रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। देखिए, 7 तस्वीरें… इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
गर्मी में डाइट में शामिल करें हरी सब्जी, फल और सलाद, स्किन पर बना रहेगा ग्लो, दिखेंगे सबसे स्मार्ट

Last Updated:April 08, 2026, 08:26 IST Summer skin care tips: अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. दरअसल रायबरेली जिले की ब्यूटीशियन आरती सिंह बताती है कि अप्रैल की तेज गर्मी में भी त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है. नियमित देखभाल से स्किन न सिर्फ हेल्दी रहेगी, बल्कि प्राकृतिक चमक भी बनी रहेगी. सबसे पहले धूप से बचाव करना बेहद जरूरी है. तेज धूप में बाहर निकलने से पहले चेहरे और खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. कम से कम एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा धूप में निकलते समय टोपी, छाता या स्कार्फ का उपयोग करें, ताकि त्वचा पर सीधी धूप का असर कम पड़े. Add News18 as Preferred Source on Google दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है, इसलिए इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. गर्मी के मौसम में त्वचा को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है. शरीर में पानी की कमी का असर सीधे त्वचा पर दिखाई देता है. दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन भी त्वचा को अंदर से ठंडक देता है. इसके साथ ही चेहरे को दिन में दो से तीन बार ठंडे पानी से धोने से भी त्वचा ताजा बनी रहती है. गर्मी में ऑयली स्किन की समस्या भी बढ़ जाती है. हफ्ते में एक या दो बार घरेलू फेस पैक लगाना भी फायदेमंद होता है. जैसे बेसन, दही और हल्दी का पैक त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है. खीरा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल भी त्वचा को ठंडक देने में मदद करते हैं. इसके अलावा खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है. तली-भुनी और मसालेदार चीजों की जगह हरी सब्जियां, फल और सलाद को अपनी डाइट में शामिल करें.तरबूज, खरबूज और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं. पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद पूरी न होने से त्वचा थकी हुई नजर आती है. First Published : April 08, 2026, 08:26 IST
ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

Last Updated:April 08, 2026, 08:16 IST वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं. मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.
मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव

मंदसौर जिले में मंगलवार देर शाम से रात तलक आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते जहां कई जगह पेड़ गिर गए, वहीं शादी समारोहों के लिए लगाए गए पंडाल तक उखड़ गए। इस बीच एक दर्दनाक हादसे में मोटर बोट (स्टीमर) से नदी में गिरने पर एक युवती की मौत हो गई। नदी में डोली बोट, युवती गिरी पानी में जानकारी के अनुसार, गांव कुशालपुरा निवासी 24 वर्षीय आशा पिता कन्हैयालाल सूर्यवंशी, गांव खात्याखेड़ी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम ढौर्री के पास नदी पार करते समय तेज हवा के झोंकों से मोटर बोट अनियंत्रित हो गई। बोट के डोलने से आशा संतुलन खो बैठी और नदी में गिर गई। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देर रात मिला शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने स्थानीय गौताखोरों और एसडीईआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों की खोजबीन के बाद मंगलवार देर रात युवती का शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ लाया गया है। बुधवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम, इलाके में शोक की लहर अचानक हुए इस हादसे से मृतका के परिवार में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की मौत नदी में गिरने से होना सामने आया है। मंगलवार देर शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने जिलेभर में व्यापक असर डाला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और शादी के पंडाल उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक समिति अध्यक्ष का निधन:गुरनाम सिंह डंग का 65 वर्ष की उम्र में देहांत; आज भक्तन की बावड़ी में होगा अंतिम संस्कार

श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग (65) का कुछ दिनों की बीमारी के बाद मंगलवार रात निधन हो गया। शिक्षा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से समिति के अध्यक्ष पद पर थे। वर्तमान में उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल (बुधवार) को भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा और उनके निधन के चलते समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। 16 साल से थे अध्यक्ष, सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष थे। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते मंगलवार रात उनका देहांत हो गया। उनके परिवार में एक भाई सतपाल सिंह, दो बेटे अंकित डंग व अर्पित डंग और एक बेटी सोनल है। दोपहर 1 बजे निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा गुरनाम सिंह डंग की अंतिम यात्रा 8 अप्रैल (बुधवार) को दोपहर 1 बजे राज गार्डन के सामने बरबड़ रोड स्थित उनके निवास स्थान से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में रहेगा अवकाश अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा संचालित स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। इसके तहत श्री गुरु बहादुर एकेडमी और श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में 8 अप्रैल को पूर्ण रूप से अवकाश रहेगा।
सूजी का हलवा: घर में असली भंडारे वाला सूजी का हलवा, हलवाई भी हो जाएगी फेल; नोट करें आसान रेसिपी

सूजी का हलवा बनाने की विधि: अगर आपने कभी मंदिर या भंडारे का सूजी का हलवा खाया है, तो आपको उसका स्वाद जरूर याद आया होगा, जो घी से भरा, स्वादिष्ट और बिल्कुल शानदार होता है। बता दें कि अब आप यह स्वाद घर पर भी आसानी से बना सकते हैं, वो भी बिना किसी खास मेहनत के। तो जानें सूजी का हलवा बनाने की सबसे आसान विधि- सूजी का हलवा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री अन्य युक्तियाँ: अब आपको बाहर जाने के लिए सूजी का हलवा जैसे भंडारे की जरूरत नहीं है। इस आसान रेसिपी की मदद से आप घर पर ही स्वादिष्ट और स्वादिष्ट हलवा बना सकते हैं।
ईरान-अमेरिका में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी; ईरान होर्मुज भी खोलेगा, नागरिकों से कहा- जीत का जश्न मनाएं

ईरान और अमेरिका 2 हफ्ते के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया, ईरान की तरफ से तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए राजी हूं। ट्रम्प ने कहा, “मैंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के अपील के बाद लिया है। हमें ईरान से 10 पॉइंट का प्रस्ताव मिला है। दोनों देशों के बीच सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अगले दो हफ्ते समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने के लिए जरूरी होंगे।” ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि आगे की बातचीत 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी। ईरान ने दो हफ्ते के लिए होर्मुज खोलने की जानकारी दी और अपने नागरिकों से कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और जीत का जश्न मनाना पूरी ताकत से जारी रखें। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी में है। असम और गुजरात के बाद मप्र भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना . सीएम के संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हो गई है, क्योंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। सूत्रों के अनुसार, जल्द राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार छह माह के भीतर यूसीसी बिल लाने की तैयारी में है। इसके लिए दिल्ली से भी मप्र को संकेत मिल चुके हैं। उत्तराखंड-गुजरात-असम जैसे बहुविवाह के नियम बदलेंगे, लिव इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी Q. यूसीसी लागू होने पर मूल बदलाव क्या होगा? – सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम एक समान हो जाएंगे। अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो जाएंगे। Q. शादी और तलाक के नियम कैसे बदलेंगे? – अभी हर धर्म के अपने नियम हैं। यूसीसी के बाद विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। न्यूनतम आयु समान होगी, तलाक के कानूनी आधार सभी के लिए एक होंगे। Q. बहुविवाह और विरासत के नियमों पर क्या असर? – कई पर्सनल लॉ में एक से अधिक विवाह की अनुमति या गुंजाइश है। यूसीसी लागू होते ही पूरी तरह प्रतिबंधित। – बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिलेगा। यह नियम सभी धर्मों पर समान लागू होगा। Q. यूसीसी लागू करने में मप्र में सबसे बड़ी चुनौती क्यों मानी जा रही है? – मप्र में बड़ी संख्या में जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जहां पारंपरिक विवाह पद्धतियां प्रचलित हैं। इन परंपराओं को यूसीसी में शामिल करना या अलग प्रावधान चुनौती होगी। दापा प्रथा: वधु मूल्य देना। भगेली/लम्सना विवाह: युवक-युवती भागकर शादी करते हैं, बाद में समाज मान्यता देता है। सेवा विवाह: वधु मूल्य न देने पर लड़का ससुराल में रहकर सेवा करता है। नातरा प्रथा: विधवा पुनर्विवाह या साथी बदलने की अनुमति। Q. किन राज्यों में यूसीसी लागू या प्रक्रिया में है? उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास, 27 जनवरी 2025 से लागू। गुजरात: मार्च 2026 में बिल पास, लागू करने की तैयारी। गोवा: 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण यहां यूसीसी पहले से लागू। असम: नवंबर 2025 में बहुविवाह निषेध कानून पास, यूसीसी की दिशा में कदम उत्तर प्रदेश: यूसीसी लागू की तैयारी चल रही है। एसटी 3 राज्यों में कानून से बाहर Q. उत्तराखंड मॉडल में क्या है? -स्वतंत्र भारत का पहला राज्य जहां यूसीसी लागू हुआ। शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लिव-इन रिलेशनशिप का 30 दिन में रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया। ऐसा न करने पर 3 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। Q. गुजरात मॉडल की खास बातें क्या हैं? -उत्तराखंड जैसा ढांचा। धोखे, दबाव या पहचान छिपाकर शादी अपराध है। इस पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव-इन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संपत्ति में बेटा-बेटी बराबर होंगे। एसटी को कानून से बाहर रखा गया है। Q असम का मॉडल क्या है? – यहां यूसीसी पूरी तरह लागू नहीं। बहुविवाह अपराध घोषित किया है। छठी अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर।
शिमला के नारकंडा-कुफरी में बर्फबारी:हिमाचल में रातभर तेज बारिश, आज 5 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

