Tuesday, 22 Sep 2026 | 05:49 PM

Trending :

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

नेपाल PM बालेन सोमवार को पहले भारतीय राजदूत से मिलेंगे:बाद में चीन के दूत से बात होगी, अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से वन-टू-वन बैठक

नेपाल PM बालेन सोमवार को पहले भारतीय राजदूत से मिलेंगे:बाद में चीन के दूत से बात होगी, अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से वन-टू-वन बैठक

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सोमवार को सबसे पहले भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे चीन के राजदूत झांग माओमिंग से बातचीत करेंगे। मंगलवार को शाह अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी स्कॉट अर्बोम से वन-टू-वन बैठक करेंगे। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा, जब बालेन किसी विदेशी राजदूत से अकेले में मुलाकात करेंगे। इससे पहले वे विदेशी राजदूतों के साथ सामूहिक बैठकों को प्राथमिकता देते रहे हैं।। एक ही दिन भारत और चीन के राजदूतों से बैठक के बाद अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से बातचीत होगी। इन बैठकों में नेपाल के इन तीनों देशों के साथ रिश्तों और मौजूदा मुद्दों पर बात होने की संभावना है। दो हफ्ते पहले होनी थी मुलाकात, हिंसा के बाद टली शाह की इन राजदूतों से मुलाकात करीब दो हफ्ते पहले ही तय थी। लेकिन सुनसरी और दूसरे जिलों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद कार्यक्रम टाल दिया गया था। अब सरकार ने फिर से इन मुलाकातों का कार्यक्रम बनाया है। प्रधानमंत्री के एक सलाहकार के मुताबिक, दोनों देशों के दूतावासों को मुलाकात का समय बता दिया गया है। शाह पहले अकेले में मुलाकात से बचते रहे प्रधानमंत्री बनने के बाद शाह ने विदेशी राजदूतों और बड़े विदेशी अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात नहीं करने का तरीका अपनाया था। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी दूतावास की कई मुलाकात की रिक्वेस्ट भी नहीं मानीं। इनमें अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत सर्जियो गोर से मुलाकात शामिल थी। अमेरिकी विदेश विभाग की पब्लिक डिप्लोमेसी की अंडर सेक्रेटरी सारा बी. रोजर्स भी नेपाल दौरे पर आई थीं, लेकिन शाह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बजाय शाह ने काठमांडू में तैनात कई देशों के राजदूतों के साथ साथ बैठकर बैठकें की थीं। ऐसी बैठकें 9 अप्रैल और 26 मई को हुई थीं। अकेले विदेशी राजदूतों से क्यों नहीं मिलते थे बालेन? बालेन की राजदूतों के साथ सामूहिक बैठक करने की नीति को नेपाल के कई राजनयिकों और विदेश नीति के जानकारों ने अच्छा कदम बताया था। उनका मानना था कि सभी राजदूतों से एक साथ मिलने पर किसी एक देश को ज्यादा तवज्जो देने का संदेश नहीं जाता। इससे नेपाल सभी देशों के साथ बराबरी का व्यवहार करता दिखता था और बातचीत भी ज्यादा साफ तरीके से होती थी। हालांकि, बाद में बालेन ने नेपाल के घरेलू मामलों से जुड़े लोगों से अलग-अलग मुलाकातें शुरू कर दीं। ऐसे में विदेशी राजदूतों के साथ भी पहले वाली सामूहिक बैठक की नीति को लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल हो गया। 100 दिन बाद बालेन ने बदला अपना तरीका शाह की सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद उनके राजनीतिक सलाहकार आसिम शाह और दूसरे सलाहकारों ने उन्हें देश के अंदर भी अलग-अलग लोगों से मिलने की सलाह दी। इनमें कारोबारी, मीडिया से जुड़े लोग, ठेकेदार और दूसरे बड़े लोग शामिल थे। इसके साथ ही काठमांडू में तैनात विदेशी राजदूतों से भी अलग-अलग मुलाकात शुरू करने की तैयारी हुई। हाल के हफ्तों में शाह का तरीका बदला हुआ नजर आया है। वे अब अलग-अलग लोगों से मिलकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने मधेश के राजनीतिक दलों और सांसदों के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा कारोबारियों, ठेकेदारों, उद्योगपतियों और निर्यातकों से भी अलग-अलग मुलाकात की है। अब विदेशी राजदूतों से वन-टू-वन मुलाकात भी इसी बदले हुए तरीके का हिस्सा मानी जा रही है।

