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गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात के सुरेंद्रनगर में सोमवार सुबह लखतर-विरामगाम नेशनल हाईवे पर एक ट्रक ने पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। घायलों को सुरेंद्रनगर के अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे लखतर पुलिस इंस्पेक्टर योगेश पटेल ने बताया कि घटना लखतर-विरामगाम हाईवे पर रात करीब रात करीब 1:30 बजे हुई। तीर्थयात्रियों का एक ग्रुप पैदल राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने सभी को कुचल दिया। हादसे में छह तीर्थयात्रियों और सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ड्राइवर की मौत हो गई। मृतकों में 5 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। फरार ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एक श्रद्धालु ने बताया- राजकोट के दत्ता गांव से ठाकर के दर्शन करने के बाद हम लोग राजबाई मानी का झंडा फहराने के लिए विरामगाम जा रहे थे। सभी लोग सड़क किनारे चल रहे थे। तभी लखतर-विरामगाम हाईवे पर फुल स्पीड में आ रहे एक ट्रक ने पीछे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन हादसा-नाव पर ढोलक बजा रहे युवक की लाश मिली:युवती का शव भी उतराकर बाहर आया; अब तक 15 की मौत, एक लापता मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे के बाद सोमवार को चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुबह 8 बजे यमुना नदी में 2 लाशें मिलीं। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात के सुरेंद्रनगर में सोमवार सुबह लखतर-विरामगाम नेशनल हाईवे पर एक ट्रक ने पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। घायलों को सुरेंद्रनगर के अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे लखतर पुलिस इंस्पेक्टर योगेश पटेल ने बताया कि घटना लखतर-विरामगाम हाईवे पर रात करीब रात करीब 1:30 बजे हुई। तीर्थयात्रियों का एक ग्रुप पैदल राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने सभी को कुचल दिया। हादसे में छह तीर्थयात्रियों और सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ड्राइवर की मौत हो गई। मृतकों में 5 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। फरार ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एक श्रद्धालु ने बताया- राजकोट के दत्ता गांव से ठाकर के दर्शन करने के बाद हम लोग राजबाई मानी का झंडा फहराने के लिए विरामगाम जा रहे थे। सभी लोग सड़क किनारे चल रहे थे। तभी लखतर-विरामगाम हाईवे पर फुल स्पीड में आ रहे एक ट्रक ने पीछे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन हादसा-नाव पर ढोलक बजा रहे युवक की लाश मिली:युवती का शव भी उतराकर बाहर आया; अब तक 15 की मौत, एक लापता मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे के बाद सोमवार को चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुबह 8 बजे यमुना नदी में 2 लाशें मिलीं। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। पूरी खबर पढ़ें…

खाना खाने के बाद पसीने से हो जाता है बुरा हाल, शरीर से निकलती है आग? आयुर्वेद में बताई गई है वजह

