Saturday, 10 Oct 2026 | 07:49 PM

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‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को होने की संभावना है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं के अलावा, मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस सरकार ने 10 जून, 2024 को शपथ ली थी। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल जून के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके अलावा पीएम बैठक में बचत की अपील पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल पीएम ने 10-11 मई को दो रैलियों में लोगों से ईंधन बचाने, सोना न खरीदने की अपील की थी। 2 दिन-2 जगह: पीएम की पेट्रोल खपत कम करने की अपील 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अहम बैठकें…. 10 जून 2024: पहली कैबिनेट बैठक- मोदी सरकार बनने के एक दिन बाद पहली बैठक हुई। मुख्य फैसले: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 3 करोड़ नए घरों को मंजूरी, किसानों के लिए योजनाओं की समीक्षा और सरकार के शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर चर्चा। जुलाई 2024: बजट से पहले कैबिनेट बैठकें- संसद के मानसून सत्र और केंद्रीय बजट से पहले बैठक मुख्य मुद्दे: बजट प्रस्ताव, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार और ग्रामीण योजनाएं, राज्यों के साथ समन्वय 27 जुलाई 2024: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक- प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक। फोकस: विकसित भारत 2047, राज्यों की विकास रणनीति, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस। अगस्त–दिसंबर 2024: पीएम की अध्यक्षता में कई कैबिनेट बैठकें बड़े फैसले: रेलवे और हाईवे परियोजनाएं, रक्षा खरीद प्रस्ताव, किसानों और गरीबों से जुड़ी योजनाएं, डिजिटल इंडिया और AI मिशन और नई शिक्षा और स्किल योजनाएं। 5. 2025 के दौरान प्रमुख बैठकें मुख्य एजेंडे: लोकसभा/राज्यसभा सत्र रणनीति, आर्थिक सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट के असर की समीक्षा और सरकारी खर्च नियंत्रण। —————————– ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। पूरी खबर पढ़े…

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को होने की संभावना है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं के अलावा, मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस सरकार ने 10 जून, 2024 को शपथ ली थी। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल जून के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके अलावा पीएम बैठक में बचत की अपील पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल पीएम ने 10-11 मई को दो रैलियों में लोगों से ईंधन बचाने, सोना न खरीदने की अपील की थी। 2 दिन-2 जगह: पीएम की पेट्रोल खपत कम करने की अपील 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अहम बैठकें…. 10 जून 2024: पहली कैबिनेट बैठक- मोदी सरकार बनने के एक दिन बाद पहली बैठक हुई। मुख्य फैसले: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 3 करोड़ नए घरों को मंजूरी, किसानों के लिए योजनाओं की समीक्षा और सरकार के शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर चर्चा। जुलाई 2024: बजट से पहले कैबिनेट बैठकें- संसद के मानसून सत्र और केंद्रीय बजट से पहले बैठक मुख्य मुद्दे: बजट प्रस्ताव, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार और ग्रामीण योजनाएं, राज्यों के साथ समन्वय 27 जुलाई 2024: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक- प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक। फोकस: विकसित भारत 2047, राज्यों की विकास रणनीति, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस। अगस्त–दिसंबर 2024: पीएम की अध्यक्षता में कई कैबिनेट बैठकें बड़े फैसले: रेलवे और हाईवे परियोजनाएं, रक्षा खरीद प्रस्ताव, किसानों और गरीबों से जुड़ी योजनाएं, डिजिटल इंडिया और AI मिशन और नई शिक्षा और स्किल योजनाएं। 5. 2025 के दौरान प्रमुख बैठकें मुख्य एजेंडे: लोकसभा/राज्यसभा सत्र रणनीति, आर्थिक सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट के असर की समीक्षा और सरकारी खर्च नियंत्रण। —————————– ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। पूरी खबर पढ़े…

उदयनिधि बोले- हम भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं:लोग मंदिरों में जाएं; सनातन खत्म का मतलब, भेदभाव वाली सोच का अंत

उदयनिधि बोले- हम भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं:लोग मंदिरों में जाएं; सनातन खत्म का मतलब, भेदभाव वाली सोच का अंत

तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म वाले अपने बयान पर 2 दिन बाद सफाई दी। उदयनिधि ने कहा- मेरे बयान को गलत समझा जा रहा है। मैं लोगों के मंदिर जाने के खिलापु नहीं बस वहां जाति के आधार पर जो भेदभाव होता है, उस सोच को खत्म करना होगा। उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर सफाई दी, कहा- मैं आलोचना से डरने वाला नहीं उदयनिधि ने सोशल मीडिया X पर लिखा- तमिलनाडु विधानसभा में जब मैंने कहा था कि ‘लोगों को बांटने वाले सनातन को खत्म होना चाहिए’ तो कुछ लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन मैं ऐसी आलोचनाओं से डरने वाला नहीं हूं। द्रविड़ आंदोलन हमेशा विरोध के बीच ही आगे बढ़ा है। इसलिए मैं सिर्फ एक छोटी-सी बात साफ करना चाहता हूं। जब मैं कहता हूं कि सनातन खत्म होना चाहिए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई मंदिर न जाए। इसका मतलब यह है कि मंदिरों में ही नहीं, बल्कि समाज में भी सभी लोगों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। मैं उस सोच को खत्म करने की बात कर रहा हूं, जो लोगों को ऊंची और नीची जाति में बांटती है। मैं वही विचार रख रहा हूं, जिनकी बात पेरियार, अंबेडकर, अन्ना और करुणानिधि ने की थी। हम किसी की भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन असमानता और उत्पीड़न का हम कड़ा विरोध करेंगे। तिरुवल्लुवर ने कहा था- सभी जीव जन्म से समान हैं, यही हमारा रास्ता है। 2 सितंबर 2023: उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। उदयनिधि ने कहा- सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। विवाद बढ़ने पर उदयनिधि ने कहा कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं। सनातन धर्म के कड़े विरोध के कारण ही महिलाएं घर से बाहर निकल सकीं और सती जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त हुईं। उन्होंने कहा- वास्तव में, DMK की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था- उदयनिधि की बातें नरसंहार जैसी मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गईं बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं। कोर्ट ने यह टिप्पणी स्टालिन के तीन साल पुराने बयान को लेकर की। सनातन को खत्म करने जैसे शब्दों का अर्थ सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे मानने वालों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, जो हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। स्टालिन का यह बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द “Sanathana Ozhippu” का मतलब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाना है। उदयनिधि को सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकारा था सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। स्टालिन कोई आम आदमी नहीं है। उन्हें बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि स्टालिन बोले- संस्कृत मरी हुई भाषा: मोदी को तमिल की चिंता तो हिंदी क्यों थोप रहे तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने संस्कृत भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। DMK लीडर ने केंद्र सरकार की आलोचन करते हुए कहा कि तमिल डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। जबकि संस्कृत जो एक मरी हुई भाषा है, उसे 2400 करोड़ रुपए मिलते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

उदयनिधि बोले- हम भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं:लोग मंदिरों में जाएं; सनातन खत्म का मतलब, भेदभाव वाली सोच का अंत

उदयनिधि बोले- हम भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं:लोग मंदिरों में जाएं; सनातन खत्म का मतलब, भेदभाव वाली सोच का अंत

तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म वाले अपने बयान पर 2 दिन बाद सफाई दी। उदयनिधि ने कहा- मेरे बयान को गलत समझा जा रहा है। मैं लोगों के मंदिर जाने के खिलापु नहीं बस वहां जाति के आधार पर जो भेदभाव होता है, उस सोच को खत्म करना होगा। उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर सफाई दी, कहा- मैं आलोचना से डरने वाला नहीं उदयनिधि ने सोशल मीडिया X पर लिखा- तमिलनाडु विधानसभा में जब मैंने कहा था कि ‘लोगों को बांटने वाले सनातन को खत्म होना चाहिए’ तो कुछ लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन मैं ऐसी आलोचनाओं से डरने वाला नहीं हूं। द्रविड़ आंदोलन हमेशा विरोध के बीच ही आगे बढ़ा है। इसलिए मैं सिर्फ एक छोटी-सी बात साफ करना चाहता हूं। जब मैं कहता हूं कि सनातन खत्म होना चाहिए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई मंदिर न जाए। इसका मतलब यह है कि मंदिरों में ही नहीं, बल्कि समाज में भी सभी लोगों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। मैं उस सोच को खत्म करने की बात कर रहा हूं, जो लोगों को ऊंची और नीची जाति में बांटती है। मैं वही विचार रख रहा हूं, जिनकी बात पेरियार, अंबेडकर, अन्ना और करुणानिधि ने की थी। हम किसी की भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन असमानता और उत्पीड़न का हम कड़ा विरोध करेंगे। तिरुवल्लुवर ने कहा था- सभी जीव जन्म से समान हैं, यही हमारा रास्ता है। 2 सितंबर 2023: उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। उदयनिधि ने कहा- सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। विवाद बढ़ने पर उदयनिधि ने कहा कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं। सनातन धर्म के कड़े विरोध के कारण ही महिलाएं घर से बाहर निकल सकीं और सती जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त हुईं। उन्होंने कहा- वास्तव में, DMK की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था- उदयनिधि की बातें नरसंहार जैसी मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गईं बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं। कोर्ट ने यह टिप्पणी स्टालिन के तीन साल पुराने बयान को लेकर की। सनातन को खत्म करने जैसे शब्दों का अर्थ सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे मानने वालों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, जो हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। स्टालिन का यह बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द “Sanathana Ozhippu” का मतलब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाना है। उदयनिधि को सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकारा था सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। स्टालिन कोई आम आदमी नहीं है। उन्हें बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि स्टालिन बोले- संस्कृत मरी हुई भाषा: मोदी को तमिल की चिंता तो हिंदी क्यों थोप रहे तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने संस्कृत भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। DMK लीडर ने केंद्र सरकार की आलोचन करते हुए कहा कि तमिल डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। जबकि संस्कृत जो एक मरी हुई भाषा है, उसे 2400 करोड़ रुपए मिलते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

बच्चों को भी हो सकता है स्ट्रेस, आपके बच्चे में दिख रहे ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज

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आज के समय में बच्चे भी तनाव का सामना कर रहे हैं. पढ़ाई का दबाव, बढ़ती प्रतियोगिता, परिवार में झगड़े, सोशल मीडिया का असर या आसपास होने वाली नकारात्मक घटनाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं. कई बार बच्चे अपने तनाव को खुलकर नहीं बता पाते, इसलिए माता-पिता के लिए उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझना बहुत जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, हर उम्र के बच्चों में तनाव के संकेत अलग-अलग दिखाई देते हैं. कुछ बच्चे चुप हो जाते हैं, जबकि कुछ गुस्सैल या डरपोक बन सकते हैं. अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बच्चों की सही मदद की जा सकती है. उम्र के हिसाब से स्ट्रेस के लक्षणयूनिसेफ के मुताबिक, छोटे बच्चों में तनाव के लक्षण अलग होते हैं. 0 से 3 साल तक के बच्चे तनाव होने पर अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले लोगों से ज्यादा चिपकने लगते हैं. कुछ बच्चे फिर से अंगूठा चूसना या बिस्तर गीला करना जैसी पुरानी आदतें अपनाने लगते हैं. इसके अलावा बार-बार रोना, चिड़चिड़ापन, डरना, ठीक से न सोना और खाने की आदतों में बदलाव भी तनाव के संकेत हो सकते हैं. 4 से 6 साल की उम्र के बच्चों में तनाव के कारण ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है. वे खेलना कम कर सकते हैं, ज्यादा चुप रहने लगते हैं या बहुत बेचैन दिखाई देते हैं. कुछ बच्चे बार-बार अपने माता-पिता के पास रहना चाहते हैं और अकेले रहने से डरते हैं. 7 से 12 साल के बच्चों में तनाव का असर थोड़ा अलग दिखाई देता है. इस उम्र में बच्चे अकेले रहना पसंद कर सकते हैं. उन्हें छोटी-छोटी बातों की चिंता सताने लगती है. गुस्सा बढ़ना, डर महसूस करना, पढ़ाई में ध्यान न लगना, याददाश्त कमजोर होना और सिरदर्द या पेट दर्द जैसी समस्याएं भी तनाव के कारण हो सकती हैं. 13 से 17 साल के किशोरों में तनाव ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है. वे उदासी, शर्मिंदगी या अपराधबोध महसूस कर सकते हैं. कई बार वे परिवार से दूरी बनाने लगते हैं, बात नहीं मानते या जोखिम भरे व्यवहार करने लगते हैं. कुछ मामलों में बच्चे खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी सोच भी रखने लगते हैं, जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इन बातों का रखें ध्यानअगर बच्चा पूरी तरह चुप हो जाए, लोगों से दूरी बनाने लगे, लगातार कांपे, बहुत ज्यादा गुस्सा करे या खुद को और दूसरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, तो तुरंत विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए.बच्चों का तनाव कम करने के लिए माता-पिता का प्यार और साथ बहुत जरूरी होता है. बच्चे से खुलकर बात करें और उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें. कई बार बच्चे अपनी बात शब्दों में नहीं कह पाते, इसलिए उन्हें ड्रॉइंग बनाने या कहानी सुनाने के लिए कह सकते हैं. इसके अलावा बच्चों को गहरी सांस लेने जैसी आसान एक्सरसाइज भी सिखाई जा सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

कान में जमा मैल अपने आप निकल जाएगा बाहर, जानें ईयरवैक्स रिमूव करने के 5 सुरक्षित तरीके

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Last Updated:May 14, 2026, 23:06 IST Earwax Removal Tips: कान में मैला जमा होना एक कॉमन समस्या है, लेकिन इसे घर पर निकालना काफी रिस्की होता है. अगर आप कान में जमा ईयरवैक्स को बाहर निकालना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ सेफ तरीके अपना सकते हैं. गुनगुना पानी, तेल, ईयर ड्रॉप्स और भाप जैसे घरेलू तरीकों से कान का मैल आसानी से साफ किया जा सकता है. कुछ आसान तरीकों से घर पर ईयरवैक्स रिमूव कर सकते हैं. How to Clean Earwax Safely: कान में जमा होने वाला मैल यानी ईयरवैक्स शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा परत होती है, जो धूल, बैक्टीरिया और गंदगी को कान के अंदर जाने से रोकती है. कई बार ईयरवैक्स ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है, जिससे कान बंद होने जैसा महसूस होता है, सुनने में परेशानी आने लगती है या खुजली और दर्द की समस्या हो सकती है. ऐसे में जल्दबाजी में लोग कॉटन बड्स या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने लगते हैं, जो कान को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए ईयरवैक्स हटाने के लिए हमेशा सुरक्षित और सही तरीकों को अपनाना चाहिए. ईयरवैक्स निकालने के सुरक्षित तरीके | Safe Ways To Remove Earwax हेल्थ से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक ईयरवैक्स हटाने का सबसे सुरक्षित तरीका गुनगुने पानी का इस्तेमाल है. नहाते समय हल्का गुनगुना पानी कान के बाहरी हिस्से तक पहुंचने दें. इससे जमा हुआ मैल धीरे-धीरे नरम होने लगता है और अपने आप बाहर निकल सकता है. ध्यान रखें कि बहुत तेज पानी का दबाव कान में न जाए, क्योंकि इससे कान के पर्दे को नुकसान हो सकता है. दूसरा तरीका है बेबी ऑयल या ऑलिव ऑयल की मदद लेना. कान में 2 से 3 बूंद हल्का गुनगुना तेल डालने से वैक्स नरम हो जाता है और आसानी से बाहर आने लगता है. तेल डालने के बाद कुछ मिनट तक सिर को एक तरफ झुकाकर रखें. यह तरीका पुराने और सख्त ईयरवैक्स को निकालने में काफी मददगार माना जाता है. कान का मैल साफ करने का तीसरा तरीका ईयर ड्रॉप्स का इस्तेमाल है. मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले ईयरवैक्स रिमूवल ड्रॉप्स कान में जमा मैल को घोलने में मदद करते हैं. डॉक्टर की सलाह से इनका इस्तेमाल करने पर वैक्स आसानी से बाहर निकल सकता है. अगर कान में दर्द, संक्रमण या पहले से कोई समस्या हो, तो बिना सलाह के कोई ड्रॉप इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. चौथा तरीका है गर्म भाप लेना. भाप लेने से कान के अंदर जमा मैल नरम होने लगता है और बाहर निकलने में आसानी होती है. इसके लिए गर्म पानी से निकलने वाली भाप को कुछ मिनट तक लें. यह तरीका कान को साफ करने के साथ-साथ बंद कान की परेशानी में भी राहत दे सकता है. हालांकि यह काम बेहद सावधानी के साथ करें. पांचवां और सबसे सुरक्षित तरीका है डॉक्टर से प्रोफेशनल ईयर क्लीनिंग करवाना. अगर कान में बहुत ज्यादा मैल जमा हो गया हो, सुनने में परेशानी हो रही हो या दर्द महसूस हो रहा हो, तो घर पर बार-बार सफाई करने की बजाय ईएनटी विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए. डॉक्टर विशेष उपकरणों की सहायता से बिना किसी नुकसान के कान का मैल साफ कर देते हैं. इससे कान के पर्दे को चोट पहुंचने या संक्रमण होने का खतरा भी कम रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें