ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर सतना में हंगामा:परिजनों ने शव रखकर जाम किया; 20 करोड़ मुआवजा और डॉक्टरों पर केस की मांग

सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में पैक हो रहा था नकली टाटा नमक:840 पैकेट और 1850 किलो कच्चा माल मिला, दिल्ली से बुलवाता था पैकिंग का सामान

इंदौर के एरोड्रम इलाके में टाटा नमक की नकली पैकिंग करने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। यहां से 840 पैकेट नकली नमक और 1850 किलो कच्चा माल और मशीनरी जब्त की। पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी दिल्ली से पैकेजिंग का सामान बुलवाता था। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एरोड्रम टीआई तरुण सिंह भाटी ने बताया कि इंदौर में टाटा कंज्यूमर प्रोटक्ट लिमिटेड के टेक्निकल एक्सपर्ट ने लिखित शिकायत की थी कि इंदौर में कंपनी के ब्रांड टाटा नमक की नकली पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जा रहा है। इससे कंपनी और शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लोकनायक नगर में एक जगह पर दबिश दी और मौके से जितेंद्र गुप्ता को पकड़ा। वह बड़े स्तर पर नकली नमक की पैकेजिंग करने का काम कर रहा था। उसके पास से लगभग 1 लाख रुपए से ज्यादा माल जब्त किया है। इसमें मुख्य रूप से 840 पैकेट (1 किलो) नकली टाटा नमक, 1850 किलो कच्चा नमक, 980 खाली ब्रांडेड पैकेजिंग, 32 खाली कट्टे, वेइंग मशीन, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और डिजिटल तराजू जब्त किया है। दिल्ली से बुलवाता था पैकेजिंग का सामान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नकली पैकेजिंग का सामान (ब्रांडेड कट्टे/पॉलीथिन) दिल्ली से मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर सस्ते कच्चे नमक को पैक कर टाटा नमक के नाम से आसपास के इलाकों में बेचता था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।
विधायक बोले- सरपंच पति-पार्षद पति सुनकर बुरा लगता:सिंगरौली में नारी शक्ति सम्मेलन में कहा- मानसिकता बदलना जरूरी

सिंगरौली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विधायक रामनिवास शाह का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 33% आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक तो मिलेगा, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब ‘सरपंच पति’ जैसी मानसिकता खत्म होगी। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। ‘सरपंच पति’ वाली सोच बदलनी होगी विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहते हैं, इसीलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी माना कि आज भी कई जगहों पर महिलाएं खुलकर काम नहीं कर पा रही हैं और उनके अधिकारों का इस्तेमाल घर के पुरुष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को ‘सरपंच पति’ या ‘पार्षद पति’ वाले ढर्रे से बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। महिलाओं ने किया समर्थन कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी विधायक की बात का समर्थन किया। एक महिला हितग्राही ने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पति के पद से होना गलत है, उन्हें खुद आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। प्रधानमंत्री का संबोधन और सम्मान प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
आलीराजपुर के टॉकीज चौराहे पर डीपी में लगी आग:आबकारी नियंत्रण कक्ष के पास पोल से 15 फीट ऊंची उठीं लपटें; आधे शहर की बिजली गुल

आलीराजपुर नगर के व्यस्त टाकीज चौराहे पर सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक डीपी में आग लग गई। आबकारी नियंत्रण कक्ष के समीप स्थित पोल से अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 15 फीट ऊंची उठीं लपटें प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डीपी से करीब 15 फीट ऊंची लपटें उठ रही थीं। शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच लोगों ने तुरंत अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाया और बिजली विभाग को सूचना दी। आग की तीव्रता के कारण पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। दमकल और बिजली कंपनी ने पाया काबू सूचना मिलते ही बिजली कंपनी की टीम और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई बंद कर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के लोगों को दूर कर दिया गया था। आधे नगर में छाया अंधेरा इस हादसे के कारण आलीराजपुर नगर के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में 1 से 2 घंटे का समय लग सकता है। विभाग अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप:सपा ने कहा- नियमों को दरकिनार कर हुआ भुगतान; FIR दर्ज करने की मांग

जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग में 1.75 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राशि का भुगतान नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया। इस घोटाले में पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी पर राशि के गबन का आरोप है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि भोपाल की सिंह एंटरप्राइजेज नामक एक फर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि यह फर्म केवल 15 दिन पुरानी थी। इसके अतिरिक्त, स्टॉक रजिस्टर में सामग्री की प्राप्ति दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कोई भी सामान उपलब्ध नहीं पाया गया। समाजवादी पार्टी ने इस मामले के मीडिया में आने के 11 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार दिया है। समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय एडवोकेट दीपांशु साहू, शैलेंद्र सिंह, सीता कुशवाहा, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, राम बालक पटेल, कमलेश पटेल, बेनी प्रसाद उड़िया, देवेंद्र यादव, शुभम अहिरवार, राजेंद्र पटेल, अभिषेक शर्मा और अब्दुल कयूम सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। नई दिल्ली: शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026 को इंदिरा भवन, नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी नेता राहुल गांधी, बाएं और केसी वेणुगोपाल के साथ। (पीटीआई फोटो/सलमान अली) (पीटीआई04_10_2026_000179बी) कर्नाटक के लगभग 30 कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल के लिए दबाव डाला और मंत्री पद की मांग की। विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। बैठक के बाद बोलते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने कहा कि खड़गे ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं पर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, ”हमारा एकमात्र मुद्दा फेरबदल को लेकर है और हम किसी अन्य विषय पर नहीं जाएंगे… हम किसी के भी मंत्री बनने से खुश हैं।” उन्होंने कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी मौका दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में एसएन नारायणस्वामी, के शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुत्तरंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण जैसे कई अनुभवी विधायक शामिल थे। उनमें से कई कई बार के विधायक हैं, जो मानते हैं कि सरकार में अधिक वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने के लिए कैबिनेट में बदलाव का समय आ गया है। पैटन ने दोहराया कि समूह की यात्रा एक “एक सूत्री कार्यक्रम” थी जो कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल पर केंद्रित थी। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु लौटने से पहले वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगे की चर्चा का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा, “यह केवल एक सूत्रीय कार्यक्रम है। हम आए हैं, 30 सदस्य हैं, हम केवल आए हैं, हम कर्नाटक सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए कह रहे हैं।” पार्टी सूत्रों ने पहले कहा था कि अगर आलाकमान फेरबदल पर सहमत होता है, तो यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में मौजूदा नेतृत्व में स्थिरता का संकेत दे सकता है, जिससे पता चलता है कि वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। यह राज्य इकाई के भीतर आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकता है। कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्रियों की स्वीकृत शक्ति है। वर्तमान में, हाल के घटनाक्रमों के बाद दो पद रिक्त हैं, जिनमें एक इस्तीफा और अलग-अलग मुद्दों से जुड़ी एक बर्खास्तगी शामिल है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST समाचार राजनीति कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कर्नाटक कांग्रेस विधायकों(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे की बैठक(टी)सिद्धारमैया सरकार(टी)मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधित्व की मांग(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कैबिनेट में फेरबदल कर्नाटक(टी)वरिष्ठ विधायक कांग्रेस
दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी

पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबी वहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।
सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था

सतना में एक सूने घर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई। कोलगवां थाना क्षेत्र के बाईपास उतैली स्थित संजय कुशवाहा के घर से चोरों ने 20 हजार रुपए नकद और करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना सोमवार दोपहर को हुई, जब परिवार रीवा गया हुआ था। संजय कुशवाहा अपने परिवार के साथ सोमवार सुबह लगभग 11 बजे रीवा गए थे। शाम 5 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का मुख्य ताला टूटा था। अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। कुशवाहा ने बताया कि चोरों ने तिजोरी में रखे 20 हजार रुपए नकद और लगभग 5 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना की सूचना मिलने पर कोलगवां पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस चोरी की वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की संभावना है।
डल स्किन से परेशान? रोज पिएं ये जूस, कुछ ही दिनों में दिखेगा जबरदस्त ग्लो

Last Updated:April 13, 2026, 20:57 IST ABC Juice Health Benefits: सेब, चुकंदर और गाजर का जूस गर्मी और प्रदूषण में स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को जरूरी विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देता है, जिससे त्वचा में नैचुरल ग्लो आता है और वह टाइट बनी रहती है. ख़बरें फटाफट स्किन के लिए पूरा न्यूट्रिशन पैक. (AI Image) आजकल गर्मी, धूल और प्रदूषण के कारण त्वचा की चमक जल्दी फीकी पड़ने लगती है. ऐसे में सिर्फ बाहरी स्किनकेयर से ज्यादा असर नहीं दिखता, बल्कि अंदर से शरीर को पोषण देना जरूरी होता है. इसी वजह से सेब, चुकंदर और गाजर से बना नैचुरल जूस तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जो त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाकर नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सेब, चुकंदर और गाजर का यह मिक्स जूस शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स देता है. यह त्वचा की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है और डल स्किन में जान डालता है. खासतौर पर जिन लोगों की स्किन बेजान हो गई है या जिन पर जल्दी एजिंग के साइन दिखने लगे हैं, उनके लिए यह जूस काफी फायदेमंद माना जाता है. सेब बढ़ाता है स्किन की टाइटनेससेब में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में कोलेजन बनने की प्रक्रिया को तेज करता है. कोलेजन त्वचा को टाइट और यंग बनाए रखने में मदद करता है. इसके साथ ही सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और त्वचा को डैमेज होने से बचाते हैं. यह स्किन को हाइड्रेट रखकर उसमें नैचुरल ग्लो लाने में भी मदद करता है. चुकंदर करता है खून साफचुकंदर को नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है. इसमें मौजूद नाइट्रेट्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे त्वचा तक ज्यादा ऑक्सीजन और पोषण पहुंचता है. इससे चेहरा साफ और चमकदार दिखने लगता है. साथ ही, चुकंदर लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा हेल्दी बनती है. गाजर देता है विटामिन Aगाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है. यह त्वचा की मरम्मत करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है. विटामिन A स्किन को ड्राई होने से बचाता है और उसे सॉफ्ट व स्मूद बनाए रखता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 20:57 IST
MP में कल बैंकें बंद रहेंगी, आदेश जारी:40 हजार बैंककर्मी कर रहे थे मांग; वित्तीय संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा

अंबेडकर जयंती पर मध्य प्रदेश की बैंक और वित्तीय संस्थाओं में भी 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इसे लेकर राज्य शासन ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन ने सोमवार को आदेश जारी किया। जिसमें निगोशिएबल इंन्स्ट्रूमेंटस एक्ट के तहत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उल्लेख है। आदेश के बाद मंगलवार को प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी। वहीं, करीब 40 हजार बैंककर्मियों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय 9 अप्रैल को जारी कर चुका लेटर इससे पहले वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र 9 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जिससे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि यह निर्णय देश के महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति भी है।







