मिल गया सेहत का नया सुपरस्टार… फल या सितारा? कमरख के फायदे जानकर रह जाएंगे आप हैरान!

Last Updated:March 23, 2026, 17:01 IST स्टार फल (Star Fruit) यानी कमरख दिखने में जितना खूबसूरत लगता हैं, उतना ही सेहत के लिए भी शानदार है. सितारे जैसी आकृति वाला यह फल विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता हैं. जी हां कमरख शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता हैं. जाने कई फायदे… इम्यूनिटी बढ़ाने में कमरख यानी स्टार फल का कोई जवाब नहीं है. इसमें विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचने के लिए यह फल एक प्राकृतिक ढाल की तरह काम करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत और स्वस्थ बनता हैं. कमरख पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है. यह स्टार फल कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इसके कई फायदे आयुर्वेद में बताए जाते हैं. कमरख कई रोगों में कारगर है. कमरख फल दिल की सेहत का भी खास ख्याल रखता है. कमरख में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इससे हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है और शरीर स्वस्थ रहता है. इस फल को सीमित मात्रा में सेवन करना फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, वजन कम करने वालों के लिए कमरख एक शानदार विकल्प है. यह कम कैलोरी वाला फल है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार खाने की आदत पर कंट्रोल रहता है. इसको डाइट में शामिल करने पर वजन घटाने में मदद मिलती है. अगर आप भी त्वचा और बालों की समस्या से परेशान हैं, तो इसके लिए भी कमरख का असर कमाल का है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं. इसके साथ-साथ यह बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायता प्रदान कर सकता है. कमरख यानी स्टार फल सूजन और दर्द में राहत देने के लिए भी जाना जाता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. यह जोड़ों के दर्द या त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी काफी मददगार और उपयोगी हैं. हालांकि, स्टार फल यानी कमरख के कई फायदे हैं, लेकिन इसके सेवन में सावधानी जरूरी है. किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को कमरख से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है. सही मात्रा और सही स्थिति में इसका सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है. अगर किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हो, तो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : March 23, 2026, 17:01 IST
हरे या फिर काले अंगूर: मिठास में कौन आगे और सेहत में कौन निकला नंबर वन? जानकर रह जाएंगे हैरान!

Last Updated:March 20, 2026, 16:26 IST डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अगर बात मिठास की करें, तो हरे और काले अंगूर दोनों में ही प्राकृतिक शुगर पाई जाती है. लेकिन आमतौर पर काले अंगूर थोड़े ज्यादा मीठे महसूस होते हैं क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है. वहीं हरे अंगूर हल्के खट्टे-मीठे होते हैं, जो उन्हें रिफ्रेशिंग बनाते हैं. अंगूर एक ऐसा फल है जिसे लगभग हर कोई पसंद करता है. चाहे वो हरे अंगूर हों या काले, दोनों ही स्वाद और पोषण से भरपूर होते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर इनमें से कौन ज्यादा मीठा होता है और सेहत के लिए कौन बेहतर है. डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अगर बात मिठास की करें, तो हरे और काले अंगूर दोनों में ही प्राकृतिक शुगर पाई जाती है. लेकिन आमतौर पर काले अंगूर थोड़े ज्यादा मीठे महसूस होते हैं क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है. वहीं हरे अंगूर हल्के खट्टे-मीठे होते हैं, जो उन्हें रिफ्रेशिंग बनाते हैं. इसलिए मिठास के मामले में काले अंगूर थोड़े आगे माने जाते हैं. सेहत की नजर से देखें तो काले अंगूर एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. इनमें रेस्वेराट्रॉल नाम का तत्व पाया जाता है जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और शरीर में सूजन को कम करने में भी सहायक होता है. इसलिए काले अंगूर दिल की सेहत के लिए खास तौर पर फायदेमंद माने जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं हरे अंगूर भी किसी से कम नहीं हैं. इनमें विटामिन C और K अच्छी मात्रा में होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है. इसके अलावा हरे अंगूर शरीर को हाइड्रेट रखने में भी सहायक होते हैं, खासकर गर्मियों में. इनका हल्का स्वाद और रसदार टेक्सचर इन्हें एक बेहतरीन स्नैक बनाता है. अगर वजन कम करने की बात करें, तो हरे अंगूर थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकते हैं क्योंकि इनमें कैलोरी थोड़ी कम होती है. यह पेट को भरते हैं और अनहेल्दी स्नैक की क्रेविंग को कम करते हैं. वहीं काले अंगूर भी हेल्दी हैं, लेकिन उनकी मिठास ज्यादा होने के कारण सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए, खासकर अगर आप शुगर कंट्रोल कर रहे हैं. त्वचा और बालों के लिए भी दोनों तरह के अंगूर फायदेमंद हैं. काले अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को एजिंग से बचाते हैं और ग्लो बढ़ाते हैं. वहीं हरे अंगूर त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं और फ्रेशनेस देते हैं. बालों के लिए भी दोनों प्रकार के अंगूर फायदेमंद होते हैं, क्योंकि ये स्कैल्प को पोषण देते हैं. डाइजेशन के लिहाज से भी अंगूर काफी अच्छे होते हैं. इनमें फाइबर होता है जो पाचन को बेहतर बनाता है. हरे अंगूर हल्के होते हैं और जल्दी पच जाते हैं, जबकि काले अंगूर थोड़े भारी हो सकते हैं. इसलिए अगर आपका पेट संवेदनशील है, तो हरे अंगूर बेहतर विकल्प हो सकते हैं. दोनों को सही मात्रा में खाने से पाचन बेहतर रहता है. First Published : March 20, 2026, 16:26 IST
तनाव, शुगर और पाचन में रामबाण है गुलदाउदी, ऐसे करें इस्तेमाल, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:March 20, 2026, 14:50 IST गुलदाउदी न केवल एक सुंदर फूल वाला पौधा हैं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसकी पंखुड़ियों, पत्तों और जड़ों में ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग होता आ रहा है. यह कई रोगों में रामबाण है. आगे विस्तार से जानिए… गुलदाउदी की चाय दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है. कुछ मामलों में यह सीने के दर्द, खासकर एनजाइना जैसी समस्याओं में राहत देने में भी सहायक हो सकती है. अगर आप तनाव, सिरदर्द या मानसिक थकान से परेशान रहते हैं, तो गुलदाउदी की खुशबू और इसकी चाय दोनों आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं. इसके फूलों की प्राकृतिक सुगंध दिमाग को शांत करती है, जिससे तनाव कम होता है और सिर के भारीपन से भी राहत मिलती है. गुलदाउदी पाचन संबंधी समस्याओं के लिए भी काफी असरदार है. इसके फूल गैस, कब्ज और पेट दर्द में लाभकारी होते हैं. नियमित सेवन से पाचन तंत्र बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. यह एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, गुलदाउदी आंखों के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसके फूलों का पेस्ट आंखों के आसपास लगाने से जलन, खुजली और दर्द में आराम मिलता है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने वालों के लिए यह एक प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. यह सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है. इसी