Thursday, 28 May 2026 | 09:04 PM

Trending :

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 पर कब्जा करने की चेतावनी दी लौकी का भरता रेसिपी: गर्म में मिनटों में पकी हुई लौकी का भरता, खाते-खाते रह जाएंगी उगलियां; विधि नोट करें सिद्धारमैया का ‘बिदाई शॉट’: क्यों जाति सर्वेक्षण डेटा कर्नाटक की राजनीति को फिर से परिभाषित कर सकता है, शिवकुमार के नेतृत्व का परीक्षण करें | भारत समाचार श्रद्धा कपूर का माइकल जैक्सन के गाने पर फनी डांस:कथित बॉयफ्रेंड को टैग कर लिखा- कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए श्रद्धा कपूर का माइकल जैक्सन के गाने पर फनी डांस:कथित बॉयफ्रेंड को टैग कर लिखा- कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए
EXCLUSIVE

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

खरगोन जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में मांग से अधिक आवक होने के कारण तरबूज और खरबूज के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों को अपनी उपज 5 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर भी बेचना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते लागत न निकलने से परेशान किसान अब तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय करने की मांग कर रहे हैं और फिलहाल माल केवल स्थानीय बाजारों में ही खप रहा है। 15 हजार हेक्टेयर में लगी फसल, इस बार दिल्ली नहीं जा रहा माल खरगोन जिले की नर्मदा पट्टी में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में तरबूज और खरबूज की फसल लगाई गई है। कसरावद, बड़वाह, महेश्वर, मंडलेश्वर, जामली, कुकडोल, सेल्दा, मांगरूल और नागझिरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। आमतौर पर नर्मदा क्षेत्र का तरबूज दिल्ली तक पहुंचता है, लेकिन इस बार बाजार में मांग से अधिक तरबूज की आवक होने के कारण केवल स्थानीय कारोबारी ही खरीदारी कर रहे हैं। किसान बोले- बाहर ले जाना महंगा, इसलिए लोगों में बांटी फसल मांगरूल के किसान कृष्णलाल कुशवाह ने बताया कि तरबूज को बाहर ले जाकर बेचना महंगा पड़ रहा है। उन्होंने अपनी लागत भी नहीं निकाल पाने के कारण फसल लोगों में बांट दी। वहीं, किसान अशोक पाटीदार ने बताया कि प्रति एकड़ फसल पर 25 हजार रुपए का खर्च आया है। थोक में 5 से 6 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर लागत भी नहीं निकल पा रही है। उन्होंने मांग की कि तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय किया जाना चाहिए। 15 अप्रैल के बाद तेज गर्मी पड़ने पर दाम बढ़ने की उम्मीद किसानों का मानना है कि जल्दी लगाई गई फसल अगले 15 दिनों में खेतों से निकल जाएगी। अभी तक ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन 15 अप्रैल से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। गर्मी बढ़ने से तरबूज की मांग बढ़ेगी, जिससे इसके दाम भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 15, 2026/
6:18 pm

Last Updated:February 15, 2026, 18:18 IST Epstein Files Row: कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की एक नई परत...

authorimg

February 11, 2026/
12:00 pm

Last Updated:February 11, 2026, 12:00 IST Delhi Crime News ground Report: दिल्ली की सड़कों पर ऐसी गाड़ियां तेजी से घूम...

CBSE Class 12th Result 2026 Release Date, Time Live Updates: Scorecards soon a cbseresults.nic.in.

May 6, 2026/
4:29 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 16:29 IST सिनेमाई आइकन से एक प्रमुख राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के नेता के रूप...

Rajgarh Collector: No Eligible Voter Left Out

April 28, 2026/
9:18 pm

राजगढ़ जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को लेकर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ....

जॉब - शिक्षा

राजनीति

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

खरगोन जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में मांग से अधिक आवक होने के कारण तरबूज और खरबूज के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों को अपनी उपज 5 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर भी बेचना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते लागत न निकलने से परेशान किसान अब तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय करने की मांग कर रहे हैं और फिलहाल माल केवल स्थानीय बाजारों में ही खप रहा है। 15 हजार हेक्टेयर में लगी फसल, इस बार दिल्ली नहीं जा रहा माल खरगोन जिले की नर्मदा पट्टी में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में तरबूज और खरबूज की फसल लगाई गई है। कसरावद, बड़वाह, महेश्वर, मंडलेश्वर, जामली, कुकडोल, सेल्दा, मांगरूल और नागझिरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। आमतौर पर नर्मदा क्षेत्र का तरबूज दिल्ली तक पहुंचता है, लेकिन इस बार बाजार में मांग से अधिक तरबूज की आवक होने के कारण केवल स्थानीय कारोबारी ही खरीदारी कर रहे हैं। किसान बोले- बाहर ले जाना महंगा, इसलिए लोगों में बांटी फसल मांगरूल के किसान कृष्णलाल कुशवाह ने बताया कि तरबूज को बाहर ले जाकर बेचना महंगा पड़ रहा है। उन्होंने अपनी लागत भी नहीं निकाल पाने के कारण फसल लोगों में बांट दी। वहीं, किसान अशोक पाटीदार ने बताया कि प्रति एकड़ फसल पर 25 हजार रुपए का खर्च आया है। थोक में 5 से 6 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर लागत भी नहीं निकल पा रही है। उन्होंने मांग की कि तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय किया जाना चाहिए। 15 अप्रैल के बाद तेज गर्मी पड़ने पर दाम बढ़ने की उम्मीद किसानों का मानना है कि जल्दी लगाई गई फसल अगले 15 दिनों में खेतों से निकल जाएगी। अभी तक ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन 15 अप्रैल से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। गर्मी बढ़ने से तरबूज की मांग बढ़ेगी, जिससे इसके दाम भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.