हिमाचल प्रदेश में शिमला जिला के मशहूर पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी समेत लाहौल स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह 6 बजे के बाद बर्फबारी शुरू हुई। इससे पहले, पूरे प्रदेश में रात भर तेज बारिश हुई। कई जगह तूफान भी चला। मौसम विभाग ने आज भी पांच जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट दे रखा है। बारिश व बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। पहाड़ों पर लोग सर्दी के गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए है। राज्य के कई शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। बर्फबारी के बाद इसमे और गिरावट आएगी। ऊना के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 9.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सोलन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 9.1 डिग्री कम होने के बाद 23.6 डिग्री, कांगड़ा का 6.1 डिग्री लुढ़कने के बाद 26 डिग्री, सुंदरनगर का 5.6 डिग्री कम होने के बाद 23.3 डिग्री सेल्सियस रह गया है। 3 जगह जमाव बिंदू के आसपास पहुंचा रात का पारा बीते 24 घंटे में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री, कुकुमसैरी का 0.4, ताबो का पारा 1.1 डिग्री, मनाली का 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सोलन 8.5, भुंतर व शिमला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन में कई शहरों का पारा माइनस में जाने की संभावना है। आज पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD के अनुसार- अगले 48 घंटे भी ठंड से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है। कल भी पूरे प्रदेश में खराब रहेगा मौसम अगले कल भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। नौ अप्रैल के लिए मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, इस दिन अधिक ऊंचे पहाड़ों पर ही हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 11 व 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। सेब की फसल पर संकट ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सेब बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। बर्फ के भार से सेब को ओलो से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस टूट रहे है। सेब की फ्लावरिंग के वक्त अत्यधिक ठंड के कारण फसल पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि फ्लावरिंग के दौरान औसत तापमान 14 से 15 डिग्री जरूरी होता। मगर आज दो दिन से औसत पारा 6 से 7 डिग्री तक गिर गया है।
Health Tips: गर्मी में कुडजू स्टार्च का करें सेवन, पसीना, थकान और गर्मी से मिलेगी राहत, शरीर को मिलेगा जबरदस्त फायदा

Last Updated:April 08, 2026, 05:20 IST Kudzu Starch Drink Benefits : कुडज़ू और कसावा स्टार्च पेय गर्मी में ठंडक और सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. पलामू के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने कहा कि इससे पथरी की आशंका भी दूर हो जाती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पेय पदार्थ है. कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर से बना पेय लंबे समय से गर्मियों में इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक और ताजगी देने वाला पेय माना जाता है. यह सस्ता होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक देता है और कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है. खासतौर पर गर्मी के मौसम में लोग इसे शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए पीते हैं. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल 18 को बताया कि यह पेय रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और गुर्दे की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. उन्होंने कहा कि कई लोगों में यह धारणा है कि कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर के ज्यादा सेवन करने से गुर्दे की पथरी बन सकती है. हालांकि यह पूरी तरह गलतफहमी है. चिकित्सा साहित्य में अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कुडज़ू पाउडर के सेवन से पथरी बनती है. इसमें ऐसे सक्रिय तत्व नहीं पाए जाते हैं. जो पथरी बनने का कारण बनें. साथ ही कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार कुडज़ू की जड़ का स्वाद मीठा और प्रकृति तटस्थ होती है. यह शरीर की गर्मी कम करने, प्यास बुझाने, बुखार, खसरा, फोड़े-फुंसी और सर्दी में राहत देने में उपयोगी मानी जाती है. इसके अलावा यह हैंगओवर से राहत दिलाने में भी प्रभावी बताई जाती है. गर्मी के दिनों में इसे ठंडक देने वाले प्राकृतिक पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि कुडज़ू स्टार्च पाउडर रक्त संचार को बेहतर बनाने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, यकृत कोशिकाओं की रक्षा करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करता है. यह श्वसन संक्रमण से बचाव और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. साथ ही कहा कि यह लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. इसे रोजाना एक गिलास से अधिक सेवन न करने की सलाह देते हैं. इसे शहद के साथ मिलाकर नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है. सुबह इसका सेवन बेहतर माना जाता है. जबकि शाम को पीने से बचने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि कसावा स्टार्च का शीतल प्रभाव अधिक होता है, इसलिए छोटे बच्चों को कम मात्रा में ही देना चाहिए. कच्चा सेवन करने से पेट खराब या दस्त की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे पकाकर देना बेहतर है. गर्भवती महिलाओं को शरीर में गर्मी महसूस होने पर इसका सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन ठंड, थकान या लो ब्लड प्रेशर होने पर इसे नहीं पीना चाहिए. आगे कहा कि कुडज़ू स्टार्च पेय बनाने के लिए 2–3 चम्मच स्टार्च में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर घोल तैयार करें. इसमें ताजा दूध, गाढ़ा दूध, कुमक्वाट या नींबू और स्वादानुसार चीनी की चाशनी मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ठंडा परोसें. यह पेय गर्मी में ताजगी देने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देता है. उन्होंने आगे कहा कि शुद्ध कुडज़ू स्टार्च सफेद रंग के बड़े दानों के रूप में होता है, जिसमें प्राकृतिक सुगंध होती है. इसे चबाने पर यह कुरकुरा लगता है और जल्दी घुल जाता है. वहीं मिलावटी उत्पाद का रंग धुंधला होता है और उसमें तेज या कृत्रिम गंध हो सकती है. सही गुणवत्ता वाला पाउडर चुनना ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी माना जाता है. First Published : April 08, 2026, 05:20 IST






