Thursday, 24 Sep 2026 | 08:23 PM

Trending :

वेलकम फिल्म फेम एक्टर मुश्ताक खान का निधन:56 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 5 साल से कैंसर से पीड़ित थे वेलकम फिल्म फेम एक्टर मुश्ताक खान का निधन:56 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 5 साल से कैंसर से पीड़ित थे अनुपम खेर बोले- गोविंदा अपने आसपास के माहौल से परेशान:कहा- आदतों को काम पर हावी न होने दें; रूमर्ड गर्लफ्रेंड के चलते विवाद में फंसे गोविंदा अनुपम खेर बोले- गोविंदा अपने आसपास के माहौल से परेशान:कहा- आदतों को काम पर हावी न होने दें; रूमर्ड गर्लफ्रेंड के चलते विवाद में फंसे गोविंदा 13 साल की छात्रा ने बनाया स्टडी ऐप:लॉन्च होने के 3 दिन में ढाई लाख की कमाई, AI की मदद से बिना कोडिंग जाने किया डिजाइन Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu & Vivek Joshi Profile Details
EXCLUSIVE

दांतों में सूजन और त्वचा पर खुजली हो सकती है किडनी रोग होने के लक्षण, भूलकर भी न करें

दांतों में सूजन और त्वचा पर खुजली हो सकती है किडनी रोग होने के लक्षण, भूलकर भी न करें

गुर्दा रोग: शरीर को स्वस्थ और डिटॉक्स रखने में हमारी किडनी की बेहद अहम भूमिका है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। हालाँकि, जब किडनी के कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है, तो शरीर कई तरह के प्रारंभिक संकेत देना शुरू कर देता है। बार-बार लोग इन योग्यताओं को सामान्य समझकर अंतिम कर देते हैं, जो आगे चलकर किडनी फेलियर या गंभीर किडनी रोग का कारण बन सकते हैं। अगर आपके दांतों या पंजों में किसी बाहरी चोट के कारण सूजन आ रही है, तो यह किडनी की बीमारी का बड़ा संकेत हो सकता है। किडनी जब ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से पसीना और अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकलता है। यह तरल पदार्थ स्टाइरीन और ऑर्थोडॉक्स ऑर्गेनाइजेशन में जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देती है। त्वचा पर अधिक खुजली और रूखापन होना त्वचा में लगातार खुजली होना सिर्फ एलर्जी या त्वचा संक्रमण ही नहीं है, बल्कि किडनी की मांसपेशियों की ओर भी संकेत होता है। खून में टॉक्सिन्स का होना, पदार्थ का स्तर बढ़ना, त्वचा पर गंभीर खुजली, रूखापन और रैशेज शामिल हैं। बार-बार पेशाब आना या पेशाब में खून आना। खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी और विषाक्त पदार्थों के जमाव के कारण होते हैं। सुबह-सुबह नज़र के नीचे सूजन दिखाई देती है। यदि आपके शरीर में यह लक्षण 4-5 दिन से अधिक समय तक लगातार दिखाई देता है, तो बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करें। आप तुरंत केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), यूरिन टेस्ट और ब्लड डॉक्युमेंट की जांच करें। पर्याप्त पानी पिएं, नमक का सेवन नियंत्रित करें, और डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर खाने से सलाह लें।

आशीष कुमार दश होंगे इंफोसिस के नए CEO:पहली तिमाही में मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़ रहा, रेवेन्यू 14% उछलकर ₹48,211 करोड़ पहुंचा

आशीष कुमार दश होंगे इंफोसिस के नए CEO:पहली तिमाही में मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़ रहा, रेवेन्यू 14% उछलकर ₹48,211 करोड़ पहुंचा

देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने आशीष कुमार दश को अपना नया CEO नियुक्त किया है। 23 जुलाई 2026 को पहली तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने इस लीडरशिप बदलाव का ऐलान किया। वे मौजूदा CEO और MD सलिल पारिख की जगह लेंगे। वे 1 अप्रैल 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्ट के रूप में पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 5 साल के लिए होगा, जो 31 मार्च 2032 तक चलेगा। कंपनी का मुनाफा 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपए रहा जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,921 करोड़ रुपए था। पिछली तिमाही के 8,501 करोड़ रुपए के मुकाबले कंपनी के नेट प्रॉफिट में 8.6% की गिरावट आई है। रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹48,211 करोड़ हुआ इंफोसिस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपए हो गया है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 42,279 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। तिमाहगी आधार (QoQ) पर देखें तो कंपनी के रेवेन्यू में 4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) में कंपनी का रेवेन्यू 46,402 करोड़ रुपए रहा था। सलिल पारेख बोले- 8 साल में कंपनी की कमाई दोगुनी अपना पद छोड़ रहे MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि पिछले आठ साल में इंफोसिस का नेतृत्व करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात रही है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10 अरब डॉलर से बढ़कर दोगुना यानी 20 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है। सलिल पारेख ने आगे कहा कि हमने डिजिटल बदलावों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है और AI बदलाव के लिए एक अलग रणनीति तैयार की है। आशीष के साथ कई साल तक काम करने के कारण मैंने उनकी ईमानदारी, ग्राहकों के प्रति सोच और बदलाव के दौर में नेतृत्व करने की क्षमता को बहुत करीब से देखा है। उन्हें हमारे ग्राहकों, व्यापार और कर्मचारियों की गहरी समझ है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे इंफोसिस को बदलाव के अगले चरण में सफलतापूर्वक ले जाएंगे। आशीष कुमार बोले- इंफोसिस नए दौर की शुरुआत मजबूती से कर रही नई जिम्मेदारी मिलने पर आशीष कुमार दश ने कहा कि तकनीक अब एक नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां एआई व्यापार करने और वैल्यू बनाने के तरीकों को पूरी तरह बदल रहा है। इंफोसिस इस नए दौर की शुरुआत बहुत मजबूती के साथ कर रही है। हमारे पास स्पष्ट एआई रणनीति, बेहतरीन प्रतिभा, ग्राहकों के साथ गहरे संबंध और ऐसे मूल्य हैं जिन्होंने दुनिया भर में विश्वास जीता है। मेरा संकल्प इन ताकतों को और मजबूत करने, नए प्रयोगों को तेज करने, क्षमताओं को बढ़ाने और ग्राहकों को एआई-संचालित दुनिया में सफल बनाने का है।

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन शाह ने अपना रुख क्यों बदला? प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने यह परंपरा बनाई थी कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। उनका मानना था कि कई शक्तिशाली देश सरकारी व्यवस्था को दरकिनार कर सीधे नेपाल के टॉप नेताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते रहे हैं। इसलिए उन्होंने विदेशी राजनयिकों से सिर्फ समूह (ग्रुप) में मुलाकात करने की नीति अपनाई। इस फैसले के चलते उन्होंने कई बड़े विदेशी प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात करने से इनकार कर दिया। अब बालेन शाह मान रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारत और चीन के साथ सीधे संवाद बनाए रखना जरूरी हो चुका है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और शुरुआती नीतिगत फैसलों को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रही है। नेपाल की विदेश नीति में भारत-चीन की अहम भूमिका नेपाल लंबे समय से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाकर विदेश नीति चलाता रहा है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और लाखों नेपाली नागरिक रोजगार, व्यापार और अन्य कारणों से भारत से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते भी काफी गहरे हैं। वहीं चीन ने पिछले एक दशक में नेपाल में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के जरिए अपना प्रभाव लगातार बढ़ाया है। बीजिंग नेपाल के साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत करना चाहता है, जबकि काठमांडू दोनों पड़ोसी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करता है। भारत से मुलाकात क्यों अहम है? भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और सुरक्षा तथा व्यापार के मामले में भी दोनों एक-दूसरे पर काफी निर्भर हैं। हालांकि समय-समय पर सीमा विवाद और राजनीतिक मतभेदों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला है। इसके बावजूद नेपाल के लिए भारत के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बनाए रखना उसकी विदेश नीति की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक माना जाता है। चीन भी क्यों है बराबर अहम? चीन ने हाल के वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसके जरिए वह नेपाल में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत के साथ-साथ चीन के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखना नेपाल की विदेश नीति का अहम हिस्सा है। क्या बदल रही है बालेन शाह की राजनीति? बालेन शाह पहले काठमांडू के मेयर थे। उन्होंने पारंपरिक राजनीति से अलग छवि बनाकर लोकप्रियता हासिल की थी। विदेशी राजदूतों से अकेले मुलाकात नहीं करने का फैसला भी उसी सोच का हिस्सा था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें व्यावहारिक कूटनीति की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है।

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन ने विदेशी नेताओं से दूरी क्यों बनाई थी? बालेन शाह को अपना फैसला क्यों बदलना पड़ा बालेन शाह जब काठमांडू के मेयर थे, तब उन्होंने खुद को पारंपरिक नेताओं से अलग दिखाया था। इसी सोच के तहत उन्होंने नियम बनाया था कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदल गए हैं। अब उन्हें समझ आ गया है कि सिर्फ अलग छवि बनाना काफी नहीं है। देश चलाने के लिए पड़ोसी देशों के साथ सीधे बातचीत भी जरूरी होती है। इसी वजह से उन्होंने पहली बार अपना पुराना नियम तोड़ा है। भारत और चीन, दोनों नेपाल के सबसे अहम पड़ोसी हैं। ऐसे में दोनों देशों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखना उनकी सरकार की जरूरत बन गया है। नेपाल के लिए भारत और चीन दोनों क्यों जरूरी हैं? नेपाल की विदेश नीति हमेशा से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाए रखने पर आधारित रही है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है, जिससे लाखों नेपाली नागरिक काम, व्यापार और पढ़ाई के लिए आसानी से भारत आते-जाते हैं। दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ पड़ोसी होने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से भी जुड़े हैं। दूसरी ओर, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसलिए नेपाल के लिए चीन भी एक अहम आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बन गया है। यही वजह है कि काठमांडू किसी एक देश के करीब दिखने के बजाय भारत और चीन, दोनों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की कोशिश करता है।

हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

जून में पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब लंबे समय बाद पंकज त्रिपाठी ने इस हमले पर बात की है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है, यही वजह है कि परिवार किसी से नहीं डरता। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में एक्टर पंकज त्रिपाठी ने कहा है, ‘मेरा अपने परिवार से बहुत लगाव है, हम दिन में रोज एक बार बात जरूर करते हैं। इस घटना का मुझ पर असर जरूर पड़ा, लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लोग किसी से डरने वाले लोग नहीं हैं।’ आगे एक्टर ने कहा है, ‘हमने किसी के लिए संसार में गलत नहीं किया, तो डर किस बात का। वो एक अप्रिय घटना से ज्यादा कुछ नहीं है। जीवन में ये सब घटना चलती रहती है।’ जानिए क्या था हमले का पूरा विवाद? जून में बिहार के गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 2 लोगों ने विजेंद्र पर वार किया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। विजेंद्र नाथ को तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उन्हें पटना AIIMS रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजेंद्र का आरोपियों के साथ जमीनी विवाद था, जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द शुरू करेंगे यूट्यूब चैनल आखिरी बार इसी साल की फिल्म कृष्णा अवतारम में नजर आए पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले हैं। आने वाले दिनों में वो फिल्म मिर्जापुर में नजर आएंगे, जो 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इसके अलावा वो फिल्म पारिवारिक मनुरंजन और ओह माय डॉग में नजर आएंगे। पंकज त्रिपाठी 12 साल बाद थिएटर में भी वापसी करने वाले हैं।

हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

जून में पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब लंबे समय बाद पंकज त्रिपाठी ने इस हमले पर बात की है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है, यही वजह है कि परिवार किसी से नहीं डरता। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में एक्टर पंकज त्रिपाठी ने कहा है, ‘मेरा अपने परिवार से बहुत लगाव है, हम दिन में रोज एक बार बात जरूर करते हैं। इस घटना का मुझ पर असर जरूर पड़ा, लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लोग किसी से डरने वाले लोग नहीं हैं।’ आगे एक्टर ने कहा है, ‘हमने किसी के लिए संसार में गलत नहीं किया, तो डर किस बात का। वो एक अप्रिय घटना से ज्यादा कुछ नहीं है। जीवन में ये सब घटना चलती रहती है।’ जानिए क्या था हमले का पूरा विवाद? जून में बिहार के गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 2 लोगों ने विजेंद्र पर वार किया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। विजेंद्र नाथ को तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उन्हें पटना AIIMS रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजेंद्र का आरोपियों के साथ जमीनी विवाद था, जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द शुरू करेंगे यूट्यूब चैनल आखिरी बार इसी साल की फिल्म कृष्णा अवतारम में नजर आए पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले हैं। आने वाले दिनों में वो फिल्म मिर्जापुर में नजर आएंगे, जो 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इसके अलावा वो फिल्म पारिवारिक मनुरंजन और ओह माय डॉग में नजर आएंगे। पंकज त्रिपाठी 12 साल बाद थिएटर में भी वापसी करने वाले हैं।

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-‘बस, बस।’ रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-‘बस, बस।’ रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा की गिरावट:76,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक टूटा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा की गिरावट:76,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक टूटा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

शेयर बाजार में आज यानी 23 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 100 अंक की गिरावट है, ये 23,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। 96 डॉलर पर पहुंचा कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड में आज करीब 2% की तेजी है। ये 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जो सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार रहा 22 जुलाई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹4,660 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 22 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 715 अंक की गिरावट के साथ 76,755 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 191 अंक की गिरावट रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा की गिरावट:76,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक टूटा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा की गिरावट:76,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक टूटा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

शेयर बाजार में आज यानी 23 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 100 अंक की गिरावट है, ये 23,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। 96 डॉलर पर पहुंचा कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड में आज करीब 2% की तेजी है। ये 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जो सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार रहा 22 जुलाई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹4,660 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 22 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 715 अंक की गिरावट के साथ 76,755 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 191 अंक की गिरावट रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।