Monday, 12 Oct 2026 | 08:27 PM

Trending :

EXCLUSIVE

बंगाल-असम में आकर्षण के पक्ष में क्यों उठी इतनी जबरदस्त वोटिंग? हिमंता विश्व सरमा ने बताई ये बड़ी वजह

बंगाल-असम में आकर्षण के पक्ष में क्यों उठी इतनी जबरदस्त वोटिंग? हिमंता विश्व सरमा ने बताई ये बड़ी वजह

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार के “आदिग रुख” और विकास कार्यों के खिलाफ बांग्लादेशी मूल के आदिवासियों ने असम विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को दो-तिहाई बहुमत गठबंधन में अहम भूमिका निभाई है। मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यह असम के “मूल निवासियों की जीत” है और राज्य में विकास की किताब आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार और पिछले पांच वर्षों में विकास को जीत का बड़ा कारण बताया। अवलोकन के पक्ष में बढ़ा विश्वास शर्मा के अनुसार, उनकी सरकार ने असमिया “जाति” (समुदाय) की सुरक्षा का जो वादा किया था, उसे पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए, जिससे सांस्कृतिक और आर्थिक प्रगति हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी मूल के नृत्यांगना के अंक में उनके कठोर रुख का प्रभाव प्रभावित हुआ। 126 कोलोराडो विधानसभा में राजग ने 102 कलाकारों की टुकड़ी को तीसरी बार सत्ता हासिल की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी को 82 अवशेष मिले, जबकि सहयोगी ऑर्केस्ट्रा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। सभी दोस्तों का दल समर्थन करता है मुख्यमंत्री ने दावा किया कि “जेन जेड” ने सभी कलाकारों के साथ मिलकर बीजेपी का समर्थन किया है, जो युवा पार्टी की जीत से स्पष्ट है। उन्होंने साथ ही कहा कि असम की पहचान विविधता से बनी है और लोगों की पहचान को लेकर विवाद खड़ा होना गलत है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर भी जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी में ऐसे नेता कम हैं जो असम की जनता के प्रति भावना रखते हैं, यही उनके खराब प्रदर्शन का कारण बन रहे हैं। भाजपा को वोट शेयर में विभाजित करें इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि असम विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत में छोटे-छोटे बदलाव करके विधानसभा के नतीजों पर बड़ा असर डाला गया है। भारतीय जनता पार्टी को इस बार 37.81 प्रतिशत वोट मिले, जो 2021 के 33.21 प्रतिशत की तुलना में 4.6 प्रतिशत अधिक है। इस किराने का सामान विक्रय पैकेज में देखने को मिला और पार्टी ने 60 ली से 82 पुस्तकालय जीते, यानि 22 पुस्तकालय का खंड हुआ। इसके विपरीत, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थिति दिलचस्प रही। उनका वोट शेयर मामूली रूप से 29.67 प्रतिशत से बढ़कर 29.84 प्रतिशत हो गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी बढ़त 29 से बढ़कर 19 प्रतिशत हो गई। इसमें बताया गया है कि केवल वोट प्रतिशत ही नहीं, बल्कि वोटों का वितरण और क्षेत्रीय प्रभाव भी वोटों में अंतिम भूमिका बताया गया है। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने कुल 102 लास्केट 126 लाकेसी विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है, जो अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुका है और बहुमत के 64 नतीजों के आंकड़ों से काफी आगे है। यह चुनाव इस बात का उदाहरण है कि लगातार वोटों से भी पार्टी में बड़े बदलाव हो सकते हैं, खासकर तब जब मुकाबला कई हिस्सों में हो। ये भी पढ़ें: बोलीं सीएम पद से नहीं निकलीं तो संबित पात्रा ने टॉम की याद दिला दी क्या कहा?

पाचन से लेकर सर्दी-खांसी तक, कई समस्याओं में कारगर औषधि, जानिए हरसिंगार के चमत्कारी फायदे!

पाचन से लेकर सर्दी-खांसी तक, कई समस्याओं में कारगर औषधि, जानिए हरसिंगार के चमत्कारी फायदे!

Last Updated:May 05, 2026, 21:43 IST गोंडा में पाया जाने वाला हरसिंगार (पारिजात) एक ऐसा औषधीय पौधा है, जो अपने अद्भुत गुणों के लिए जाना जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग पाचन से लेकर बुखार, जोड़ों के दर्द, त्वचा और सर्दी-खांसी जैसी कई समस्याओं में किया जाता रहा है. गोंडा: हरसिंगार, जिसे पारिजात या रातरानी भी कहा जाता है, एक ऐसा औषधीय पौधा है जो अपने सुंदर फूलों और अद्भुत गुणों के लिए जाना जाता है. यह पौधा रात में खिलता है और सुबह तक इसके फूल जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. लेकिन हरसिंगार सिर्फ सुंदरता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कई प्रकार की बीमारियों में बेहद लाभकारी माना जाता है. आयुर्वेद में इसे एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में उपयोग किया जाता रहा है. बुखार में फायदेमंद: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार की पत्तियों से तैयार किया गया काढ़ा बुखार में राहत देने में मददगार माना जाता है. खासकर मौसमी वायरल बुखार में यह शरीर को अंदर से मजबूत करता है और कमजोरी कम करने में सहायक होता है. पारंपरिक तौर पर इसका उपयोग मलेरिया जैसे बुखार में भी किया जाता रहा है. इसके औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर जल्दी ठीक होने में सक्षम होता है. हालांकि, तेज बुखार या लंबे समय तक बुखार रहने की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें, बल्कि डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है. हरसिंगार का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. इसकी पत्तियों या फूलों से तैयार काढ़ा गैस, कब्ज और अपच जैसी आम समस्याओं में राहत देने में मदद कर सकता है. यह पेट की सफाई में सहायक होता है, जिससे पाचन क्रिया सुचारु रूप से चलती है. इसके नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से पेट हल्का महसूस होता है और भूख भी सही लगती है. साथ ही, यह आंतों की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करता है, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व अच्छे से मिल पाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google नींद और मानसिक तनाव में मददगार: आज के भागदौड़ भरे जीवन में तनाव और नींद की समस्या आम हो गई है. ऐसे में हरसिंगार के फूल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में मददगार साबित हो सकते हैं. इसके फूलों की हल्की और सुगंधित खुशबू मन को शांत करती है, जिससे तनाव कम होता है और मन को सुकून मिलता है. रात के समय इसकी खुशबू के आसपास रहने से नींद बेहतर आने में मदद मिल सकती है. यह मानसिक थकान को कम करता है और दिमाग को रिलैक्स करता है. नियमित रूप से इसके संपर्क में रहने से मन शांत और संतुलित बना रहता है. हालांकि, यदि नींद की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. जोड़ों के दर्द में राहत: आजकल बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र के कारण बहुत से लोग जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या से परेशान हैं. ऐसे में हरसिंगार की पत्तियां एक प्राकृतिक उपाय के रूप में फायदेमंद मानी जाती हैं. इसकी पत्तियों का काढ़ा या रस नियमित रूप से लेने से जोड़ों में होने वाला दर्द और सूजन कम हो सकती है. हरसिंगार में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण शरीर को अंदर से राहत पहुंचाते हैं. यह जोड़ों की जकड़न को कम करने में मदद करता है और चलने-फिरने में आसानी देता है. साथ ही, इसके सेवन से हड्डियां भी मजबूत होती हैं, जिससे भविष्य में होने वाली समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या बहुत ज्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें और इसे सहायक उपाय के रूप में ही अपनाएं. कैसे करें उपयोग: हरसिंगार का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, फूलों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगा सकते हैं, पत्तियों का रस निकालकर सेवन कर सकते हैं, या सूखे फूलों का चूर्ण बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. सावधानियां: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार एक प्राकृतिक औषधि है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है. गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. त्वचा के लिए फायदेमंद: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार के फूल और पत्तियां त्वचा की देखभाल के लिए काफी लाभकारी मानी जाती हैं. इनके पेस्ट को चेहरे या प्रभावित हिस्से पर लगाने से दाग-धब्बों में कमी आ सकती है और त्वचा साफ व निखरी हुई दिखती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और मुंहासों जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. हालांकि, किसी भी नई चीज़ को त्वचा पर लगाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि किसी तरह की एलर्जी से बचा जा सके. सर्दी-खांसी में राहत: हरसिंगार का काढ़ा सर्दी और खांसी की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. इसके सेवन से गले की खराश कम होती है और कफ ढीला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है. यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में सहायक होता है, जिससे बदलते मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलती है. इसके औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं, जिससे बार-बार सर्दी-खांसी होने की संभावना कम हो सकती है. हालांकि, अगर खांसी या सर्दी लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या यह जानलेवा कंडीशन, डॉक्टर से समझिए

authorimg

Last Updated:May 05, 2026, 20:50 IST Food Poisoning Causes: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है. फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने से होती है, जिसमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज कराना जरूरी है, वरना यह जानलेवा हो सकता है. साफ-सफाई, ताजा खाना और सही स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज न हो, तो कंडीशन गंभीर हो सकती है. Reasons Behind Food Poisoning: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है. फूड पॉइजनिंग खतरनाक कंडीशन है, जो हर उम्र के लोगों को शिकार बनाती है. यह समस्या तब होती है, जब हम बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या जहरीले पदार्थों से दूषित खाने या पानी का सेवन कर लेते हैं. गर्मियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि गर्म और नमी वाला मौसम सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल होता है. कई बार लोग बाहर का खाना खाते हैं या घर में रखा बासी खाना खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. यही सूक्ष्मजीव खाने को जल्दी खराब कर देते हैं. अगर खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे या ठीक से स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं. यही दूषित खाना शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. गर्मियों में लोग बाहर का खाना और ठंडी ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं, जो कई बार साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतरते. गंदे पानी से बने जूस, कटे हुए फल या सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. क्या होते हैं फूड पॉइजनिंग के लक्षण? डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या जल्दी बिगड़ सकती है. ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग हल्की होती है और सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाती है. कुछ गंभीर मामलों में यह खतरनाक भी बन सकती है. खासकर जब शरीर में पानी की कमी बहुत ज्यादा हो जाए या संक्रमण फैल जाए, तब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है. फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करना चाहिए? डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का भोजन लेने से शरीर को राहत मिलती है. मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े. अगर उल्टी, दस्त या बुखार ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है. फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे थोड़ी सी सावधानी से आसानी से रोका जा सकता है. साफ-सफाई और ताजा भोजन से इस बीमारी से बच सकते हैं. फूड पॉइजनिंग से कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट का मानना है कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही खान-पान की आदतें अपनाना. हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाना चाहिए. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए और पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए. बाहर का खाना खाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ-सुथरी जगह से हो और लंबे समय से खुला न रखा गया हो. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताई। उन्होंने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि इस जीत का लंबे समय से इंतजार था और यह केवल पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि जनता की जीत है। काफी समय से इसका इंतजार है प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रौद्योगिकी और उद्योगपतियों के प्रयासों को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और परिश्रम के बारे में बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और इस प्रतिष्ठा का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, मोदी ने अपने सहयोगियों को भी सत्य की याद दिलाते हुए बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि अब सभी को मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास, सुशासन और एक खजाने के लिए काम करना चाहिए, ताकि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके। बंगाल चुनाव की बड़ी उपलब्धि एक दिन पहले यानि सोमवार को बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद मोदी ने कहा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीत के बाद पार्टी के कलाकारों ने कहा कि “आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है” और अब राज्य में बदलाव का समय है, बदलाव का नहीं। उन्होंने राजनीतिक शास्त्रा से अपील की कि वे हिंसा की राजनीति को खत्म करें, राज्य के भविष्य और विकास पर ध्यान दें। मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा, डर और जानमाल के नुकसान के लिए जा रहे थे, लेकिन इस बार शांतिपूर्ण मतदान हुआ और यह एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। प्रधानमंत्री ने अपने लगभग 50 मिनट के भाषण में यह भी कहा कि बंगाल अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां “भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में बदलाव की भावना नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की भावना मिलनी चाहिए। इसके अलावा, मोदी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, कांग्रेस और अन्य शैले पर हॉलीवुड की ओर से कहा गया कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) का विरोध करने की वजह से उन्हें “कड़ी की सजा” मिली है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी भविष्य में भी महिलाओं के विनाश का सामना करना पड़ सकता है। ये भी पढ़ें: बोलीं सीएम पद से नहीं निकलीं तो संबित पात्रा ने टॉम की याद दिला दी क्या कहा?

कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा- पायलट ने लापरवाहीपूर्वक क्रूज चलाया, जिसके कारण हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 तथा धारा 110 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग किसी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। जान बचाने वालों की सराहना भी की अदालत ने कहा कि अब तक इस घटना को लेकर किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ FIR भी दर्ज नहीं की है। इसके साथ कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देश दिए कि संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर न्यायालय को सूचित किया जाए। कोर्ट ने क्रूज में सवार पर्यटकों की जान बचाने वाले लोगों की सराहना भी की। सबसे पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… 3 कर्मचारी बर्खास्त, एक सस्पेंड किया गया था मामले में क्रूज के को- पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश ही हादसे के पहले क्रूज चला रहे थे। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। को-पायलट बोला- क्रूज का एक इंजन स्लो था को-पायलट महेश पटेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था, लेकिन इसका एक इंजन स्लो था। हादसे के पहले इसने काम करना बंद कर दिया था। पटेल ने ये भी कहा था कि हमें ऊपर से किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या यलो अलर्ट जारी है। इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए जाते तो हम कभी भी क्रूज को पानी में नहीं उतारते। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…

फिल्म प्रोड्यूसर आरबी चौधरी की सड़क हादसे में मौत:ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड पर टकराई कार, बेटा जीवा भी साउथ का मशहूर एक्टर

फिल्म प्रोड्यूसर आरबी चौधरी की सड़क हादसे में मौत:ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड पर टकराई कार, बेटा जीवा भी साउथ का मशहूर एक्टर

