Wednesday, 23 Sep 2026 | 09:52 PM

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बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव में बीएनपी महासचिव फखरुल की जीत तय:ढाका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र पढ़ा, वहीं लेक्चरर बने; खालिदा सरकार में मंत्री रह चुके

बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव में बीएनपी महासचिव फखरुल की जीत तय:ढाका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र पढ़ा, वहीं लेक्चरर बने; खालिदा सरकार में मंत्री रह चुके

बांग्लादेश की रूलिंग पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम अलमगीर अब देश के अगले राष्ट्रपति बनने की राह पर हैं। BNP ने गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने 1960 के दशक में ढाका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की पढ़ाई की थी और 1972 में वे ढाका कॉलेज में लेक्चरर बने। 2001 में खालिदा जिया के नेतृत्व वाली BNP सरकार में वे पहले कृषि राज्य मंत्री रहे। बाद में उन्होंने नागरिक उड्डयन और पर्यटन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। उम्मीदवारी मिलते ही 78 साल के फखरुल ने BNP के महासचिव पद और पार्टी की स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया। गुरुवार को ही उनका नामांकन पत्र चुनाव आयोग में जमा कर दिया गया। 20 अगस्त को होगा राष्ट्रपति चुनाव बांग्लादेश में राष्ट्रपति को जनता सीधे नहीं चुनती। संसद के सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 20 अगस्त को मतदान होगा। फरवरी में हुए आम चुनाव में BNP को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिला था। इसलिए फखरुल की जीत लगभग तय मानी जा रही है। फखरुल चुनाव जीतते हैं तो वे बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति होंगे। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अभी करीब दो साल बाकी था। फिलहाल संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर फखरुल का राजनीतिक सफर करीब छह दशक पुराना है। 1960 के दशक में ढाका यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने छात्र राजनीति शुरू की। वे उस समय ईस्ट पाकिस्तान स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़े थे। 1969 में राष्ट्रपति अयूब खान के खिलाफ बड़े जन आंदोलन के दौरान वे छात्र संगठन की ढाका यूनिवर्सिटी इकाई के अध्यक्ष थे। राजनीतिक गतिविधियों के कारण उन्हें गिरफ्तार भी किया गया और जेल जाना पड़ा। हालांकि, छात्र राजनीति के बाद वे तुरंत सक्रिय राजनीति में नहीं आए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शिक्षक के तौर पर करियर शुरू किया। 1972 में ढाका कॉलेज में लेक्चरर बने। बाद में कई सरकारी कॉलेजों में भी पढ़ाया। 1986 में सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में आए खालिदा जिया के नेतृत्व वाली BNP सरकार में उन्हें पहले कृषि राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में उन्होंने नागरिक उड्डयन और पर्यटन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। करीब एक दशक तक BNP के महासचिव रहे 2009 में BNP की राष्ट्रीय परिषद ने फखरुल को वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया। 2011 में वे पार्टी के कार्यवाहक महासचिव बने। करीब पांच साल बाद 30 मार्च 2016 को उन्हें आधिकारिक तौर पर BNP का महासचिव नियुक्त किया गया। इसके बाद करीब एक दशक तक वे पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में रहे। खालिदा जिया की गिरफ्तारी से लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शनों और चुनावों को लेकर हुए राजनीतिक टकराव तक, फखरुल लगभग हर बड़े मुद्दे पर BNP की तरफ से सामने रहे। वे मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रमुख नेताओं में भी शामिल रहे। इस दौरान उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया और कुछ समय जेल में भी बिताना पड़ा। दूसरे कई BNP नेताओं की तुलना में उनकी राजनीतिक भाषा ज्यादा संयमित रही है। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण वे पार्टी के अनुभवी नेताओं और प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। विपक्ष ने भी उतारा उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव में बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन के नेता और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद ने अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया है। हालांकि, संसद में BNP के दो-तिहाई बहुमत के कारण फखरुल की जीत की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।

रिपोर्ट- अमेरिकी नौसैनिकों ने जहाज से कूदने की कोशिश की:मानसिक तनाव से जूझ रहे; USS अब्राहम लिंकन वॉरशिप ईरान जंग में 9 महीने से तैनात

रिपोर्ट- अमेरिकी नौसैनिकों ने जहाज से कूदने की कोशिश की:मानसिक तनाव से जूझ रहे; USS अब्राहम लिंकन वॉरशिप ईरान जंग में 9 महीने से तैनात

अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक भारी मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेवी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर तैनात कई सदस्यों ने समुद्र में कूदने की कोशिश की है। USS अब्राहम लिंकन करीब 9 महीने से समुद्र में है। यह जहाज लगातार 250 से ज्यादा दिन तक बिना किसी पोर्ट पर रुके समूद्र में लगातार चल रहा है। इस पर करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन तैनात हैं। जहाज 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। इसे पहले प्रशांत क्षेत्र में जाना था, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इसे पश्चिम एशिया भेज दिया गया। मई में लौटना था, लेकिन मिशन बार-बार बढ़ा इस तैनाती को पहले मई में खत्म होना था। लेकिन इसे कई बार आगे बढ़ाया गया। अब जहाज ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में पांचवें महीने की लड़ाकू अभियान में है। लगातार बढ़ती तैनाती और लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात लोगों की मानसिक और शारीरिक हालत पर पड़ रहा है। परिवारों ने नेवी नेतृत्व से मांगी मदद पिछले हफ्ते सैन डिएगो में करीब 200 परिवारों ने एक टाउन हॉल में कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ के सामने अपनी चिंताएं रखीं। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों ने बताया कि लंबे मिशन का उनके रिश्तेदारों पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक महिला ने हंग काओ को बताया कि उसके पति ने उसी दिन उसे मैसेज किया था कि वह उम्मीद करता है कि अगली सुबह उसकी आंख न खुले। एक अन्य परिवार के सदस्य ने नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले परिवारों को नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा था, लेकिन अब वह भरोसा खत्म हो गया है। कम से कम 6 नौसैनिकों ने समुद्र में कूदने की कोशिश की रिपोर्ट के मुताबिक, USS अब्राहम लिंकन पर तैनात कम से कम 6 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने इस लंबे मिशन के दौरान जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। Military Times से एनाबेल लोमा ने बताया कि तैनाती एक बार फिर बढ़ाए जाने के बाद उनके पति ने भी जहाज से कूदने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उनके पति डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि उन्हें dishonourable discharge यानी खराब रिकॉर्ड के साथ सेना से निकाला जा सकता है। लोमा के मुताबिक, उनके पति करीब 13 साल से सेना में हैं और उन्हें डर है कि थकान और मानसिक दबाव के कारण उनका पूरा करियर बर्बाद हो जाएगा। एक दूसरे नौसैनिक की पत्नी ने भी बताया कि उसके पति को अपने एक साथी को जहाज के डेक पर वापस खींचना पड़ा। वह साथी समुद्र में कूदने की कोशिश कर रहा था। जहाज पर रहने की हालत को लेकर भी शिकायतें मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज पर रहने की खराब होती सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य माइक लेविन ने X पर लिखा कि जहाज पर तैनात नौसैनिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहाज पर शॉवर में फफूंद लगी है, कई टॉयलेट खराब हैं और लॉन्ड्री की सुविधा कई हफ्तों तक बंद रही। लंबे समय तक गर्म पानी भी नहीं मिला। लेविन के मुताबिक, खाने की हालत भी खराब थी। एक समय खाने में सिर्फ आधा कप चावल और दो टॉर्टिला दिए गए। इसके अलावा साबुन, डियोडरेंट और टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की भी कमी रही। रक्षा मंत्री ने रिपोर्टों को बताया था फेक न्यूज इन खराब हालात से जुड़ी पहले की रिपोर्टों को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खारिज करते हुए इन्हें “फेक न्यूज” बताया था। इसके जवाब में माइक लेविन ने रक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये पुरुष और महिलाएं अपने देश की सेवा करने के लिए सेना में शामिल हुए हैं। उनके मुताबिक, देश को कम से कम उन्हें गर्म पानी, काम करने वाला टॉयलेट और अच्छा खाना तो देना ही चाहिए। लेविन ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ये बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं और इसके बावजूद परिवारों के सामने खड़े होकर उन्हें झूठा कह रहे हैं। लंबी तैनाती, लगातार समुद्र में रहने, मिशन के बार-बार बढ़ने और जहाज पर सुविधाओं की कमी की शिकायतों के बीच USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिकों की हालत को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं।

UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके के पीछे अल-कायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ने इस धमाके को अंजाम दिया। इसमें कहा गया है कि AQIS अब छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है और उसने अपना लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल नेटवर्क भी तैयार कर लिया है। हालांकि, इससे पहले आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। यानी, इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार दो रिपोर्टों में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आए हैं। 10 नवंबर 2025 की शाम दहल उठी थी दिल्ली दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाथा। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह कोई साधारण ब्लास्ट नहीं, बल्कि हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला था। घटना के बाद पूरे दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची थी।बाद में इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। NIA की रिपोर्ट में नवंबर 2025 के लाल किला कार ब्लास्ट केस में NIA ने 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल हैं। खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; नवंबर में हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके के पीछे अल-कायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ने इस धमाके को अंजाम दिया। इसमें कहा गया है कि AQIS अब छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है और उसने अपना लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल नेटवर्क भी तैयार कर लिया है। इससे पहले आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। यानी, इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार दो रिपोर्टों में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आए हैं। हालांकि,NIA की चार्जशीट में दावा किया गया था कि आरोपी AQIS से जुड़े थे। AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा UNSC की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि AQIS अब बिखरे हुए छोटे आतंकी संगठन की बजाय एक क्षेत्रीय आतंकी नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुका है। संगठन ने अपना लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क तैयार कर लिया है और अब बड़े समूहों के बजाय छोटे-छोटे, अलग-अलग सेल के जरिए काम कर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश में जुटा अलकायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL/दाएश) लंबे समय से ऐसे जहरीले रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, अब तक वे इसमें पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि ऐसे हथियार बनाना बेहद मुश्किल काम है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क पर अब भी ऐसे जहरीले पदार्थ बनाने के तरीके और जानकारी साझा की जा रही है। फरवरी में ISIL की अंग्रेजी पत्रिका ‘इनवेड’ में बोटुलिनम टॉक्सिन और साइनाइड जैसे जहरीले पदार्थ तैयार करने से जुड़े निर्देश प्रकाशित किए गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ISIL-K ने पिछले 12 महीनों के दौरान अपने नेटवर्क में ‘राइसिन’ नाम के एक बेहद जहरीले विष को तैयार करने से जुड़ी जानकारी भी साझा की है। 2014 में बना था AQIS AQIS अल-कायदा का दक्षिण एशिया में सक्रिय संगठन है। इसको सितंबर 2014 में अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने बनाया था। इसका मकसद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में अल-कायदा का नेटवर्क बढ़ाना था। अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के मुताबिक, AQIS फिलहाल मुख्य रूप से अफगानिस्तान में सक्रिय है, जबकि इसके नेटवर्क की गतिविधियां पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में भी बताई गई हैं। यह संगठन बड़े हमलों के बजाय छोटे-छोटे सेल के जरिए काम करता है और हत्या, हथियारबंद हमले, घात लगाकर हमला और आत्मघाती हमले जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। अमेरिका ने 2016 में इसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। NIA ने भी AQIS का हाथ बताया था NIA ने मई में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल हैं। इसमें दावा किया गया था कि सभी आरोपी आतंकी संगठन सार गजवत-उल-हिंद और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े थे। धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था NIA की जांच में सामने आया था कि कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रोफेशनल थे। 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में उन्होंने “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय किया और “Operation Heavenly Hind” शुरू किया था। आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती और बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किया था। एजेंसी ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए केमिकल और उपकरण ऑनलाइन व ऑफलाइन जुटाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी AK-47, Krinkov राइफल और अन्य हथियार जुटाने के साथ-साथ ड्रोन और रॉकेट ऑपरेटेड IED पर भी प्रयोग कर रहे थे। IA ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 10 नवंबर 2025 की शाम दहल उठी थी दिल्ली दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाथा। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह कोई साधारण ब्लास्ट नहीं, बल्कि हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला था। घटना के बाद पूरे दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची थी।बाद में इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपने अनुभवों का खुलासा किया है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम और अनु मलिक उन्हें दुबई में एक बर्थडे पार्टी में गाने के लिए ले गए थे, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी मौजूद था। बाद में जब अखबारों में तस्वीरें छपीं, तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर अबू सलेम के शो में भी गाना गाया था। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की धमकी के बावजूद वे अपनी मजबूरी का हवाला देकर गाने गए थे। दुबई में दाऊद के सामने गाया गाना कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम उन्हें दुबई ले गए थे। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि किसी की बर्थडे पार्टी में गाना है। वहां दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ सामने बैठा था। उस इवेंट में अनु मलिक भी मौजूद थे। सानू ने बताया कि दाऊद ने उनके स्टेज पर गाए जाने वाले पसंदीदा गानों की रिक्वेस्ट की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे किसके शो में आए हैं। जब भारत लौटने के बाद अखबारों में उनकी फोटो छपी, तब उन्हें डर लगा कि उन्होंने क्या कर दिया है। उस मुलाकात के बाद वे कभी दाऊद से नहीं मिले। अबू सलेम के शो पर पुलिस की चेतावनी, फिर भी गाने गए गैंगस्टर अबू सलेम से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए सानू ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने पैसों की मांग की थी। सानू ने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि अगर कोई काम या शो हो तो वे गाना गा सकते हैं। इसके बाद वे अबू सलेम के एक शो में गाने के लिए दुबई गए। जाने से पहले पुलिस स्टेशन से फोन आया था और वहां न जाने की सलाह दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अगर वे गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर सानू ने कहा कि वे सिंगर हैं और गाना उनकी मजबूरी है, इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा दे। सुरक्षा न मिलने पर भी वे गए, परफॉर्म किया और सुरक्षित वापस लौट आए। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग पर बोले सानू 90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर कुमार सानू ने कहा कि उस दौर में फिल्मों की ज्यादातर फंडिंग अंडरवर्ल्ड से आती थी। जो पैसा लगाता था, वही इंडस्ट्री पर राज करता था। सानू ने कहा कि उन्होंने कभी इन चीजों की ज्यादा गहराई में जाने की कोशिश नहीं की और हमेशा खुद को ऐसे मामलों से दूर रखा। वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे, इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और किसी का ध्यान उन पर नहीं गया। सानू ने गाए 20 हजार गाने कुमार सानू ने करियर की शुरुआत में बांग्लादेशी फिल्म ‘तीन कन्या’ से की थी। वैसे, सानू को हिंदी फिल्मों में लाने का क्रेडिट जगजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कुमार सानू को फिल्म ‘आंधियां’ में गाना गाने का ऑफर दिया था। जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात कल्याणजी आनंद से कराई और उन्हीं के कहने के बाद उन्होंने अपना नाम केदारनाथ भट्टाचार्य से कुमार सानू कर लिया था। सानू ने करीब 20 हजार गाने गाए हैं। उन्होंने ‘दिल का आलम…’ (फिल्म ‘आशिकी’, 1990), ‘दिल का रिश्ता..’ (फिल्म ‘दिल का रिश्ता’, 2003), ‘राजा को रानी से…’ (फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’, 1995), ‘परदेसी परदेसी…’ (फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’, 1996) जैसे कई बेहतरीन गाने गाए हैं। सानू ने म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी नदीम-श्रवण के लिए करीब 75 फिल्मों में गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अनु मलिक के लिए 60 फिल्मों, जतिन-ललित के लिए 30 फिल्मों और राजेश रोशन के लिए 25 फिल्मों में गाने गाए हैं।

