Tuesday, 22 Sep 2026 | 06:31 PM

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लड़की को गाली दी, अब माफी से किया इनकार:रणवीर शोरे बोले- लड़की गाली दे, तो सुनने के लिए भी तैयार रहे, 16 करोड़ व्यूज वाली रील पर विवाद

लड़की को गाली दी, अब माफी से किया इनकार:रणवीर शोरे बोले- लड़की गाली दे, तो सुनने के लिए भी तैयार रहे, 16 करोड़ व्यूज वाली रील पर विवाद

160 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल करने वाली रणवीर शोरे, अनुपम खेर और खोसला का घोसला 2 स्टारकास्ट की रील पर विवाद हो गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने रील देखने के बाद रणवीर शोरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने शुरू कर दिए, जिसके जवाब में एक्टर ने भी मजेदार जवाब दिए। हालांकि एक लड़की को जवाब देते हुए रणवीर शोरे ने गाली दी, जिस पर विवाद हो गया। लड़की को गाली देने पर रणवीर शोरे की कड़ी शब्दों में आलोचना होने लगी। जब एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि वो लड़की को गाली कैसे दे सकते हैं, तो जवाब में एक्टर ने लिखा, तुम्हें उसकी उम्र और जेंडर कैंसे पता है। ये इंटरनेट है। यहां जैसे को तैसा मिलता है। अपना लेक्चर अपने पास रखो। दूसरी पोस्ट में रणवीर शोरे ने लिखा, गालियां देने को genZ की भाषा बताते हैं, और जब वही भाषा में हम जवाब देते हैं तो वो गालियां हो जाती हैं। कई लोग लगातार रणवीर से माफी मांगने की बात कह रहे हैं। इस विवाद पर रणवीर शोरे ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा है, “मैं ट्रोल्स को उसी भाषा में जवाब देता हूं, जिस भाषा में वे मुझसे बात करते हैं और इसके लिए मुझे बिल्कुल भी माफी मांगने की जरूरत नहीं है। जिस यूजर की आप बात कर रहे हैं, वह एक जाना-पहचाना जहरीला और बदतमीज अकाउंट है। मुझे नहीं पता कि उस अकाउंट के पीछे असल में कौन है, उसकी उम्र या जेंडर क्या है। आगे एक्टर ने कहा, मेरे लिए यह ज्यादा मायने रखता है कि वह किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, न कि उसकी प्रोफाइल फोटो में लड़की है या लड़का। अगर कोई लड़की भी गंदी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है, तो उसे भी उसी तरह के जवाब सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।” रील को मिले 162 मिलियन व्यूज अनुपम खेर ने हाल ही में ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक रील पोस्ट की थी, जिसमें वो टिकटॉक के दौर के ट्रेंडिंग ऑडियो पर बोमन ईरानी, रणवीर शोरे और प्रवीण के साथ लिपसिंक करते दिखे। कुछ ही समय में रील वायरल हो गई और महज 5 दिनों में इसे 162 मिलियन यानी 16 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल गए। यह अनुपम खेर के प्रोफाइल पर सबसे ज्यादा देखे गए वीडियो में शामिल हो गई है। ये वीडियो खोसला का घोसला 2 के सेट पर लंच ब्रेक में बनाया गया था। अनुपम खेर ने फैन्स का आभार जताया अनुपम खेर ने बीटीएस वीडियो शेयर करते हुए बताया कि टीम को रील पर इतनी शानदार प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने लिखा, “15 करोड़ व्यूज और गिनती अभी जारी है। जब हमने यह रील शूट की थी, तब हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इसे सिर्फ इंस्टाग्राम पर 15 करोड़ व्यूज मिलेंगे।” उन्होंने आगे लिखा, “हमने इसे इतनी गंभीरता और मासूमियत से बनाया, जैसे अपनी जिंदगी की सबसे जरूरी फिल्म का क्लाइमैक्स शूट कर रहे हों।” एक्टर ने बताया कि रील के सबसे मजेदार पल अचानक रिकॉर्ड हुए थे। बोमन ईरानी की मेकअप आर्टिस्ट अमृता ने कलाकारों की रिहर्सल और रील से जुड़ी हर बात पर चर्चा करते हुए चुपचाप वीडियो रिकॉर्ड किया था। फिल्म में पुरानी कास्ट के साथ रवि किशन भी ‘खोसला का घोसला 2’, 2006 में आई कॉमेडी फिल्म ‘खोसला का घोसला’ का सीक्वल है। इस फिल्म को प्रशांत भागिया ने डायरेक्ट किया है। सीक्वल में अनुपम खेर, बोमन ईरानी, रणवीर शौरी, परविन डबास और किरण जूनजा पुरानी कास्ट के तौर पर लौट रहे हैं। रवि किशन भी अहम भूमिका में कलाकारों की टीम में शामिल हुए हैं। फिल्म को टी-सीरीज के साथ सविता राज हिरेमठ और राज हिरेमठ ने प्रोड्यूस किया है। यह सीक्वल मूल फिल्म के करीब दो दशक बाद मिडिल क्लास परिवार की जिंदगी पर आधारित एक बड़ी कॉमिक कहानी पेश करेगा।

लड़की को गाली दी, अब माफी से किया इनकार:रणवीर शोरे बोले- लड़की गाली दे, तो सुनने के लिए भी तैयार रहे, 16 करोड़ व्यूज वाली रील पर विवाद

लड़की को गाली दी, अब माफी से किया इनकार:रणवीर शोरे बोले- लड़की गाली दे, तो सुनने के लिए भी तैयार रहे, 16 करोड़ व्यूज वाली रील पर विवाद

160 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल करने वाली रणवीर शोरे, अनुपम खेर और खोसला का घोसला 2 स्टारकास्ट की रील पर विवाद हो गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने रील देखने के बाद रणवीर शोरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने शुरू कर दिए, जिसके जवाब में एक्टर ने भी मजेदार जवाब दिए। हालांकि एक लड़की को जवाब देते हुए रणवीर शोरे ने गाली दी, जिस पर विवाद हो गया। लड़की को गाली देने पर रणवीर शोरे की कड़ी शब्दों में आलोचना होने लगी। जब एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि वो लड़की को गाली कैसे दे सकते हैं, तो जवाब में एक्टर ने लिखा, तुम्हें उसकी उम्र और जेंडर कैंसे पता है। ये इंटरनेट है। यहां जैसे को तैसा मिलता है। अपना लेक्चर अपने पास रखो। दूसरी पोस्ट में रणवीर शोरे ने लिखा, गालियां देने को genZ की भाषा बताते हैं, और जब वही भाषा में हम जवाब देते हैं तो वो गालियां हो जाती हैं। कई लोग लगातार रणवीर से माफी मांगने की बात कह रहे हैं। इस विवाद पर रणवीर शोरे ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा है, “मैं ट्रोल्स को उसी भाषा में जवाब देता हूं, जिस भाषा में वे मुझसे बात करते हैं और इसके लिए मुझे बिल्कुल भी माफी मांगने की जरूरत नहीं है। जिस यूजर की आप बात कर रहे हैं, वह एक जाना-पहचाना जहरीला और बदतमीज अकाउंट है। मुझे नहीं पता कि उस अकाउंट के पीछे असल में कौन है, उसकी उम्र या जेंडर क्या है। आगे एक्टर ने कहा, मेरे लिए यह ज्यादा मायने रखता है कि वह किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, न कि उसकी प्रोफाइल फोटो में लड़की है या लड़का। अगर कोई लड़की भी गंदी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है, तो उसे भी उसी तरह के जवाब सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।” रील को मिले 162 मिलियन व्यूज अनुपम खेर ने हाल ही में ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक रील पोस्ट की थी, जिसमें वो टिकटॉक के दौर के ट्रेंडिंग ऑडियो पर बोमन ईरानी, रणवीर शोरे और प्रवीण के साथ लिपसिंक करते दिखे। कुछ ही समय में रील वायरल हो गई और महज 5 दिनों में इसे 162 मिलियन यानी 16 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल गए। यह अनुपम खेर के प्रोफाइल पर सबसे ज्यादा देखे गए वीडियो में शामिल हो गई है। ये वीडियो खोसला का घोसला 2 के सेट पर लंच ब्रेक में बनाया गया था। अनुपम खेर ने फैन्स का आभार जताया अनुपम खेर ने बीटीएस वीडियो शेयर करते हुए बताया कि टीम को रील पर इतनी शानदार प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने लिखा, “15 करोड़ व्यूज और गिनती अभी जारी है। जब हमने यह रील शूट की थी, तब हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इसे सिर्फ इंस्टाग्राम पर 15 करोड़ व्यूज मिलेंगे।” उन्होंने आगे लिखा, “हमने इसे इतनी गंभीरता और मासूमियत से बनाया, जैसे अपनी जिंदगी की सबसे जरूरी फिल्म का क्लाइमैक्स शूट कर रहे हों।” एक्टर ने बताया कि रील के सबसे मजेदार पल अचानक रिकॉर्ड हुए थे। बोमन ईरानी की मेकअप आर्टिस्ट अमृता ने कलाकारों की रिहर्सल और रील से जुड़ी हर बात पर चर्चा करते हुए चुपचाप वीडियो रिकॉर्ड किया था। फिल्म में पुरानी कास्ट के साथ रवि किशन भी ‘खोसला का घोसला 2’, 2006 में आई कॉमेडी फिल्म ‘खोसला का घोसला’ का सीक्वल है। इस फिल्म को प्रशांत भागिया ने डायरेक्ट किया है। सीक्वल में अनुपम खेर, बोमन ईरानी, रणवीर शौरी, परविन डबास और किरण जूनजा पुरानी कास्ट के तौर पर लौट रहे हैं। रवि किशन भी अहम भूमिका में कलाकारों की टीम में शामिल हुए हैं। फिल्म को टी-सीरीज के साथ सविता राज हिरेमठ और राज हिरेमठ ने प्रोड्यूस किया है। यह सीक्वल मूल फिल्म के करीब दो दशक बाद मिडिल क्लास परिवार की जिंदगी पर आधारित एक बड़ी कॉमिक कहानी पेश करेगा।

सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। रिपोर्ट में इसकी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉन्स्टेबल गणेश सलमान खान के घर के बाहर तैनात थे। उनकी उम्र 41 साल थी। वे उन पुलिसकर्मियों में शामिल थे, जो लॉरेंस बिश्नोई से सलमान की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। कॉन्स्टेबल गणेश अचानक बीमार होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। सलमान खान के घर पर अभी निगरानी रखी जा रही है और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ रहते हैं 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। फायरिंग का मकसद सलमान को डराना था बाद की जांच में सामने आया कि फायरिंग का मकसद सलमान खान को डराना था। यह हमला लॉरेंस गैंग के कहने पर किया गया था। लॉरेंस 2022 में पंजाबी स्टार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उसने ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार मामले में कथित तौर पर शामिल होने के लिए सलमान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट पर चलाई गई थीं गोलियां 14 अप्रैल 2024 को दो बाइक सवार लोगों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की थी। फायरिंग के वक्त सलमान अपने घर में ही थे। घटना के बाद सलमान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सलमान ने कहा- जितनी उम्र लिखी है उतनी लिखी है पिछले साल सलमान खान ने मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव स्टार होटल में मीडिया से बात की थी। उन्होंने माना था कि कभी-कभी सुरक्षाकर्मियों के साथ घूमना उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है। एक्टर ने यह भी कहा था कि उन्हें धमकियों से डर नहीं लगता। उन्होंने अपनी सुरक्षा और देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। सलमान ने मीडिया से कहा था, ‘भगवान, अल्लाह सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। बस यही है। कभी-कभी इतने सारे लोगों के साथ घूमना परेशानी का सबब बन जाता है।’

सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। रिपोर्ट में इसकी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉन्स्टेबल गणेश सलमान खान के घर के बाहर तैनात थे। उनकी उम्र 41 साल थी। वे उन पुलिसकर्मियों में शामिल थे, जो लॉरेंस बिश्नोई से सलमान की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। कॉन्स्टेबल गणेश अचानक बीमार होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। सलमान खान के घर पर अभी निगरानी रखी जा रही है और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ रहते हैं 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। फायरिंग का मकसद सलमान को डराना था बाद की जांच में सामने आया कि फायरिंग का मकसद सलमान खान को डराना था। यह हमला लॉरेंस गैंग के कहने पर किया गया था। लॉरेंस 2022 में पंजाबी स्टार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उसने ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार मामले में कथित तौर पर शामिल होने के लिए सलमान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट पर चलाई गई थीं गोलियां 14 अप्रैल 2024 को दो बाइक सवार लोगों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की थी। फायरिंग के वक्त सलमान अपने घर में ही थे। घटना के बाद सलमान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सलमान ने कहा- जितनी उम्र लिखी है उतनी लिखी है पिछले साल सलमान खान ने मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव स्टार होटल में मीडिया से बात की थी। उन्होंने माना था कि कभी-कभी सुरक्षाकर्मियों के साथ घूमना उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है। एक्टर ने यह भी कहा था कि उन्हें धमकियों से डर नहीं लगता। उन्होंने अपनी सुरक्षा और देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। सलमान ने मीडिया से कहा था, ‘भगवान, अल्लाह सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। बस यही है। कभी-कभी इतने सारे लोगों के साथ घूमना परेशानी का सबब बन जाता है।’

सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।

सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

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सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। मई से जुलाई 2026 के दौरान कतर से भारत को एलएनजी का इंपोर्ट 91% घटा है, जबकि अमेरिका से सप्लाई में 253% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई-जुलाई में भारत ने मंगाया 7.08 मिलियन टन LNG इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई से जुलाई 2026 के तीन महीनों में भारत ने कुल 7.08 मिलियन टन (MT) LNG का इंपोर्ट किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% ज्यादा है। भारत का एलएनजी आयात अब कतर से कम होकर अमेरिका, अफ्रीका और गैर-कतरी मिडिल ईस्ट के सप्लायर्स की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है। ओमान से सप्लाई में 341% की सबसे तेज बढ़त मई-जुलाई की अवधि के दौरान अमेरिका ने 2.19 मिलियन टन एलएनजी सप्लाई की और भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया। इसके बाद नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ओमान से सप्लाई में सबसे तेज 341% की ग्रोथ दर्ज की गई। कतर से सप्लाई गिरकर महज 0.23 मिलियन टन रह गई, जो साल-दर-साल 91% की गिरावट है। देश में गैस की कुल मांग 197 mmscmd पर पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नेचुरल गैस की खपत में सुधार हुआ है। जून महीने में कुल गैस मांग बढ़कर 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 7% और पिछले साल से 2% ज्यादा है। पावर सेक्टर को छोड़कर गैस की मांग 176 mmscmd रही, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है। एलएनजी की खपत मई से 13% और पिछले साल से 10% बढ़कर 110 mmscmd हो गई, जबकि घरेलू गैस की खपत 87 mmscmd पर स्थिर रही। इसके साथ ही भारत की गैस आयात निर्भरता 56% दर्ज की गई। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर सबसे बड़ा ग्राहक क्षेत्रवार खपत की बात करें तो 58 mmscmd मांग के साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सबसे बड़ा ग्राहक रहा। इसके बाद फर्टिलाइजर सेक्टर में 55 mmscmd और अन्य उद्योगों में 41 mmscmd गैस की खपत हुई। पावर सेक्टर से गैस की मांग सुधरकर 21 mmscmd हुई, रिफाइनरी सेक्टर ने 15 mmscmd की खपत की और पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग 7 mmscmd रही, हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले अब भी 48% कम है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट दाम $20 के पार, जुलाई में भी मजबूत रहेगी मांग ग्लोबल लेवल पर ऊंची कीमतों के बावजूद भारत का एलएनजी आयात मजबूत रहा। मई में 2.4 मिलियन टन और जून में 2.3 मिलियन टन एलएनजी बर्थ अराइवल्स दर्ज किए गए, जिससे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल अराइवल्स 6.2 मिलियन टन रहा। जुलाई में प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार 2.1 मिलियन टन अराइवल्स हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन का एलएनजी आयात मौसमी औसत से ऊपर चला गया है। यूरोप में सर्दियों से पहले गैस स्टोरेज 58% पर है जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है, जबकि एशियाई स्पॉट एलएनजी की कीमतें 20 डॉलर प्रति mmbtu के ऊपर बनी हुई हैं। इक्विरस के अनुसार, जुलाई में भारत की गैस मांग मजबूत रहेगी, जबकि अगस्त में मोरबी और मौसमी कारणों से इसमें थोड़ी नरमी आ सकती है। होर्मुज संकट के बावजूद देश का एक भी पेट्रोल पंप खाली नहीं रहा: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII के कार्यक्रम में कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज बंद होने के बावजूद भारत ने देश में एलपीजी या क्रूड ऑयल की कोई किल्लत नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपना 50% क्रूड ऑयल, 90% एलपीजी और 60% अन्य गैस इसी रूट से मंगाता था। सप्लाई बाधित होते ही भारत ने तुरंत अपने इंपोर्ट सोर्स को बढ़ाया और घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया। मंत्री ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश के 1.07 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट्स में से एक भी पंप सूखा नहीं रहा। 2014 में देश में केवल 52,000 आउटलेट्स थे। क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया भारत ने अपने क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैला दिया है और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के दायरे को 55 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़ाकर 309 तक पहुंचा दिया है। भारत के पास हमेशा लगभग 60 दिनों का क्रूड ऑयल कवर मौजूद रहा। समुद्र मंथन प्रोग्राम: गहरे समुद्र में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,000 करोड़ की योजना आपातकालीन सुरक्षा के साथ-साथ लंबे समय के लिए सरकार ने ₹84,000 करोड़ के समुद्र मंथन प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और नेचुरल गैस की खोज को बढ़ावा देना है। हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि ड्रिलिंग का काम सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट प्लेयर्स करेंगे। जोखिम भरे ऑफशोर एक्सप्लोरेशन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति कुआं ₹650 करोड़ तक या ड्रिलिंग लागत का 50% तक आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। मई से जुलाई 2026 के दौरान कतर से भारत को एलएनजी का इंपोर्ट 91% घटा है, जबकि अमेरिका से सप्लाई में 253% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई-जुलाई में भारत ने मंगाया 7.08 मिलियन टन LNG इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई से जुलाई 2026 के तीन महीनों में भारत ने कुल 7.08 मिलियन टन (MT) LNG का इंपोर्ट किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% ज्यादा है। भारत का एलएनजी आयात अब कतर से कम होकर अमेरिका, अफ्रीका और गैर-कतरी मिडिल ईस्ट के सप्लायर्स की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है। ओमान से सप्लाई में 341% की सबसे तेज बढ़त मई-जुलाई की अवधि के दौरान अमेरिका ने 2.19 मिलियन टन एलएनजी सप्लाई की और भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया। इसके बाद नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ओमान से सप्लाई में सबसे तेज 341% की ग्रोथ दर्ज की गई। कतर से सप्लाई गिरकर महज 0.23 मिलियन टन रह गई, जो साल-दर-साल 91% की गिरावट है। देश में गैस की कुल मांग 197 mmscmd पर पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नेचुरल गैस की खपत में सुधार हुआ है। जून महीने में कुल गैस मांग बढ़कर 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 7% और पिछले साल से 2% ज्यादा है। पावर सेक्टर को छोड़कर गैस की मांग 176 mmscmd रही, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है। एलएनजी की खपत मई से 13% और पिछले साल से 10% बढ़कर 110 mmscmd हो गई, जबकि घरेलू गैस की खपत 87 mmscmd पर स्थिर रही। इसके साथ ही भारत की गैस आयात निर्भरता 56% दर्ज की गई। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर सबसे बड़ा ग्राहक क्षेत्रवार खपत की बात करें तो 58 mmscmd मांग के साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सबसे बड़ा ग्राहक रहा। इसके बाद फर्टिलाइजर सेक्टर में 55 mmscmd और अन्य उद्योगों में 41 mmscmd गैस की खपत हुई। पावर सेक्टर से गैस की मांग सुधरकर 21 mmscmd हुई, रिफाइनरी सेक्टर ने 15 mmscmd की खपत की और पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग 7 mmscmd रही, हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले अब भी 48% कम है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट दाम $20 के पार, जुलाई में भी मजबूत रहेगी मांग ग्लोबल लेवल पर ऊंची कीमतों के बावजूद भारत का एलएनजी आयात मजबूत रहा। मई में 2.4 मिलियन टन और जून में 2.3 मिलियन टन एलएनजी बर्थ अराइवल्स दर्ज किए गए, जिससे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल अराइवल्स 6.2 मिलियन टन रहा। जुलाई में प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार 2.1 मिलियन टन अराइवल्स हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन का एलएनजी आयात मौसमी औसत से ऊपर चला गया है। यूरोप में सर्दियों से पहले गैस स्टोरेज 58% पर है जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है, जबकि एशियाई स्पॉट एलएनजी की कीमतें 20 डॉलर प्रति mmbtu के ऊपर बनी हुई हैं। इक्विरस के अनुसार, जुलाई में भारत की गैस मांग मजबूत रहेगी, जबकि अगस्त में मोरबी और मौसमी कारणों से इसमें थोड़ी नरमी आ सकती है। होर्मुज संकट के बावजूद देश का एक भी पेट्रोल पंप खाली नहीं रहा: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII के कार्यक्रम में कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज बंद होने के बावजूद भारत ने देश में एलपीजी या क्रूड ऑयल की कोई किल्लत नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपना 50% क्रूड ऑयल, 90% एलपीजी और 60% अन्य गैस इसी रूट से मंगाता था। सप्लाई बाधित होते ही भारत ने तुरंत अपने इंपोर्ट सोर्स को बढ़ाया और घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया। मंत्री ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश के 1.07 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट्स में से एक भी पंप सूखा नहीं रहा। 2014 में देश में केवल 52,000 आउटलेट्स थे। क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया भारत ने अपने क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैला दिया है और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के दायरे को 55 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़ाकर 309 तक पहुंचा दिया है। भारत के पास हमेशा लगभग 60 दिनों का क्रूड ऑयल कवर मौजूद रहा। समुद्र मंथन प्रोग्राम: गहरे समुद्र में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,000 करोड़ की योजना आपातकालीन सुरक्षा के साथ-साथ लंबे समय के लिए सरकार ने ₹84,000 करोड़ के समुद्र मंथन प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और नेचुरल गैस की खोज को बढ़ावा देना है। हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि ड्रिलिंग का काम सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट प्लेयर्स करेंगे। जोखिम भरे ऑफशोर एक्सप्लोरेशन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति कुआं ₹650 करोड़ तक या ड्रिलिंग लागत का 50% तक आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।