ब्यावर जिले में सड़क हादसे में साउथ फिल्मों के प्रोड्यूसर आर. के. चौधरी (76) की मौत हो गई। हाईवे पर गाय को बचाने के चक्कर में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव चौराहे के पास हुआ। गंभीर घायल ड्राइवर को जोधपुर रेफर किया गया है। चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। रायपुर थाने के एएसआई मनोहर लाल खोजा ने बताया-आर.बी. चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। इसी दौरान ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव के पास अचानक सड़क पर गाय आ जाने से उनकी स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ गया। गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना गंभीर था कि आर.बी. चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर एनएचएआई (NHAI) की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें रायपुर के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाएंगे शव घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंचे। आर.बी. चौधरी के रिश्तेदार वीरेंद्र चौधरी ने बताया- पोस्टमॉर्टम के बाद शव को जयपुर ले जाया जाएगा। वहां से एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बनाई पाली जिले के सोजत रोड के रिसानिया गांव निवासी आर.बी. चौधरी दक्षिण भारतीय फिल्म प्रोड्यूसर होने के साथ ही तमिलनाडु सीरवी महासभा के अध्यक्ष थे। उन्होंने साउथ के कई बड़े अभिनेताओं के साथ फिल्म बनाई थी। उन्होंने ‘सुपर गुड फिल्म्स’ के बैनर तले तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बना चुके थे। 99वीं फिल्म बनकर तैयार है, रिलीज होनी थी। 100 फिल्म रिलीज करने का टारगेट था। उनकी प्रमुख फिल्मों में नट्टमई (1994), सूर्यावंशम (1997), थुल्लाधा मनमम थुल्लुम (1999), आनंदम (2001) और जिला (2014) हैं।

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी | तमिलनाडु पावर गेम में विजय को बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी | तमिलनाडु पावर गेम में विजय को बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)एडीएमके(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव परिणाम(टी)चुनाव परिणाम भारत(टी)गवर्नर(टी)भारत वोट(टी)पीएमके(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)विजय

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर शराब पीनी चाहिए या नहीं? जानिए इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

authorimg

Last Updated:May 05, 2026, 19:29 IST Alcohol and Soft Drinks Combo: कई लोग शराब में कोल्ड ड्रिंक मिलाकर पीते हैं, लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब को कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पीना सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. इस कॉम्बिनेशन से पूरी तरह बचना चाहिए. शराब भी शरीर के लिए बेहद खतरना है. इसे भी अवॉइड करना चाहिए. डॉक्टर की मानें तो शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन खतरनाक होता है. Mixing Alcohol with Cold Drinks: शराब में कई लोग पानी मिलाकर पीते हैं, तो कुछ लोग कोल्ड ड्रिंक के साथ शराब पीना पसंद करते हैं. आजकल शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. खासकर पार्टियों या सोशल गैदरिंग्स में लोग इसे स्वाद बढ़ाने का तरीका मानते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है. शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन शरीर पर अलग-अलग तरीके से असर डालता है, जिससे कई समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. शराब अपने आपमें नुकसानदायक है और कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलकर नुकसान दोगुना हो जाता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो एंड लिवर डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया शराब में अल्कोहल होता है, जो लिवर के लिए बेहद खतरनाक है. शराब का सेवन हार्ट को भी नुकसान पहुंचाता है और इससे शरीर के सभी ऑर्गन्स बुरी तरह प्रभावित होते हैं. लोगों को शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए. कोल्ड ड्रिंक्स के साथ मिलाने से शराब का नुकसान और ज्यादा बढ़ जाता है. कोल्ड ड्रिंक में बहुत अधिक मात्रा में शुगर और कार्बोनेशन होता है. जब इसे शराब के साथ मिलाया जाता है, तो शराब का असर शरीर पर और तेजी से होने लगता है. व्यक्ति को नशा जल्दी महसूस होता है और वह अपनी लिमिट का सही अंदाजा नहीं लगा पाता. यही कारण है कि ओवरड्रिंकिंग का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर अरोड़ा के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक और शराब मिलाने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. लिवर ही शराब को प्रोसेस करता है और जब उसमें ज्यादा शुगर और केमिकल्स जुड़ जाते हैं, तो उसका काम और कठिन हो जाता है. लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा यह कॉम्बिनेशन शरीर को डिहाइड्रेट भी कर सकता है. शराब वैसे ही शरीर में पानी की कमी करती है और कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कैफीन और शुगर इस असर को और बढ़ा सकते हैं. इससे सिरदर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. एक्सपर्ट की मानें तो दिल की सेहत पर भी इस कॉम्बिनेशन का बुरा असर पड़ सकता है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद हाई शुगर और शराब दोनों ही हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं. लगातार सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर की राय साफ है कि शराब को कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पीना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है. अगर कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है, तो उसे भी अवॉइड करना चाहिए. शराब सेहत की दुश्मन है और इससे बचना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें