Friday, 25 Sep 2026 | 08:28 PM

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हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

रहस्य, रोमांच, पौराणिक इतिहास और बड़े विजुअल्स से सजी पैन इंडिया फिल्म ‘नागबंधम’ तीन जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म में विराट कर्ण, नभा नटेश और ऋषभ साहनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्माता निशिता नागिरेड्डी हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में टीम ने फिल्म की कहानी, सनातन संस्कृति, दक्षिण भारतीय सिनेमा, बॉलीवुड और किरदारों पर बात की। सवाल: ‘नागबंधम’ की सबसे बड़ी खासियत क्या है? जवाब/निशिता नागिरेड्डी: यह सिर्फ पौराणिक फिल्म नहीं है। इसमें इतिहास, सनातन परंपरा, रहस्य और रोमांच को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। मकसद दर्शकों को मनोरंजन के साथ विरासत से जोड़ना है। सवाल: विराट, आपका किरदार रुद्र का है। इसमें क्या अलग देखने को मिलेगा? जवाब/विराट कर्ण: रुद्र सिर्फ ताकतवर नहीं है, उसके हर फैसले के पीछे वजह है। उसके हर संवाद और एक्शन का मतलब है। ज्यादा बताऊंगा तो मजा खत्म हो जाएगा। असली अनुभव थिएटर में मिलेगा। सवाल: नभा, पौराणिक दुनिया का हिस्सा बनना कैसा रहा? जवाब/नभा नटेश: खास अनुभव रहा। भारतीय सिनेमा में कई ऐतिहासिक और पौराणिक पहलुओं को अब तक सही तरीके से नहीं दिखाया गया। हमारी फिल्म उसी कमी को पूरा करने की कोशिश है। दर्शक मनोरंजन के साथ नया भी जानेंगे। सवाल: ऋषभ, आप लगातार नकारात्मक किरदार निभा रहे हैं। क्या ऐसे किरदार ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं? जवाब/ऋषभ साहनी: मुझे ऐसे किरदार निभाने में मजा आता है। हर किरदार का नजरिया होता है। मैं पहले समझने की कोशिश करता हूं कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। उसकी सोच समझ में आ जाए तो किरदार जीवंत हो जाता है। सवाल: इतने क्रूर किरदार निभाने के बाद उससे बाहर कैसे निकलते हैं? जवाब/ऋषभ: शूट खत्म होते ही परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताता हूं। वही मुझे सामान्य जिंदगी में वापस ले आता है। मैं किरदार सेट पर छोड़ देता हू। सवाल: सनातन और भारतीय इतिहास पर लगातार फिल्में बन रही हैं। इसे आप ट्रेंड मानते हैं? जवाब/निशिता: यह ट्रेंड नहीं है। हमारी कहानियां हमेशा से थीं। अब तकनीक, बजट और दर्शकों का भरोसा बढ़ा है, इसलिए उन्हें बड़े पैमाने पर पेश किया जा रहा है। नभा: कोविड के बाद लोग अपनी जड़ों से फिर जुड़ना चाहते हैं। इसी वजह से ऐसी फिल्मों को ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है। सवाल: बॉलीवुड दक्षिण भारतीय सिनेमा से क्या सीख सकता है? जवाब/ऋषभ: सबसे बड़ी सीख यही है कि कहानियों और नए कलाकारों पर भरोसा किया जाए। वहां कंटेंट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। सवाल: विराट, हिंदी फिल्मों में किस कलाकार के साथ काम करना चाहेंगे? जवाब/विराट: मुझे आलिया भट्ट का काम पसंद है। मौका मिला तो उनके साथ काम करना चाहूंगा। मुझे एक्शन और भावनात्मक फिल्में करना पसंद है। सवाल: आपकी प्रेरणा कौन रहे हैं? जवाब/विराट: विक्की कौशल का अभिनय मुझे प्रभावित करता है। खासकर ‘छावा’ देखने के बाद मैंने किरदार पर और मेहनत की। मैं चाहूंगा कि वह यह फिल्म देखें। सवाल: निर्माता के तौर पर बड़े सितारों की बजाय नए चेहरों पर भरोसा क्यों किया? जवाब/निशिता: हमारा विश्वास कहानी पर था। लगा कि जो कलाकार किरदार में फिट बैठता है, वही सही चुनाव है। स्टारडम से ज्यादा जरूरी कहानी है। सवाल: फिल्म को लेकर सबसे यादगार तारीफ कौन सी मिली? जवाब/ऋषभ: यूनिट हर अच्छे शॉट के बाद हौसला बढ़ाती थी। इससे अगले दृश्य में बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नभा: मेरे लुक और किरदार को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली क्योंकि दर्शकों ने मुझे पहले ऐसे अवतार में नहीं देखा। विराट: मेरे लिए बड़ी तारीफ यह रही कि लोगों ने कहा मैं भगवान शिव जैसा दिख रहा हूं। मैं इसे उनका आशीर्वाद मानता हूं। सवाल: फिल्म के टीजर को इंडस्ट्री से कैसा रिस्पॉन्स मिला? जवाब/निशिता: कई बड़े कलाकारों ने टीजर की तारीफ की। महेश बाबू का समर्थन हमारे लिए बड़ा उत्साह था। उनके शब्दों ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया।

