Friday, 25 Sep 2026 | 09:19 PM

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आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान और उनके छोटे भाई फैसल में सुलह हो चुकी है। कुछ महीनों पहले ही फैसल ने आमिर और परिवार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए एक बयान दिया था और रिश्ते खत्म कर लिए थे। हालांकि अब फैसल का कहना है कि उन्होंने परिवार से माफी मांग ली है। सभी ने उन्हें माफ कर दोबारा अपना लिया है। इसी बीच फैसल ने आमिर को 5 जुलाई को होने वाली उनकी शादी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। फैसल खान ने उज्जवल त्रिवेदी को दिए इंटरव्यू में भाई आमिर को मैसेज देते हुए कहा, ‘मैं आमिर, अम्मी और निखत से बस माफी मांगना चाहता हूं। मुझसे जो गलती हुई है, मैं उसकी माफी मांगता हूं। वो भी सोचें कि उन्होंने क्या गलती की है। वो अपना सुधारें, हम अपना सुधारें, तो अपने आप चीजें सुधर जाएंगी।’ जमीने के कब्जे की जानकारी देने के लिए परिवार से संपर्क किया फैसल ने बातचीत में बताया है कि कुछ समय पहले वो खानदानी जमीनों का ब्योरा लेने गांव गए थे। वहां उन्हें पता चला कि आमिर की कुछ जमीनों पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। हालांकि तब उनकी आमिर से बातचीत बंद थी। ऐसे में फैसल ने बहन निखत को कॉल किया और उन्होंने तुरंत कॉल रिसीव कर लिया। बहन ने उन्हें बताया कि मां की तबीयत भी बिगड़ी है और वो उनके बारे में पूछती रहती हैं। ऐसे में फैसल ने उनसे भी बात की और मां की भावुक बातें सुन वो अगले दिन ही उनसे मिलने पहुंचे और परिवार में सुलह हो गई। आमिर को दी शादी की मुबारकबाद आमिर की शादी पर बात करते हुए फैसल ने कहा, ‘5 जुलाई को उनकी शादी है। मैं उनको मुबारकबाद देता हूं। वो खुश रहें, यही हमारी दिल से दुआ है।’ फैसल खान ने अपने पुराने दिए गए बयान पर भी पछतावा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में जो भी उन्होंने कहा, वो उनका गुस्सा था। वो अपने परिवार से कुछ सवालों के जवाब चाहते थे, लेकिन इंटरव्यू में उन्होंने परिवार के खिलाफ कई बातें कहीं, जो नहीं कहनी चाहिए थीं। फैसल ने कहा कि उस इंटरव्यू के बाद मेरा परिवार बिखर गया। आखिर में फैसल ने कहा, ‘मेरी दुआ है कि अब हम इससे आगे ही बढ़ते जाएं और हमारी बॉन्डिंग और मजबूत होती जाए। आज से मेरी यही कोशिश रहेगी।’ फैसल खान को आखिरी बार कन्नड़ फिल्म ओपंदा में देखा गया था। इन दिनों वो अपनी कुछ स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिस पर आगे वो फिल्म बनाने पर विचार कर रहे हैं। इनमें पप्पू हिंदुस्तानी भी शामिल है, जो एक कॉमेडी सस्पेंस फिल्म होगी। फैसल के आरोपों पर परिवार ने जारी किया था स्टेटमेंट आमिर खान के भाई फैसल खान ने कुछ महीने पहले दिए गए एक इंटरव्यू में परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने ये कहा था कि आमिर और परिवार ने उन्हें एक साल तक एक कमरे में बंद रखा था। हालांकि अब परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर साफ किया है कि परिवार ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठाए थे, जिन्हें फैसल पहले भी गलत तरीके से पेश कर चुके हैं। बता दें कि फैसल सिजोफ्रेनिया के मरीज रह चुके हैं और उन्हें ये लगने लगा था कि आसपास के लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा स्टेटमेंट में परिवार ने इस निजी मसले को गपशप का टॉपिक बनाने से बचने की विनती की है। परिवार ने स्टेटमेंट में लिखा, मीडिया से संवेदनशीलता दिखाने का निवेदन है। हम फैसल द्वारा अपनी मां जीनत ताहिर हुसैन, बहन निखत हेगड़े और भाई आमिर पर की गई आहत करने वाली और मिसलीडिंग प्रस्तुति से व्यथित हैं। चूंकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इन घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया है, हम अपने इरादों को स्पष्ट करना और एक परिवार के रूप में अपने आपसी एकजुटता को दोहराना जरूरी समझते हैं। आगे लिखा था, ‘यह साझा करना जरूरी है कि फैसल से जुड़े हर निर्णय परिवार ने सामूहिक रूप से, कई चिकित्सकीय विशेषज्ञों से परामर्श करके, केवल प्रेम, करुणा और उनके भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लिए हैं। इसी कारण, हमने अपने परिवार के लिए कठिन और पीड़ादायक इस दौर के विवरण को सार्वजनिक रूप से साझा करने से परहेज किया है। हम मीडिया से संवेदनशीलता की अपील करते हैं और आग्रह करते हैं कि इस पर्सनल सब्जेक्ट को सनसनीखेज, भड़काऊ और आहत करने वाली गपशप में न बदलें।’

आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान और उनके छोटे भाई फैसल में सुलह हो चुकी है। कुछ महीनों पहले ही फैसल ने आमिर और परिवार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए एक बयान दिया था और रिश्ते खत्म कर लिए थे। हालांकि अब फैसल का कहना है कि उन्होंने परिवार से माफी मांग ली है। सभी ने उन्हें माफ कर दोबारा अपना लिया है। इसी बीच फैसल ने आमिर को 5 जुलाई को होने वाली उनकी शादी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। फैसल खान ने उज्जवल त्रिवेदी को दिए इंटरव्यू में भाई आमिर को मैसेज देते हुए कहा, ‘मैं आमिर, अम्मी और निखत से बस माफी मांगना चाहता हूं। मुझसे जो गलती हुई है, मैं उसकी माफी मांगता हूं। वो भी सोचें कि उन्होंने क्या गलती की है। वो अपना सुधारें, हम अपना सुधारें, तो अपने आप चीजें सुधर जाएंगी।’ जमीने के कब्जे की जानकारी देने के लिए परिवार से संपर्क किया फैसल ने बातचीत में बताया है कि कुछ समय पहले वो खानदानी जमीनों का ब्योरा लेने गांव गए थे। वहां उन्हें पता चला कि आमिर की कुछ जमीनों पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। हालांकि तब उनकी आमिर से बातचीत बंद थी। ऐसे में फैसल ने बहन निखत को कॉल किया और उन्होंने तुरंत कॉल रिसीव कर लिया। बहन ने उन्हें बताया कि मां की तबीयत भी बिगड़ी है और वो उनके बारे में पूछती रहती हैं। ऐसे में फैसल ने उनसे भी बात की और मां की भावुक बातें सुन वो अगले दिन ही उनसे मिलने पहुंचे और परिवार में सुलह हो गई। आमिर को दी शादी की मुबारकबाद आमिर की शादी पर बात करते हुए फैसल ने कहा, ‘5 जुलाई को उनकी शादी है। मैं उनको मुबारकबाद देता हूं। वो खुश रहें, यही हमारी दिल से दुआ है।’ फैसल खान ने अपने पुराने दिए गए बयान पर भी पछतावा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में जो भी उन्होंने कहा, वो उनका गुस्सा था। वो अपने परिवार से कुछ सवालों के जवाब चाहते थे, लेकिन इंटरव्यू में उन्होंने परिवार के खिलाफ कई बातें कहीं, जो नहीं कहनी चाहिए थीं। फैसल ने कहा कि उस इंटरव्यू के बाद मेरा परिवार बिखर गया। आखिर में फैसल ने कहा, ‘मेरी दुआ है कि अब हम इससे आगे ही बढ़ते जाएं और हमारी बॉन्डिंग और मजबूत होती जाए। आज से मेरी यही कोशिश रहेगी।’ फैसल खान को आखिरी बार कन्नड़ फिल्म ओपंदा में देखा गया था। इन दिनों वो अपनी कुछ स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिस पर आगे वो फिल्म बनाने पर विचार कर रहे हैं। इनमें पप्पू हिंदुस्तानी भी शामिल है, जो एक कॉमेडी सस्पेंस फिल्म होगी। फैसल के आरोपों पर परिवार ने जारी किया था स्टेटमेंट आमिर खान के भाई फैसल खान ने कुछ महीने पहले दिए गए एक इंटरव्यू में परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने ये कहा था कि आमिर और परिवार ने उन्हें एक साल तक एक कमरे में बंद रखा था। हालांकि अब परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर साफ किया है कि परिवार ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठाए थे, जिन्हें फैसल पहले भी गलत तरीके से पेश कर चुके हैं। बता दें कि फैसल सिजोफ्रेनिया के मरीज रह चुके हैं और उन्हें ये लगने लगा था कि आसपास के लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा स्टेटमेंट में परिवार ने इस निजी मसले को गपशप का टॉपिक बनाने से बचने की विनती की है। परिवार ने स्टेटमेंट में लिखा, मीडिया से संवेदनशीलता दिखाने का निवेदन है। हम फैसल द्वारा अपनी मां जीनत ताहिर हुसैन, बहन निखत हेगड़े और भाई आमिर पर की गई आहत करने वाली और मिसलीडिंग प्रस्तुति से व्यथित हैं। चूंकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इन घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया है, हम अपने इरादों को स्पष्ट करना और एक परिवार के रूप में अपने आपसी एकजुटता को दोहराना जरूरी समझते हैं। आगे लिखा था, ‘यह साझा करना जरूरी है कि फैसल से जुड़े हर निर्णय परिवार ने सामूहिक रूप से, कई चिकित्सकीय विशेषज्ञों से परामर्श करके, केवल प्रेम, करुणा और उनके भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लिए हैं। इसी कारण, हमने अपने परिवार के लिए कठिन और पीड़ादायक इस दौर के विवरण को सार्वजनिक रूप से साझा करने से परहेज किया है। हम मीडिया से संवेदनशीलता की अपील करते हैं और आग्रह करते हैं कि इस पर्सनल सब्जेक्ट को सनसनीखेज, भड़काऊ और आहत करने वाली गपशप में न बदलें।’

