Saturday, 26 Sep 2026 | 04:03 AM

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सामंथा रुथप्रभू ने कन्फर्म की प्रेग्नेंसी:मेटरनिटी ब्रेक लेंगी, बेबी बंप दिखने से हुआ था खुलासा, 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी

सामंथा रुथप्रभू ने कन्फर्म की प्रेग्नेंसी:मेटरनिटी ब्रेक लेंगी, बेबी बंप दिखने से हुआ था खुलासा, 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी

साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथप्रभू ने बुधवार को एक इवेंट में प्रेग्नेंसी की खबरों पर कन्फर्मेशन दे दी है। एक इवेंट में टी-शर्ट पहनने से दिखे बेबी बंप के बाद से ही एक्ट्रेस के प्रेग्नेंट होने की खबरें थीं। एक्ट्रेस ने अब बताया है कि वो मदरहुड के लिए फिल्मों से ब्रेक भी लेने वाली हैं। सामंथा रुथप्रभू बुधवार को हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म मां इंती बंगारम के सक्सेस मीट में पति राज निदिमोरू के साथ पहुंची थीं। इवेंट में मीडिया से बातचीत करते हुए सामंथा ने प्रेग्नेंसी कन्फर्म करते हुए कहा, ‘मां इंती बंगारम के बाद मैं अपनी कंडीशन को देखते हुए एक छोटा सा ब्रेक लूंगी। मुझे मेटरनिटी लीव लेनी ही पड़ेगी। इसके बाद मैं अपने फैंस के लिए एक और फिल्म के साथ वापसी करूंगी।’ टी-शर्ट में बेबी बंप दिखने से हुआ प्रेग्नेंसी का खुलासा सामंथा रुथप्रभू की फिल्म मां इंती बंगारम 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को दर्शकों की काफी सराहना मिल रही है। फिल्म की सक्सेस का जश्न मनाने के लिए हाल ही में सामंथा एक फैन मीट-अप का हिस्सा बनी थीं, जहां उन्होंने व्हाइट टी-शर्ट के साथ डेनिम पेयर किया था। इवेंट से बाहर आते हुए हर किसी की नजर उनके बेबी बंप पर थी, जो फिटेड टी-शर्ट में साफ नजर आ रहा था। 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी सामंथा रुथप्रभू ने 1 दिसंबर 2025 में द फैमिली मैन डायरेक्टर राज निदिमोरू से शादी की है। ये एक प्राइवेट वेडिंग थी, जिसमें सामंथा-राज के करीबी रिश्तेदार और दोस्त ही शामिल हुए थे। कपल ने सदगुरु के ईशा फाउंडेशन के लिंगा भैरवी मंदिर में प्राचीन योगिक परंपरा से भूत शुद्धि विवाह किया था। सामंथा रुथप्रभू ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर आधिकारिक घोषणा की थी। उन्होंने तस्वीरों के साथ लिखा था- ‘01.12.2025।’ देखिए सामंथा- राज निदिमोरू की शादी की तस्वीरें- सामंथा रुथप्रभू और राज निदिमोरू ने पॉपुलर सीरीज द फैमिली के दूसरे सीजन में साथ काम किया था। जिसे राज निदिमोरू और डीके ने मिलकर बनाया था। कौन हैं राज निदिमोरू? ​​​​50 साल के राज निदिमोरू, फिल्ममेकर हैं। उनकी और डीके (कृष्णा दसराकोठापल्ली) की फिल्ममेकर जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर है। दोनों ने यूके से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद 2002 की फिल्म शादी डॉट कॉम से साथ में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद दोनों ने साल 2003 से स्वतंत्र फिल्ममेकर के तौर पर फिल्म 99 लिखी, प्रोड्यूस की और डायरेक्ट की। इसके बाद दोनों ने शोर इन द सिटी, गो गोवा गोन, हैप्पी एंडिंग, ए जेंटलमैन जैसी फिल्में लिखने के साथ-साथ इनका निर्देशन भी किया। साल 2019 से राज और डीके ने ओटीटी में कदम रखा और मनोज बाजपेयी स्टारर सीरीज द फैमिली मैन डायरेक्ट-प्रोड्यूसर की। आगे उन्होंने फर्जी, सिटाडेल और गन्स और गुलाब जैसी सीरीज बनाईं। राज और डीके की जोड़ी ने ही श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री लिखी और प्रोड्यूस की है। 2021 में सामंथा ने लिया था नागा चैतन्य से तलाक सामंथा रुथप्रभू और नागा चैतन्य फिल्म ये माया चेसावे में साथ नजर आए थे। इस फिल्म के सेट पर दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और रिलेशनशिप में आ गए। 7 सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद सामंथा ने साउथ स्टार नागा चैतन्य से साल 2017 में शादी की थी। दोनों की शादी हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के बाद सामंथा ने अपना सरनेम अक्किनेनी कर लिया था, हालांकि जुलाई 2021 में उन्होंने सामंथा अक्किनेनी से नाम सामंथा रुथप्रभू कर लिया। इसके बाद से ही दोनों के तलाक की खबरें सामने आने लगीं और दोनों ने अक्टूबर 2021 में तलाक की अनाउंसमेंट कर दी। सामंथा से तलाक लेने के 2 साल बाद नागा चैतन्य ने एक्ट्रेस शोभिता धूलिपाला से शादी की है।

विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकरात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’ टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुम गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म की टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।

विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति और विपक्षी नेताओं पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकारात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’ टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुण गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म का टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।

ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। 2. ट्रम्प की तेल कंपनियों को धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। 2. ट्रम्प की तेल कंपनियों को धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, 10 PHOTOS:राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों-मकानों को नुकसान पहुंचा

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, 10 PHOTOS:राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों-मकानों को नुकसान पहुंचा

वेनेजुएला में गुरुवार सुबह आए भूकंप के बाद देशभर से तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। 10 हजार से एक लाख मौतों तक की आशंका जताई जा रही है। देखिए वेनेजुएला में भूकंप और तबाही से जुड़े 10 फोटेज…

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

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अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।

नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे:पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है

नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे:पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया (BoI) को 1.15 करोड़ डॉलर यानी करीब 108 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। लंदन के हाई कोर्ट ने दुबई की एक कंपनी ‘फायरस्टार डायमंड एफजेडई’ के लिए दी गई पर्सनल लोन गारंटी और उस पर लगे ब्याज से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया है। नीरव बीते 7 सालों से लंदन की जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। दुबई की कंपनी के लिए ली थी पर्सनल गारंटी यह पूरा मामला नीरव मोदी से जुड़ी दुबई की कंपनी फायरस्टार डायमंड एफजेडई को मिले लोन का है। नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया के इस लोन के लिए पर्सनल गारंटी दी थी। बाद में उसने इस गारंटी को कानूनी रूप से अमान्य ठहराने की कोशिश की। हालांकि, लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट के जस्टिस साइमन टिंकलर ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि अक्टूबर 2025 में नीरव मोदी को भेजा गया डिमांड नोटिस पूरी तरह सही था। भारतीय कानून के तहत गारंटी अमान्य नहीं, मूल रकम के साथ देना होगा ब्याज जस्टिस टिंकलर ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत नीरव मोदी की पर्सनल गारंटी शून्य या अप्रभावी नहीं है। इसलिए वह बैंक को 41,05,189 डॉलर (करीब 34.3 करोड़ रुपए) की मूल राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार है। इसके साथ ही मार्च 2026 तक इस राशि पर जमा हुआ ब्याज मिलाकर कुल रकम 1.15 करोड़ डॉलर (करीब 108 करोड़ रुपए) हो चुकी है, जो आगे भी बढ़ती रहेगी। पीएनबी के 2 बिलियन डॉलर के घोटाले से अलग है यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के केस लड़ने वाली लॉ फर्म ‘फ्लैडगेट एलएलपी’ के मिलन कपाड़िया ने साफ किया कि यह मामला बैंक की कमर्शियल बैंकिंग रिकवरी का है। इसका पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 2 बिलियन डॉलर (करीब 19,000 करोड़ रुपए) के बड़े धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से कोई संबंध नहीं है। बैंक ऑफ इंडिया 2018 से ही इस वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। भारत में तीन आपराधिक मामलों में है तलाश नीरव मोदी फिलहाल भारत में तीन बड़े मामलों में वांछित है। पहला, सीबीआई का पीएनबी घोटाला मामला, दूसरा, ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला और तीसरा, सीबीआई जांच में गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का मामला। अप्रैल 2021 में यूके की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दी थी। इसके बाद से नीरव की कई जमानत याचिकाएं और अपीलें खारिज हो चुकी हैं। इस साल मार्च में उसने प्रत्यर्पण रोकने की आखिरी कोशिश भी गंवा दी थी, जिसमें उसने भारत में टॉर्चर होने का खतरा बताया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब उसने फ्रांस स्थित यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECtHR) में गुहार लगाई है, जहां मामला अभी चल रहा है।

गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध… आपके बच्चे की सेहत के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध... आपके बच्चे की सेहत के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

गाय का दूध बनाम भैंस का दूध स्वास्थ्य लाभ: हर माता-पिता अपने बच्चे के संपूर्ण विकास और स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद रहते हैं। जब बच्चों के पोषण की बात आती है, तो आहार में ‘दूध’ सबसे जरूरी माना जाता है। लेकिन अक्सर घर में यह नापसंद होती है कि बच्चे के लिए गाय का दूध बड़ी मछली है या बफ़ेलो का? तो जानें कि आपके बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन है। बच्चों के लिए गाय का दूध भेजना सबसे पहली पसंद है। इसके कई खास कारण हैं। बफ़ेलो का दूध अपने गाढ़ेपन और उच्च पोषक तत्व के लिए जाना जाता है। बच्चे के लिए असली ‘सुपरफूड’ कौन है? सच तो यह है कि दोनों ही दूध अपने-अपने गुण के कारण ‘सुपरफूड’ हैं। सही चुनाव पूरी तरह से आपके बच्चे की उम्र और शारीरिक शारीरिक आवश्यकता पर अस्वीकृत है। बच्चों को दूध पिलाने का सही तरीका दूध का छिलका कोई भी हो, अगर उसे सही तरीकों से न पिलाया जाए, तो उसका पूरा फायदा शरीर को नहीं मिलता। हर बच्चे का शरीर अलग होता है। अगर दूध पीने के बाद बच्चे को पेट में दर्द, उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो यह अल्कोहल असहिष्णुता का संकेत हो सकता है। ऐसे में किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।