Wednesday, 21 Oct 2026 | 08:10 PM

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अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को 20-20 साल की सजा:इंदौर में दो साल पुराने केस में फैसला; अन्य धाराओं में भी 4 साल का कारावास

अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को 20-20 साल की सजा:इंदौर में दो साल पुराने केस में फैसला; अन्य धाराओं में भी 4 साल का कारावास

इंदौर में दो साल पहले नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म प्रकरण के केस में कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी देवी सिंह (19 वर्ष), निवासी जिला धार को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट ने आरोपी को धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट और धारा 376(3) भादवि के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 366 भादवि में 3 वर्ष तथा धारा 506 भाग-2 भादवि में 1 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 3000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी महेन्द्र सिंह मुजाल्दे (विशेष लोक अभियोजक) द्वारा की गई। ऐसे हुआ था मामला दर्ज पीड़िता के पिता ने 6 मार्च 2024 को थाना बडगोंदा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री शाम 7.30 बजे पड़ोसी के घर टीवी देखने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका जताई गई। गुमशुदगी के आधार पर पुलिस ने धारा 363 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी से छुड़ाकर पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर शादी का झांसा दिया और बस से गुजरात के मोरवी ले गया, जहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। जांच के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पीड़िता का मेडिकल कराया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गवाहों के बयान दर्ज कर विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376(2)(एन), 506 भादवि एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में चालान पेश किया। दो साल तक सुनवाई चली। 16 अप्रैल को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास से दंडित किया।

ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक टैंकर से टकराया:चालक केबिन में फंसा, लोहे की बॉडी काटकर निकाला गया; हाईवे पर लग गया था जाम

ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक टैंकर से टकराया:चालक केबिन में फंसा, लोहे की बॉडी काटकर निकाला गया; हाईवे पर लग गया था जाम

ग्वालियर में तेज रफ्तार से आ रहे एक टैंकर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहा ट्रक उससे टकरा गया। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन में फंस गया। घटना पुरानी छावनी के सुसैरा कोठी हाइवे पर शुक्रवार शाम की है। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और पुरानी छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक चालक केबिन में फंसा हुआ था और उसके पैर बुरी तरह कुचल गए थे। उसे बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, आंध्र प्रदेश से केला लेकर जम्मू जा रहा ट्रक (क्रमांक JK22 D-5030) सुसैरा कोठी हाईवे पर पहुंचा था। तभी आगे चल रहे टैंकर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रक पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का केबिन टैंकर में घुस गया और चालक गंभीर रूप से घायल होकर अंदर फंस गया। हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कटर मशीन की मदद से ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला। इस दौरान हाइवे पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने संभालकर यातायात बहाल कराया। डॉक्टरों के अनुसार, चालक के पैर कुचल गए हैं, कई हड्डियां टूट गई हैं और काफी खून बह गया था। समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच सकी।

ओजोन थैरेपी से आर्थराइटिस का बिना सर्जरी इलाज संभव:स्ट्रोक और हार्ट अटैक में भी सहायक, दर्द से राहत बिना बड़ी सर्जरी

ओजोन थैरेपी से आर्थराइटिस का बिना सर्जरी इलाज संभव:स्ट्रोक और हार्ट अटैक में भी सहायक, दर्द से राहत बिना बड़ी सर्जरी