2 मिनट में कूलर की सफ़ाई: नागालैंड की गाड़ियां और ब्लास्ट होंगे मिनटों में गायब, बस पानी में मिला ये एक चीज़; यूसुफ़ से महक उठेगा रूम

2 मिनट में कूलर की सफ़ाई: नागालैंड की गाड़ियां और ब्लास्ट होंगे मिनटों में गायब, बस पानी में मिला ये एक चीज़; यूसुफ़ से महक उठेगा रूम

चिलचिलाती गर्मी और अन्य मौसम में एसी (एसी) हर किसी के बजट में नहीं होती, ऐसे में जीडीपी ही हमारा सबसे बड़ा सहारा बनती है। अयोग्य और ताजी हवा के लिए सबसे अच्छा और नामांकित पद है। लेकिन कई बार सचिवालय में ऐसी दुकानें और सामान वाली दुकानें भी शामिल हो जाती हैं, जो कमरे में डूबर तक पहुंच जाती हैं। लोग अक्सर इस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से बार-बार निजीकरण की सफाई के लिए जाते हैं, जिसमें मेहनत और समय दोनों टूट जाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो अब आपको चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक ऐसा ही कमाल का और बेहद आसान घरेलू देसी जुगाड़ दिखाने जा रहे हैं, जो बोलेरो के सोलो म्यूजिक में गायब हो जाएगा और आपका दोस्त भीनी-भीनी से महक उठेगा। आख़िर क्यों आती है लैबोरेट्री से लेकर? युक्ति से पहले यह जानना जरूरी है कि अपशिष्ट पदार्थ क्यों आते हैं। असल में, जब बैक लेकैट का पानी कई दिनों तक बदला नहीं जाता है तो इसमें शामिल होते हैं, फंगस और काई जमने लग जाते हैं। इसी कारण से पैकेजिंग बनी रहती है और हवा के साथ-साथ पाइपलाइन भी चलती रहती है। हमेशा ध्यान रखें कि लैब्स किसी खुली जगह या खिड़की के पास रखे हों। साथ ही, हर 10 से 15 दिन में एक बार जापान का पुराने पानी की सफाई जरूर करें। ब्लॉकचेन के पानी में इन चीजों को स्टाक करने के लिए सबसे पहले एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा गुलाब जल लें।अब एक आमेर या कुछ बमरें डेटॉल की फॉल में। डेटॉल वॉटर में मौजूद विरोध प्रदर्शनों और दुकानदारों को जड़ से खत्म करने का काम सौंपा गया। इसके बाद पूजा में इस्तेमाल होने वाली कपूर की 2-3 गर्लफ्रेंड को अच्छे से पीसकर इस माइक में मिक्स कर लें। कपूर की फास्ट और फ्रेश नासा की सुग्गन को पूरी तरह से दबा दिया जाता है।इस तैयार किए गए पिशाच को सीधे अपने मैनचेस्टर के पानी के टैंक में डाल दें। जैसे ही आप ब्लॉकचेन चालू रखेंगे। सामग्रियों से गायब हो जाएगी और दर्शन के चारों ओर गुलाब की ताजी बूंदें गिरेंगी। इस हैक के बाद आपको बार-बार प्लास्टिक वॉश के फायदे से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

जून में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले साल से 14% ज्यादा, अप्रैल में रिकॉर्ड ₹2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था