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Last Updated:April 13, 2026, 11:33 IST Feeling Heat After Meals Causes: खाना खाने के बाद शरीर में गर्मी, पसीना और बेचैनी महसूस होना पाचन संबंधी समस्या और पित्त दोष बढ़ने का संकेत हो सकता है. आयुर्वेद के अनुसार ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना पित्त को बढ़ाता है, जिससे गैस, एसिडिटी और जलन जैसी समस्याएं होती हैं. संतुलित और हल्का आहार अपनाकर इस समस्या से राहत मिल सकती है. शरीर में पित्त दोष बढ़ने से खाना खाने के बाद गर्मी लगती है और पसीना आता है. (Image- AI) Why Do You Sweat After Eating Meal: गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. कई जगहों पर तापमान 35 के पार हो गया है और धूप की तपिश लोगों को परेशान करने लगी है. गर्मी के मौसम में कुछ लोग जब खाना खाते हैं, तो उसके बाद उनका पसीना और गर्मी से बुरा हाल हो जाता है. कई लोग मानते हैं कि खाने के बाद पसीना और बेचैनी होना नॉर्मल है, लेकिन ऐसा नहीं है. आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर में किसी परेशानी का संकेत हो सकता है. आयुर्वेद में इन लक्षणों को पाचन की समस्या से जोड़कर देखा गया है और इससे निजात पाने के तरीके भी बताए गए हैं. आयुर्वेद का मानना है कि जब शरीर में पाचन अग्नि का स्तर बढ़ जाता है, तब शरीर गर्म और तपा हुआ महसूस करने लगता है. ज्यादा अग्नि से खाना ठीक से पच नहीं पाता और शरीर के अंदर गर्मी बढ़ने लगती है. इससे हमें पसीना आना शुरू हो जाता है. इसके अलावा तला-भुना या फिर अधिक मसालेदार खाने की वजह से भी शरीर में पित्त बढ़ता है और पित्त बढ़ने से शरीर में गर्मी बढ़ने लगती है. पित्त बढ़ने के कारण शरीर में जलन, सीने में जलन, खट्टी डकार आना और ज्यादा गैस बनने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इससे पाचन भी प्रभावित होता है और खाने के बाद बेचैनी भी महसूस होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कई बार गलत फूड कॉम्बिनेशन से भी शरीर पर नेगेटिव असर पड़ता है. इससे पाचन अग्नि प्रभावित होती है और शरीर के भीतर गर्मी का स्तर भी बढ़ जाता है. लिवर की बिगड़ी कार्यशैली भी पाचन पर असर डालती है. जब लिवर ही गति से काम नहीं करता तो शरीर खाने को अच्छे से प्रोसेस नहीं कर पाता और यही कारण है कि खाना ठीक से न पचने के बाद बेचैनी और घबराहट होती है. कई लोग तो इस डर से पेट भरकर खाना भी नहीं खाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप इसकी वजह और इससे निजात पाने के तरीके जान लें. इससे आपकी समस्या दूर हो जाएगी और ओवरऑल हेल्थ में भी सुधार हो जाएगा. अब सवाल है कि इन समस्याओं से कैसे राहत पाई जाए? आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने के बाद होने वाली बेचैनी और पसीने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अच्छी डाइट लेना बहुत जरूरी है. कोशिश करें कि संतुलित और हल्का आहार लें, जो पचने में आसान रहे. तला-भुना या फिर अधिक मसालेदार भोजन से परहेज करें. आहार में पित्त को शांत करने वाली चीजों को शामिल करें, जिससे शरीर की गर्मी हो. शरीर की गर्मी संतुलित होने से पाचन आसानी से होगा और गर्मी भी कम बनेगी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 11:33 IST

Summer Baby Care Tips: गर्मियों के मौसम में ऐसे करें छोटे बच्चों की देखभाल, कभी नहीं होगे बीमार, डॉक्टर से जानिए

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Last Updated:April 13, 2026, 11:00 IST Baby Summer Care Tips: बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. विशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और बदलता खानपान बच्चों को जल्दी बीमार कर सकता है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो डिहाइड्रेशन, लू और पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों में यह खतरा और ज्यादा होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी बाकियों के अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के खानपान, रहन-सहन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. सतना जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश खरे ने बताया कि जैसे ही गर्मी बढ़ती है, वैसे ही अस्पतालों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगती है. इस मौसम में बच्चों में वायरल इन्फेक्शन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मामले अधिक सामने आते हैं. कई बार माता-पिता इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं. डॉक्टर के अनुसार, बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. विशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. Add News18 as Preferred Source on Google डॉक्टर ने कहा कि हाइड्रेशन जरूरी है, जिसमें बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना अनिवार्य है. इसके साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और फलों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. दूसरा आता है हेल्थी डाइट, जिसमें बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए. हरी सब्जियां, मौसमी फल जैसे- संतरा, मौसंबी, खरबूजा और खीरा शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देते हैं. तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना इस मौसम में नुकसानदायक हो सकता है. फिर आता है हाइजीन, जिसमें नाम के ही मुताबिक साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. बच्चों को खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें. साफ सुथरा खाना और स्वच्छ वातावरण बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है. डॉक्टर का कहना है कि आजकल बच्चे बाहर का खाना, चौपाटी आइटम्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स ज्यादा पसंद करते हैं, जो गर्मियों में सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे फूड्स में बैक्टीरिया और अनहाइजीनिक एलिमेंट्स होने का खतरा रहता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को घर का बना ताजा और साफ खाना ही दें. साथ ही बच्चों की पसंद का हेल्दी खाना तैयार करके उन्हें बाहर के खाने से दूर रखा जा सकता है. गर्मी के दिनों में बच्चों को तेज धूप में खेलने से बचाना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें हल्के कपड़े पहनाएं, टोपी लगाएं और पर्याप्त पानी साथ रखें. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना सबसे बेहतर उपाय है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माता-पिता बच्चों के खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर ध्यान दें, तो गर्मियों में होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है. छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस मौसम में बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है. First Published : April 13, 2026, 11:00 IST

हिमाचल में युवती का गला काटकर मर्डर, आरोपी गिरफ्तार:ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पिटाई की, नशे में वारदात की आशंका, कॉलेज जाते वक्त हमला

हिमाचल में युवती का गला काटकर मर्डर, आरोपी गिरफ्तार:ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पिटाई की, नशे में वारदात की आशंका, कॉलेज जाते वक्त हमला

हिमाचल प्रदेश के मंडी में सोमवार सुबह एक 19 वर्षीय युवती की गला और बाजू काटकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने साढ़े तीन घंटे बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से आरोपी की जमकर धुनाई की। पुलिस ने उसे घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर ग्रामीणों की मदद से जंगल में पकड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी विकास पटियाल (36) नशे का आदि बताया जा रहा है। वह, सरकाघाट के गोपालपुर के पतयालग गांव का रहने वाला है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार- आरोपी ने नशे में ही युवती का मर्डर कर डाला। अब तक की जांच में हत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई और सनक में मर्डर बताया जा रहा है। मंडी के गोपालपुर में मर्डर यह घटना मंडी जिले के सरकाघाट के गोपालपुर क्षेत्र की है। युवती सुबह के समय अपने घर से कॉलेज को निकली थी। रास्ते में विकास पटियाल ने उसकी हत्या कर दी और खुद मौके से फरार हो गया। मृतक युवती की पहचान 19 वर्षीय सिया गुलेरिया पुत्री जोगिंद्र कुमार गांव नैण सरकाघाट मंडी के तौर पर हुई है। वह बीकॉम सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। घर से एक किलोमीटर दूरी पर मर्डर सिया गुलेरिया अपने घर से करीब एक किलोमीटर दूर ही पहुंची थी। इस दौरान रास्ते में सिया गुलेरिया पर आरोपी ने हमला कर दिया और किसी तेजधार हथियार से गला व बाजू काट दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। ग्रामीण आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया था। इसके बाद, पुलिस ने टीमें गठित की और आरोपी को सरकाघाट के जंगल में दबोचा लिया। गुस्साएं ग्रामीणों ने आरोपी को पीटने की कोशिश की। पुलिस ने मुश्किल से ग्रामीणों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुआ। पुलिस-फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी वहीं मंडी पुलिस को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मर्डर की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। इसके बाद युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी गिरफ्तार: SP SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम मौके पर है और जांच में जुटी है। शव कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर शनिवार देर रात जीटी एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। मौके पर तैनात RPF आरक्षक ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार सामने आया है। सुनीता नाम की महिला ग्वालियर से आगरा जाने के लिए जीटी एक्सप्रेस में सवार होने आई थी। ट्रेन चलने लगी तो उसने जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास किया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरी महिला पैर फिसलने से महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात RPF जवान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को खींचकर बाहर निकाला। कुछ सेकंड की देरी से बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने की अपील की है। घटना के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई है।

आपकी पेशाब में भी आ रहा स्पर्म? यह कौन सी बीमारी और कितनी खतरनाक, डॉक्टर से जानें वजह और ट्रीटमेंट

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Last Updated:April 13, 2026, 10:43 IST Sperm Discharge in Urine: कई लोगों के पेशाब में स्पर्म आने लगता है. अक्सर लोग इसे गंभीर बीमारी मान लेते हैं और नीम-हकीम के चक्कर में फंस जाते हैं. गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक के मुताबिक पेशाब में स्पर्म आना कोई बीमारी नहीं है. जब युवा लड़कों के शरीर में स्पर्म जमा हो जाता है, तो यह पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगता है. कुछ मामलों में स्पर्म का डिस्चार्ज प्रोस्टेट इंफेक्शन की वजह से होता है. ऐसी कंडीशन में एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं. पेशाब में स्पर्म आना अधिकतर मामलों में कोई बीमारी नहीं होती है. Sperm Leakage in Urine Causes: कई पुरुषों की पेशाब में स्पर्म आने लगता है. इससे वे परेशान हो जाते हैं और इसे गंभीर बीमारी मान लेते हैं. कई झोलाछाप इस मौके का फायदा उठाते हैं और इलाज के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लेते हैं. जब समस्या कंट्रोल नहीं होती है, तब जाकर डॉक्टर से मिलते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पेशाब में सफेद और चिपचिपा पदार्थ निकलना आमतौर पर किसी बीमारी का संकेत नहीं होता है. हालांकि यह समस्या लंबे समय तक रहे, तो इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है. डॉक्टर से जानते हैं कि पेशाब में स्पर्म क्यों आता है, यह कौन सी बीमारी है और इसका क्या ट्रीटमेंट होता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि 20 से 30 साल के युवाओं की पेशाब में स्पर्म आना एक सामान्य बात है. अधिकतर लोगों को पता भी नहीं होता कि उनकी पेशाब में स्पर्म आ रहा है. कई टेस्ट के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है, लेकिन यह बीमारी नहीं होती है. मेडिकल की भाषा में इसे स्पर्मेटोरिया कहा जाता है. यह कई कारणों से हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में वीर्य का जमा होना है. जब लंबे समय तक कोई युवा यौन संबंध न बनाए, तो इससे शरीर में जरूरत से ज्यादा स्पर्म जमा हो जाता है. धीरे-धीरे शरीर इसे पेशाब के जरिए नेचुरल तरीके से बाहर निकाल देता है. यह कोई बीमारी नहीं है और इससे डरने की जरूरत नहीं है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक कई बार पेशाब में स्पर्म आने की वजह प्रोस्टेट ग्लैंड में सूजन या इंफेक्शन हो सकती है. अगर कोई व्यक्ति प्रोफेशनल सेक्स वर्कर के साथ बिना कंडोम के संबंध बनाता है, तो इससे उसके यूरेथ्रा में खतरनाक बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं. इससे प्रोस्टेट में सूजन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या अन्य संक्रमण पैदा हो सकते हैं. इससे भी सीमन लीक होने लगता है. ऐसे मामलों में जांच के बाद डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं. एक्सपर्ट का साफ कहना है कि इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करें. इससे करीब 70 से 80% तक संक्रमण से बचाव हो सकता है. अगर इसके बाद किसी तरह की समस्या पैदा हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं और प्रॉपर ट्रीटमेंट लें. डॉक्टर पाठक की मानें तो 35-40 की उम्र के बाद शरीर में स्पर्म प्रोडक्शन कम हो जाता है और इसके बाद पेशाब में स्पर्म न के बराबर आता है. ऐसे में अगर आप युवा हैं और सेक्सुअली एक्टिव नहीं है, तब आपको स्पर्म आने की समस्या हो सकती है. इससे घबराने या डरने की बात नहीं है. यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि आपके हेल्दी होने का संकेत है. अगर समस्या बहुत ज्यादा हो रही है और इसके साथ अन्य लक्षण नजर आ रहे हैं, तब आपको इसकी जांच करानी चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि लोगों को झोलाछापों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. किसी भी परेशानी का इलाज क्वालिफाइड डॉक्टर से ही कराना चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 10:43 IST