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वीडियो जारी किया:जंग के बाद पहली बार दिखे, जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आए

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वीडियो जारी किया:जंग के बाद पहली बार दिखे, जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आए

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक वीडियो जारी किया है। जंग के बाद पहली बार सामने आए इस वीडियो में खामेनेई जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है, जब उनकी तबीयत को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने यह वीडियो जारी किया। फुटेज में खामेनेई सामान्य नजर आ रहे हैं और लोगों से बातचीत करते दिख रहे हैं। दरअसल, इजराइली मीडिया ने हाल ही में दावा किया था कि खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद ईरान की ओर से यह वीडियो जारी किया गया। हालांकि, वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। ईरानी मीडिया की ओर से वीडियो जारी किए जाने को खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही अटकलों का जवाब माना जा रहा है। खबर अपडेट हो रही है….

पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से फोन पर बात की:भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी

पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से फोन पर बात की:भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी

पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया। हमने प्रमुख क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।” उन्होंने वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। दरअसल, 19 जुलाई को जेडी वेंस तीसरी बार पिता बने थे। खबर अपडेट हो रही है…

मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी

मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी

क्या दफ्तर न आने के लिए सिर्फ ‘मन नहीं है’ कहना काफी है? न मेडिकल सर्टिफिकेट, न परिवार में इमरजेंसी, न बॉस को लंबी सफाई- बस इतना कहना कि आज मूड ठीक नहीं, और छुट्टी मंजूर। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन चीन की एक रिटेल कंपनी ने ऐसी व्यवस्था लागू कर रखी है। अब यह आइडिया भारत में भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि उद्योगपति हर्ष गोयनका ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सवाल किया- क्या भारत को भी ऐसी ‘अनहैप्पी लीव’ की जरूरत है? गोयनका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीनी रिटेलर पैंग डॉन्ग लाई अपने कर्मचारियों को 10 दिन की पेड ‘अनहैप्पी लीव’ देती है। कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई का फलसफा सीधा है- ‘अगर खुश नहीं हो, तो काम पर मत आओ।’ सबसे दिलचस्प बात यह कि मैनेजर इस छुट्टी को मना नहीं कर सकते। ने आगे लिखा कि यह भले ही गैर-व्यावहारिक कदम नजर आए, लेकिन भारतीय संदर्भ में इस पर व्यापक बहस जरूरी है- या फिर बर्नआउट रोकने और लोगों को दफ्तर आने के लिए उत्साहित करने का कोई बेहतर तरीका खोजा जाए। पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स बंट गए। एक यूजर ने दिलचस्प तर्क दिया कि दफ्तर की नाखुशी हमेशा दफ्तर की वजह से नहीं होती- निजी जिंदगी भी साथ चलती है। ऐसे में कुछ दिन का ब्रेक दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक और यूजर ने इसे ‘जीनियस आइडिया’ बताते हुए कहा कि अगर भारतीय कंपनियां यह लागू करें, तो आधे कर्मचारी पहले से ज्यादा खुश होकर दफ्तर आएंगे, क्योंकि बर्नआउट को वफादारी नहीं समझा जाना चाहिए। एक यूजर ने प्रैक्टिकल एंगल दिया- यह पॉलिसी असल में इसलिए बनाई जाती है, ताकि कर्मचारी छुट्टी के लिए झूठे बहाने न गढ़ें; ईमानदारी से बताने पर कोई सवाल नहीं पूछा जाता। लेकिन हर कोई इससे सहमत नहीं। एक यूजर ने तीखा जवाब दिया कि 10 दिन की छुट्टी साल भर की खराब वर्क कल्चर को ठीक नहीं कर सकती। कर्मचारी इसकी जगह बेहतर काम के घंटे और समय की इज्जत करने वाले मैनेजर चुनना पसंद करेंगे। पैंग डॉन्ग लाई की ‘अनहैप्पी लीव’ पॉलिसी में काम के घंटे 7 साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह पॉलिसी 2024 में कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई ने शुरू की थी। कर्मचारी बिना विस्तृत वजह बताए साल में 10 अतिरिक्त ‘पेड लीव’ ले सकते हैं, और मैनेजर इसे मना नहीं कर सकते। मना करना नियम का उल्लंघन माना जाता है। यही नहीं, कर्मचारी एक दिन में सिर्फ सात घंटे काम करते हैं, वीकेंड पर पूरी छुट्टी मिलती है, सालाना 30-40 दिन की छुट्टियां मिलती हैं, और चीनी नववर्ष पर पांच अतिरिक्त दिन अलग से दिए जाते हैं।

अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’

अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

मुंबई में शुक्रवार को दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत की प्रार्थना सभा हुई। इसमें परिवार के साथ फिल्म जगत के दोस्त और साथी कलाकार शामिल हुए। प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में ब्लड कैंसर से निधन हुआ था। प्रार्थना सभा में उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने पिता को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और उनका नाम रोशन करेंगे। इस दौरान पिता को याद कर विक्रमादित्य बिलख कर रो पड़े और कहा, ‘आपका यहां आने के लिए शुक्रिया, मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं। बहुत सारी यादें हैं। मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं।’ बेटे ने कहा- पिता सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे प्रार्थना सभा के दौरान एएनआई से बात करते हुए विक्रमादित्य रावत अपने पिता को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपने पिता के बारे में जितने भी शब्द बोलूं, वे हमेशा कम पड़ेंगे। वे सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कितनी भी बार भगवान से प्रार्थना करूं या भगवान मुझसे पूछें कि मुझे कैसा पिता चाहिए था, तो मैं हमेशा उनका नाम लूंगा।” सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे मैं एक्चुअली एक चीज कहता था, अब अगर यह बात पहुंच जाए उन तक तो बहुत अच्छी रहेगी। मैं पापा को बोलता था कि पापा मुझे सलमान सर से मिलना है, क्योंकि मैं बहुत बड़ा फैन हूं, सलमान भाई का। सिर्फ एक्टिंग के लिए नहीं, वो इंसान बहुत अच्छे हैं। पापा मुझे उनकी कहानियां बताते थे कि कैसे एक घर में रहते थे, सलीम साहब, उनसे कितने करीब थे। आगे विक्रमादित्य ने कहा, काफी खुशी हुई कि सलमान भाईजान ने पापा को एक ट्रिब्यूट दिया इतने सालों बाद जब उनकी बात नहीं हुई है, मुलाकात नहीं हुई है। बहुत खुशी हुई। दो महीने पहले शुरू हुई थी हिचकी, दवाओं का असर नहीं हुआ विक्रमादित्य ने प्रदीप रावत की आखिरी बीमारी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह मामूली स्वास्थ्य समस्या जैसी लगी थी, लेकिन जल्द ही जानलेवा स्थिति में बदल गई। उन्होंने बताया, “दो महीने पहले उन्हें हिचकी आनी शुरू हुई। वे घर आए और हमें लगा कि शायद कोई मामूली संक्रमण होगा। लेकिन जब हिचकी बढ़ती गई, तो हमने डॉक्टर को घर बुलाया।” विक्रमादित्य ने कहा, “डॉक्टर के आने पर उन्होंने बताया कि गंभीर संक्रमण हो सकता है। डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं, लेकिन दुर्भाग्य से उनमें से किसी का असर नहीं हुआ।” प्रदीप रावत का ब्लड कैंसर दोबारा लौट आया था। 5 अगस्त 2026 को उनका निधन हुआ। उनके परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटा विक्रमादित्य रावत हैं। विक्रमादित्य बोले- पिता की विरासत को और बड़ा करूंगा विक्रमादित्य ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा, “उन्हें विश्वास था और मुझे भी विश्वास है कि एक दिन मैं उनका नाम रोशन करूंगा।” उन्होंने कहा, “मैं उनकी विरासत को आगे बढ़ाऊंगा। मैं उनकी विरासत को अपनाना चाहता हूं और इसे और बड़ा बनाना चाहता हूं।” प्रेयर मीट की तस्वीरें- 74 साल की उम्र में मंगलवार को प्रदीप रावत का निधन हो गया था। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया था फिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ सलमान ने आगे कहा, ‘मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

मुंबई में शुक्रवार को दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत की प्रार्थना सभा हुई। इसमें परिवार के साथ फिल्म जगत के दोस्त और साथी कलाकार शामिल हुए। प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में ब्लड कैंसर से निधन हुआ था। प्रार्थना सभा में उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने पिता को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और उनका नाम रोशन करेंगे। इस दौरान पिता को याद कर विक्रमादित्य बिलख कर रो पड़े और कहा, ‘आपका यहां आने के लिए शुक्रिया, मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं। बहुत सारी यादें हैं। मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं।’ बेटे ने कहा- पिता सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे प्रार्थना सभा के दौरान एएनआई से बात करते हुए विक्रमादित्य रावत अपने पिता को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपने पिता के बारे में जितने भी शब्द बोलूं, वे हमेशा कम पड़ेंगे। वे सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कितनी भी बार भगवान से प्रार्थना करूं या भगवान मुझसे पूछें कि मुझे कैसा पिता चाहिए था, तो मैं हमेशा उनका नाम लूंगा।” सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे मैं एक्चुअली एक चीज कहता था, अब अगर यह बात पहुंच जाए उन तक तो बहुत अच्छी रहेगी। मैं पापा को बोलता था कि पापा मुझे सलमान सर से मिलना है, क्योंकि मैं बहुत बड़ा फैन हूं, सलमान भाई का। सिर्फ एक्टिंग के लिए नहीं, वो इंसान बहुत अच्छे हैं। पापा मुझे उनकी कहानियां बताते थे कि कैसे एक घर में रहते थे, सलीम साहब, उनसे कितने करीब थे। आगे विक्रमादित्य ने कहा, काफी खुशी हुई कि सलमान भाईजान ने पापा को एक ट्रिब्यूट दिया इतने सालों बाद जब उनकी बात नहीं हुई है, मुलाकात नहीं हुई है। बहुत खुशी हुई। दो महीने पहले शुरू हुई थी हिचकी, दवाओं का असर नहीं हुआ विक्रमादित्य ने प्रदीप रावत की आखिरी बीमारी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह मामूली स्वास्थ्य समस्या जैसी लगी थी, लेकिन जल्द ही जानलेवा स्थिति में बदल गई। उन्होंने बताया, “दो महीने पहले उन्हें हिचकी आनी शुरू हुई। वे घर आए और हमें लगा कि शायद कोई मामूली संक्रमण होगा। लेकिन जब हिचकी बढ़ती गई, तो हमने डॉक्टर को घर बुलाया।” विक्रमादित्य ने कहा, “डॉक्टर के आने पर उन्होंने बताया कि गंभीर संक्रमण हो सकता है। डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं, लेकिन दुर्भाग्य से उनमें से किसी का असर नहीं हुआ।” प्रदीप रावत का ब्लड कैंसर दोबारा लौट आया था। 5 अगस्त 2026 को उनका निधन हुआ। उनके परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटा विक्रमादित्य रावत हैं। विक्रमादित्य बोले- पिता की विरासत को और बड़ा करूंगा विक्रमादित्य ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा, “उन्हें विश्वास था और मुझे भी विश्वास है कि एक दिन मैं उनका नाम रोशन करूंगा।” उन्होंने कहा, “मैं उनकी विरासत को आगे बढ़ाऊंगा। मैं उनकी विरासत को अपनाना चाहता हूं और इसे और बड़ा बनाना चाहता हूं।” प्रेयर मीट की तस्वीरें- 74 साल की उम्र में मंगलवार को प्रदीप रावत का निधन हो गया था। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया था फिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ सलमान ने आगे कहा, ‘मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके