बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं,500 मौतों की आशंका:ज्यादातर रोहिंग्या सवार थे, खराब मौसम की वजह से हादसा

म्यांमार में हिंसा से बचकर भाग रहे 500 से ज्यादा लोगों के समुद्र में लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों के मुताबिक, म्यांमार के तट के पास खराब मौसम में दो नावें गायब हो गईं। इनमें सवार ज्यादातर लोग रोहिंग्या समुदाय के थे। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने संयुक्त बयान में बताया कि दोनों नावें जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं। पहली नाव में करीब 250 लोग सवार थे। रवाना होने के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया। दूसरी नाव में करीब 280 यात्री सवार थे और माना जा रहा है कि वह 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूब गई। रोहिंग्या लोगों के पास किसी देश की नागरिकता नहीं रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य का एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है। दशकों से यह समुदाय सरकारी उत्पीड़न, हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहा है। म्यांमार की बौद्ध बहुसंख्यक सरकार और वहां के स्थानीय लोग रोहिंग्याओं को म्यांमार का मूल निवासी नहीं मानते। उनका दावा है कि ये लोग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बांग्लादेश (तत्कालीन बंगाल) से आए अवैध अप्रवासी हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘बंगाली’ कहकर पुकारा जाता है। रोहिंग्या समुदाय का कहना है कि वे रखाइन क्षेत्र में आठवीं सदी या उससे भी पहले से रह रहे हैं और वे वहीं के मूल निवासी हैं। साल 1982 में रोहिंग्याओं को नागरिकता देने से इनकार कर दिया गया। इसके कारण वे बिना किसी देश के नागरिक बन गए। उन्हें बुनियादी अधिकार जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा और शादी करने तक की आजादी नहीं है। करीब 12 लाख रोहिंग्या फिलहाल बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। ये लोग म्यांमार की सेना की हिंसा से बचकर वहां पहुंचे थे। हाल के वर्षों में अमेरिका और अन्य देशों की विदेशी सहायता में कटौती के कारण इन शिविरों में खाद्य राशन भी कम कर दिया गया है। रोहिंग्या शरणार्थियों के पास सुरक्षित तरीके से म्यांमार लौटने का कोई रास्ता नहीं है। 2017 में म्यांमार की सेना पर रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने के आरोप लगे थे, जिसे कई देशों ने नरसंहार (जेनोसाइड) माना है। जो रोहिंग्या अब भी म्यांमार में रह रहे हैं, उन्हें कड़ी पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कई लोग नजरबंदी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। मलेशिया पहुंचने के लिए उठा रहे जानलेवा जोखिम आमतौर पर रोहिंग्या इस मौसम में समुद्र के रास्ते यात्रा करने से बचते हैं, क्योंकि मानसून के दौरान समुद्र बेहद खतरनाक हो जाता है। हालांकि म्यांमार में हिंसा और बांग्लादेश के भीड़भाड़ वाले शरणार्थी शिविरों में खराब हालात के कारण रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से जर्जर लकड़ी की नावों में बैठकर मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं। खराब परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग जर्जर नावों के जरिए मलेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस दौरान हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें नवजात बच्चे, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कई बार स्थानीय समुद्री एजेंसियां संकट में फंसी नावों की मदद भी नहीं करतीं। दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में एक संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में करीब 900 रोहिंग्या शरणार्थी मारे गए या लापता हो गए थे। यह दुनिया में शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक समुद्री मार्ग माना जाता है। IOM और UNHCR ने कहा कि यह संभावित हादसा दिखाता है कि रोहिंग्या संकट का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों की मदद बढ़ाने की अपील की। एजेंसियों ने कहा कि दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक पर और लोगों की जान जाने से रोकने के लिए खोज एवं बचाव अभियान मजबूत करना, शरण देने की व्यवस्था बेहतर करना और मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। UNHCR के अनुसार, 2025 में 6,500 से ज्यादा रोहिंग्या समुद्र के रास्ते भागने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से करीब 900 लोग मारे गए या लापता हो गए। यह रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अब तक का सबसे घातक साल था और दुनिया के किसी भी प्रमुख शरणार्थी समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई। भारत में कितने रोहिंग्या हैं? नोट: रोहिंग्याओं की संख्या को लेकर भारत सरकार और UNHCR के आंकड़े अलग-अलग हैं। UNHCR केवल अपने यहां पंजीकृत शरणार्थियों और शरण मांगने वालों की संख्या बताता है, जबकि भारत सरकार का अनुमान देश में मौजूद कुल रोहिंग्या आबादी पर आधारित है।
विप्रो को पहली तिमाही में ₹3,352 करोड़ का मुनाफा हुआ:रेवेन्यू अनुमान से कम रहा, बोर्ड ने ₹2 डिविडेंड का ऐलान किया

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 3,330 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। हालांकि विप्रो का रेवेन्यू एनालिस्ट के अनुमान से कम रहा। नतीजों के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर 2 रुपए के डिविडेंड की भी ऐलान किया। रेवेन्यू 10.6% बढ़ा, लेकिन अनुमान से कम रहा पहली तिमाही में विप्रो का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.6% बढ़कर 24,479 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसके बावजूद यह रॉयटर्स-LSEG के डेटा के अनुसार एनालिस्ट के औसत अनुमान (24,776 करोड़ रुपए) से कम रहा। अगर तिमाही आधार पर देखें, तो कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में 1% की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। आईटी सर्विसेज की परफॉर्मेंस और रेवेन्यू विप्रो का मुख्य बिजनेस यानी आईटी सर्विसेज का रेवेन्यू 2.61 बिलियन डॉलर रहा। यह सालाना आधार पर तो 1% ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 1.4% की गिरावट आई है। कॉन्सटेंट करेंसी के लिहाज से आईटी सर्विसेज के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 1.2% की गिरावट और सालाना आधार पर 0.9% की बढ़त देखी गई है। लार्ज डील बुकिंग में 12.9% का उछाल तिमाही के दौरान विप्रो की कुल बुकिंग 3.37 बिलियन डॉलर रही, जो कॉन्सटेंट करेंसी में पिछली तिमाही से 2.4% कम है। हालांकि, कंपनी के लिए राहत की बात यह रही कि बड़ी डील्स की बुकिंग में तिमाही आधार पर 12.9% का शानदार उछाल आया और यह 1.63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। मार्जिन और एट्रिशन रेट का हाल कंपनी का आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा है। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस पॉइंट्स और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। इस तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3,288 करोड़ रुपए रहा, जो कुल नेट इनकम का 98% है। वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कंपनी का वॉलंटरी एट्रिशन रेट यानी कर्मचारियों का नौकरी छोड़ने का रेश्यो 13.9% दर्ज किया गया। अगली तिमाही के लिए क्या है गाइडेंस जुलाई-सितंबर तिमाही यानी दूसरी तिमाही के लिए विप्रो ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू का अनुमान 2.57 बिलियन डॉलर से 2.63 बिलियन डॉलर के दायरे में रखा है। इसका मतलब है कि अगली तिमाही में कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ -1.5% से लेकर 0.5% के बीच रह सकती है। टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है विप्रो विप्रो लिमिटेड एक लीडिंग टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है। 