बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन 6 जून को शुरू हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड से भी समर्थन मिला है। एक्टर अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए माफी मांगी है, वहीं ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है। ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं अभी खूबसूरत ऑकलैंड में हूं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मेरी प्यारी दिल्ली-मेरे बचपन, मेरे स्कूल और कॉलेज का शहर… जहां बड़े-बड़े पार्क और पुराने, अच्छे पेड़ हैं। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजता हूं। उम्मीद है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। आप दयालु, शांत और समझदार बनें। मैं दिल से आपके साथ हूं। अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने युवाओं से माफी मांगते हुए लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां सही से नहीं निभाईं। उन्होंने गलतियां कीं और युवाओं के लिए चुनौतियों का अंबार छोड़ दिया, जिसका सामना अब आज की पीढ़ी को करना पड़ रहा है। अतुल ने युवाओं से कहा कि वे पूरी उम्मीदों के साथ खड़े हैं और सत्यनिष्ठा के साथ इस देश का पुनर्निर्माण करें। कुनिका ने कहा- जागरूक नागरिकों से चलेगा देश एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखकर इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता, विचारधारा या धर्म का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं और निडर होकर सवाल पूछते हैं। कुनिका ने कहा कि लोकतंत्र बिना सोचे-समझे वफादारी दिखाने से नहीं, बल्कि जागरूकता और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असल बदलाव भाषणों से नहीं, बल्कि काम और नतीजों से तय होता है। जब आवाज नहीं सुनी जाती, तो ऐसे तरीके जरूरी कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उन मुद्दों को उठाया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसे तरीके अपनाने पड़ते हैं ताकि सोए हुए सिस्टम तक बात पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छात्र बाहर निकलकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस मुहिम ने लोगों के अंदर आवाज उठाने की हिम्मत दी है। कुनिका ने जनता से सवाल भी पूछा कि क्या पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है या सिर्फ लीडरशिप बदलने से काम हो जाएगा। प्रकाश राज और सोनम वांगचुक भी आंदोलन के साथ इस आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और एक्टर प्रकाश राज का भी साथ मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पेपर लीक के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी युवाओं से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
'हर महिला सम्मान की हकदार है':'पेड्डी' में जाह्नवी के किरदार पर आपत्ति के बाद डायरेक्टर ने मांगी माफी, बोले- आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे

फिल्म पेड्डी में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर उठे विवाद के बीच डायरेक्टर बुची बाबू सना ने पब्लिकली माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म में महिला किरदार के प्रेजेंटेशन पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद डायरेक्टर ने रिएक्शन देते हुए महिलाओं के सम्मान की बात कही और विवादित सीन्स में बदलाव की बात कही। डायरेक्टर बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था। लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं। सीन में बदलाव की बात करते हुए उन्होंने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है। दुनियाभर में 150.49 करोड़ की कमाई हुई पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भारत में 26.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 114.49 करोड़ रुपए हो चुका है। ओवरसीज मार्केट में भी ‘पेड्डी’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन फिल्म ने विदेशों में 8 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 36 करोड़ रुपए हो गया है। दुनियाभर में ‘पेड्डी’ की कमाई 150.49 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… राम चरण से मिलकर रो पड़ा फैन: स्टेज पर एक्टर की तरफ भागा था, घबरा गई थीं जाह्नवी कपूर; बॉडीगार्ड ने उठाकर बाहर निकाला था फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन इवेंट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राम चरण जैसा दिखने वाला एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर स्टेज की तरफ दौड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया था। पूरी खबर पढ़ें
'हर महिला सम्मान की हकदार है':'पेड्डी' में जाह्नवी के किरदार पर आपत्ति के बाद डायरेक्टर ने मांगी माफी, बोले- आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे

फिल्म पेड्डी में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर उठे विवाद के बीच डायरेक्टर बुची बाबू सना ने पब्लिकली माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म में महिला किरदार के प्रेजेंटेशन पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद डायरेक्टर ने रिएक्शन देते हुए महिलाओं के सम्मान की बात कही और विवादित सीन्स में बदलाव की बात कही। डायरेक्टर बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था। लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं। सीन में बदलाव की बात करते हुए उन्होंने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है। दुनियाभर में 150.49 करोड़ की कमाई हुई पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भारत में 26.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 114.49 करोड़ रुपए हो चुका है। ओवरसीज मार्केट में भी ‘पेड्डी’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन फिल्म ने विदेशों में 8 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 36 करोड़ रुपए हो गया है। दुनियाभर में ‘पेड्डी’ की कमाई 150.49 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… राम चरण से मिलकर रो पड़ा फैन: स्टेज पर एक्टर की तरफ भागा था, घबरा गई थीं जाह्नवी कपूर; बॉडीगार्ड ने उठाकर बाहर निकाला था फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन इवेंट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राम चरण जैसा दिखने वाला एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर स्टेज की तरफ दौड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया था। पूरी खबर पढ़ें
कॉर्न रोस्टिंग रेसिपी: ठेले वाले भुट्टे के हैं शौकीन, तो अब अँगीठी या कोयले का झंझट खत्म, कुकर में इस 1 ट्रिक से रोस्ट करें देसी कॉर्न

6 जून 2026 को 12:35 IST पर अद्यतन किया गया मकई भूनने की विधि: घर पर गैस की सीधी आंच पर भुट्टा भूनने से वह बार-बार जलती है। इसके साथ ही वह अंदर से रॉ राह जाता है। इसलिए लोग इसे लेबल कर खाते हैं, लेकिन मसाले वाले मक्के में भुने हुए भुट्टे जैसा सोंधा स्वाद नहीं मिलता है। अगर आप घर पर बिल्कुल थेले जैसा रोस्टेड भुट्टा खाना चाहते हैं, तो बिना रेत और बिना झंझट के स्वादिष्ट कुकर में इसे बनाना इस आसान तरीके से आपका बहुत काम आ गया है। यहां देखें ये अनोखी ट्रिक। अनुसरण करना : एलायंस भट्टों के उभरते हुए लुक और उनके ऊपर दिखने वाले रेशों को साफ करें। इसके बाद भुट्टों को बीच से लेकर बैंट लें, ताकि यह आपकी भूमिका कुकर में आसानी से फिट हो जाए। छवि: ऐ देसी घी लें और उसे चारों तरफ से बढ़िया ताली दें। ऐसा करने से भुट्टे कुकर की सतह से चिपककर जलते नहीं हैं। इसके बाद भुट्टे के प्रोत्साहन को कुकर के अंदर रख दें। छवि: ऐ मोटा सूती कपड़ा या साफ कॉटन तौलिया लें। कपड़े को कुकर के अंदर रखे हुए भुट्टों के ऊपर इस तरह से फैलाया गया आइटम कि पूरे तरह से बेकार। यह डेयरी उत्पाद कुकर के अंदर जरूरी स्टाक बनाए रखा गया है। छवि: ऐ कपड़े धोने के बाद प्लास्टिक कुकर का शटर बंद कर दें और इसे गैस पर रख दें। अब भुट्टों पर करीब एक मिनट के लिए खाना बनाने का काम शुरू हो गया है। इस पूरी प्रक्रिया में कुकर में सिटी नहीं बजाना है। छवि: ऐ अमेरिकन क्रेमा फैक्ट्रियों को खत्म किया गया और भुट्टे को आउट आउट लिया गया। आपके बिना जले बिल्कुल अंगीठी जैसे भुने हुए भुट्टे तैयार हैं। अब इन पर नींबू का रस, काला नमक और चाट मसाला लगाएं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 6 जून 2026 12:35 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)भुट्टा भूनने के हैक(टी)कुकर में बिना रेत के भुट्टे कैसे भूनते हैं(टी)भुने हुए मक्के की रेसिपी(टी)प्रेशर कुकर हैक्स(टी)भुट्टा के लिए किचन टिप्स(टी)सॉफ्ट रोस्टेड कॉर्न ट्रिक(टी)मानसून स्नैक्स इंडिया
बंगाल विधानसभा विद्रोह के बाद क्या संसद में भी पनप रही है टीएमसी की बगावत? पार्टी सांसद ने दिया बड़ा संकेत | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 10:26 IST अनुभवी टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के घटनाक्रम का असर संसद पर भी पड़ सकता है। ममता का संकट गहराया: वरिष्ठ टीएमसी सांसद ने लोकसभा में संभावित विद्रोह की चेतावनी दी। फ़ाइल चित्र/पीटीआई पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियाँ राज्य विधानसभा तक सीमित नहीं हो सकती हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग द्वारा विद्रोह के बाद, अटकलें तेज हो रही हैं कि पार्टी के संसदीय रैंकों के भीतर भी इसी तरह का घटनाक्रम सामने आ सकता है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा और राज्यसभा दोनों में टीएमसी सांसदों का एक वर्ग राज्य विधानसभा में बागी विधायकों द्वारा उठाए गए कदम के समान कदम पर विचार कर सकता है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पार्टी के 80 में से लगभग 60 विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी का समर्थन किया। एक बड़ी चेतावनी? अनुभवी टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने चेतावनी दी कि विधानसभा के घटनाक्रम का असर संसद पर भी पड़ सकता है। पीटीआई ने उनके हवाले से कहा, ”मैंने इतने कम समय में लगभग 60 विधायकों को छोड़ते हुए कभी नहीं देखा। लोकसभा में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया होने की संभावना है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जब पूछा गया कि क्या राज्यसभा में भी ऐसा ही घटनाक्रम हो सकता है, तो रॉय ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन संकेत दिया कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने एक अलग आकलन पेश किया। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि विधानसभा में घटनाक्रम केवल एक अस्थायी झटका था और उन सुझावों को खारिज कर दिया कि पार्टी टूटने के करीब थी। उन्होंने कहा, “भाजपा टीएमसी की लोकसभा और राज्यसभा शाखाओं में वैसा ही ऑपरेशन करने की कोशिश कर सकती है, जैसा पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुआ था। लेकिन ममता बनर्जी ने बड़ी लड़ाई लड़ी है और वह वापसी करेंगी।” ममता के लिए चुनौती! कांग्रेस से अलग होने के बाद 1998 में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। तब से, वह पार्टी में केंद्रीय व्यक्ति और पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनी हुई हैं। मौजूदा संकट को उनके सामने सबसे बड़ी आंतरिक चुनौतियों में से एक के रूप में देखा जा रहा है, कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से असहमति व्यक्त की है। यहां तक कि बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार सहित वफादार माने जाने वाले कुछ नेताओं ने भी पार्टी नेतृत्व के बारे में चिंता व्यक्त की है। बागी टीएमसी विधायक अभी भी ममता के नेतृत्व का समर्थन करते हैं विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन करने के बावजूद, कई बागी विधायक ममता बनर्जी के प्रति वफादारी व्यक्त करते रहे हैं। गुरुवार को एक बैठक के दौरान, ऋतब्रत ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि ममता पुनर्गठित विधायक दल की “मुख्य सलाहकार” बन सकती हैं। कई बागी विधायक इस प्रस्ताव से असहज थे. बागी विधायक गुलशन मलिक ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”हमें बताया गया कि पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व में जारी रहेगी। वह महज एक सलाहकार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि पार्टी उनके नेतृत्व में काम करे।” उन्होंने कहा, “अगर ममता बनर्जी को सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है, तो हमें सोचना होगा कि हमें इस गुट में रहना चाहिए या नहीं।” एक अन्य बागी विधायक संगीता रॉय बसुनिया ने भी ममता को पार्टी का सर्वोच्च नेता बताया। बसुनिया ने कहा, “वह सलाहकार नहीं हो सकतीं। वह हमारी नेता हैं।” टिप्पणियों से पता चलता है कि विधायक दल के कामकाज में अभिषेक बनर्जी के प्रभाव को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कई विद्रोहियों के बीच ममता के प्रति वफादारी मजबूत बनी हुई है। पीटीआई के मुताबिक, ममता बनर्जी ने असंतुष्टों के साथ संचार