Monday, 26 Oct 2026 | 06:18 AM

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मंडला में अंजनिया बाईपास पर पेपर लोड ट्रक पलटा:NH-30 पर हादसे में ड्राइवर मामूली घायल

मंडला में अंजनिया बाईपास पर पेपर लोड ट्रक पलटा:NH-30 पर हादसे में ड्राइवर मामूली घायल

मंडला जिले के अंजनिया बाईपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक ट्रक पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। रायपुर से जबलपुर की ओर जा रहा यह ट्रक (नंबर एमपी 20 जी आर 9323) फोटो कॉपी पेपर से लदा था और अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। चालक ने बताया कि सामने अचानक एक मोटरसाइकिल सवार के आ जाने से उसे बचाने की कोशिश में ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद ट्रक में लदे पेपर के बंडल सड़क पर बिखर गए। स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ट्रक के भीतर शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं। स्थानीय निवासियों ने अंजनिया बाईपास पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही अंजनिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चालक को ट्रक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया और वाहन मालिक को सूचित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बच्चों में तेजी से बढ़ रही दांतों की सड़न, यहां डॉक्टर से जानिए कारण और बचाव के देसी तरीके

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अंबाला: अंबाला शहर के लोगों के लिए एक खामोश खतरा तेजी से पनप रहा है और यह खतरा कहीं बाहर नहीं, बल्कि उनके अपने मुंह के भीतर छिपा हुआ है. दरअसल, दांतों की बीमारियां अब धीरे-धीरे नहीं, बल्कि खतरनाक रफ्तार से बढ़ रही हैं. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अस्पतालों में रोज आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो दांतों के दर्द, सड़न और खून आने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस पूरे खतरे की जड़ मुंह में पनपने वाले बैड बैक्टीरिया हैं, जो हर बार खाने के बाद एसिड बनाते हैं. यही एसिड धीरे-धीरे दांतों की मजबूत परत को घिसता है और उन्हें अंदर से खोखला बना देता है. तेजी से खराब हो रहे हैं बच्चों के दांत बता दें कि शुरुआत में यह नुकसान नजर नहीं आता, लेकिन समय के साथ दांतों में छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं, जिन्हें आम भाषा में कीड़ा लगना कहा जाता है, क्योंकि जब तक लोगों को इसका एहसास होता है तब तक सड़न दांतों की जड़ों तक पहुंच चुकी होती है और कई बार दांत निकालने तक की नौबत आ जाती है. खराब आदतें हैं वजह सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब बच्चे भी इस खतरे से अछूते नहीं हैं. 3 से 5 साल के मासूम बच्चों में रात को दूध की बोतल मुंह में लेकर सोने की आदत उनके दांतों को तेजी से खराब कर रही है. इससे जहां उनके आगे के दांत सड़ने लगते हैं, वहीं कई बार कम उम्र में ही टूट भी जाते हैं. वहीं, 8 साल तक के बच्चों में पीछे के दूध के दांत खराब होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो आगे चलकर स्थायी दांतों के लिए भी खतरा बन सकते हैं. इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदाचार्य डॉ. जितेंद्र वर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि आजकल छोटे बच्चों में यह आम समस्या बन चुकी है, जिसमें दांत टूटना, कीड़े लगना या फिर दांत देर से आना शामिल है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में बच्चों के दांतों की देखभाल के कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनमें मां का दूध पीने वाले छोटे बच्चों के लिए मां की डाइट बहुत अहम भूमिका निभाती है. मां को अपनी डाइट में गाय का दूध और हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए, क्योंकि इनके पोषक तत्व मां के दूध के जरिए बच्चों तक पहुंचते हैं, जो दांतों के लिए लाभदायक होते हैं. दांतों की सही सफाई न करने के कारण कीड़ा लगना उन्होंने कहा कि जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है, तो वह बाहर की चीजें खाना पसंद करने लगता है, लेकिन यह आदत कम उम्र के बच्चों के लिए नुकसानदायक होती है. दांतों की सही सफाई न करने के कारण कीड़ा लगने का खतरा बढ़ जाता है. आजकल कई प्रकार के टूथपेस्ट उपलब्ध हैं, लेकिन आयुर्वेदिक दातून को सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है. इसलिए