सीलिंग फैन क्लीनिंग टिप्स: सीलिंग फैन पर जमी धूल को मिनट में चमकाएं, बस इन 5 आसान तरीकों से ध्यान दें

2 जुलाई 2026 को 19:54 IST पर अपडेट किया गया सीलिंग फैन क्लीनिंग टिप्स: गर्मियों के मौसम में सीलिंग फैन लगभग हर घर में पूरे दिन मिलता है, लेकिन अक्सर हम इसकी सफाई को मंजूरी दे देते हैं। धीरे-धीरे पेरू की पंखुड़ियाँ पर कूड़ा, मिट्टी और चिकने जमने लगते हैं। जब हम फिल्में बनाते हैं, तो यही गंदगी हवा के साथ पूरे कमरे में फैल जाती है, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों के लिए ठीक नहीं है। आइये आपको बताते हैं यूरोप को साफ करने के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अनुसरण करना : सबसे पहले सफाई शुरू करना सबसे जरूरी है कि आप अपना पंखा पूरी तरह से बंद कर लें। बेहतर सुरक्षा के लिए स्विच बोर्ड से बिजली का कनेक्शन भी कट गया। इससे आप बिना किसी दुर्घटना के डर के आराम से अपना काम कर पाएंगे। छवि: एआई सीलिंग पंखे की सफाई के लिए हमेशा मजबूत सीढ़ी का ही उपयोग करें। किसी डगमगाने वाले फर्नीचर पर स्टे होने की गलती न करें। सफाई के दौरान अपना बैलेंस बनाए रखें ताकि आप किसी भी चोट या फ्लैट से सुरक्षित रह सकें। छवि: एआई अगर पुर्तगाल पर सबसे ज़्यादा धूल जमी है, तो पुराना तकिया कवर सबसे अच्छा उपाय है। पूर्वी तट के हर ब्लेड को अंदर की ओर धीरे-धीरे बाहर की ओर खींचा गया। इससे साड़ी कूड़ेदान के अंदर ही रहेगी और डिजाइन पर नहीं लगेगी। छवि: एआई सूखा कूड़ा हटाना काफी नहीं है। इसके बाद एक अनोखे जेली जूते से पीरिअन की पट्टियाँ को कागज़ें ताकि उस पर जमीई साफ हो जाए। ध्यान दें कि कपड़े में बहुत अधिक गंध नहीं होती है, अन्य भागों की सतह खराब हो सकती है। छवि: एआई लोग सिर्फ ब्लेड साफ करते हैं और मोटर वी लाइट ग्लास को भूल जाते हैं। इन आदर्शों पर भी काफी कूड़ा जमती है, यहां तक कि यहां भी घटिया कपड़े से बने छात्र। यदि पुर्तगाल में कांच का प्रकाश कवर है, तो उसे स्वाभाविक रूप से साफ करें। छवि: एआई संपूर्णता के बाद एक बार पीडीएफ़ा स्कॉलर देखें। अगर पंखा हिल रहा है या आवाज दे रहा है, तो उसका प्लांटर क्या है। नियमितता न केवल कमरे की हवा को शुद्ध करती है, बल्कि पुर्तगाल की उम्र भी प्रमाणित करती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 2 जुलाई 2026 19:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) छत पंखे की सफाई(टी)घर के रखरखाव के टिप्स(टी)धूल भरे पंखे को कैसे साफ करें(टी)घरेलू सफाई के तरीके(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू देखभाल(टी)सफाई युक्तियाँ हिंदी में
साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…
साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नाबालिग से यौन शोषण मामले में दोषी करार:एरोन समर्स को जेल हो सकती है; वकील बोलीं- वे अकेला महसूस कर रहे थे

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और तेज गेंदबाज एरोन समर्स को एक नाबालिग लड़की से यौन शोषण के मामले में जेल हो सकती है। 30 साल के समर्स ने तस्मानिया के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया। समर्स ने जून के अंत में अपनी याचिका में बदलाव किया। उन्होंने दो बच्चों के यौन उत्पीड़न (पेनिट्रेटिव सेक्सुअल एब्यूज) और एक बच्चे को अश्लील कंटेंट दिखाने के मकसद से बहलाने-फुसलाने के आरोपों को स्वीकार किया। कोर्ट ने समर्स की जमानत रद्द खारिज कर उन्हें हिरासत में भेज दिया है। अदालत अगस्त महीने में अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर स्कूल ले जाकर किया शोषण पूरा मामला 16 जनवरी 2018 का है। तब समर्स ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरिकेंस टीम का हिस्सा थे। कोर्ट में हुई सुनवाई के मुताबिक, समर्स ने सोशल मीडिया के जरिए एक 15 साल की नाबालिग लड़की से संपर्क किया। वारदात के दिन वे उसे उसके घर के पास से अपनी कार में बिठाकर एक लोकल स्कूल में ले गए। वहां उन्होंने किशोरी के साथ यौन शोषण किया। वकील की दलील- ‘वह अकेलापन महसूस कर रहे थे’ सुनवाई के दौरान समर्स की वकील कैरोलीन ग्रेव्स ने दलील देते हुए कहा- घटना के वक्त उनके मुवक्किल मुश्किल समय से गुजर रहे थे। वे सोसाइटी में काफी अलग-थलग महसूस कर रहे थे। इसकी वजह से वे सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे थे। वकील ने कहा- समर्स को अब अपनी गलतियों का अहसास हो चुका है। उनसे दोबारा ऐसा अपराध होने का खतरा बेहद कम है। उन्होंने कोर्ट से समर्स की सजा को पूरी तरह से निलंबित (सस्पेंडेड सेंटेंस) रखने की अपील की। हालांकि जस्टिस हेलेन वुड ने इस मांग को खारिज कर दिया। समर्स पहले भी जेल जा चुके समर्स का विवादों और अपराधों से पुराना नाता रहा है। वे बाल यौन शोषण के अन्य मामलों में पहले भी जेल की सजा काट चुके हैं। समर्स को 2021 में ऑस्ट्रेलिया की नॉर्दर्न टेरिटरी में चाइल्ड एब्यूज मैटेरियल रखने और उसे दूसरों को भेजने का दोषी पाया गया था। इस मामले में उन्होंने जेल की सजा काटी थी। इसके बाद उन्हें तस्मानिया के केस के लिए 2025 में नॉर्दर्न टेरिटरी से गिरफ्तार कर प्रत्यर्पित किया गया था। ऐसा रहा समर्स का क्रिकेट करियर एरॉन समर्स तेज गेंदबाज थे। उन्होंने 2017 के अंत में होबार्ट हरिकेंस के लिए एक मैच खेला था। 2018 में उन्होंने डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने तस्मानिया टाइगर्स के लिए तीन वनडे मैच भी खेले। वे इंग्लिश डोमेस्टिक क्रिकेट सहित विदेशों में भी कुछ शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट पर खेल चुके हैं। —————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री नोवाक जोकोविच ने विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। 39 साल के सर्बियाई स्टार ने ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास को महज 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया। जोकोविच ने इस मैच को 6-3, 6-4, 6-2 से अपने नाम किया। पूरी खबर पढ़ें…
ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक लाइव सेशन के दौरान दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे ककरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया है कि वे एक कलाकार हैं और उनका राजनीति या किसी भी तरह के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। दिलजीत ने फैंस से अपील की है कि उन्हें इन मामलों से दूर रखा जाए। ककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इंस्टाग्राम लाइव में फैन ने पूछा था सवाल दिलजीत दोसांझ ने बुधवार शाम को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से फैंस के साथ लाइव बातचीत की। इस दौरान एक फैन ने उनसे दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर उनकी राय मांगी। इस सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं।” दिलजीत ने आगे कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन वे खुद को सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित रखना चाहते हैं। दुनिया में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की एक पंक्ति “नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार” का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है।” इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही CJP दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व ककरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है। इस संगठन की शुरुआत एक डिजिटल सटायर (व्यंग्य) ग्रुप के रूप में हुई थी, जिसके फाउंडर अभिजीत दिपके हैं। यह संगठन 20 जून से नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। 2020 में किया था किसान आंदोलन का समर्थन सोशल मीडिया पर दिलजीत के इस बयान के बाद उनके पुराने स्टैंड की चर्चा शुरू हो गई है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में एक सामाजिक संगठन ने उनसे राजनीति में आने की अपील की थी, जिसे उन्होंने साफ मना कर दिया था। राजनीति में आने से पहले ही कर चुके हैं इनकार राजनीति में आने की चर्चाओं पर दिलजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर स्थिति साफ की थी। उन्होंने लिखा था, “मेरा काम सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है। मैं अपने इसी क्षेत्र में बहुत खुश हूं।” वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत को हाल ही में डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में देखा गया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म को सिनेमाघरों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा वे अपने ‘ऑरा टूर 2026’ के तहत दुनिया भर में म्यूजिक कॉन्सर्ट कर रहे हैं।
ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक लाइव सेशन के दौरान दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे ककरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया है कि वे एक कलाकार हैं और उनका राजनीति या किसी भी तरह के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। दिलजीत ने फैंस से अपील की है कि उन्हें इन मामलों से दूर रखा जाए। ककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इंस्टाग्राम लाइव में फैन ने पूछा था सवाल दिलजीत दोसांझ ने बुधवार शाम को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से फैंस के साथ लाइव बातचीत की। इस दौरान एक फैन ने उनसे दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर उनकी राय मांगी। इस सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं।” दिलजीत ने आगे कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन वे खुद को सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित रखना चाहते हैं। दुनिया में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की एक पंक्ति “नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार” का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है।” इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही CJP दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व ककरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है। इस संगठन की शुरुआत एक डिजिटल सटायर (व्यंग्य) ग्रुप के रूप में हुई थी, जिसके फाउंडर अभिजीत दिपके हैं। यह संगठन 20 जून से नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। 2020 में किया था किसान आंदोलन का समर्थन सोशल मीडिया पर दिलजीत के इस बयान के बाद उनके पुराने स्टैंड की चर्चा शुरू हो गई है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में एक सामाजिक संगठन ने उनसे राजनीति में आने की अपील की थी, जिसे उन्होंने साफ मना कर दिया था। राजनीति में आने से पहले ही कर चुके हैं इनकार राजनीति में आने की चर्चाओं पर दिलजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर स्थिति साफ की थी। उन्होंने लिखा था, “मेरा काम सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है। मैं अपने इसी क्षेत्र में बहुत खुश हूं।” वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत को हाल ही में डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में देखा गया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म को सिनेमाघरों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा वे अपने ‘ऑरा टूर 2026’ के तहत दुनिया भर में म्यूजिक कॉन्सर्ट कर रहे हैं।
पाकिस्तान में ढहाए गुरुद्वारे का होगा पुनर्निर्माण:प्रांतीय मंत्री ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट; जमीन के मालिकाना हक की होगी जांच

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को बिना आधिकारिक मंजूरी के अवैध रूप से गिराए जाने का मामला गरमाने के बाद सिख समुदाय में भारी आक्रोश है। विरोध के बाद प्रांतीय सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। सरकार ने ऐतिहासिक ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ को तुरंत दोबारा बनाने (पुनर्निर्माण करने) का आदेश जारी किया है, साथ ही जमीन के मालिकाना हक की कानूनी जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला लाहौर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित फारूखाबाद का है। पंजाब सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, 125 साल से भी अधिक पुराने ऐतिहासिक ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ को एक स्थानीय व्यवसायी (बिजनेसमैन) ने ढहा दिया। आरोप है कि इसके लिए संबंधित विभागों से कोई जरूरी ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ या आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। सिख समुदाय के लोगों ने किया प्रदर्शन इस अवैध तोड़-फोड़ की जानकारी मिलते ही सिख समुदाय के लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सिखों के कड़े विरोध के बाद यह गंभीर मामला सरकार के उच्च अधिकारियों और प्रांतीय मंत्रियों के संज्ञान में आया। मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने किया मुआयना घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने खुद मौके का मुआयना किया और पीड़ित सिख समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने घोषणा की कि इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम तुरंत शुरू कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले पर जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। औकाफ विभाग यानी Evacuee Trust Property Board द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारी में भी यह पुष्टि हुई है कि गुरुद्वारे को बिना किसी कानूनी मंजूरी के गिराया गया था। इसके साथ ही, मंत्री ने जमीन के मालिकाना हक की जांच के आदेश भी दिए हैं, क्योंकि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह संपत्ति औकाफ विभाग के पास रजिस्टर्ड नहीं थी। मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके ऐतिहासिक पूजा स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी धार्मिक स्थल के साथ इस तरह की अवैध हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरी ओर, सरकार के इस फैसले पर साइट के आसपास काम करने वाले स्थानीय