Sunday, 03 May 2026 | 12:17 AM

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Fertility Crisis in India & World | इंसानी स्पर्म और अंडों पर भारी पड़ रहा है प्लास्टिक का जहर, वैज्ञानिकों ने दी फर्टिलिटी संकट की भयानक चेतावनी

Fertility Crisis in India & World | इंसानी स्पर्म और अंडों पर भारी पड़ रहा है प्लास्टिक का जहर, वैज्ञानिकों ने दी फर्टिलिटी संकट की भयानक चेतावनी

होमफोटोनॉलेज सूनी रह जाएगी कोख, खाली होंगे घोंसले! कहीं देर न हो जाए, नेचर का बिगड़ा बैलेंस Last Updated:May 02, 2026, 20:20 IST Fertility Crisis: नई रिसर्च ने खुलासा किया है कि पूरी दुनिया इस समय सिंथेटिक केमिकल्स के समंदर में तैर रही है. इन केमिकल्स की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि हमने पृथ्वी की सुरक्षित सीमा को पार कर लिया है. टॉक्सिकोलॉजिस्ट और बायोलॉजिस्ट की एक टीम ने चेतावनी दी है कि पेस्टिसाइड्स, प्रदूषण और प्लास्टिक मिलकर एक ‘साइलेंट’ फर्टिलिटी संकट को जन्म दे रहे हैं. यह संकट केवल इंसानों तक सीमित नहीं है बल्कि जानवरों की प्रजनन क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. रिसर्च के मुताबिक खराब होते क्लाइमेट चेंज और बढ़ते प्रदूषण के तालमेल ने फर्टिलिटी, बायोडायवर्सिटी और हेल्थ के लिए ग्लोबल लेवल पर रिस्क पैदा कर दिया है. इसका सीधा असर इंसानों के अलावा समुद्री स्तनधारियों, पक्षियों, मछलियों और रेंगने वाले जीवों पर दिख रहा है. पिछले 50 सालों में दुनिया की वाइल्डलाइफ आबादी में दो-तिहाई से ज्यादा की कमी आई है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पॉल्यूटेंट्स और बदलता मौसम ही माना जा रहा है. इसी दौरान इंसानी पुरुषों और महिलाओं में भी बांझपन की दर तेजी से बढ़ी है. हालांकि इसका सटीक कारण पता लगाना मुश्किल है, लेकिन वैज्ञानिक हमारे जीवन में मौजूद हॉर्मोन बिगाड़ने वाले रसायनों को इसका मुख्य जिम्मेदार मान रहे हैं. आज मार्केट में 1000 से ज्यादा ऐसे सिंथेटिक केमिकल्स मौजूद हैं जो हमारे शरीर के नेचुरल हॉर्मोन्स की नकल करते हैं या उन्हें ब्लॉक कर देते हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल एक प्रतिशत केमिकल्स की ही सुरक्षा जांच सही तरीके से की गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इकोसिस्टम और इंसानी हेल्थ एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं. बढ़ता तापमान और केमिकल एक्सपोजर मिलकर शरीर के रिप्रोडक्शन सिस्टम पर भारी दबाव डाल रहे हैं. यह एक ऐसा अनचाहा खतरा है जिससे कोई भी जीव सुरक्षित नहीं बचा है क्योंकि इन केमिकल्स को बिना पूरी जांच के मार्केट में उतार दिया गया है. (File Photo : Reuters) प्रदूषण और फर्टिलिटी के बीच का रिश्ता बहुत पुराना और खतरनाक रहा है. ओरेगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया कि पुराने समय में भी सिंथेटिक केमिकल्स ने जानवरों की आबादी को तबाह किया था. कीटनाशक यानी इंसेक्टिसाइड्स का इस्तेमाल फसलों को बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन अब ये इंसानों के स्पर्म काउंट को कम करने का काम कर रहे हैं. (File Photo : Reuters) डीडीटी जैसा मशहूर कीटनाशक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. इसकी वजह से पक्षियों के अंडों के छिलके पतले हो गए थे, जिससे उनकी आबादी गिर गई थी. समुद्री जीवों में भी इसकी वजह से प्रजनन की कमी देखी गई थी, हालांकि बैन लगने के बाद उनकी संख्या में कुछ सुधार हुआ है. (File Photo : Reuters) Add News18 as Preferred Source on Google आजकल ‘फॉरएवर केमिकल्स’ यानी पीएफएएस (PFAS) का नाम बहुत चर्चा में है. ये ऐसे केमिकल्स हैं जो पर्यावरण में कभी खत्म नहीं होते. रिसर्च बताती है कि ये सीधे तौर पर एंडोक्राइन सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं. यह सिस्टम हमारे शरीर के विकास, मेटाबॉलिज्म और रिप्रोडक्शन को कंट्रोल करता है. 1970 के दशक से कंपनियों को पता था कि ये केमिकल्स जहरीले हैं, लेकिन इसे जनता से छुपाया गया. इसकी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं में मिसकैरेज और बच्चों में जन्मजात बीमारियों का खतरा बढ़ गया. ये केमिकल्स इतने ताकतवर होते हैं कि बहुत कम मात्रा में भी शरीर के हॉर्मोन्स का संतुलन बिगाड़ सकते हैं. (File Photo : Reuters) प्लास्टिक प्रदूषण अब केवल जमीन और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदर तक पहुंच चुका है. माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक अब इंसानों और जानवरों के प्रजनन अंगों में जमा हो रहे हैं. सबसे डरावनी बात यह है कि हमें अभी तक इनके सटीक नुकसानों के बारे में पूरी जानकारी भी नहीं है. वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि अगर ये स्पर्म, अंडों या भ्रूण के लिए जहरीले साबित हुए, तो इस समस्या से निपटना नामुमकिन होगा. प्लास्टिक अब गहरे समंदर से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक मौजूद है और इससे बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. (File Photo : Reuters) वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान में चल रही ‘ग्लोबल प्लास्टिक ट्रीटी’ की बातचीत बहुत जरूरी है. यह केवल कचरे की समस्या नहीं है, बल्कि एक प्लैनेटरी हेल्थ क्राइसिस है. हजारों की संख्या में मौजूद ये रसायनों वाले प्लास्टिक हमारे अस्तित्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जब ये केमिकल्स लैब से बाहर निकलकर पर्यावरण में एक-दूसरे से मिलते हैं, तो इनका असर और भी भयानक हो जाता है. रिसर्च में साफ कहा गया है कि अगर हमने अभी सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में फर्टिलिटी का यह संकट पूरी दुनिया की आबादी को खतरे में डाल सकता है. (File Photo : Reuters) इस संकट से बचने के लिए सबसे पहले हमें उन केमिकल्स के बारे में जानना होगा जो हमारे आसपास मौजूद हैं. रोजमर्रा की चीजों में प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स का चुनाव करना एक शुरुआत हो सकती है. हालांकि यह लड़ाई व्यक्तिगत स्तर से ज्यादा सिस्टम के स्तर पर लड़ने वाली है. सरकारों को उन केमिकल्स पर तुरंत रोक लगानी होगी जिनकी सुरक्षा जांच नहीं हुई है. जब तक हम अपनी धरती और पर्यावरण को केमिकल फ्री बनाने की दिशा में काम नहीं करेंगे, तब तक प्रजनन क्षमता पर मंडरा रहा यह ‘साइलेंट’ खतरा टलने वाला नहीं है. भविष्य की पीढ़ी को बचाने के लिए हमें आज ही अपनी केमिकल निर्भरता को कम करना होगा. (Photo : Generative AI)

रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

रायसेन में गुरुवार रात 11 बजे तेज आंधी तूफान से बिजली गुल हो गई और ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभे तथा पेड़ गिर गए। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। गुरुवार दोपहर के बाद आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई थी जो देर रात तक जारी रही। रात को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी ने शहर को ब्लैकआउट कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बिजली के पोल धराशाई हो गए और पेड़ों की टहनियां टूट गईं। लगभग 15 मिनट तक चली इस आंधी से कई घरों के छप्पर भी उड़ गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बदले मौसम के कारण तापमान में गिरावट आई। दिन का तापमान 43 डिग्री से घटकर 40 डिग्री पर आ गया है। और रात के तापमान 29 डिग्री से घटकर 21 डिग्री पर दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के बीच इस बदलाव से लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि, मौसम के इस बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कृषि उपज मंडी और सरकारी गेहूं खरीदी केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल अनाज बारिश के पानी से खराब होने के खतरे में आ गया। किसान अपनी उपज को बचाने के लिए मशक्कत करते दिखे। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने भी खुले में रखे अपने अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आंधी के कारण उदयपुरा ब्लॉक में एक स्कूल परिसर में कई साल पुराना एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पेड़ के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है।

ग्वालियर में हिट एंड रन में किसान की मौत:तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से स्कूटी के परखच्चे उड़े, शादी से लौट रहे किसान की मौत

ग्वालियर में हिट एंड रन में किसान की मौत:तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से स्कूटी के परखच्चे उड़े, शादी से लौट रहे किसान की मौत

ग्वालियर में रिश्तेदार की शादी से लौटकर घर जा रहा किसान हिट एंड रन का शिकार हो गया। घटना मोहना थाना क्षेत्र के क्वॉलिटी ढाबा के पास दौरार रोड की है। टक्कर इतनी तेज थी कि किसान की स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायल किसान को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने किसान का शव पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मोहना थाना क्षेत्र के कैमारी निवासी 55 वर्षीय गंधर्व सिंह रावत पुत्र भाग सिंह रावत किसान है। मंगलवार को वह अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए आया था। शादी में शामिल होने के बाद करीब 3.30 बजे वह वापस घर जाने के लिए निकला था। अभी वह क्वॉलिटी ढाबा के पास पहुंचा ही था कि तभी तेज रफ्तार आ रहे अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से अपना वाहन चलाते हुए उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह हवा में उछला और सड़क पर गिरा। हादसे के बाद आरोपी चालक वहां से भाग निकला। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। चल रही थी सांस, पहुुंचाया अस्पताल मौके पर पहुंची पुलिस ने जब किसान की नब्ज टटोली तो पता चला कि उसकी सांसे चल रही है। इसका पता चलते ही तुरंत ही उपचार के लिए रवाना किया, जिससे उसकी जान बच सके। अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसका शव पीएम हाउस पहुंचाकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। मोहना थाना प्रभारी राशिद खान ने बताया कि शादी से लौटकर घर जा रहे किसान को अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारी है। हादसे में किसान की मौत हो गई है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत चौकी क्षेत्र में स्थित एनसीएल जयंत परियोजना की CWS कॉलोनी में चोरी की वारदात हुई है। जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इस कॉलोनी में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने तीन बंद पड़े आवासों को निशाना बनाया। चोरों ने घरों के ताले तोड़कर अंदर जमकर उत्पात मचाया। जिन घरों में चोरी हुई, उनके परिवार बच्चे की छुट्टियों और शादी-विवाह के कारण अपने पैतृक गांव गए हुए थे। सूने मकानों का फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। तीनों घरों के लॉकर तोड़ दिए गए और सामान बिखरा मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी समय लेकर घरों की तलाशी ली। कॉलोनी से एक स्कूटी भी ले गए चोर चोर कॉलोनी से एक स्कूटी भी चोरी कर ले गए, लेकिन किसी भी गेट पर उसकी एंट्री दर्ज नहीं हुई। इस घटना ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि कॉलोनी में करीब 15 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जिनकी भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में ऐसी वारदात हो सकती है, तो अन्य इलाकों की सुरक्षा का क्या होगा। मामले में थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों व सुरक्षा कर्मियों को सूचित करने की सलाह दी है।

मैहर में गैस संकट पर प्रदर्शन:खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठे, अमरपाटन-सतना मार्ग पर चक्काजाम

मैहर में गैस संकट पर प्रदर्शन:खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठे, अमरपाटन-सतना मार्ग पर चक्काजाम

मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं ने शुक्रवार की दोपहर विरोध प्रदर्शन किया। अमरपाटन-सतना मार्ग पर स्थित मानसी गैस एजेंसी के सामने बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें गैस उपलब्ध नहीं हो सकी। नाराज लोगों ने गैस की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर अमरपाटन पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। लगभग एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ता शम्भू मिश्रा ने आरोप लगाया कि एजेंसी में सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें जानबूझकर नहीं दिए जा रहे हैं। पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति फिलहाल सामान्य हो गई है, लेकिन क्षेत्र में गैस संकट को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर जिले के ग्राम धनगवां में बुधवार दोपहर एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद घर में भीषण आग लग गई, जिससे फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन सहित लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के समय घर में मौजूद सदस्यों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बिना चार्जिंग के खड़ी स्कूटी की बैटरी में हुआ ब्लास्ट जैतहरी थाना प्रभारी अमर वर्मा ने बताया कि यह घटना राजेंद्र विश्वकर्मा के घर पर हुई। बुधवार दोपहर को स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, इसके बावजूद उसकी बैटरी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। धमाके के तुरंत बाद आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों की मदद से आग पर पाया काबू आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश कीमती सामान जल चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। पीड़ित परिवार को इस अग्निकांड में भारी आर्थिक क्षति हुई है। पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच शुरू पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने जैतहरी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। चार्जिंग पर न होने के बावजूद बैटरी फटने की इस घटना से क्षेत्र के इलेक्ट्रिक वाहन चालकों में चिंता और दहशत का माहौल है।

एबीपी ग्राउंड रिपोर्ट: दक्षिण दिनाजपुर में बंद पड़ी लाइब्रेरी बनी बेरोजगारी, शिक्षा संकट पर किससे आम जनता का साथ?

एबीपी ग्राउंड रिपोर्ट: दक्षिण दिनाजपुर में बंद पड़ी लाइब्रेरी बनी बेरोजगारी, शिक्षा संकट पर किससे आम जनता का साथ?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित शिक्षा, रोजगार की कमी से लोग नाराज, दिशाहीन। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पहले चरण का नामांकन शोर शांत हो चुका है और अब 23 तारीख को पहले चरण का मतदान होना है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की हलचल के बीच, बिजला जिला दक्षिण दिनाजपुर एक अलग तरह की हलचल से गुजर रहा है। यहां ऑक्सफोर्ड शोर के पीछे एक मानवीय संकट गहराता दिख रहा है, पुरानी और पारंपरिक लाइब्रेरी का बंद होना। शिक्षा का यह ढाँचागत ढाँचा धीरे-धीरे ख़त्म होता जा रहा है और स्थानीय लोग इसे सिर्फ तीन साल के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के साथ-साथ पढ़ते हुए मान रहे हैं। बालुराघाट से लेकर हिली तक का रास्ता इस संकट की गवाही देता है। सड़क किनारे लगे कई सरकारी पुस्तकालय अब बंद शटर और जंग किनारे के पीछे स्थित हैं। कभी जहां छात्र-छात्रा स्कायर में डूबे रहते थे, वहीं अब छात्रा पसरा है। एक स्थानीय यात्री छात्र हैं, ‘यह लाइब्रेरी सालभर बंद रहती है। पहले हम ‘नोटबुक’ लेकर अध्ययन करते थे।’ वहीं एक युवा छात्र ने कहा, ‘मुझे तो पता ही नहीं था कि यह लाइब्रेरी है।’ यह सिर्फ एक या दो जगह की कहानी नहीं है. जिले भर में 57 पुस्तकालयों में से अधिकांश या तो बंद हैं या बेहद खराब स्थिति में चल रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सूरज दास कर्मचारी हैं, ‘पिछले 10-15 वर्षों से पुस्तकालय बंद होने का डर था। अब हालात ये हैं कि लाइब्रेरी में करीब 90 प्रतिशत स्टाफ की भारी कमी है। कई जगह प्रोटोटाइप कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।’ शिक्षा से गहरा संकट स्थानीय शिक्षण वर्ग का मानना ​​है कि यह केवल वास्तुशिल्प का विनाश नहीं है, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक पतन की शुरुआत है। यह लाइब्रेरी कभी सिर्फ कथावाचक का केंद्र नहीं रही, यह संवाद, विचार और समाज के निर्माण की जगह थी। अब उनका समापन एक पूरी पीढ़ी के उत्कृष्ट विकास पर प्रभाव डाल सकता है। दक्षिण दिनाजपुर जैसे पुरातात्विक जिले में, जहां पहले से ही पुस्तकालय की कमी है, वहां पुस्तकालय का महत्व और विकास हो रहा है, लेकिन स्थिर असमानताओं में यह पुरातात्विक संरचना ही दम तोड़ती नजर आ रही है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: पीएम मोदी पर बड़ा बयान, फिर दी सफाई, भड़की बीजेपी बोली- मांगो मार्जिन झील क्षेत्र: प्रतिस्पर्धी प्रतिस्पर्धा, कई परतें राजनीतिक रूप से यह जिला इस बार बेहद दिलचस्प ग्राहकों का गवाह है। मुख्य लड़ाई कैथोलिक कांग्रेस और भाजपा के बीच मनी जा रही है, लेकिन कांग्रेस और वाम दल भी अपना खोया आधार वापस पाने की कोशिश में हैं। 2021 विधानसभा चुनाव में कुल 6 मंजिलों में से 3 मंजिलें और 3 मंजिलें भाजपा में शामिल हुईं। कश्मीरी ने कुशमंडी, कुमारगंज और हरिरामपुर पर कब्जा कर लिया, जबकि बीजेपी ने बालुरघाट, तपन और गंगारामपुर पर कब्जा कर लिया। 2024 के चुनाव में दोनों दल अपने-अपने गढ़ से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन इस बार अलग-अलग दिख रहे हैं। बीजेपी का हमला: ‘पूरी तरह विफल सरकार’ जिले के भाजपा अध्यक्ष सुरजीत चौधरी का सरकार पर आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है, राजमार्ग परियोजना भूमि अधिग्रहण के कारण रुकी हुई है और शिक्षा व्यवस्था खराब हो रही है। दक्षिण दिनाजपुर में वर्जिन पूरी तरह से विफल रही है। लाइब्रेरी की समस्या खुद बताएं कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। बीजेपी का दावा है कि वह 2021 और 2024 के गठबंधन में इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी और जिलों में अपनी पकड़ मजबूत बनाएगी। यह भी पढ़ें: ‘बंगाल-तमिलनाडु’ में ‘प्रमोशन का शोर’, अब 23 अप्रैल को अचानक आया फैसला वैज्ञानिक का उत्तर: ‘राजनीतिक सिद्धांत’ वैश्विक इस मुद्दे को स्वीकार तो किया जाता है, लेकिन इसे चुनावी हथियार के रूप में पेश किये जाने का विरोध किया जाता है। बालुराघाट से प्रत्याशित अल्पास्था घोषा को सभी लोगों द्वारा नामांकित किया जाता है, लेकिन इसे दूर करने के लिए भविष्य में कदम रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘भाजपा जब से बंगाल में दूसरे स्थान पर है, वह यहां की मजबूती की कोशिश कर रही है। ये खतरनाक है. बालुराघाट की अपनी एक पहचान थी, जो अब बदल रही है।’ निर्भय घोष का दावा है कि जातीय विभाजन और बाहरी हस्तक्षेप जैसे सामाजिक आंदोलन को लेकर जनता में असंतोष है, जो भाजपा के खिलाफ हो सकता है। जमीनी हकीकत: नामांकित है, लेकिन दिशा अज्ञात है जमीनी स्तर पर बात करने पर साफ होता है कि लोगों में पेपर-पिलिटरी शिक्षा, रोजगार और फुटपाथ-बिस्तरों को लेकर आती है, लेकिन यह पेपर किस राजनीतिक दिशा में जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एक कॉलेज के छात्र कहते हैं, ‘हमें लाइब्रेरी चाहिए, नौकरी चाहिए। नेता आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन कुछ नहीं बदलते।’ एक स्थानीय व्यापारी का कहना है, ‘यहां निवेश नहीं हो रहा है।’ युवा बाहर जा रहे हैं. चुनाव में हम उसी को वोट देंगे जो कुछ ठोस होगा.’ दक्षिण दिनाजपुर का बड़ा सवाल दक्षिण दिनाजपुर में इस बार का चुनाव सिर्फ नामांकन की लड़ाई नहीं है। यह विकास मॉडल, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक वर्गीकरण की दिशा तय करने वाला चुनाव बनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में कुल छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं और ये सभी बालुरघाट भी आंध्र प्रदेश में आते हैं। इनमें कुशमंडी (एससी), कुमारगंज, बालूरघाट, तपन (एसटी), गंगारामपुर (एससी) और हरिरामपुर शामिल हैं। ये सभी क्षेत्रीय क्षेत्र आगामी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अहम माने जा रहे हैं। (रिपोर्टः दीपक घोष) यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: ‘भ्रष्ट है टीएमसी, सुरक्षित नहीं है बंगाल’, ममता के नारे पर शिक्षा मंत्री, प्रधान मंत्री ने बताया बीजेपी के लिए क्या है मुद्दा

इंदौर EV अग्निकांड- पुगलिया परिवार को पुलिस ने सौंपा घर:अब रहने लायक नहीं रहा घर; चार्जिंग सॉकेट में शॉर्ट-सर्किट से कार में लगी थी आग

इंदौर EV अग्निकांड- पुगलिया परिवार को पुलिस ने सौंपा घर:अब रहने लायक नहीं रहा घर; चार्जिंग सॉकेट में शॉर्ट-सर्किट से कार में लगी थी आग

इंदौर के बंगाली चौराहा स्थित ब्रजेश्वरी एनएक्स में हुए भीषण अग्निकांड ने एक परिवार से उनका घर छीन लिया है। कारोबारी मनोज पुगलिया के मकान में लगी आग के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह घर रहने लायक नहीं बचा है। पुलिस ने जला हुआ मकान औपचारिक रूप से परिवार को सौंप तो दिया है, लेकिन दीवारों, पिलरों और छतों में आई दरारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि यहां दोबारा बसना फिलहाल संभव नहीं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में तेजी से बढ़ रहे ई-व्हीकल उपयोग और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करता है। डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक के अनुसार 18 मार्च की रात ई-कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से आग भड़की थी। अब तक की जांच में यही कारण सामने आया है, हालांकि अंतिम पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट के बाद होगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की गई थी। पुलिस ने अब तक 18 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी, पड़ोसी और एनडीआरएफ के जवान शामिल हैं। बिजली विभाग भी अपनी रिपोर्ट सौंप चुका है, जबकि जले हुए कार के हिस्से और चार्जिंग सर्किट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रिहायशी इलाकों में ई-व्हीकल चार्जिंग के लिए पर्याप्त सुरक्षा मानक मौजूद हैं? और अगर हैं, तो उनका पालन कितना हो रहा है? यह था पूरा मामला इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स में 18 मार्च 2026 की तड़के सुबह करीब साढ़े तीन बजे कार की बैटरी या चार्जिंग सॉकेट में शॉर्ट सर्किट की वजह से जोरदार धमाका हुआ और कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने घर के पास रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। भीषण आग और जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से कारोबारी मनोज पुगलिया समेत परिवार के कुल 8 सदस्यों की जान चली गई। हालांकि परिवार की ओर से कुछ संशय जताए गए थे, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक टीम की प्राथमिक जांच में यही सामने आया कि इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट ही इस भीषण तबाही की मुख्य वजह था।

बीच सड़क पर स्कूटी सवार दो बहनों से मारपीट:मां की दवाइयां लेकर लौट रही थी, मकरोनिया चौराहे पर रोका और मारपीट कर भागे युवक

बीच सड़क पर स्कूटी सवार दो बहनों से मारपीट:मां की दवाइयां लेकर लौट रही थी, मकरोनिया चौराहे पर रोका और मारपीट कर भागे युवक

सागर के मकरोनिया चौराहे के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने मां की दवाइयां लेकर लौट रही दो बहनों के साथ मारपीट की। सोमवार को मारपीट का वीडियो सामने आया है। जिसमें स्कूटी सवार युवक बीच सड़क पर युवतियों के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। मामले में युवती की शिकायत पर मकरोनिया पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। स्कूटी से आए थे दो युवक पुलिस के अनुसार, पैराडाइज होटल के पास किराए से रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि वह रविवार रात करीब 8 बजे अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी से मां की दवाई लेने फौजी मेडीकल स्टोर मकरोनिया गई थी। जहां दवाइयां लेकर वापस अपने घर लौट रही थी। तभी महावीर मेडिकल स्टोर मकरोनिया के पास पीछे से बगैर नंबर की स्कूटी पर सवार दो युवक आए। उनके नाम आकाश वर्मा और उसका दोस्त अभिषेक थे। उन्होंने गालीगलौज शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस स्कूटी में लात मारी तो हम लोगों ने अपनी स्कूटी खड़ी कर ली। गालियां देने से मना किया तो आकाश ने स्कूटी की चाबी से मारपीट की। छोटी बहन के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में मामूली चोटे आई हैं। घटनाक्रम के दौरान राहगीर ने मारपीट का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। मामले की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।