Saturday, 26 Sep 2026 | 12:01 AM

Trending :

EXCLUSIVE

टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।

समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-

समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-

स्पोर्ट्स अपडेट्स:बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया; न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट उनका आखिरी मैच होगा

स्पोर्ट्स अपडेट्स:बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया; न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट उनका आखिरी मैच होगा

इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी तीसरा टेस्ट उनके 15 साल के करियर का आखिरी मुकाबला होगा। 35 वर्षीय स्टोक्स ने रविवार को मैच शुरू होने से पहले टीम को इसकी जानकारी दी। स्टॉक्स ने इंग्लैंड के लिए कई यादगार जीत दर्ज कीं। उन्होंने 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में नाबाद 84 रन बनाए। एशेज टेस्ट 2019 में उन्होंने नाबाद 135 रन की पारी खेल ऑस्ट्रेलिया को 1 विकेट से जीत दिलाई थी। उन्होंने 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 मैच खेले।

आलिया की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 3 जुलाई को होगी रिलीज:बोलीं- ‘अल्फा’ ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी, इसका हर पल पसंद आया

आलिया की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 3 जुलाई को होगी रिलीज:बोलीं- ‘अल्फा’ ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी, इसका हर पल पसंद आया

यशराज फिल्म्स की अगली एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में हैं। आलिया ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही। आलिया ने कहा,‘अल्फा की शूटिंग करते हुए मैंने बहुत अच्छा समय बिताया। यह किसी फिल्म के सेट पर मेरे सबसे मजेदार अनुभवों में से एक था। एक्शन, और रोमांच से भरी इस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए नया अनुभव था। इस फिल्म ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी और मुझे इसका हर पल पसंद आया।’ उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसकी कहानी दो महिला किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके मुताबिक‘मुझे सबसे ज्यादा यह पसंद आया कि पूरी एक्शन कहानी को दो महिलाएं आगे बढ़ा रही हैं। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। ‘अल्फा’ लिंग से परे जाकर एक सोच और एटीट्यूड का जश्न मनाने वाली फिल्म है।’ आलिया ने फिल्म की टीम की सराहना करते हुए यह भी कहा कि निर्देशक, कलाकार, एक्शन टीम और पूरे क्रू के बीच फिल्म को लेकर उत्साह था। मैं हर दिन सेट पर जाने का इंतजार करती थीं और शूटिंग के हर पल का आनंद लिया। बता दें कि इस फिल्म का निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। वहीं फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जिन्हें वेब सीरीज ‘द रेलवे मेन’ के लिए भी जाना जाता है। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी।

रावण की लंका और अशोक वाटिका अब कैसी दिखती है:एक्टर प्रदीप काबरा ने श्रीलंका से शेयर कीं रामायण से जुड़े स्थलों की झलकियां

रावण की लंका और अशोक वाटिका अब कैसी दिखती है:एक्टर प्रदीप काबरा ने श्रीलंका से शेयर कीं रामायण से जुड़े स्थलों की झलकियां