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

खरगोन जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में मांग से अधिक आवक होने के कारण तरबूज और खरबूज के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों को अपनी उपज 5 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर भी बेचना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते लागत न निकलने से परेशान किसान अब तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय करने की मांग कर रहे हैं और फिलहाल माल केवल स्थानीय बाजारों में ही खप रहा है। 15 हजार हेक्टेयर में लगी फसल, इस बार दिल्ली नहीं जा रहा माल खरगोन जिले की नर्मदा पट्टी में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में तरबूज और खरबूज की फसल लगाई गई है। कसरावद, बड़वाह, महेश्वर, मंडलेश्वर, जामली, कुकडोल, सेल्दा, मांगरूल और नागझिरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। आमतौर पर नर्मदा क्षेत्र का तरबूज दिल्ली तक पहुंचता है, लेकिन इस बार बाजार में मांग से अधिक तरबूज की आवक होने के कारण केवल स्थानीय कारोबारी ही खरीदारी कर रहे हैं। किसान बोले- बाहर ले जाना महंगा, इसलिए लोगों में बांटी फसल मांगरूल के किसान कृष्णलाल कुशवाह ने बताया कि तरबूज को बाहर ले जाकर बेचना महंगा पड़ रहा है। उन्होंने अपनी लागत भी नहीं निकाल पाने के कारण फसल लोगों में बांट दी। वहीं, किसान अशोक पाटीदार ने बताया कि प्रति एकड़ फसल पर 25 हजार रुपए का खर्च आया है। थोक में 5 से 6 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर लागत भी नहीं निकल पा रही है। उन्होंने मांग की कि तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय किया जाना चाहिए। 15 अप्रैल के बाद तेज गर्मी पड़ने पर दाम बढ़ने की उम्मीद किसानों का मानना है कि जल्दी लगाई गई फसल अगले 15 दिनों में खेतों से निकल जाएगी। अभी तक ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन 15 अप्रैल से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। गर्मी बढ़ने से तरबूज की मांग बढ़ेगी, जिससे इसके दाम भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

10 मिनट के लिए रुके, 5 जिंदगियां खत्म:डिंडौरी हादसे की चश्मदीद बोली- सभी के चीथड़े उड़ गए; कपड़े में समेटने पड़े शव

10 मिनट के लिए रुके, 5 जिंदगियां खत्म:डिंडौरी हादसे की चश्मदीद बोली- सभी के चीथड़े उड़ गए; कपड़े में समेटने पड़े शव

मैं अगर टॉयलेट करने नहीं जाता, तो शायद जिंदा नहीं बचता…ये कहना है डिंडौरी के जिला अस्पताल में भर्ती उदय प्रताप का। वे शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाइवे 45 पर उस हादसे में घायल हुए हैं, जिसमें कैप्सूल टैंकर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। रविवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची। जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप और प्रत्यक्षदर्शी श्रीबंती से बात भी की। सड़क पर बिखरा खून और मांस के लोथड़े डिंडौरी में गाड़ा सरई से तीन किलोमीटर पहले फॉरेस्ट डिपो है। यहां लोगों की भीड़ लगी थी। सड़क पर खून और मांस के लोथड़े पड़े थे। जूते-चप्पल समेत दूसरा सामान भी था। सड़क के एक तरफ पिकअप और कैप्सूल टैंकर खड़े थे। थोड़ी ही दूर बना बस स्टॉप और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हालत में था। ग्रामीणों ने बताया कि किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन MP19 ZO 9351 ने 5 लोगों को रौंद दिया था। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर उनका पिकअप वाहन MP65 ZD 1118 पंक्चर हो गया। रात करीब साढ़े 12 बजे गाड़ी को सड़क किनारे लगाकर ड्राइवर टायर बदल रहा था। पिकअप में बैठे लोग उतरकर सड़क किनारे बातचीत में लगे थे। तभी अमरकंटक की ओर से आ रहा तेज रफ्तार कैप्सूल 5 लोगों को रौंदते हुए गुजर गया। इस दौरान दो लोग करीब 10 फीट तक उछल गए। पांचों के शरीर सड़क से चिपक गए थे। पुलिस को कपड़े में समेटकर शवों को ले जाना पड़ा था। पहिया पंक्चर होने के बाद पिकअप से उतर गए लोग पिकअप वाहन में घायल उदय सिंह की बहन श्रीबंती भी सवार थीं। वे बताती हैं कि सूरजपुरा गांव के भर्रा टोला में हंसवती टेकाम के यहां पहला बेटा हुआ है। उसके चौक कार्यक्रम में शामिल होने शनिवार शाम करीब 6 बजे, 20-25 लोग पिकअप वाहन से पहुंचे थे। सभी लोग सामूहिक भोज के बाद रात करीब 11 बजे पिकअप से ही वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गाड़ी का दाहिने साइड का पिछला पहिया पंक्चर हो गया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी से उतरकर सड़क की दूसरी ओर बैठ गए। पिकअप ड्राइवर राजकरण वनवासी टायर बदलने लगा। किसी के पैर टूटे तो किसी का सिर कुचला श्रीबंती ने कहा- कुछ ही देर में अमरकंटक की तरफ से तेज रफ्तार टैंकर आया। सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदता हुआ आगे निकल गया। वह सड़क किनारे लगे बिजली के पोल और यात्री प्रतीक्षालय को तोड़ने के बाद ही रुका। चीख-पुकार मच गई। सड़क पर खून ही खून फैल गया। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो सड़क पर शव बिखरे पड़े थे। किसी के पैर टूटे, पेट फटा तो किसी का सिर कुचला था। उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। टैंकर और पिकअप को जेसीबी और क्रेन की मदद से अलग कराया। सड़क क्लियर करने में करीब तीन घंटे लगे। धक्का से दूर जाकर गिरा, बेहोश हो गया जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप (20) पिता कन्हैया ने कहा- मैं टायर बदल रहे ड्राइवर की मदद कर रहा था। इसी दौरान मुझे पेशाब आ गया। मैं निबटने साइड में चला गया। अचानक जोरदार आवाज आई। मुझे धक्का लगा और मैं दूर जाकर गिरा। फिर बेहोश हो गया। जब लोगों ने पानी का छींटा मारा, तब जाकर होश आया। अगर टॉयलेट नहीं जाता, तो मैं भी जिंदा नहीं होता। हालांकि, गंभीर चोट नहीं आई है। पैर में दर्द जरूर है। जमीन के मुआवजे से खरीदी थी गाड़ी मृतकों में पिता पवर सिंह (50) और बेटा बिहारी (29) भी शामिल हैं। पवर सिंह पेशे से किसान था। बिहारी का छोटा भाई प्रेम सिंह ब्लॉक समन्वयक है। खेतीबाड़ी करके जीवन-यापन करते हैं। कुछ साल पहले नर्मदा में डूब में आई जमीन का मुआवजा मिला था। इन्हीं रुपयों से डेढ़ साल पहले बिहारी ने सेकंड हैंड पिकअप वाहन खरीदा था। राजकरण मरावी को ड्राइवर रख लिया था। टैंकर ड्राइवर बोला- झपकी लग गई थी पुलिस ने टैंकर के ड्राइवर रमेश पटेल निवासी मैहर को गिरफ्तार कर लिया है। रमेश का कहना है कि अल्ट्राटेक प्लांट से चार दिन पहले सीमेंट लेकर करंजिया के लिए निकला था। शुक्रवार को टैंकर खाली करके रात करीब 11 बजे खाना खाकर लौट रहा था। अचानक झपकी लगने से हादसा हो गया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हाईवे पर टैंकर ने 5 को कुचला, सभी की मौत डिंडौरी के गाड़ा सरई थाना इलाके के किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन ने 5 लोगों को रौंद दिया। हादसे में पांचों की मौत हो गई। इनमें दो बाप-बेटे भी हैं। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

सैलरी बढ़ाने के लिए फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन:नोएडा में कई गाड़ियों में आग लगई, पुलिस की गाड़ी पलटी, जमकर पत्थरबाजी

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नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। लेकिन सोमवार सुबह मदरसन कंपनी के कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बसों में आग लगा दी। पहले कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी के साथ तोड़फोड़ की उसके बाद गाड़ी को पलट दिया। नाराज कर्मचारियों ने जमकर पत्थरबाजी भी की। हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… खबर अपडेट की जा रही है…