Saturday, 26 Sep 2026 | 04:48 AM

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गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध… आपके बच्चे की सेहत के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध... आपके बच्चे की सेहत के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

गाय का दूध बनाम भैंस का दूध स्वास्थ्य लाभ: हर माता-पिता अपने बच्चे के संपूर्ण विकास और स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद रहते हैं। जब बच्चों के पोषण की बात आती है, तो आहार में ‘दूध’ सबसे जरूरी माना जाता है। लेकिन अक्सर घर में यह नापसंद होती है कि बच्चे के लिए गाय का दूध बड़ी मछली है या बफ़ेलो का? तो जानें कि आपके बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन है। बच्चों के लिए गाय का दूध भेजना सबसे पहली पसंद है। इसके कई खास कारण हैं। बफ़ेलो का दूध अपने गाढ़ेपन और उच्च पोषक तत्व के लिए जाना जाता है। बच्चे के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन है? सच तो यह है कि दोनों ही दूध अपने-अपने गुण के कारण ‘सुपरफूड’ हैं। सही चुनाव पूरी तरह से आपके बच्चे की उम्र और शारीरिक शारीरिक आवश्यकता पर अस्वीकृत है। बच्चों को दूध पिलाने का सही तरीका दूध का छिलका कोई भी हो, अगर उसे सही तरीकों से न पिलाया जाए, तो उसका पूरा फायदा शरीर को नहीं मिलता। हर बच्चे का शरीर अलग होता है। अगर दूध पीने के बाद बच्चे को पेट में दर्द, उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो यह अल्कोहल असहिष्णुता का संकेत हो सकता है। ऐसे में किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक

द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक

दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल का होंगडे इलाका कैफे के घने जंगलों के लिए मशहूर है। लेकिन इन दिनों यहां की हवाओं में सिर्फ कॉफी की महक नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की के-पॉप इंडस्ट्री की आर्थिक ताकत भी तैर रही है। यहां हर कुछ कदमों पर कैफे के बाहर किसी न किसी खूबसूरत स्टार के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर्स दिख जाएंगे। मोबाइल थामे युवाओं की भारी भीड़ इन दुकानों के चक्कर काट रही है। यह दक्षिण कोरिया का तेजी से बढ़ता ‘बर्थडे कैफे’ कल्चर है, जो अब एक बेहद सफल और संगठित बिजनेस मॉडल का रूप ले चुका है। बर्थडे कैफे का पूरा ढांचा ‘फैन-क्रिएटेड और फैन-फंडेड’ इकोनॉमी पर टिका है। स्टार्स के जन्मदिन से महीनों पहले, फैन क्लब खुद आपस में पैसे जुटाते हैं और इवेंट प्लानर की भूमिका में आ जाते हैं। वे कैफे मालिकों से संपर्क कर कुछ दिनों के लिए पूरा कैफे किराए पर लेते हैं या उनके साथ पार्टनरशिप करते हैं। इसके बाद कैफे को पूरी तरह उस स्टार की तस्वीरों, गुब्बारों और थीम आधारित मर्चेंडाइज से सजा दिया जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कैफे मालिकों के लिए यह ‘जीरो-इन्वेस्टमेंट और हाई-प्रॉफिट’ यानी शून्य निवेश और तगड़े मुनाफे का सौदा है। सजावट और मर्चेंडाइज का पूरा खर्च फैंस उठाते हैं, जबकि कैफे मालिक सिर्फ कॉफी और डेजर्ट बेचते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इन इवेंट्स के दौरान कैफे की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ‘कैफे ईयू’की मालकिन यू जी-ह्ये बताती हैं कि पीक सीजन में यहां पैर रखने की जगह नहीं होती। ग्राहक आकर्षित करने के लिए एक अनोखा मार्केटिंग टूल ‘कप स्लीव्स’ और “फोटो कार्ड्स’ अपनाया जाता है। जब कोई फैन ड्रिंक खरीदता है, तो उसे स्टार की तस्वीर वाला कस्टमाइज्ड कप होल्डर और स्टिकर्स मुफ्त मिलते हैं। इस बिजनेस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इसका दायरा के-पॉप से बाहर निकलकर कोरियन एक्टर्स, फुटबॉल-बेसबॉल खिलाड़ियों तक फैल चुका है। यहां तक कि धार्मिक संस्थाएं भी इसे अपना रही हैं। सोल के योनह्वासा मंदिर के पास बुद्ध पूर्णिमा पर ‘हैप्पी बुद्धा डे’ थीम वाला बर्थडे कैफे खोला गया, जहां युवाओं को ‘लोटस लाते’ के साथ बुद्ध के फोटो कार्ड दिए गए। ग्लोबल फैंस आकर 8 से 10 अलग-अलग कैफे जा रहे, होटल, परिवहन को भी बूस्ट यह ट्रेंड दक्षिण कोरिया के टूरिज्म का ग्रोथ इंजन बन गया है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से लाखों के-पॉप प्रशंसक पसंदीदा आइडल का ‘बर्थडे वाइब’ महसूस करने सोल आते हैं। ये विदेशी पर्यटक सोल आकर बकायदा कैफे टूर प्लान करते हैं, जिसमें वे एक दिन में 8 से 10 अलग-अलग कैफे की यात्रा करते हैं। इससे कैफे इंडस्ट्री, स्थानीय होटलों, परिवहन और रिटेल मार्केट को भी बूस्ट मिल रहा है। इस नेटवर्क को संभालने के लिए अब बकायदा डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्स बन चुके हैं, जहां फैंस इवेंट की लिस्टिंग, मर्चेंडाइज की डिटेल और मैप देख सकते हैं।

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों की टारगेटिंग किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से 20 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चे मारे गए हैं और 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला।

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे। आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। हालांकि आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… संयुक्त राष्ट्र में इजराइली राजदूत ने UN अफसर को फटकारा:यौन हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट में इजराइल का नाम आने से नाराज थे संयुक्त राष्ट्र (UN) में 19 जून को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

स्टारबक्स को ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल पड़ा भारी:एआई की भूल से ताज़ा हुए जख्म; स्टारबक्स ने स्टोर बंद कर स्टाफ को दी ट्रेनिंग

स्टारबक्स को ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल पड़ा भारी:एआई की भूल से ताज़ा हुए जख्म; स्टारबक्स ने स्टोर बंद कर स्टाफ को दी ट्रेनिंग

दक्षिण कोरिया में कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को देश की संस्कृति और इतिहास की समझ सिखाना पड़ रहा है। कारण- अपनी संस्कृति और इतिहास को लेकर लोगों की जागरूकता। कॉफी आउटलेट चेन स्टारबक्स को पिछले महीने मार्केटिंग अभियान में ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। लोगों के ​विरोध की वजह से कंपनी को द. कोरिया में अपने 2,000 स्टोर्स को सोमवार को दोपहर बाद बंद कर 24 हजार शेफ समेत अन्य कर्मचारियों को संस्कृति, इतिहास की क्लास कराना पड़ी। द. कोरिया में स्टारबक्स के सभी स्टोर्स एक साथ बंद होने का यह पहला मामला भी है। क्या है ‘टैंक डे’ विवाद पिछले महीने स्टारबक्स कोरिया ने टंबलर (कॉफी मग का खास प्रकार) की नई सीरीज लॉन्च की। उसका नाम रखा- ‘टैंक डे’। इसकी शुरुआत पिछले महीने हुई, जो 1980 में 18 मई को द. कोरिया के ग्वांगजू में सैन्य तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र समर्थकों के प्रदर्शन हो रहे थे। तब क्रूर सैन्य शासन ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सड़कों पर ‘टैंक’ उतार दिए थे। इस नरसंहार में सैकड़ों लोग मारे गए थे। तब से कोरियाई लोगों के लिए ‘टैंक’ शब्द सामूहिक हत्या की स्मृति के गहरे दर्द से जुड़ा है। ऐसे में ‘टैंक डे’ शब्द का विज्ञापन में इस्तेमाल लोगों को पीड़ितों का क्रूर उपहास और गहरा अपमान लगा। विरोध की आग पूरे देश में फैल गई, तो स्टारबक्स कोरिया की पैरेंट कंपनी ‘शिनसेगाए ग्रुप’ ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू की। विज्ञापन हटाया, माफी मांगी और कंपनी के सीईओ ​को पद से हटा दिया। कंपनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि विज्ञापन अभियान के लिए नाम और स्लोगन तय करने के लिए कर्मचारियों ने एआई का इस्तेमाल किया और इस शब्द के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संदर्भों की पड़ताल नहीं की। पहले भी विवाद – समाज को समझने में असफलता द. कोरिया में स्टारबक्स के प्रीपेड ग्राहकों के 2,100 करोड़ रु. जमा थे। विज्ञापन विवाद के बाद अधिकांश ने पैसे वापस मांगे। पहले हफ्ते में कार्ड से भुगतान वाले 26% ग्राहक कम हुए। पूरे महीने में यह नुकसान 10% रहा। कोरिया में करीब तीन साल पहले स्पोर्ट्स ब्रांड नाइकी तब विवादों में आ गई थी, जब विज्ञापन में गलत नक्शा दिखाने का आरोप गला था। नाइकी ने विज्ञापन वापस लेने के साथ ही माफी मांगी। कुछ माह पहले बीएचसी चिकन ने विज्ञापन में ‘ग्वांगजू’ शब्द का गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया था। स्पष्ट है कि समाज काे न समझने का खमियाजा भुगतना पड़ता है।

संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग:लव एंड वॉर के सेट पर करंट लगने से वर्कर की मौत, एसोसिएशन बोला- 1 करोड़ मुआवजा दें

संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग:लव एंड वॉर के सेट पर करंट लगने से वर्कर की मौत, एसोसिएशन बोला- 1 करोड़ मुआवजा दें

संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म लव एंड वॉर सेट पर हुए हादसे के बाद विवादों में घिर चुकी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई फिल्मसिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में चल रही थी, जहां करंट लगने से 42 साल के कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव का निधन हो गया। हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शन ने 40 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी, हालांकि अब AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) ने संजय लीला भंसाली के खिलाफ शिकायत दर्ज कर एक्शन लेने की मांग करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की मांग की। इसकी जानकारी देते हुए एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पोस्ट पर है, ‘इस घटना ने फिल्म शूटिंग सेटों पर सुरक्षा उपायों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारों वाली इस मेगा बजट फिल्म के सेट पर भी अनिवार्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते एक कर्मचारी की दुखद मौत हो गई। यदि जरूरी सुरक्षा इंतजामों को सख्ती से लागू किया गया होता और उनका सही तरीके से पालन कराया गया होता, तो संभव है कि इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।’ संजय लीला भंसाली के सेट पर अब तक हुए 3 बड़े हादसे एसोसिएशन द्वारा दावा किया गया है कि ये इस तरह की घटना का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले देवदास की शूटिंग के समय कर्मचारी दीनदयाल यादव की मौत हुई, जबकि एक बुरी तरह घायल हुआ। इसके अलावा पद्मावत फिल्म की शूटिंग में 34 साल के मुकेश डाकिया का भी निधन हो चुका है। ये भी एसोसिएशन की मांग- सेट में हुआ शॉर्ट सर्किट, मौके पर हुई मौत 17 जून को संजय लीला भंसाली फिल्म सिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में शूटिंग कर रहे थे। सेट पर आलिया भट्ट के अलावा कई क्रू मेंबर्स भी मौजूद थे। इसी समय सेट में शॉर्ट सर्किट हुआ और करंट लगने से 42 साल के चंद्रधारी सिंह यादव वहीं गिर पड़े। वो पेशे से कारपेंटर थे। सेट पर मौजूद मेडिकल टीम की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सेट से लीक हो चुके हैं स्टारकास्ट के लुक, देखिए तस्वीरें-

मस्क की नेटवर्थ एक-हफ्ते में रिकॉर्ड ₹33.13 लाख करोड़ घटी:यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की कुल संपत्ति से ज्यादा; स्पेसएक्स का शेयर 16% गिरा

मस्क की नेटवर्थ एक-हफ्ते में रिकॉर्ड ₹33.13 लाख करोड़ घटी:यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की कुल संपत्ति से ज्यादा; स्पेसएक्स का शेयर 16% गिरा

दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के कुछ दिनों बाद ही इलॉन मस्क की नेटवर्थ में अब तक की रिकॉर्ड गिरावट आई है। उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई 16% की गिरावट की वजह से मस्क की नेटवर्थ सिर्फ एक हफ्ते में करीब 350 बिलियन डॉलर यानी 33.13 लाख करोड़ रुपए कम हो गई है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स के शेयरों में आई गिरावट के बाद इलॉन मस्क की संपत्ति 1.45 ट्रिलियन डॉलर से घटकर अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी 104.15 लाख करोड़ पर आ गई है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसका कुल साइज दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज की टोटल नेटवर्थ लगभग 285 बिलियन डॉलर यानी 26.98 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। इसी महीने बने थे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर इलॉन मस्क इसी महीने अपनी रॉकेट, सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी स्पेसएक्स की अमेरिकी बाजार में लिस्टिंग के बाद दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने थे। IPO के शुरुआती तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों के लगातार निवेश के चलते स्पेसएक्स के शेयर 67% तक उछल गए थे, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 1.8 ट्रिलियन डॉलर (170 लाख करोड़ रुपए) के पार पहुंच गई थी। 3 दिन में ₹87.84 लाख करोड़ मार्केट वैल्यू घटी शुरुआती तेजी के बाद स्पेसएक्स के स्टॉक में लगातार तीन सेशन में गिरावट देखी गई। इस बिकवाली से कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 928 बिलियन डॉलर यानी करीब 87.84 लाख करोड़ रुपए घट गई। कंपनी की कुल वैल्यूएशन भी अपने हाई लेवल 2.9 ट्रिलियन डॉलर से गिरकर अब सिर्फ 2 ट्रिलियन डॉलर यानी 189 लाख करोड़ रुपए के आस-पास आ गई है। मस्क के नाम पहले भी दर्ज है सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड इलॉन मस्क के लिए व्यक्तिगत संपत्ति का यह पहला बड़ा नुकसान नहीं है। इससे पहले साल 2022 में टेस्ला के शेयरों में आई गिरावट के दौरान उन्होंने लगभग 165 बिलियन डॉलर यानी 15.62 लाख करोड़ रुपए गंवाए थे। तब भी उनके नाम किसी व्यक्ति द्वारा गंवाई गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स में उनकी 38% हिस्सेदारी, टेस्ला में 11% हिस्सेदारी और अन्य स्टार्टअप्स में उनके मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। ₹1.89 लाख करोड़ के नए बॉन्ड लाने की घोषणा से शेयर गिरे पब्लिक कंपनी बनने के बाद सोमवार को स्पेसएक्स को अपने सबसे खराब कारोबारी दिन का सामना करना पड़ा, जब इसके शेयर 16.4% टूट गए। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपने AI एक्सपेंशन प्लान के लिए कम से कम 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.89 लाख करोड़ रुपए) जुटाने के उद्देश्य से पहली इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग की घोषणा की। एआई सेक्टर में भारी निवेश को लेकर बाजार में बढ़ी चिंता स्पेसएक्स के इस फंड जुटाने के प्रयास ने ग्लोबल मार्केट में इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि क्या बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां एआई सेक्टर में मुकाबला करने के लिए आवश्यक भारी-भरकम निवेश को जारी रख पाएंगी। स्पेसएक्स ने कहा कि उसके पास 100 बिलियन डॉलर (9.46 लाख करोड़) से ज्यादा की नकदी है। इस बिकवाली के बावजूद कंपनी के शेयर कल 156 डॉलर पर बंद हुए, जो इसके IPO प्राइस 135 डॉलर से अब भी ऊपर है। ग्लोबल मार्केट में ठंडा पड़ रहा है AI स्टॉक्स का क्रेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेसएक्स की लिस्टिंग को लेकर जो उत्साह था, वह अब वैश्विक बाजारों में ठंडा पड़ता दिख रहा है। न्यूयॉर्क का नैस्डैक इंडेक्स मंगलवार को 2.21% गिरकर बंद हुआ, जिसमें अल्फाबेट का शेयर 1% गिरा था। यह उतार-चढ़ाव मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी देखने मिला, जहां साउथ कोरिया के बेंचमार्क कोस्पी इंडेक्स में एआई चिपमेकर्स की भारी बिकवाली के कारण ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और इंडेक्स 10% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई 3.6% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.82% गिरकर बंद हुआ था। वहीं भारत का सेंसेक्स भी 893 अंक गिरकर 76,200 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 278 अंक गिरकर 23,824 पर बंद हुआ था। क्या होती है इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग? ये खबर भी पढ़ें… टेलीग्राम 7 दिन बाद चालू, प्ले स्टोर पर वापस आया: NEET परीक्षा में गड़बड़ी के बाद लगा था बैन, मैसेज एडिट पर 30 जून तक रोक रहेगी इंस्टेंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम 7 दिन बाद भारत में फिर से चालू हो गया है। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नकली और लीक पेपर सर्कुलेट होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

सिंगर अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान लेने से पहले सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ कदम बढ़ाए। सम्मान मिलने के बाद अब सिंगर ने एक भावुक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वो पिछले 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तस्वीर शेयर करते हुए अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आज जब मैं देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला है। भले ही इस पर मेरा नाम लिखा हो, लेकिन यह सम्मान उतना ही उन सभी लोगों का है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जिंदा रखा और मेरे अच्छे-बुरे हर दौर में मेरा साथ दिया।’ ‘यह पल मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं, बल्कि प्यार, उम्मीद और हौसले से मिलने वाली ताकत की याद भी है। मैं धीरे-धीरे फिर से अपने जीवन की राह पर लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए भी है, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।’ अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैं अभी इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूं। आप सबसे बस यही अनुरोध है कि मुझे अपनी दुआओं में याद रखें। अपने फैंस और युवा साथियों से मैं यह भी कहना चाहती हूं कि बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सावधान रहें।’ ‘एक दिन मैं अपने पेशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बात करना चाहूंगी। फिलहाल, आप सभी के प्यार और समर्थन के सहारे मैं अपनी जिंदगी को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हूं और उम्मीद करती हूं कि जल्द ही आप सबके बीच वापस लौटूंगी।’ इन सेलेब्स को मिला पद्म भूषण सम्मान अल्का याग्निक के अलावा साउथ स्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। वेटरन एक्टर सतीष कौशिक को भी मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। एक्टर, फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हाल ही में एक्टर फिल्म धुरंधर से चर्चा में हैं।

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

सिंगर अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान लेने से पहले सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ कदम बढ़ाए। सम्मान मिलने के बाद अब सिंगर ने एक भावुक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वो पिछले 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तस्वीर शेयर करते हुए अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आज जब मैं देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला है। भले ही इस पर मेरा नाम लिखा हो, लेकिन यह सम्मान उतना ही उन सभी लोगों का है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जिंदा रखा और मेरे अच्छे-बुरे हर दौर में मेरा साथ दिया।’ ‘यह पल मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं, बल्कि प्यार, उम्मीद और हौसले से मिलने वाली ताकत की याद भी है। मैं धीरे-धीरे फिर से अपने जीवन की राह पर लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए भी है, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।’ अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैं अभी इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूं। आप सबसे बस यही अनुरोध है कि मुझे अपनी दुआओं में याद रखें। अपने फैंस और युवा साथियों से मैं यह भी कहना चाहती हूं कि बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सावधान रहें।’ ‘एक दिन मैं अपने पेशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बात करना चाहूंगी। फिलहाल, आप सभी के प्यार और समर्थन के सहारे मैं अपनी जिंदगी को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हूं और उम्मीद करती हूं कि जल्द ही आप सबके बीच वापस लौटूंगी।’ इन सेलेब्स को मिला पद्म भूषण सम्मान अल्का याग्निक के अलावा साउथ स्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। वेटरन एक्टर सतीष कौशिक को भी मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। एक्टर, फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हाल ही में एक्टर फिल्म धुरंधर से चर्चा में हैं।