चैनल फिर से खोलने के प्रयास में पार्टी के कई विधायकों और सांसदों से बात की है। टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने एजेंसी को बताया कि विद्रोह को दिल्ली तक फैलने से रोकने के लिए संसद में भी इसी तरह के प्रयास चल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो भरोसेमंद सांसदों, प्रत्येक सदन से एक, को सहकर्मियों तक पहुंचने का काम सौंपा गया है। इस बीच, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में रीताब्रत बनर्जी की नियुक्ति के खिलाफ सोमवार को अदालत जाएगी। उन्होंने नियुक्ति को “अवैध” बताते हुए कहा, “हम उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करेंगे।” शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में केवल आठ विधायक और छह सांसद शामिल हुए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बंगाल विधानसभा विद्रोह के बाद क्या संसद में भी पनप रही है टीएमसी की बगावत? पार्टी सांसद ने दिया बड़ा संकेत अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी राजनीतिक संकट(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी विधायकों की बगावत(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा की राजनीति(टी)ऋतब्रत बनर्जी विपक्षी नेता(टी)टीएमसी सांसद लोकसभा(टी)राज्यसभा टीएमसी संकट(टी)अभिषेक बनर्जी का प्रभाव
जीरा-अजवाइन का पानी: पेट में कितनी गर्मी होती है? जीरा वाॅटर का यह सामान तुरंत मिलेगी राहत

6 जून 2026 को 09:51 IST पर अद्यतन किया गया जीरा- अजवाइन का पानी: गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी चटनी एक आम बात है। तेज़ धूप और लू के कारण अक्सर लोगों को गैस, अपच और एसिडिटी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दवाइयों के बजाय घरेलू उपकरण, बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पाद और सुरक्षित माने जाते हैं। जीरा और मछली का पानी एक ऐसा ही पारंपरिक उपाय है जो पेट की सभी समस्याओं से तुरंत राहत दिलाने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि यह पानी स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है और इसे कैसे तैयार किया जाता है। अनुसरण करना : गर्मी और लू के कारण गैस, अपच और एसिडिटी आम बात है। ऐसे में दवाइयों के बजाय यह पारंपरिक घरेलू नुस्खे पेट की सभी परेशानियों से तुरंत राहत दिलाने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक समर में हमारा डॉक्स छोटा सा धीमा हो जाता है। जीरा और व्यायाम का पानी पेट में ठंडक के साथ-साथ भारीपन को दूर करता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है। छवि: फ्रीपिक अजनबियों में मौजूद थियोमोल पाचक रसों को खोजा जाता है, वहीं जीरा पेट की सूजन और गैस को शांत करता है। यह कॉम्बिनेशन खट्टी डकारें और ब्लोटिंग तुरंत बंद कर देता है। छवि: फ्रीपिक यह पानी शरीर से विकिरण टॉक्सिंस (गंदगी) को बाहर निकालता है। सुबह-सुबह खाली पेट इसे पीने से बॉडी मर्च्युनल रिसर्च और टैरोटाजा रहता है, जिससे त्वचा पर भी निखार आता है। छवि: फ्रीपिक इसे बनाना बेहद आसान है। एक टेबलेट पानी में आधा भाग जीरा और आधा टुकड़ा नोजल रातभर के लिए अकेलेकर रख देम। छवि: फ्रीपिक सुबह इस पानी को झील आँचल पर तब तक लेबलें जब तक यह आधा न रह जाए। इसके बाद पानी को अच्छा लें और प्रभाव गुनगुना हो जाए। छवि: फ्रीपिक इस पानी को सुबह खाली पेट घूंट-घूंट करके पिएं। बेहतरीन स्वाद और पाचन तंत्र के लिए आप इसमें थोड़ा सा नमक या नींबू का रस भी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 6 जून 2026, 09:51 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)जीरा अजवाइन का पानी(टी)गर्मी में पेट की समस्याओं का समाधान(टी)पाचन पेय(टी)एसिडिटी के घरेलू उपचार(टी)जीरा अजवाइन के पानी के फायदे(टी)प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक
दिग्गजों को अहम भूमिकाएं मिलीं, अभिषेक रुके: ममता बनर्जी की टीएमसी में फेरबदल के क्या संकेत | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 09:37 IST टीएमसी फेरबदल में भरोसेमंद दिग्गजों को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को उनके प्रमुख पद से हटाने से रोक दिया गया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि-पीटीआई फ़ाइल) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ती आंतरिक अशांति के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी के कई पदों को भंग करने के बाद, उन्होंने शुक्रवार को कालीघाट में एक बैठक के दौरान एक नई संरचना की घोषणा की, जो महत्वपूर्ण राजनीतिक लड़ाई से पहले पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धी शक्ति केंद्रों को संतुलित करने के प्रयास का संकेत देती है। सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक यह है कि संगठन को चलाने की जिम्मेदारी केवल अभिषेक बनर्जी के हाथों में केंद्रित नहीं रही है। जबकि अभिषेक राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं, दो वरिष्ठ नेता – डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन – को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है और वे संगठनात्मक मामलों में उनकी सहायता करेंगे। पार्टी के भीतर कई लोग इस कदम की व्याख्या संगठनात्मक अधिकार को अकेले अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहने देने के बजाय व्यापक नेतृत्व संरचना बनाने के ममता बनर्जी के प्रयास के रूप में कर रहे हैं। प्रमुख नियुक्तियाँ पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन किया गया है, पार्टी ने संकेत दिया है कि बाद में अतिरिक्त नाम जोड़े जा सकते हैं। प्रमुख नियुक्तियों में: चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. अनुभवी संगठनात्मक नेता सुब्रत बख्शी राष्ट्रीय कार्यसमिति में उपाध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त राज्य महासचिव हैं: बाबर अली पुलक रॉय आशिमा पात्रा अरूप विश्वास राजीब बनर्जी कार्यकारी समिति में शामिल हैं: ज्योतिप्रियो मल्लिक डॉ राणा चटर्जी बिदेश बोस त्रिनांकुर भट्टाचार्जी जया दत्ता तापस चटर्जी वसुन्धरा गोस्वामी गौतम देब युवा, महिला एवं जन संगठन सायोनी घोष टीएमवाईसी की अध्यक्ष बनी हुई हैं। मधुरिमा ठाकुर को TMYC महासचिव नियुक्त किया गया है। माला रॉय महिला विंग की प्रमुख होंगी. प्रियंका अधिकारी को टीएमसीपी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मोलॉय घटक आईएनटीटीयूसी का नेतृत्व करेंगे। मदन मित्रा को हॉकर्स एवं सरकारी संगठन विंग का प्रभार दिया गया है. बेचाराम मन्ना किसान विंग के प्रमुख होंगे. पूर्णेंदु बोस को खेतिहर मजदूरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बिरबाहा हांसदा एससी/एसटी सेल के प्रमुख होंगे. पार्टी के प्रवक्ता पैनल में चंद्रिमा भट्टाचार्य, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा और कुणाल घोष बने रहेंगे। पुराने गार्ड की वापसी फेरबदल से साफ संकेत मिलता है कि ममता बनर्जी ने एक बार फिर कई वरिष्ठ नेताओं और लंबे समय से पार्टी के वफादारों पर काफी भरोसा किया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य की पदोन्नति, सुब्रत बख्शी की निरंतर प्रमुखता, और मदन मित्रा और गौतम देब जैसे नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपना संगठन के भीतर अनुभवी हाथों पर नए सिरे से जोर देने का सुझाव देता है। इस कदम का उद्देश्य संभवतः संगठनात्मक अनुशासन बहाल करना और ऐसे समय में पार्टी संरचना को मजबूत करना है जब आंतरिक असहमति और गुटीय तनाव तेजी से दिखाई दे रहे हैं। अभिषेक को क्यों नहीं हटाया गया? हालिया चुनावी असफलताओं और संगठनात्मक चुनौतियों के बाद पार्टी के भीतर कुछ वर्गों की आलोचना के बावजूद, अभिषेक बनर्जी ने राष्ट्रीय महासचिव के रूप में अपना पद बरकरार रखा है। पार्टी के भीतर आलोचकों का तर्क है कि फेरबदल नेतृत्व संरचना को व्यापक बनाता है, लेकिन यह उन लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं को संबोधित करने में विफल रहता है जिन्होंने हाल के रणनीतिक और संगठनात्मक निर्णयों में अभिषेक की भूमिका पर सवाल उठाया है। उनके साथ डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की नियुक्ति पर्यवेक्षण और परामर्श की अतिरिक्त परतें बनाती प्रतीत होती है। उत्तर बंगाल के प्रतिनिधित्व पर प्रश्न आलोचकों द्वारा उठाया जा रहा एक और मुद्दा नए संगठनात्मक ढांचे में उत्तर बंगाल से प्रतिनिधित्व की स्पष्ट कमी है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि क्षेत्र के नेताओं में से केवल गौतम देब को ही अब तक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में जगह मिली है। अब तक घोषित कोई भी प्रमुख संगठनात्मक पद उत्तर बंगाल के किसी प्रमुख नेता को नहीं मिला है। क्षेत्र के बढ़ते राजनीतिक महत्व