'नेट बॉलर' से 'मैच विनर' तक:भारतीय मूल के जय ने आयरलैंड के लिए झटके 5 विकेट; कभी टीम इंडिया के नेट बॉलर थे

राजस्थान के टोंक जिले के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड की ओर से खेलते हुए भारत के खिलाफ रविवार को खत्म हुई दो मैच की सीरीज में पांच विकेट झटके। वे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर रहे। 27 साल के जय की लेफ्ट आर्म मीडियम पेस गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलियन दिग्गज मिचेल स्टार्क की झलक दिखी। उनके टोंक से आयरलैंड तक के सफर और आयरलैंड टीम में सलेक्ट होने के बारे में भास्कर ने विस्तृत बातचीत की। पेश है इस बातचीत के अंश… आयरलैंड में शुरुआत कैसे हुई? यह कहानी कोरोना के समय शुरू हुई। उस दौरान क्रिकेट लगभग बंद था। मैंने बीटेक पूरा कर लिया था। पापा चाहते थे कि मैं पढ़ाई पर ध्यान दूं, इसलिए उन्होंने एमटेक करने की सलाह दी। मेरा एडमिशन आयरलैंड में हो गया और मैं वहां चला गया। पहले साल पूरा फोकस पढ़ाई पर था। तब तक मैंने नहीं सोचा था कि एक दिन आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलूंगा। पहले आप लेफ्ट आर्म स्पिनर थे, फिर तेज गेंदबाज कैसे बने? बचपन में मैं स्पिन गेंदबाजी करता था। टोंक में मेरे पहले कोच इम्तियाज अली सर ने मेरी लंबाई देखकर कहा कि अगर तेज गेंदबाजी करोगे तो ज्यादा आगे जा सकते हो। उनकी सलाह मानी और वहीं से जिंदगी बदल गई। पिता ने पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था। क्रिकेट तक कैसे पहुंचे? लोग समझते हैं कि पापा क्रिकेट के खिलाफ थे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। वे चाहते थे कि मेरा भविष्य सुरक्षित रहे। इसलिए उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी करो। आयरलैंड पहुंचने के बाद मैं डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर आयरिश सीनियर कप खेलने का मौका मिला। जब मैंने पहले मैच में संजू सैमसन का विकेट लिया था तो पापा ही याद आए थे। अफसोस है कि पापा इस दुनिया में नहीं हैं। क्या कभी लगा कि भारत की ओर से खेलना चाहिए था? हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह बड़े स्तर पर खेले। लेकिन मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मुझे जहां मौका मिला है, वहां अपना बेस्ट देना चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा फोकस आयरलैंड के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर है। पिछली बार जब भारतीय टीम आयरलैंड आई थी, तब आप नेट बॉलर थे? जी हां, उस समय मैंने भारतीय खिलाड़ियों को नेट में गेंदबाजी कराई थी। वहीं मेरी जसप्रीत बुमराह से भी बात हुई थी। उन्होंने सिर्फ एक बात कही थी, “जितना भी मौका मिले, पूरी तरह फोकस होकर खेलना।’ अब भी वह बात मेरे दिमाग में रहती है। आईपीएल खेलना चाहेंगे? बिल्कुल, हर क्रिकेटर आईपीएल खेलना चाहता है। अगर भविष्य में मौका मिला तो जरूर खेलना चाहूंगा। लेकिन फिलहाल मेरी प्राथमिकता आयरलैंड के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।
'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।
'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।
चार बार की चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया; ब्राजील ने आखिरी मिनट में जापान को हराया

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————–
चार बार का चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में हराया; आखिरी मिनट में मार्टिनेली के गोल से जीता ब्राजील

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप की जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नॉर्वे पहली बार आइवरी कोस्ट से भिड़ेगा, FIFA वर्ल्ड कप में आज 3 मुकाबले FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में आइवरी कोस्ट का सामना नॉर्वे से होगा। दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से 30 जून रात 10:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
ट्रम्प बोले- आज कतर में अमेरिका-ईरान की बातचीत होगी:अपने खास दूत विटकॉफ को भेजा; तेहरान ने बातचीत से इनकार किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने काम के नजरिए और करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि कहानी में क्या खास लगा, राजकुमार हिरानी के साथ काम करना क्यों आसान और मजेदार है और क्यों उनके लिए अच्छी स्क्रिप्ट के साथ अच्छा माहौल भी जरूरी है। उन्होंने गोवा शूट के किस्से, एक्टिंग प्रोसेस और सफलता की सोच भी साझा की। सवाल: जब आपने ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत तैयार कर दिया? जवाब: सबसे पहले इसका विषय मुझे महत्वपूर्ण लगा। साइबर क्राइम आज का बड़ा मुद्दा है और इसके बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं थी। मुझे राजू ( राजकुमार हिरानी) की कहानी कहने की शैली पसंद है। उनके किरदार मानवीय होते हैं। ‘पेड्रो’ का किरदार बहुत प्यारा लगा, जिसमें ह्यूमर, खुशी और भावनाएं हैं। यह कहानी बाहर से आसान लगती है, लेकिन अंदर कई परतें हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: राजकुमार हिरानी के साथ काम करने में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है? जवाब:दो बातें हैं। पहली प्रोफेशनल और दूसरी पर्सनल। प्रोफेशनल तौर पर उन्हें स्क्रिप्ट की शानदार समझ है और वे हर सीन को बेहतर बनाते हैं। उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पर्सनल तौर पर उनके साथ काम करना मजेदार होता है। सेट पर बातचीत और हंसी-मजाक का अच्छा माहौल रहता है। लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा पल जो हमेशा याद रहेगा? जवाब: इस बार मैंने राजू से ऐसा काम करवाया जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होगा। मेरे पास एक खुला पिकअप ट्रक है। हम दोनों पीछे बैठकर गोवा घूमने गए, जैसे कॉलेज के दिनों की मस्ती हो। गोवा में हमने टीनएजर वाली हरकतें कीं। वह अनुभव बहुत मजेदार था और आज भी याद रहेगा। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि करियर आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रहा? जवाब: हर इंसान की जिंदगी में ऐसा समय आता है। कुछ काम दिल से होते हैं और कुछ जिम्मेदारियों की वजह से करने पड़ते हैं। लेकिन समय के साथ मैंने सीखा कि मेरे लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना ज्यादा जरूरी है। अगर माहौल अच्छा हो तो काम का अनुभव बेहतर होता है। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जहां बेवजह का तनाव न हो। सवाल: एक एक्टर के तौर पर आप किसी प्रोजेक्ट में कितना इन्वॉल्व रहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं है। अगर आपके पास कोई आइडिया है या सीन को बेहतर बनाने की सोच है, तो उसे टीम के साथ साझा करना चाहिए। मुझे लगता है जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, उतना बेहतर काम निकलेगा। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो लोगों की कहानी है जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उनके बीच एक रिश्ता बनता है और वे एक-दूसरे की जिंदगी बदल देते हैं। इस कहानी में दोस्ती, इमोशन और हंसी है। इसमें ऐसे पल हैं जो दर्शकों को छू जाएंगे। लोगों को यह सफर पसंद आएगा। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने काम के नजरिए और करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि कहानी में क्या खास लगा, राजकुमार हिरानी के साथ काम करना क्यों आसान और मजेदार है और क्यों उनके लिए अच्छी स्क्रिप्ट के साथ अच्छा माहौल भी जरूरी है। उन्होंने गोवा शूट के किस्से, एक्टिंग प्रोसेस और सफलता की सोच भी साझा की। सवाल: जब आपने ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत तैयार कर दिया? जवाब: सबसे पहले इसका विषय मुझे महत्वपूर्ण लगा। साइबर क्राइम आज का बड़ा मुद्दा है और इसके बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं थी। मुझे राजू ( राजकुमार हिरानी) की कहानी कहने की शैली पसंद है। उनके किरदार मानवीय होते हैं। ‘पेड्रो’ का किरदार बहुत प्यारा लगा, जिसमें ह्यूमर, खुशी और भावनाएं हैं। यह कहानी बाहर से आसान लगती है, लेकिन अंदर कई परतें हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: राजकुमार हिरानी के साथ काम करने में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है? जवाब:दो बातें हैं। पहली प्रोफेशनल और दूसरी पर्सनल। प्रोफेशनल तौर पर उन्हें स्क्रिप्ट की शानदार समझ है और वे हर सीन को बेहतर बनाते हैं। उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पर्सनल तौर पर उनके साथ काम करना मजेदार होता है। सेट पर बातचीत और हंसी-मजाक का अच्छा माहौल रहता है। लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा पल जो हमेशा याद रहेगा? जवाब: इस बार मैंने राजू से ऐसा काम करवाया जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होगा। मेरे पास एक खुला पिकअप ट्रक है। हम दोनों पीछे बैठकर गोवा घूमने गए, जैसे कॉलेज के दिनों की मस्ती हो। गोवा में हमने टीनएजर वाली हरकतें कीं। वह अनुभव बहुत मजेदार था और आज भी याद रहेगा। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि करियर आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रहा? जवाब: हर इंसान की जिंदगी में ऐसा समय आता है। कुछ काम दिल से होते हैं और कुछ जिम्मेदारियों की वजह से करने पड़ते हैं। लेकिन समय के साथ मैंने सीखा कि मेरे लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना ज्यादा जरूरी है। अगर माहौल अच्छा हो तो काम का अनुभव बेहतर होता है। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जहां बेवजह का तनाव न हो। सवाल: एक एक्टर के तौर पर आप किसी प्रोजेक्ट में कितना इन्वॉल्व रहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं है। अगर आपके पास कोई आइडिया है या सीन को बेहतर बनाने की सोच है, तो उसे टीम के साथ साझा करना चाहिए। मुझे लगता है जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, उतना बेहतर काम निकलेगा। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो लोगों की कहानी है जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उनके बीच एक रिश्ता बनता है और वे एक-दूसरे की जिंदगी बदल देते हैं। इस कहानी में दोस्ती, इमोशन और हंसी है। इसमें ऐसे पल हैं जो दर्शकों को छू जाएंगे। लोगों को यह सफर पसंद आएगा। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
'कोमा से बाहर आया तो परिवार को नहीं पहचान पाया':रोहतक में रेसलर को केमिस्ट ने गलत इंजेक्शन लगाया, बोला- ओलिंपिक खेलने का सपना था

मेरा सपना ओलिंपिक में देश के लिए खेलने और मेडल जीतने का था, लेकिन एक गलत इंजेक्शन ने सब कुछ बदल दिया। कोमा से बाहर आया तो अपने परिवार तक को नहीं पहचान पाया। अब नेशनल भी नहीं खेल पाऊंगा। यह कहना है राजस्थान के सीकर निवासी नेशनल रेसलिंग खिलाड़ी विजय कुमार लांबा का। विजय का आरोप है कि रोहतक में हल्का बुखार होने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े और चार दिन तक कोमा में रहे। अब तबीयत में कुछ सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान देकर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… हल्का बुखार हुआ तो मेडिकल स्टोर पहुंचे राजस्थान के सीकर जिले के नीमका थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार लांबा रोहतक के गुरु मेहर सिंह अखाड़े में प्रैक्टिस करते हैं। विजय के अनुसार, 11 मार्च को उन्हें हल्का बुखार हुआ, जिसके बाद वह देव कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक सोनू गुज्जर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगा दिया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ गई। इंजेक्शन लगते ही बेहोश होकर गिर पड़े विजय का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनका एक दांत टूट गया और कंधे में भी चोट आई। साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां वह चार दिन तक कोमा में रहे। होश आने पर वह किसी को पहचान नहीं पा रहे थे। 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहे, अब भी आते हैं दौरे विजय के साथियों ने घटना की सूचना उनके परिवार को दी। वह करीब 15 दिन तक एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे। इस दौरान वह अपने परिवार के सदस्यों तक को नहीं पहचान पा रहे थे। बाद में उन्हें दौरे आने लगे। दवाइयों से उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ है और अब वह परिवार के कुछ लोगों को पहचानने लगे हैं, लेकिन अभी भी उन्हें दौरे पड़ रहे हैं। डॉक्टर ने बताया- ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन विजय का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें Atracurium नाम का इंजेक्शन लगाया था। बाद में जब उन्होंने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि यह मांसपेशियों को शिथिल करने वाली दवा है। इसका उपयोग ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया के साथ या आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों की मांसपेशियों को आराम देने के लिए किया जाता है। चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं विजय विजय ने बताया कि वह राजस्थान के स्टेट चैंपियन हैं और चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वह कई बार नेशनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। हाल ही में उनका चयन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हुआ था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण अब वह उसमें भाग नहीं ले सकेंगे। कुछ दिन बाद होने वाली नेशनल प्रतियोगिता भी उनसे छूट सकती है। ‘ओलिंपिक का सपना टूटता नजर आ रहा’ विजय का कहना है कि उनका सपना ओलिंपिक में देश के लिए पदक जीतने का है, लेकिन गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद वह अपना खेल जारी नहीं रख पा रहे हैं। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक की लापरवाही ने उनके करियर को संकट में डाल दिया है। अब पुलिस को दिए बयान विजय ने बताया कि घटना के बाद पीजीआई थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस समय उनकी हालत ठीक नहीं थी, इसलिए बयान दर्ज नहीं हो सके। अब स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान दर्ज कराए हैं और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। SHO बोले- 15 मार्च को केस दर्ज किया था PGI थाना SHO नवीन ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ लापरवाही की शिकायत मिलने पर 15 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। अब पीड़ित के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।