नीम, बबूल, अर्जुन और खदिर की दातून का उपयोग करना चाहिए. सुबह और रात के समय खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि सुबह और रात के समय खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए, क्योंकि इससे दांतों में फंसे भोजन के कण साफ हो जाते हैं. जरूरत पड़ने पर उंगलियों से भी दांतों की सफाई की जा सकती है या किसी आयुर्वेदिक टूथपेस्ट से अच्छी तरह ब्रश किया जा सकता है. दांतों को मजबूत करने के देसी उपाय आयुर्वेद में एक और उपाय बताया गया है, जिसमें अमरूद और सफेदे के पत्तों को चबाने से दांत मजबूत होते हैं और कीड़े खत्म करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही पैक्ड फूड, फास्ट फूड और मीठे स्नैक्स का बढ़ता सेवन इस समस्या को और गंभीर बना रहा है. ये चीजें दांतों से चिपक जाती हैं और बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती हैं, इसलिए बच्चों को इनका सेवन कम करना चाहिए. उन्होंने बताया कि 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में संक्रमण दांतों की जड़ों तक पहुंच रहा है. मसूड़ों से खून आना, दांतों में तेज दर्द और दांतों का हिलना ये सभी संकेत हैं कि बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के मेमोरियल पर गए। जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि एक्टर ने संघ के दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर के मेमोरियल पर जाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। रणवीर दोपहर करीब 4 बजे मुंबई से चार्टर्ड फ्लाइट से नागपुर पहुंचे। वे रेशिमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर गए, जो RSS से जुड़ा प्रमुख स्थान है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दौरा छोटा, लेकिन अहम रहा। उन्होंने RSS पदाधिकारियों के साथ कई विषयों पर बातचीत की, हालांकि इन चर्चाओं की जानकारी पब्लिक नहीं की गई है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी उनके आने और जाने की पुष्टि की। रणवीर सिंह शाम करीब 8 बजे वापस मुंबई लौट गए। मोहन भागवत से मुलाकात की टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की। यह मुलाकात RSS हेडक्वार्टर में हुई, हालांकि संगठन ने कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। RSS से जुड़े लोगों ने रेशिमबाग स्थित स्मृति भवन में उनके दौरे की पुष्टि की है। हालांकि, उनके इस दौरे का उद्देश्य साफ नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रणवीर सिंह ने RSS के स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक वीडियो मैसेज जारी कर अपनी शुभकामनाएं दी थीं। बता दें कि रणवीर का यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और इसने दुनिया भर में 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए हैं।

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के मेमोरियल पर गए। जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि एक्टर ने संघ के दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर के मेमोरियल पर जाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। रणवीर दोपहर करीब 4 बजे मुंबई से चार्टर्ड फ्लाइट से नागपुर पहुंचे। वे रेशिमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर गए, जो RSS से जुड़ा प्रमुख स्थान है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दौरा छोटा, लेकिन अहम रहा। उन्होंने RSS पदाधिकारियों के साथ कई विषयों पर बातचीत की, हालांकि इन चर्चाओं की जानकारी पब्लिक नहीं की गई है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी उनके आने और जाने की पुष्टि की। रणवीर सिंह शाम करीब 8 बजे वापस मुंबई लौट गए। मोहन भागवत से मुलाकात की टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की। यह मुलाकात RSS हेडक्वार्टर में हुई, हालांकि संगठन ने कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। RSS से जुड़े लोगों ने रेशिमबाग स्थित स्मृति भवन में उनके दौरे की पुष्टि की है। हालांकि, उनके इस दौरे का उद्देश्य साफ नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रणवीर सिंह ने RSS के स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक वीडियो मैसेज जारी कर अपनी शुभकामनाएं दी थीं। बता दें कि रणवीर का यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और इसने दुनिया भर में 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए हैं।

बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: 10,000 रुपये में भारत की इन जगहों पर कर सकते हैं एक्सप्लोर, गोपालगंज के लिए आदर्श यात्रा

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कम बजट में भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें: यदि आप और महानगर कहीं घूमने का मन बना रहे हैं, लेकिन बजट कम है, तो चिंता न लें। भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप 10,000 रुपये के अंदर एक शानदार और रोमांटिक ट्रिप प्लान कर सकते हैं। कम बजट का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप कम बजट का मजा लें। यहां कुछ ऐसी जगहों की लिस्ट है जो कपल्स के लिए बेस्ट हैं। तो जानिए कौन सी हैं वो शानदार जगहें? ऋषिकेष, उत्तराखंड (ऋषिकेश) गंगा किनारे बसा यह शहरी शांति और रोमांच का प्रभाव मेल है। अगर आप दोनों को एडवेंचर पसंद है, तो यह जगह आपके लिए ही है। कैसे घूमें: दिल्ली से बस का बिजनेस कम है। आप वहां यूनिवर्सल स्कूटर किराए पर ले सकते हैं। क्या करें: गंगा आरती देखें, राम झूला और लक्ष्मण झूला पर टहलें, और कैफे में मठों का आनंद लें। बजट टिप: यहां कई खूबसूरत होमस्टे और आश्रम हैं जो काफी संपत्ति और साफ-सुथरे पाए जाते हैं। जयपुर, राजस्थान (जयपुर) ‘पिंक सिटी’ अपने शाही मेहमानवाजी और किलो के लिए मशहूर है। यहां कपल्स के लिए शामें बेहद रोमांटिक होती हैं। कैसे घूमें: ट्रेन या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। क्या करें: अमेरिका का किला, हवा महल और नाहरगढ़ किले से शहर का सूर्यास्त देखें। बस्तु बाजार में सामूहिक सामान के साथ। बजट टिप: यहां स्ट्रीट फूड जैसे प्याज कचौरी और घेवर का स्वाद चखें, जो सस्ता भी है और सस्ता भी। लैंसडाउन, उत्तराखंड (लैंसडाउन) यदि आप भीड़भाड़ वाली जगह से किसी शांत स्थान पर दूरी तय करना चाहते हैं, तो लैंसडाउन से बेहतर कुछ नहीं। यह एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो बहुत ही साफ और शांत है। कैसे घूमें: अपनी कार या बस से यहां पहुंच सकते हैं। क्या करें: भल्ला ताल झील में बोटिंग और टिप-इन-टॉप पॉइंट से हिमालय की चोटियों का दीदार करें। बजट टिप: यहां बहुत ज्यादा होटल नहीं हैं, इसलिए पहले से किफायती दाम पर सलाह देना। कसोल, हिमाचल प्रदेश (कसोल) कसोल उन कपल्स के लिए बेस्ट है जो प्रकृति के करीब चाहते हैं। यहां नदी, पहाड़ और हरियाली आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: दिल्ली से रात की बस रिश्ता संबंध या भुंतर पहुंचें। क्या करें: मणिकर्ण साहिब के दर्शन और पार्वती नदी के तट से जुड़ी हजारों बातें। बजट टिप: यहां इजरायली कैफे में खाना थोड़ा सस्ता और बहुत टेस्टी होता है। साथ ही यहां होटल में रहने का अनुभव भी होता है। ओरछा, मध्य प्रदेश (ओरछा) इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है। बेतवा नदी के किनारे बसे इस छोटे से शहर में पुराने महलों और चित्रों की सुंदरता आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: रसोईघर से यात्री तक और वहां से ऑटो या टैक्सी ले लें। क्या करें: बेतवा नदी के तट पर भगवान के दर्शन और शाम को लाइट एंड साउंड शो देखें। बजट टिप: ओरघा काफी छोटा है, इसलिए आप पूरे शहर में पैदल ही घूम सकते हैं, जिससे आपका पैसा बच जाएगा। बजट यात्रा के लिए कुछ जरूरी जरूरी बातें काम ऑफ-सीजन में…: जब भीड़ कम होती है, तो होटलों के दाम खत्म हो जाते हैं। लोकल डाउनलोड: किराये पर लें या पैदल यात्रा करें। खाना: रेस्तरां में मशहूर स्थानीय ढाकों और स्ट्रीट फूड की सजावट करें। यह अवश्य पढ़ें: बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: कम बजट में यादगार बनाना चाहते हैं हनीमून? भारत के इन स्थानों को जानें; कपल्स के लिए बिल्कुल सही जगह है

कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

दतिया में बाइक की बकाया किस्त मांगने के विवाद में शिवपुरी के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर गुरुवार दोपहर एक 21 वर्षीय रिकवरी एजेंट का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। आरोपियों ने एजेंट के साथ मारपीट कर उसे जबरन बोलेरो में बैठाया और रास्ते में डराने के लिए फायरिंग भी की। दतिया पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर 7 किलोमीटर तक पीछा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में आरक्षक राजपाल मांझी सहित 4 अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस ने अपहरण और मारपीट का केस दर्ज कर लिया है। ऑनलाइन सेंटर से बोलेरो में बैठाया, रास्ते में की फायरिंग जानकारी के अनुसार, दतिया निवासी 21 वर्षीय विजय बाल्मीकि एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने एक ग्राहक को बाइक फाइनेंस करवाई थी, जिसकी किस्तें बकाया थीं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद आरोपी पक्ष ने विजय के अपहरण की योजना बनाई। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विजय दतिया के एक ऑनलाइन सेंटर पर मौजूद था। तभी छोटू मांझी, उसका भाई आरक्षक राजपाल मांझी (थाना दिनारा, शिवपुरी), बंटी उर्फ मुस्लिमान और अन्य साथी वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले विजय के साथ मारपीट की और फिर उसे जबरन एक बोलेरो वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। अपहरण के दौरान आरोपियों ने रास्ते में विजय के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। सूत्रों के अनुसार, उसे डराने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई थी। पुलिस ने 7 KM किया पीछा, एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागे घटना की सूचना मिलते ही दतिया पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आता देख, आरोपी एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने लगभग 7 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी छोटू मांझी और बंटी उर्फ मुस्लिमान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरक्षक राजपाल मांझी सहित चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें… दतिया में फायरिंग और बैंक एजेंट अपहरण के आरोपी गिरफ्तार दतिया में अवैध हथियारों से फायरिंग कर दहशत फैलाने और बैंक एजेंट का अपहरण करने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोंडा मोहल्ले में हुई थी… पूरी खबर पढ़िए

गर्मियों में शरीर को रखना है ठंडा और रहना है हेल्दी, तो बदलें अपनी डाइट.. अपनाएं ये आसान तरीके

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Last Updated:April 11, 2026, 09:54 IST फरीदाबाद में गर्मी बढ़ने के साथ ही खान-पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में हल्का, पानी से भरपूर भोजन और पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जबकि फास्ट फूड और अस्वच्छ जूस से दूरी बनाना जरूरी है. फरीदाबाद: फरीदाबाद में गर्मियों ने दस्तक दे दी है और अब तपती धूप के साथ लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है. सुबह से ही तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस मौसम में क्या खाएं और क्या नहीं, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और बीमारियों से बचाव हो सके. खासकर फरीदाबाद जैसे शहर में जहां गर्मी अपने चरम पर होती है और लोग काम की भागदौड़ में खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाते वहां सही डाइट बेहद जरूरी हो जाती है. गर्मियों में क्या होनी चाहिए डाइट  Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया सर्दियां खत्म होते ही गर्मियों में शरीर में पित्त बढ़ने लगता है जिससे शरीर में गर्मी भी बढ़ती है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि आप अपने शरीर को हाइड्रेट रखें. दिनभर में पर्याप्त पानी पीना चाहिए साथ ही नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. लौकी, तोरई, टिंडा, परवल जैसी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया गर्मियों में हमेशा हल्का और जल्दी पचने वाला खाना ही खाना चाहिए. इस मौसम में लौकी, तोरई, टिंडा, परवल जैसी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद होती हैं, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है. यही वजह है कि प्रकृति भी इस मौसम में ऐसी ही सब्जियां देती है. अगर आप भारी और देर से पचने वाला खाना खाएंगे तो पाचन बिगड़ सकता है और पेट से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. गर्मियों में गन्ने का जूस पीते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया गर्मियों में गन्ने का जूस पीते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए. इसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इससे बचना चाहिए. साथ ही हमेशा ताजा जूस ही पिएं क्योंकि थोड़ी देर रखा जूस भी खराब हो सकता है और उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. सड़क किनारे मिलने वाले जूस में साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है वरना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. फास्ट फूड से भी दूरी बनानी चाहिए डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया लोगों को फास्ट फूड से भी दूरी बनानी चाहिए. फास्ट फूड में तेल और मैदा ज्यादा होता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक है. गर्मियों में तो इसे पचाना और भी मुश्किल हो जाता है जिससे पेट खराब होने और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सही खान-पान के साथ हल्का व्यायाम भी जरूरी डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं अगर आपको गर्मियों में स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो सही खान-पान के साथ हल्का व्यायाम भी जरूरी है. सुबह और शाम थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज करने से शरीर फिट रहता है और गर्मी का असर भी कम पड़ता है. ऐसे में अगर आप अपनी डाइट और दिनचर्या का थोड़ा ध्यान रखेंगे तो गर्मियों को बिना बीमार हुए आसानी से निकाल सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 11, 2026, 09:54 IST

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

बड़वानी अस्पताल में शुक्रवार रात जमकर हंगामा,:सिजेरियन के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, परिजन का पेट में कैंची छूटने का आरोप

बड़वानी अस्पताल में शुक्रवार रात जमकर हंगामा,:सिजेरियन के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, परिजन का पेट में कैंची छूटने का आरोप

बड़वानी जिला अस्पताल में शुक्रवार एक प्रसूता के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिसबल मौके पर पहुंचा और परिजनों को शांत कराया। महिला के परिजनों ने महिला के इलाज में लापरवाही बरतने और रेफर के दौरान समय से फाइल नहीं देने का आरोप लगाया। धरमपुरी तहसील के ग्राम दगदा निवासी भूपेंद्र मंडलोई ने अपनी पत्नी के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि सतीश बर्वे ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। भूपेंद्र मंडलोई ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी मंडलोई को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 तारीख को उनका सिजेरियन हुआ, जिसके कुछ दिनों बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने पेट में संक्रमण (पस) बनने की बात कहकर दोबारा ऑपरेशन किया। इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जानकारी जुटाने की बात कही है। हंगामें तस्वीरें देखिए… कैंची छूटने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज और दूसरी सर्जरी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। मरीज ने अपने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन के दौरान पेट में कोई धातु की वस्तु या कैंची छूट गई हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिजनों ने इस मामले की जांच की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि जब वे मरीज को बेहतर इलाज के लिए इंदौर ले जाना चाहते थे, तब अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल फाइल देने में देरी की। इससे मरीज को समय पर रेफर करने में बाधा आई। भूपेंद्र मंडलोई ने अस्पताल स्टाफ पर विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग करने का भी आरोप लगाया है। गंभीर आरोप लगाए इसी बीच, सतीश बर्वे ने अस्पताल परिसर में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। उन्होंने मरीजों के साथ संवेदनहीन व्यवहार और अस्पताल में दलाली व अवैध वसूली के माहौल का भी जिक्र किया, जिससे गरीब मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।