जून में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले साल से 14% ज्यादा, अप्रैल में रिकॉर्ड ₹2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था

जून 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी जून 2025 से 14% ज्यादा है। जून 2025 में ₹1.71 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जुलाई को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी जून महीने में GST कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 6.5% की तेजी आई और यह 1.34 लाख करोड़ रुपए रही। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। GST रिफंड क्या है: जब कोई कंपनी अपनी देनदारी से ज्यादा टैक्स चुका देती है या एक्सपोर्ट करती है, तो सरकार उसे टैक्स वापस करती है, जिसे रिफंड कहते हैं। नेट vs ग्रॉस GST: ग्रॉस कुल इकट्ठा किया गया पैसा होता है, जबकि रिफंड घटाने के बाद बची राशि नेट रेवेन्यू कहलाती है। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:

जून में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले साल से 14% ज्यादा, अप्रैल में रिकॉर्ड ₹2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था

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जून 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी जून 2025 से 14% ज्यादा है। जून 2025 में ₹1.71 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जुलाई को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी जून महीने में GST कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 6.5% की तेजी आई और यह 1.34 लाख करोड़ रुपए रही। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। GST रिफंड क्या है: जब कोई कंपनी अपनी देनदारी से ज्यादा टैक्स चुका देती है या एक्सपोर्ट करती है, तो सरकार उसे टैक्स वापस करती है, जिसे रिफंड कहते हैं। नेट vs ग्रॉस GST: ग्रॉस कुल इकट्ठा किया गया पैसा होता है, जबकि रिफंड घटाने के बाद बची राशि नेट रेवेन्यू कहलाती है। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। —————————————-

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। राउंड ऑफ-32 में मैक्सिको और इक्वाडोर का मैच तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। आयोजन समिति ने मैच को स्थगित कर दिया है। नए समय की घोषणा जल्दी की जाएगी। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। —————————————-

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार फाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया; बेथ मूनी की नाबाद फिफ्टी

ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार फाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया; बेथ मूनी की नाबाद फिफ्टी

ऑस्ट्रेलिया ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया आठवीं बार विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है। लंदन के द ओवल स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 125 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 13 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। दूसरा सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड के बीच 2 जुलाई को इसी मैदान पर खेला जाएगा। फाइनल लॉर्ड्स में 5 जुलाई को होगा। वेस्टइंडीज ने धीमी शुरुआत की ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। वेस्टइंडीज के दोनों ओपनर्स हेली मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में विकेट ना गंवाने के बावजूद टीम सिर्फ 35 रन ही बना सकी। 9वें ओवर में 47 रन के टीम स्कोर पर हेली के रुप में पहला झटका लगा। वे 28 गेंद पर 30 रन बनाकर जॉर्जिया वारेहम की गेंद पर बोल्ड हुई। टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। 16वें ओवर में वेस्टइंडीज का स्कोर 83 रन पर 6 विकेट हो गया। आखिरी ओवरों में डेंड्रा डॉटिन ने 16 गेंद पर 26 रन बनाते हुए स्कोर 125 रन तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स, एश्ले गार्डनर और वारेहम ने 2-2 विकेट लिए। एनाबेल सदरलैंड को 1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया की तेज शुरुआत ऑस्ट्रेलिया को जॉर्जिया वॉल और बेथ मूनी ने तेज शुरुआत दिलाई। तीसरे ओवर में 29 रन के स्कोर वॉल का विकेट गिरा। वे 11 गेंद पर 16 रन बनाकर चिनेल हेनरी की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुईं। पांचवे ओवर में फीबी लिचफील्ड का भी विकेट गिर गया। वे सिर्फ 4 रन बनाकर हेली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुईं। दूसरे छोर से मूनी रन बनाती रहीं। पेरी चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हुईं नंबर-4 पर बैटिंग करने उतरीं एलिस पेरी सिर्फ 2 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुईं। पारी के 7वें ओवर के बाद उन्हें कुछ दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद वे ग्राउंड से बाहर चली गईं। उन्होंने सिर्फ 7 गेंद का सामना किया। उनकी जगह एश्ले गार्डनर बैटिंग के लिए उतरीं। मूनी और गार्डनर ने मैच खत्म किया मूनी और गार्डनर ने तीसरे विकेट के लिए 36 गेंद पर 63 रन जोड़ते हुए मैच खत्म किया। ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 13 ओवर में स्कोर चेज कर दिया। मूनी 36 गेंद पर नाबाद 61 रन बनाकर मैच की टॉप स्कोरर रहीं। गार्डनर ने 20 गेंद पर नाबाद 35 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए हेली और हेनरी ने 1-1 विकेट लिए।