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपने अनुभवों का खुलासा किया है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम और अनु मलिक उन्हें दुबई में एक बर्थडे पार्टी में गाने के लिए ले गए थे, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी मौजूद था। बाद में जब अखबारों में तस्वीरें छपीं, तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर अबू सलेम के शो में भी गाना गाया था। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की धमकी के बावजूद वे अपनी मजबूरी का हवाला देकर गाने गए थे। दुबई में दाऊद के सामने गाया गाना कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम उन्हें दुबई ले गए थे। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि किसी की बर्थडे पार्टी में गाना है। वहां दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ सामने बैठा था। उस इवेंट में अनु मलिक भी मौजूद थे। सानू ने बताया कि दाऊद ने उनके स्टेज पर गाए जाने वाले पसंदीदा गानों की रिक्वेस्ट की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे किसके शो में आए हैं। जब भारत लौटने के बाद अखबारों में उनकी फोटो छपी, तब उन्हें डर लगा कि उन्होंने क्या कर दिया है। उस मुलाकात के बाद वे कभी दाऊद से नहीं मिले। अबू सलेम के शो पर पुलिस की चेतावनी, फिर भी गाने गए गैंगस्टर अबू सलेम से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए सानू ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने पैसों की मांग की थी। सानू ने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि अगर कोई काम या शो हो तो वे गाना गा सकते हैं। इसके बाद वे अबू सलेम के एक शो में गाने के लिए दुबई गए। जाने से पहले पुलिस स्टेशन से फोन आया था और वहां न जाने की सलाह दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अगर वे गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर सानू ने कहा कि वे सिंगर हैं और गाना उनकी मजबूरी है, इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा दे। सुरक्षा न मिलने पर भी वे गए, परफॉर्म किया और सुरक्षित वापस लौट आए। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग पर बोले सानू 90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर कुमार सानू ने कहा कि उस दौर में फिल्मों की ज्यादातर फंडिंग अंडरवर्ल्ड से आती थी। जो पैसा लगाता था, वही इंडस्ट्री पर राज करता था। सानू ने कहा कि उन्होंने कभी इन चीजों की ज्यादा गहराई में जाने की कोशिश नहीं की और हमेशा खुद को ऐसे मामलों से दूर रखा। वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे, इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और किसी का ध्यान उन पर नहीं गया। सानू ने गाए 20 हजार गाने कुमार सानू ने करियर की शुरुआत में बांग्लादेशी फिल्म ‘तीन कन्या’ से की थी। वैसे, सानू को हिंदी फिल्मों में लाने का क्रेडिट जगजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कुमार सानू को फिल्म ‘आंधियां’ में गाना गाने का ऑफर दिया था। जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात कल्याणजी आनंद से कराई और उन्हीं के कहने के बाद उन्होंने अपना नाम केदारनाथ भट्टाचार्य से कुमार सानू कर लिया था। सानू ने करीब 20 हजार गाने गाए हैं। उन्होंने ‘दिल का आलम…’ (फिल्म ‘आशिकी’, 1990), ‘दिल का रिश्ता..’ (फिल्म ‘दिल का रिश्ता’, 2003), ‘राजा को रानी से…’ (फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’, 1995), ‘परदेसी परदेसी…’ (फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’, 1996) जैसे कई बेहतरीन गाने गाए हैं। सानू ने म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी नदीम-श्रवण के लिए करीब 75 फिल्मों में गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अनु मलिक के लिए 60 फिल्मों, जतिन-ललित के लिए 30 फिल्मों और राजेश रोशन के लिए 25 फिल्मों में गाने गाए हैं।

कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस रियलिटी शो से एलिमिनेट किया गया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं

कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस रियलिटी शो से एलिमिनेट किया गया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं

2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी। रणबीर कपूर और यश, भगवान राम और रावण के रोल के लिए चुने गए। हर किसी को इंतजार था कि आखिर माता सीता के रोल के लिए किस एक्ट्रेस का चुनाव होगा। आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण जैसे कई नाम की चर्चाएं हुईं। मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो सादगी और खूबसूरती से भरपूर हो और उस नाम के साथ कोई स्कैंडल या विवाद न हो। और फिर अगस्त 2023 में इस रोल के लिए साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के नाम की घोषणा हुई। साई पल्लवी, एक ऐसी एक्ट्रेस, जो कुछ सालों पहले तक एक जूनियर आर्टिस्ट हुआ करती थीं। फिल्म में उन्हें छोटे-मोटे रोल दिए जाते थे, जिनके डायलॉग भी कम ही हुआ करते थे। वहीं फिल्मों में आने से पहले साई पल्लवी एक मेडिकल स्टूडेंट थीं और साउथ के एक डांस रियलिटी शो की कंटेस्टेंट थीं। वो शो की फाइनलिस्ट रहीं, लेकिन जीत नहीं सकीं, लेकिन कुछ सालों बाद इन्हीं साई पल्लवी के गाने राउडी बेबी ने 1 बिलियन व्यूज हासिल कर इतिहास रच दिया। आज सक्सेस स्टोरी के 3 चैप्टर्स में जानिए कभी जूनियर आर्टिस्ट रहीं साई पल्लवी की भारत की टॉप एक्ट्रेस बनने की प्रेरणादायक कहानी- 9 मई 1992 तमिलनाडू के कोयम्बटूर में एक्साइज ऑफिसर के घर साई पल्लवी का जन्म हुआ। उनका परिवार तमिलनाडु के कोटागिरी से ताल्लुक रखता है। शुरुआती पढ़ाई अविला कॉन्वेंट स्कूल से हुई। वो बैडमिंटन की भी बेहतरीन प्लेयर रहीं। लव लेटर लिखने पर घर में हुई पिटाई साई पल्लवी स्कूल के दिनों में बेहद शरारती थीं और स्कूल में पॉपुलर थीं। वह दूसरे बच्चों का जमकर मजाक उड़ाती थीं। देखने में बेहद खूबसूरत साई को कई लड़के अप्रोच करते थे। एक बार 7वीं क्लास में एक लड़के ने उनके बैग में लव लेटर रख दिया था। शाम को जब उनके पिता ने उनका बैग चेक किया तो उसमें लेटर निकला। ये देखकर उन्हें पिता की खूब मार पड़ी थी। साई ने खुद नेटफ्लिक्स के शो माय विलेज में ये किस्सा बताया था। कंगना की फिल्म में बनीं जूनियर आर्टिस्ट उनका फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई ताल्लुक नहीं था, इसके बावजूद घर में टीवी देखते हुए उनका झुकाव डांस और एक्टिंग की तरफ था। उन्होंने टीवी शो देखकर डांस सीखा। पहली बार उनका फिल्मी दुनिया से परिचय 2005 की फिल्म कस्तूरी मान से हुआ। वो फिल्म से हीरो-हीरोइन के पीछे डांस करने वालीं बैकग्राउंड डांसर के तौर पर जुड़ीं, लेकिन फिर फिल्म में उन्हें चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम करने का मौका मिला। कुछ लोगों से जान-पहचान की मदद से वो टीनएज में फिल्म धाम धूम (2008) में जूनियर आर्टिस्ट रहीं। वह छठी क्लास में थीं। इस फिल्म से बॉलीवुड में नई-नई आईं कंगना रनोट ने तमिल सिनेमा में डेब्यू किया था। साई पल्लवी को फिल्म में कंगना रनोट के पीछे खड़े हुए देखा जा सकता है। इन फिल्मों में छोटे रोल करने के बाद साई पल्लवी ने पढ़ाई पर फोकस किया, हालांकि स्कूल में उन्होंने कल्चरल इवेंट में हिस्सा लेना जारी रखा। वो लोकल डांस कॉम्पिटिशन में भी हिस्सा लिया करती थीं। डांस स्कूल के कुछ साथियों की मदद से साई पल्लवी ने 2008 में साउथ के तमिल डांस रियलिटी शो उंगलिल यार अदुथा प्रभु देवा (कौन बनेगा अगला प्रभु देवा) में हिस्सा लिया। शो का फाइनलिस्ट बनने पर कंटेस्टेंट को प्रभु देवा से मिलने का मौका दिया जाने वाला था। साई इसके लिए बेहद एक्साइटेड थीं, लेकिन फिनाले से ठीक पहले उनका एलिमिनेशन हो गया। दुर्भाग्य से जिस दिन वो एलिमिनेट हुईं, उस दिन उनका बर्थडे था। साई का मानना था कि अगर बर्थडे के दिन रोए, तो पूरे साल रोना पड़ेगा। एलिमिनेशन की घोषणा के बाद साई भावुक हो गईं, लेकिन आंसू रोककर रखे। घर लौटकर साई ने बर्थडे नहीं मनाया और सीधे बिस्तर पर लेट गईं। मां उनकी उदासी समझ गईं और कहा- ‘बेटा जिंदगी में जो होता है, अच्छे के लिए होता है। तुम अभी रोना चाहो, तो रो लो, आज के बाद कभी रोना नहीं पड़ेगा।’ पहले डांस शो से निकलने के बाद साई ने 2009 में धी अल्टीमेट डांस शो (D4) में हिस्सा लिया और फाइनलिस्ट रहीं। शो के एक एपिसोड में डांट पड़ने से साई पल्लवी मंच पर खड़ीं भावुक हो गईं। कैमरा उन्हें रोते हुए कैप्चर न करें, इसलिए वो पलट गईं और देर तक पीछे मुड़कर रोती रहीं। फ्राइज एंज पोटैटो को दिए इंटरव्यू में साई ने कहा था, ‘एक मास्टर ने मुझे डांटा तो मैं पीछे मुड़कर रोने लगी। शो की एंकर राम्या मुझे धीरे से कह रही थीं कि तुम्हें पलटना होगा। लेकिन मैंने कहा, नहीं, मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे रोते हुए देखें। मैं दुखी लड़की की तरह नहीं लगना चाहती थी।’ शो न जीतने के बावजूद उनकी बेहतरीन हाई-एनर्जी डांस परफॉर्मेंस की वीडियो क्लिप अक्सर फेसबुक पर वायरल होती थीं। एक एपिसोड में सामंथा बतौर गेस्ट पहुंचीं और साई की जमकर तारीफ की थी। बेहतरीन कैमरा अपीयरेंस के चलते उन्हें कुछ टीवी एड और शॉर्ट फिल्म ‘काची पिजाई’ में काम मिला। शो के बाद साई पल्लवी की मां ने उन्हें मेडिकल स्टडीज के लिए जॉर्जिया भेजने का मन बना लिया। साई जाना नहीं चाहती थीं, लेकिन मां ने कहा कि उनकी कजिन भी बाहर जाकर पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें शादी के लिए अच्छे लड़के मिलेंगे, अगर साई नहीं गईं, तो वो कजिन से पीछे रह जाएंगी। मां की बात मानकर साई ने जॉर्जिया जाने का फैसला किया। डांस रियलिटी शो की बदौलत कई फिल्में ऑफर हुईं, हर रोल ठुकराया साउथ फिल्ममेकर शेखर काम्मुला ने साई के डांस रियलिटी शो की एक क्लिप देखकर उन्हें फिल्म हैप्पी डेज ऑफर की। हालांकि साई ने पढ़ाई के लिए फिल्म ठुकरा दी। कुछ दिनों बाद उन्हें फिल्म मद्रास (2014) में लीड रोल ऑफर हुआ, लेकिन साई ने एकेडमिक्स के लिए ये ऑफर भी ठुकरा दिया। साई पल्लवी ने फ्राइज एंड पटेटो को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘जॉर्जिया जाने

'रामायण' की आलोचना पर बोले रणबीर:फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझ रहे लोग; एक सीन पूरा करने में 3 साल तक लगे

'रामायण' की आलोचना पर बोले रणबीर:फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझ रहे लोग; एक सीन पूरा करने में 3 साल तक लगे

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ के टीजर और ट्रेलर में दिखाए गए VFX की आलोचना पर रणबीर का बयान सामने आया है। ‘कोलाइडर’ को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म के मुख्य अभिनेता रणबीर कपूर, निर्देशक नितेश तिवारी और को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ट्रोल्स को जवाब दिया है। दरअसल ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है और बताया कि अभी VFX का काम पूरा होना बाकी है। ‘फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझने लगते हैं लोग’ रणबीर कपूर ने कहा कि जिन लोगों को कंप्यूटर ग्राफिक्स की जानकारी नहीं है, उन्हें लगता है कि सब कुछ सिर्फ AI से बना दिया गया है। असलियत में किसी भी सीन को तैयार करने में अनगिनत घंटे और कई सालों की मेहनत लगती है। रणबीर ने बताया कि प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा विजुअल इफेक्ट्स की मीटिंग्स में बैठकर आसमान का रंग तक सही करने में लगे रहते हैं। उनका मानना है कि आजकल के दर्शकों को कंप्यूटर ग्राफिक्स से प्रभावित करना काफी मुश्किल काम हो गया है। बड़े पर्दे के अनुभव के लिए लाखों डॉलर खर्च किए फिल्म के को-प्रोड्यूसर और विजुअल इफेक्ट्स एक्सपर्ट नमित मल्होत्रा ने कहा कि लोग सही स्क्रीन और माहौल में विजुअल का अनुभव नहीं कर रहे हैं। जब वही विजुअल IMAX में 3D में देखा जाता है तो लोगों की राय बदल जाती है। नमित के अनुसार, मेकर्स बड़े पर्दे का बेहतरीन अनुभव देने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर रहे हैं, लेकिन लोग खराब इंटरनेट कनेक्शन वाले मोबाइल फोन पर देखकर कमियां निकालने लगते हैं। छोटी सी गलती को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा निर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उनकी टीम अभी भी विजुअल इफेक्ट्स के काम को अंतिम रूप देने में लगी हुई है। फिल्म के कुछ खास सीक्वेंस पूरे करने में ढाई से तीन साल का समय लगा है। नितेश ने कहा कि जब कोई इंसान सिर्फ कमियां ढूंढने की नीयत से काम देखता है, तो पूरी टीम की सालों की कोशिशें नजरअंदाज हो जाती हैं और किसी छोटी सी चूक को भी बहुत बड़ा बनाकर पेश किया जाता है। 8 बार ऑस्कर जीत चुकी है नमित मल्होत्रा की कंपनी DNEG आलोचनाओं के बीच नमित मल्होत्रा की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी DNEG का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। यह कंपनी नमित की मूल कंपनी ‘प्राइम फोकस’ के तहत आने वाली एक ब्रिटिश विजुअल इफेक्ट्स कंपनी है। DNEG को अब तक बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स कैटेगरी में कुल 8 बार ऑस्कर अवॉर्ड मिल चुका है। इसमें क्रिस्टोफर नोलन की ‘इन्सेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘टेनेट’ के अलावा ‘ब्लेड रनर 2049’ और ‘ड्यून’ जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्में शामिल हैं। 4,000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे बड़ी फिल्म नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है। इसका कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा और साउथ स्टार यश मिलकर कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर और यश के अलावा कई बड़े कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। टीजर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा बनी हुई है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन तन्मय भट्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में रिया ने बताया कि 17-18 साल की उम्र में एमटीवी वीजे के तौर पर उन्हें 3 लाख रुपए सैलरी मिलती थी। रिया के मुताबिक वे खुद को बहुत अमीर मानती थीं और उन्होंने यह सारा पैसा अपने चेहरे का ब्यूटी ट्रीटमेंट कराने में खर्च कर दिया था। इसके साथ ही रिया ने बताया कि उनके करियर का पहला सेलिब्रिटी इंटरव्यू सलमान खान का था, जिनसे उस वक्त सब डरते थे। चेहरे की सर्जरी पर खर्च की सैलरी रिया ने अपनी सैलरी का जिक्र करते हुए कहा कि 17-18 साल की उम्र में 3 लाख रुपए महीना मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। जब तन्मय ने उनसे पूछा कि उन्होंने इस पैसे का क्या किया, तो रिया ने बेबाकी से जवाब दिया कि उन्होंने यह पैसा अपने चेहरे को ठीक कराने यानी ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च किया। तन्मय के पूछने पर कि क्या उन्हें भी ऐसा कराना चाहिए, रिया ने सलाह दी कि हर किसी को यह कराना चाहिए क्योंकि अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। सब सलमान से डरते थे, इसलिए मुझे इंटरव्यू करने दिया बातचीत में रिया ने बताया कि एमटीवी वीजे के रूप में काम करते समय उन्होंने सबसे पहले सलमान खान का इंटरव्यू लिया था। रिया ने कहा कि बाकी टीम मेंबर्स ने उन्हें आसानी से सलमान का इंटरव्यू करने दिया, क्योंकि बाकी लोग सलमान से डरते थे। रिया ने हंसते हुए कहा कि उस दौर में केवल अच्छे दिखने वाले लोगों को ही बोलने की इजाजत होती थी। सुशांत केस में सीबीआई ने दी क्लीन चिट रिया चक्रवर्ती के पर्सनल लाइफ की बात करें तो जून 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वे विवादों में आ गई थीं। इस मामले में रिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स से जुड़े केस में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। साल 2025 में सीबीआई ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने साफ किया कि सुशांत की हत्या या रिया द्वारा उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। मुंबई की अदालत ने सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। ‘रोडीज’ से की वापसी, नए शो में नजर आएंगी विवादों के बाद रिया को इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में ‘रोडीज: कर्म या कांड’ शो में गैंग लीडर बनकर वापसी की। इसके अलावा 2024 में रिया ने अपना क्लॉथिंग ब्रांड ‘चैप्टर 2’ भी लॉन्च किया। अब रिया जल्द ही करण जौहर के रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ में नजर आने वाली हैं। यह शो 13 अगस्त को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसमें मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी और श्वेता तिवारी समेत 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं।

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन तन्मय भट्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में रिया ने बताया कि 17-18 साल की उम्र में एमटीवी वीजे के तौर पर उन्हें 3 लाख रुपए सैलरी मिलती थी। रिया के मुताबिक वे खुद को बहुत अमीर मानती थीं और उन्होंने यह सारा पैसा अपने चेहरे का ब्यूटी ट्रीटमेंट कराने में खर्च कर दिया था। इसके साथ ही रिया ने बताया कि उनके करियर का पहला सेलिब्रिटी इंटरव्यू सलमान खान का था, जिनसे उस वक्त सब डरते थे। चेहरे की सर्जरी पर खर्च की सैलरी रिया ने अपनी सैलरी का जिक्र करते हुए कहा कि 17-18 साल की उम्र में 3 लाख रुपए महीना मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। जब तन्मय ने उनसे पूछा कि उन्होंने इस पैसे का क्या किया, तो रिया ने बेबाकी से जवाब दिया कि उन्होंने यह पैसा अपने चेहरे को ठीक कराने यानी ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च किया। तन्मय के पूछने पर कि क्या उन्हें भी ऐसा कराना चाहिए, रिया ने सलाह दी कि हर किसी को यह कराना चाहिए क्योंकि अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। सब सलमान से डरते थे, इसलिए मुझे इंटरव्यू करने दिया बातचीत में रिया ने बताया कि एमटीवी वीजे के रूप में काम करते समय उन्होंने सबसे पहले सलमान खान का इंटरव्यू लिया था। रिया ने कहा कि बाकी टीम मेंबर्स ने उन्हें आसानी से सलमान का इंटरव्यू करने दिया, क्योंकि बाकी लोग सलमान से डरते थे। रिया ने हंसते हुए कहा कि उस दौर में केवल अच्छे दिखने वाले लोगों को ही बोलने की इजाजत होती थी। सुशांत केस में सीबीआई ने दी क्लीन चिट रिया चक्रवर्ती के पर्सनल लाइफ की बात करें तो जून 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वे विवादों में आ गई थीं। इस मामले में रिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स से जुड़े केस में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। साल 2025 में सीबीआई ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने साफ किया कि सुशांत की हत्या या रिया द्वारा उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। मुंबई की अदालत ने सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। ‘रोडीज’ से की वापसी, नए शो में नजर आएंगी विवादों के बाद रिया को इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में ‘रोडीज: कर्म या कांड’ शो में गैंग लीडर बनकर वापसी की। इसके अलावा 2024 में रिया ने अपना क्लॉथिंग ब्रांड ‘चैप्टर 2’ भी लॉन्च किया। अब रिया जल्द ही करण जौहर के रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ में नजर आने वाली हैं। यह शो 13 अगस्त को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसमें मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी और श्वेता तिवारी समेत 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं।