PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
जालंधर की लेडी अफसर ने जेल में बनाए प्रेम संबंध:कनाडा में पंजाबी कैदी से मिलती, उसके पैसे से कॉस्मेटिक सर्जरी, फॉरेन ट्रिप कीं

कनाडा की जेल में तैनात जालंधर मूल की एक महिला अधिकारी पर पंजाबी कैदी से रिश्ते को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच के मुताबिक उसने अपनी ड्यूटी उसी ब्लॉक में लगवाई, जहां कैदी बंद था। वह ज्यादातर समय उसकी सेल के आसपास बिताती थी और जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा कथित तौर पर अवैध मोबाइल के जरिए भी उसके संपर्क में रहती थी। बदले में कैदी उस पर महंगे गिफ्ट लुटाता रहा। जांच दस्तावेजों के मुताबिक उसने महिला अधिकारी की कॉस्मेटिक सर्जरी और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना। 3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है। दोसांझ गांव की निशवंत, कैदी ड्राइवर के तौर पर कनाडा गया कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थीं। 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है। दोनों के बीच पहले से प्यार, जेल में देख फिर रिश्ते सक्रिय हुए ITO के मुताबिक गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने अपनी ड्यूटी उसी टावर और ब्लॉक में लगवा ली, जहां गुरप्रीत बंद था। अक्टूबर 2024 से 2025 तक दोनों के बीच लगातार निजी मुलाकातें होती रहीं। सेल के बाहर ज्यादा समय, यहीं से बढ़ा शक पुलिस के अनुसार निशवंत अक्सर गुरप्रीत की सेल के आसपास जरूरत से ज्यादा समय बिताती थीं। जेल सुपरवाइजरों ने यह भी नोटिस किया कि वह गुरप्रीत से मिलने के बाद उसके पूर्व सेलमेट से भी मिलती थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी असामान्य गतिविधि के बाद दोनों पर निगरानी बढ़ाई गई। जेल के फोन के अलावा कथित अवैध मोबाइल से भी संपर्क ITO के मुताबिक दोनों जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा गुरप्रीत के पास मौजूद कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान गुरप्रीत की कई बातचीत इंटरसेप्ट कर मॉनिटर की गई। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था। नंबर प्लेट से हत्या की साजिश तक में शामिल यॉर्क रीजनल पुलिस के मुताबिक जून 2025 में एक वरिष्ठ करेक्शनल अधिकारी की हत्या की साजिश रची गई। अधिकारी के घर पर मुंह ढके हमलावर ने हमला करने की कोशिश भी की। ITO में आरोप है कि गुरप्रीत ने जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों के जरिए पूरी योजना बनाई, जबकि निशवंत ने कथित तौर पर ‘इंटरनल फैसिलिटेटर’ की भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो लेकर गुरप्रीत तक पहुंचाई। बाद में इसी जानकारी के आधार पर वाहन का रिकॉर्ड निकाला गया और अधिकारी के घर की पहचान की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी घटना के बाद प्रोजेक्ट साउथ जांच का दायरा बढ़ा। निशवंत की नाराजगी का बदला लिया इस मामले में सार्वजनिक किए गए अदालत दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गुरप्रीत सिंह की वरिष्ठ जेल अधिकारी से क्या रंजिश थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि निशवंत दोसांझ की उस अधिकारी से नाराजगी थी और उसी के बाद कथित साजिश रची गई। जांच में और भी कई नाम 563 पन्नों के ITO में निशवंत और गुरप्रीत के अलावा कई पुलिस अधिकारियों और सिविलियन के नाम भी जांच के दायरे में होने का उल्लेख है। एजेंसियां इनके बीच कथित संपर्क और सहयोग की भी जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में पहले भी कंट्राबैंड और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जेल पहले से जांच एजेंसियों की निगरानी में थी। दोनों पक्षों का क्या कहना है:-
क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल के सामने स्पेन:FIFA वर्ल्ड कप में तीसरी बार भिड़ेंगे; मेजबान अमेरिका का बेल्जियम से मुकाबला

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ‘राउंड ऑफ 16’ में क्रिस्टियानों रोनाल्डो की पुर्तगाल का सामना स्पेन से होगा। 2018 के वर्ल्ड कप में आखिरी बार दोनों की भिड़ंत हुई थी। तब मैच 3-3 से ड्रॉ रहा था। इस मैच में रोनाल्डो ने हैट्रिक गोल मारे थे। पुर्तगाल के स्ट्राइकर रोनाल्डो शानदार फॉर्म में हैं। वे इस टूर्नामेंट में 3 गोल कर चुके हैं। यह मैच डलास स्टेडियम में आज रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला मेजबान अमेरिका और बेल्जियम के बीच होगा। मैच सुबह 5:30 बजे से सिएटल स्टेडियम में होगा। मैच 93- पुर्तगाल और स्पेन के बीच वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पुर्तगाल और स्पेन के बीच 41 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें स्पेन ने 18 और पुर्तगाल ने 7 मैच जीते हैं। 16 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2018 के वर्ल्ड कप में मुकाबला 3-3 से ड्रा रहा था। वहीं 2010 वर्ल्ड कप में स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। दोनों टीमें अब तक एक भी मैच नहीं हारीं पुर्तगाल और स्पेन दोनों ही टीमें इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। पुर्तगाल को 4 मैचों में 2 जीत मिली। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। ग्रुप स्टेज में टीम ने उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराया। वहीं कोलंबिया से 0-0 और कांगो डीआर से 1-1 से ड्रॉ खेला। राउंड ऑफ 32 में टीम ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया। दूसरी ओर स्पेन के खिलाफ कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी है। टीम ने ग्रुप स्टेज में सऊदी अरब को 4-0, उरुग्वे को 1-0 से हराया। काबो वर्डे से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। स्पेन ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया। पुर्तगाल को स्टार खिलाड़ी और कप्तान रोनाल्डो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं स्पेन की टीम अपने युवा स्टार विंगर लामीन यमाल और अभेद डिफेंस पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कानसेलो, रूबेन डियास, एंटोनियो सिल्वा, नूनो मेंडेस, जोआओ पाल्हिन्हा, वितिन्हा, ब्रूनो फर्नांडीस, बर्नार्डो सिल्वा, राफा लेआओ, क्रिस्टियानो रोनाल्डो। स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, अयामेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्रि, फैबियन रुइज, पेड्रि, लामीन यमाल, अल्वैरो मोराटा, निको विलियम्स। मैच 94- अमेरिका के खिलाफ बेल्जियम का पलड़ा भारी अमेरिका और बेल्जियम के बीच 7 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें बेल्जियम ने 6 मैच जीते हैं। अमेरिका को सिर्फ 1 मैच में जीत मिली है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 1930 के वर्ल्ड कप में अमेरिका जीता था। 2014 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में बेल्जियम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। अमेरिका एक मैच हारी, बेल्जियम अजेय अमेरिका ने 4 मैचों में 3 में जीत दर्ज की हैं। एक में उसे हार मिली। राउंड ऑफ 32 में अमेरिका ने बोस्निया एंड हर्जेगोविना को 2-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 और पराग्वे को 4-1 से शिकस्त दी थी। तुर्की के खिलाफ उसे 3-2 से एकमात्र हार मिली थी। बेल्जियम बिना कोई मैच हारे राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। टीम ने 2 मैच जीते, जबकि 2 ड्रॉ रहे। राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से हराया। टीम ने ईरान से 0-0 और मिस्र से 1-1 से ड्रॉ खेला। अमेरिकी को अपने घरेलू मैदान और फैंस के सामने स्टार विंगर क्रिश्चियन पुलिसिक से गोल की उम्मीद होगी। वहीं बेल्जियम स्टार मिडफील्डर केविन डी ब्रुइन और स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू की जोड़ी के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, वेआ, राइट, पोलिस। बेल्जियम: कास्टील्स, फाएश, वर्तोंघेन, थीएट, कास्टाग्ने, ओनाना, मोंगाला, डोकू, डी ब्रुइन, ट्रोसार्ड, लुकाकू।
यात्रा बैग में अवश्य होना चाहिए: यात्रा पर जा रहे हैं? अपने स्टोर बैग में जरूर रखें ये 6 चीजें; कई बेकार से पुराने काम

माउंटेन ट्रिप ट्रैवल बैग अनिवार्य: माउंट की यात्रा का नाम बताया ही मन खुश हो जाता है। शहर की गर्मी और शोर-शराबे से दूर पहाड़ों पर जाना हर को पसंद होता है। लेकिन, पहाड़ों के मौसम में जितनी जल्दी बदलाव हो रहा है, उतनी ही जल्दी वहां की कमी की भी जरूरत महसूस हो सकती है। अगर आप भी जल्द ही किसी हिल स्टेशन या ट्रैकिंग पर जाने का प्लान बनवा रहे हैं तो सिर्फ कपड़े भरना ही काफी नहीं है। आपका स्मार्ट स्मार्ट फोन चाहिए। तो जानें वो 6 चीजें जो आपके ट्रेवल बैग में जरूर होनी चाहिए, जो मुश्किल समय में आपके बहुत काम की हैं। मल्टी-परपज जैकेट पहाड़ों पर धूप कब रियोलैण्ड में छिपला जाए और कब तेज हवाएं चलती रहें, इसका कोई भरोसा नहीं है। भारी भरकम नामित या जैकेट बैग में बहुत जगह घेरते हैं। इसकी जगह एक अच्छी क्वालिटी का भव्य विंडचाटर या मल्टी-परपज जैकेट स्थान है। यह आपको अचानक होने वाली बारिश वाली से भी बचाएगी और नावों से भी मिलेगी। आप इसे आसानी से बनाकर अपने छोटे-छोटे सलमानों में भी रख सकते हैं। पावर बैंक पहाड़ों के खूबसूरत नजारों की फोटो खींचते-खींचते फोन की बैटरी कब खत्म हो गई, पता ही नहीं। शीत तापमान में प्रौद्योगिकी की बैटरी सामान्य से अधिक तेजी से समाप्त होती है। पहाड़ों पर हर जगह विचित्र बिंदु ढूँढना भी मुश्किल होता है। एक 10000mAh या 20000mAh का पावर बैंक आपको इलेक्ट्रानिक फोन ऑन रखेगा, एमएपीएस देखने और डिवाइस से जुड़े रहने में मदद करेगा। प्रथम एड किट फिल्म पर चित्र बनाते समय छोटी-मोटी चोट लगाना या फिल्मांकन पर उल्टी आना बहुत आम बात है। यूरोपियन यूनियन में मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलेंगे। अपनी किट में बैंड-एड, पेनकिलर, बुखार और दूरबीन की दवा, उल्टी रोकथाम की दवा, एक एंटीसेप्टिक क्रीम और पेट दर्द की दवा जरूर रखें। यह किट आपके साथ-साथ आपके को-ट्रैवलर्स की जान भी बचा सकती है। पानी की बोतल या थर्मस पहाड़ों पर खुद को सीलबंद रखना बहुत जरूरी है, लेकिन वहां बार-बार ठंडा पानी पीने से नुकसान हो सकता है। बाहर से प्लास्टिक की पानी की बोतलें खरीदने से सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि प्लास्टिक से बने पानी की बोतलें भी होती हैं। एक अच्छा थर्मस स्टोर से आप अपने होटल या ढाबे में गर्म पानी भर सकते हैं। ठंड के मौसम में थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी रहने से शरीर का तापमान भी सही रहता है और ऊर्जा भी बनी रहती है। मजबूत और आरामदायक कमरे पर्वतारोहण की यात्रा का असली मजा तब होता है जब आप वहां पैदल चलते हैं और वहां की सुंदरता का पता लगाते हैं। पहाड़ों के रास्ते आबाद-खाबड़ और फुलान शामिल हो सकते हैं। मित्रवत स्नीकर्स या हिल्स यहां बिल्कुल काम नहीं आते। एक अच्छी पकड़ वाले ट्रैकिंग शूज या स्पोर्ट्स शूज यात्रियों को मोच से बचाएंगे और आप बिना थके लंबी दूरी तय कर जाएंगे। फैब्रिकस्केयर और हाईजीन की वस्तुएं माउंट की अविश्वसनीय और रूखी हवा आपकी त्वचा को बहुत जल्दी नुकसान पहुंचा सकती है। विचारधारा पर सूरज की किरणें सबसे ज्यादा तेजी से चल रही हैं, जिससे टैनिंग और सनबर्न का खतरा बढ़ रहा है। एक छोटी सी क्लिप में सनस्क्रीन, अच्छा एक लिप बाम, वेट वाइप्स, और मॉइश्चराइजर जरूर रखें। वेट वाइप्स तब बहुत काम आते हैं जब ठंडे पानी से मुंह धोने की बदबू न हो रही हो। खण्डों पर जाकर अपना सामान पतले हो सकते हैं और कोशिश करें कि वहां कोई भी प्लास्टिक का कूड़ा न छोड़ें। अपने बैग में 6 नी को शामिल करें और बेफ़िक्र बैग में अपने पहाड़ों की यात्रा का मज़ा लें। यह अवश्य पढ़ें: बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: कम बजट में यादगार बनाना चाहते हैं हनीमून? भारत के इन स्थानों को जानें; कपल्स के लिए बिल्कुल सही जगह है (टैग्सटूट्रांसलेट)ट्रेवल बैग आइटम्स(टी)ट्रैवल बैग में यह होना चाहिए(टी)हिल स्टेशन यात्रा के लिए आवश्यक चीजें(टी)पर्वत यात्रा(टी)माउंटेन ट्रिप ट्रैवल बैग(टी)माउंटेन ट्रिप ट्रैवल बैग अनिवार्यताएं
भारत-A ने श्रीलंका-A को 10 विकेट से हराया:बरार ने दूसरे टेस्ट में 10 विकेट लिए, सुदर्शन के 168 रन; 1-0 से सीरीज जीती

