न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
भारत समेत 4 विमेंस टीमें ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई:क्रिकेट के क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी, मेंस का कटऑफ 2026 रैंकिंग से

Hindi News Sports Cricket Olympics Cricket Qualification, Los Angeles 2028, Cricket 2026 Ranking, Women Cricket Olympics, Men Cricket Olympics, ICC IOC Approval, Pomona Cricket Matches, India Cricket स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट का एक ही मैच खेला गया था। भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका की विमेंस टीमों ने लॉस एंजिल्स ओलिंपिक 2028 के क्रिकेट इवेंट के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है। ICC और IOC ने क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी दे दी है। मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में 6-6 टीमें हिस्सा लेंगी। पोमोना में खेले जाएंगे मैच सभी मुकाबले लॉस एंजिल्स से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोमोना के फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। ओलिंपिक में क्रिकेट मैच 12 से 29 जुलाई 2028 तक होंगे। विमेंस कैटेगरी की बाकी दो टीमों का फैसला 2027 में होने वाले ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा। ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट मुकाबले पोमोना स्थित फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। मेंस टीमें रैंकिंग के आधार पर मेंस में 31 दिसंबर 2026 तक की ICC टी-20 इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका और ओशिनिया की टॉप रैंकिंग टीमों को सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलेगा। यानी पांच महाद्वीपों से एक-एक टीम सीधे क्वालिफाई करेगी। छठी और अंतिम टीम का फैसला 2027 के ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा, जिसमें सभी महाद्वीपों की टीमें हिस्सा लेंगी। 2027 में होगा ICC ओलिंपिक क्वालिफायर मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में छठी और अंतिम टीम का फैसला 2027 में ICC ओलिंपिक क्वालिफायर से होगा। इसमें दोनों कैटेगरी की 8-8 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 31 दिसंबर 2026 तक सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाने वाली ICC रैंकिंग की शीर्ष टीमें शामिल होंगी। टूर्नामेंट की तारीख और मेजबान देश का ऐलान ICC बाद में करेगी। 15 खिलाड़ियों का स्क्वॉड, 3-3 टीमों के दो ग्रुप हर टीम अपने स्क्वॉड में अधिकतम 15 खिलाड़ी रख सकेगी। मेंस और विमेंस कैटेगरी में 6-6 टीमों को 3-3 टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। ग्रुप स्टेज में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी दोनों टीमों और दूसरे ग्रुप की दो टीमों से मुकाबला करेगी। इस तरह हर टीम कुल चार लीग मैच खेलेगी। दोनों कैटेगरी को मिलाकर 28 मैच होंगे। सभी मुकाबले पोमोना में बन रहे क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। एक बार हुआ है ओलिंपिक में क्रिकेट साल 1900 के पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया था। इसके बाद क्रिकेट ओलिंपिक्स में नहीं खेला गया। पेरिस ओलिंपिक के क्रिकेट इवेंट में सिर्फ इंग्लैंड और फ्रांस ने हिस्सा लिया था। इसमें इंग्लैंड ने गोल्ड और फ्रांस ने सिल्वर जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जून-तिमाही में घरों की बिक्री जनवरी-2023 के बाद सबसे कम:वेस्ट एशिया वॉर और सप्लाई चेन संकट से सेंटीमेंट बिगड़ा; टॉप-7 शहरों में 90,715 घर बिके

देश में अप्रैल-जून तिमाही (Q2 2026) के दौरान रेसिडेंशियल घरों की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है। यह जनवरी 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। एनरॉक के डेटा के मुताबिक, ईरान वॉर के कारण बनी अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटों की वजह से देश भर में बायर्स का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। वित्त-वर्ष 2026 में कुल 4,04,005 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जो FY23 के बाद सबसे कम है। घरों की बिक्री 6% घटी, पुणे में सबसे ज्यादा 15% गिरावट एनरॉक के डेटा के अनुसार, इस तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 6% घटकर 90,715 यूनिट्स रह गई है, जबकि Q2 2025 में 96,285 यूनिट्स बिकी थीं। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो हाउसिंग सेल्स में 11% की गिरावट आई है। टॉप 7 शहरों में से केवल कोलकाता में 10%, हैदराबाद में 2% और बेंगलुरु में 1% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है। दूसरी तरफ पुणे में इस तिमाही के दौरान सबसे ज्यादा 15% की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट, जीसीसी आधारित रोजगार केंद्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर में अभी भी सबसे ज्यादा सेल्स ग्रोथ है। एमएमआर और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही देश के टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही है। Q2 2026 में इन दोनों शहरों में कुल मिलाकर लगभग 43,995 यूनिट्स की बिक्री हुई है। एनरॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि ये आंकड़े अनुमान के मुताबिक ही हैं, क्योंकि पूरे सेक्टर पर मिडल ईस्ट वॉर का असर साफ दिख रहा था। इसके अलावा युद्ध के कारण पैदा हुई रुकावटों और आईटी/आईटीईएस सेक्टर में एआई से जुड़ी अनिश्चितताओं ने बायर्स को फिलहाल इंतजार करने पर मजबूर कर दिया है। नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग सालाना 7% बढ़ी मार्केट में नए घरों की लॉन्चिंग में सालाना आधार पर 7% की बढ़ोतरी हुई है। यह Q2 2025 के 98,625 यूनिट्स से बढ़कर Q2 2026 में 1,06,000 यूनिट्स पर पहुंच गई। नए सप्लाई में एमएमआर और बेंगलुरु का दबदबा रहा, जो कुल नई इन्वेंट्री का 53% है। कुल नई लॉन्चिंग में एमएमआर, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 81% रही। तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी अनुज पुरी ने बताया कि बड़े और लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदे गए बड़े लैंड पार्सल पर प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए, जिससे सालाना आधार पर नए लॉन्च मजबूत रहे। हालांकि, तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी है, क्योंकि कमजोर बायर्स सेंटीमेंट के कारण कई डेवलपर्स ने नए सप्लाई की रफ्तार धीमी कर दी है। घरों की औसत कीमतों में 7% की सालाना बढ़ोतरी, NCR में सबसे ज्यादा उछाल क्या होती है इन्वेंट्री? रियल एस्टेट भाषा में ‘इन्वेंट्री’ का मतलब उन तैयार या निर्माणाधीन घरों से होता है जो डेवलपर्स के पास बेचने के लिए उपलब्ध हैं लेकिन अभी तक बिके नहीं हैं। मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ने के मुख्य कारण मिडल ईस्ट में चल रहा युद्ध, ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें और आईटी सेक्टर में एआई के कारण पैदा हुई नौकरियों की अनिश्चितता।
जून-तिमाही में घरों की बिक्री जनवरी-2023 के बाद सबसे कम:वेस्ट एशिया वॉर और सप्लाई चेन संकट से सेंटीमेंट बिगड़ा; टॉप-7 शहरों में 90,715 घर बिके

देश में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान रेसिडेंशियल घरों की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है। यह जनवरी 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इस बात की जानकारी रियल एस्टेट कंसलटेंट फर्म एनरॉक ने दी। ईरान वॉर के कारण बनी अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटों की वजह से देश भर में बायर्स का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। वित्त-वर्ष 2026 में कुल 4,04,005 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जो FY23 के बाद सबसे कम है। घरों की बिक्री 6% घटी, पुणे में सबसे ज्यादा 15% गिरावट एनरॉक के डेटा के अनुसार, इस तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 6% घटकर 90,715 यूनिट्स रह गई है, जबकि Q2 2025 में 96,285 यूनिट्स बिकी थीं। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो हाउसिंग सेल्स में 11% की गिरावट आई है। टॉप 7 शहरों में से केवल कोलकाता में 10%, हैदराबाद में 2% और बेंगलुरु में 1% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है। दूसरी तरफ पुणे में इस तिमाही के दौरान सबसे ज्यादा 15% की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट, जीसीसी आधारित रोजगार केंद्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर में अभी भी सबसे ज्यादा सेल्स ग्रोथ है। एमएमआर और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही देश के टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही है। Q2 2026 में इन दोनों