एक्टर प्रदीप काबरा हाल ही में श्रीलंका यात्रा पर गए, जहां उन्होंने ‘रामायण’ से जुड़े बताए जाने वाले स्थलों की झलकियां शेयर कीं। उन्होंने रावण की लंका, अशोक वाटिका, रावण की गुफा, सिंहासन और उन स्थानों को दिखाया, जिन्हें स्थानीय परंपराओं और संग्रहालय में मौजूद जानकारी के आधार पर रामायण से जोड़ा जाता है। प्रदीप ने बताया कि श्रीलंका में कई स्थानों के नाम रावण से जुड़े हुए हैं। उन्होंने ‘रावण फॉल’ भी दिखाया और वहां नहाते हुए नजर आए। इसके बाद उन्होंने एला स्थित रावण की गुफा की झलक दिखाई। प्रदीप के मुताबिक, संग्रहालय में रखे गए प्रमाणों के अनुसार इसी क्षेत्र की एक गुफा में रावण ने माता सीता को छिपाकर रखा था। उन्होंने इसे दुर्गम स्थान बताते हुए कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं है। प्रदीप ने अशोक वाटिका भी दिखाई और उस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की। उन्होंने वह पेड़ भी दिखाया, जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वह स्थान माना जाता है, जहां माता सीता बैठती थीं और जहां हनुमान जी उनसे मिले थे। वीडियो में प्रदीप ने उस स्थान की भी झलक शेयर की, जिसे रावण की लंका के अवशेष बताया जाता है। उन्होंने वह जगह दिखाई, जहां स्थानीय मान्यताओं के अनुसार रावण का सिंहासन और महल हुआ करता था। वाल्मीकि रामायण में लंका का उल्लेख त्रिकूट पर्वतमाला पर स्थित स्वर्ण नगरी के रूप में मिलता है, हालांकि इन स्थलों के ऐतिहासिक और पुरातात्विक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदीप काबरा कई फिल्मों में नजर आए हैं प्रदीप काबरा के करियर की बात करें तो उन्होंने ‘रन’ से फिल्मों में शुरुआत की थी। वह ‘वॉन्टेड’, ‘बैंग बैंग’, ‘दिलवाले’, ‘सिंबा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘सीआईडी’, ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे टीवी शो में भी नजर आ चुके हैं। बता दें कि प्रदीप काबरा एक्टिंग के अलावा इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी काफी एक्टिव हैं। वह इन प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ एक्टिंग से जुड़े वीडियो ही नहीं, बल्कि ट्रैवल, धार्मिक यात्राएं, शूटिंग के अनुभव, निजी जिंदगी की झलक और व्लॉग भी शेयर करते हैं। यूट्यूब पर उनके करीब 73.4 हजार सब्सक्राइबर और 261 वीडियो हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनके 4 लाख 57 हजार फॉलोअर्स हैं। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शाहरुख के धक्का देने के बाद क्यों मुस्कुराती रहीं शिल्पा: 32 साल बाद एक्ट्रेस ने पहली बार बताई ‘बाजीगर’ के सीन के पीछे की कहानी शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर का एक सीन आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। फिल्म में शाहरुख का किरदार शिल्पा के किरदार को छत से धक्का देता है। खास बात यह है कि नीचे गिरते वक्त शिल्पा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। अब इस आइकॉनिक सीन के पीछे की कहानी शिल्पा शेट्टी ने करीब 32 साल बाद पहली बार शेयर की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

रावण की लंका और अशोक वाटिका अब कैसी दिखती है:एक्टर प्रदीप काबरा ने श्रीलंका से शेयर कीं रामायण से जुड़े स्थलों की झलकियां

रावण की लंका और अशोक वाटिका अब कैसी दिखती है:एक्टर प्रदीप काबरा ने श्रीलंका से शेयर कीं रामायण से जुड़े स्थलों की झलकियां

एक्टर प्रदीप काबरा हाल ही में श्रीलंका यात्रा पर गए, जहां उन्होंने ‘रामायण’ से जुड़े बताए जाने वाले स्थलों की झलकियां शेयर कीं। उन्होंने रावण की लंका, अशोक वाटिका, रावण की गुफा, सिंहासन और उन स्थानों को दिखाया, जिन्हें स्थानीय परंपराओं और संग्रहालय में मौजूद जानकारी के आधार पर रामायण से जोड़ा जाता है। प्रदीप ने बताया कि श्रीलंका में कई स्थानों के नाम रावण से जुड़े हुए हैं। उन्होंने ‘रावण फॉल’ भी दिखाया और वहां नहाते हुए नजर आए। इसके बाद उन्होंने एला स्थित रावण की गुफा की झलक दिखाई। प्रदीप के मुताबिक, संग्रहालय में रखे गए प्रमाणों के अनुसार इसी क्षेत्र की एक गुफा में रावण ने माता सीता को छिपाकर रखा था। उन्होंने इसे दुर्गम स्थान बताते हुए कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं है। प्रदीप ने अशोक वाटिका भी दिखाई और उस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की। उन्होंने वह पेड़ भी दिखाया, जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वह स्थान माना जाता है, जहां माता सीता बैठती थीं और जहां हनुमान जी उनसे मिले थे। वीडियो में प्रदीप ने उस स्थान की भी झलक शेयर की, जिसे रावण की लंका के अवशेष बताया जाता है। उन्होंने वह जगह दिखाई, जहां स्थानीय मान्यताओं के अनुसार रावण का सिंहासन और महल हुआ करता था। वाल्मीकि रामायण में लंका का उल्लेख त्रिकूट पर्वतमाला पर स्थित स्वर्ण नगरी के रूप में मिलता है, हालांकि इन स्थलों के ऐतिहासिक और पुरातात्विक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदीप काबरा कई फिल्मों में नजर आए हैं प्रदीप काबरा के करियर की बात करें तो उन्होंने ‘रन’ से फिल्मों में शुरुआत की थी। वह ‘वॉन्टेड’, ‘बैंग बैंग’, ‘दिलवाले’, ‘सिंबा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘सीआईडी’, ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे टीवी शो में भी नजर आ चुके हैं। बता दें कि प्रदीप काबरा एक्टिंग के अलावा इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी काफी एक्टिव हैं। वह इन प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ एक्टिंग से जुड़े वीडियो ही नहीं, बल्कि ट्रैवल, धार्मिक यात्राएं, शूटिंग के अनुभव, निजी जिंदगी की झलक और व्लॉग भी शेयर करते हैं। यूट्यूब पर उनके करीब 73.4 हजार सब्सक्राइबर और 261 वीडियो हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनके 4 लाख 57 हजार फॉलोअर्स हैं। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शाहरुख के धक्का देने के बाद क्यों मुस्कुराती रहीं शिल्पा: 32 साल बाद एक्ट्रेस ने पहली बार बताई ‘बाजीगर’ के सीन के पीछे की कहानी शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर का एक सीन आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। फिल्म में शाहरुख का किरदार शिल्पा के किरदार को छत से धक्का देता है। खास बात यह है कि नीचे गिरते वक्त शिल्पा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। अब इस आइकॉनिक सीन के पीछे की कहानी शिल्पा शेट्टी ने करीब 32 साल बाद पहली बार शेयर की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार:लस्सी-छाछ से को​ल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में हुई चौगुनी ग्रोथ

बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार:लस्सी-छाछ से को​ल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में हुई चौगुनी ग्रोथ

इस साल की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने देश के 1.1 लाख करोड़ रु. के सॉफ्ट ड्रिंक्स के बाजार का गणित बदल दिया है। किराना दुकानों के फ्रिज और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कोल्ड ड्रिंक्स के साथ छाछ, लस्सी और प्रोबायोटिक ड्रिंक्स जगह बना रहे हैं। यह बदलाव खासकर युवा उपभोक्ताओं और शहरी घरों में दिख रहा है, जो कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के बजाय हेल्थ और प्रोटीन-बेस्ड डेयरी बेवरेजेज को तरजीह दे रहे हैं। मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्ट जयतीर्थ चारी के मुताबिक, इस सीजन लस्सी और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स ने 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ही डबल-डिजिट की वृद्धि देख रहे हैं। हेरिटेज फूड्स के सीईओ श्रीदीप केसवन कहते हैं कि कंपनी के रेवेन्यू में डेयरी बेवरेजेज का योगदान तीन साल में दोगुना हो चुका है। वहीं, पराग मिल्क फूड्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षाली शाह ने बताया कि भारत की पैकेज्ड फूड और बेवरेज इंडस्ट्री 9.51 लाख करोड़ की है, जो 2030 तक 14.27 लाख करोड़ रु. की होगी। डेयरी ड्रिंक्स मार्केट 2031 तक 4.23 लाख करोड़ रु. तक पहुंचने का अनुमान है। इसीलिए कंपनी प्रोटीन, हेल्थ, वेलनेस जैसे प्रोडक्ट पर फोकस कर रही हैं। पराग के इस बिजनेस में सालाना आधार पर 109% की ग्रोथ हुई। इसी कंज्यूमर शिफ्ट को देखते हुए हमने अवतार प्रोटीन कोल्ड कॉफी लॉन्च की। 15 ग्राम प्रोटीन का पैक सुविधा और न्यूट्रिशन को साथ लाने के लिए डिजाइन किया है। मदर डेयरी प्रोबायोटिक छाछ, पुदीना छाछ जैसे नए वैरिएंट्स ~10 के एंट्री प्राइस पर ला रही है। एफएमसीजी कंपनियों के लिए नया ‘ग्रोथ इंजन’ नेस्ले, एचयूएल, टाटा कंज्यूमर और डाबर जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के लिए अब केचप, मेयोनीज के मुकाबले पीने के प्रोडक्ट्स (बेवरेजेज) सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवर बन गए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर: कॉफी और हॉर्लिक्स-बूस्ट सेगमेंट में मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई। टाटा कंज्यूमर: रेडी-टू-ड्रिंक पोर्टफोलियो में 23% का उछाल आया। डाबर: नारियल पानी का बिजनेस दोगुना हुआ और रियल जूस में 26% की ग्रोथ रही। पेप्सिको (वरुण बेवरेजेज): मार्च तिमाही की कुल वॉल्यूम सेल में लगभग 63% हिस्सा ‘लो-शुगर’ और ‘नो-शुगर’ प्रोडक्ट्स का रहा। लस्सी-छाछ की बिक्री बढ़ने की वजह टैक्स अंतर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर 40% तो, डेयरी बेवरेजेज पर 5% जीएसटी है। इस 35% के अंतर के कारण डेयरी कंपनियां ₹10 रु. के भी प्रोडक्ट बेच पा रही हैं। हेल्थ और न्यूट्रिशन कोविड के बाद उपभोक्ता स्वाद के साथ सेहत चाहते हैं। लस्सी-छाछ प्रोबायोटिक और लो-शुगर होने के कारण ‘हेल्दी अल्टरनेटिव’ हैं। मॉडर्न-ट्रेडिशनल हाइजेनिक पैकेजिंग के साथ कोकम, जलजीरा, आम पना और छाछ जैसे पेयों की बाजार में री-एंट्री हुई है। मार्केट ट्रेंड: कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बनाम देसी बेवरेज कैटेगरी- मार्केट- प्रोजेक्टेड- सालाना ग्रोथ सॉफ्ट ड्रिंक्स-111.81-168.13- 4.64% लस्सी – 5.60 – 24.57 -16.96% छाछ – 19.33- 101.18- 18.16% (स्रोत: आईएमएआरसी। मार्केट साइज हजार करोड़ रुपए में)

तालियों से नहीं, विश्वसनीयता से तय होती है आपकी कीमत:जो अपनी भूल मानने को तैयार नहीं, वह सच तक नहीं पहुंच सकता

तालियों से नहीं, विश्वसनीयता से तय होती है आपकी कीमत:जो अपनी भूल मानने को तैयार नहीं, वह सच तक नहीं पहुंच सकता

किसी भी पेशे में और खास तौर पर लेखन तथा कला के क्षेत्र में अहम चीज इंटेग्रिटी है। टैलेंट से भी ज्यादा क्योंकि प्रतिभा आपको पहचान दिला सकती है, लेकिन असली पहचान इस बात से बनती है कि आप अपने काम और अपने आप से कितने ईमानदार हैं। इंटेग्रिटी का मतलब सिर्फ सच बोलना नहीं है, बल्कि अपने विश्वासों और अपने व्यवहार के बीच कोई फासला न होने देना है। जो बात आप दूसरों से कहते हैं, वही बात अपने लिए भी लागू करना- यही इंटेग्रिटी है। इसका मतलब है विचारों, संवेदना, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के प्रति सच्चा होना। कलाकार का पहला फर्ज यह नहीं है कि वह लोगों को वही दे जो वे सुनना चाहते हैं; उसका पहला फर्ज है कि वो कहे जिसे वह सच मानता है। इंसान की अपनी सीमाएं, कमजोंरियां हो सकती हैं, वह गलतियां भी कर सकता है; लेकिन अगर उसमें ईमानदारी है तो अपनी गलतियों को पहचान लेगा और उनसे सीख लेगा। परफेक्शन एक भ्रम है, लेकिन ईमानदारी वह चीज है जो आपको जिंदा और प्रासंगिक बनाए रखती है। इंटेग्रिटी का मतलब जिद नहीं, बल्कि सत्य के प्रति निष्ठा है। विनम्रता और आत्म-परीक्षण भी इसका हिस्सा हैं। जब मैंने पहली बार फिल्म ‘लगान’ की कहानी सुनी थी, तो मुझे लगा था कि यह फिल्म शायद नहीं चलेगी। बाद में वही फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी गई। मुझे अपनी उस राय को गलत मानने में कोई झिझक नहीं हुई। अपनी गलती स्वीकार करने का साहस भी बौद्धिक ईमानदारी में शामिल है। जो आदमी अपनी भूल मानने को तैयार नहीं, वह सच तक नहीं पहुंच सकता। आज भी मुझे कभी यह भ्रम नहीं होता कि मैं दुनिया के बाकी लोगों से ज्यादा योग्य हूं। अपने बारे में झूठे भ्रम पाल लेना भी एक तरह की बेईमानी है। कला में ईमानदारी का एक और अर्थ है- अपने विश्वास और सांस्कृतिक पहचान के प्रति निष्ठा। मुझे कभी-कभी यह देखकर अफसोस होता है कि कुछ फिल्मकार समाज, तहजीब और सांस्कृतिक विरासत से कटते जा रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें अपनी ही परंपराओं से संकोच होने लगा है। मेरे खयाल में किसी कलाकार की पहली जिम्मेदारी यह है कि वह अपनी सच्चाई के प्रति ईमानदार रहे। केवल ज्यादा आधुनिक या अंतरराष्ट्रीय दिखाई देने के लिए अपनी जड़ों से दूरी बना लेना मुझे कलात्मक ईमानदारी के खिलाफ लगता है। मुझे हमेशा यह लगा है कि महान सिनेमा की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती, उसकी अपनी एक सच्चाई होती है। आप अकिरा कुरोसावा, इंगमार बर्गमैन, फेदेरिको फेलिनी को देख लीजिए, या फिर सत्यजित राय को। इन सबकी फिल्मों की भाषा, संस्कृति और परिवेश अलग हैं, लेकिन एक चीज साझा है- अपने अनुभव और अपनी दृष्टि के प्रति अटूट ईमानदारी। सत्यजित राय की फिल्मों में मुझे यही ईमानदारी दिखाई देती है। उन्होंने कभी दर्शकों पर प्रभाव डालने के लिए कृत्रिम भावुकता का सहारा नहीं लिया। उनके पात्र ज़िंदगी से आते हैं और ज़िंदगी की तरह ही हमारे सामने उपस्थित होते हैं। दिलचस्प है जितनी ईमानदारी से वे स्थानीय रहे, उतने ही वैश्विक, ग्लोबल हो गए। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर पूरा भरोसा था। उन्होंने बंगाल की मिट्टी, वहां के लोगों और दुनिया को पूरी सच्चाई के साथ दिखाया। सत्तर के दशक में स्क्रिप्ट पर काम करते हुए सलीम साहब और मेरी हमेशा यही कोशिश रही कि कहानी के साथ बेईमानी न हो। इंटेग्रिटी केवल व्यक्तिगत गुण नहीं; यह संस्थागत और पेशेवर नैतिकता का भी प्रश्न है। ‘दीवार’ में विजय को हमने संत नहीं बनाया, क्योंकि वह था नहीं। ‘शक्ति’ में हमने किसी एक पात्र को पूरी तरह सही और दूसरे को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया, क्योंकि ज़िंदगी इतनी सरल नहीं होती। ‘जंजीर’ में हमने जानबूझकर कथा को कसा हुआ रखा। उस दौर में हर फिल्म में एक्स्ट्रा गीत, हास्य और रोमांस जोड़ने का दबाव था, लेकिन अगर हर दृश्य केवल दर्शकों को खुश करने के लिए लिखा जाए, तो कहानी की रीढ़ टूट जाती है। मेरे लिए फिल्म अच्छी है या बुरी, यह अलग बहस है। असली सवाल यह है कि क्या फिल्मकार को अपनी बनाई हुई फिल्म पर खुद यकीन है। मेरा मानना है कि हर कलाकार को वही काम करना चाहिए जिस पर उसका दिल और दिमाग दोनों राजी हों। लोकप्रियता और सच्चाई के बीच चुनाव का क्षण ही कलाकार की असली परीक्षा है। आसान रास्ता चुनकर शायद आप सफलता हासिल कर लें, लेकिन अगर उस सफलता की कीमत आपकी रचनात्मक ईमानदारी है तो वह सौदा बहुत महंगा है। और सबसे बड़ी बेईमानी तब होती है जब आप ऐसी चीज बनाने लगते हैं जिस पर आपका अपना विश्वास ही नहीं है। महान कला और सिनेमा को ईमानदारी से अपने समय, समाज और अनुभव को व्यक्त करना चाहिए, न कि केवल दर्शकों को खुश करने के लिए बनाया जाना चाहिए। सिनेमा अंतत: समाज से निकलता है और समाज के मनोभावों को प्रतिबिंबित करता है। यही वजह है कि कुरोसावा की जापान में बनी हुई फिल्म हमें भारत में भी छूती है, और राय की बंगाल में बनी हुई फिल्म दुनिया के दूसरे छोर पर बैठे दर्शक को भी अपनी लगती है। स्थानीय होने और सार्वभौमिक होने के बीच कोई विरोध नहीं है। सच्चाई से कही गई स्थानीय कहानी ही अंततः सार्वभौमिक बनती है। दक्षिण भारतीय सिनेमा की सफलता का कारण भी उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव बताया है। मेरे खयाल में कलाकार की असली इंटेग्रिटी इसी में है कि वह अपनी मिट्टी से जुड़ा रहे और अपनी सच्चाई पर भरोसा रखे। जो कलाकार अपनी पहचान से भागता है, वह अक्सर दुनिया तक भी नहीं पहुंच पाता। लेकिन जो अपनी सच्चाई के साथ खड़ा रहता है, उसकी आवाज सीमाओं और भाषाओं से बहुत आगे तक सुनाई देती है। आज की समस्या यह नहीं है कि हमारे फिल्मकार अंतरराष्ट्रीय सिनेमा देखते हैं। समस्या तब पैदा होती है जब वे उससे सीखने के बजाय उसकी नकल करने लगते हैं। प्रभाव लेना और बात है, अपनी पहचान खो देना दूसरी बात। मेरा मानना है कि दुनिया की खिड़कियां खुली रखिए, लेकिन अपने घर की नींव को मत उखाड़िए। यदि आप हर समय सबको खुश करने की कोशिश करेंगे, तो अंततः अपने आप

सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है। मोदी आज राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड और समुद्री निगरानी समेत कई समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं। मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मोदी शनिवार को तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। दोनों नेताओं ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और यादगार के तौर पर एक पौधा लगाया। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 5 तस्वीरें… सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए… सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी। पहली बार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे। सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं। रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था। सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है। दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था। वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है। मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।