कारण यह सांस संबंधी रोगों में भी उपयोगी माना जाता है. गुलदाउदी का पौधा त्वचा के लिए भी किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके गुण त्वचा की सूजन और जलन को कम करने में मदद करते हैं. साथ ही, यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है, जिससे मधुमेह के मरीजों को लाभ मिल सकता है. हालांकि, किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. गुलदाउदी का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. इसके सूखे फूलों से चाय बनाई जा सकती है, पत्तों का पेस्ट सिर पर लगाया जा सकता है या काढ़े के रूप में इसका सेवन किया जाता है. काली मिर्च के साथ इसका काढ़ा और भी असरदार माना जाता है. रोजमर्रा की जिंदगी में इसे शामिल कर आप प्राकृतिक तरीके से अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं. हालांकि, इसका सेवन हमेशा एक्सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए, वरना नुकसान भी हो सकता है. First Published : March 20, 2026, 14:50 IST
केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल में किसकी जीतेगी बीजेपी? शशि थरूर का जवाब सुन, रह जायेंगे हैरान

केरल में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर शशि थरूर ने की बड़ी भविष्यवाणी. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर थरूर ने कहा कि बीजेपी का राज्य में कोई प्रभाव नहीं है, साथ ही राज्य सरकार के गठन में बीजेपी की कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं है. वह इस चुनाव में अपना खाता खोल ले, वही बहुत है. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच मुकाबला होगा। यह त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है. विधानसभा में बीजेपी की एक भी सीट नहीं है. अगर वे एक, दो या तीन सीट भी जीत ले, तो उन्हें बीजेपी पर बेहद गर्व और खुशी होगी। वे खुद को एक बड़ी जीत का श्रेय देंगे। बीजेपी की यही स्थिति है. बीजेपी का राज्य में असर नहीं: थरूर थरूर ने कहा कि उनके राज्य में इतना भी प्रभाव नहीं है कि सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा सके। यह मुकाबला एल फाइन और यू एफ़ एफ़एलएफ़ के बीच होने वाला है। इसमें कोई संदेह नहीं है. साथ ही थरूर ने कहा कि राज्य में टक्कर होने की संभावना है. इसका अर्थ है हर सीट और हर वोट महत्वपूर्ण है। इसलिए हम बीजेपी की अनदेखी नहीं कर रहे हैं। थरूर ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी को केरल में सरकार के लिए खतरा या कार्टून प्लास्टिक पार्टी के रूप में मान्यता नहीं मिली है. जैसा कि मैंने कहा है कि वे अधिक से अधिक ये कर सकते हैं, कि अपना खाता खोल लें। उनसे जब पूछा गया कि केरल की राजनीति पर भाजपा का अभी तक कोई प्रभाव नहीं पड़ा है तो उन्होंने कहा कि हां यह सही है। सीट निर्धारित करने के लिए एक निश्चित मत प्रतिशत की आवश्यकता होती है। बीजेपी में बीजेपी का वोट प्रतिशत 19% था: थरूर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति में आने वाले 17 साल से ज्यादा वोट वाली पार्टी के बीच बीजेपी 6 प्रतिशत वोट वाली पार्टी से लेकर बराक 12 से 13 प्रतिशत वोट वाली पार्टी बन गयी है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 19 फीसदी वोट मिले हैं. जब राज्य में चुनाव की बात आती है तो वे फिर से लगभग 12-13 प्रतिशत पर चले जाते हैं। बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है: थरुर थरूर ने साथ ही कहा कि बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है। यह एक अखंड और अद्भुत प्रक्रिया है। यह संभव नहीं है कि वे आवश्यक डेटा के लिए पहुंच तक पहुंचें। केरल में 2021 विधान सभा चुनाव में 99 सीटों के साथ सशक्त एल एफ़लेट्स ने बाजी मारी। यह पिछले चुनाव की तुलना में आठ से अधिक पर्वतीय स्थान है। 1977 के बाद पहला मौका था जब किसी गठबंधन ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की। विपक्ष में भाजपा केरल में एक सीट पर फाइनल रही। सुरेश गोपी त्रिशूर सीट से जीते। केरल में 140 विधानसभा सदस्यों के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होना है। यह भी पढ़ें: यह भी पढ़ें: इस राज्य में बदलेगी सरकार? टैगरी एन्हांसमेंट को टैग किया गया, एसोसिएट्स वाला सर्वे, सीएम की फ़्लू नींद
क्या होता है जब आप 10 दिन तक चीनी छोड़ दें? जानिए दिन-ब-दिन शरीर की हैरान करने वाले रिएक्शन

No Sugar Challenge: आज के समय में चीनी हमारे रोज के खाने का एक आम हिस्सा बन चुकी है. चाय हो, कॉफी हो, मिठाई हो या पैक्ड फूड -लगभग हर चीज में किसी न किसी रूप में चीनी मिल ही जाती है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे दिन भर में काफी ज्यादा चीनी खा लेते हैं. स्वाद के लिए तो यह अच्छी लगती है, लेकिन शरीर के लिए ज्यादा चीनी कई परेशानियां खड़ी कर सकती है. डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट लंबे समय से कह रहे हैं कि जरूरत से ज्यादा चीनी खाना कई बीमारियों को न्योता देता है. मोटापा, डायबिटीज, स्किन प्रॉब्लम और थकान जैसी कई समस्याओं के पीछे भी अक्सर ज्यादा चीनी का सेवन होता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कुछ दिनों के लिए चीनी पूरी तरह बंद कर दे, तो शरीर में कई दिलचस्प बदलाव दिखने लगते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर आप सिर्फ 10 दिनों के लिए चीनी छोड़ दें, तो आपका शरीर एक तरह से खुद को फिर से संतुलित करना शुरू कर देता है. शुरुआत के कुछ दिन थोड़े मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन उसके बाद जो बदलाव महसूस होते हैं, वे काफी सकारात्मक होते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अगर कोई व्यक्ति लगातार 10 दिनों तक चीनी बिल्कुल न खाए, तो उसके शरीर में क्या-क्या बदलाव हो सकते हैं. शुरुआती 3 दिन: मीठा छोड़ते ही शरीर देता है संकेत-जब आप अचानक चीनी खाना बंद कर देते हैं, तो शरीर को थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है. दरअसल चीनी दिमाग में एक तरह का ‘फील गुड’ सिग्नल पैदा करती है. यही कारण है कि मीठा खाने से मूड अच्छा लगता है. -पहले 2-3 दिनों में कई लोगों को बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती है. इसे क्रेविंग कहा जाता है. इस दौरान कुछ लोगों को हल्का सिरदर्द, चिड़चिड़ापन या थकान भी महसूस हो सकती है. -ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर अब धीरे-धीरे चीनी के बजाय दूसरी ऊर्जा पर निर्भर होना सीख रहा होता है. हालांकि यह दौर ज्यादा लंबा नहीं चलता और कुछ ही दिनों में शरीर नई आदत को स्वीकार करने लगता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 4 से 7 दिन: शरीर में आने लगती है स्थिरताजब शरीर को चीनी के बिना रहने की आदत होने लगती है, तो कई अच्छे बदलाव नजर आने लगते हैं. -सबसे पहले एनर्जी लेवल में फर्क महसूस होता है. पहले जहां मीठा खाने के बाद अचानक ऊर्जा बढ़ती और फिर जल्दी कम हो जाती थी, अब वह उतार-चढ़ाव कम हो जाता है. आप पूरे दिन ज्यादा स्थिर और एक्टिव महसूस करते हैं. -इसके अलावा नींद में भी सुधार देखने को मिल सकता है. जब ब्लड शुगर संतुलित रहता है, तो शरीर को आराम करने में आसानी होती है. कई लोग बताते हैं कि चीनी कम करने के बाद उन्हें गहरी और बेहतर नींद आने लगती है. -स्किन पर भी इसका असर दिख सकता है. ज्यादा चीनी स्किन की उम्र बढ़ाने वाली प्रक्रिया को तेज कर सकती है. जब चीनी कम हो जाती है, तो चेहरे पर हल्की चमक दिखने लगती है और मुंहासों की समस्या भी कम हो सकती है. 8 से 10 दिन: शरीर में साफ दिखने लगते हैं फायदेलगभग 8 से 10 दिनों के बाद लोग अपने शरीर और दिमाग में काफी साफ बदलाव महसूस कर सकते हैं. -सबसे पहले वजन में हल्की कमी दिख सकती है. जब शरीर में ज्यादा चीनी नहीं जाती, तो शरीर में जमा अतिरिक्त पानी धीरे-धीरे कम होने लगता है. इससे पेट का फूलना कम हो सकता है और वजन 1-2 किलो तक घट सकता है. -दिमाग पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है. कई लोग बताते हैं कि चीनी कम करने के बाद उनका फोकस बेहतर हो जाता है. जिसे आम भाषा में ‘ब्रेन फॉग’ कहा जाता है, वह कम हो सकता है. यानी दिमाग पहले से ज्यादा साफ और सक्रिय महसूस होता है. इसके अलावा शरीर हल्का महसूस होने लगता है और थकान भी कम हो सकती है. क्या पूरी तरह चीनी छोड़ना जरूरी है?-यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति हमेशा के लिए चीनी पूरी तरह बंद कर दे, लेकिन अगर आप कुछ दिनों के लिए चीनी कम कर दें या सीमित मात्रा में लें, तो शरीर को काफी फायदा मिल सकता है. -सबसे अच्छा तरीका यह है कि पैक्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी बनाई जाए. उनकी जगह फल, सूखे मेवे और घर का बना संतुलित खाना बेहतर विकल्प हो सकता है. -अगर आप अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो कभी-कभी 7 से 10 दिनों का ‘नो शुगर चैलेंज’ आजमाना भी एक अच्छा कदम हो सकता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
मच्छर काटने के बाद खुजली क्यों होती है? क्या है इसके पीछे का साइंस, जानकर हैरान रह जाएंगे

Last Updated:March 10, 2026, 09:03 IST Mosquito Bites and Itching: मच्छर के काटने के बाद स्किन पर खुजली और सूजन आ जाती है. असल में यह मच्छर की लार के प्रति हमारे शरीर की एक रक्षात्मक प्रतिक्रिया है. जब मादा मच्छर खून चूसने के लिए लार छोड़ती है, तो हमारा इम्यून सिस्टम हिस्टामाइन नामक रसायन रिलीज करता है, जो उस जगह पर सूजन और खुजली पैदा करता है. मच्छर काटने के बाद शरीर एक केमिकल छोड़ता है, जिसकी वजह से खुजली होने लगती है. Mosquito Bites Effect on Skin: गर्मियों की शुरुआत होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ गया है. मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां भी फैलती हैं. जब आपको मच्छर काटता है, तब उस जगह खुजली, जलन और छोटा सा लाल उभार हो जाता है. कई लोगों को लगता है कि यह मच्छर के डंक की वजह से होता है, लेकिन इसके पीछे हमारे शरीर का रिस्पॉन्स होता है. इसकी वजह से मच्छर काटने के बाद लोगों को खुजली महसूस होने लगती है. मच्छर केवल हमारा खून ही नहीं पीते, बल्कि वे हमारी स्किन के अंदर अपनी लार भी छोड़ देते हैं, जिससे बीमारियां फैल जाती हैं. मच्छर के काटने के बाद खुजली क्यों होती है? अमेरिका के क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जब मच्छर काटता है, तो वह हमारी स्किन के अंदर अपना लार छोड़ देता है. मच्छर द्वारा छोड़ी गई लार को हमारा शरीर एक एलर्जेन के रूप में देखता है. जैसे ही यह लार स्किन में प्रवेश करती है, वैसे ही हमारा इम्यून सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाता है. इस एलर्जेन को शरीर के बाहर निकालने के लिए इम्यून सिस्टम मच्छर काटने वाली जगह पर हिस्टामाइन नामक एक केमिकल भेजता है. हिस्टामाइन का काम व्हाइट ब्लड सेल्स को संक्रमण वाली जगह तक पहुंचाने के लिए ब्लड वेसल्स को चौड़ा करना है. इसी हिस्टामाइन के कारण उस जगह पर थोड़ी सी सूजन आ जाती है और खुजली महसूस होने लगती है. अधिकतर लोगों को मच्छर के काटने से एलर्जी होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. स्किन में लार क्यों छोड़ देता है मच्छर? मेडिकल न्यूज टुडे की रिपोर्ट बताती है कि जब एक मच्छर आपकी त्वचा पर बैठता है, तो वह अपने डंक को ब्लड वेसल्स की तलाश में त्वचा के अंदर चुभाता है. खून चूसने से पहले वह अपनी लार को आपकी नसों में इंजेक्ट करता है. इस लार में विशेष प्रकार के एंजाइम और प्रोटीन होते हैं, जो एंटी-कोगुलेंट के रूप में काम करते हैं. इनका मुख्य काम खून को जमने से रोकना होता है, ताकि मच्छर बिना किसी बाधा के पतला खून आसानी से चूस सके. अगर मच्छर ऐसा न करे, तो हमारा खून हवा के संपर्क में आते ही थक्का बन जाएगा और मच्छर के डंक में फंस जाएगा. मच्छर काट ले, तो खुजली से कैसे पाएं राहत हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो मच्छर के काटने के बाद सबसे पहले उस जगह को साबुन और पानी से धोना चाहिए. खुजली कम करने के लिए बर्फ की सिकाई सबसे असरदार है, क्योंकि यह ब्लड वेसल्स को सिकोड़ती है और हिस्टामाइन के असर को कम करती है. इसके अलावा कैलामाइन लोशन या एलोवेरा जेल लगाने से भी त्वचा को ठंडक मिलती है. हालांकि इन सभी उपायों से आपको खुजली से राहत मिल जाएगी, लेकिन अगर संक्रमित मच्छर काटेगा, तो आपके शरीर में वायरस पहुंच जाएगा. इससे आपको डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इसलिए मच्छरों से बचाव करना बेहद जरूरी है. मच्छरों से बचने के लिए रात में मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट्स का उपयोग करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 10, 2026, 09:03 IST
Lemon grass benefits: लेमन ग्रास के फायदे जान होंगे हैरान, डाइट में करें शामिल

Lemon grass health benefits: आयुर्वेद में औषधीय पौधों का इस्तेमाल कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है. इसी में से एक है लेमन ग्रास, जो देखने में बिल्कुल घास जैसा होता है. क्या आप जानते हैं कि लेमन ग्रास कोई घास नहीं, बल्कि एक बेहद ही हेल्दी हरा पत्ता है, जिसका इस्तेमाल सेलिब्रिटीज से लेकर फिटनेस से जुड़े लोग भी कर रहे हैं. आजकल लोग लेमन ग्रास को नया समझकर इस्तेमाल करना शुरू किए हैं, लेकिन ये सदियों से आयुर्वेद का हिस्सा रहा है और कई रोगों के उपचार में उपयोग में लाया जाता रहा है. लेमन ग्रास के फायदे -लेमन ग्रास में कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. आयुर्वेद में लेमन ग्रास को ‘भूस्तृण’ कहते हैं. इसका इस्तेमाल वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में मदद करता है. जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाता है. -स्वाद में थोड़ा कड़वा-तीखा, लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके सेवन से नसों की समस्या शांत होती है. तंत्रिका तंत्र मजबूत करता है. मस्तिष्क को हेल्दी रखता है. -लेमन ग्रास खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों की सूजन, मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त की अशुद्धि से जुड़े विकारों में भी काम आता है. -लेमनग्रास का तेल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. मतली, उल्टी, पीरियड्स से संबंधित समस्याओं और सिरदर्द से राहत देता है. लेमनग्रास का लेप त्वचा संबंधी परेशानियों में बेहद कारगर होता है. कैसे करें लेमन ग्रास का इस्तेमाल आप हर दिन लेमन ग्रास का ताजा जूस पी सकते हैं. इससे शरीर के अंदर मौजूद टॉक्सिन पदार्थों से छुटकारा मिलता है. शरीर अंदर से साफ और हेल्दी बनता है. आप चाहें तो इसकी चाय बनाकर भी पी सकते हैं. कैफीन की जगह आप लेमन ग्रास टी का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह स्वाद और सेहत दोनों में बेहतर है. आप लेमनग्रास ऑयल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. नींद की परेशानी और तनाव दूर करने में कारगर साबित हो सकता है लेमनग्रास का तेल. इसे आप सिर में लगाकर मालिश कर सकते हैं. सिरदर्द में आराम महसूस होगा. साथ ही स्किन पर भी लेमनग्रास ऑयल लगा सकते हैं. ड्राइनेस दूर होगी. स्किन हेल्दी रहेगी.
वेस्टइंडीज की हार से भारत की राह आसान:अब विंडीज को ही आखिरी मैच हराना होगा; न्यूजीलैंड आज जीता तो पाकिस्तान बाहर

टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार का दिन भारतीय टीम के लिए अच्छा रहा। साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 9 विकेट से हरा दिया, वहीं टीम इंडिया ने आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया। इन नतीजों से वेस्टइंडीज और भारत के बीच होने वाला मुकाबला नॉकआउट की तरह हो गया। 1 मार्च को कोलकाता में यह मैच होगा, जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी, वहीं हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। आज न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच ग्रुप-2 का मुकाबला होगा। न्यूजीलैंड जीता तो टीम इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। वर्ल्ड कप का गणित… ग्रुप-1: साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचा भारत को एक जीत चाहिए साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 स्टेज में लगातार 2 मैच जीत लिए। टीम 4 पॉइंट्स के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गई। जिम्बाब्वे दूसरी हार के बाद नॉकआउट की रेस से बाहर हो गई। अब जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच 1 मार्च को मुकाबला होगा। साउथ अफ्रीका जीतकर ग्रुप-1 में टॉप पर फिनिश कर सकता है। वहीं जिम्बाब्वे जीतकर साउथ अफ्रीका को नंबर-2 पर खिसका सकता है। वेस्टइंडीज को साउथ अफ्रीका ने हरा दिया। इससे भारत और विंडीज के पास सुपर-8 में 1 जीत और 1 हार हो गई। अब दोनों टीमें 1 मार्च को कोलकाता में शाम 7 बजे से आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला नॉकआउट ही होगा। जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, वहीं हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाएगा। ग्रुप-2: न्यूजीलैंड जीता तो पाकिस्तान बाहर ग्रुप-2 में इंग्लैंड ने 2 मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम आज न्यूजीलैंड के खिलाफ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड अगर जीता तो ग्रुप में नंबर-1 पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बना लेगा। वहीं इंग्लैंड जीता तो टीम टॉप पर फिनिश करेगी और ग्रुप-1 में नंबर-2 पर रहने वाली टीम से सेमीफाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड की हार से पाकिस्तान को फायदा मिलेगा। क्योंकि हारने के बाद कीवी टीम 3 पॉइंट्स पर अटक जाएगी। 28 फरवरी को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच मैच होगा। पाकिस्तान जीता और उनका रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर रहा तो टीम नॉकआउट में पहुंच जाएगी। अगर जीतने के बाद भी पाकिस्तान का रन रेट न्यूजीलैंड से खराब रहा तो कीवी टीम नॉकआउट में एंट्री कर लेगी। श्रीलंका जीता तो भी पाकिस्तान बाहर होगा और आज हारने पर भी न्यूजीलैंड क्वालिफाई कर जाएगा।
वेस्टइंडीज की हार से भारत की राह आसान:अब विंडीज को ही आखिरी मैच हराना होगा; न्यूजीलैंड आज जीता तो पाकिस्तान बाहर

टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार का दिन भारतीय टीम के लिए अच्छा रहा। साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 9 विकेट से हरा दिया, वहीं टीम इंडिया ने आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया। इन नतीजों से वेस्टइंडीज और भारत के बीच होने वाला मुकाबला नॉकआउट की तरह हो गया। 1 मार्च को कोलकाता में यह मैच होगा, जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी, वहीं हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। आज न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच ग्रुप-2 का मुकाबला होगा। न्यूजीलैंड जीता तो टीम इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। वर्ल्ड कप का गणित… ग्रुप-1: साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचा भारत को एक जीत चाहिए साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 स्टेज में लगातार 2 मैच जीत लिए। टीम 4 पॉइंट्स के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गई। जिम्बाब्वे दूसरी हार के बाद नॉकआउट की रेस से बाहर हो गई। अब जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच 1 मार्च को मुकाबला होगा। साउथ अफ्रीका जीतकर ग्रुप-1 में टॉप पर फिनिश कर सकता है। वहीं जिम्बाब्वे जीतकर साउथ अफ्रीका को नंबर-2 पर खिसका सकता है। वेस्टइंडीज को साउथ अफ्रीका ने हरा दिया। इससे भारत और विंडीज के पास सुपर-8 में 1 जीत और 1 हार हो गई। अब दोनों टीमें 1 मार्च को कोलकाता में शाम 7 बजे से आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला नॉकआउट ही होगा। जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, वहीं हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाएगा। ग्रुप-2: न्यूजीलैंड जीता तो पाकिस्तान बाहर ग्रुप-2 में इंग्लैंड ने 2 मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम आज न्यूजीलैंड के खिलाफ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड अगर जीता तो ग्रुप में नंबर-1 पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बना लेगा। वहीं इंग्लैंड जीता तो टीम टॉप पर फिनिश करेगी और ग्रुप-1 में नंबर-2 पर रहने वाली टीम से सेमीफाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड की हार से पाकिस्तान को फायदा मिलेगा। क्योंकि हारने के बाद कीवी टीम 3 पॉइंट्स पर अटक जाएगी। 28 फरवरी को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच मैच होगा। पाकिस्तान जीता और उनका रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर रहा तो टीम नॉकआउट में पहुंच जाएगी। अगर जीतने के बाद भी पाकिस्तान का रन रेट न्यूजीलैंड से खराब रहा तो कीवी टीम नॉकआउट में एंट्री कर लेगी। श्रीलंका जीता तो भी पाकिस्तान बाहर होगा और आज हारने पर भी न्यूजीलैंड क्वालिफाई कर जाएगा।
गंदा और कांटेदार दिखता है ऐलोवेरा, लेकिन इसके फायदे जानकर आप हो जाएंगे हैरान

ऐलोवेरा जेल पारदर्शी और गाढ़ा होता है, जो पत्तियों के अंदर पाया जाता है. इसमें विटामिन A, C, E, B12, फोलिक एसिड, एंज़ाइम, मिनरल और अमीनो एसिड पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह त्वचा, बालों, पाचन और समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. 1. त्वचा के लिए लाभदायकनेचुरल मॉइश्चराइज़र: ऐलोवेरा जेल त्वचा को बिना चिपचिपाहट के नरम और हाइड्रेटेड रखता है.सनबर्न में राहत: इसकी ठंडी तासीर जली–झुलसी या धूप से तपी त्वचा को तुरंत आराम देती है.मुहांसे कम करता है: इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स और दाग-धब्बों को कम करते हैं.एजिंग स्लो करता है: ऐलोवेरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की झुर्रियों को कम करते हैं और ग्लो बढ़ाते हैं. 2. बालों के लिए फायदेमंदडैंड्रफ दूर करे: ऐलोवेरा की नमी और एंटीफंगल गुण सिर की खुजली और डैंड्रफ कम करते हैं.बालों को मजबूत बनाए: यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर बालों की जड़ों को मजबूत करता है.कंडीशनर का काम: बालों को मुलायम और स्मूद करता है. 3. पाचन में सुधारकब्ज में राहत: ऐलोवेरा जूस कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं में मदद करता है.पेट को शांत करता है: गैस, एसिडिटी और अपच में राहत देता है. 4. इम्यूनिटी बढ़ाता हैऐलोवेरा में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को मजबूत करते हैं, जिससे संक्रमणों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. 5. घाव भरने में सहायककटने, जलने और चोट लगने पर ऐलोवेरा जेल लगाने से घाव जल्दी भरते हैं. यह जलन कम करता है और त्वचा को पुनः स्वस्थ बनाता है. 6. वजन नियंत्रित करने में सहायकऐलोवेरा जूस शरीर में जमा टॉक्सिन को कम करता है और मेटाबॉलिज्म सुधारता है, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है. 7. शुगर और कोलेस्ट्रॉल में लाभकुछ शोधों के अनुसार, नियंत्रित मात्रा में ऐलोवेरा जूस शुगर लेवल और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद कर सकता है. ऐलोवेरा एक बहुउपयोगी प्राकृतिक औषधि है जो त्वचा, बाल, पाचन, वजन और प्रतिरक्षा यानी शरीर के लगभग हर हिस्से को लाभ पहुंचाती है.लेकिन इसे हमेशा सही मात्रा में और साफ-सुथरा जेल करके ही उपयोग करें.