80 वर्षीय बुजुर्ग की 18 हजार फीट से स्काई डाइविंग,VIDEO:ऑस्ट्रेलिया में हाथों में तिरंगा लेकर कूदे; बोले- हम हरियाणवी, किसी से नी डरते

80 वर्षीय बुजुर्ग की 18 हजार फीट से स्काई डाइविंग,VIDEO:ऑस्ट्रेलिया में हाथों में तिरंगा लेकर कूदे; बोले- हम हरियाणवी, किसी से नी डरते

हरियाणा के 80 वर्षीय बुजुर्ग ने 18 हजार फीट से स्काई डाइविंग कर एक अनोखा रिकॉर्ड सेट किया है। कैथल के बात्ता गांव के चूहड़ सिंह पोते अंकित के साथ ऑस्ट्रेलिया टूर पर गए हैं। यहां स्काई डाइविंग के साथ 2 महीने तक कंट्री एक्सप्लोर कर रहे हैं। डाइव लगाते हुए चूहड़ सिंह की एक वीडियो भी सामने आई है, इसमें वह कहते हैं- हम हरियाणवी हैं, किसी से नहीं डरते। डर होता तो विदेश नहीं आते। डाइविंग के दौरान भी चूहड़ सिंह सफेद रंग का कुर्ता पहने ही नजर आए। वहीं, ट्रेनर भी उनका हौंसला बढ़ाते हुए दिखा। चूहड़ सिंह इससे पहले भी 15 हजार फीट से छलांग लगा चुके हैं। स्काई डाइविंग के दौरान उन्होंने कई सेल्फी भी ली और आसमान में ही तिरंगा लहराया। जानिए, चूहड़ सिंह की डाइविंग की कहानी… 2 पॉइंट में पढ़ें, डाइविंग पर क्या बोले चूहड़ सिंह पोता बोला- दादा के सुकून के लिए विदेश आए दैनिक भास्कर से बात करते हुए अंकित ने बताया कि एक बार स्काई डाइविंग में करीब 50 हजार रुपए खर्च आता है। डाइविंग से पहले डॉक्टरों द्वारा फिटनेस चेक की जाती है। फिटनेस सर्टिफिकेट देने के बाद ही डाइविंग की जा सकती है। दादा की खुशी के लिए ही वे ऑस्ट्रेलिया आए हैं। दादा ने अपनी पूरी उम्र खेती-किसानी में ही निकाल दी। अब उन्हें थोड़ा सुकून देने के लिए ही विदेशों में टूर कर रहे हैं। इससे पहले अंकित अपने दादा के साथ यूएई, थाईलैंड का भी टूर कर चुके हैं। अब आगे भी कुछ देशों में घूमने की योजना है। दादा ने देसी खानपान अपनाया अंकित ने बताया कि दादा ने हमेशा देसी खानपान ही अपनाया है। घर पर दूध, दही, रोटी, खिचड़ी खाते हैं। उनके पास खेती के लिए 5 एकड़ जमीन भी है। वहीं अंकित 12वीं करने के बाद BA फर्स्ट ईय में पढ़ाई कर रहे हैं। —————– यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में राजस्थान की 80वर्षीय महिला की स्काई डाइविंग:10 हजार फीट से कूदीं; रिटायर्ड ब्रिगेडियर बेटे ने बर्थडे पर पूरा किया मां का सपना हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में रिटायर लेडी प्रोफेसर ने सबसे उम्रदराज महिला स्काई डाइवर बनने का रिकॉर्ड बना दिया है। डॉ. श्रद्धा चौहान नाम की लेडी प्रोफेसर ने 10 हजार फीट की ऊंचाई से क्राफ्ट प्लेन से डाइव लगाई। (पूरी खबर पढ़ें)

अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर:श्रेयस इंग्लैंड में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान; बारिश से मैच नहीं हो पाया

अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर:श्रेयस इंग्लैंड में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान; बारिश से मैच नहीं हो पाया

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। अभिषेक टी-20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 100 छक्के लगाने वाले बैटर बन गए। उन्होंने 59 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 68 रन की पारी खेली। वे इंग्लैंड में टी-20 फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. अभिषेक शर्मा ने 785 गेंद में 100 छक्के पूरे किए अभिषेक शर्मा टी-20 में सबसे कम गेंद में 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 4 छक्के लगाए। अभिषेक ने 785 गेंद में 100 छक्के पूरे किए। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस के 789 गेंद का रिकॉर्ड तोड़ा। 2. रोहित-विराट के क्लब में अभिषेक शामिल अभिषेक भारत के लिए 100 छक्के लगाने वाले पांचवे भारतीय बने। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के क्लब में जगह बनाई। रोहित शर्मा टी-20 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। इस रिकॉर्ड में सूर्यकुमार यादव (179 छक्के), हार्दिक पंड्या (126 छक्के) और विराट कोहली (124 छक्के) भी शामिल हैं। 3. अभिषेक इंग्लैंड में सबसे तेज टी-20 फिफ्टी लगाने वाले भारतीय अभिषेक इंग्लैंड में टी-20 में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। अभिषेक ने महज 20 गेंद पर फिफ्टी पूरी की। उन्होंने केएल राहुल का 8 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। राहुल ने 2018 में मैनचेस्टर के मैदान पर 27 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। 4. श्रेयस ने कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा श्रेयस इंग्लैंड में जाकर टी-20 में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने 68 रन बनाए। यह इंग्लैंड के मैदान पर टी-20 में किसी भारतीय कप्तान की सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। कोहली ने 2018 में कार्डिफ के मैदान पर 47 रन बनाए थे। 5. चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा मैच रद्द हुआ चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का कोई मैच कंप्लीट नहीं हो पाया है। भारत ने यहां 3 मैच खेले हैं और तीनों मुकाबले बेनतीजा रहे। इससे पहले 2002 और 2011 का वनडे मैच पूरे नहीं हो पाए थे। यहां से टॉप-4 मोमेंट्स… 1. ईशान किशन लगातार दूसरे मैच में रन आउट हुए भारतीय पारी के दूसरे ओवर में ईशान किशन रन आउट हुए। साकिब महमूद की आखिरी गेंद को किशन ने मिड-ऑन की ओर खेला। वे शॉट लगाते ही सिंगल के लिए दौड़ पड़े। दूसरे छोर पर खड़े अभिषेक शर्मा ने रन के लिए मना कर दिया। किशन वापस लौटे और क्रीज में पहुंचने के लिए फुल स्ट्रेच डाइव लगाई। इस दौरान ब्रूक के थ्रो पर विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंप बिखेर दी। किशन क्रीज से दूर रह गए। वे लगातार दूसरे मैच में रन आउट हुए। इससे पहले वे आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भी 12 रन बनाकर रनआउट हो गए थे। 2. अभिषेक रिव्यू पर आउट पारी के 9वें ओवर में अभिषेक LBW हुए। सैम करन ने ओवर की दूसरी गेंद लेग-कटर फेंकी। अभिषेक ने जोर से बल्ले चलाया, लेकिन गेंद बल्ले को मिस करती हुई पिछले पैड पर जा लगी। फील्ड अंपायर ने उन्हें नॉट आउट दिया, लेकिन इंग्लैंड ने रिव्यू लिया। बॉल-ट्रैकिंग में गेंद लेग स्टंप से टकराती दिखी। इसके बाद फील्ड अंपायर ने अपना फैसला बदला और अभिषेक आउट दिए गए। 3. बतौर कप्तान श्रेयस की पहली फिफ्टी पहली पारी के 15वें ओवर में श्रेयस ने अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने लियाम डॉसन के ओवर की दूसरी गेंद पर सिंगल लेकर 38 गेंद में फिफ्टी पूरी की। टी-20 में यह उनकी नौवीं और बतौर भारतीय कप्तान पहली फिफ्टी है। 4. बारिश की वजह से मैच रद्द हुआ मैच में शुरू से ही हल्की बूंदा-बांदी होती रही। इसके बावजूद पहली पारी में पूरे 20 ओवर का खेल हुआ। हालांकि इसके बाद बारिश तेज हो गई और फिर मैच शुरु नहीं हो पाया। भारतीय समय के हिसाब से रात 12:47 बजे मैच को रद्द घोषित कर दिया गया।

अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर:श्रेयस इंग्लैंड में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान; बारिश से मैच नहीं हो पाया

अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर:श्रेयस इंग्लैंड में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान; बारिश से मैच नहीं हो पाया

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। अभिषेक टी-20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 100 छक्के लगाने वाले बैटर बन गए। उन्होंने 59 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 68 रन की पारी खेली। वे इंग्लैंड में टी-20 फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. अभिषेक शर्मा ने 785 गेंद में 100 छक्के पूरे किए अभिषेक शर्मा टी-20 में सबसे कम गेंद में 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 4 छक्के लगाए। अभिषेक ने 785 गेंद में 100 छक्के पूरे किए। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस के 789 गेंद का रिकॉर्ड तोड़ा। 2. रोहित-विराट के क्लब में अभिषेक शामिल अभिषेक भारत के लिए 100 छक्के लगाने वाले पांचवे भारतीय बने। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के क्लब में जगह बनाई। रोहित शर्मा टी-20 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। इस रिकॉर्ड में सूर्यकुमार यादव (179 छक्के), हार्दिक पंड्या (126 छक्के) और विराट कोहली (124 छक्के) भी शामिल हैं। 3. अभिषेक इंग्लैंड में सबसे तेज टी-20 फिफ्टी लगाने वाले भारतीय अभिषेक इंग्लैंड में टी-20 में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। अभिषेक ने महज 20 गेंद पर फिफ्टी पूरी की। उन्होंने केएल राहुल का 8 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। राहुल ने 2018 में मैनचेस्टर के मैदान पर 27 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। 4. श्रेयस ने कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा श्रेयस इंग्लैंड में जाकर टी-20 में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने 68 रन बनाए। यह इंग्लैंड के मैदान पर टी-20 में किसी भारतीय कप्तान की सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। कोहली ने 2018 में कार्डिफ के मैदान पर 47 रन बनाए थे। 5. चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा मैच रद्द हुआ चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का कोई मैच कंप्लीट नहीं हो पाया है। भारत ने यहां 3 मैच खेले हैं और तीनों मुकाबले बेनतीजा रहे। इससे पहले 2002 और 2011 का वनडे मैच पूरे नहीं हो पाए थे। यहां से टॉप-4 मोमेंट्स… 1. ईशान किशन लगातार दूसरे मैच में रन आउट हुए भारतीय पारी के दूसरे ओवर में ईशान किशन रन आउट हुए। साकिब महमूद की आखिरी गेंद को किशन ने मिड-ऑन की ओर खेला। वे शॉट लगाते ही सिंगल के लिए दौड़ पड़े। दूसरे छोर पर खड़े अभिषेक शर्मा ने रन के लिए मना कर दिया। किशन वापस लौटे और क्रीज में पहुंचने के लिए फुल स्ट्रेच डाइव लगाई। इस दौरान ब्रूक के थ्रो पर विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंप बिखेर दी। किशन क्रीज से दूर रह गए। वे लगातार दूसरे मैच में रन आउट हुए। इससे पहले वे आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भी 12 रन बनाकर रनआउट हो गए थे। 2. अभिषेक रिव्यू पर आउट पारी के 9वें ओवर में अभिषेक LBW हुए। सैम करन ने ओवर की दूसरी गेंद लेग-कटर फेंकी। अभिषेक ने जोर से बल्ले चलाया, लेकिन गेंद बल्ले को मिस करती हुई पिछले पैड पर जा लगी। फील्ड अंपायर ने उन्हें नॉट आउट दिया, लेकिन इंग्लैंड ने रिव्यू लिया। बॉल-ट्रैकिंग में गेंद लेग स्टंप से टकराती दिखी। इसके बाद फील्ड अंपायर ने अपना फैसला बदला और अभिषेक आउट दिए गए। 3. बतौर कप्तान श्रेयस की पहली फिफ्टी पहली पारी के 15वें ओवर में श्रेयस ने अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने लियाम डॉसन के ओवर की दूसरी गेंद पर सिंगल लेकर 38 गेंद में फिफ्टी पूरी की। टी-20 में यह उनकी नौवीं और बतौर भारतीय कप्तान पहली फिफ्टी है। 4. बारिश की वजह से मैच रद्द हुआ मैच में शुरू से ही हल्की बूंदा-बांदी होती रही। इसके बावजूद पहली पारी में पूरे 20 ओवर का खेल हुआ। हालांकि इसके बाद बारिश तेज हो गई और फिर मैच शुरु नहीं हो पाया। भारतीय समय के हिसाब से रात 12:47 बजे मैच को रद्द घोषित कर दिया गया।

घर में नहीं है AC, तो गर्मी से कैसे मिलेगी राहत? हिट वेव से अंत में जुड़ेंगे ये देसी जुगाड़

घर में नहीं है AC, तो गर्मी से कैसे मिलेगी राहत? हिट वेव से अंत में जुड़ेंगे ये देसी जुगाड़

गर्मी बहुत खतरनाक हो सकती है, विशेषकर जब आर्द्रता (आर्द्रता) अधिक हो। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। लेकिन कुछ आसान उपायों से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। आपके लिए ये भी जानना जरूरी है कि गर्मी कब खतरनाक बनती है? आपको बीमार करने में सिर्फ तापमान ही नहीं, ह्यूमिडिटी का भी मतलब है। यदि तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और 45% मैमोरिडिटी हो तो लंबे समय तक जोखिम भरा हो सकता है। रात में भी अगर तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है तो शरीर को आराम नहीं मिलता और अगले दिन थकान बढ़ जाती है। बीमारी से बचने के लिए शरीर को आराम देना बहुत जरूरी है। ऐसे में अगर आपके घर में एयर कंडीशनिंग (एसी) नहीं है, तो आपको क्या करना चाहिए? लू में बिना एसी के ठंडे रहने के लिए धूप को सीधे कमरे में आने से रोकें। दिन में धूप आने से पहले ही बंद कर दें। यदि आपके लिए पूरे घर में ठंडा रखना संभव नहीं है, तो एक कमरे में पंखा, ठंडा पानी और स्वादिष्ट स्वादिष्ट पेय सोएं। शरीर को रात में आराम मिलेगा और शरीर को स्वस्थ होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा पब्लिक कूलिंग स्पेस का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा। शॉप मॉल, लाइब्रेरी, मूवी थिएटर या प्रॉमिस कूलिंग सेंटर। जहां एसी हो। कई शहरों में कस्टम कूलिंग सेंटर बनाए जाते हैं। फ़्लोरिडा सीज़न में स्वैम्प लेबला काम कर सकती है, लेकिन फ़्लोरिडा वाले सीज़न में केवल फ़्लोरिडा बेहतर है। अगर आप बाहर काम करने जाते हैं, तो गर्मी से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए अधिक से अधिक पानी पीएं, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लें, ठंडे पानी से नहाएं या पेय पदार्थ लें। हाथ-पैर, गर्दन पर ठंडा पानी डालें। दिन के सबसे गर्म समय में दो में भारी काम करने से मुक्ति। गर्मी बढ़ रही है, लेकिन सावधानी से आप सुरक्षित रह सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)मौसम(टी)हीट वेव्स(टी)स्वास्थ्य समाचार(टी)जलवायु और पर्यावरण(टी)बिना एसी के गर्मियों में घर को ठंडा कैसे रखें(टी)घर के लिए प्राकृतिक कूलिंग हैक्स(टी)पारंपरिक भारतीय वास्तुकला कूलिंग टिप्स(टी)कमरे के तापमान को प्राकृतिक रूप से कैसे कम करें

सत्तू की कचौरी रेसिपी: अनोखे तरीके से बनाएं सत्तू की कचौड़ी, खाने में है हल्की और स्वाद में दमदार; नोट करें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

आटा गूंथने के लिए: 2 कप आटे का आटा, 2 बड़े कच्चे तेल या घी, स्वादानुसार नमक, आवश्यक पानी छवि: फ्रीपिक स्टफिंग के लिए: 1 कप सत्तू, 1 प्याज, 2-3 हरी मिर्च, 1 टुकड़ा अदरक, हरा धनियां, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, ½ छोटा मोटा जीरा, ½ छोटा मोटा अमचूर पाउडर, ½ छोटा मोटा जीरा पाउडर, 1 छोटा टुकड़ा अदरक का तेल, नमक छवि: फ्रीपिक सबसे पहले एक बर्तन में मिट्टी का आटा, नमक और तेल का ढांचा अच्छी तरह से तय किया गया था। अब धीरे-धीरे पानी डाले हुए आटा गूंथ लें। इंटरनेट पर 15-20 मिनट तक रुकें। छवि: फ्रीपिक अब एक बड़ा बाउल सत्तू लें। इसमें प्याज, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, अजवायन, जीरा, अमचूर, अन्य जीरा पाउडर, नमक और हल्दी का तेल शामिल है। छवि: एआई अगर ज्यादा मिला लें तो इसमें 1-2 पानी के टुकड़ों का नाम कर लें। अब एसोसिएट्स की छोटी-छोटी लो डेट्स। हर लोई को प्रभाव बेलकर ने अपने बीच में सत्तू की स्टफिंग फिल और स्टूडेंट को बंद कर दिया। छवि: एआई इसके बाद हाथ से बने हाथ से फ्रेम बेल लें। एक पेस्ट्री में गर्म करें और उस पर कचौड़ी रखें। दोनों तरफ थोड़ा-थोड़ा घी या तेल का ढक्कन मध्यम आंच पर सोना और कुरकुरा होने तक तल लें। छवि: एआई गरमा-गरम सत्तू की कचौड़ी को धनिया या टमाटर की चटनी या दही के साथ पकाएँ। यह आदर्श, आदर्श या शाम की चाय के साथ भी बेहद स्वादिष्ट है। सरसों के तेल का उपयोग पारंपरिक स्वाद से किया जाता है। छवि: एआई स्टफिंग में छोटे सा नींबू का रस मिलाने से स्वाद और भी बढ़ जाता है। ज्यादा तीखा पसंद हो तो हरी मिर्च या लाल मिर्च पाउडर अपनी पसंद के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक सत्तू की सबसे आसान और स्वादिष्ट कचौड़ी स्वाद और सेहत का सबसे अच्छा मेल है। अगर आपने अभी तक इसे घर पर नहीं बनाया है, तो इस आसान रेसिपी को जरूर देखें। परिवार के सभी लोग इसके देसी स्वाद के दीवाने हो जाएंगे। छवि: फ्रीपिक