भारत-A ने श्रीलंका-A को दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में 10 विकेट से हराकर दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। रविवार को गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में मुकाबले के चौथे और आखिरी दिन तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए। पहली पारी में 168 रन बनाने वाले साई सुदर्शन ने दूसरी पारी में भी नाबाद 25 रन बनाए। सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था। इससे पहले भारत-A ने अफगानिस्तान-A और श्रीलंका-A वाली वनडे ट्राई सीरीज भी जीती थी। टॉप परफॉर्मर गुरनूर बरार की फोटोज… भारत ने 177 रन की बढ़त लेकर पारी घोषित की भारत-A ने चौथे दिन 541/8 से आगे खेलना शुरू किया। सिर्फ 9 गेंद खेलने के बाद यश ठाकुर के आउट होते ही टीम ने 543/9 पर पारी घोषित कर दी। सारांश जैन 70 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि चोटिल ऋतुराज गायकवाड़ बल्लेबाजी के लिए नहीं आए। पहली पारी के आधार पर भारत-A को 177 रन की बढ़त मिली। श्रीलंका-A ने पहली पारी में 366 रन बनाए थे। गुरनूर ने नई गेंद से विकेट लिए श्रीलंका-A की शुरुआत बेहद खराब रही। बरार ने शुरुआती तीन ओवर में सोहन डी लिवेरा और नुवानिडु फर्नांडो को आउट किया। वहीं आकिब नबी ने पवन्था वीरसिंघे का विकेट लिया। मेजबान टीम सिर्फ 9 रन पर 3 विकेट गंवा चुकी थी। अशेन बंडारा की फिफ्टी शुरुआती झटकों के बाद अशेन बंडारा ने तेज बल्लेबाजी की। उन्होंने गुरनूर के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाए और सिर्फ 47 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। कप्तान सहान अराच्चिगे ने भी कुछ अच्छे शॉट खेले, लेकिन यश ठाकुर ने उन्हें आउट कर दिया। लंच तक श्रीलंका-A का स्कोर 115/4 था। दूसरे सेशन में गुरनूर ने खत्म किया मैच लंच के बाद गुरनूर बरार ने फिर विकेट लिए। उन्होंने अंजला बंडारा और अशेन बंडारा (87) को आउट कर दिया। केशारा नुवांथा (26) और दिलुम सुदीरा (21) ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे। सारांश जैन ने भी 2 विकेट लिए। आखिर में गुरनूर ने सुदीरा और दुलाज समुधिता को आउट कर दूसरी पारी 68 रन पर 6 विकेट लिए। पहली पारी में उन्होंने 4 विकेट लिए थे। बरार ने मैच में 145 रन देकर 10 विकेट लिए। श्रीलंका-A दूसरी पारी में 209 रन ही बना सकी। 33 रन का टारगेट 6.2 ओवर में हासिल भारत-A को जीत के लिए सिर्फ 33 रन चाहिए थे। साई सुदर्शन ने 22 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाए और चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई। अमन मोखाडे 11 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत-A ने 6.2 ओवर में बिना विकेट खोए लक्ष्य हासिल कर 10 विकेट से मुकाबला और 1-0 से सीरीज अपने नाम कर ली।
बाबर 3 साल बाद पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बने:शान मसूद को खराब प्रदर्शन के कारण हटाया, विंडीज से 2 मैच की सीरीज

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए टेस्ट टीम का ऐलान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। शान मसूद को टेस्ट कप्तानी से हटा दिया गया है। बाबर आजम को दूसरी बार टीम की कमान सौंपी गई है। पाकिस्तान इस महीने के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। शान मसूद को खराब प्रदर्शन के बाद हटाया गया है। पाकिस्तान लगातार अपने पिछले सात टेस्ट मैच भी हार चुका है, जो टीम के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी हार की श्रृंखला है। करीब 3 साल पहले बाबर की जगह टेस्ट कप्तान बनाए गए शान मसूद ने 16 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमें से टीम को 12 हार का सामना करना पड़ा। टेस्ट इतिहास में कोई भी कप्तान अपने शुरुआती 16 टेस्ट में 12 मैच नहीं हारा था। PCB ने इस पोस्ट के जरिए टेस्ट टीम का ऐलान किया… आकिब जावेद ने बोले- कप्तान मैच खत्म नहीं करा पाए पाकिस्तान के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने कहा- ‘टीम बार-बार जीते हुए मैच गंवा रही है। शान मसूद की कप्तानी में लीडरशिप नजर नहीं आती है। जावेद ने कहा, ‘शान का व्यक्तिगत प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन कप्तान के रूप में वे टीम को नतीजे नहीं दिला सके। कप्तान की जिम्मेदारी सिर्फ टॉस तक सीमित नहीं होती, बल्कि मैच को खत्म करना, डीआरएस लेना और टीम को सही दिशा देना भी उसकी जिम्मेदारी है।’ मसूद की कप्तानी गई, टीम में रहेंगे जावेद ने साफ किया है कि कप्तानी से हटाए जाने के बाद शान मसूद टेस्ट टीम का हिस्सा रहेंगे। जावेद ने कहा- कप्तान बदलने का फैसला शान मसूद के बल्लेबाजी प्रदर्शन से जुड़ा नहीं है। कप्तान बनने के बाद उनका बल्लेबाजी औसत पहले से बेहतर हुआ और उन्होंने इस दौरान दो शतक तथा सात अर्धशतक लगाए। बाबर आजम दूसरी बार कप्तान बने बाबर आजम दूसरी बार पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कप्तानी संभालेंगे। इससे पहले उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने 20 टेस्ट में 10 जीत दर्ज की थीं। उनकी कप्तानी में टीम ने दक्षिण अफ्रीका को घरेलू सीरीज में 2-0 से हराया था, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका में भी टेस्ट सीरीज जीती थी। हालांकि उनके कार्यकाल में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 3-0 की ऐतिहासिक हार भी मिली थी। ——————————————————-
बाबर 3 साल बाद पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बने:शान मसूद को खराब प्रदर्शन के कारण हटाया, विंडीज से 2 मैच की सीरीज

बाबर आजम एक बार फिर पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बनाए गए हैं। उन्हें दूसरी बार टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है। जबकि, शान मसूद को टीम के खराब प्रदर्शन के कारण कप्तानी से हटा दिया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रविवार को टेस्ट टीम का ऐलान किया। PCB के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने कहा- ‘टीम बार-बार जीते हुए मैच गंवा रही है। शान मसूद की कप्तानी में लीडरशिप नजर नहीं आती है। पाकिस्तानी टीम इस महीने के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। पहला मैच 25 से तारोबा में और दूसरा मैच 2 अगस्त से पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जाएगा। इसके बाद पाकिस्तानी टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी। PCB ने इस पोस्ट के जरिए टेस्ट टीम का ऐलान किया… मसूद की कप्तानी गई, टीम में रहेंगे कप्तानी से हटाने के बाद शान मसूद टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। आकिब जावेद ने कहा, ‘शान का व्यक्तिगत प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन कप्तान के रूप में वे टीम को नतीजे नहीं दिला सके। कप्तान की जिम्मेदारी सिर्फ टॉस तक सीमित नहीं होती, बल्कि मैच को खत्म करना, DRS लेना और टीम को सही दिशा देना भी उसकी जिम्मेदारी है।’ बता दें कि कप्तान बनने के बाद उनका बैटिंग औसत पहले से बेहतर हुआ। उन्होंने दो शतक तथा सात अर्धशतक लगाए। मसूद खराब प्रदर्शन के बाद हटाए गए शान मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान लगातार अपने पिछले सात टेस्ट मैच भी हार चुका है। जो टीम के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी हार की श्रृंखला है। करीब 3 साल पहले टेस्ट कप्तान बनाए गए शान मसूद ने 16 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से टीम को 12 हार का सामना करना पड़ा। टेस्ट इतिहास में कोई भी कप्तान अपने शुरुआती 16 टेस्ट में 12 मैच नहीं हारा है। बाबर आजम दूसरी बार कप्तानी करेंगे बाबर आजम दूसरी बार पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कप्तानी संभालेंगे। इससे पहले उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने 20 टेस्ट में 10 जीत दर्ज की थीं। उनकी कप्तानी में टीम ने दक्षिण अफ्रीका को घरेलू सीरीज में 2-0 से हराया था, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका में भी टेस्ट सीरीज जीती थी। हालांकि उनके कार्यकाल में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 3-0 की ऐतिहासिक हार भी मिली थी। ——————————————————-
सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भारत के टीम मैनेजमेंट ने खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया। उनकी जगह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया। सैमसन को बाहर किए जाने के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर काफी देर तक सैमसन से बातचीत करते नजर आए। दोनों के बीच हुई चर्चा को खिलाड़ी का मनोबल बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। इधर, सूर्यवंशी ने डेब्यू मैच के बाद इंस्टा पोस्ट के जरिए अपने फैंस शुक्रिया किया। वे इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में 10 गेंद पर 2 छक्कों के सहारे 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनका स्ट्राइक रेट 140.00 का रहा। पिछली 3 पारियों में फेल रहे सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे संजू सैमसन पिछले तीन टी-20 मुकाबलों में प्रभाव नहीं छोड़ सके। वे आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में 0 और 5 रन ही बना पाए। जबकि, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में सात गेंद खेलकर सिर्फ एक रन बना सके। लगातार नाकामी के बाद उन्हें ड्रॉप किया और वैभव को डेब्यू का मौका दिया। गंभीर ने दिया भरोसे का संदेश मैच से पहले गंभीर सैमसन का हाथ पकड़कर उनसे बात करते नजर आए। माना जा रहा है कि कोच ने उन्हें निराश नहीं होने और आगे के अवसरों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। भारतीय टीम प्रबंधन पहले ही कह चुका है कि नई टी-20 टीम बनाने की प्रक्रिया में खिलाड़ियों को लंबा मौका दिया जाएगा। ऐसे में सैमसन की वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है। इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया सैमसन की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की किस्मत नहीं बदली। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने 190 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया, लेकिन हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने छह गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज कर ली। इसके साथ ही टीम इंडिया को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक और हार झेलनी पड़ी। ———————————————
सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भारत के टीम मैनेजमेंट ने खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया। उनकी जगह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया। सैमसन को बाहर किए जाने के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर काफी देर तक सैमसन से बातचीत करते नजर आए। दोनों के बीच हुई चर्चा को खिलाड़ी का मनोबल बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। इधर, सूर्यवंशी ने डेब्यू मैच के बाद इंस्टा पोस्ट के जरिए अपने फैंस शुक्रिया किया। वे इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में 10 गेंद पर 2 छक्कों के सहारे 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनका स्ट्राइक रेट 140.00 का रहा। पिछली 3 पारियों में फेल रहे सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे संजू सैमसन पिछले तीन टी-20 मुकाबलों में प्रभाव नहीं छोड़ सके। वे आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में 0 और 5 रन ही बना पाए। जबकि, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में सात गेंद खेलकर सिर्फ एक रन बना सके। लगातार नाकामी के बाद उन्हें ड्रॉप किया और वैभव को डेब्यू का मौका दिया। गंभीर ने दिया भरोसे का संदेश मैच से पहले गंभीर सैमसन का हाथ पकड़कर उनसे बात करते नजर आए। माना जा रहा है कि कोच ने उन्हें निराश नहीं होने और आगे के अवसरों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। भारतीय टीम प्रबंधन पहले ही कह चुका है कि नई टी-20 टीम बनाने की प्रक्रिया में खिलाड़ियों को लंबा मौका दिया जाएगा। ऐसे में सैमसन की वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है। इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया सैमसन की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की किस्मत नहीं बदली। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने 190 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया, लेकिन हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने छह गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज कर ली। इसके साथ ही टीम इंडिया को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक और हार झेलनी पड़ी। ———————————————






