Monday, 26 Oct 2026 | 09:21 AM

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12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में से 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार, दूसरे फेज में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

भोपाल में मेट्रो काम के चलते बदला ट्रैफिक प्लान:जवाहर चौक–डिपो मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू; पुलिस बोली- परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें

भोपाल में मेट्रो काम के चलते बदला ट्रैफिक प्लान:जवाहर चौक–डिपो मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू; पुलिस बोली- परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें

भोपाल में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल जवाहर चौक से भारत माता चौराहा (डिपो) के बीच यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। यातायात पुलिस ने इस हिस्से में एक तरफ का मार्ग (वन-वे) परिवर्तित करते हुए वाहनों के लिए डायवर्सन प्लान लागू किया है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक सुचारू रखा जा सके। हनुमान मंदिर से जवाहर चौक तक वन-वे बदला यातायात पुलिस के अनुसार, डिपो चौराहा से जवाहर चौक के बीच स्थित हनुमान मंदिर से जवाहर चौक की ओर जाने वाला एक तरफ का मार्ग अब परिवर्तित रहेगा। वहीं, जवाहर चौक से डिपो चौराहा की ओर आने वाला मार्ग पहले की तरह चालू रहेगा, जिससे इस दिशा में यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। डायवर्सन से गुजरेंगे वाहन डिपो चौराहा से हनुमान मंदिर होते हुए जवाहर चौक जाने वाले वाहनों को अब हनुमान मंदिर से बाएं मुड़कर पानी की टंकी, नागेश्वर धाम मंदिर और अटल पथ स्मार्ट रोड होते हुए जवाहर चौक पहुंचना होगा। जबकि जवाहर चौक से डिपो चौराहा जाने वाले वाहनों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। यातायात पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें। अनावश्यक रूप से इस मार्ग पर आवागमन से बचें, क्योंकि डायवर्सन वाले रास्तों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है।

ग्वालियर में घर में घुसकर नाबालिग छात्रा से रेप:पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की दी धमकी; भागने से पहले आरोपी अरेस्ट

ग्वालियर में घर में घुसकर नाबालिग छात्रा से रेप:पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की दी धमकी; भागने से पहले आरोपी अरेस्ट

ग्वालियर के हजीरा में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्रा और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी। यह घटना दिसंबर 2025 में हजीरा क्षेत्र की है। बदनामी के डर से छात्रा शुरुआत में चुप रही, लेकिन इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार शारीरिक शोषण से परेशान होकर छात्रा ने आखिरकार मामले की शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को शिकायत मिलते ही पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हजीरा थाना क्षेत्र निवासी 17 वर्षीय नाबालिग 12वीं की छात्रा है। छात्रा ने शिकायत की है कि दिसंबर 2025 में वह घर पर अकेली थी, तभी उसके घर में गोसपुरा नंबर एक निवासी आयुष खटीक घुस आया और उसका मोबाइल नंबर मांगा। जब नाबालिग छात्रा ने मोबाइल नंबर देने से इनकार किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया। घटना के बाद आरोपी उसे धमकी देकर भाग गया। बदनामी और धमकी के कारण नाबालिग चुप रही तो आरोपी उसे ब्लैकमेल कर शोषण करने लगा। अब पीड़ित नाबालिग लगातार शारीरिक शोषण से परेशान हो गई तो शुक्रवार को परिजन को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़ित छात्रा हजीरा थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शहर छोड़ने से पहले पकड़ा गया आरोपी वारदात के बाद आरोपी यही सोच रहा था कि पीड़िता डर के चलते पुलिस के पास नहीं जाएगी, लेकिन किसी तरह पीड़ित छात्रा पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले ही आरोपी आयुष की तलाश शुरू कर दी। आरोपी को भी मामला दर्ज होने की भनक लग चुकी थी, वह शहर से भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उसके भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर मारपीट, अवैध वसूली और धमकाने के कई मामले दर्ज हैं पकड़े गए आरोपी का शहर के हजीरा समेत विभिन्न थानों में अच्छा खासा अपराधिक रिकॉर्ड है। मारपीट, अवैध वसूली व धमकाने के कई मामले दर्ज हैं। यही कारण है कि पीड़िता उससे डर गई थी। हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया- एक युवक ने नाबालिग पीड़िता के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया है। घटना दिसंबर 2025 की है। पीड़िता ने अब मामले की शिकायत की है, जिस पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

'बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार', अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक ने कश्मीर, दिल्ली में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी पार्टियों में राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। शाह के आरोप-प्रस्ताव पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले में शाह की रिहाई पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बंधक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अभिषेक अंबानी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए हमले में गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी रोक नहीं लगाने का सवाल उठाया। शेख़ ख़ुशना को लेकर क्या बोले अभियोग…? न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शेख हसीना को क्या कहा जाए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें दूर-दराज़ के निवासियों से खोजा गया है, जो कि फ्लॉवर के शाह के संकल्प का ज़िक्र करते हुए अभियोग ने केंद्रीय गृह मंत्री पर बार-बार आरोप लगाया है- एक ही बात दोहराई जा रही है और इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम घुसपैठियों की बात करें तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले साल से भारत में रह रही हैं? क्या हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए?’ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से अमित शाह असफलः अभिवचन अभिषेक ने कहा, ‘अमित शाह पहले गाम में हुए आतंकवादी हमलों में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? दिल्ली में हमलावरों ने कैसे घुसे और 10 लोगों को मार डाला? ‘शाह इन लोगों की सुरक्षा क्यों विफल हो रही है?’ यह भी पढ़ें: ओडिशा के गंजाम में ‘दंड नाच’ के दौरान दो संप्रदायों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी

Secret Trick: शबाना सैफी की इस ट्रिक से सिर्फ 1 सिटी में ही पकाए एकदम सीधे-खिले चावल, समय भी बचाए और स्वाद भी बढ़ाया

Secret Trick: शबाना सैफी की इस ट्रिक से सिर्फ 1 सिटी में ही पकाए एकदम सीधे-खिले चावल, समय भी बचाए और स्वाद भी बढ़ाया

गुप्त युक्ति: अक्सर लोगों की परेशानी यह होती है कि चावल में थोड़ा-थोड़ा कुकर या तो अलग-अलग तरह से चिपक जाते हैं या फिर नीचे से जल जाते हैं। कुकर में परफेक्ट चावल बनाना एक कला है, और कुकिंग एक्सपर्ट शबाना सैफी ने इस कला को बेहद आसान बना दिया है। उनके बताए गए खास टिप्स और पानी के सही अनुपात को अपनाकर आप घर पर ही रॉयल पुलाव जैसे खिले-खिले चावल तैयार कर सकते हैं। आइए हम आपको इस लेख में स्टेप-बाय-स्टेप चावल बनाने की विधि के बारे में बताते हैं। जिससे चावल एकदम खिला-खिला रहेगा और हर दाना एक अलग सा दिखेगा। चावल की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए चावल की गुणवत्ता और उसे तैयार करने का तरीका सबसे पहला कदम है।खिले-खिले चावल हमेशा अच्छी गुणवत्ता के लिए लंबे ग्रेन बासमती चावल का चयन करें।चावल बनाने से पहले कम से कम 30 मिनट तक सोखना जरूरी है। सब्सने से दाने पानी सोख लेते हैं, जिससे वे पकते समय टूटते नहीं और अपनी पूरी लंबाई तक खिलते हैं।चावल धोते समय हाथों का दबाव अलग, ताकि दानों के बीच से न टूटे। चावल बनाने का पहला स्टेप साधारण चावल को ‘स्पेशल’ बनाने के लिए उन्हें सलाद के बजाय मसाले का तड़का लगाएं। कुकर में थोड़ी सी घी या तेल गरम कर लीजिये. इसमें लौंग, छोटी और बड़ी इलायची, काली मिर्च और जीरा डाला जाता है। जैसे ही मसालों की ध्वनि आने लगे, बड़े-बड़े चावलों को कुकर में डालें। चावलों को घी में 1-2 मिनट का चित्रांकन। ऐसा करने से दानों पर घी की एक परत चढ़ जाती है, जो उन्हें बिजली से रोकती है। चावल पकाने के लिए पानी की मात्रा का ध्यान रखें कुकर में चावल खराब होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि हम पानी कम या फिर ज्यादा ले रहे हैं। साधारण शबाना सैफी के अनुसार 2 चम्मच चावल के लिए सिर्फ 2.5 चम्मच पानी का ही उपयोग करें। ज्यादातर लोग ज्यादा पानी दाल देते हैं। चावल स्वादिष्ट हो जाते हैं। यह पोटली का फॉर्मूलेशन चावल को एकदम सटीक टेक्सास देता है। चावल पकाने का सही तरीका यही स्टेप सबसे जरूरी है। जो आपके चावलों को रेस्टोरेंट की तरह बनाएगा। पानी डाउनलोड करने के बाद तुरंत बंद न करें।कुकर को एक साधारण प्लेट से पुराने डेक और उच्च फ्लेम पर व्यंजन बनाया गया।जब ऊपर का पानी सूख जाए और चावलों की सतह दिखे, तब कुकर का असली समुद्र तट।अब केवल एक सीट पर क्लिक करें और तत्काल बंद कर दें। चावल सर्व करने से पहले ये जरूर करें शहर के बाद कुकुर को घण्टा बंद न छोड़ें। स्टीम को तुरंत हटा दिया गया और डेथ एंकर। अब एक केंट या कढ़ी की मदद से चावलों को हाथों से फुलाएं। इसके अंदर की गर्म हवा निकल जाएगी और चावल के साथ में शामिल नहीं होगा। शबाना सैफी का तरीका ये भी पढ़ें – ड्रैगन फ्रूट Vs बनाना शेक: ड्रैगन फ्रूट और बनाना शेक में कौन सबसे ज्यादा जादुई? जानिए क्या हैं फायदे

ऐसे कोर्स डिजाइन करें, जो ट्रेनिंग के बाद रोजगार दिलाएं:सीएम बोले- सीखो कमाओ योजना में 20 हजार लोगों की ट्रेनिंग को दोगुना कराएं

ऐसे कोर्स डिजाइन करें, जो ट्रेनिंग के बाद रोजगार दिलाएं:सीएम बोले- सीखो कमाओ योजना में 20 हजार लोगों की ट्रेनिंग को दोगुना कराएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ऐसे नए उपयोगी कोर्स डिजाइन किए जाएं, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तत्काल रोजगार दिलाने में सहायक हों। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में लगभग 20 हजार से व्यक्तियों के प्रशिक्षण की उपलब्धि को दोगुना किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल की मौजूदगी में समत्व भवन में हुई मीटिंग में जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आईटीआई की ग्रेडिंग जारी की है, इसमें मध्यप्रदेश 5वें स्थान पर है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में अनेक प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और डेयरी विकास कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए कौशल विकास और रोजगार विभाग से समन्वय कर समुचित कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष-2026 में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए समुचित प्रयास करने को कहा। कौशल विकास योजना में लाभ पाने वालों की दी जानकारी बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सर्वाधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ। साथ ही युवा संगम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को लाभान्वित किया गया। मध्यप्रदेश के एक लाख 32 हजार युवाओं को स्व-रोजगार का लाभ मिला है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल द्वारा इस वर्ष 3 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 1500 प्रशिक्षणार्थी लॉन्ग टर्म और इतने ही शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करेंगे। युवाओं को पूर्व में जिन उद्योगों में प्रशिक्षण दिलवाया गया है, उनमें रिलायंस, ट्राइडेंट, जिंदल समूह के जेबीएम आदि शामिल हैं। प्रदेश में 290 शासकीय और 644 प्राइवेट आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई, जिसके फलस्वरूप कुल सीट 52 हजार 248 हो गई हैं। प्राइवेट आईटीआई में कुल 61 हजार 32 सीट हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि परम फाउंडेशन द्वारा धार जिले में सरदारपुर आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। पीएम सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई उन्नयन का कार्य हुआ है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। सीएम ने कृषि लोकरंग की तैयारियों की समीक्षा की इसके पहले कृषि लोकरंग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग में किसानों और आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए कृषि क्विज प्रतियोगिता जैसे नवाचार किए जाएं। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएं। हर जिले के प्रथम विजेता (टॉपर) को पुरस्कार के रूप में किसानों के लिए हर मौसम में उपयोगी कृषि संसाधन (जैसे ट्रैक्टर आदि) एवं अन्य तरह के पुरस्कार भी दिए जा सकते हैं। सीएम ने संभाग, जिला स्तर पर भी इसके लिए कार्यक्रम करने को कहा है। इसके अलावा एक अन्य बैठक में बालाघाट में होने वाले जनजातीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।

मिर्गी आने से पहले कर लेगी पता! IIT कानपुर ने बना डाली ऐसी डिवाइस, जेब में रखकर कहीं भी घूमिए

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Last Updated:April 10, 2026, 22:36 IST IIT Kanpur News : ये डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. इस डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. कानपुर. अब ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा पहले ही पहचाना जा सकेगा. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. आईआईटी कानपुर में तैयार की गई एक नई “प्वाइंट ऑफ केयर” डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. यह डिवाइस आईआईटी कानपुर के इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर में काम कर रहे स्टार्टअप मेंटीव हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है. स्टार्टअप के सीईओ हर्ष अरोड़ा के अनुसार, इस तकनीक का मकसद इलाज को अस्पतालों तक सीमित न रखकर सीधे मरीज तक पहुंचाना है, खासकर गांवों में. कैसे करेगी काम यह डिवाइस दिमाग की गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करती है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह डेटा को समझकर संभावित खतरे का अंदाजा लगा सकती है. अगर मस्तिष्क में किसी तरह की असामान्य गतिविधि शुरू होती है, तो यह डिवाइस पहले ही अलर्ट दे देगी. इससे डॉक्टर समय रहते इलाज शुरू कर सकेंगे. यह डिवाइस मिर्गी के दौरे आने से पहले भी संकेत दे सकती है, जो मरीजों के लिए राहत भरी बात है. हर्ष अरोड़ा बताते हैं कि डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. आईआईटी कानपुर की लैब में इसकी टेस्टिंग अभी भी जारी है. पॉकेट में फिट इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका छोटा और पोर्टेबल होना है. यह पॉकेट साइज की है और पूरी तरह से चार्जेबल है, यानी मरीज इसे कहीं भी आसानी से साथ रख सकता है. हर्ष के मुताबिक, उनकी कंपनी ऐसी डिवाइसेस पर काम कर रही है जिन्हें पहनना और इस्तेमाल करना आसान हो. यही वजह है कि इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. पूरी तरह स्वदेशी इस डिवाइस को पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है और इसकी कीमत भी विदेशी डिवाइसेस के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी. हर्ष अरोड़ा का कहना है कि यह डिवाइस आधे से भी कम कीमत में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें. इस प्रोजेक्ट को आईआईटी कानपुर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय से फंडिंग भी मिली है, जिससे इसे आगे और बेहतर बनाने का काम चल रहा है. उम्मीद की नई किरण ब्रेन से जुड़ी बीमारियां अक्सर अचानक और खतरनाक होती हैं, लेकिन यह डिवाइस समय से पहले चेतावनी देकर मरीजों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.खा सकर गांवों में रहने वाले मरीजों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 10, 2026, 22:36 IST

क्या आप जानते हैं पीएम मोदी कुकिंग में भी हैं माहिर? बना लेते हैं ये हेल्दी चीजें, उनकी फिटनेस का है ये सीक्रेट

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What can PM Modi cook: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप अक्सर टीवी पर भाषण देते सुने होंगे. उनके बोलने का अंदाज, शानदार व्यक्तित्व, हाव-भाव के दीवाने काफी लोग हैं. वे जब भी अपने मन की बात करते हैं, तो अपने बारे में, अपने पसंद-नापसंद के बारे में काफी चीजें देश की जनता के साथ साझा भी करते हैं. उन्हें आपने अक्सर ये भी कहते सुना होगा कि वो खाने के भी बेहद शौकीन हैं, लेकिन शायद आपको इस बात के बारे में पता नहीं होगा कि पीएम मोदी (PM Modi) को खाना पकाना भी पसंद है. वे एक अच्छे कुक भी हैं. यहां जानिए, आखिर प्रधानमंत्री मोदी कौन-कौन सी चीजें बना लेते हैं. कैसा खाना है पसंद?मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे खानपान के मामले में काफी अनुशासित रूटीन फॉलो करते हैं. घर का खाना उन्हें पसंद है. वे सादा भोजन को प्रेफर करते हैं. उनकी डाइट में हेल्दी और पौष्टिक चीजें अधिक शामिल होती हैं. वे हर तरह की चीजें खाना पसंद करते हैं, जो सेहत के लिए पौष्टिक होती हैं. वे पहाड़ी मशरूम भी खाना पसंद करते हैं. हल्दी, दही उनके भोजन में जरूर शामिल होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. फेवरेट है मोरिंगा पराठाजब भी उन्हें मौका मिलता है, वे कुछ ना कुछ कुक करते हैं. क्या आप जानते हैं कि नरेंद्र मोदी की फेवरेट चीज क्या है? दरअसल, उन्हें मोरिंगा का पराठा खाना बहुत पसंद है. एक इंटरव्यू में इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा था कि जब भी उन्हें समय मिलता है तो वो थोड़ी बहुत कुकिंग में हाथ आजमाते हैं. कई बार मोरिंगा का पराठा भी बना चुके हैं. सप्ताह में 2 बार जरूर ड्रमस्टिक पराठा खाते हैं. इसके साथ ही उन्हें कई और चीजें खाना पसंद हैं जैसे मखाना, स्प्राउट्स, ढोकला, खांडवी, दालें, सब्जी, रोटी, सूप, खिचड़ी, इडली, डोसा, खाखरा, साबुदाना खिचड़ी भी खाना पसंद हैं. कुकिंग का भी रखते हैं शौक पीएम मोदी?उन्हें खाने के साथ ही कुक करना भी भाता है. कई बार वे खुद इस बात को कह चुके हैं कि जब वे आरएसएस प्रचाकर थे और पॉलिटिक्स में शामिल होने तक वे खुद से ही खाना पकाया करते थे. कई बार इंटरव्यू में उन्हें ये भी कहते सुना गया है कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में सुबह की चाय वे खुद ही बना लिया करते थे. पोहा, खिचड़ी भी उनका फेवरेट व्यंजन है, जिसे वे काफी बनाया करते थे. आज भी उन्हें काम से फुर्सत मिलता है तो इन चीजों को वो बनाना पसंद करते हैं. उन्हें खिचड़ी बनाना इसलिए भी पसंद है, क्योंकि इसमें अधिक मेहनत नहीं लगती है और जल्दी बन जाती है. ये सुपाच्य भोजन है. आरएसएस के टाइम के समय वे ऑफिस में अपने सहकर्मियों, साथियों के लिए खिचड़ी, सिंपल भोजन बनाया करते थे. वे साबुदाना खिचड़ी की भी रेसिपी जानते हैं. एक प्रोग्राम में उन्होंने एक महिला को साबुदाना खिचड़ी की पूरी विधि बताई थी, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया था.

हेल्दी ब्रेकफास्ट: बस 20 मिनट में खाने के लिए तैयार करें आलू की चटपटी स्टफिंग; बच्चे-बच्चे सब चैट कर जायेंगे

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आटे का फरा रेसिपी: उत्तर प्रदेश और बिहार के पारंपरिक नामांकन में आज भी घर-घर में काफी लोकप्रिय हैं। अगर घर में सिर्फ मसाले का आटा और आलू है तो आप भी बेहद स्वादिष्ट और स्वादिष्ट नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये रेसिपी ना भी है आसान, साथ ही पूरे परिवार को पसंद आती है। आटा के बारे में यूपी-बिहार की ग्रामीण रसोई का हिस्सा हैं। कई जगह दाल की स्टफिंग बनाई जाती है, तो कहीं खोए की भराई की जाती है। लेकिन आलू की चटपटी स्टफिंग वाला वर्जन सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसे आम भाषा में कई बार ‘आलू का गोझा’ या ‘गोझा’ भी कहा जाता है। यह कम तेल में बनता है, इसलिए स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। आटे का किराया क्या-क्या होना चाहिए? आटे का आटा- 2 कपआलू- 5-6 बड़े आकार केहरा धनिया- छोटा साहरी मिर्च- 2अदरक- 1 इंचलहसुन- 1 बड़ा चम्मच (कुचला हुआ)हल्दी पाउडर- 1 छोटा चम्मचलाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मचजीरा- 1 छोटा चम्मचअमचूर पाउडर- 1/2 छोटा चम्मचधनिया पाउडर- 1 छोटा चम्मचहल्दी का तेल- आवश्यकतानुसारनमक सबसे पहले आलू को आलू लें। सुलगने के बाद ठंडा कर चिपकाकर रख दें। इस बीच आटे में थोड़ा सा नमक और 1 नमक का तेल साबुत मुलायम दो गूंथ लें। दो को 15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि ग्रेट से फूल जाए। अब कड़ाही में 2 मसाले का तेल गर्म करें। जीरा, कटी हरी मिर्च और कसा अदरक। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और नमक नमक भून लें। आलू को मैश करके डालें। अच्छे से पूरी चटपटी स्टफिंग तैयार कर लें। हरा धनिया पूरा ठंडा होने दें। समतुल्य लोइयों को बाँट लें। हर लोई को पूरी तरह बेलें। बीच में आलू की स्टफिंग सुपरमार्केट से बंद कर दें। फ़्रे को मोमो या गुग्गी जैसे दर्शन दे सकते हैं। सभी को स्टीमर या स्टीमर में 12-15 मिनट तक स्टीम करना है। स्टीम हो जाने के बाद कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें। इसमें प्याज और लहसुन चित्रारेखाचित्र। स्टीमे फ़ेयरेनोमैथली दोनों तरफ से सौर मंडल होने तक प्रभाव फ़्राई कर लें। बस तैयार है आपके आटे के किराए, गर्म-गर्मी के किराए को हरी चटनी, दही या चाय के साथ सर्व करें। यह नाश्ता न सिर्फ पेट भरता है बल्कि ऊर्जा भी देता है। बच्चों को स्टूडियो बॉक्स में भी दे सकते हैं। अगली बार जब नामांकन का मन न करे तो यूपी-बिहार का ये क्लासिक टिकट जरूर खरीदें। अगर एक बार परिवार को बनाया जाए तो, घरवाले को बार-बार बनाने का तरीका बताया गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)आटे का फरा रेसिपी(टी)यूपी बिहार का प्रसिद्ध खाना(टी)गेहूं का आटा आलू भरवां खाना(टी)आटे के फरा कैसे बनाएं(टी)स्वस्थ भारतीय नाश्ता पकौड़ी