और टीएमसी और भाजपा के बीच चुनावी मुकाबलों में इसके महत्व को देखते हुए, शीर्ष संगठनात्मक पदानुक्रम में उत्तर बंगाल के सीमित प्रतिनिधित्व ने पार्टी हलकों में चर्चा पैदा कर दी है। हालाँकि, पार्टी सूत्र संकेत देते हैं कि मौजूदा सूची केवल नियुक्तियों का पहला चरण है और आने वाले दिनों में अतिरिक्त नामों की घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक संदेश यह फेरबदल तीन स्पष्ट संदेश भेजता प्रतीत होता है: ममता बनर्जी पार्टी के भीतर सत्ता का निर्विवाद केंद्र बनी हुई हैं। आंतरिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पुराने नेताओं को संगठनात्मक मुख्यधारा में वापस लाया गया है। जबकि अभिषेक बनर्जी एक महत्वपूर्ण पद पर बने हुए हैं, संगठनात्मक जिम्मेदारी अब केवल उनके पास रहने के बजाय अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा की जा रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन बदलावों से ममता बनर्जी को उस पार्टी पर पकड़ बनाए रखने में मदद मिलेगी जो इस समय गंभीर आंतरिक अशांति से जूझ रही है। सूत्रों ने कहा कि विद्रोही इस बात से सहमत नहीं हैं कि फेरबदल टीएमसी के भीतर गहरी संगठनात्मक और नेतृत्व संबंधी चिंताओं को संबोधित करता है। आने वाले सप्ताह, विशेष रूप से पार्टी की संसदीय शाखा का कोई भी पुनर्गठन, यह संकेत देगा कि क्या यह मॉडल राज्य संगठन से आगे बढ़ाया गया है और यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन को कैसे प्रभावित करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में कमालिका सेनगुप्ता कमलिका सेनगुप्ता CNN-News18 / News18.com में संपादक (पूर्व) हैं, जो राजनीति, रक्षा और महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। वह एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं जिनके पास रिपोर्टिंग का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया दिग्गजों को अहम भूमिकाएं मिलीं, अभिषेक रुके: ममता बनर्जी की टीएमसी में फेरबदल क्या संकेत दे रहा है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया
न्यू चंडीगढ़ में आज भारत-अफगानिस्तान का मैच:PCA स्टेडियम में सुबह 9:30 बजे से शुरु, 5 दिन तक चलेगा; पहले इंडिया की बैटिंग

भारतीय क्रिकेट टीम आज शुभमन गिल की कप्तानी में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलने उतरी है। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां भारत अपनी घरेलू परिस्थितियों में मजबूत प्रदर्शन के इरादे से मैदान में उतरी है। भारत की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी है। वहीं अफगानिस्तान की टीम भी पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित कर चुकी है और इस मैच में कड़ी चुनौती पेश करने की कोशिश करेगी। मैच महाराजा यादवेंद्र सिंह पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में शुरू हुआ। 6 से 10 जून तक खेला जाएगा भारत-अफगानिस्तान टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक टेस्ट मैच खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह पीसीए स्टेडियम पहली बार किसी टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही यह भारत का 31वां और पंजाब का तीसरा टेस्ट वेन्यू बन जाएगा। मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। 250 रुपए की थी टिकट पीसीए ने मैच के टिकट 250 रुपए से शुरू रखे थे। खास बात यह है कि एक टिकट पर दर्शक पांचों दिन मैच का आनंद ले सकेंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार पूरे दिन या किसी एक सत्र के दौरान भी स्टेडियम पहुंच सकते हैं। पीसीए ने अभिभावकों से अपील की है कि वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों को स्टेडियम लाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव दिलाएं, ताकि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते हुए देख सकें। शुभमन गिल कर रहे है कप्तानी भारतीय टेस्ट टीम की कमान पंजाब के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में है। वहीं पंजाब के ही युवा खिलाड़ी गुरनूर बराड़ भी टीम का हिस्सा हैं। पीसीए ने क्रिकेट प्रशंसकों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर भारतीय टीम और पंजाब के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है। मुकाबले के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।