व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। व्यापारियों का कहना है कि यह जगह पिछले लगभग आठ दशकों (80 सालों) से खाली पड़ी थी। इस लंबे समय के दौरान कई गरीब परिवार वहां आकर बस गए और कई लोगों ने अपनी दुकानें खोल लीं। स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से अपील की स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से अपील की है कि अगर गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण के लिए वहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो बेघर होने वाले परिवारों को रहने के लिए दूसरी जगह दी जाए और उनके रोजगार व रोजी-रोटी का पूरा प्रबंध किया जाए। गुरुद्वारा तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई इस घटना ने पाकिस्तान में रह रहे सिख समुदाय के बीच ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बिना इजाजत तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और धर्मस्थल को उसका पुराना स्वरूप वापस दिया जाएगा।
जेन एआई आईटी कंपनियों का काम छिन रहा:टॉप-4 शेयर पीक से 57% तक टूटे; 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ घटा

घरेलू आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। ये ट्रेंड अब सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था में उठापटक का नतीजा नहीं रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, यह नई टेक्नोलॉजी जेनरेटिव एआई से पैदा हुए ढांचागत खतरे की कहानी बन चुकी है। इसने दशकों पुराने बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत के चार सबसे बड़े आईटी शेयर-टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री ऑल-टाइम हाई से 57% तक टूट चुके हैं। 10 प्रमुख आईटी कंपनियों का मार्केट कैप पीक से 19.3 लाख करोड़ रुपए घट चुका है। इस गिरावट की दो बड़ी वजहें हैं- अमेरिका में सख्त होती मौद्रिक नीति और जेनरेटिव एआई से कोडिंग व बैक-ऑफिस काम का ऑटोमेशन। यह आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को सीधी चुनौती दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब सिर्फ कमाई में गिरावट नहीं, बल्कि सेक्टर के स्थायी डी-रेटिंग की आशंका जता रहे हैं। यानी हालात नहीं सुधरे तो आईटी शेयर और गिर सकते हैं। रिस्क बढ़ा – अब पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी में शिफ्ट होगी डीबीएस बैंक – एआई से जुड़ा ढांचागत खतरा बढ़ रहा – एआई के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे गहरा असर भारत के आईटी सोर्सिंग सर्विसेज सेक्टर पर दिख रहा है, जो निर्यात, रोजगार और रिटर्न का मजबूत आधार रहा है। – जेनरेटिव एआई तेजी से कोडिंग, कस्टमर सपोर्ट और बैक-ऑफिस प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर रहा है। इससे आईटी सर्विसेज कंपनियों का काम छिन रहा है। – आने वाले समय में पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी की ओर शिफ्ट होगी। दूसरी तरफ पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल दबाव में रहेगा। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी – IT सेक्टर वापसी कर सकता है डिजिटल कंटेंट बढ़ने के बावजूद पारंपरिक न्यूज पेपर कंपनियां मुनाफे में रही हैं। ये दिखाता है कि हर बिजनेस हालात के हिसाब से खुद को बदलता है। आईटी सेक्टर भी न्यूज पेपर इंडस्ट्री की तरह वापसी कर सकता है। इसमें मौजूदा गिरावट निवेशकों को धारा के विपरीत छोटे दांव लगाने का मौका दे रही है। कोटक इंस्टी. इक्विटीज – इन्फोसिस की स्थिति बेहतर एक्सेंचर के कमजोर नतीजे, वित्त वर्ष 2026-27 में आय वृद्धि घटकर 3-4% रह जाने की आशंका और गिरती बुकिंग्स ने आईटी सेक्टर की मुश्किलें बढ़ाई हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते कंपनियों ने खर्च में कटौती की है। लेकिन इंफोसिस अपने टियर-1 क्लाइंट्स के चलते बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा, पर आईटी इंडेक्स फिर 2 फीसदी टूटा सेंसेक्स बुधवार को 444 अंक चढ़कर 76,923 पर और निफ्टी 140 अंको की तेजी के साथ 24,006 पर बंद हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। निफ्टी में इटर्नल, अदाणी एंटरप्राइजेज और नेस्ले इंडिया टॉप गेनर रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.34% और 0.36% चढ़े। आईटी इंडेक्स करीब 2% टूट गया।
दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे के फुटबॉल फैंस का ‘वाइकिंग रो’ (Viking Row) सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में छा गया है। न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर से लेकर बोस्टन की सड़कों और वर्ल्ड कप के स्टेडियमों तक, हर जगह नॉर्वे के फैंस एक साथ बैठकर नाव चलाने (रोइंग) की एक्टिंग करते और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। यह अनोखा नजारा इस वर्ल्ड कप की सबसे खास पहचान बन गया है, बिल्कुल वैसे ही जैसे 2016 के यूरो कप में आइसलैंड का ‘थंडर क्लैप’ मशहूर हुआ था। इस जश्न का तरीका देखने और सुनने में बेहद रोमांचक है। इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘वाइकिंग लॉन्गबोट’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है। ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम का माहौल रोंगटे खड़े कर देने वाला हो जाता है। आमतौर पर फुटबॉल के ऐसे चेंट्स अपने आप बन जाते हैं, लेकिन ‘वाइकिंग रो’ की कहानी अलग है। इसकी शुरुआत छह महीने पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एक पब में हुई थी। ओले फ्रोयस्टैड नाम के एक प्राइमरी स्कूल टीचर ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए गानों और नारों की एक खास लिस्ट तैयार की थी। फ्रोयस्टैड ने सपोर्टर्स ग्रुप के लीडर टॉर्स्टेन हैमरान को यह आइडिया बताया और नॉर्वे के ऐतिहासिक योद्धाओं (वाइकिंग्स) के नाव चलाने के तरीके को फुटबॉल से जोड़ दिया। शुरुआत में अभ्यास मैचों के दौरान फैंस इसे ठीक से नहीं कर पा रहे थे, इसलिए फ्रोयस्टैड ने सोशल मीडिया पर ट्यूटोरियल वीडियो डाले ताकि लोग सही तरीके से अपनी कमर झुकाकर इसे कर सकें। नॉर्वे के स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड और कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड भी इसके दीवाने हो चुके हैं। इतिहासकार तेर्जे लेइरेन बताते हैं कि ‘वाइकिंग’ शब्द का मतलब घर से दूर जाकर जीत हासिल करना है और नॉर्वे की टीम वर्ल्ड कप में यही कर रही है।
मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं

मेहली मिस्त्री ने उनके फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस ‘आरएनटी एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। इस कदम से टाटा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ मेहली मिस्त्री की दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। 3 साल पहले बोर्ड में शामिल हुए थे मिस्त्री, व्यस्तता का दिया हवाला मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। बोर्ड को भेजे अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने लिखा, “मेरी अन्य प्रतिबद्धताओं और व्यस्तताओं के कारण, मैं आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।” मिस्त्री ने यह पत्र 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। आरएनटी एसोसिएट्स का पेटीएम जैसे स्टार्टअप्स में निवेश टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद विवाद कोर्ट तक पहुंचा यह इस्तीफा नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से मिस्त्री को हटाए जाने के बाद आया है। टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। मिस्त्री का कहना है कि वे ट्रस्ट में अपनी वापसी नहीं चाहते, बल्कि वे केवल उन कथित गड़बड़ियों को उजागर करना चाहते हैं जिसके कारण उन्हें बाहर किया गया। फिलहाल सिर्फ एक एफिलिएट ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल आरएनटी एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। यह ट्रस्ट टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर एफिलिएट संस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, ग्रुप के मुख्य बिजनेस और इन्वेस्टमेंट फैसलों से वे अब पूरी तरह दूर हो चुके हैं। क्या है आरएनटी एसोसिएट्स और कौन हैं इसके वर्तमान सदस्य? आरएनटी एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। इसके जरिए रतन टाटा नए स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की दो बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं। पेटीएम और ओला जैसे दो दर्जन स्टार्टअप्स में है निवेश आरएनटी एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा निवेश कर रखा है। रतन टाटा ने बनाया था नया शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर शुरुआत में रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार इस कंपनी के दो मुख्य शेयरहोल्डर्स थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन से पहले, उन्होंने साल 2022 में ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ (RTEF) और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ (RTET) की स्थापना की थी। अब यही दोनों संस्थाएं आरएनटी एसोसिएट्स की शेयरहोल्डर हैं। RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET में टाटा ट्रस्ट्स के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के साथ प्रमित झावेरी जैसे दिग्गज शामिल हैं।






