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कैंसर की लड़ाई में DU का बड़ा कदम! इस कॉलेज में हाइटेक लैब तैयार, छात्र भी कर सकेंगे रिसर्च

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Last Updated:April 18, 2026, 06:08 IST Delhi University College Cancer Research Lab: दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीआर कॉलेज में एनडीसीआरएल के तहत नैनो आधारित कैंसर रिसर्च और बायो सेफ्टी लैब शुरू होने वाली है. अब यहां पीएचडी छात्रों को भी ट्रेनिंग का मौका मिलेगा, साथ ही नौकरी के अवसर बढ़ेंगे. डीआर कॉलेज जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी का प्रमुख गर्ल्स कॉलेज है. यहां पर स्थित न्यूरोफार्माकोलॉजी, ड्रग डिलीवरी एंड कैंसर रिसर्च लेबोरेटरी (NDCRL) कैंसर के लिए नैनो-आधारित उपचारों पर भी अब रिसर्च शुरू कर दी गई है. इसके लिए नई लैब बनाई जा चुकी है. इस लैब में बायो सेफ्टी मशीन लाई गई है, जिस पर छात्र-छात्राओं को पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है. इस लैब की खासियत यह होगी कि इस लैब में कैंसर के साथ-साथ ऐसी बीमारियां जो संक्रमित या संक्रमण से जुड़ी हुई होती हैं, उनकी बारीकी से जांच की जाएगी. यहां पर बायो सेफ्टी केबिन के अंदर यह जांच की जाती है और पीएचडी की तैयारी कर रहे खासतौर पर छात्र-छात्राओं को इसमें रिसर्च करने के साथ ही ट्रेनिंग भी मिलेगी. जो भविष्य में उनके लिए नौकरी के अवसर खोल देगी. इस बायो सेफ्टी मशीन की खासियत यह है कि इसी केबिन में छात्र-छात्राओं को कैंसर समेत विभिन्न बीमारियों की जांच कैसे की जाती है, यह बताया जाएगा. यह मशीन एक तरह की केबिन होती है. इसके अंदर ही सारी जांच होती है. इससे बाहर कोई भी इन्फेक्शन ना निकल पाए. उसकी पूरी व्यवस्था होती है और सबसे खास बात यह है कि इस मशीन पर छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया जा चुका है. Add News18 as Preferred Source on Google यही नहीं, इस नई रिसर्च लैब के खासियत यह है कि यहां पर जो भी रिसर्च की जाएगी. वह पब्लिश भी होगी और उसे पॉलिसी मेकर्स के पास भी भेजा जाएगा, जिस वजह से छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर पीएचडी करके सरकारी डिपार्टमेंट के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों समेत एम्स जैसे अस्पताल में ट्रेनिंग या इंटर्नशिप करने के साथ ही नौकरी करने की अवसर भी काफी हद तक खुल जाएंगे. यही नहीं, इस लैब में कई और भी नई मशीन ऐसी हाईटेक लगाई गई हैं, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए किसी भी दूसरे कॉलेज में नहीं है. यह कैंसर की जांच करने वाली पहली लैब है. जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के किसी कॉलेज में स्थापित की गई है. इस लैब की वजह से तमाम रिसर्च हो सकेंगी और छात्र-छात्राओं के साथ ही प्रोफेसर्स के लिए भी यह लैब काफी फायदेमंद साबित होगी. First Published : April 18, 2026, 06:08 IST

हिमाचल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद:विप्लव बोलीं- जल्दबाजी में शिमला बैठकर फैसला, 71 प्रेसिडेंट में एक भी महिला नहीं

हिमाचल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद:विप्लव बोलीं- जल्दबाजी में शिमला बैठकर फैसला, 71 प्रेसिडेंट में एक भी महिला नहीं

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, कांग्रेस ने 71 ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें में एक भी महिला को जगह नहीं मिली, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की आबादी करीब 25-27 प्रतिशत है, इस वर्ग से 17 ब्लॉक अध्यक्ष (लगभग 24%) तैनात किए गए, जबकि 5-6 प्रतिशत आबादी वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से 8 अध्यक्ष (लगभग 11%) लगाए गए। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कांग्रेस संगठन में एक भी महिला ऐसी नहीं थी, जिसे नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सके, या फिर यह सीधी अनदेखी का मामला है। विधायकों की सिफारिश पर नियुक्तियां: विप्लव ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और इनकी तैनाती से पहले संगठन को मजबूत करने के पहलुओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां विधायकों और बड़े नेताओं की सिफारिश पर की गई हैं, जिससे जमीनी स्तर का संतुलन प्रभावित हुआ है। प्रदेश प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल विप्लव ठाकुर ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभारी केवल शिमला में बैठक कर लौट जाती हैं, जबकि प्रदेश के 11 अन्य जिलों में जाकर जमीनी फीडबैक लेना चाहिए। उनका कहना है कि शिमला में केवल पहुंच वाले लोग ही अपनी बात रख पाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती। विप्लव ठाकुर की तरह अन्य महिला नेत्रियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर सवाल उठाए और कहा कि यह सूची प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की मंजूरी से जारी की गई है। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। आशा कुमारी बोलीं- महिला कांग्रेस में मिलेगा स्थान वहीं, पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि भले ही महिलाओं को ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया, लेकिन उन्हें महिला कांग्रेस कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 33% आरक्षण की चर्चा के बीच बढ़ी बहस कांग्रेस संगठन में इसे लेकर असंतोष है। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं, जब राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर चर्चा हो रही है। पंचायतों में 52 फीसदी से ज्यादा महिलाएं जीतकर आती है हिमाचल की पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। इस वजह से पंचयातों में लगभग 52 फीसदी से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आती है क्योंकि कुछ महिलाएं एससी, कुछ एसटी, कुछ ओबीसी कोटे तो कई ओपन सीट से भी चुनाव जीतकर आती है। इसी तरह, मौजूदा विधानसभा में भी कांग्रेस की दो महिला विधायक है।

फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने सैंपल लिए:सस्पेंडेड लाइसेंस से मप्र में खपा दी डायलिसिस किट, सिंगापुर से भी इम्पोर्ट

फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने सैंपल लिए:सस्पेंडेड लाइसेंस से मप्र में खपा दी डायलिसिस किट, सिंगापुर से भी इम्पोर्ट

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में घातक रसायनों वाली डायलिसिस किट सप्लाई के मामले में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और मप्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने देवास नाका स्थित एमके ब्रदर्स से दवाओं के सैंपल जब्त किए। इधर, भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ कि करीब दो साल पहले सस्पेंड हो चुके लाइसेंस से थाइलैंड से संदिग्ध डायलिसिस किट भेजी गई। इसके अलावा बिना वैध इम्पोर्ट लाइसेंस के सिंगापुर से भी डायलिसिस किट मंगाने के दस्तावेज मिले हैं। भास्कर को मिले दस्तावेजों के मुताबिक थाइलैंड की बक्सटर कंपनी ने किडनी केयर बिजनेस अलग कर 10 जनवरी 2024 को ‘वैनटिव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ बनाई। नियमों के मुताबिक- कंपनी के गठन या पते में बदलाव होता है, तो मौजूदा सर्टिफिकेट 90 दिन तक ही वैध माना जाता है। मप्र में किट सप्लाई करने वाली एमके ब्रदर्स ने 25 अगस्त 2025 को स्वीकार किया था कि वैनटिव कंपनी के पास आयात लाइसेंस नहीं है। वे पुराने लाइसेंस पर ही काम कर रही हैं। मतलब अप्रैल 2024 के बाद मप्र में सप्लाई की गई सभी डायलिसिस किट, फ्लुइड और उपकरण बिना वैध लाइसेंस के बेचे गए। ये सैंपल लिए गए 1.Peritoneal Dialysis Solution (2.5% Dextrose – IP): बैच नंबर A25D035, मैन्युफैक्चरर- बक्सटर थाईलैंड 2.Peritoneal Dialysis Solution (1.5% Dextrose – IP): बैच नंबर A25E049, मैन्युफैक्चरर- बक्सटर थाईलैंड 3.Extraneal (7.5% Icodextrin): बैच नंबर S25L08009, मैन्युफैक्चरर- वैनटिव मैन्युफैक्चरिंग, सिंगापुर

मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।

मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।

कुल्लू में गाड़ी पर गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें:ड्राइवर ने भागकर बचाई जान, बारिश से लैंडस्लाइड, आज-कल 5 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट

कुल्लू में गाड़ी पर गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें:ड्राइवर ने भागकर बचाई जान, बारिश से लैंडस्लाइड, आज-कल 5 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के मणिकर्ण में आज सुबह लैंडस्लाइड हो गया। इसका मलबा और चट्टानें सड़क से गुजर रही गाड़ी पर गिरीं, जिससे गाड़ी चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लैंडस्लाइड की यह घटना बरशैणी घट्टीगढ़ पॉइंट की है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से पहले थोड़ा मलबा गिरा। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी से बाहर भागा। देखते ही देखते बड़ी-बड़ी चट्टानें भी गाड़ी पर गिर गईं। बता दें कि, प्रदेश में अप्रैल में सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। बीती रात में भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सलापड़ में सबसे ज्यादा 21.0 मिमी, सलूणी 18.3 मिमी, कुकुमसैरी 14.4, सांगला 7.8, कल्पा 5.2, सराहन 3.0, भरमौर 2.0, सियोबाग 1.8 और जोगेंद्रनगर में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल पांच जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य के कई भागों में शनिवार और रविवार भी बारिश जारी रहने के आसार है। IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि निचले और मध्यम क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है। भुंतर का पारा 8.2 डिग्री गिरा प्रदेश के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों में भी मौसम खराब रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू के भुंतर का अधिकतम तापमान 8.2 डिग्री गिरने के बाद 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली का पारा भी 6.4 डिग्री कम होने के बाद 18.0 डिग्री रह गया है। इसी तरह सुंदरनगर में 4.6 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 28.2 डिग्री और मंडी में 5.3 डिग्री की गिरावट के बाद 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान में गिरावट देखी गई है, जिससे ठंड का असर फिर महसूस होने लगा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस 20 अप्रैल तक रहेगा एक्टिव मौसम विभाग ने 20 अप्रैल को भी अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। हालांकि, 21 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है। वहीं, 23 अप्रैल से एक बार फिर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।

खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर:MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट

खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर:MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीजन में पहली बार टेम्पेरेचर 43.2 डिग्री पहुंचा। यह छतरपुर के खजुराहो में दर्ज किया गया। वहीं, 9 शहरों में पारा 42 डिग्री से ज्यादा रहा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने शनिवार को 16 जिलों में हीट वेव यानी, लू की चेतावनी जारी की है। भोपाल में शनिवार से ही स्कूल नए समय तक लगेंगे। मौसम विभाग ने आज जिन जिलों में लू का अलर्ट जारी किया, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। भास्कर ने दिखाई हकीकत…12 जिलों में स्कूलों का समय बदला भीषण गर्मी की वजह से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। तेज धूप के बीच वे घर लौट रहे थे। ऐसे में उनकी सेहत बिगड़ने का डर भी था। इसलिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश के हालात दिखाए। नतीजा यह रहा कि कलेक्टरों ने स्कूलों का समय बदल दिया। राजधानी भोपाल में स्कूल सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए। वहीं, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बालाघाट, मैहर, रतलाम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रायसेन, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भी नई टाइमिंग तक ही स्कूल लगेंगे। देखिए शुक्रवार की तस्वीरें… सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। गर्मी में ऐसे रखें ध्यान… फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45

IPL में आज बेंगलुरु और दिल्ली की भिड़ंत:RCB की नजर घर में लगातार चौथी जीत पर; खराब फॉर्म से जूझ रही है कैपिटल्स

IPL में आज बेंगलुरु और दिल्ली की भिड़ंत:RCB की नजर घर में लगातार चौथी जीत पर; खराब फॉर्म से जूझ रही है कैपिटल्स

IPL 2026 में शनिवार को अपने घरेलू मैदान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। RCB की कोशिश होगी कि वह अपने घरेलू मैदान पर लगातार चौथी जीत दर्ज करे। RCB के पास जोश हेजलवुड की अगुआई में एक सक्षम गेंदबाजी यूनिट है। टीम के उप-कप्तान जितेश शर्मा ने कहा कि टीम चिन्नास्वामी की पिच के हिसाब से रणनीतिक रूप से काम कर रही है। यही कारण है कि वे इस सीजन अपने घर में अजेय रहे हैं। अगर दिल्ली के बल्लेबाज अपनी तकनीक में सुधार नहीं करते हैं, तो यह मुकाबला भी एकतरफा हो सकता है। वहीं, दोनों टीमों के बीच अब तक 33 मैच खेले गए हैं, जिनमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 19 मुकाबले जीते हैं। जबकि दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 12 मैचों में जीत मिली है। इसके अलावा एक मैच टाई रहा है और एक मुकाबले का कोई परिणाम नहीं निकल सका। पिछले साल दोनों के बीच खेले गए दो मुकाबले में से दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता है। RCB ने अरुण जेटली स्टेडियम में और DC ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मैच अपने-अपने नाम किया है। कोहली के पास ऑरेंज कैप, लेकिन अब पूरी टीम फॉर्म में इस सीजन में भी सभी की नजरें विराट कोहली पर टिकी हैं और उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया है। कोहली फिलहाल ‘ऑरेंज कैप’ होल्डर हैं। हालांकि, इस बार खास बात यह है कि RCB की बल्लेबाजी सिर्फ कोहली पर निर्भर नहीं है। कप्तान रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल, फिल सॉल्ट और टिम डेविड ने शानदार पारियां खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। कोहली अब ज्यादा खुलकर खेल पा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि मिडिल ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। छक्के लगाने में रजत पाटीदार सबसे आगे RCB के कप्तान रजत पाटीदार इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर हैं। पाटीदार ने 5 मैचों में 21 छक्के जड़े हैं। वे राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी से तीन छक्के आगे हैं। पाटीदार की पावर हिटिंग दिल्ली के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। दिल्ली के अनुभवी खिलाड़ी फेल, समीर रिजवी अकेले लड़ रहे दिल्ली कैपिटल्स की टीम अब तक अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन तलाशने में जुटी है। टीम में केएल राहुल, डेविड मिलर और पथुम निसांका जैसे अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद निरंतरता की कमी साफ दिख रही है। दिल्ली फिलहाल टेबल में 5वें नंबर पर है, लेकिन पिछले दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने जरूर दो हाफ सेंचुरी लगाकर संघर्ष दिखाया है, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिल रहा। कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल और स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की फॉर्म है। अक्षर ने 4 मैचों में केवल 3 विकेट लिए हैं और बल्ले से भी वे फ्लॉप रहे हैं। वहीं, कुलदीप यादव काफी महंगे साबित हो रहे हैं और 10 की इकोनॉमी से रन लुटा रहे हैं। तेज गेंदबाजी में मुकेश कुमार और टी. नटराजन भी टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं। पिच रिपोर्ट बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां पर गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है। स्टेडियम छोटा होने की वजह से चौके-छक्के भी यहां खूब लगते हैं। गेंदबाजों को यहां ज्यादा मदद नहीं मिलती है। तेज गेंदबाजों को शुरू में थोड़ी मदद मिलती है। स्पिन गेंदबाजों को बीच के ओवर में थोड़ा फायदा मिलता है, लेकिन ज्यादा नहीं। टॉस जीतना जरूरी होता है। यहां टीमें अक्सर पहले गेंदबाजी करती हैं, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान होता है। अब तक IPL में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कुल 103 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 44 तो दूसरी बैटिंग करने वाली टीम ने 55 मुकाबले जीते हैं। चार मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं इस सीजन यहां पर 3 मैच खेले गए हैं। दो मैचों में स्कोर 200 प्लस बने हैं। जबकि एक मैच में लखनऊ 146 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी। मौसम बेंगलुरु में शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को मौसम थोड़ा धूप वाला रहेगा। तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस रहेगा, इसलिए दोपहर में गर्मी ज्यादा होगी। नमी करीब 28 प्रतिशत रहेगी, जिससे मौसम थोड़ा ठीक महसूस होगा। धूप तेज रहेगी। हवा हल्की चलेगी और बारिश की संभावना लगभग 10 प्रतिशत है, यानी बारिश की उम्मीद बहुत कम है। इसलिए पूरा मैच बिना रुकावट के होने की संभावना है। संभावित प्लेइंग 11 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, अभिनंदन सिंह। इम्पैक्ट प्लेयर: वेंकटेश अय्यर। DC: दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन। इम्पैक्ट प्लेयर: समीर रिजवी।

लिवर को बीमारियों से कैसे बचाएं? आयुष मंत्रालय के बताए आसान उपाय, डाइट में शामिल करें ये फल-पत्ते

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Last Updated:April 18, 2026, 03:01 IST Healthy Foods For Liver: आज के समय में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में आयुष मंत्रालय आयुर्वेदिक खानपान और सही जीवनशैली अपनाने की सलाह देता है. डाइट में यहां बताए गए फलों और पत्तों को शामिल करके आप अपने लिवर को काफी हद तक बीमारियों से बचाकर रख सकते हैं. ख़बरें फटाफट लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है. यह खून को साफ करने, पाचन को बेहतर बनाने और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. लेकिन आजकल की तेज और गलत जीवनशैली, बाहर का तला-भुना खाना और अनियमित दिनचर्या लिवर को नुकसान पहुंचा रही है. लिवर की सेहत के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ खास फल और पत्ते लिवर को स्वस्थ रखने में बहुत मददगार होते हैं. आंवला से लेकर पपीता तक कई चीजें लिवर के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं. आयुष मंत्रालय के बताए आसान उपायआयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेदिक खानपान और सही जीवनशैली अपनाकर लिवर को मजबूत बनाया जा सकता है. विश्व लिवर दिवस पर भी लोगों को प्राकृतिक और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी जा रही है. फलों और पत्तों को रोजाना की डाइट में शामिल करना चाहिए. इन्हें आप ताजा खा सकते हैं, जूस बनाकर पी सकते हैं या सलाद में शामिल कर सकते हैं. लिवर के लिए हेल्दी फल आंवला– आंवला लिवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर को साफ करने में मदद करते हैं. आंवला या इसका जूस नियमित लेने से लिवर स्वस्थ रहता है. पपीता– पपीता पाचन को मजबूत करता है और शरीर से विषैले तत्व निकालने में मदद करता है. यह लिवर की सूजन को कम करने में भी सहायक है. अनार– अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और खून को साफ रखने में मदद करते हैं. अंगूर– अंगूर लिवर को डिटॉक्स करने और सूजन कम करने में उपयोगी होते हैं. संतरा और नींबू– ये फल विटामिन C से भरपूर होते हैं. सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से लिवर की सफाई में मदद मिलती है. ये पत्ते भी फायदेमंदकुछ पत्ते भी लिवर के लिए बहुत लाभकारी हैं. ऐसा ही एक पत्ता है माकोय के पत्ते. ये लिवर की सूजन और समस्याओं में राहत देते हैं. आयुर्वेद में इन्हें प्राकृतिक लिवर टॉनिक माना जाता है. वहीं मोरिंगा के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने के साथ लिवर को मजबूत बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यानतला-भुना खाना, जंक फूड और शराब से दूरी रखना जरूरी है. नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी लिवर के लिए बहुत जरूरी हैं. इस तरह सही खानपान और प्राकृतिक चीजों का सेवन करके लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 03:01 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

तमिलनाडु में ट्रैवलर सड़क से उतरी; 8 की मौत:केरलम के 13 पर्यटक सवार थे; हेयरपिन मोड़ पर हादसा; 5 की हालत गंभीर

तमिलनाडु में ट्रैवलर सड़क से उतरी; 8 की मौत:केरलम के 13 पर्यटक सवार थे; हेयरपिन मोड़ पर हादसा; 5 की हालत गंभीर

तमिलनाडु के वलपरई में शुक्रवार को सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तब हुआ, जब टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर हेयरपिन मोड़ से फिसलकर खाई में गिर गया। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी केरलम के पेरिंथलमन्ना से आए 13 पर्यटकों को लेकर वलपरई से लौट रहा था। 13वें हेयरपिन मोड़ पर संतुलन बिगड़ा और वाहन फिसलकर 9वें हेयरपिन मोड़ तक गिर गया हादसे में 1 पुरुष और 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस से पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। क्या होता है हेयरपिन मोड़ जब किसी ऊंचे पहाड़ पर चढ़ना होता है, तो सीधी सड़क बनाना मुमकिन नहीं होता । इसलिए, ऊंचाई पर धीरे-धीरे चढ़ने के लिए सड़क को सांप की तरह घुमावदार बनाया जाता है। जहां सड़क एकदम से मुड़कर वापस उसी दिशा के समानांतर हो जाती है, उसे ही हेयरपिन मोड़ कहते हैं। भारत में कोल्ली हिल्स (तमिलनाडु), सिल्क रूट (सिक्किम), मनाली-लेह हाईवे (हिमाचल प्रदेश) और नैनीताल (उत्तराखंड) में में प्रमुख और चर्चित हेयरपिन मोड़ हैं। प्रधानमंत्री ने दुख जताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया जताते हुए X पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना से वे बेहद दुखी हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, केरलम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में सड़क हादसे में युवक की मौत:दो अन्य गंभीर घायल, डंफर चालक फरार बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों बायपास के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…