आज भी कई ऑर्थोपेडिक बीमारियां ऐसी हैं, जिनमें जॉइंट रिप्लेसमेंट को अंतिम इलाज माना जाता है। यह प्रक्रिया मरीजों के लिए लंबी और पीड़ादायक होती है। हालांकि अब अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों के जरिए कुछ मामलों में इन बीमारियों को रिवर्स करना संभव बताया जा रहा है। ऐसी ही एक उभरती तकनीक है ओजोन थैरेपी, जिस पर तीन दिवसीय 5वीं इंटरनेशनल ऑर्थोपेडिक कॉन्फ्रेंस में विस्तार से चर्चा की गई। स्काईलाइन रिजॉर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से शुरू हुए इस सम्मेलन में मुंबई से आए डॉ. प्रसन्न शाह ने बताया कि ओजोन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं। यह संक्रमण को रोकने, ऊतकों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने और तेजी से हीलिंग में सहायक है। उन्होंने कहा कि आर्थराइटिस, मांसपेशियों के दर्द और डायबिटिक फुट अल्सर जैसे जटिल घावों में ओजोन थेरेपी सपोर्टिव उपचार के रूप में उपयोगी साबित हो रही है। इससे कई मामलों में पैर काटने की नौबत टाली जा सकती है। डॉ. शाह के अनुसार, हिप जॉइंट के एवीएन (Avascular Necrosis) और घुटनों के ऑर्थराइटिस में बिना जॉइंट रिप्लेसमेंट के इलाज की संभावना बनती है। उनका दावा है कि समय रहते उपचार देने पर स्ट्रोक या हार्ट अटैक के मामलों में भी सकारात्मक परिणाम देखे गए हैं। ‘लर्न टुडे, इम्प्लीमेंट टुमारो’ थीम पर आयोजन कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरविंद वर्मा जांगिड़ ने बताया कि आयोजन की थीम “लर्न टुडे, इम्प्लीमेंट टुमारो” रखी गई है, जिसका उद्देश्य नई तकनीकों को सीधे प्रैक्टिस में लागू करना है। तीन दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में प्रतिदिन 3 से 4 शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। लेक्चर के साथ लाइव वर्कशॉप और बोन मॉडल्स पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि प्रतिभागी नई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। ऑर्गेनाइजिंग प्रेसिडेंट डॉ. एल. प्रकाश के मुताबिक कॉन्फ्रेंस में करीब 350 डेलीगेट्स और 42 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। इटली और नेपाल सहित कई देशों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। बिना ओपन सर्जरी फ्रैक्चर का इलाज इटली से आए डॉ. मारियो मिरोज ने ऐसी तकनीक पर सत्र लिया, जिसके जरिए गंभीर फ्रैक्चर का इलाज बिना ओपन सर्जरी के संभव है। वहीं नेपाल से डॉ. दीपेंद्र गुरुंग ने मिनिमल इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से जटिल फ्रैक्चर के उपचार पर प्रशिक्षण दिया। सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. डीके तनेजा ने ‘100 साल तक स्वस्थ कैसे जिया जाए’ विषय पर मार्गदर्शन दिया।

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री)ने देश की पहली ऐसी सड़क विकसित की है, जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क बिजली संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) और जियोपॉलिमर तकनीक की मदद से तैयार की गई है। पहले हो गई थी शुरुआत इस परियोजना की शुरुआत 2 फरवरी को एन कलईसेल्वी द्वारा की गई थी, जबकि इसका औपचारिक शुभारंभ विनोद कुमार की उपस्थिति में हुआ। इस नई तकनीक के कई पर्यावरणीय और तकनीकी फायदे हैं। पारंपरिक सीमेंट सड़कों की तुलना में इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग 83% तक कम होता है और निर्माण के दौरान 80% कम ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। सबसे खास बात यह है कि इस सड़क को बनाने के बाद पानी से क्योरिंग (तराई) की जरूरत नहीं होती। मजबूती की बात करें तो यह सड़क केवल 21 दिन में 35 से 40 एमपीए तक की ताकत हासिल कर लेती है, जो सामान्य सीमेंट से बनी सड़कों के बराबर मानी जाती है।

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।

पन्ना में दो बाइकों की भिड़ंत, मजदूर की मौत:तीन गंभीर घायल, रीवा रेफर; ठाकुर बाबा मोड़ के पास हुआ हादसा

पन्ना में दो बाइकों की भिड़ंत, मजदूर की मौत:तीन गंभीर घायल, रीवा रेफर; ठाकुर बाबा मोड़ के पास हुआ हादसा

पन्ना जिले के पहाड़ी खेरा रोड पर शुक्रवार को दो तेज रफ्तार बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक 25 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना ठाकुर बाबा मोड़ की है, जहां तेज रफ्तार के कारण दोनों बाइकों के चालकों ने नियंत्रण खो दिया था। कुछ दिन पहले ही मजदूरी कर घर लौटा था पुलिस के अनुसार, गिरवानी मोहल्ला निवासी रवि अहिरवार (24) और जित्तू रजक (25) पहाड़ी खेरा से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे रोहित आदिवासी (18) और उमा आदिवासी की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में जित्तू रजक की जान चली गई। वह जिले से बाहर मजदूरी करता था और कुछ ही दिन पहले अपने परिवार से मिलने घर आया था। एक गंभीर, मेडिकल कॉलेज रीवा भेजा हादसे के बाद स्थानीय लोगों और डायल 112 की मदद से सभी घायलों को पन्ना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सिविल सर्जन आलोक गुप्ता ने बताया कि घायल रोहित आदिवासी की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य दो घायलों का इलाज पन्ना में ही किया जा रहा है। घटना की जांच कर रही पुलिस पहाड़ी खेरा रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर ने बताया कि इस सड़क पर हादसे बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों की स्थिति का पंचनामा तैयार किया है।

आगर में निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा गोवंश:विवेकानंद कॉलोनी में लोगों ने बाल्टियों से पानी निकाला; क्रेन से किया रेस्क्यू

आगर में निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा गोवंश:विवेकानंद कॉलोनी में लोगों ने बाल्टियों से पानी निकाला; क्रेन से किया रेस्क्यू

आगर मालवा की विवेकानंद कॉलोनी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे एक निर्माणाधीन मकान के खुले पानी के टैंक में एक गोवंश गिर गया। स्थानीय गौ रक्षकों और गौ सेवकों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला। बाल्टियों से पानी निकाला, क्रेन से किया रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवक मौके पर पहुंचे और सबसे पहले टैंक में भरे पानी को बाल्टियों से बाहर निकाला। इसके बाद क्रेन बुलाई गई और करीब 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। खुले टैंकों को लेकर प्रशासन और नागरिकों से अपील हादसे के बाद गौ सेवकों ने नगर पालिका प्रशासन और आम जनता से निर्माण कार्यों के दौरान गड्ढे और टैंक खुले न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में कई स्थानों पर निर्माणाधीन टैंक खुले पड़े हैं, जो पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग गौ सेवकों ने बताया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। खुले टैंकों को ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को टाला जा सके।

तेंदूखेड़ा एसडीएम के रीडर को देवास पुलिस ने पकड़ा:खातेगांव में पदस्थ रहते हुए कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

तेंदूखेड़ा एसडीएम के रीडर को देवास पुलिस ने पकड़ा:खातेगांव में पदस्थ रहते हुए कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील में पदस्थ एसडीएम के रीडर ओमप्रकाश डेहरिया को देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देवास जिले के खातेगांव में पदस्थापना के दौरान कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश जारी करने और वित्तीय अनियमितताएं करने का गंभीर आरोप है। जबलपुर से हुई गिरफ्तारी देवास के बैंकनोट प्रेस (बीएनपी) थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश डेहरिया (30) को 13 अप्रैल को उसके जबलपुर स्थित निवास से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि खातेगांव में पदस्थ रहने के दौरान उसने नजूल शाखा के बाबूओं और दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। कलेक्टर के जाली हस्ताक्षर कर जारी किए आदेश पुलिस के अनुसार, रीडर ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए और अवैध आदेश पारित किए। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन बाबूओं और एक दलाल को गिरफ्तार कर चुकी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े के नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने की गिरफ्तारी की पुष्टि तेंदूखेड़ा एसडीएम पूजा सोनी ने बताया कि उन्हें रीडर ओमप्रकाश को देवास पुलिस द्वारा ले जाने की सूचना मिली है। हालांकि, उन्होंने रीडर की स्थानीय पदस्थापना के इतिहास के संबंध में अधिक जानकारी होने से इनकार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

