बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में पहले 21 अप्रैल की रात उमेश सोमनाथ उर्फ गोलू की लाश सावंगी रोड पर संदिग्ध हालत में मिली थी, अब उसी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ा राज सामने लाया है—हत्या की वजह सिर्फ “मां से बात करना” बनी, और इस वारदात को 7 नाबालिगों ने अंजाम दिया। गौरतलब है कि शुरुआती खबर में सामने आया था कि उमेश रात में खाना खाने के बाद घर से निकला था और कुछ लोगों द्वारा उसे बुलाकर ले जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिला था, जहां उसके पेट और गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटों ने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की अब पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह और भी हैरान करने वाला है। मुख्य आरोपी और उसका सगा भाई मृतक के उनकी मां से बातचीत करने से नाराज थे। उन्होंने पहले भी उमेश को घर आने-जाने और बातचीत बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब बात नहीं मानी गई तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत मुख्य आरोपी उमेश को घर से बहाने से बुलाकर सावंगी रोड पर सुनसान जगह ले गया, जहां पहले से 5 अन्य नाबालिग साथी मौजूद थे। वहां दोबारा विवाद हुआ और गुस्से में आकर मुख्य आरोपी ने चाकू से उमेश के पेट और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जबकि बाकी आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया। वारदात के बाद सभी आरोपी उसे मौके पर ही घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए, जिससे उसकी मौत हो गई। 7 नाबालिग हिरासत में लिए गए गठित टीम ने सीसीटीवी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर महज 24 घंटे में सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
इंदौर में 56 दुकान के पास लगी आग:रेस्टोरेंट की चिमनी से बिल्डिंग में भरा धुआं, बाहर का शेड जला

इंदौर में 56 दुकान के पास एक रेस्टोरेंट के बाहर बनी चिमनी में आग लग गई। आग के कारण यहां काफी धुआं फैल गया। नीचे चल रहे रेस्टोरेंट की चिमनी में अचानक आग लगी थी। शुरुआत में कर्मचारियों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। बाद में फायर ब्रिगेड ने करीब 500 लीटर पानी डालकर आग बुझाई। फायर ब्रिगेड के मुताबिक बुधवार शाम उन्हें न्यू पलासिया में पुष्प रतन साड़ी वाली बिल्डिंग में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर करीब 500 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मचारियों के अनुसार यहां नीचे ‘टिक टिक्का’ नाम का रेस्टोरेंट संचालित होता है, जिसकी चिमनी से अचानक धुआं निकलने के बाद आग लग गई। आग के चलते बाहर का पूरा शेड जलकर खाक हो गया। यह शेड सत्यम नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। यहां दोनों तरफ अन्य रेस्टोरेंट भी हैं।
अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर जिले के ग्राम धनगवां में बुधवार दोपहर एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद घर में भीषण आग लग गई, जिससे फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन सहित लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के समय घर में मौजूद सदस्यों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बिना चार्जिंग के खड़ी स्कूटी की बैटरी में हुआ ब्लास्ट जैतहरी थाना प्रभारी अमर वर्मा ने बताया कि यह घटना राजेंद्र विश्वकर्मा के घर पर हुई। बुधवार दोपहर को स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, इसके बावजूद उसकी बैटरी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। धमाके के तुरंत बाद आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों की मदद से आग पर पाया काबू आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश कीमती सामान जल चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। पीड़ित परिवार को इस अग्निकांड में भारी आर्थिक क्षति हुई है। पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच शुरू पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने जैतहरी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। चार्जिंग पर न होने के बावजूद बैटरी फटने की इस घटना से क्षेत्र के इलेक्ट्रिक वाहन चालकों में चिंता और दहशत का माहौल है।
छतरपुर में एक साथ 6 जगह लगी आग:फायर ब्रिगेड खराब होने से काबू पाने में देरी, टैंकर बुलाकर बाल्टी से पानी डालाकर बुझाई

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में बुधवार को अलग-अलग 6 स्थानों पर आग लगने से हड़कंप मच गया। शिवपुरा, बैदार, बारी, मुहारी, बड़ी नरवा और बाघराजन क्षेत्रों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। कई जगह खेतों और आसपास के इलाकों में आग तेजी से फैलती रही, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। 20 दिनों से फायर ब्रिगेड खराब पड़ी टीआई रीता सिंह ने नगर परिषद को फायर ब्रिगेड के लिए सूचना दी, लेकिन नगर परिषद की फायर ब्रिगेड पिछले 15-20 दिनों से खराब पड़ी होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में हालात और भी गंभीर हो गए। स्थिति को संभालने के लिए टीआई रीता सिंह ने महाराजपुर, नौगांव और छतरपुर से फायर ब्रिगेड बुलाने के प्रयास किए। वहीं बड़ी बाघराजन के पास मोहारी हार क्षेत्र में करीब 20 एकड़ खेत में भीषण आग लगने की सूचना पर वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और खुद आग बुझाने में जुट गईं। बाल्टियों और पाइप से बुझाई आग स्थानीय स्तर पर संसाधनों की भारी कमी देखने को मिली। जब पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा तो उसमें पंप की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों ने पाइप लगाकर और बाल्टियों के जरिए पानी भर-भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान टीआई रीता सिंह खुद भी आग बुझाते नजर आईं। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि वह बाढ़ के पानी की तरह आगे बढ़ती जा रही थी, जिससे उसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो रहा था। ग्रामीणों और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद कई जगह आग पर आंशिक काबू पाया जा सका। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।
एक्सक्लूसिव: बंगाल चुनाव से पहले हार गए कांग्रेस नेता, शाह का बड़ा दावा- बीजेपी में आ गए सत्य!

पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को सबसे पहले चरण की वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा। साउथ 24 परगना में एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बेडरूम में बंगाल की जनता, बीजेपी के सिद्धांत से आगे है। भाजपा-चुनाव आयोग के गठजोड़ के आरोप पर गृह मंत्री का बयान साइंटिस्ट पार्टी और चुनाव आयोग के बीच गठजोड़ का आरोप लगा रही है। इस पर अमित शाह ने कहा, ‘तमिलनाडु में हमारी विरोधी सरकार है, वहां ये सामान नहीं उठाया जाएगा।’ केरल में भी विरोधी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगा. असम में कांग्रेस ने भी हमपर कोई आरोप नहीं लगाया. ‘सिर्फ ममता बनर्जी को सभी को तकलीफ है, जो आरोप लगा रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी को जनता ने आवाज नहीं दी है. मैं बंगाल की जनता की आवाज सुन रहा हूं। वो जरा ऊंची सुनती हैं इसलिए मैंने कहा कि कान रेडियो सुन लो इसमें क्या बुरा है। सबसे काने ऑनलाइन ही खरीदें. ममता बनर्जी को अपनी हार दिख रही है।’ उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अतिक्रमणकारियों को लाभ और हमारी नैतिकता बनी रहेगी। देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते: अमित शाह उन्होंने कहा, ‘इस देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते।’ आधार कार्ड बनाना, पंचायत का नाम बदलना, घुसपैठिए आ गए तो उन्हें गांव में रहना और सीमा में जमीन पर कब्जा नहीं देना ये सब कहकर ममता बनर्जी कह रही हैं कि आप घुसपैठिए रोक लो। ये तो ऐसा है कि हाथ बांध दो और समंदर में डाल दो और कहो कि तैरकर बाहर आ जाओ। ऐसा नहीं हो सकता. मैं पूरे देश के महानुभावों से कहना चाहता हूं कि हम त्रिपुरा में घुसपैठिए के रूप में आएं। असम में वहां भी रुकें. ‘बंगाल में भी 5 मई को हमारी सरकार जाएगी और अतिक्रमण रोक देगी।’ बंगाल में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘सीएम ममता बनर्जी खुद कहती हैं कि शाम 7 बजे के बाद महिलाएं बाहर नहीं निकलतीं। ‘मैं ‘महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देना चाहती हूं’ ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव में ईडी की छापेमारी: बंगाल में नुसरत जहां ईडी की राय पर कौन-कौन, 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, कोलकाता के डीसीपी लापता
नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच तहसील के जयसिंहपुरा गांव में बुधवार को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। कार्रवाई के कुछ देर बाद 60 वर्षीय नानूराम जाटव की मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला और पुलिस बल बिना किसी पूर्व सूचना के जयसिंहपुरा के नई आबादी क्षेत्र में पहुंचा था। उनका दावा है कि संबंधित जमीन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक की नातिन ममता जाटव के अनुसार, जब उनके नाना ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कोर्ट केस का हवाला दिया, तो पुलिस ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच के पुत्र और पुलिस ने उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पुलिस पर वीडियो बना रहे परिजनों के मोबाइल छीनकर डेटा डिलीट करने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई और कथित मानसिक दबाव के कारण नानूराम को दिल का दौरा पड़ा, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से उस स्थान पर रह रहे हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के दामाद गोपाल जाटव को पहले 15 दिन के लिए जेल भेजा गया था। बुजुर्ग की मौत के बाद प्रशासन ने उनकी पुत्री से हस्ताक्षर कराकर गोपाल को मात्र 4 दिन में ही रिहा कर दिया। दूसरी ओर, एसडीएम संजीव साहू ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की गई थी और आगजनी की घटना स्वयं परिजनों द्वारा की गई थी। प्रशासन के अनुसार, यह जमीन डोम निर्माण के लिए चिन्हित है और नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। ममता जाटव ने बताया कि उनके घर पर तहसीलदार सरपंच पटवारी सहित पुलिस का अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। ममता ने बताया कि जब उसके नाना जी कार्रवाई का कारण पूछा तो अतिक्रमण हटाने की बात कहकर कार्रवाई करने लगे। जब उसके नाना ने बताया कि यहां सभी का अतिक्रमण है और सभी का हटाओ। और उक्त जमीन का केस कोर्ट में चल रहा है। इसी दौरान पुलिस ने उसके नाना जी से हाथापाई की और उनके साथ मारपीट की। उसके बाद उसके नाना जी वहां से चले गए थे और कुछ ही देर बाद उन्हें झंझारवाड़ा में दोनों का फैक्ट्री के यहां पड़े होने की सूचना मिली। ममता का कहना है कि उनकी मौत पुलिस एवं प्रशासन की प्रताड़ना के चलते हुए। ममता ने मांग की है कि उसको न्याय दिलाए जाए। और उनकी झोपड़ी में आग सरपंच के लड़के रमेश सुथार ओर पुलिस ने लगाई। और कार्रवाई के दौरान पेड़ भी गिराए गए हैं इस दौरान जब वीडियो बनाया जा रहे थे तो पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाकर मोबाइल छीनकर वीडियो भी डिलीट करवाए हैं। ममता का कहना है वह 40 सालों से रह रहे हैं। कि 2024 से उन्हें परेशान कर रहे हैं। करीब 5 वि बार ये कार्रवाई करने पहुंचे।
नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। दरअसल, मूवी रिलीज के वक्त अक्षय को अपनी नकली मूछ के लिए ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। आलोचकों का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। क्या था पूरा मामला? दरअसल ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर एक्टर्स अपने किरदारों के लिए महीनों पहले से तैयारी करते हैं और असली मूंछें-दाढ़ी बढ़ाते हैं, लेकिन अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नकली मूंछ का इस्तेमाल किया था। जब फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हुआ, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचकों और फैंस का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं और महज 40-45 दिनों में शूटिंग खत्म कर दी। लोगों ने इसकी तुलना ‘पद्मावत’ में रणवीर सिंह की मेहनत से की, जिससे यह बहस छिड़ गई कि क्या अक्षय अपने प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त समय और गंभीरता नहीं दे रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।
नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।
तड़का छाछ रेसिपी: गर्मियों में घर पर जरूर बनाएं तड़का वाला छाछ, बाजार से नहीं चाहिए तड़का छाछ; नोट करें आसान उपाय

तड़का छाछ सिर्फ प्यास ही नहीं दबती, बल्कि पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। डाले जाने वाले प्रोटोटाइप जैसे जीरा, कैरी पत्ता और हींग पेट को ठंडक देते हैं और गैस-अपच से राहत दिलाते हैं। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 1 कप छोटा दही, 2 कप ठंडा पानी, 1/2 छोटा बड़ा काला नमक, स्वादानुसार नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा पाउडर, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल या घी, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1 हरी मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1 हरी मिर्च छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को एक बाउल में लें और उसे अच्छे से फेंट लें। अब इसमें ठंडा पानी के टुकड़े तैयार करें। इसमें नमक, काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर कैथेड्रल बढ़िया से भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक अब छोड़ा तड़का: एक छोटी चटनी में तेल या घी गर्म करें। इसमें राई, जब ये चटकने लगे तो करी पत्ते, हींग और हरी मिर्च दाल शामिल है। गैस बंद करें और इस मॉडल को तैयार करें छाछ डाल में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया मिक्स करें और अनंत-ठंडी सर्व करें। छाछ को ठंडा करके पीने से सबसे ज्यादा मज़ा आता है। आप इसमें पुदीना पत्ते भी डाल सकते हैं, इससे और ताज़ा स्वाद मिलेगा। छवि: फ्रीपिक पाउडर की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं। यह शरीर को ठंडा रखता है और पाचन में मदद करता है। साथ ही, डिजिटलीकरण से सीख है। प्रभाव और लो-कैलोरी पेय है। छवि: एआई
किसानों की समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन करेंगे विधायक:विदिशा में उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था, तुलाई में देरी; 7 दिन का दिया अल्टीमेटम

शमशाबाद से भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने किसानों की समस्याओं पर अपनी ही सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे खुद किसानों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। नटेरन, विदिशा और शमशाबाद क्षेत्र से आए भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सूर्य प्रकाश मीणा से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाओं, तुलाई में देरी और अन्य परेशानियों को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि हर साल 20 अप्रैल तक तुलाई प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार व्यवस्थाएं अभी भी शुरुआती चरण में हैं, जिससे किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक मीणा ने कहा कि वे इस ज्ञापन को लेकर जल्द ही कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उपार्जन व्यवस्था में सुधार की मांग उठाने का आश्वासन दिया। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे स्वयं किसानों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने किसानों से भी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह का रुख अपनाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर ऐसे तेवर विपक्ष की ओर से देखने को मिलते हैं, लेकिन भाजपा विधायक का यह बयान अलग संदेश दे रहा है। इससे पहले, पूर्व विधायक शशांक भार्गव भी उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। कांग्रेस पार्टी भी उपार्जन संबंधी परेशानियों को लेकर ज्ञापन सौंप चुकी है। भारतीय किसान संघ ने भी किसानों से आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है। लगातार हो रही देरी और अव्यवस्थाओं के चलते किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।