अक्षय कुमार ने भोजपुरी से की हॉलीवुड की तुलना:कहा- ये उनकी समझ से परे, परेश रावल ने हेरा-फेरी 3 विवाद खत्म होने पर दिया हिंट

अक्षय कुमार ने भोजपुरी से की हॉलीवुड की तुलना:कहा- ये उनकी समझ से परे, परेश रावल ने हेरा-फेरी 3 विवाद खत्म होने पर दिया हिंट

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय इन दिनों अपकमिंग फिल्म वेलकम टू द जंगल के चलते सुर्खियों में हैं। मंगलवार को फिल्म का सॉन्ग रिलीज इवेंट रखा गया था, जिसमें अक्षय ने भोजपुरी की तुलना हॉलीवुड से की और इसे हॉलीवुड से बेहतर बताया है। अक्षय ने कहा है, ‘भोजपुरी, हॉलीवुड से बेहतर है। ये लाइन मैंने ही दी है। क्योंकि वो लोग ये गाना सुन ही नहीं सकते। उन्हें कुछ समझ ही नहीं आएगा। उन्होंने कभी गाने ही नहीं देखे। हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे इतने कल्चर हैं। हमारे इतने कल्चर में गाने बनते हैं।’ इस दौरान अक्षय कुमार ने फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट पर भी रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा, ‘एक फिल्म आई थी 3 इडियट्स, बहुत बड़ी हिट थी। ये 32 इडियट्स हैं तो कुछ भी हो सकता है।’ सॉन्ग लॉन्च इवेंट में अक्षय कुमार से पूछा गया था कि उनके लिए फेम जरूरी है या पैसा। इस पर उन्होंने मजेदार जवाब देते हुए कहा, ‘देखिए अगर कोई इंसान कहे कि उसे पैसा पसंद नहीं है, तो या तो वो कोई संत होगा या कोई ऐसा होगा, जिसके पास बहुत पैसा होगा, जिससे वो कह रहा है कि पैसे अच्छे नहीं लगते। मैंने बहुत सारे केस देखे हैं अपने दोस्तों में भी कि कितने लोगों ने पैसे कमाए और फिर उनके हाथ से पैसे चले गए। लेकिन फिर मेहनत कर पैसे ले आए, कई लोगों ने बिजनेस गंवाया और कैसे भी करके बिजनेस वापस ले आए। लेकिन मैंने ये नहीं देखा कि किसी ने हेल्थ गंवाई और सेहत वापस लाई। तो मैं कहूंगा कि पैसे से बड़ी सेहत है।’ परेश रावल ने दिया हेरा-फेरी विवाद खत्म होने पर हिंट इवेंट के दौरान परेश रावल ने भी फिल्म हेरा फेरी से जुड़ा विवाद खत्म होने पर हिंट दिया है। एक रिपोर्टर के सवाल पर परेश रावल ने कहा है, ‘जब तक जिंदा हैं हेरा-फेरी चलती रहती है। जब तक जिंदा हैं तब तक हेरा फेरी है।’ परेश रावल का ये बयान तब आया है, जब बीते साल उन्होंने फिल्म हेरा फेरी 3 छोड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद अक्षय की टीम की तरफ से उन्हें लीगल नोटिस भी भेजा गया था। लंबे विवाद के बाद परेश रावल दोबारा फिल्म से जुड़ गए हैं। इवेंट के दौरान जब परेश रावल ने हेरा फेरी पर बयान दिया, तो अक्षय कुमार मुस्कुराते हुए उनका रिएक्शन देख रहे थे। सॉन्ग लॉन्च इवेंट में स्टारकास्ट रही मौजूद मंगलवार को हुए सॉन्ग लॉन्च इवेंट में फिल्म के डायरेक्टर अहमद खान और अक्षय कुमार, परेश रावल, सुनील शेट्टी, राजपाल यादव समेत पूरी स्टारकास्ट शामिल हुई। फिल्म वेलकम टू द जंगल के बारे में-