश चांदीमल ने धनंजय डी सिल्वा के साथ पारी संभाली। दोनों ने 94 बॉल पर 68 रनों की साझेदारी की। वे चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्हें शमार जोसेफ ने बोल्ड कर दिया। चांदीमल 67 बॉल पर 54 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 8 चौके लगाए। डी सिल्वा का शतक, स्कोर 250 पार पहुंचाया 110 के स्कोर पर चांदीमल का विकेट गंवाने के बाद धनंजया डी सिल्वा ने श्रीलंकाई पारी को 250 पार पहुंचाया। डी सिल्वा ने 168 गेंद पर 120 रन की शतकीय पारी खेली। इस पारी में 17 चौके लगाए। उन्होंने लोअर ऑर्डर में 2 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं। इनमें सोनल दिनुषा (43 रन) के साथ 150 गेंद पर 99 रन और मिलन रथनायके के साथ 85 गेंद पर 64 रन की साझेदारी शामिल रही। ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा विकेट, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा, 3 अन्य गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए। इनमें केमार रोच, अल्जारी जोसेफ और शमार जोसेफ के नाम शामिल रहे। एक विकेट जॉयडन सेल्स को मिला। ———————————————–
कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर:एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार के बाद से करीब 80 जहाज इस होर्मुज से गुजर चुके हैं। हालांकि यह संख्या युद्ध से पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाजों से कम है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर दाम दशहरे तक ही कम हो सकते हैं। कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई कर सकती हैं पेट्रोलियम की कीमतों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है? एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल जैसे प्रोडक्ट्स जो अभी हम खरीद रहे हैं, उन्हें तैयार करने के लिए जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल थी। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ये करीब 125 डॉलर प्रति बैरल थे। 72 डॉलर के क्रूड से बने पेट्रोल, डीजल कब तक पंपों पर पहुंचेंगे? इसमें करीब ढाई महीने लगेंगे। मौजूदा भाव का तेल स्रोत देशों के बंदरगाहों पर जहाजों में लोड होने में 15-20 दिन लगेंगे। उन्हें भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में 55-60 दिन लगेंगे। वहां से रिफाइनरी और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में भी समय लगेगा। यह पूरा चक्र 75-80 दिनों का होता है। तो क्या ढाई महीने बाद फौरन कीमतें कम हो जाएंगी? इसकी संभावना कम है। अभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी। कुछ दिन इसकी भरपाई की जा सकती है। उसके बाद ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना है। कब तक राहत मिल सकती है? दशहरे के आसपास पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगेंगे। ये भी उम्मीद कर सकते हैं कि अगस्त के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत से कुछ राहत मिलने लगे। क्या कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ेंगे? मुझे नहीं लगता है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे। ऐसी आशंका अब बेहद कम है।
कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर:एनर्जी एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार के बाद से करीब 80 जहाज इस होर्मुज से गुजर चुके हैं। हालांकि यह संख्या युद्ध से पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाजों से कम है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर दाम दशहरे तक ही कम हो सकते हैं। कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई कर सकती हैं पेट्रोलियम की कीमतों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है? एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल जैसे प्रोडक्ट्स जो अभी हम खरीद रहे हैं, उन्हें तैयार करने के लिए जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल थी। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ये करीब 125 डॉलर प्रति बैरल थे। 72 डॉलर के क्रूड से बने पेट्रोल, डीजल कब तक पंपों पर पहुंचेंगे? इसमें करीब ढाई महीने लगेंगे। मौजूदा भाव का तेल स्रोत देशों के बंदरगाहों पर जहाजों में लोड होने में 15-20 दिन लगेंगे। उन्हें भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में 55-60 दिन लगेंगे। वहां से रिफाइनरी और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में भी समय लगेगा। यह पूरा चक्र 75-80 दिनों का होता है। तो क्या ढाई महीने बाद फौरन कीमतें कम हो जाएंगी? इसकी संभावना कम है। अभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी। कुछ दिन इसकी भरपाई की जा सकती है। उसके बाद ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना है। कब तक राहत मिल सकती है? दशहरे के आसपास पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगेंगे। ये भी उम्मीद कर सकते हैं कि अगस्त के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत से कुछ राहत मिलने लगे। क्या कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ेंगे? मुझे नहीं लगता है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे। ऐसी आशंका अब बेहद कम है। ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा: इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें…
विशेष | वर्तमान प्रावधान के तहत, विलय में समस्या हो सकती है: हरीश साल्वे | एन18वी

विशेष | वर्तमान प्रावधान के तहत, विलय में समस्या हो सकती है: हरीश साल्वे | N18V “यदि लगभग सभी सांसद जाना चाहते हैं तो क्या वे आपकी पार्टी के नहीं हैं? इन मामलों को पार्टी के भीतर हल किया जाना चाहिए। दलबदल विरोधी कानून की वर्तमान संरचना में शायद कोई समस्या है। तर्क यह है कि, यदि बहुत बड़ी संख्या में सांसद चले जाते हैं तो क्या वे आपकी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं?: हरीश साल्वे, एफएमआर एसजी, सांसदों के अन्य दलों के साथ विलय पर”, एफएमआर एसजी, सांसदों के अन्य दलों के साथ विलय पर मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 26 जून, 2026, 09:00 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)संवैधानिक नैतिकता(टी)लिंग न्याय(टी)महाराष्ट्र विधायक सना मलिक(टी)मुस्लिम पर्सनल लॉ(टी)पर्सनल लॉ बहस(टी)पर्सनल लॉ इंडिया(टी)राजनीतिक दल और पर्सनल लॉ(टी)बहुविवाह विवाद(टी)मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बहुविवाह(टी)प्रगतिशील आदर्श(टी)प्रगतिशील राजनीति(टी)सना मलिक(टी)सना मलिक का बचाव बहुविवाह(टी)सना मलिक विधायक(टी)सना मलिक बहुविवाह टिप्पणी(टी)धर्मनिरपेक्ष मूल्य(टी)धर्मनिरपेक्षता भारत(टी)यूसीसी(टी)यूसीसी बहस भारत(टी)समान नागरिक संहिता(टी)महिला अधिकार
लैथम -कॉन्वे के शतक से न्यूजीलैंड तीसरे टेस्ट में मजबूत:पहले दिन न्यूजीलैंड के 361 रन; आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड ने मजबूत शुरुआत की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 361 रन बनाए। ओपनर डेवोन कॉन्वे (157) और कप्तान टॉम लैथम (151) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने इसी साल माउंट माउंगानुई में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले विकेट के लिए 323 रन की साझेदारी भी की थी, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, आखिरी सेशन में इंग्लैंड ने मैच में वापसी करते हुए 44 रन के भीतर 4 विकेट झटक दिए। स्टंप्स के समय क्रीज पर हेनरी निकोल्स और नाइटवॉचर विल ओ’रूर्के मौजूद थे। लैथम ने मार्टिन क्रो की बराबरी की लाथम का यह टेस्ट करियर का 17वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन क्रो के टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, कॉन्वे ने अपने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। चोटों से परेशान न्यूजीलैंड को टॉस जीतने से मिली बड़ी राहत मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को दो बड़े झटके लगे थे। पिछले हफ्ते द ओवल टेस्ट में 11 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे तेज गेंदबाज मैट हेनरी (पैर की चोट) और पहली पारी में शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स (साइड स्ट्रेन) चोट के कारण मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह मिचेल सैंटनर और बेन सियर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ऐसे में कप्तान टॉम लाथम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का सही फैसला किया, जिससे टीम को इस झटके से उबरने और सपाट पिच पर बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।, कॉन्वे और लैथम को मिले जीवनदान न्यूजीलैंड की बड़ी साझेदारी के दौरान इंग्लैंड ने कई मौके गंवाए। पारी के शुरुआती ओवरों में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप कॉर्डन में बदलाव के तुरंत बाद टॉम लाथम का कैच उसी खाली जगह से निकल गया। इसके बाद स्पिनर शोएब बशीर की गेंद पर 71 रन के स्कोर पर डेवोन कॉन्वे एलबीडब्ल्यू थे, लेकिन इंग्लैंड ने डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में गेंद सीधे स्टंप्स पर लगती दिखी। वहीं, 129 रन पर गस एटकिंसन की गेंद पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने लाथम का लेग साइड पर आसान कैच छोड़ दिया। इन दोनों जीवनदानों का न्यूजीलैंड ने पूरा फायदा उठाया और कॉन्वे-लाथम ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी न्यूजीलैंड एक समय बिना किसी नुकसान के 317 रन बनाकर पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, लेकिन दिन के अंतिम सेशन में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 13वें ओवर में टॉम लाथम को आउट कर 317 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। इसके सिर्फ सात गेंद बाद जो रूट ने डेवोन कॉन्वे को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराकर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले गस एटकिंसन ने रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा, जबकि आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने हेनरी निकोल्स (14) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिराया। इस तरह इंग्लैंड ने 44 रन के भीतर चार विकेट लेकर मुकाबले में दमदार वापसी की। हालांकि, मेजबान टीम के लिए चिंता की बात यह रही कि तेज गेंदबाज जोश टंग हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण तीसरे सेशन में सिर्फ एक ओवर ही फेंक सके।
लैथम -कॉन्वे के शतक से न्यूजीलैंड तीसरे टेस्ट में मजबूत:पहले दिन न्यूजीलैंड के 361 रन; आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड ने मजबूत शुरुआत की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 361 रन बनाए। ओपनर डेवोन कॉन्वे (157) और कप्तान टॉम लैथम (151) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने इसी साल माउंट माउंगानुई में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले विकेट के लिए 323 रन की साझेदारी भी की थी, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, आखिरी सेशन में इंग्लैंड ने मैच में वापसी करते हुए 44 रन के भीतर 4 विकेट झटक दिए। स्टंप्स के समय क्रीज पर हेनरी निकोल्स और नाइटवॉचर विल ओ’रूर्के मौजूद थे। लैथम ने मार्टिन क्रो की बराबरी की लाथम का यह टेस्ट करियर का 17वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन क्रो के टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, कॉन्वे ने अपने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। चोटों से परेशान न्यूजीलैंड को टॉस जीतने से मिली बड़ी राहत मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को दो बड़े झटके लगे थे। पिछले हफ्ते द ओवल टेस्ट में 11 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे तेज गेंदबाज मैट हेनरी (पैर की चोट) और पहली पारी में शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स (साइड स्ट्रेन) चोट के कारण मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह मिचेल सैंटनर और बेन सियर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ऐसे में कप्तान टॉम लाथम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का सही फैसला किया, जिससे टीम को इस झटके से उबरने और सपाट पिच पर बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।, कॉन्वे और लैथम को मिले जीवनदान न्यूजीलैंड की बड़ी साझेदारी के दौरान इंग्लैंड ने कई मौके गंवाए। पारी के शुरुआती ओवरों में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप कॉर्डन में बदलाव के तुरंत बाद टॉम लाथम का कैच उसी खाली जगह से निकल गया। इसके बाद स्पिनर शोएब बशीर की गेंद पर 71 रन के स्कोर पर डेवोन कॉन्वे एलबीडब्ल्यू थे, लेकिन इंग्लैंड ने डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में गेंद सीधे स्टंप्स पर लगती दिखी। वहीं, 129 रन पर गस एटकिंसन की गेंद पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने लाथम का लेग साइड पर आसान कैच छोड़ दिया। इन दोनों जीवनदानों का न्यूजीलैंड ने पूरा फायदा उठाया और कॉन्वे-लाथम ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी न्यूजीलैंड एक समय बिना किसी नुकसान के 317 रन बनाकर पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, लेकिन दिन के अंतिम सेशन में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 13वें ओवर में टॉम लाथम को आउट कर 317 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। इसके सिर्फ सात गेंद बाद जो रूट ने डेवोन कॉन्वे को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराकर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले गस एटकिंसन ने रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा, जबकि आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने हेनरी निकोल्स (14) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिराया। इस तरह इंग्लैंड ने 44 रन के भीतर चार विकेट लेकर मुकाबले में दमदार वापसी की। हालांकि, मेजबान टीम के लिए चिंता की बात यह रही कि तेज गेंदबाज जोश टंग हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण तीसरे सेशन में सिर्फ एक ओवर ही फेंक सके।
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत से टीम ने राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। इक्वाडोर 2006 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची है। ग्रुप-ई में तीसरे स्थान पर रहते हुए चार अंक हासिल करने वाला इक्वाडोर अब अगले राउंड में मैक्सिको से भिड़ सकता है। वहीं, पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी जर्मनी की लगातार 11 मैचों की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ टूट गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में इस मैच के दौरान 80,663 फैंस मौजूद रहे। फीफा के अनुसार इस वर्ल्ड कप के 56वें मैच तक कुल दर्शकों की संख्या 35,87,539 पहुंच गई, जो 1994 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से अधिक है। शुरुआती बढ़त के बावजूद हारा जर्मनी जर्मनी ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर साने ने गोल दागा। हालांकि, इक्वाडोर ने 9वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्ड में गेंद छीनने के बाद पेड्रो वीटे ने निल्सन अंगुलो को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में इक्वाडोर का पहला गोल भी था। प्लाटा ने निर्णायक गोल दागा दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए। 77वें मिनट में पेड्रो वीटे के कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर लगाया, जिसे गोलकीपर मैनुएल नोयर पकड़ने ही वाले थे कि गोंजालो प्लाटा ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे उसने अंत तक कायम रखा। मैच 55: कुराकाओ Vs आइवरी कोस्ट, स्कोरलाइन 0-2 पेपे के डबल गोल से जीता आइवरी कोस्ट, पहली बार नॉकआउट में निकोलस पेपे के डबल गोल से आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-ई मैच में कुराकाओ को 2-0 से हराकर पहली बार नॉकआउट में जगह बना ली। अब आइवरी कोस्ट 30 जून को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप आई की उपविजेता टीम (फ्रांस या नॉर्वे) से भिड़ेगा। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में आइवरी कोस्ट ने 7वें मिनट में बढ़त बना ली। 19 साल यान डियोमांडे ने कुराकाओ के डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए गेंद निकोलस पेपे को पास की, जिन्होंने आसान गोल के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद टीम ने कुराकाओ को वापसी का मौका नहीं दिया। —————————————