65 देशों में इसकी प्रेजेंस है। अजीम प्रेमजी को 1966 में 21 साल की उम्र में अपने पिता से विप्रो का कंट्रोल विरासत में मिला था। उनकी लीडरशिप में, विप्रो ने वनस्पति तेल के उत्पादन से लेकर आईटी सर्विसेज, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन और कंसल्टिंग सर्विसेज देने तक डायवर्सिफिकेशन किया। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होती है कॉन्सटेंट करेंसी? जब भारतीय आईटी कंपनियां वैश्विक स्तर पर व्यापार करती हैं, तो उन्हें डॉलर, यूरो या पाउंड जैसी विदेशी मुद्राओं में भुगतान मिलता है। लेकिन डॉलर और रुपए की एक्सचेंज रेट में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। इस उतार-चढ़ाव के असर को हटाकर कंपनी की असली ग्रोथ को नापने के लिए ‘कॉन्सटेंट करेंसी’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें करेंसी रेट को एक निश्चित स्तर पर फिक्स मानकर रेवेन्यू की गणना की जाती है ताकि सही परफॉर्मेंस का पता चल सके।
'दुल्हनिया ले आएगी' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में शाहरुख के बेटे आर्यन की रूमर्ड गर्लफ्रेंड भी नजर आएंगी; कहानी में मजेदार ट्विस्ट और फैमिली ड्रामा

आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया। कॉमेडी, रोमांस, पारिवारिक रिश्तों और शादी की अफरा-तफरी से भरपूर यह ट्रेलर एक ऐसी फैमिली एंटरटेनर की झलक दिखाता है, जिसमें हंसी के साथ-साथ इमोशंस और कई मजेदार ट्विस्ट भी देखने को मिलेंगे। फिल्म में खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा दिखाई देंगे। फिल्म में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की रूमर्ड गर्लफ्रेंड लारिसा बोन्सी भी नजर आएंगी। बता दें कि सिद्धार्थ बनर्जी, आकाशादित्य लामा और विकास अग्रवाल द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘दुल्हनिया ले आएगी’ 24 जुलाई, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म की कहानी एक ऐसी दुल्हन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके सामने समय की बड़ी चुनौती है। इसी डेडलाइन के बीच उसकी जिंदगी में कई संभावित दूल्हों की एंट्री होती है और शुरू हो जाता है दूल्हों की तलाश का ऐसा मजेदार सिलसिला, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करता है। शादी के रंगों और उत्सव से सजा इसका माहौल फिल्म को और भी आकर्षक बनाता है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने कहा, “हर शादी में ड्रामा होता है, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ में यह ड्रामा फेरों से पहले ही शुरू हो जाता है। हमारी कोशिश थी कि ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान हो और साथ ही उनके मन में यह जानने की उत्सुकता भी बनी रहे कि आगे क्या होने वाला है। यह तेज रफ्तार, मजेदार, इमोशनल और ऐसे किरदारों से भरी फिल्म है, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ जाएंगे। यह पूरी तरह से एक फैमिली एंटरटेनर है और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमें इसे बनाने में आया।” खुशाली ने किरदार को करियर का सबसे मजेदार बताया एक्ट्रेस खुशाली कुमार ने कहा, “यह मेरे करियर के सबसे मनोरंजक किरदारों में से एक है। वह कॉन्फिडेंट है, अनप्रिडिक्टेबल है और हर पल सबको सरप्राइज करती रहती है। ट्रेलर में फिल्म की एनर्जी और मस्ती भरे नेचर को खूबसूरती से दिखाया गया है। अब मैं ऑडियंस को उसकी पूरी कहानी बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार नहीं कर सकती।” महेश मांजरेकर ने फिल्म के बारे में कहा, “‘दुल्हनिया ले आएगी’ की सबसे खास बात इसकी सादगी और ईमानदारी है। यह ऐसी फिल्म है, जो मनोरंजन करने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आप खुद-ब-खुद इसकी दुनिया में खो जाते हैं और मुस्कुराने लगते हैं। मेरा किरदार अपने परिवार के लिए सबसे अच्छा चाहता है और यही इमोशनल पक्ष इसकी कॉमेडी को और भी दमदार बनाता है। ट्रेलर सिर्फ उस मजे की एक झलक है, जो फिल्म में देखने को मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हर पीढ़ी के दर्शक इस कहानी से जुड़ाव महसूस करेंगे।” लारिसा बोन्सी ने ट्रेलर इंस्टाग्राम पर शेयर किया वहीं, फिल्म को लेकर एक्ट्रेस लारिसा बोन्सी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर शेयर किया है। ट्रेलर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “साल की सबसे धमाकेदार शादी का जश्न देखने के लिए तारीख याद रखिए। यह आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ऑफिशियल ट्रेलर है। शादी की मस्ती, फैमिली ड्रामा और भरपूर मनोरंजन का शानदार मेल। यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।” खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा के अलावा फिल्म में ओंकार कपूर के साथ लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर्स अगू स्टेनली चिएदोजी और बी.सी. आंटी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म के ह्यूमर को और भी खास बनाती है।
विप्रो को पहली तिमाही में ₹3,352 करोड़ का मुनाफा हुआ:रेवेन्यू अनुमान से कम रहा, बोर्ड ने ₹2 डिविडेंड का ऐलान किया

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 3,330 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। हालांकि विप्रो का रेवेन्यू एनालिस्ट के अनुमान से कम रहा। नतीजों के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर 2 रुपए के डिविडेंड की भी ऐलान किया। रेवेन्यू 10.6% बढ़ा, लेकिन अनुमान से कम रहा पहली तिमाही में विप्रो का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.6% बढ़कर 24,479 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसके बावजूद यह रॉयटर्स-LSEG के डेटा के अनुसार एनालिस्ट के औसत अनुमान (24,776 करोड़ रुपए) से कम रहा। अगर तिमाही आधार पर देखें, तो कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में 1% की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। आईटी सर्विसेज की परफॉर्मेंस और रेवेन्यू विप्रो का मुख्य बिजनेस यानी आईटी सर्विसेज का रेवेन्यू 2.61 बिलियन डॉलर रहा। यह सालाना आधार पर तो 1% ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 1.4% की गिरावट आई है। कॉन्सटेंट करेंसी के लिहाज से आईटी सर्विसेज के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 1.2% की गिरावट और सालाना आधार पर 0.9% की बढ़त देखी गई है। लार्ज डील बुकिंग में 12.9% का उछाल तिमाही के दौरान विप्रो की कुल बुकिंग 3.37 बिलियन डॉलर रही, जो कॉन्सटेंट करेंसी में पिछली तिमाही से 2.4% कम है। हालांकि, कंपनी के लिए राहत की बात यह रही कि बड़ी डील्स की बुकिंग में तिमाही आधार पर 12.9% का शानदार उछाल आया और यह 1.63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। मार्जिन और एट्रिशन रेट का हाल कंपनी का आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा है। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस पॉइंट्स और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। इस तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3,288 करोड़ रुपए रहा, जो कुल नेट इनकम का 98% है। वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कंपनी का वॉलंटरी एट्रिशन रेट यानी कर्मचारियों का नौकरी छोड़ने का रेश्यो 13.9% दर्ज किया गया। अगली तिमाही के लिए क्या है गाइडेंस जुलाई-सितंबर तिमाही यानी दूसरी तिमाही के लिए विप्रो ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू का अनुमान 2.57 बिलियन डॉलर से 2.63 बिलियन डॉलर के दायरे में रखा है। इसका मतलब है कि अगली तिमाही में कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ -1.5% से लेकर 0.5% के बीच रह सकती है। टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है विप्रो विप्रो लिमिटेड एक लीडिंग टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है। 65 देशों में इसकी प्रेजेंस है। अजीम प्रेमजी को 1966 में 21 साल की उम्र में अपने पिता से विप्रो का कंट्रोल विरासत में मिला था। उनकी लीडरशिप में, विप्रो ने वनस्पति तेल के उत्पादन से लेकर आईटी सर्विसेज, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन और कंसल्टिंग सर्विसेज देने तक डायवर्सिफिकेशन किया। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होती है कॉन्सटेंट करेंसी? जब भारतीय आईटी कंपनियां वैश्विक स्तर पर व्यापार करती हैं, तो उन्हें डॉलर, यूरो या पाउंड जैसी विदेशी मुद्राओं में भुगतान मिलता है। लेकिन डॉलर और रुपए की एक्सचेंज रेट में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। इस उतार-चढ़ाव के असर को हटाकर कंपनी की असली ग्रोथ को नापने के लिए ‘कॉन्सटेंट करेंसी’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें करेंसी रेट को एक निश्चित स्तर पर फिक्स मानकर रेवेन्यू की गणना की जाती है ताकि सही परफॉर्मेंस का पता चल सके।
'दुल्हनिया ले आएगी' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में शाहरुख के बेटे आर्यन की रूमर्ड गर्लफ्रेंड भी नजर आएंगी; कहानी में मजेदार ट्विस्ट और फैमिली ड्रामा

आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया। कॉमेडी, रोमांस, पारिवारिक रिश्तों और शादी की अफरा-तफरी से भरपूर यह ट्रेलर एक ऐसी फैमिली एंटरटेनर की झलक दिखाता है, जिसमें हंसी के साथ-साथ इमोशंस और कई मजेदार ट्विस्ट भी देखने को मिलेंगे। फिल्म में खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा दिखाई देंगे। फिल्म में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की रूमर्ड गर्लफ्रेंड लारिसा बोन्सी भी नजर आएंगी। बता दें कि सिद्धार्थ बनर्जी, आकाशादित्य लामा और विकास अग्रवाल द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘दुल्हनिया ले आएगी’ 24 जुलाई, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म की कहानी एक ऐसी दुल्हन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके सामने समय की बड़ी चुनौती है। इसी डेडलाइन के बीच उसकी जिंदगी में कई संभावित दूल्हों की एंट्री होती है और शुरू हो जाता है दूल्हों की तलाश का ऐसा मजेदार सिलसिला, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करता है। शादी के रंगों और उत्सव से सजा इसका माहौल फिल्म को और भी आकर्षक बनाता है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने कहा, “हर शादी में ड्रामा होता है, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ में यह ड्रामा फेरों से पहले ही शुरू हो जाता है। हमारी कोशिश थी कि ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान हो और साथ ही उनके मन में यह जानने की उत्सुकता भी बनी रहे कि आगे क्या होने वाला है। यह तेज रफ्तार, मजेदार, इमोशनल और ऐसे किरदारों से भरी फिल्म है, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ जाएंगे। यह पूरी तरह से एक फैमिली एंटरटेनर है और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमें इसे बनाने में आया।” खुशाली ने किरदार को करियर का सबसे मजेदार बताया एक्ट्रेस खुशाली कुमार ने कहा, “यह मेरे करियर के सबसे मनोरंजक किरदारों में से एक है। वह कॉन्फिडेंट है, अनप्रिडिक्टेबल है और हर पल सबको सरप्राइज करती रहती है। ट्रेलर में फिल्म की एनर्जी और मस्ती भरे नेचर को खूबसूरती से दिखाया गया है। अब मैं ऑडियंस को उसकी पूरी कहानी बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार नहीं कर सकती।” महेश मांजरेकर ने फिल्म के बारे में कहा, “‘दुल्हनिया ले आएगी’ की सबसे खास बात इसकी सादगी और ईमानदारी है। यह ऐसी फिल्म है, जो मनोरंजन करने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आप खुद-ब-खुद इसकी दुनिया में खो जाते हैं और मुस्कुराने लगते हैं। मेरा किरदार अपने परिवार के लिए सबसे अच्छा चाहता है और यही इमोशनल पक्ष इसकी कॉमेडी को और भी दमदार बनाता है। ट्रेलर सिर्फ उस मजे की एक झलक है, जो फिल्म में देखने को मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हर पीढ़ी के दर्शक इस कहानी से जुड़ाव महसूस करेंगे।” लारिसा बोन्सी ने ट्रेलर इंस्टाग्राम पर शेयर किया वहीं, फिल्म को लेकर एक्ट्रेस लारिसा बोन्सी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर शेयर किया है। ट्रेलर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “साल की सबसे धमाकेदार शादी का जश्न देखने के लिए तारीख याद रखिए। यह आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ऑफिशियल ट्रेलर है। शादी की मस्ती, फैमिली ड्रामा और भरपूर मनोरंजन का शानदार मेल। यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।” खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा के अलावा फिल्म में ओंकार कपूर के साथ लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर्स अगू स्टेनली चिएदोजी और बी.सी. आंटी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म के ह्यूमर को और भी खास बनाती है।
जापान राजवंश में उत्तराधिकारी का संकट:किंग नारुहितो को बेटा नहीं, बेटी को हक नहीं; सरकार नए सम्राट की तलाश में जुटी

जापान में सानाए ताकाइची ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचा है, लेकिन दुनिया के सबसे पुराने जापान के राजवंश में राजगद्दी महिला को सौंपने पर रोक है। करीब 2600 साल पुराना यह राजवंश अब उत्तराधिकारी के संकट से जूझ रहा है। मौजूदा कानून के अनुसार, केवल सम्राट का बेटा ही सम्राट बन सकता है। इस समय पूरे राजवंश में केवल चार पुरुष बचे हैं। इनमें सम्राट नारुहितो (66), उनके छोटे भाई आकिशिनो (60) और चाचा हिताची (90) हैं। आकिशिनो का एक बेटा 19 वर्षीय हिसाहितो हैं। 40 वर्षों में राजवंश में वयस्क होने वाले वे पहले पुरुष हैं। सम्राट नारुहितो की इकलौती बेटी 24 वर्षीय प्रिंसेस आइको हैं। हालिया सर्वे के अनुसार, अधिकांश जापानी आइको को ‘साम्राज्ञी’ के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें 1889 का ‘इंपीरियल हाउस लॉ’ बाधक है। इस कानून में महिलाओं के राजगद्दी संभालने पर रोक है। साथ ही अगर कोई राजकुमारी किसी आम नागरिक से शादी करती है, तो उसे राजपरिवार छोड़ना होता है। रूढ़िवादी जापानी इस कानून के प्रबल समर्थक हैं। वहीं, राजवंश में उत्तराधिकार संकट से निपटने के लिए ताकाइची सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। इसके तहत 1947 में राजवंश परिवार से अलग की गई शाखाओं के अविवाहित पुरुषों को गोद लेकर उत्तराधिकारियों का दायरा बढ़ाया जाएगा। लेकिन इस बिल में राजकुमारी आइको या उनके होने वाले बच्चों के लिए कोई जगह नहीं है। चुओ यूनिवर्सिटी में शाही वंशावली के विशेषज्ञ प्रो. माकोटो ओकावा के अनुसार, ‘इतिहास में जापान में आठ महिला सम्राट (1889 से पहले) रह चुकी हैं। इसलिए महिलाओं को बाहर रखना कोई ऐतिहासिक परंपरा नहीं, बल्कि एक सोच है। जब तक महिलाओं को उत्तराधिकार से बाहर रखा जाएगा, तब तक राजपरिवार में स्थिरता लाना संभव नहीं होगा।’ 1947 में राजपरिवार का दायरा घटाने से समस्या जापान में 592 से 1771 तक 8 महिलाओं ने सम्राट के रूप में शासन किया था, पर 1889 के कानून ने इस सिलसिले को रोक दिया। अगर भविष्य में नारुहितो की कोई संतान नहीं होती या केवल बेटियां होती हैं, तो इस राजवंश का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बता दें कि 1947 में जापान के संविधान में संशोधन किया गया, जिससे 11 राजकुमारों को अपने पद से हटना पड़ा और वे आम नागरिक बन गए।
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।
कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।







