Friday, 25 Sep 2026 | 06:28 PM

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मूवी रिव्यू – 'अल्फा':धुरंधर की छाप लिए आगे बढ़ती है आलिया की फिल्म, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले रफ्तार खो देती है

मूवी रिव्यू – 'अल्फा':दमदार एक्शन, फीका इमोशन... आलिया की फिल्म में बॉबी देओल का नेगेटिव अवतार छाया, ऋतिक रोशन का कैमियो देता है सरप्राइज

यशराज स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म अल्फा बड़े स्केल, हाई ऑक्टेन एक्शन और एक नए कॉन्सेप्ट के साथ सिनेमाघरों में आई है। ट्रेलर से उम्मीद थी कि यह स्पाई यूनिवर्स को नया मुकाम देगी, लेकिन फिल्म उस उम्मीद पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती। डायरेक्टर शिव रवैल ने इसे इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर का लुक देने में मेहनत की है। विजुअल्स, एक्शन और प्रोडक्शन वैल्यू प्रभावित करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम भावनात्मक जुड़ाव फिल्म को बार बार पीछे खींचते हैं। फिल्म की कहानी करीब 140 मिनट लंबी फिल्म की शुरुआत 27 जुलाई 1999 से होती है। इंडियन आर्मी के विक्रांत कौल (अनिल कपूर) और फतेह सिंह लाखावत (बॉबी देओल) देश की सबसे खतरनाक सीक्रेट फोर्स बनाने का सपना देखते हैं। इसी सोच से टीम अल्फा की शुरुआत होती है, जिसके सैनिकों को अल्फा सीरम दिया जाता है। यह सीरम इंसान की ताकत, रिफ्लेक्स और रिकवरी को कई गुना बढ़ा देता है। इसी दौरान विक्रांत अपनी गर्भवती पत्नी जानकी (दिया मिर्जा) की जान बचाने के लिए उसे भी अल्फा सीरम दे देता है। यह फैसला उसकी पूरी जिंदगी बदल देता है। फतेह का मानना होता है कि इस सीरम पर सिर्फ सेना का हक था। वह विक्रांत की नवजात बेटी को उससे अलग कर देता है और उसे यकीन दिला देता है कि उसकी बेटी मर चुकी है। सालों बाद वही बेटी सीता (आलिया भट्ट) फतेह की निगरानी में एक खतरनाक हथियार बन चुकी होती है। बचपन से उसे मिशन दिए जाते हैं और वह देश के दुश्मनों को खत्म करती रहती है। लेकिन एक दिन उसे पता चलता है कि जिस इंसान को वह अपना गुरु मानती रही, वही सबसे बड़ा गुनहगार है। दूसरी तरफ स्पेन में पली विक्रांत की दूसरी बेटी दुर्गा (शरवरी) की एंट्री होती है। दोनों बहनों का आमना सामना होता है और कहानी ऑपरेशन ओडिसी के रहस्य तक पहुंचती है। आखिर फतेह का असली मिशन क्या है, ऑपरेशन ओडिसी के पीछे उसका मकसद क्या है और क्या सीता उसे रोक पाएगी, फिल्म का क्लाइमैक्स इन्हीं सवालों के जवाब देता है। फिल्म में एक्टिंग सीता के किरदार में आलिया भट्ट ने पूरी मेहनत की है। उन्होंने एक्शन सीक्वेंस में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और कई दृश्यों में प्रभाव भी छोड़ती हैं। हालांकि भावनात्मक दृश्यों में उनका किरदार दर्शकों से उतना जुड़ नहीं पाता, जितनी जरूरत थी। शरवरी को स्क्रीन स्पेस कम मिला है, लेकिन जितना मौका मिला उसमें उन्होंने अच्छा काम किया है और अपने किरदार के साथ न्याय किया है। फिल्म के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज हैं बॉबी देओल। फतेह सिंह लाखावत के रोल में उनका जुनून, खामोशी और खतरनाक स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। अनिल कपूर भी अपने किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं। वहीं फिल्म के आखिर में ऋतिक रोशन का कैमियो स्पाई यूनिवर्स के फैंस के लिए एक अच्छा सरप्राइज बनकर आता है और आगे की फिल्मों के लिए उत्सुकता भी बढ़ा देता है। फिल्म में डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष निर्देशक शिव रवैल ने फिल्म को हॉलीवुड स्टाइल स्पाई थ्रिलर जैसा ट्रीटमेंट देने की कोशिश की है। सिनेमैटोग्राफी शानदार है। सेपिया टोन, बड़े सेट्स और खूबसूरत लोकेशंस फिल्म को शानदार विजुअल अपील देते हैं। खासकर आलिया और शरवरी के बीच पहला फाइट सीक्वेंस फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है। हालांकि कहानी के स्तर पर फिल्म कई जगह कमजोर पड़ जाती है। स्क्रीनप्ले ढीला है और कई घटनाएं बिना ठोस आधार के आगे बढ़ती हैं। कुछ ट्विस्ट जरूर हैं, लेकिन उनमें वह रोमांच नहीं है जो दर्शकों को पूरी फिल्म बांधकर रख सके। भावनात्मक दृश्यों में भी फिल्म असर छोड़ने में नाकाम रहती है। कई जगह स्पाई एजेंट्स को इतना सुपरह्यूमन बना दिया गया है कि कहानी वास्तविकता से दूर जाती महसूस होती है। इतना अच्छा कॉन्सेप्ट होने के बावजूद लेखन उसे पूरी तरह भुना नहीं पाता। फिल्म का पहला हिस्सा औसत रफ्तार से आगे बढ़ता है। असली खेल इंटरवल के बाद शुरू होता है, जब बॉबी देओल के ग्रे शेड वाले किरदार का एक बड़ा सच सामने आता है। यही ट्विस्ट कहानी में नई जान डालता है और कुछ देर के लिए फिल्म धुरंधर जैसी स्पाई थ्रिलर वाली फील देने लगती है। हालांकि, इसके बाद भी कमजोर स्क्रीनप्ले फिल्म को पूरी तरह उड़ान नहीं भरने देता। इंटरवल के बाद आने वाले ट्विस्ट और बॉबी देओल के ग्रे शेड वाले किरदार की परतें फिल्म को बेहतर बनाती हैं, लेकिन कमजोर लेखन इसकी रफ्तार को आखिर तक बरकरार नहीं रख पाता। फिल्म में म्यूजिक फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कहानी के टोन के मुताबिक ठीक बैठता है और एक्शन को सपोर्ट करता है। लेकिन गानों में ऐसा कोई ट्रैक नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रह जाए। फिल्म को फाइनल वर्डिक्ट अल्फा विजुअली शानदार है, एक्शन दमदार है और बॉबी देओल अपने किरदार से सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। आलिया भट्ट ने भी पूरी ईमानदारी से फिल्म को संभालने की कोशिश की है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, कम भावनात्मक जुड़ाव और औसत थ्रिल इसकी सबसे बड़ी कमजोरियां बन जाती हैं। फिल्म एक नए स्पाई चैप्टर की मजबूत शुरुआत बन सकती थी, लेकिन यह मौका पूरी तरह भुना नहीं जा सका। अगर आप बड़े पर्दे पर स्टाइलिश एक्शन और यशराज स्पाई यूनिवर्स के फैन हैं तो फिल्म एक बार देख सकते हैं, लेकिन कहानी के स्तर पर यह आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगी।

स्पोर्ट्स अपडेट:दूसरे टेस्ट से पहले श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ीं, सिर्फ 13 फिट खिलाड़ी बचे

स्पोर्ट्स अपडेट:दूसरे टेस्ट से पहले श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ीं, सिर्फ 13 फिट खिलाड़ी बचे

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले श्रीलंका की टीम चोट और बीमारी से बुरी तरह जूझ रही है। पहले टेस्ट में पारी से हारने के बाद अब सीरीज बचाने के लिए उसे दूसरा मैच हर हाल में जीतना होगा, लेकिन 17 सदस्यीय स्क्वॉड में सिर्फ 13 खिलाड़ी ही फिट हैं। पाथुम निसंका कलाई की चोट के कारण यूके रवाना हो गए हैं, जहां उनकी सर्जरी होगी। वे सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह लाहिरू उदारा ओपनिंग करेंगे। तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा (हैमस्ट्रिंग) और विस्वा फर्नांडो (पीठ/साइड स्ट्रेन) भी दूसरे टेस्ट से बाहर हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज इसिथा विजेसुंदरा को टेस्ट डेब्यू का मौका मिलेगा। ऑफ स्पिन ऑलराउंडर रमेश मेंडिस बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण उपलब्ध नहीं हैं। उनकी जगह स्पिनर प्रभात जयसूर्या की प्लेइंग इलेवन में वापसी होगी। जर्मनी के कोच नगेल्समैन देंगे इस्तीफा, क्लॉप बन सकते हैं नए हेड कोच फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद जर्मनी के हेड कोच जूलियन नगेल्समैन पद छोड़ने की तैयारी में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राउंड ऑफ 32 में पराग्वे से हारकर बाहर होने के बाद जर्मन फुटबॉल फेडरेशन (DFB) और नगेल्समैन के बीच इस्तीफे पर सहमति बन गई है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। नगेल्समैन का कॉन्ट्रैक्ट यूरो 2028 तक था, लेकिन वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन पर दबाव बढ़ गया। जर्मनी को ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में इक्वाडोर और फिर नॉकआउट में पराग्वे से हार मिली। 2014 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद से जर्मनी 2018 और 2022 में ग्रुप स्टेज से बाहर हुआ, जबकि 2026 में राउंड ऑफ 32 से आगे नहीं बढ़ सका। नगेल्समैन के जाने पर जुर्गन क्लॉप सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। पूर्व लिवरपूल मैनेजर फिलहाल रेड बुल के ग्लोबल हेड ऑफ फुटबॉल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके कॉन्ट्रैक्ट में ऐसा रिलीज क्लॉज है, जिसके तहत जर्मनी की राष्ट्रीय टीम का प्रस्ताव मिलने पर वे यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

बारिश की जगह अब गर्मी से रोके जा रहे खेल:ब्रिटेन की भीषण गर्मी विम्बलडन और महिला टी20 वर्ल्ड कप पर डाल रही असर

बारिश की जगह अब गर्मी से रोके जा रहे खेल:ब्रिटेन की भीषण गर्मी विम्बलडन और महिला टी20 वर्ल्ड कप पर डाल रही असर

एक समय था जब इंग्लैंड के मैदानों पर मैच शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा नजरें आसमान पर होती थीं। बादल घिरते ही खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक की चिंता बढ़ जाती थी कि कहीं बारिश खेल न रोक दे। लेकिन अब आसमान साफ है, सूरज तेज है और खेल फिर भी मुश्किल में है। खिलाड़ी पसीने से भीगते हुए मैदान पर दौड़ रहे हैं, दर्शक छाते और पंखों के सहारे स्टैंड में टिके हैं, बच्चे मैच छोड़कर ‘कूल रूम’ में राहत तलाश रहे हैं और आयोजक हर कुछ कदम पर पानी और छांव का इंतजाम कर रहे हैं। वजह बारिश नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती गर्मी है। जलवायु परिवर्तन ने खेलों की दुनिया में भी नया दौर शुरू कर दिया है। मैदानों पर अब सबसे बड़ा सवाल यह नहीं रह गया कि बारिश कब होगी, बल्कि यह है कि गर्मी कितनी बढ़ेगी। कभी स्कोरबोर्ड पर ‘रेन स्टॉप्ड प्ले’ लिखा जाता था। अब कई जगह ‘हीट स्टॉप्ड प्ले’ जैसी स्थिति बन रही है। ब्रिटेन में इस हफ्ते रिकॉर्ड गर्मी के बीच टेनिस, क्रिकेट और फुटबॉल के मुकाबले हुए। ईस्टबोर्न टेनिस और विम्बलडन क्वालिफायर में खिलाड़ी हर बदलाव के दौरान पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहे। दर्शक तौलिया गर्दन पर रखकर, छाते खोलकर और पंखे झलते हुए मुकाबले देखते रहे। पिछले साल विम्बलडन में एक दर्शक गर्मी से बेहोश हो गया था। उस समय कार्लोस अल्कारेज ने मैच रोककर उसे पानी पहुंचाया था। उसी घटना के बाद इस बार आयोजकों ने अतिरिक्त वाटर स्टेशन, छायादार ‘गेस्ट विलेज’ और आराम के लिए विशेष जगह बनाई है। ब्रिस्टल में महिला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी तस्वीर अलग नहीं थी। बच्चों के लिए ‘कूल रूम’ बनाया गया, स्प्रिंकलर लगाए गए और मेडिकल टीम पूरे दिन तैनात रही। गर्मी के कारण कई स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे करीब दो हजार बच्चे मैच देखने नहीं पहुंच सके। फिर भी हजारों दर्शक मैदान में डटे रहे। गर्मी अब केवल खिलाड़ियों और दर्शकों की परीक्षा नहीं ले रही, बल्कि खेल की टेक्नोलॉजी भी इसकी चपेट में आ रही है। विम्बलडन क्वालिफायर में ब्रिटिश खिलाड़ी डैन इवांस का मुकाबला एक घंटे से ज्यादा समय के लिए रोकना पड़ा, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग सिस्टम की बिजली बाधित हो गई। ब्रिटेन के मौसम विभाग ने इस हफ्ते दुर्लभ ‘रेड एक्सट्रीम हीट वार्निंग’ जारी की। खेल संगठनों ने भी मान लिया है कि यह कुछ दिनों की समस्या नहीं है। इसलिए अब हर बड़े आयोजन में अतिरिक्त पानी, कूलिंग जोन, छायादार क्षेत्र और मेडिकल सहायता को स्थायी व्यवस्था बनाया जा रहा है। विम्बलडन के संचालन से जुड़े अधिकारी भी साफ कह चुके हैं कि अत्यधिक गर्मी से निपटना अब ‘न्यू नॉर्मल’ बन चुका है।

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वेनेजुएला में मलबे के नीचे लगातार आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक कुत्ते को जीवित बाहर निकाल लिया गया। लंबे समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसके सुरक्षित मिलने की घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुत्ता किसी आपदा के बाद मलबे में दब गया था। समय बीतने के साथ उसके जीवित मिलने की उम्मीद बेहद कम होती गई, लेकिन बचाव दल ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। आखिरकार लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। कुत्ते के जीवित मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के बाद शुरुआती दिनों के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। रेस्क्यू के बाद कुत्ते की स्वास्थ्य जांच की गई और उसे आवश्यक देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आठ दिन बाद उसके जीवित मिलने की यह घटना पूरे अभियान की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर बनकर सामने आई है।

विंबलडन के तीसरे दौर में आर्थर फेरी पहुंचे:अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे; डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और एलीना रायबाकिना की जीत, बुल्टार-वाटसन डबल्स से बाहर

विंबलडन के तीसरे दौर में आर्थर फेरी पहुंचे:अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे; डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और एलीना रायबाकिना की जीत, बुल्टार-वाटसन डबल्स से बाहर

ब्रिटिश खिलाड़ी वर्ल्ड नंबर 114 आर्थर फेरी मेंस सिंगल्स के तीसरे दौर में पहुंचने वाले इकलौते ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, विमेंस सिंगल्स में डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और पूर्व चैंपियन एलीना रायबाकिना ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जबकि डबल्स में केटी बुल्टार और हीथर वाटसन समेत सभी 6 ब्रिटिश जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। वहीं, टूर्नामेंट के अन्य बड़े मुकाबलों में बुल्गारिया के अनुभवी खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को चार सेटों के कड़े मुकाबले में हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया, जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर फेरी का जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था,लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा,’मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। इगा स्वियातेक ने प्लिस्कोवा को 69 मिनट में हराया विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में पोलैंड की स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर तीन इगा स्वियातेक ने पूर्व फाइनलिस्ट कैरोलिना प्लिस्कोवा को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। उन्होंने सिर्फ 69 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ एलीना रायबाकिना ने कैटी मैकनेली को सिर्फ 71 मिनट में हराया कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने भी सेंटर कोर्ट पर अपना जलवा बिखेरा। वर्ल्ड नंबर दो रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। रयबाकिना को अपने पहले दौर के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ तीसरे सेट तक जूझना पड़ा था, लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है।

इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार रात को सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया। अब रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर खिताब के लिए इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। ओवल मैदान पर इंग्लैंड ने 23 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और बेहद मुश्किल में थी। यहां से नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए महज 90 गेंदों पर 133 रनों की रिकॉर्ड पार्टनरशिप की। इस साझेदारी के दम पर इंग्लिश टीम ने 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीकी 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी। इंग्लैंड पावरप्ले में 16 रन ही बना सका टॉस हारकर बैटिंग कर रही इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। टीम पावरप्ले में महज 16 रन ही बना सकी। इतना ही नहीं, एक विकेट भी गंवा दिया। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में पावरप्ले में इंग्लैंड का सबसे छोटा स्कोर है। साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल और मरिजाने कैप ने सटीक गेंदबाजी की। कैप ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट लिया। इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट चटकाए। नेट साइवर-ब्रंट ने काफ इंजरी से उबरकर खेली 75 रनों की पारी काफ इंजरी के कारण पिछले तीन मैच न खेल पाने वाली नेट साइवर-ब्रंट ने इस मैच में सोफिया डंकली की जगह ली। उन्होंने आते ही साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। साइवर-ब्रंट ने अपनी 47 गेंदों की पारी में 11 चौके और 1 छक्का लगाते हुए 75 रन बनाए। रनिंग बिटवीन द विकेट्स के दौरान उनकी चोट का कोई असर नहीं दिखा। दूसरी छोर से हीथर नाइट ने उनका पूरा साथ दिया। नाइट ने अयाबोंगा खाका की गेंद पर सिक्स लगाकर अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की। नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली। हालांकि म्लाबा ने दोनों को तीन गेंदों के अंदर आउट कर दिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्कोर खड़ा कर चुका था। साउथ अफ्रीका को जीत के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा चेज (170 रन) करना था। टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं साउथ अफ्रीका की शबनीम इस्माइल ने मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की ओपनर एमी जोन्स को आउट कर इतिहास रच दिया। वह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस्माइल ने अपने दूसरे ओवर में एलिस कैपसी को भी एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट कर इंग्लैंड को तीसरा विकेट दिया। साउथ अफ्रीका की टीम फिर चूकी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट से बड़ी पारी की उम्मीद थी। वह अच्छी लय में दिख रही थीं, लेकिन छठे ओवर में सोफी एक्लेस्टोन ने मिड-ऑन पर उनका शानदार कैच लपककर टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद एक्लेस्टोन ने शॉर्ट फाइन लेग पर सुने लूस का भी मुश्किल कैच पकड़ा और इंग्लैंड की बेहतरीन फील्डिंग का प्रदर्शन किया। ब्रिट्स का अर्धशतक नहीं आया काम तामिन ब्रिट्स ने 44 गेंदों में अर्धशतक लगाकर साउथ अफ्रीका की उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन चार्ली डीन की स्पिन के सामने मध्यक्रम टिक नहीं सका। ब्रिट्स और मारिजाने काप, दोनों एक्स्ट्रा कवर पर नेट साइवर-ब्रंट को कैच दे बैठीं। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम वापसी नहीं कर सकी और 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।

इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार रात को सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया। अब रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर खिताब के लिए इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। ओवल मैदान पर इंग्लैंड ने 23 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और मुश्किल में थी। यहां से नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 90 गेंदों पर 133 रनों की पार्टनरशिप की। इस साझेदारी के दम पर टीम ने 5 विकेट पर 169 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी। कप्तान ब्रंट प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। इंग्लैंड पावरप्ले में 16 रन ही बना सका टॉस हारकर बैटिंग कर रही इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। टीम पावरप्ले में महज 16 रन ही बना सकी। इतना ही नहीं, एक विकेट भी गंवा दिया। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में पावरप्ले में इंग्लैंड का सबसे छोटा स्कोर है। साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल और मरिजाने कैप ने सटीक गेंदबाजी की। कैप ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट लिया। इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट चटकाए। चोट से वापसी कर रही साइवर-ब्रंट ने फिफ्टी लगाई काफ इंजरी के कारण पिछले तीन मैच न खेल पाने वाली नेट साइवर-ब्रंट ने इस मैच में सोफिया डंकली की जगह ली। उन्होंने आते ही साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। साइवर-ब्रंट ने अपनी 47 गेंदों की पारी में 11 चौके और 1 छक्का लगाते हुए 75 रन बनाए। रनिंग में उनकी चोट का कोई असर नहीं दिखा। दूसरी छोर से हीथर नाइट ने उनका पूरा साथ दिया। नाइट ने अयाबोंगा खाका की गेंद पर सिक्स लगाकर अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की। नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली। हालांकि म्लाबा ने दोनों को तीन गेंदों के अंदर आउट कर दिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्कोर खड़ा कर चुका था। साउथ अफ्रीका को जीत के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा चेज (170 रन) करना था। टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं साउथ अफ्रीका की शबनीम इस्माइल ने मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की ओपनर एमी जोन्स को आउट कर इतिहास रच दिया। वह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस्माइल ने अपने दूसरे ओवर में एलिस कैपसी को भी LBW आउट कर इंग्लैंड को तीसरा विकेट दिया। साउथ अफ्रीका की टीम फिर चूकी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट से बड़ी पारी की उम्मीद थी। वह अच्छी लय में दिख रही थीं, लेकिन छठे ओवर में सोफी एक्लेस्टोन ने मिड-ऑन पर उनका शानदार कैच लपककर टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद एक्लेस्टोन ने शॉर्ट फाइन लेग पर सुने लूस का भी मुश्किल कैच पकड़ा। ब्रिट्स का अर्धशतक नहीं आया काम तामिन ब्रिट्स ने 44 गेंदों में अर्धशतक लगाकर साउथ अफ्रीका की उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन चार्ली डीन की स्पिन के सामने मध्यक्रम टिक नहीं सका। ब्रिट्स और मारिजाने काप, दोनों एक्स्ट्रा कवर पर नेट साइवर-ब्रंट को कैच दे बैठीं। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम वापसी नहीं कर सकी और 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।

ग्रीष्मकालीन शीतलन युक्तियाँ: भीषण गर्मी और शीत लहर चल रही है गर्म हवा? इन देसी जुगाड़ से इंस्टेंट मैगनेट-ठंडी हवा; कम होगा बिजली का खर्च

तस्वीर का विवरण

अगर इंकलाब बंद कमरे में रखा गया है या उसके पीछे से हवा का रास्ता बंद है, तो वह सही तरीके से यूक्रेनी हवा नहीं दे सकता है। कोशिश करें कि अंदर की खिड़की या दरवाज़े के पास के हिस्से में कॉकरोच हों, ताकि बाहर की ताजी हवा आ सके। छवि: एआई प्लास्टिक के पैड पर कूड़ा-कचरा और गंदगी जमा होने से पानी ठीक से नहीं कूड़ा-कचरा और हवा से छुटकारा नहीं। इसलिए समय-समय पर पैड साफ करें। अगर पैड बहुत पुराने हो गए हैं, तो उन्हें बदल दें बेहतर जीवन। छवि: एआई ब्लॉकचेन की मंज़िल में साफ पानी भरा। अत्यधिक गर्मी में बर्फ या आइस पैक भी डाला जा सकता है। इससे कुछ समय के लिए हवा और अधिकतम निवेशक महसूस करेंगे। छवि: एआई अगर मोटर सही तरीके से पानी नहीं छोड़ रही है, तो पैड ड्राइवर रह जाएंगे और ग्लूकोज़ गर्म हो जाएंगे। इसलिए समय-समय पर मोटर की जांच करें। छवि: एआई कई लोग लाइक्स लाइक टाइम रूम पूरी तरह से बंद कर देते हैं। ऐसा करने से कमरे में किचन बढ़ जाता है और कूलिंग कम हो जाती है। इसलिए एक खिड़की या दरवाज़ा थोड़ा खुला रहता है, जिससे बाहर गर्म हवा निकलती है। छवि: एआई बाजार, प्लास्टिक और पैड की नियमित सफाई से बाजार की शुद्धता। बिजली जमा होने से सिर्फ कूलिंग कम होती है, बल्कि बिजली की मात्रा भी बढ़ सकती है। छवि: एआई यदि इलेक्ट्रॉनिक्स सीधे धूप की धूप में रहता है, तो उसका पानी जल्दी गर्म हो जाता है। कोशिश करें कि प्लास्टिक को छायादार जगह पर रखें या उसके ऊपर कोई शेड न लगाएं। छवि: एआई हर समय हाई स्पीड पर इलेक्ट्रिक ड्राइव से बिजली का खर्च सबसे ज्यादा होता है। मौसम और ज़रूरत के खाते से लो या इच्छित उद्देश्य का उपयोग करें। इससे बिजली की बचत भी होगी और ब्लॉकचेन पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ेगा। छवि: एआई अगर आपका कैपिटलाइज़ेशन गर्म हवा दे रहा है, तो बताए गए आसान और देसी उपायकर आप नक्षत्रों की कूलिंग को बेहतर बना सकते हैं। छवि: एआई नियमित स्वच्छता, सही जगह पर बिजली का खर्च कम करने में भी मदद मिलेगी। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)एयर कूलर टिप्स(टी)समर कूलिंग हैक्स(टी)समर टिप्स(टी)कूलर कूलिंग हैक्स

भारतीय बैडमिंटन में नया स्कोरिंग सिस्टम लागू होगा:21 की जगह 15 अंक का होगा गेम; एर्नाकुलम सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट से होगी शुरुआत

भारतीय बैडमिंटन में नया स्कोरिंग सिस्टम लागू होगा:21 की जगह 15 अंक का होगा गेम; एर्नाकुलम सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट से होगी शुरुआत

भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके तहत गेम 21 की जगह 15 पॉइंट्स के होंगे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह फॉर्मेट सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और नेशनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसमें अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सभी एज ग्रुप शामिल होंगे। क्या बदलेगा नए नियम में? नए फॉर्मेट में मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम ही होंगे, लेकिन अब हर गेम 21 की जगह 15 अंक का होगा। 14-14 की बराबरी होने पर 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी। अगर स्कोर 20-20 तक पहुंचता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम करेगा। यानी हर गेम की अधिकतम सीमा 21 अंक होगी। ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले अब मिड-गेम ब्रेक 11 अंक की बजाय 8 अंक पर मिलेगा और यह 60 सेकेंड का होगा। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकेंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा और पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा। जनवरी 2027 से BWF भी लागू करेगा BAI महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर नए फॉर्मेट को पहले लागू करने का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों को समय रहते इसकी आदत डालना है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) इस स्कोरिंग सिस्टम को जनवरी 2027 से इंटरनेशनल इवेंट में लागू करेगा। —————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…

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भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके तहत गेम 21 की जगह 15 पॉइंट्स के होंगे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह फॉर्मेट सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और नेशनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसमें अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सभी एज ग्रुप शामिल होंगे। क्या बदलेगा नए नियम में? नए फॉर्मेट में मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम ही होंगे, लेकिन अब हर गेम 21 की जगह 15 अंक का होगा। 14-14 की बराबरी होने पर 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी। अगर स्कोर 20-20 तक पहुंचता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम करेगा। यानी हर गेम की अधिकतम सीमा 21 अंक होगी। ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले अब मिड-गेम ब्रेक 11 अंक की बजाय 8 अंक पर मिलेगा और यह 60 सेकेंड का होगा। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकेंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा और पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा। जनवरी 2027 से BWF भी लागू करेगा BAI महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर नए फॉर्मेट को पहले लागू करने का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों को समय रहते इसकी आदत डालना है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) इस स्कोरिंग सिस्टम को जनवरी 2027 से इंटरनेशनल इवेंट में लागू करेगा। —————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…