शहरों में कुल मिलाकर लगभग 43,995 यूनिट्स की बिक्री हुई है। एनरॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि ये आंकड़े अनुमान के मुताबिक ही हैं, क्योंकि पूरे सेक्टर पर मिडल ईस्ट वॉर का असर साफ दिख रहा था। इसके अलावा युद्ध के कारण पैदा हुई रुकावटों और आईटी/आईटीईएस सेक्टर में एआई से जुड़ी अनिश्चितताओं ने बायर्स को फिलहाल इंतजार करने पर मजबूर कर दिया है। नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग सालाना 7% बढ़ी मार्केट में नए घरों की लॉन्चिंग में सालाना आधार पर 7% की बढ़ोतरी हुई है। यह Q2 2025 के 98,625 यूनिट्स से बढ़कर Q2 2026 में 1,06,000 यूनिट्स पर पहुंच गई। नए सप्लाई में एमएमआर और बेंगलुरु का दबदबा रहा, जो कुल नई इन्वेंट्री का 53% है। कुल नई लॉन्चिंग में एमएमआर, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 81% रही। तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी अनुज पुरी ने बताया कि बड़े और लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदे गए बड़े लैंड पार्सल पर प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए, जिससे सालाना आधार पर नए लॉन्च मजबूत रहे। हालांकि, तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी है, क्योंकि कमजोर बायर्स सेंटीमेंट के कारण कई डेवलपर्स ने नए सप्लाई की रफ्तार धीमी कर दी है। घरों की औसत कीमतों में 7% की सालाना बढ़ोतरी, NCR में सबसे ज्यादा उछाल क्या होती है इन्वेंट्री? रियल एस्टेट भाषा में ‘इन्वेंट्री’ का मतलब उन तैयार या निर्माणाधीन घरों से होता है जो डेवलपर्स के पास बेचने के लिए उपलब्ध हैं लेकिन अभी तक बिके नहीं हैं। मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ने के मुख्य कारण मिडल ईस्ट में चल रहा युद्ध, ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें और आईटी सेक्टर में एआई के कारण पैदा हुई नौकरियों की अनिश्चितता। ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको इस साल 9,000 कर्मचारियों को निकालेगी: खर्च घटाने और AI अपनाने के लिए कदम उठाया; ग्लोबल सिगरेट वॉल्यूम 2.5% घटने का अनुमान लंदन स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तंबाकू कंपनियों में से एक ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको इस साल अपने कुल 47,000 कर्मचारियों में से लगभग पांचवें हिस्से यानी करीब 20% की कटौती करने जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत का पहला AI-पावर्ड म्यूजिकल माइक्रो-ड्रामा ‘मोहिनी: खुद से प्यार’:अमिता बोलीं- AI कहानी नहीं लिखेगा, उसे कहने का तरीका जरूर बदलेगा

प्रख्यात फिल्मकार राम माधवानी की पत्नी और क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमिता माधवानी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट ‘मोहिनी: खुद से प्यार’ को लेकर चर्चा में हैं। इसे भारत का पहला AI-पावर्ड म्यूजिकल माइक्रो-ड्रामा बताया जा रहा है, जिसे सोशल मीडिया के लिए 12 एपिसोड की सीरीज के रूप में तैयार किया गया है। अमिता के मुताबिक, तकनीक बदल सकती है लेकिन कहानी कहने का मूल अब भी इंसान ही रहेगा। मोहिनी’ की पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI का यूज हुआ अमिता कहती हैं कि ‘AI को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि लोग उसे रचनात्मक निर्णय लेने वाली इकाई मानने लगे हैं। AI खुद कुछ तय नहीं करता, बल्कि इंसान तय करता है कि उससे क्या करवाना है। ‘मोहिनी’ के मामले में भी पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI को एक क्रिएटिव टूल की तरह इस्तेमाल किया गया। जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल कैमरे ने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया बदली थी, उसी तरह AI भी नई संभावनाएं लेकर आया है। हालांकि संवेदनशीलता, भावनाएं और कहानी की आत्मा अब भी इंसानी सोच से ही आती है। आज AI को लेकर जितनी उत्सुकता है, उतना ही भ्रम भी है।’ कहानी का उद्देश्य तकनीक नहीं, कला का नया रूप दिखाना है अमिता के अनुसार…‘मोहिनी: खुद से प्यार’ का मकसद केवल AI का प्रदर्शन नहीं है। मैं इसके जरिए भारतीय कला, कथक, संगीत और कहानी को नई तकनीक के साथ जोड़कर एक नया अनुभव देना चाहती हूं। मेरे लिए AI मंजिल नहीं, एक माध्यम है। अंत में वही कंटेंट टिकेगा जिसमें सच्चाई, इमोशन और मजबूत कहानी होगी।’ माइक्रो-ड्रामा की पूरी मेकिंग प्रोसेस में इंसानों ने ही काम किया है ‘मोहिनी’ की पूरी मेकिंग में इंसानों ने ही काम किया। अमिता बोलीं…‘AI अकेले कोई फिल्म नहीं बना सकता। AI हालांकि के कारण कलाकारों और तकनीकी टीमों की जरूरत कम होने वाली आशंकाओं से भी मैं सहमत नहीं हूं। आज बहस सिर्फ इतनी नहीं होनी चाहिए कि टीम का आकार कितना कम होगा, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि तकनीक से कंटेंट आउटपुट कितना बढ़ेगा। अगर एक टीम पहले एक साल में एक प्रोजेक्ट करती थी और अब कई प्रोजेक्ट कर सकती है, तो नए अवसर भी पैदा होंगे। AI कहानी नहीं लिखेगा, बल्कि उसे कहने का तरीका बदलेगा।’ टाइगर स्टारर नई फिल्म के विजुअल्स पर भी ली जा रही AI की मदद बकौल अमिता, ‘हमारी टीम फिलहाल AI का इस्तेमाल फिल्म बनाने के लिए नहीं, बल्कि प्री-प्रोडक्शन और विजुअल डेवलपमेंट में कर रही है। राम माधवानी भी टाइगर श्रॉफ के साथ अगली फिल्म की तैयारी में AI आधारित विजुअल प्लानिंग का उपयोग कर रहे हैं। पहले सीन और फ्रेम की कल्पना स्केच व रेफरेंस से समझाई जाती थी, जबकि अब AI तेजी से विजुअल रेफरेंस तैयार कर देता है। इससे प्रोडक्शन, सिनेमैटोग्राफी और कॉस्ट्यूम टीम बेहतर तालमेल के साथ काम कर पाती है। AI एक सहयोगी टूल है, विकल्प नहीं।’
भारत का पहला AI-पावर्ड म्यूजिकल माइक्रो-ड्रामा ‘मोहिनी: खुद से प्यार’:अमिता बोलीं- AI कहानी नहीं लिखेगा, उसे कहने का तरीका जरूर बदलेगा

प्रख्यात फिल्मकार राम माधवानी की पत्नी और क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमिता माधवानी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट ‘मोहिनी: खुद से प्यार’ को लेकर चर्चा में हैं। इसे भारत का पहला AI-पावर्ड म्यूजिकल माइक्रो-ड्रामा बताया जा रहा है, जिसे सोशल मीडिया के लिए 12 एपिसोड की सीरीज के रूप में तैयार किया गया है। अमिता के मुताबिक, तकनीक बदल सकती है लेकिन कहानी कहने का मूल अब भी इंसान ही रहेगा। मोहिनी’ की पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI का यूज हुआ अमिता कहती हैं कि ‘AI को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि लोग उसे रचनात्मक निर्णय लेने वाली इकाई मानने लगे हैं। AI खुद कुछ तय नहीं करता, बल्कि इंसान तय करता है कि उससे क्या करवाना है। ‘मोहिनी’ के मामले में भी पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI को एक क्रिएटिव टूल की तरह इस्तेमाल किया गया। जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल कैमरे ने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया बदली थी, उसी तरह AI भी नई संभावनाएं लेकर आया है। हालांकि संवेदनशीलता, भावनाएं और कहानी की आत्मा अब भी इंसानी सोच से ही आती है। आज AI को लेकर जितनी उत्सुकता है, उतना ही भ्रम भी है।’ कहानी का उद्देश्य तकनीक नहीं, कला का नया रूप दिखाना है अमिता के अनुसार…‘मोहिनी: खुद से प्यार’ का मकसद केवल AI का प्रदर्शन नहीं है। मैं इसके जरिए भारतीय कला, कथक, संगीत और कहानी को नई तकनीक के साथ जोड़कर एक नया अनुभव देना चाहती हूं। मेरे लिए AI मंजिल नहीं, एक माध्यम है। अंत में वही कंटेंट टिकेगा जिसमें सच्चाई, इमोशन और मजबूत कहानी होगी।’ माइक्रो-ड्रामा की पूरी मेकिंग प्रोसेस में इंसानों ने ही काम किया है ‘मोहिनी’ की पूरी मेकिंग में इंसानों ने ही काम किया। अमिता बोलीं…‘AI अकेले कोई फिल्म नहीं बना सकता। AI हालांकि के कारण कलाकारों और तकनीकी टीमों की जरूरत कम होने वाली आशंकाओं से भी मैं सहमत नहीं हूं। आज बहस सिर्फ इतनी नहीं होनी चाहिए कि टीम का आकार कितना कम होगा, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि तकनीक से कंटेंट आउटपुट कितना बढ़ेगा। अगर एक टीम पहले एक साल में एक प्रोजेक्ट करती थी और अब कई प्रोजेक्ट कर सकती है, तो नए अवसर भी पैदा होंगे। AI कहानी नहीं लिखेगा, बल्कि उसे कहने का तरीका बदलेगा।’ टाइगर स्टारर नई फिल्म के विजुअल्स पर भी ली जा रही AI की मदद बकौल अमिता, ‘हमारी टीम फिलहाल AI का इस्तेमाल फिल्म बनाने के लिए नहीं, बल्कि प्री-प्रोडक्शन और विजुअल डेवलपमेंट में कर रही है। राम माधवानी भी टाइगर श्रॉफ के साथ अगली फिल्म की तैयारी में AI आधारित विजुअल प्लानिंग का उपयोग कर रहे हैं। पहले सीन और फ्रेम की कल्पना स्केच व रेफरेंस से समझाई जाती थी, जबकि अब AI तेजी से विजुअल रेफरेंस तैयार कर देता है। इससे प्रोडक्शन, सिनेमैटोग्राफी और कॉस्ट्यूम टीम बेहतर तालमेल के साथ काम कर पाती है। AI एक सहयोगी टूल है, विकल्प नहीं।’
अभिनेत्री उर्वशी रौतेला परिवार के साथ पहुंचीं पिंकसिटी:रामबाग पैलेस में शादी समारोह में होंगी शामिल, बोलीं- जयपुर से मेरा खास लगाव

बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला सोमवार को अपने परिवार के साथ जयपुर पहुंचीं हैं। वे एयर इंडिया की नियमित फ्लाइट से जयपुर हवाई अड्डे पर उतरीं। इस दौरान उनके साथ उनके माता-पिता भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय उर्वशी ने ब्लैक मास्क पहन रखा था, लेकिन जैसे ही मीडिया फोटोग्राफर्स ने उनसे मास्क हटाकर तस्वीरें खिंचवाने का आग्रह किया, उन्होंने मुस्कुराते हुए मास्क हटाया और कैमरों के सामने पोज दिए। मीडिया से बातचीत में उर्वशी ने कहा कि जयपुर से उनका हमेशा खास लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि वे यहां एक निजी शादी समारोह में शामिल होने आई हैं और परिवार के साथ इस खूबसूरत शहर में समय बिताना उनके लिए हमेशा यादगार रहता है। एयरपोर्ट से वे सीधे शहर के प्रतिष्ठित रामबाग पैलेस के लिए रवाना हुईं, जहां वे विवाह समारोह में शामिल होंगी। पहले भी कई बार जयपुर आ चुकी हैं उर्वशी उर्वशी इससे पहले भी कई बार जयपुर आ चुकी हैं। फिल्म प्रमोशन, फैशन शो, अवॉर्ड समारोह और निजी आयोजनों के सिलसिले में उनकी शहर में नियमित मौजूदगी रही है। इस बार वे पारिवारिक माहौल में आयोजित एक शादी समारोह का हिस्सा बनने पहुंची हैं। एयरपोर्ट पर उनकी एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों और यात्रियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। मॉडलिंग से बॉलीवुड तक का सफर उर्वशी रौतेला का नाम बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शुमार होता है। उन्होंने बेहद कम उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2015 में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी टाइटल अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘सिंह साब द ग्रेट’ से की थी। इसके बाद ‘सनम रे’, ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’, ‘हेट स्टोरी 4’, ‘पागलपंती’, ‘वर्जिन भानुप्रिया’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वे कई लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो और डांस नंबरों में भी नजर आ चुकी हैं, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। इंस्टाग्राम सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उर्वशी के करोड़ों फॉलोअर्स उर्वशी रौतेला सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। इंस्टाग्राम सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। अपने फैशन सेंस, ग्लैमरस लुक और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में मौजूदगी को लेकर वे अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है, जिससे उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।
इंपैक्ट फीचर:निवेश की सही समझ से ही सुरक्षित होगा भविष्य; दैनिक भास्कर व आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड का कार्यक्रम आयोजित

आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड एवं दैनिक भास्कर ने शनिवार को शहर के होटल में “शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य” विषय पर निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की बेहतर समझ देना तथा उन्हें सोच-समझकर निवेश करने के लिए जागरूक बनाना था। मुख्य वक्ता कंपनी के इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डेवलपमेंट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद अमीर सुलेमान ने बचत और निवेश के मूल सिद्धांत, कम उम्र से निवेश शुरू करने के लाभ तथा लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत पर विस्तार से चर्चा की। लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प उन्होंने कहा कि अनुशासित और योजनाबद्ध खर्च अपनाकर व्यक्ति अपनी आर्थिक सुरक्षा से समझौता किए बिना बेहतर जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट, मेडिकल और लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बचत और निवेश के अंतर, जीवन के लक्ष्यों के अनुरूप बजट तैयार करने, लक्ष्य आधारित निवेश, मजबूत पोर्टफोलियो निर्माण तथा एसेट एलोकेशन की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा में उद्योग विशेषज्ञ आयुषीव्रत मुखर्जी, रविकांत घोष और आशीष कुमार ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। रविकांत ने कहा कि वित्तीय निर्णयों में आत्मनिर्भरता के लिए वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी है। आयुषीव्रत मुखर्जी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में निवेश करना लंबी अवधि में संपत्ति सृजन का बेहतर माध्यम बन सकता है। आशीष कुमार ने कहा कि लक्ष्य आधारित निवेश अपनाने से वित्तीय उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के जोनल हेड अमित कुमार ने किया। जागरूक होना जरूरी, लालच से बचें : कनिष्क कार्यक्रम के दौरान साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने लोगों को निवेश के दौरान साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने के साथ सबसे अहम है जागरूक निवेशक बनना, क्योंकि सबसे अधिक लालच के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने कहा कि निवेश करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि कोई आपको 15 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने का भरोसा देता है तो सतर्क हो जाएं। यदि निवेश के दौरान कोई जल्दबाजी या दबाव बनाकर पैसा लगाने के लिए कहता है, तो ठगी होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि यदि ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करें। साइबर थाना के सदस्य एसआई रामकृष्ण ने मोबाइल में सुरक्षित उपयोग और स्पैम/फिशिंग लिंक की पहचान करने के तरीके लोगों को बताए।
इंपैक्ट फीचर:निवेश की सही समझ से ही सुरक्षित होगा भविष्य; दैनिक भास्कर व आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड का कार्यक्रम आयोजित

आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड एवं दैनिक भास्कर ने शनिवार को शहर के होटल में “शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य” विषय पर निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की बेहतर समझ देना तथा उन्हें सोच-समझकर निवेश करने के लिए जागरूक बनाना था। मुख्य वक्ता कंपनी के इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डेवलपमेंट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद अमीर सुलेमान ने बचत और निवेश के मूल सिद्धांत, कम उम्र से निवेश शुरू करने के लाभ तथा लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत पर विस्तार से चर्चा की। लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प उन्होंने कहा कि अनुशासित और योजनाबद्ध खर्च अपनाकर व्यक्ति अपनी आर्थिक सुरक्षा से समझौता किए बिना बेहतर जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट, मेडिकल और लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बचत और निवेश के अंतर, जीवन के लक्ष्यों के अनुरूप बजट तैयार करने, लक्ष्य आधारित निवेश, मजबूत पोर्टफोलियो निर्माण तथा एसेट एलोकेशन की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा में उद्योग विशेषज्ञ आयुषीव्रत मुखर्जी, रविकांत घोष और आशीष कुमार ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। रविकांत ने कहा कि वित्तीय निर्णयों में आत्मनिर्भरता के लिए वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी है। आयुषीव्रत मुखर्जी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में निवेश करना लंबी अवधि में संपत्ति सृजन का बेहतर माध्यम बन सकता है। आशीष कुमार ने कहा कि लक्ष्य आधारित निवेश अपनाने से वित्तीय उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के जोनल हेड अमित कुमार ने किया। जागरूक होना जरूरी, लालच से बचें : कनिष्क कार्यक्रम के दौरान साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने लोगों को निवेश के दौरान साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने के साथ सबसे अहम है जागरूक निवेशक बनना, क्योंकि सबसे अधिक लालच के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने कहा कि निवेश करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि कोई आपको 15 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने का भरोसा देता है तो सतर्क हो जाएं। यदि निवेश के दौरान कोई जल्दबाजी या दबाव बनाकर पैसा लगाने के लिए कहता है, तो ठगी होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि यदि ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करें। साइबर थाना के सदस्य एसआई रामकृष्ण ने मोबाइल में सुरक्षित उपयोग और स्पैम/फिशिंग लिंक की पहचान करने के तरीके लोगों को बताए।
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।