करोंदे का अचार रेसिपी: दादी-नानी की बताई सीक्रेट रेसिपी से घर पर ऐसे बनाएं करोंदे का अचार, सिर्फ 20 मिनट में होगी तैयार

तस्वीर का विवरण

करोंदे का आचार्य सामग्री बनाने के लिए: 500 ग्राम जैतून का तेल, 3 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर, 2 छोटे चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, छवि: फ्रीपिक 2 छोटी काली मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, नमक का स्वाद, ½ छोटा चम्मच हींग। घर पर बना करोंदे का आचार्य स्वाद के साथ-साथ मूवी का भी भरोसा देता है। छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले करोंदों को अच्छी तरह धोकर साफ-सुथरे कपड़े से ले जाएं, ताकि वे बिल्कुल भी रामायण न रहें। अब हर करोंदे पर प्रभाव-सा चिरा लगा। इसी प्रकार अंदर तक अच्छे प्रकार के कलाकार। छवि: सोशल मीडिया एक कड़ाही में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से प्रस्थान किया गया तो गैस बंद कर दी गई और तेल थोड़ा ठंडा हो गया। इसके बाद तेल में हींग, सौंफ, मेथी दाना और कलौंजी के कर्मचारी प्रभान भून लें। छवि: एआई अब इसमें दादरी पि रायसी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, चौथा लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब कटे हुए करोंदे इस तत्व में शामिल हैं। छवि: एआई धीरे-धीरे-धीरे-धीरज की शुरुआत हुई 3 से 5 मिनट तक की दूरी, ताकि सभी करोंदों पर मसाला अच्छी तरह चढ़ जाए। इसके बाद आचार्य को पूरी तरह से कूल होने का मौका मिला और साक्षात् व आकर्षक ग्लास के जार में भर दिया गया। छवि: एआई अचार बनाने के लिए मजबूत और सख्त करोंदे चुनें। कांच का जार ठीक होना चाहिए, नहीं तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। अगर लंबे समय तक आचार्य स्टोर करना चाहते हैं, तो ऊपर से थोड़ा सा सरसों का तेल डाल दें। छवि: सोशल मीडिया अचार को रोज एक बार साफा और प्लास्टिक से हिलाने पर अलग-अलग तरह के मिल जाते हैं और स्वाद भी बेहतर हो जाता है। छवि: एआई अगर इसे साफ और नकली में रखा जाए और सब्जियों से बेचकर रखा जाए, तो करोंदे का यह सहायक आचार्य 2 से 3 महीने तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। समय के साथ स्वाद और भी शानदार हो जाता है। छवि: एआई दादी-नानी की इस आसान रेसिपी को अपनाकर आप बिना किसी झटके के कम समय में स्वादिष्ट अचार बना सकते हैं। इस बार बाजार से अचार की जगह इसे घर पर जरूर देखें। छवि: सोशल मीडिया

सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत:काला हिरण फिल्म पर सुनवाई 6 जुलाई तक टली; प्रोड्यूसर बोले- 8000 थिएटर्स में होगी रिलीज

सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत:काला हिरण फिल्म पर सुनवाई 6 जुलाई तक टली; प्रोड्यूसर बोले- 8000 थिएटर्स में होगी रिलीज

सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए टाल दी है। इस फैसले के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के लिए कोई स्टार या ग्लैमर मायने नहीं रखता। वहीं, सलमान खान ने याचिका में आरोप लगाया है कि यह फिल्म गैरकानूनी तरीके से उनकी पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन करती है। प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया पर कसा तंज सुनवाई टलने के तुरंत बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी। अमित जानी ने लिखा, “सलमान खान को आज भी दिल्ली हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। फिल्म पर कोई बैन नहीं लगा है और केस की सुनवाई 6 जुलाई तक टल गई है।” उन्होंने आगे लिखा कि कोर्ट के लिए न तो कोई स्टार होता है और न ही वे किसी ग्लैमर को मानते हैं। खुद को बॉलीवुड का गॉडफादर कहने से काला हिरण नहीं रुकेगा। यह फिल्म पूरी दुनिया में एक साथ 8000 सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अगली सुनवाई तक सेंसर बोर्ड के पास नहीं जाएगी फिल्म बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में प्रोड्यूसर के वकील ने बताया कि ‘काला हिरण’ फिल्म को अभी तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए नहीं भेजा गया है। कोर्ट के पूछने पर वकील ने साफ किया कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के बिना कोई फिल्म रिलीज नहीं हो सकती और अगली सुनवाई से पहले वे फिल्म को सेंसर बोर्ड के पास नहीं भेजेंगे। प्रोड्यूसर का जवाब रिकॉर्ड पर न होने के कारण कोर्ट ने मामले को आगे बढ़ा दिया। सलमान खान ने क्यों खटखटाया कोर्ट का दरवाजा सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म मेकर्स गलत तरीके से उनकी पहचान और नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। याचिका के मुताबिक, फिल्म के प्रमोशनल मैटेरियल और प्रोमो में सलमान के लुक जैसे दिखने वाले एक शख्स (लुकअलाइक) को दिखाया गया है। इस शख्स ने सलमान खान जैसा ही सिग्नेचर ब्लू ब्रेसलेट पहना हुआ है, जो लंबे समय से उनकी खास पहचान रहा है। काले हिरण केस और लॉरेंस विवाद का कनेक्शन एक्टर ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि फिल्म में साल 1998 के काले हिरण शिकार मामले (ब्लैकबक पोचिंग केस) से जुड़ी घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इसके साथ ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उनके बीच के कथित विवाद को भी फिल्म में गलत ढंग से दिखाने का दावा किया गया है। सलमान का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अब इस पूरे मामले पर 6 जुलाई को दोबारा सुनवाई होगी।

खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

पिछले साल ‘स्प्रिंग फेस्टिवल गाला’ में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डांस से प्रेरित होकर हांगझू के ई-कॉमर्स लाइव स्ट्रिमर आई लिन ने 25 लाख रुपए में पहला एंड्रॉइड खरीदा और रेंटल बिजनेस शुरू किया। 443 डॉलर/दिन के किराए पर इन्हें प्रदर्शनी, इवेंट्स के लिए लिया जाने लगा। लेकिन लिन कहते हैं, ‘ह्यूमनॉइड्स का बाजार अभी गति नहीं पकड़ पाया है क्योंकि आज के रोबोट खुद से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ बड़े आकार के खिलौने हैं। यह तकनीक इंसानी लेबर को रिप्लेस करने से सालों दूर है। इसके बावजूद, चीनी सरकार आर्थिक सुस्ती और सिकुड़ते वर्कफोर्स के लिए इस पर अरबों डॉलर लगा रही है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट होंगे, जो 5 ट्रिलियन डॉलर से बड़ा बाजार बनाएंगे। दुनिया के लगभग 90% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन से आ रहे हैं। साल 2024 में चीन के पास 20 लाख औद्योगिक रोबोट्स का स्टॉक था, जो जापान, अमेरिका, द. कोरिया और जर्मनी के कुल योग से अधिक है। बीजिंग, शंघाई और शेन्जेन में रोबोट ट्रैफिक कंट्रोल, कॉफी और बीयर परोस रहे हैं। ट्रेंड फोर्स के अनुसार चीन में 140 से अधिक ह्यूमनॉइड निर्माता हैं। लेकिन कम मांग से यह ‘इंडस्ट्री बबल’ बन रहा है। ओमिडिया के मुख्य विश्लेषक लियन जे सू कहते हैं, ‘चीन उभरती तकनीक में कितना मजबूत है, यह दिखाने के लिए इस उद्योग को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।’ चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश में 1,53,000 से अधिक रोबोट रेंटल बिजनेस सक्रिय हैं। अग्रणी निर्माता अगिबॉट ने शेयरबॉट नाम से रेंटल सब्सिडियरी शुरू की है, जिसके अनुसार यह मार्केट 2026 के अंत तक 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। ग्राहक 517 डॉलर प्रतिदिन पर ह्यूमनॉइड रोबोट, शिपिंग और मानव ऑपरेटर पा सकते हैं। 8 रोबोट्स में निवेश करने वाली 52 वर्षीय झाओ शियाओहोंग कहती हैं, “जब तकनीक रुक जाती है और बाजार में एक जैसे रोबोट आ जाते हैं, तो शुरुआती उत्साह थकान में बदल जाता है और किराए गिरते हैं।’ डेटा और हार्डवेयर बनी सबसे बड़ी चुनौतियां, सटीकता सिर्फ 80% तक ही यिजुआंग के टेक हब में रोबोट लायन डांस करते हैं या बास्केटबॉल थ्रो करते हैं, लेकिन पास के केंद्र में 120 ह्यूमनॉइड्स को मानव ट्रेनर हाथ में रिमोट लेकर डायपर बदलना या पैकेज सॉर्ट करना सिखा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए इंसानी डेटा की भारी कमी है। चीनी निर्माता ‘फिजिकल इंटरेक्शन डेटा’ के लिए एक्स-ह्य एक्स-ह्यूमनॉइड जैसी कंपनियों को 14,180 रुपए प्रति घंटा तक चुका रहे हैं। छोटे रोबोटिक हाथों में कई फंक्शंस डालने से ‘हीट डिसिपेशन’(गर्मी निकलना) बड़ी समस्या है। इनका जीवनकाल छोटा और उत्पादन लागत अधिक है।

खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

पिछले साल ‘स्प्रिंग फेस्टिवल गाला’ में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डांस से प्रेरित होकर हांगझू के ई-कॉमर्स लाइव स्ट्रिमर आई लिन ने 25 लाख रुपए में पहला एंड्रॉइड खरीदा और रेंटल बिजनेस शुरू किया। 443 डॉलर/दिन के किराए पर इन्हें प्रदर्शनी, इवेंट्स के लिए लिया जाने लगा। लेकिन लिन कहते हैं, ‘ह्यूमनॉइड्स का बाजार अभी गति नहीं पकड़ पाया है क्योंकि आज के रोबोट खुद से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ बड़े आकार के खिलौने हैं। यह तकनीक इंसानी लेबर को रिप्लेस करने से सालों दूर है। इसके बावजूद, चीनी सरकार आर्थिक सुस्ती और सिकुड़ते वर्कफोर्स के लिए इस पर अरबों डॉलर लगा रही है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट होंगे, जो 5 ट्रिलियन डॉलर से बड़ा बाजार बनाएंगे। दुनिया के लगभग 90% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन से आ रहे हैं। साल 2024 में चीन के पास 20 लाख औद्योगिक रोबोट्स का स्टॉक था, जो जापान, अमेरिका, द. कोरिया और जर्मनी के कुल योग से अधिक है। बीजिंग, शंघाई और शेन्जेन में रोबोट ट्रैफिक कंट्रोल, कॉफी और बीयर परोस रहे हैं। ट्रेंड फोर्स के अनुसार चीन में 140 से अधिक ह्यूमनॉइड निर्माता हैं। लेकिन कम मांग से यह ‘इंडस्ट्री बबल’ बन रहा है। ओमिडिया के मुख्य विश्लेषक लियन जे सू कहते हैं, ‘चीन उभरती तकनीक में कितना मजबूत है, यह दिखाने के लिए इस उद्योग को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।’ चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश में 1,53,000 से अधिक रोबोट रेंटल बिजनेस सक्रिय हैं। अग्रणी निर्माता अगिबॉट ने शेयरबॉट नाम से रेंटल सब्सिडियरी शुरू की है, जिसके अनुसार यह मार्केट 2026 के अंत तक 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। ग्राहक 517 डॉलर प्रतिदिन पर ह्यूमनॉइड रोबोट, शिपिंग और मानव ऑपरेटर पा सकते हैं। 8 रोबोट्स में निवेश करने वाली 52 वर्षीय झाओ शियाओहोंग कहती हैं, “जब तकनीक रुक जाती है और बाजार में एक जैसे रोबोट आ जाते हैं, तो शुरुआती उत्साह थकान में बदल जाता है और किराए गिरते हैं।’ डेटा और हार्डवेयर बनी सबसे बड़ी चुनौतियां, सटीकता सिर्फ 80% तक ही यिजुआंग के टेक हब में रोबोट लायन डांस करते हैं या बास्केटबॉल थ्रो करते हैं, लेकिन पास के केंद्र में 120 ह्यूमनॉइड्स को मानव ट्रेनर हाथ में रिमोट लेकर डायपर बदलना या पैकेज सॉर्ट करना सिखा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए इंसानी डेटा की भारी कमी है। चीनी निर्माता ‘फिजिकल इंटरेक्शन डेटा’ के लिए एक्स-ह्य एक्स-ह्यूमनॉइड जैसी कंपनियों को 14,180 रुपए प्रति घंटा तक चुका रहे हैं। छोटे रोबोटिक हाथों में कई फंक्शंस डालने से ‘हीट डिसिपेशन’(गर्मी निकलना) बड़ी समस्या है। इनका जीवनकाल छोटा और उत्पादन लागत अधिक है।