Wednesday, 08 Jul 2026 | 11:58 PM

Trending :

EXCLUSIVE

PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Flight Cancellations LIVE Updates: Check latest updates on flights, cancellations and more in West Asia.

March 3, 2026/
7:51 pm

आखरी अपडेट:मार्च 03, 2026, 19:51 IST यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस के भीतर...

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

June 11, 2026/
6:49 am

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद...

Royal Challengers Bengaluru vs Gujarat Titans Live Score, IPL 2026 Today Match Updates, Scorecard & Commentary. (Picture Credit: AFP)

April 24, 2026/
5:12 pm

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 17:12 IST यदि इतिहास कोई मार्गदर्शक है, तो शिव सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के...

चौधरी असलम की पत्नी ने संजय दत्त की तारीफ की:बोलीं- उनकी एक्टिंग देख कर एक पल को लगा पति ही सामने खड़े हों

April 2, 2026/
8:46 pm

फिल्म ‘धुरंधर’ में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अफसर चौधरी असलम का किरदार निभाया है। उनके इस रोल की अब...

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में कहां हुई सबसे बड़ी वोटिंग, कहां हुई सबसे कम? ये रही पूरी लिस्ट

April 24, 2026/
7:00 am

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित भाजपा प्रत्याशी तमिलसाई सुंदरराजन ने चुनाव आयोग के...

राजनीति

PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.