Herbal Flower Tea: चमेली से गुलाब तक, गर्मियों में पिएं इन 10 फूलों की चाय, पूरे दिन बनी रहेगी ताजगी और एनर्जी

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Last Updated:April 17, 2026, 22:41 IST Herbal Flower Tea Benefits: चाय के शौकीन हैं लेकिन गर्मी में इससे गैस और एसिडिटी बनने लगती है. तो चाय पत्ती की जगह फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें. नियमित रूप से इनका सेवन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और गर्मी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं. हालांकि, अगर आपको किसी फूल से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ख़बरें फटाफट गर्मियों के मौसम में चाय पीना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. गरम चाय शरीर की गर्मी बढ़ा देती है, जिससे पसीना और थकान महसूस होती है. लेकिन अगर आप चाय के शौकीन हैं और गर्मी में भी ताजगी बनाए रखना चाहते हैं, तो फूलों से बनी हर्बल टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, फूलों में कई औषधीय गुण होते हैं. ये सिर्फ पूजा या सजावट के काम ही नहीं आते, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं. फूलों की चाय में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में सहायक होते हैं. गर्मियों में पिएं इन फूलों की चाय और जानें फायदे कमल के फूल की चाय गर्मी में बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर की गर्मी कम करती है, प्यास और जलन से राहत देती है और मन को शांत रखती है. गुड़हल (हिबिस्कस) की चाय विटामिन C से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है. गुलाब की चाय गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह मूड को बेहतर बनाती है, तनाव कम करती है और पाचन को भी सुधारती है। इसके अलावा यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद होती है. पारिजात (हरसिंगार) की चाय जोड़ों के दर्द, सूजन और बुखार में राहत देती है. बनफशा की चाय खांसी, सांस की दिक्कत और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी होती है. कृष्णकमल (पैशन फ्लावर) की चाय तनाव, चिंता और अनिद्रा को दूर करने में मदद करती है. मौलश्री की चाय बुखार, खांसी और त्वचा रोगों में लाभकारी मानी जाती है. विष्णुकांता की चाय दिमाग को शांत रखती है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है. इसके अलावा, सूरजमुखी और चमेली (जैस्मिन) की चाय भी शरीर को ठंडक देती है और तनाव कम करती है. लैवेंडर की चाय खासतौर पर रिलैक्स करने और अच्छी नींद के लिए जानी जाती है. कैसे बनाएं फूलों की चायफूलों की चाय बनाना बहुत आसान है. एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच ताजे या सूखे फूल डालें और 5–10 मिनट तक ढककर रखें. फिर इसे छान लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं. दिन में 1-2 कप पीने से शरीर ठंडा रहता है और मन शांत रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 22:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बालाघाट में लूट-चाकूबाजी के तीन आरोपी गिरफ्तार:जन्मदिन मनाने के बाद की थी वारदात; दो आरोपियों पर पहले से सात केस

बालाघाट में लूट-चाकूबाजी के तीन आरोपी गिरफ्तार:जन्मदिन मनाने के बाद की थी वारदात; दो आरोपियों पर पहले से सात केस

बालाघाट कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम जागपुरघाट में हुई लूट और चाकूबाजी की घटना के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रेमनगर निवासी मित बिसेन (18), अक्षय उर्फ प्रिंस वर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। गुरुवार देर शाम हुई इस वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। जन्मदिन मनाने के बाद लूट के इरादे से किया हमला पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मित बिसेन का जन्मदिन मनाने के बाद तीनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। जागपुरघाट में आरोपियों ने यूपेश लिल्हारे और पीयूष रूसे को रोककर मोबाइल और नकदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर मित ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों युवक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से पकड़ाए एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सात अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस ने रात भर तलाशी अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर तीनों को दबोच लिया। घायल पीयूष की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पहले से सात मामले दर्ज पकड़े गए आरोपियों में से मित बिसेन और अक्षय वर्मा शातिर अपराधी हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर मारपीट और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के पहले से सात मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लूट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।